21-08-2026, 06:18 PM
*Update 3*
अंकल ने मम्मी को लंड मुँह में लेने का इशारा किया, लेकिन मम्मी मना करने लगीं।
अंकल: “लो ना…”
मम्मी ने शर्माते हुए अपना मुँह नीचे किया और अंकल के लंड के टोपे को अपने मुँह में डाल लिया। मम्मी टोपे को आइसक्रीम की तरह चाटने लगीं। फिर मम्मी धीरे-धीरे पूरा लंड अपने मुँह में डालकर अंकल के लंड को चूसने लगीं। मम्मी धीरे-धीरे अंकल के मोटे काले लंड को अपनी जुबान से चाटने लगीं। मम्मी अब अंकल के लंड पर अपने लाल मखमली होठ घुमाने लगीं और उनका लंड अपने गले में उतरने लगा।
मम्मी के मुँह से गल्प-गल्प जैसी आवाज़ें आ रही थीं और उनकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ अंकल की जाँघों को टकरा रही थीं।
मम्मी लंड के अंडकोश को अपने हाथ में लेकर मसल रही थीं। फिर मम्मी ने लंड चूसना बंद कर दिया। अंकल ने मम्मी को अपनी बाँहों में भर लिया। और अब दोनों माँदरजात नंगे ही एक-दूसरे की बाँहों में समा रहे थे।
अंकल का फौलादी लंड मम्मी की चुत में चुभ रहा था। अंकल उठकर बैठ गए और मम्मी की गाँड के नीचे दो तकिए लगा दिए। तकिए से मम्मी की गाँड थोड़ी ऊपर हो गई।
अंकल ने मम्मी के दोनों पैरों को चौड़ा करके खुद दोनों पैरों के बीच में आ गए। फिर अंकल ने अपना लंड मम्मी की चुत पर रख दिया।
मम्मी: “कंडोम तो लगा लो।”
अंकल: “नहीं, कंडोम में मज़ा नहीं आता।”
मम्मी: “मज़े के चक्कर में कहीं मुसीबत ही खड़ी न हो जाए।”
अंकल: “आई-पिल ले लेना।”
मम्मी: “आई-पिल खत्म हो गई।”
अंकल: “अंकित से बोल दूँगा, वो ला देगा।”
मम्मी: “पहले अंकित से उसकी मम्मी की चुदाई की पहरेदारी करवाते हो, अब आई-पिल मँगवाओगे। वाह वाह, क्या बात है!”
फिर अंकल ने मम्मी की चुत पर अपना लंड रगड़ने लगे।
मम्मी के मुँह से आहें निकलने लगीं। फिर अंकल ने मम्मी की चुत पर थूक दिया और उस थूक को अपने लंड से मम्मी की चुत पर मलने लगे। फिर अंकल ने थोड़ा ज़ोर देकर अपने लंड का टोपा मम्मी की चुत में डाल दिया।
मम्मी: “आआआह्ह्ह्ह्ह्ह…”
अंकल ने दूसरा धक्का दिया और आधा लंड मम्मी की चुत में डाल दिया। मम्मी को बहुत दर्द होने लगा। फिर अंकल ने ज़ोर देकर पूरा लंड मम्मी की चुत में डाल दिया और मम्मी के ऊपर लेटकर मम्मी को बाँहों में भर लिया। मम्मी ने भी तड़पते हुए अंकल को अपनी बाँहों में भर लिया।
अंकल: “आआह्ह्ह… वर्षा, बहुत टाइट चुत है तुम्हारी।”
मम्मी अंकल की बात सुनकर शर्मा गईं। फिर अंकल ने अपनी गाँड आगे-पीछे करके धक्के मारने लगे।
मम्मी: “आआआ… आआह्ह्ह…”
अंकल धक्के मारकर मम्मी को चोदने लगे। अब अंकल का लंड मम्मी की चुत के अंदर-बाहर हो रहा था। थोड़ी देर में मम्मी की चुत से पानी आने लगा। अंकल ने अपना लंड बाहर निकाला और उसको एक कपड़े से साफ किया और फिर मम्मी की चुत को भी साफ किया।
अंकल ने फिर से अपना लंड मम्मी की चुत के अंदर डाल दिया। मम्मी को तो बहुत मीठा-मीठा दर्द हो रहा था। अंकल मम्मी की कमर को पकड़कर मम्मी को चोदने लगे और मम्मी अपनी गाँड उछाल-उछाल कर अंकल का लंड अंदर ले रही थीं।
धक्कों से मम्मी के बूब्स भी ज़ोर-ज़ोर से हिल रहे थे। अंकल मम्मी के बूब्स को दबाते हुए धक्के मार रहे थे। मम्मी अपने तकिए को पकड़कर लंबी-लंबी आहें भरने लगी थीं। फिर अंकल ने मम्मी के हाथों को पकड़ लिया और मम्मी को बैठा दिया।
मम्मी ने अपनी दोनों टाँगें अंकल की कमर के अगल-बगल में लपेट लीं। दोनों बैठे-बैठे एक-दूसरे की बाँहों में लिपट रहे थे। अंकल बैठे-बैठे मम्मी को चोदने लगे और मम्मी के होठों पर किस करने लगे। मम्मी भी अंकल को किस कर रही थीं।
अंकल मम्मी के कंधों को चूमते हुए मम्मी की पीठ पर हाथ घुमाने लगे। मम्मी भी अंकल की पीठ पर अपने हाथ घुमा रही थीं। अंकल ने मम्मी के मुँह को अपने दोनों हाथों में ले लिया और मम्मी की आँखों में आँखें डालकर मम्मी को सेक्सी नज़रों से देखने लगे। मम्मी भी कातिल स्माइल करती हुईं अंकल को देखने लगीं।
अंकल: “ओह्ह… वर्षा… उम्म्ह्ह… मेरी जान, बहुत सुकून मिल रहा है मुझे तेरी बाँहों में।”
मम्मी अंकल के होठों में अपने होठ डालकर चूसने लगीं।
मम्मी: “बहुत बदमाश हो आप।”
अंकल: “अरे मेरी जान, तुझसे बदमाशी नहीं करूँगा तो किससे करूँगा।”
मम्मी अंकल की बात पर मुस्कुराने लगीं। अंकल मम्मी के बूब्स को मसल रहे थे और मम्मी को चोद रहे थे।
मम्मी अंकल की जाँघों पर बैठी-बैठी अपनी गाँड उछाल रही थीं। अंकल का लंड मम्मी की चुत में पूरा अंदर जा चुका था।
फिर अंकल ने मम्मी की कमर में हाथ डालकर लपेट लिए और मम्मी को टाइट पकड़कर मम्मी को घुमा लिया। फिर अंकल खुद नीचे लेट गए और मम्मी को अपने लंड के ऊपर बैठा दिया। अंकल का लंड मम्मी की चुत के अंदर था और मम्मी अंकल की जाँघों पर बैठी थीं।
अंकल: “वर्षा, आज तुझे मैं अपनी लंड की सवारी करवाता हूँ।”
मम्मी ने स्माइल करती हुईं अंकल का लंड बाहर निकाला। अंकल का लंड मम्मी की चुत के पानी से पूरा गीला हो चुका था। फिर मम्मी ने कपड़े से अंकल के लंड को साफ किया और फिर अपनी नाज़ुक गुलाबी चुत को भी साफ किया।
फिर मम्मी अंकल की जाँघों पर बैठ गईं और अंकल के लंड को पकड़कर अपनी चुत पर सेट किया। मम्मी ने अपनी गाँड को नीचे किया और लंड अपनी चुत में डाल लिया। अंकल मम्मी को अपनी बाँहों में भरकर मम्मी से लिपट गए।
मम्मी अपनी मोटी गाँड ऊपर-नीचे करने लगीं और अंकल का लंड अपनी चुत में लेने लगीं। अंकल मम्मी को चूमते हुए मम्मी की नंगी पीठ, कमर और मोटी गाँड दबा रहे थे और मम्मी की फूल जैसी गाँड को मसल रहे थे।
अंकल: “ओओह्ह… वर्षा, कितनी मोटी गाँड है तेरी… उम्म्म…”
मम्मी अपनी गाँड उछाल-उछाल कर अंकल का लंड अपनी चुत में ले रही थीं।
मम्मी “आआह्ह्ह्ह… आआह्ह्ह…” करने लगीं।
अंकल मम्मी की गाँड पर हल्के-हल्के थप्पड़ मारने लगे, जिससे आवाज़ होने लगी। फिर मम्मी अंकल के ऊपर से हट गईं।
अंकल ने उठकर कपड़े से अपना लंड साफ किया और फिर मम्मी की चुत साफ की। अंकल ने मम्मी को पलंग पर ही घोड़ी बना दिया। मम्मी मुँह के बल घोड़ी बन गईं और अंकल मम्मी की गाँड के पीछे घुटनों के बल खड़े हो गए…
मम्मी की मोटी गाँड को अंकल का लंड सलामी देने लगा। अंकल मम्मी की गाँड पर हाथ घुमाते हुए उनकी गाँड को दबाने लगे। मैं समझ गया था कि अंकल अब मम्मी की गाँड मारने वाले हैं। अब अंकल मम्मी की गाँड में उँगली करने लगे थे…
अंकल ने मम्मी को लंड मुँह में लेने का इशारा किया, लेकिन मम्मी मना करने लगीं।
अंकल: “लो ना…”
मम्मी ने शर्माते हुए अपना मुँह नीचे किया और अंकल के लंड के टोपे को अपने मुँह में डाल लिया। मम्मी टोपे को आइसक्रीम की तरह चाटने लगीं। फिर मम्मी धीरे-धीरे पूरा लंड अपने मुँह में डालकर अंकल के लंड को चूसने लगीं। मम्मी धीरे-धीरे अंकल के मोटे काले लंड को अपनी जुबान से चाटने लगीं। मम्मी अब अंकल के लंड पर अपने लाल मखमली होठ घुमाने लगीं और उनका लंड अपने गले में उतरने लगा।
मम्मी के मुँह से गल्प-गल्प जैसी आवाज़ें आ रही थीं और उनकी बड़ी-बड़ी चूचियाँ अंकल की जाँघों को टकरा रही थीं।
मम्मी लंड के अंडकोश को अपने हाथ में लेकर मसल रही थीं। फिर मम्मी ने लंड चूसना बंद कर दिया। अंकल ने मम्मी को अपनी बाँहों में भर लिया। और अब दोनों माँदरजात नंगे ही एक-दूसरे की बाँहों में समा रहे थे।
अंकल का फौलादी लंड मम्मी की चुत में चुभ रहा था। अंकल उठकर बैठ गए और मम्मी की गाँड के नीचे दो तकिए लगा दिए। तकिए से मम्मी की गाँड थोड़ी ऊपर हो गई।
अंकल ने मम्मी के दोनों पैरों को चौड़ा करके खुद दोनों पैरों के बीच में आ गए। फिर अंकल ने अपना लंड मम्मी की चुत पर रख दिया।
मम्मी: “कंडोम तो लगा लो।”
अंकल: “नहीं, कंडोम में मज़ा नहीं आता।”
मम्मी: “मज़े के चक्कर में कहीं मुसीबत ही खड़ी न हो जाए।”
अंकल: “आई-पिल ले लेना।”
मम्मी: “आई-पिल खत्म हो गई।”
अंकल: “अंकित से बोल दूँगा, वो ला देगा।”
मम्मी: “पहले अंकित से उसकी मम्मी की चुदाई की पहरेदारी करवाते हो, अब आई-पिल मँगवाओगे। वाह वाह, क्या बात है!”
फिर अंकल ने मम्मी की चुत पर अपना लंड रगड़ने लगे।
मम्मी के मुँह से आहें निकलने लगीं। फिर अंकल ने मम्मी की चुत पर थूक दिया और उस थूक को अपने लंड से मम्मी की चुत पर मलने लगे। फिर अंकल ने थोड़ा ज़ोर देकर अपने लंड का टोपा मम्मी की चुत में डाल दिया।
मम्मी: “आआआह्ह्ह्ह्ह्ह…”
अंकल ने दूसरा धक्का दिया और आधा लंड मम्मी की चुत में डाल दिया। मम्मी को बहुत दर्द होने लगा। फिर अंकल ने ज़ोर देकर पूरा लंड मम्मी की चुत में डाल दिया और मम्मी के ऊपर लेटकर मम्मी को बाँहों में भर लिया। मम्मी ने भी तड़पते हुए अंकल को अपनी बाँहों में भर लिया।
अंकल: “आआह्ह्ह… वर्षा, बहुत टाइट चुत है तुम्हारी।”
मम्मी अंकल की बात सुनकर शर्मा गईं। फिर अंकल ने अपनी गाँड आगे-पीछे करके धक्के मारने लगे।
मम्मी: “आआआ… आआह्ह्ह…”
अंकल धक्के मारकर मम्मी को चोदने लगे। अब अंकल का लंड मम्मी की चुत के अंदर-बाहर हो रहा था। थोड़ी देर में मम्मी की चुत से पानी आने लगा। अंकल ने अपना लंड बाहर निकाला और उसको एक कपड़े से साफ किया और फिर मम्मी की चुत को भी साफ किया।
अंकल ने फिर से अपना लंड मम्मी की चुत के अंदर डाल दिया। मम्मी को तो बहुत मीठा-मीठा दर्द हो रहा था। अंकल मम्मी की कमर को पकड़कर मम्मी को चोदने लगे और मम्मी अपनी गाँड उछाल-उछाल कर अंकल का लंड अंदर ले रही थीं।
धक्कों से मम्मी के बूब्स भी ज़ोर-ज़ोर से हिल रहे थे। अंकल मम्मी के बूब्स को दबाते हुए धक्के मार रहे थे। मम्मी अपने तकिए को पकड़कर लंबी-लंबी आहें भरने लगी थीं। फिर अंकल ने मम्मी के हाथों को पकड़ लिया और मम्मी को बैठा दिया।
मम्मी ने अपनी दोनों टाँगें अंकल की कमर के अगल-बगल में लपेट लीं। दोनों बैठे-बैठे एक-दूसरे की बाँहों में लिपट रहे थे। अंकल बैठे-बैठे मम्मी को चोदने लगे और मम्मी के होठों पर किस करने लगे। मम्मी भी अंकल को किस कर रही थीं।
अंकल मम्मी के कंधों को चूमते हुए मम्मी की पीठ पर हाथ घुमाने लगे। मम्मी भी अंकल की पीठ पर अपने हाथ घुमा रही थीं। अंकल ने मम्मी के मुँह को अपने दोनों हाथों में ले लिया और मम्मी की आँखों में आँखें डालकर मम्मी को सेक्सी नज़रों से देखने लगे। मम्मी भी कातिल स्माइल करती हुईं अंकल को देखने लगीं।
अंकल: “ओह्ह… वर्षा… उम्म्ह्ह… मेरी जान, बहुत सुकून मिल रहा है मुझे तेरी बाँहों में।”
मम्मी अंकल के होठों में अपने होठ डालकर चूसने लगीं।
मम्मी: “बहुत बदमाश हो आप।”
अंकल: “अरे मेरी जान, तुझसे बदमाशी नहीं करूँगा तो किससे करूँगा।”
मम्मी अंकल की बात पर मुस्कुराने लगीं। अंकल मम्मी के बूब्स को मसल रहे थे और मम्मी को चोद रहे थे।
मम्मी अंकल की जाँघों पर बैठी-बैठी अपनी गाँड उछाल रही थीं। अंकल का लंड मम्मी की चुत में पूरा अंदर जा चुका था।
फिर अंकल ने मम्मी की कमर में हाथ डालकर लपेट लिए और मम्मी को टाइट पकड़कर मम्मी को घुमा लिया। फिर अंकल खुद नीचे लेट गए और मम्मी को अपने लंड के ऊपर बैठा दिया। अंकल का लंड मम्मी की चुत के अंदर था और मम्मी अंकल की जाँघों पर बैठी थीं।
अंकल: “वर्षा, आज तुझे मैं अपनी लंड की सवारी करवाता हूँ।”
मम्मी ने स्माइल करती हुईं अंकल का लंड बाहर निकाला। अंकल का लंड मम्मी की चुत के पानी से पूरा गीला हो चुका था। फिर मम्मी ने कपड़े से अंकल के लंड को साफ किया और फिर अपनी नाज़ुक गुलाबी चुत को भी साफ किया।
फिर मम्मी अंकल की जाँघों पर बैठ गईं और अंकल के लंड को पकड़कर अपनी चुत पर सेट किया। मम्मी ने अपनी गाँड को नीचे किया और लंड अपनी चुत में डाल लिया। अंकल मम्मी को अपनी बाँहों में भरकर मम्मी से लिपट गए।
मम्मी अपनी मोटी गाँड ऊपर-नीचे करने लगीं और अंकल का लंड अपनी चुत में लेने लगीं। अंकल मम्मी को चूमते हुए मम्मी की नंगी पीठ, कमर और मोटी गाँड दबा रहे थे और मम्मी की फूल जैसी गाँड को मसल रहे थे।
अंकल: “ओओह्ह… वर्षा, कितनी मोटी गाँड है तेरी… उम्म्म…”
मम्मी अपनी गाँड उछाल-उछाल कर अंकल का लंड अपनी चुत में ले रही थीं।
मम्मी “आआह्ह्ह्ह… आआह्ह्ह…” करने लगीं।
अंकल मम्मी की गाँड पर हल्के-हल्के थप्पड़ मारने लगे, जिससे आवाज़ होने लगी। फिर मम्मी अंकल के ऊपर से हट गईं।
अंकल ने उठकर कपड़े से अपना लंड साफ किया और फिर मम्मी की चुत साफ की। अंकल ने मम्मी को पलंग पर ही घोड़ी बना दिया। मम्मी मुँह के बल घोड़ी बन गईं और अंकल मम्मी की गाँड के पीछे घुटनों के बल खड़े हो गए…
मम्मी की मोटी गाँड को अंकल का लंड सलामी देने लगा। अंकल मम्मी की गाँड पर हाथ घुमाते हुए उनकी गाँड को दबाने लगे। मैं समझ गया था कि अंकल अब मम्मी की गाँड मारने वाले हैं। अब अंकल मम्मी की गाँड में उँगली करने लगे थे…
