28-10-2023, 01:35 AM
चूँकि रुखसाना की गाँड और मेरा लंड थूक से बहुत चीकना हो गया था, मेरा सुपाड़ा उसकी गाँड में धँस चुका था और मैंने उसकी दोनों चूंची कस कर पकड़ कर एक धक्के के साथ अपना पूरा का पूरा लंड उसकी कसी हुई गाँड के अंदर उतार दिया। मेरा पूरा का पूरा लंड रुखसाना की गाँड में एक झटके के साथ घुस गया। रुखसाना जोर से चींखी, “ऊऊऊईईईईईई ओ ओ ऊईईईईईई ओह ओह ऊई अल्लाहहह! मैं मर गयी। ऊईई मेरी गाँड फट गयी ऊऊऊऊ हाय अल्लाहहह ओई मेरी गाँड फट गयी। प्लीज़ बाहर निकाल लो।”
रुखसाना इतनी जोर से चींखी थी कि मुझको डर लगने लगा कि कोई सुन ना ले। मैंने उसके मुँह पर हाथ रखना चाहा, लेकिन रुखसाना ने अपना मुँह तकिये में घुसा दिया। वो अब भी मारे दर्द से सुबक रही थी और बोल रही थी, “मेरी गाँड फाड़ दी, ऊईई मेरी गाँड फट गयी, बाहर निकालो नहीं तो मैं मर जाऊँगी।”
मैं उसकी चूंचियों को फिर से अपने हाथों से पकड़ कर मसलने लगा। रुखसाना फिर मुझसे बोली, “प्लीज़ बाहर निकालो वरना मैं मर जाऊँगी।”
मैंने उसकी चूंचियों को थोड़ा जोर दे कर दबाया और उससे कहा, “मैं तुम्हें मरने नहीं दुँगा, बस थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा।”
रुखसाना अपना बाँया हाथ अपनी गाँड पर लायी और मेरे लौड़े को छू कर बोली, “उफफ ये बेहद मोटा है, इसने मेरी गाँड फाड़ दी… हाय।”
मैंने उसकी चूंचियों को और थोड़ा जोर देकर मसला और पूछा, “क्या बहुत मोटा है?”
रुखसाना बोली, “यह जैसे तुमने मेरे अंदर मूसल डाल दिया है।”
मैंने फिर से पूछा, “यह क्या है, इस को क्या कहते हैं?”
रुखसाना मेरे आँडों को छूते हुए बोली, “मुझे नहीं पता, तुम्हें पता होगा।”
मैंने अपना लंड उसकी गाँड में और अंदर तक धँसाते हुए कहा, “तुम्हें पता है… थोड़ी देर पहले तो खुल कर इसका नाम ले रही थी और अब क्यों नखरा कर रही है?”
“ओह नहीं बिल्कुल मत हिलो, नहीं... मुझे दर्द हो रहा है... बस आराम से अंदर डाल कर पड़े रहो।”
मैंने फिर से रुखसाना से कहा, “पहले इसका नाम ले कर बोलो जैसे चूत चुदाई के वक्त बोल रही थी!”
रुखसाना मेरे आँडों को अपने हाथों से दबाती हुई बोली, “तुम बहुत बेहया हो, मुझसे गंदी बातें करवाना चाहते हो।”
मैंने कहा, “हाँ मैं तुमसे गंदी बातें करना चाहता हूँ, तुम ही तो कह रही थीं कि तुम्हें गंदी बातें करना और सुनना अच्छा लगता है... तो फिर बेशर्म हो जाओ और खुल कर गंदी बातें करो।”
रुखसाना ने अपना चेहरा मेरी तरफ घुमाया और अपने दाँये हाथ से मेरे सिर को पकड़ कर अपने चेहरे के पास ले आयी। उसने मेरे कान पर चुम्मा दिया और मेरे कान मैं फुसफुसा कर बोली, “साले तेरा इतना मोटा लंड अपनी गाँड में ले कर बेहया बनी हुई तो हूँ, और क्या चाहता है तू।”
वोह फिर से मेरे लंड को छू कर बोली, “तेरा लंड बेहद मोटा ओर लंबा है, इमरान का इतना बड़ा नहीं है।”
उसके मुँह से गंदी बातें सुन कर मैं बहुत गरम हो गया और उसकी गाँड में अपना लंड धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। रुखसाना की गाँड इतनी टाईट थी कि लंड को अंदर-बाहर करने में काफी जोर लगाना पड़ रहा था।
रुखसाना फिर चींखी और बोली, “ननन नहीं प्लीज़ हिलना नहीं, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, अभी ऐसे ही रहो... जब मेरी गाँड की तुम्हारे लंड से दोस्ती हो जाये तो फिर हिलना।”
मैंने अपना हाथ उसके पेट के नीचे ले जा कर उसकी चूत में अपनी अँगुली डाल दी। फिर थोड़ी देर के बाद मैं रुखसाना की गाँड धीरे-धीरे चोदने की कोशिश करने लगा। वो चिल्ला रही थी, “ऊऊऊईईईईईई..... नहीं मैं मर जाऊँगी। मेरी गाँड फट जायेगी, प्लीज़ अभी अपने लंड को नहीं हिलाओ!”
लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और उसकी गाँड जोर जोर से चोदने लगा। रुखसाना मुझको गाली देने लगी, “भोँसड़ी के, बहनचोद, गैर औरत की गाँड मुफ्त में मारने को मिल गयी है... इसलिये मेरी गाँड फाड़ रहा है!”
मैं उसकी बातों पर ध्यान न देते हुए उसकी गाँड में अपना लंड पेल-पेल कर चोदता रहा। थोड़ी देर के बाद रुखसाना को भी मज़ा आने लगा और अपनी गाँड मेरे लंड के धक्कों के साथ आगे पीछे करने लगी। थोड़ी देर उसकी गाँड चोदने के बाद मुझे लगा कि मेरा वीर्य छूटने वाला है। मैंने उसके चूत्तड़ पकड़ कर अपने और पास खींचते हुए कहा, “ओह जानू, मैं अब छूटने वाला हूँ।”
तब रुखसाना अपनी कमर को मेरे और पास ला कर लंड को अपनी गाँड के और अंदर लेती हुई बोली, “अब मज़ा आ रहा है, अपने लंड को मेरी गाँड के अंदर छूटने दो और मेरी गाँड को अपने लंड की मलाई से भर दो!”
रुखसाना इतनी जोर से चींखी थी कि मुझको डर लगने लगा कि कोई सुन ना ले। मैंने उसके मुँह पर हाथ रखना चाहा, लेकिन रुखसाना ने अपना मुँह तकिये में घुसा दिया। वो अब भी मारे दर्द से सुबक रही थी और बोल रही थी, “मेरी गाँड फाड़ दी, ऊईई मेरी गाँड फट गयी, बाहर निकालो नहीं तो मैं मर जाऊँगी।”
मैं उसकी चूंचियों को फिर से अपने हाथों से पकड़ कर मसलने लगा। रुखसाना फिर मुझसे बोली, “प्लीज़ बाहर निकालो वरना मैं मर जाऊँगी।”
मैंने उसकी चूंचियों को थोड़ा जोर दे कर दबाया और उससे कहा, “मैं तुम्हें मरने नहीं दुँगा, बस थोड़ी देर में ठीक हो जायेगा।”
रुखसाना अपना बाँया हाथ अपनी गाँड पर लायी और मेरे लौड़े को छू कर बोली, “उफफ ये बेहद मोटा है, इसने मेरी गाँड फाड़ दी… हाय।”
मैंने उसकी चूंचियों को और थोड़ा जोर देकर मसला और पूछा, “क्या बहुत मोटा है?”
रुखसाना बोली, “यह जैसे तुमने मेरे अंदर मूसल डाल दिया है।”
मैंने फिर से पूछा, “यह क्या है, इस को क्या कहते हैं?”
रुखसाना मेरे आँडों को छूते हुए बोली, “मुझे नहीं पता, तुम्हें पता होगा।”
मैंने अपना लंड उसकी गाँड में और अंदर तक धँसाते हुए कहा, “तुम्हें पता है… थोड़ी देर पहले तो खुल कर इसका नाम ले रही थी और अब क्यों नखरा कर रही है?”
“ओह नहीं बिल्कुल मत हिलो, नहीं... मुझे दर्द हो रहा है... बस आराम से अंदर डाल कर पड़े रहो।”
मैंने फिर से रुखसाना से कहा, “पहले इसका नाम ले कर बोलो जैसे चूत चुदाई के वक्त बोल रही थी!”
रुखसाना मेरे आँडों को अपने हाथों से दबाती हुई बोली, “तुम बहुत बेहया हो, मुझसे गंदी बातें करवाना चाहते हो।”
मैंने कहा, “हाँ मैं तुमसे गंदी बातें करना चाहता हूँ, तुम ही तो कह रही थीं कि तुम्हें गंदी बातें करना और सुनना अच्छा लगता है... तो फिर बेशर्म हो जाओ और खुल कर गंदी बातें करो।”
रुखसाना ने अपना चेहरा मेरी तरफ घुमाया और अपने दाँये हाथ से मेरे सिर को पकड़ कर अपने चेहरे के पास ले आयी। उसने मेरे कान पर चुम्मा दिया और मेरे कान मैं फुसफुसा कर बोली, “साले तेरा इतना मोटा लंड अपनी गाँड में ले कर बेहया बनी हुई तो हूँ, और क्या चाहता है तू।”
वोह फिर से मेरे लंड को छू कर बोली, “तेरा लंड बेहद मोटा ओर लंबा है, इमरान का इतना बड़ा नहीं है।”
उसके मुँह से गंदी बातें सुन कर मैं बहुत गरम हो गया और उसकी गाँड में अपना लंड धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा। रुखसाना की गाँड इतनी टाईट थी कि लंड को अंदर-बाहर करने में काफी जोर लगाना पड़ रहा था।
रुखसाना फिर चींखी और बोली, “ननन नहीं प्लीज़ हिलना नहीं, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, अभी ऐसे ही रहो... जब मेरी गाँड की तुम्हारे लंड से दोस्ती हो जाये तो फिर हिलना।”
मैंने अपना हाथ उसके पेट के नीचे ले जा कर उसकी चूत में अपनी अँगुली डाल दी। फिर थोड़ी देर के बाद मैं रुखसाना की गाँड धीरे-धीरे चोदने की कोशिश करने लगा। वो चिल्ला रही थी, “ऊऊऊईईईईईई..... नहीं मैं मर जाऊँगी। मेरी गाँड फट जायेगी, प्लीज़ अभी अपने लंड को नहीं हिलाओ!”
लेकिन मैंने उसकी एक ना सुनी और उसकी गाँड जोर जोर से चोदने लगा। रुखसाना मुझको गाली देने लगी, “भोँसड़ी के, बहनचोद, गैर औरत की गाँड मुफ्त में मारने को मिल गयी है... इसलिये मेरी गाँड फाड़ रहा है!”
मैं उसकी बातों पर ध्यान न देते हुए उसकी गाँड में अपना लंड पेल-पेल कर चोदता रहा। थोड़ी देर के बाद रुखसाना को भी मज़ा आने लगा और अपनी गाँड मेरे लंड के धक्कों के साथ आगे पीछे करने लगी। थोड़ी देर उसकी गाँड चोदने के बाद मुझे लगा कि मेरा वीर्य छूटने वाला है। मैंने उसके चूत्तड़ पकड़ कर अपने और पास खींचते हुए कहा, “ओह जानू, मैं अब छूटने वाला हूँ।”
तब रुखसाना अपनी कमर को मेरे और पास ला कर लंड को अपनी गाँड के और अंदर लेती हुई बोली, “अब मज़ा आ रहा है, अपने लंड को मेरी गाँड के अंदर छूटने दो और मेरी गाँड को अपने लंड की मलाई से भर दो!”

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