05-10-2023, 09:47 PM
(This post was last modified: 03-03-2026, 04:42 AM by rohitkapoor. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
जैसे ही मेरी बीवी बाहर गयी, मैंने पेन-ड्राईव को अपने कम्प्यूटर से खोला और पाया की उसमें कुछ देसी वेबसाइट्स की कहानियाँ हैं। मैंने उन कहानियों को अपने कम्प्यूटर पर कॉपी कर लिया और अपने कम्प्यूटर से कुछ क्लिप और तसवीरों की फाइल रुखसाना की पेन-ड्राईव पर भी कॉपी कर दी। उसके बाद मैंने एक टेक्स्ट फाइल उसकी पेन-ड्राईव में बना कर लिखा, “धन्यवाद, मैंने आपकी कहानियाँ पढ़ीं। कहानियाँ बहुत ही अच्छी और सैक्सी थी। आपको क्लिप कैसी लगीं?”
फिर मैं उसके पास गया और उसको पेन-ड्राईव दे दी। उसने मेरी तरफ ना देखते हुए मुस्कुरा कर मेरे से अपनी पेन-ड्राईव ले ली। इसके बाद बहुत दिनों तक वो हमारे घर पर नहीं आयी। मेरी बीवी ने मुझसे कहा, “रुखसाना को फ़्लू हो गया है और वो छुट्टी पर है।”
फिर एक दिन सुबह फोन पर मेरी ससुराल में किसी के मरने की खबर मिली। ऑफिस में काम की वजह से मुझको छुट्टी नहीं मिल सकी तो हम लोगों ने यह तय किया कि मेरी बीवी हमारे बच्चों के साथ अपने मायके चली जायेगी। मैं उसी सुबह बीवी और बच्चों को एयरपोर्ट छोड़ने चला गया और उनके जाने के बाद मैं घर वापस आ गया। हम लोगों को सुबह-सुबह जाते समय रुखसाना ने देख लिया था और जैसे ही मैं घर वापस आया वो हमारे घर पर पूछताछ करने आ गयी।
मैंने दरवाजा खोला और मुझको देखते ही वो शर्मा गयी। वोह काफी सज-धज कर आयी थी। मैंने उसको हेलो बोल कर अंदर आने के लिये कहा। अपने खाली घर में रुखसाना को अकेली देख कर मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होना शुरू हो गया। रुखसाना ने मेरी बीवी के बारे में पूछा तो मैंने उसको सारी बात बता दी। मेरी बात सुन कर और यह जान कर कि मेरी बीवी घर पर नहीं है, वो मुझसे बोली, “मैं फिर आऊँगी।” फिर उसने मुझको एक पेन-ड्राईव दी और बाहर जाने के लिये मुड़ी।
“सुनिये, मैं इस पेन-ड्राईव से आपकी फाइल अभी कॉपी कर लेता हूँ और आपको भी अपने लैपटॉप से कुछ फाइल कॉपी कर देता हूँ,” मैंने उससे कहा।
“मैं बाद में ले लुँगी” उसने कहा।
मैं यह मौका चूकना नहीं चाहता था और उससे पूछा, “आप मुझसे डरती हैं क्या?”
“न... न... नहीं, असल में मुझे घर में कुछ काम करना है!” उसने कहा।
अब तक सुबह के साढ़े दस बज चुके थे और मुझको पता था कि उसका पति और बच्चा अपने-अपने ऑफिस और स़्क़ूल जा चूके हैं।
“मुझे मालूम है कि घर पर कोई काम नहीं है और आप मुझसे डर रही हैं,” मैंने उससे कहा लेकिन उसने कोई उत्तर नहीं दिया और मुझसे नज़रें चुराने लगी।
“आपके आने के पहले मैं चाय बना रहा था। चलिये हम लोग साथ बैठ कर चाय पीते हैं और मैं फाइलें कॉपी कर लेता हूँ,” और उसके कुछ कहने के पहले मैंने घर का दरवाजा बंद कर दिया और उससे कहा, “आइये बैठिये, हम मिल कर चाय पीते हैं।”
अब तक मैं यह समझ गया था कि उसको मेरे साथ रहना पसंद है। मैं रुखसाना को हमारे कमरे में लाया और अपने लैपटॉप को चालू कर दिया। मैंने उसकी पेन-ड्राईव को अपने लैपटॉप में डाला और उसमें से कहानियाँ कॉपी करने लगा। मैंने उसको एक कुर्सी दी और बैठने के लिये कहा। वो कुर्सी पर बैठ गयी। मैंने अपने लैपटॉप पर नंगी क्लिप्स का अपना संग्रह खोला और उससे कहा, “मैं चाय लाने जा रहा हूँ, तब तक आप अपनी पसंद की फाइलें अपनी पेन-ड्राईव में कॉपी कर लिजिए।”
फिर मैं उसके पास गया और उसको पेन-ड्राईव दे दी। उसने मेरी तरफ ना देखते हुए मुस्कुरा कर मेरे से अपनी पेन-ड्राईव ले ली। इसके बाद बहुत दिनों तक वो हमारे घर पर नहीं आयी। मेरी बीवी ने मुझसे कहा, “रुखसाना को फ़्लू हो गया है और वो छुट्टी पर है।”
फिर एक दिन सुबह फोन पर मेरी ससुराल में किसी के मरने की खबर मिली। ऑफिस में काम की वजह से मुझको छुट्टी नहीं मिल सकी तो हम लोगों ने यह तय किया कि मेरी बीवी हमारे बच्चों के साथ अपने मायके चली जायेगी। मैं उसी सुबह बीवी और बच्चों को एयरपोर्ट छोड़ने चला गया और उनके जाने के बाद मैं घर वापस आ गया। हम लोगों को सुबह-सुबह जाते समय रुखसाना ने देख लिया था और जैसे ही मैं घर वापस आया वो हमारे घर पर पूछताछ करने आ गयी।
मैंने दरवाजा खोला और मुझको देखते ही वो शर्मा गयी। वोह काफी सज-धज कर आयी थी। मैंने उसको हेलो बोल कर अंदर आने के लिये कहा। अपने खाली घर में रुखसाना को अकेली देख कर मेरा लंड धीरे-धीरे खड़ा होना शुरू हो गया। रुखसाना ने मेरी बीवी के बारे में पूछा तो मैंने उसको सारी बात बता दी। मेरी बात सुन कर और यह जान कर कि मेरी बीवी घर पर नहीं है, वो मुझसे बोली, “मैं फिर आऊँगी।” फिर उसने मुझको एक पेन-ड्राईव दी और बाहर जाने के लिये मुड़ी।
“सुनिये, मैं इस पेन-ड्राईव से आपकी फाइल अभी कॉपी कर लेता हूँ और आपको भी अपने लैपटॉप से कुछ फाइल कॉपी कर देता हूँ,” मैंने उससे कहा।
“मैं बाद में ले लुँगी” उसने कहा।
मैं यह मौका चूकना नहीं चाहता था और उससे पूछा, “आप मुझसे डरती हैं क्या?”
“न... न... नहीं, असल में मुझे घर में कुछ काम करना है!” उसने कहा।
अब तक सुबह के साढ़े दस बज चुके थे और मुझको पता था कि उसका पति और बच्चा अपने-अपने ऑफिस और स़्क़ूल जा चूके हैं।
“मुझे मालूम है कि घर पर कोई काम नहीं है और आप मुझसे डर रही हैं,” मैंने उससे कहा लेकिन उसने कोई उत्तर नहीं दिया और मुझसे नज़रें चुराने लगी।
“आपके आने के पहले मैं चाय बना रहा था। चलिये हम लोग साथ बैठ कर चाय पीते हैं और मैं फाइलें कॉपी कर लेता हूँ,” और उसके कुछ कहने के पहले मैंने घर का दरवाजा बंद कर दिया और उससे कहा, “आइये बैठिये, हम मिल कर चाय पीते हैं।”
अब तक मैं यह समझ गया था कि उसको मेरे साथ रहना पसंद है। मैं रुखसाना को हमारे कमरे में लाया और अपने लैपटॉप को चालू कर दिया। मैंने उसकी पेन-ड्राईव को अपने लैपटॉप में डाला और उसमें से कहानियाँ कॉपी करने लगा। मैंने उसको एक कुर्सी दी और बैठने के लिये कहा। वो कुर्सी पर बैठ गयी। मैंने अपने लैपटॉप पर नंगी क्लिप्स का अपना संग्रह खोला और उससे कहा, “मैं चाय लाने जा रहा हूँ, तब तक आप अपनी पसंद की फाइलें अपनी पेन-ड्राईव में कॉपी कर लिजिए।”


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