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Misc. Erotica हिंदी की सुनी-अनसुनी कामुक कहानियों का संग्रह
मैंने उसको ज़ोर से पकड़ा हुआ था और मेरी टाँगें उसकी गाँड पे क्रॉस थी। उसने लंड को बाहर निकाल कर चोदना शुरू कर दिया। बहुत ही मज़ा आ रहा था उसकी चुदाई से। उसके हाथ मेरी बगल से निकल कर कंधों को पकड़े हुए थे। वो अपनी टाँगें पीछे दीवार से टिका कर गचागच चोद रहा था। उसके हर झटके से मेरे चूचियाँ डाँस करने लगी थी। कमरे में हल्की सी रोशनी चुदाई में मज़ा दे रही थी। कमरा रोमैंटिक लग रहा था और चुदाने में मज़ा आ रहा था। वो गचागच चोद रहा था और मुझे लग रहा था कि आज उसका लंड मेरी चूत फाड़ डालेगा। लेकिन मैं भी तैयार थी, मैं चाहती थी कि आज वो सच में मेरी चूत को फाड़ डाले और चोदते-चोदते मेरी चूत को अपनी मनि से भर दे। एक हफ़्ते से मेरी चुदाई नहीं हुई थी और मेरी चूत को तो बस लंड चाहिये था। मेरी चूत की खुजली बढ़ गयी थी और मैं चाहती थी कि मस्त चुदाई हो। अनिल का लंड बेहद वंडरफुल था। वो पूरी मस्ती में चोद रहा था। लंड को पूरा सुपाड़े तक बाहर निकाल-निकाल कर चूत में घुसेड़ देता तो उसके लंड का हेल्मेट जैसा सुपाड़ा मेरी बच्चे दानी से टकरा जाता और मेरा सारा जिस्म काँप जाता। अब वो बहुत तेज़ी से चोद रहा था और मैं शायद तीन बार झड़ चुकी थी। मेरे जूस से चूत बहुत ही गीली हो चुकी थी और अब उसका लंड आसानी से अंदर-बाहर हो रहा था और वो बहुत ही ज़ोर-ज़ोर से चूत फाड़ झटके मार रहा था। यंग था ना, इसी लिये पूरी ताकत से धक्के मार-मार के चुदाई कर रहा था। मेरे मुँह से खुद-ब-खुद निकलना शुरू हो गया, आआआईईईईईई  आहहहहाआआआआआ ऐसे ही...ईईईईई चोदो.... ओ‍ओ‍ओ‍ओ ऊऊऊईईईई आआआआआहहह मज़ा...आआआआ रहा है..... और ज़ोर से...ए‍ए‍ए‍ए‍ए आआंआंआंआंहहह और उसका लंड बड़ी बे-दर्दी से मेरी चूत को चोद रहा था। अब उसके चोदने की रफ़्तार बढ़ गयी थी और उसके मुँह से भी अजीब आवाज़ें निकलने लगी थी। फिर अचानक उसने अपना पूरा लंड बाहर निकाल कर इतनी ज़ोर से मेरी चूत के अंदर धक्का मार कर घुसेड़ दिया कि मेरे मुँह से चींख निकल गयी, ऊऊऊऊऊऊऊईईईईईईई अल्लाह...आआआआआ, और मैंने उसको बहुत ज़ोर से पकड़ लिया और उसके लंड में से मलाई की पिचकारियाँ निकलनी शुरू हो गयी। उसकी पहली पिचकारी जब मेरी चूत के अंदर पड़ी तो मैं फिर से झड़ने लगी और अब उसके लंड में से क्रीम निकल-निकल कर मेरी एक हफते से प्यासी चूत की प्यास बुझाने लगी। उसकी मलाई निकलती रही और मेरी चूत भरती रही। उसकी मलाई भी बहुत ही गाढ़ी थी, मज़ा आ रहा था उसकी मलाई चूत के अंदर महसूस करके।
[Image: realteenlife13.jpg]
उसके धक्के अब धीरे होने लगे और अभी भी उसका लंड अंदर ही था। वो मेरे सीने पर गिर गया जिससे मेरे चूचियाँ दब गयी। वो थोड़ी देर ऐसे ही लेटा रहा और उसका लंड अभी अंदर ही था। जब मेरा झड़ना खतम हुआ और मेरी साँसें ठीक हुई तो देखा कि अभी तक उसका लंड मेरी चूत के अंदर ही घुसा हुआ है और वैसे ही तना हुआ है, लोहे जैसा सख्त। उसकी क्रीम निकलने से भी लंड नरम नहीं हुआ था। थोड़ी ही देर में उसकी साँसें भी ठीक हो गयी और फिर उसने मेरे मुँह में अपनी जीभ डाल दी और हम एक दूसरे की जीभ को चूसने लगे। कमरे में अभी भी मोमबत्ती जल रही थी और धीमी रोशनी बहुत दिलकश और रोमैंटिक लग रही थी। मैंने गौर किया है कि रूम में अगर थोड़ा अंधेरा हो और लड़की ने शराब पी हुई हो तो लड़की में शरम नहीं रहती और वो हर तरीके से चुदवा सकती है और वो भी कर लेती है जो वो बिना शराब पिये नहीं कर सकती। कुछ यही हाल मेरा भी था। मेरे पास अब कोई शरम -हया बाकी नहीं थी। ऐसा लग रहा था जैसे सारे जहाँ में बस हम दो ही हों और कोई नहीं...... फिर चाहे जिस तरह से चुदाई हो, लंड चूस लो या अपनी चूत चटवा लो... कोई फ़रक नहीं पड़ता।
 
अनिल मेरे ऊपर ही लेटा हुआ था और उसका अकड़ा हुआ सख्त लंड अभी भी मेरी चूत के अंदर घुसा हुआ था। उसका लंड मेरी चूत के अंदर ऐसे फिक्स बैठा था जैसे बोतल के ऊपर कॉर्क और लंड अंदर ही रहने की वजह से हमारी दोनों की क्रीम भी मेरी चूत के अंदर ही फंसी हुई थी, बाहर नहीं निकली थी। हम दोनों किस कर रहे थे और वो मेरी चूचियों को मसल रहा था। वो मेरे निप्पलों को अंगूठे और उंगली से मसल रहा था। थोड़ी ही देर में उसने मेरी चूचियों को चूसना शुरू कर दिया जिससे मेरी चूत में फिर से खुजली होने लगी और जिस्म में बिजली सी दौड़ने लगी। पर उसका इरादा तो कुछ और ही था। उसने एक ही हरकत में अपना लंड मेरी चूत में से बाहर निकाल लिया और इस से पहले कि मेरी क्रीम से भरी चूत में से क्रीम बहने लगती, वो पलट गया और अपनी दोनों टाँगें मेरे सिर के दोनों तरफ़ रख के अपना लंड मेरे होंठों से लगा दिया। उसके लंड से हम दोनों की मिक्स क्रीम टपक कर मेरे मुँह पे गिर रही थी तो मैंने मुँह खोल दिया और हम दोनों की मिक्स क्रीम से भीगे हुए उसके लंड को अपने मुँह में लेकर चूसना शुरू कर दिया। बहुत ही टेस्टी था उसका लंड। ऐसे लग रहा था जैसे मैं कोई शहद चूस रही हूँ।
 
उसका लंड तो अभी तक नरम नहीं हुआ था, बल्कि मेरे चूसने से उसका लंड और भी ज़्यादा अकड़ गया था और अब वो मेरे मुँह को चोद रहा था । वो आगे झुक कर मेरी मेरी चूत में अपनी उंगलियाँ अंदर-बाहर करके चोदने लगा। मैं इतनी मस्ती में आ गयी और गरम हो गयी कि उसके लंड को बहुत ही ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी और वो भी अपनी गाँड उठा-उठा के मेरे मुँह को चोदने लगा। उसने जब मेरी चूत में चार उंगलियाँ घुसेड़ीं और अंगूठे से क्लिटोरिस को रगड़ा तो मैं काँपने लगी और बहुत ज़ोर से झड़ गयी। मेरी चूत से जूस निकलने लगा और मैं कुछ ज़्यादा ही मस्ती से उसके लंड को ज़ोर-ज़ोर से चूसने लगी और मुझे महसूस हुआ कि उसका लंड मेरे मुँह में ही और ज़्यादा ही मोटा हो रहा है। मैं समझ गयी कि अब उसकी क्रीम भी निकलने वाली है और उसी वक्त उसने अपने लंड को मेरे हलक में पूरा अंदर तक घुसा दिया जिससे मेरी आँखें बाहर निकल आयीं और साँस बंद होने लगी। उसके लंड से मलाई की गाढ़ी-गाढ़ी पिचकारियाँ निकलनी शुरू हो गयी और डायरेक्ट मेरे हलक में गिरने लगी। उसके लंड में से मलाई निकलती ही चली गयी.... निकलती ही चली गयी और इस कदर निकली कि मुझे लगा जैसे मेरा पेट उसकी क्रीम से ही भर जायेगा। पता नहीं इतनी क्रीम कैसे निकली उसके लंड से।
 
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RE: हिंदी की सुनी-अनसुनी कामुक कहानियों का संग्रह - by rohitkapoor - 24-02-2026, 08:43 PM



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