मेरी माँ संगीता मौम जो एक असकूल टीचर है वह कम पढ़ी लिखी है फिर भी छोटे बच्चे को अच्छे से पढ़ा देती है वह जब 18 साल की उम्र से बच्चो को पढ़ा रही है बीच मे शादी होने के बाद छोड़ दिया था लेकिन घर के आर्थिक स्थित को देखकर पापा से इजाजत लेकर हम जिस गाँव मे रहते है वही के एक छोटे से प्राइवेट असकूल मे पढ़ाने लगी उनके असकूल मे हम चारो भाई बहन पढ़कर निकले है अभी मै शहर मे रहता हूँ और सरकारी नौकरी की तैयारी मे लगा हूँ मै गाँव बहुत कम जाता हूँ पर कोई जरूरत काम होने पर चला जाता हूँ ।
ऐसे ही एक दिन मुझे मेरे असकूल क्लास मेट रौनक का फोन आया उसने मुझे गाँव बुलाया क्योकि वह गाँव मे एक प्राइवेट इंग्लीश मीडियम असकूल खोलना चाहता था रौनक इंजिनियरिंग किए हुए था उसके पापा के पास मे बहुत पैसा था इसलिए उसने जॉब नही करके एक असकूल खोलने का सोचा वैसे भी अब गाँव मे लोग अपने बच्चे को अच्छे और इंग्लीश मीडियम कॉलेज मे भेजने लगे है तो रौनक को वहाँ अच्छा मौका दिखा पैसा कमाने का इससे वो पैसा के साथ गाँव मे भी रह पाएगा उसने मुझे फोन किया तब मै सोचने लगा क्योकि यही रौनक था जो माँ को पंसद करता था उसके सब दोस्त जानते थे की वह संगीता मैम का दिवाना था उनसे प्यार करता था उनको प्रपोज भी कर चुका था यह सब पहले मुझे नही पता था वह मेरा अच्छा दोस्त था बाद मे पता चला उसने मुझसे दोस्ती मेरे साथ मेरे घर मे आने के लिए किया था
ताकि मेरे साथ घर आ सके और माँ की देख सके वह सब बचपन की बाते थी पर जब मुझे यह बात पता चला की रौनक मेरी माँ से प्यार करता है उन्हे प्रपोज किया है तो मेरा उससे झगड़ा हो गया मैने उससे दोस्ती तोड़ दिया और तब से हम दोस्त से दुश्मन बन गये उसके बाद उसने मुझे अब कॉल किया और बोला की वह गाँव मे इंग्लीश मीडियम असकूल खोल रहा है ताकि गाँव के बच्चे भी इंग्लीश सीख सके मैने ज्यादा कुछ नही बोला पर यह बोला का ठीक है मै आऊंगा इसलिए मै उसके बुलाने पर गाँव गया तब वह मुझसे मिलने घर आया मै उसको घर मे लाना नही चाहता था पर वह मेरे बिना बुलाए घर आ गया तब मै कुछ नही बोल पाया पहले हम इधर उधर की बाते किये फिर वह बोला की असकूल तो खोल रहा हूँ पर टीचर की बहुत कमी है गाँव मे जितने पढ़े लिखे लड़के लड़की है वो सब गाँव छोड़ के शहर चले गये है उसने मेरा उदहारण भी दिया इसलिए पढ़ाने के लिए टीचर नही मिल रहा है मैने बोला समस्या तो सही मे बहुत बड़ी है फिर हम विचार करने लगे
किसे टीचर बनाया जाए हमने बहुत के बारे मे राय विचार किया उसने जब यह बोला की वह सभी टीचर को 10 हजार देगा तब मेरे मन मे तुरंत विचार आया क्यो ना मै भी इसके कॉलेज मे पढ़ाने लगूँ गाँव मे ही अगर इतने पैसे मिल जाएगा तो हमारे घर की स्थित अच्छी हो जाएगी मै पूरा मन बना लिया की रौनक से बोलूँ की मै उसके असकूल मे पढ़ाना चाहता हूँ बहुत सोचने के बाद मै उससे बोला भाई देख अगर तुझे कोई टीचर नही मिल रहा है तो मै हूँ मै पढ़ा दूंगा तब वह खुश होते हुए बोला यह बहुत अच्छी बात है उसे मेरे घर के हालात के बारे मे पता था इसलिए उसने हाँ बोल दिया मै भी खुश हो गया मन ही मन सोचने लगा की चलो गाँव मे ही अच्छा जॉब मिल गया अब घर की स्थित कुछ ठीक हो जाएगी लेकिन फिर मन मे विचार आया इसके चक्कर मे कही मेरा सरकारी नौकरी करने का जो सपना है वह अधूरा ना रह जाए हम यही सब बात कर रहे थे
तभी माँ चाय लेकर आ गयी रौनक माँ को देखते ही उनके पैर छुआ माँ यह देखकर मुस्काते हुए रौनक को देखते हुए चाय देने लगी तभी मै देखा रौनक की नजर माँ से मिली और वह भी मुस्काते हुए चाय ले लिया तब माँ मुझे भी चाय दी और पूछने लगी क्या बाते हो रही है तब रौनक बोला मैम सोनू भी मेरे कॉलेज मे पढ़ाने के लिए बोल रहा है तब माँ मुझे देखते हुए पूछी सही मे तो मै बोला हाँ माँ मै सोच रहा हूँ इससे थोड़ी मदद मिल जाएगा घर चलाने मे तब माँ बोली अरे मै कर रही हूँ तुम बस अपनी पढ़ाई पर ध्यान दो अगर सरकारी नौकरी लग गयी तुमको तब फिर हमे किसी चीज की कभी नही होगी गाँव मे कितना नाम होगा हमारे रिश्तेदार मे भी किसी ने अभी तक सरकारी नौकरी नही किया है पर तू करके यह सब को दिखा देगा इस मै घर को देख रही हूँ तुम बस अपने पढ़ाई पर ध्यान दो माँ के चेहरे पर चिंता और परेशान आ गयी थी
यह देखकर रौनक भी बोला हाँ भाई मैम सही बोल रही है अभी तुम अपने लक्ष्य पर ध्यान दो असकूल मे तुम बाद मे भी पढ़ा लेना यह कही नही जाने वाली तुम्हारा अपना असकूल है जब मन हो आ जाना पर अभी तुम नौकरी की तैयारी मे लगे हो उसे छोड़ो नही हो सकता है कही सरकारी असकूल मे ही तुमको पढ़ाने का मौका मिल जाए तब मुझे भी यह बात सही लगी फिर रौनक मेरे सामने ही माँ से बोला संगीता मैम सोनू की जगह आप आइए मेरे असकूल मे पढ़ाने तब माँ मुझे देखते हुए बोली मै कैसे मै अभी जहाँ पढ़ाने जाती हूँ वह ठीक है तुम्हारे असकूल मे सब मुझसे ज्यादा पढ़े लिखे होगे तो मै वहाँ नही नही मै जहाँ हूँ वही ठीक हूँ तब रौनक बोला मैम आप बहुत अच्छा पढ़ाती है देखो आपने हमे पढ़ाया तो आज हम यहाँ तक पहुंच गये तो आप यह मत बोलिए की आप कम पढ़ी हुई है आप मेरी मैम है और आप को मेरे कॉलेज मे पढ़ाने आना ही होगा मै आपको अभी जहा पढ़ाने के लिए जाती है उससे दुगुना दूंगा यह सुनकर मुझे बात अच्छी लगी तब मै भी माँ से बोला माँ रौनक सही बोल रहा है
फिर माँ रौनक से बोली ठीक है मै सोचकर बोलती हूँ फिर रौनक चला गया मैने एक बात देखी की माँ और रौनक कुछ ज्यादा ही आँखो मे देखकर बाते कर रहे थे पर मुझे यह कुछ ज्यादा बड्री बात नही लगी रौनक के जाने के बाद मै माँ से बोला माँ अच्छा तो है आप रौनक के असकूल मे ही पढ़ाने के लिए जाओ वहाँ पैसा ज्यादा मिलेगा तो घर की सब परेशानी दूर हो जाएगी मेरे और भाई बहन भी माँ से वही बोले तब माँ बोली हाँ ठीक है अभी जिस कॉलेज मे जाती हूँ वहाँ बोल देती हूँ की आगे से पढ़ाने नही आऊगी फिर शाम मे मै रौनक के साथ उसके नये असकूल गया देखना की कैसा बनाया है वैसे मुझे यह तो पहले से पता था की असकूल कैसा है क्योकि बचपन मे हम उसी असकूल मे पढ़े थे वह असकूल उसके पिता का ही था जहाँ बाहर के टीचर असकूल खोले हुए थे जहाँ हम पढ़ते थे उसी असकूल की थोड़ा अच्छे से मरम्मत कर के नये बेंच टेबल कुर्सी लगा दिया था
दिवाल पर भी नये पेट लगा था और हिन्दी वर्णमाला स्वर व्यंजन इंग्लीश का अक्षर सब दिवाल पर बनें हुए थे हर कमरे मे अलग अलग चित्र बनाए हुए थे जो अच्छे लग रहे थे वह पहले के असकूल से काफी अच्छी थी पूरा पढ़ाई वाला फिल आ रहा था कुछ सात कमरे थे तीन हॉल छोटा सा आगन जैसा था जिसमे झूला स्लाइड लगे हुए थे उपर छत पर भी कमरे थे वह एक ऑफिस जैसा था जो काफी आलिशान था सीसे का गेट लगा हुआ जैसे की बड़े कॉलेज मे लगे होते है उसी के साथ एक और कमरा लगा हुआ था जिसमे बेड भी था जहाँ रौनक सोता था वह भी बहुत अच्छा था मै कमरे को देख के सोचने लगा मेरे पास भी पैसा आएगा तो ऐसा ही कमरा बनावाऊगा मै उसके बेड पर बैठा जो काफो मुलायम था टीवी एसी फ्री सोफा सब कुछ था कमरे मे बाथरूम भी बड़े होटल्स मे जैसा होता है वैसा ही था रौनक जब मुझे वह सब बड़े हैरानी से देखता हुआ देखा तो बोला यह मेरा सपना था की मेरे पास जब पैसा होगा
तब इसी तरह के घर मे रहूंग इसलिए बना लिया असकूल के ऊपर ही कैसा है तो मै बोला सही मे यार बहुत शानदार है मैने कमरे के डस्टबीन मे कंडोम भी देखा पर मेरी हिम्मत नही हुई पूछने की क्योकि मै जानता था रौनक एक हैंडसम लड़का था उसकी गर्लफ्रेंड के बारे मे मैने सुना था गाँव की बहुत सी खूबसूरत लड़की उससे फंसी हुई थी ऐसा मैने सुना हुआ था इसलिए कंडोम देखकर समझ गया किसी को लाकर ठोका होगा इससे भी मै उससे जलने लगा की साला एक ये है जिसके पास सब कुछ है पैसा और लड़की दोनो और एक मै हूँ जिसके पास कुछ नही है ना पैसा ना ही लड़की ना अच्छी सकल मै मूठ मारकर काम चला रहा हूँ और यह यहाँ माल चोद रहा है मै वहाँ से जलन के कारण जल्दी से निकल के घर आ गया