02-01-2026, 08:24 PM
(This post was last modified: 09-01-2026, 08:30 PM by rohitkapoor. Edited 3 times in total. Edited 3 times in total.)
एस-के मेरी गाँड में अपना रॉकेट जैसा लंड घुसेड़ कर थोड़ी देर ऐसे ही मेरे ऊपर लेटा रहा। कुछ ही देर के बाद मेरी गाँड अब पूरी तरह से रेडी हो गयी थी और अब गाँड में लंड अच्छा लग रहा था तो एस-के ने पीछे बेड से पैर टिकाकर उछल-उछल के मेरी गाँड मारनी शुरू कर दी। कभी आधा लंड बाहर तक खींच लेता तो कभी सुपाड़े तक बाहर निकाल कर ज़ोर का झटका मारता तो मेरी जान ही निकल जाती और अंदर की साँस अंदर और बाहर की बाहर रह जाती। थोड़ी देर तक तो तकलीफ होती रही लेकिन थोड़ी ही देर में मुझे गाँड मरवाने में बहुत ही मज़ा आने लगा और मैं अपनी गाँड से लंड को पीछे से धक्के मारने लगी। तेल लगा होने से फच-फचक-फचक की आवाज़ें आ रही थी और एस-के का मूसल जैसा लंड मेरी गाँड में घुसा हुआ था। वो ज़ोर-ज़ोर से खचाखच मेरी गाँड मार रहा था और मैं मज़े से मरवा रही थी। मैं अपनी गाँड पीछे धकेल कर उसका मोटा लंड अपनी गाँड में ले रही थी। बहुत मज़ा आने लगा था और उसी वक्त मेरा जिस्म काँपने लगा और मेरी चूत में से जूस निकलने लगा। मेरा ऑर्गेज़म चलता रहा और मैं बे-दम हो कर बेड पे गिर गयी। एस-के अपनी गाँड उठा-उठा कर लंड को पूरा सुपाड़े तक बाहर निकाल-निकाल के मेरी गाँड मार रहा था। उसकी स्पीड बढ़ गयी और वो दीवानों की तरह से मेरी गाँड के अंदर अपना मूसल लंड घुसेड़ रहा था और तेज़ी से मेरी गाँड मार रहा था। फिर उसने एक बहुत ही ज़ोरदार झटका मारा तो मेरे मुँह से फिर से चींख निकल गयी “आंआंआंआंआं मर गयी....ईईईई” और फिर फौरन ही उसके लंड से मलाई की पिचकारियाँ मेरी फटी हुई गाँड में निकल कर गिरने लगी। पहली पिचकारी के साथ ही मेरी चूत से जूस निकलने लगा और मैं भी झड़ने लगी। एस-के के लंड में से मलाई निकलती गयी और मुझे लगने लगा जैसे उसकी मलाई से मेरी गाँड और मेरा पेट दोनों भर जायेंगे। अभी उसका लंड मेरी गाँड के अंदर ही घुसा हुआ था और वो मेरे जिस्म पे गिर गया। हम दोनों गहरी गहरी साँसें ले रहे थे। थोड़ी ही देर के बाद जब हमारी साँसें ठीक हुई तो एस-के मेरे ऊपर से मेरी साईड में लुढ़क गया और उसका लंड मेरी गाँड में से निकलते ही मेरी गाँड में से उसकी मनि बाहर निकलने लगी और मेरी चूत की दरार में से होता हुई नीचे बेड शीट पर गिरने लगी।
मैं भी अब सीधी हो कर लेट गयी और करवट लेकर एस-के को प्यार करने लगी। दोनों करवट से लेटे थे, एक दूसरे की तरफ़ मुँह करके। फिर हम दोनों एक दूसरे से लिपट के गहरी नींद सो गये। सुबह उठी थो चूत और गाँड में मीठा-मीठा दर्द हो रहा था। हम दोनों ने साथ ही शॉवर लिया और दोनों एक दूसरे को साबुन लगा कर नहलाने लगे। एस-के ने मेरी चूत और गाँड में साबुन लगाया और मैंने एस-के के लंड पे साबुन लगायी और धोने लगी। एस-के के लंड पे हाथ लगते ही उसका लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया और मेरे नंगे जिस्म को और मेरी चिकनी मक्खन जैसी चूत को सेलयूट करने लगा जैसे हाथी अपनी सूँड से सेलयूट करता है। मैंने हँस कर कहा, “वॉव एस-के.... ये तो फिर से अकड़ने लगा.....” तो उसने कहा, “किरन तुम्हारी मक्खन जैसी चिकनी और प्यारी चूत शायद मेरे लंड को पसंद आ गयी है और फिर से ये उस में घुसना चाहता है।“ मैं हँसने लगी और बोली कि “एस-के, मैं तुम्हारे लिये और तुम्हारे इतने शानदार लंड के लिये हमेशा ही रेडी हूँ।“ फिर शॉवर के अंदर ही एस-के ने मुझे अपनी गोदी में उठा लिया और दीवार से टिका कर मेरी चूत में लंड एक ही झटके में पेल दिया और चोदने लगा। मेरी बैक, दीवार से टिकी हुई थी और पैर एस-के की बैक पे लिपटे हुए थे और मैं अपने हाथ एस-के की गर्दन में डाल कर उसके जिस्म से झूल रही थी और उसका लंड मेरी चूत में तूफान मचा रहा था। वो गचागच चोद रहा था और उसका लंड चूत के अंदर ऐसे जा रहा था जैसे हथोड़े से दीवार में सुराख कर रहा हो। मुझे लग रहा था कि मेरी चूत और गाँड फाड़ कर उसका लंड दीवार में घुस जायेगा। उसके एक-एक झटके से मेरी चूचियाँ डाँस करने लगी। एस-के के हाथ मेरे चूतड़ों पे थे और मेरी बैक दीवार से टिकी थी। वो इसी तरह चोदता रहा और मैं दो बार झड़ चुकी थी। अब मुझे लगा कि एस-के भी झड़ने वाला है तो मैंने उसको कस कर पकड़ लिया। एस-के के झटके बहुत ही तेज़ हो गये और मेरी ज़बरदस्त चुदाई होने लगी और फिर उसने एक इतनी ज़ोर से झटका मारा कि मेरी चींख निकल गयी, “ऊऊऊऊईईईईईई ईईईईईईई”, और मेरा मुँह खुला का खुला रह गया और मैंने महसूस किया कि एस-के का लंड मेरी चूत में फूल रहा है और उसके लंड से गरम-गरम मलाई की पिचकारियाँ निकल रही हैं और मैं फिर से झड़ने लगी। चुदाई होने के बाद उसने मुझे नीचे उतारा और हम ने फिर से शॉवर लिया।
बाथरूम से बाहर निकल कर मैंने फिर से हाई-हील के सैंडल पहने और फिर जब कपड़े पहनने लगी तो एस-के ने कहा, “नहीं किरन..... मैं और तुम जितनी देर घर में अकेले रहेंगे, तुम और मैं कोई कपड़ा नहीं पहनेंगे और हम दोनों नंगे ही रहेंगे.... तुम सिर्फ ये सैक्सी सैंडल पहने रहो.....” तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “ओक एस-के..... मैं तो तुम्हारी गुलाम हो गयी हूँ..... तुम जैसा कहोगे, मैं वैसा ही करुँगी।“ फिर मैंने सिर्फ सैंडल पहने, नंगी ही किचन में गयी और ब्रेकफास्ट बनाया और हम दोनों ने नंगे ही डायनिंग टेबल पे बिठ कर खाया। वो शनिवार का दिन था तो एस-के ने ऑफिस फोन कर दिया कि वो किसी और जगह काम से जा रहा है और ऑफिस नहीं अयेगा और फिर अपनी सेक्रेटरी को कुछ इंस्ट्रक्शन दे दिये और सारा काम समझा दिया। शनिवार और इतवार को मेरी जम कर चुदाई हुई। अब मैं अशफाक को भूल चुकी थी और मुझे अशफाक की याद भी नहीं आ रही थी। मैं तो ये सोच रही थी कि एस-के ही मेरा शौहर है और मैं उसकी बीवी ।
मंडे को एस-के को ऑफिस जाना था तो मैंने फिर उससे लिपट कर कहा कि “मैं कैसे रहुँगी तुम्हारे बिना” तो एस-के मुझे से लिपट गया और किस करने लगा और कहा कि “मैं कहीं नहीं जा रहा हूँ.... शाम को फिर आ जाऊँगा और मैंने तुम से प्रामिस भी तो किया हुआ है कि मैं अशफाक के आने तक तुम्हारे साथ ही रहुँगा और फिर आज अपनी वाइफ को एक वीक के लिये उसके मायके जाने के लिये कह दुँगा और बता दुँगा कि मैं किसी काम से मुंबई जा रहा हूँ और एक वीक के बाद आऊँगा।“ एस-के ने कहा, “किरन.... कहीं अशफाक को हमारे रिलेसन के बारे में पता चल गया तो मुश्किल हो जायेगी।“ मैंने कहा, “एस-के तुम अशफाक की फिक्र ना करो..... आई एम श्योर कि अगर उसको मालूम भी हो गया तो वो कुछ नहीं कहेगा क्योंकि उसको खुद ही पता है कि वो मुझे मुतमाइन नहीं कर पा रहा है और उसके लौड़े में अब दम नहीं है और ये कि वो मुझे जब भी चोदने की कोशिश करता है और मुझे गरम करके मेरी चूत के ऊपर ही अपना माल गिरा देता है तो उसकी नज़रें खुद ही नीचे हो जाती हैं और उसको पता है कि मैं उससे मुतमाइन नहीं हूँ..... इसलिये तुम उसकी बिल्कुल भी फिक्र ना करो और वो तुम्हारा अच्छा दोस्त भी है और हमेशा तुम्हारी तारीफ ही किया करता है कि तुम बहुत अच्छे इंसान हो और हमेशा दूसरों की मदद करते रहते हो।“ एस-के हँसने लगा और कहा कि, “हाँ मैं तुम्हारी मदद ही तो कर रहा हूँ”, और फिर हम दोनों मिल के हँसने लगे।
मैं भी अब सीधी हो कर लेट गयी और करवट लेकर एस-के को प्यार करने लगी। दोनों करवट से लेटे थे, एक दूसरे की तरफ़ मुँह करके। फिर हम दोनों एक दूसरे से लिपट के गहरी नींद सो गये। सुबह उठी थो चूत और गाँड में मीठा-मीठा दर्द हो रहा था। हम दोनों ने साथ ही शॉवर लिया और दोनों एक दूसरे को साबुन लगा कर नहलाने लगे। एस-के ने मेरी चूत और गाँड में साबुन लगाया और मैंने एस-के के लंड पे साबुन लगायी और धोने लगी। एस-के के लंड पे हाथ लगते ही उसका लंड एक बार फिर से खड़ा हो गया और मेरे नंगे जिस्म को और मेरी चिकनी मक्खन जैसी चूत को सेलयूट करने लगा जैसे हाथी अपनी सूँड से सेलयूट करता है। मैंने हँस कर कहा, “वॉव एस-के.... ये तो फिर से अकड़ने लगा.....” तो उसने कहा, “किरन तुम्हारी मक्खन जैसी चिकनी और प्यारी चूत शायद मेरे लंड को पसंद आ गयी है और फिर से ये उस में घुसना चाहता है।“ मैं हँसने लगी और बोली कि “एस-के, मैं तुम्हारे लिये और तुम्हारे इतने शानदार लंड के लिये हमेशा ही रेडी हूँ।“ फिर शॉवर के अंदर ही एस-के ने मुझे अपनी गोदी में उठा लिया और दीवार से टिका कर मेरी चूत में लंड एक ही झटके में पेल दिया और चोदने लगा। मेरी बैक, दीवार से टिकी हुई थी और पैर एस-के की बैक पे लिपटे हुए थे और मैं अपने हाथ एस-के की गर्दन में डाल कर उसके जिस्म से झूल रही थी और उसका लंड मेरी चूत में तूफान मचा रहा था। वो गचागच चोद रहा था और उसका लंड चूत के अंदर ऐसे जा रहा था जैसे हथोड़े से दीवार में सुराख कर रहा हो। मुझे लग रहा था कि मेरी चूत और गाँड फाड़ कर उसका लंड दीवार में घुस जायेगा। उसके एक-एक झटके से मेरी चूचियाँ डाँस करने लगी। एस-के के हाथ मेरे चूतड़ों पे थे और मेरी बैक दीवार से टिकी थी। वो इसी तरह चोदता रहा और मैं दो बार झड़ चुकी थी। अब मुझे लगा कि एस-के भी झड़ने वाला है तो मैंने उसको कस कर पकड़ लिया। एस-के के झटके बहुत ही तेज़ हो गये और मेरी ज़बरदस्त चुदाई होने लगी और फिर उसने एक इतनी ज़ोर से झटका मारा कि मेरी चींख निकल गयी, “ऊऊऊऊईईईईईई ईईईईईईई”, और मेरा मुँह खुला का खुला रह गया और मैंने महसूस किया कि एस-के का लंड मेरी चूत में फूल रहा है और उसके लंड से गरम-गरम मलाई की पिचकारियाँ निकल रही हैं और मैं फिर से झड़ने लगी। चुदाई होने के बाद उसने मुझे नीचे उतारा और हम ने फिर से शॉवर लिया।
बाथरूम से बाहर निकल कर मैंने फिर से हाई-हील के सैंडल पहने और फिर जब कपड़े पहनने लगी तो एस-के ने कहा, “नहीं किरन..... मैं और तुम जितनी देर घर में अकेले रहेंगे, तुम और मैं कोई कपड़ा नहीं पहनेंगे और हम दोनों नंगे ही रहेंगे.... तुम सिर्फ ये सैक्सी सैंडल पहने रहो.....” तो मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “ओक एस-के..... मैं तो तुम्हारी गुलाम हो गयी हूँ..... तुम जैसा कहोगे, मैं वैसा ही करुँगी।“ फिर मैंने सिर्फ सैंडल पहने, नंगी ही किचन में गयी और ब्रेकफास्ट बनाया और हम दोनों ने नंगे ही डायनिंग टेबल पे बिठ कर खाया। वो शनिवार का दिन था तो एस-के ने ऑफिस फोन कर दिया कि वो किसी और जगह काम से जा रहा है और ऑफिस नहीं अयेगा और फिर अपनी सेक्रेटरी को कुछ इंस्ट्रक्शन दे दिये और सारा काम समझा दिया। शनिवार और इतवार को मेरी जम कर चुदाई हुई। अब मैं अशफाक को भूल चुकी थी और मुझे अशफाक की याद भी नहीं आ रही थी। मैं तो ये सोच रही थी कि एस-के ही मेरा शौहर है और मैं उसकी बीवी ।
मंडे को एस-के को ऑफिस जाना था तो मैंने फिर उससे लिपट कर कहा कि “मैं कैसे रहुँगी तुम्हारे बिना” तो एस-के मुझे से लिपट गया और किस करने लगा और कहा कि “मैं कहीं नहीं जा रहा हूँ.... शाम को फिर आ जाऊँगा और मैंने तुम से प्रामिस भी तो किया हुआ है कि मैं अशफाक के आने तक तुम्हारे साथ ही रहुँगा और फिर आज अपनी वाइफ को एक वीक के लिये उसके मायके जाने के लिये कह दुँगा और बता दुँगा कि मैं किसी काम से मुंबई जा रहा हूँ और एक वीक के बाद आऊँगा।“ एस-के ने कहा, “किरन.... कहीं अशफाक को हमारे रिलेसन के बारे में पता चल गया तो मुश्किल हो जायेगी।“ मैंने कहा, “एस-के तुम अशफाक की फिक्र ना करो..... आई एम श्योर कि अगर उसको मालूम भी हो गया तो वो कुछ नहीं कहेगा क्योंकि उसको खुद ही पता है कि वो मुझे मुतमाइन नहीं कर पा रहा है और उसके लौड़े में अब दम नहीं है और ये कि वो मुझे जब भी चोदने की कोशिश करता है और मुझे गरम करके मेरी चूत के ऊपर ही अपना माल गिरा देता है तो उसकी नज़रें खुद ही नीचे हो जाती हैं और उसको पता है कि मैं उससे मुतमाइन नहीं हूँ..... इसलिये तुम उसकी बिल्कुल भी फिक्र ना करो और वो तुम्हारा अच्छा दोस्त भी है और हमेशा तुम्हारी तारीफ ही किया करता है कि तुम बहुत अच्छे इंसान हो और हमेशा दूसरों की मदद करते रहते हो।“ एस-के हँसने लगा और कहा कि, “हाँ मैं तुम्हारी मदद ही तो कर रहा हूँ”, और फिर हम दोनों मिल के हँसने लगे।


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