23-08-2026, 12:33 PM
Bhabhi कमरे में अकेली थी। दरवाज़ा बंद था, लेकिन पति का दोस्त सोफे पर बैठा हुआ था। उसकी नज़रें सीधे Bhabhi पर टिकी हुई थीं।
Bhabhi ने धीरे-धीरे अपनी फ्रॉक के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक करके। फ्रॉक उसके कंधों से फिसलकर नीचे गिर गई। अंदर सिर्फ ब्रा और पैंटी थी। उसने ब्रा का हुक खोला, दोनों कप अलग किए और ब्रा फर्श पर फेंक दी। उसके बड़े, गोल स्तन पूरी तरह खुले थे — निप्पल्स थोड़े कसे हुए।
फिर उसने पैंटी के दोनों साइड्स पकड़कर नीचे खींच ली। अब वो पूरी नंगी खड़ी थी। पति का दोस्त चुपचाप देख रहा था।
Bhabhi ने साड़ी निकाली। पहले पेटीकोट पहना, फिर ब्लाउज़। ब्लाउज़ के बटन उसने जानबूझकर ढीले छोड़े — गला काफी खुला था, और बीच-बीच में स्तनों की दरार साफ़ दिख रही थी। साड़ी उसने कमर पर लपेटनी शुरू की। पल्लू को उसने छाती पर इस तरह डाला कि एक स्तन का ऊपरी हिस्सा और साइड बार-बार नज़र आ जाए।
वो घूम-घूमकर साड़ी ठीक कर रही थी। कभी पीठ करके खड़ी हो जाती, तो कमर और कूल्हे साफ़ दिखते। कभी सामने मुड़ जाती, तो गले का गहरा कट और स्तनों का उभार उसके सामने आ जाता। साड़ी का पल्लू बार-बार फिसलता, और वो जानबूझकर धीरे से ठीक करती, जिससे उसके स्तन और नाभि वाला हिस्सा और ज्यादा दिखे।
पति का दोस्त चुपचाप बैठा देख रहा था। Bhabhi मुस्कुराती हुई उसके पास आई, थोड़ा झुकी और बोली—
“कैसी लग रही हूँ… बताओ ना?”
Bhabhi ने धीरे-धीरे अपनी फ्रॉक के बटन खोलने शुरू किए। एक-एक करके। फ्रॉक उसके कंधों से फिसलकर नीचे गिर गई। अंदर सिर्फ ब्रा और पैंटी थी। उसने ब्रा का हुक खोला, दोनों कप अलग किए और ब्रा फर्श पर फेंक दी। उसके बड़े, गोल स्तन पूरी तरह खुले थे — निप्पल्स थोड़े कसे हुए।
फिर उसने पैंटी के दोनों साइड्स पकड़कर नीचे खींच ली। अब वो पूरी नंगी खड़ी थी। पति का दोस्त चुपचाप देख रहा था।
Bhabhi ने साड़ी निकाली। पहले पेटीकोट पहना, फिर ब्लाउज़। ब्लाउज़ के बटन उसने जानबूझकर ढीले छोड़े — गला काफी खुला था, और बीच-बीच में स्तनों की दरार साफ़ दिख रही थी। साड़ी उसने कमर पर लपेटनी शुरू की। पल्लू को उसने छाती पर इस तरह डाला कि एक स्तन का ऊपरी हिस्सा और साइड बार-बार नज़र आ जाए।
वो घूम-घूमकर साड़ी ठीक कर रही थी। कभी पीठ करके खड़ी हो जाती, तो कमर और कूल्हे साफ़ दिखते। कभी सामने मुड़ जाती, तो गले का गहरा कट और स्तनों का उभार उसके सामने आ जाता। साड़ी का पल्लू बार-बार फिसलता, और वो जानबूझकर धीरे से ठीक करती, जिससे उसके स्तन और नाभि वाला हिस्सा और ज्यादा दिखे।
पति का दोस्त चुपचाप बैठा देख रहा था। Bhabhi मुस्कुराती हुई उसके पास आई, थोड़ा झुकी और बोली—
“कैसी लग रही हूँ… बताओ ना?”


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