27-06-2026, 04:22 PM
रोहन अंकल के साथ में बीच पर लंबी वॉक पर निकल पड़ी।
रात के नौ बज चुके थे। समंदर की लहरें धीरे-धीरे किनारे से टकरा रही थीं। चांदनी रेत पर चांदी बिखेर रही थी। हल्की ठंडी हवा मेरे खुले बालों को उड़ा रही थी।
“बेटी, इतने साल बाद तुझे देखकर बड़ा अच्छा लग रहा है,” रोहन अंकल ने गहरी आवाज में कहा।
“तुम्हारे पापा बताते थे कि तुम कॉलेज के सेकंड यर में हो। क्या पढ़ रही हो?”
“बिजनेस स्टडीज अंकल,” मैंने शरमाते हुए जवाब दिया।
“पापा चाहते हैं कि मैं उनके बिजनेस को आगे बढ़ाऊं।”
हम धीरे-धीरे चल रहे थे। वो मेरे बिल्कुल करीब थे। उनकी लंबी छाया मेरी छोटी छाया के साथ मिल रही थी। बातें शुरू हुईं बचपन से, कॉलेज की शरारतों से, फिर धीरे-धीरे उनकी जिंदगी की बातें। उन्होंने बताया कि उनकी शादी कैसे टूट गई, अकेलापन कैसे सताता है, और काम के चक्कर में पर्सनल लाइफ लगभग खत्म हो गई।
मेरे मन में: ये पापा के सबसे पुराने दोस्त हैं। पूरी फैमिली उन्हें जानती है। अगर कुछ हुआ तो ये safe ऑप्शन है। अनजान लड़के से मिलकर क्या पता क्या प्रॉब्लम हो जाए। रोहन अंकल mature हैं, समझदार हैं, गोवा में सिर्फ कुछ दिन हैं। पापा आने वाले हैं, तब तक ये फ्लिंग परफेक्ट रहेगी। कोई रिस्क नहीं, कोई डर नहीं। वो मुझे चाहते हैं, उनकी नजरें साफ बता रही हैं। मैं भी आजाद हूं… क्यों ना एंजॉय कर लूं?
मैं अभी भी थोड़ा उनको ललचा रही थी ओर भाव नहीं दे रही थी। शरमा रही थी, नजरें झुका रही थी।
“अंकल, आप इतने फिट कैसे रहते हैं? आपकी बॉडी तो अभी भी जवान लगती है,” मैंने सामान्य बात करते हुए पूछा।
रोहन अंकल हंसे। “जिम और डिसिप्लिन बेटी। लेकिन आजकल तो लगता है सब बेकार जा रहा है… जब तक कोई खास इंसान न हो जो इसे एप्रिशिएट करे।”
उनकी नजरें मेरे स्तनों पर घूम गईं।
“जैसे तू… तेरी ये कसी कमर, ये भारी स्तन, और ये मोटी गांड देखकर कोई भी कंट्रोल खो देगा।”
मैंने शरमाकर कहा, “अंकल…आप बहोत गंदी बाते करते है । मैं आपकी बेटी जैसी हूं ना?”
“हां बेटी… लेकिन अब तुझे देखकर बेटी वाला फील नहीं आ रहा,” उन्होंने धीरे से कहा।
मेरे मन में: बस हो गया। काफी सोच लिया। रोहन अंकल परफेक्ट हैं। safe, experienced, attractive, और गोवा में अकेले। पापा को पता नहीं चलेगा। मैं मझा करना चाहती थी, तो ये बेहतर ऑप्शन है किसी टिंडर वाले अनजान से। हां… मैं करूंगी।मैंने अंदर से फैसला कर लिया और अब हल्का-हल्का फ्लर्ट करना शुरू कर दिया।“
अंकल, आप सच में मुझे इतनी sexy समझते हैं?” मैंने मुस्कुराते हुए, आंखें झुकाकर पूछा।
रोहन अंकल की आंखें चमक उठीं। “sexy नहीं बेटी… तू तो आग है। १९ साल की उम्र में इतनी mature बॉडी… चलते वक्त तेरी गांड का जिगल, तेरी जांघों की मोटाई… मैं कब से कंट्रोल कर रहा हूं।”
“तो फिर आपने पहले कितनी लड़कियों को ऐसे compliments दिए?” मैंने flirt करते हुए पूछा।
“सच कहूं? बहुत कम। दो-तीन बार ट्राई किया, लेकिन कोई तेरे जैसी नहीं। तू special है शानाया… मेरे दोस्त की बेटी होने के बावजूद मैं तुझे अपनी दोस्त की तरह देख रहा हूं।”
हमारी बातें अब और खुलने लगीं। वो मेरे कॉलेज लाइफ के बारे में पूछ रहे थे, मैंने उनके पास्ट रिलेशनशिप्स के बारे में। हंसी-मजाक के साथ फ्लर्टिंग बढ़ती गई।
थोड़ी देर की वॉक के बाद हम एक खास जगह पर पहुंचे। बीच का वो हिस्सा थोड़ा ऊंचा था, दो बड़े palm trees के बीच में। चांदनी सीधे वहां गिर रही थी, लेकिन चारों तरफ घने bushes और palm leaves की वजह से वो जगह बाहर से लगभग छुपी हुई थी। कोई आसानी से नहीं देख सकता था। रेत साफ और मुलायम थी। लहरों की आवाज पास से आ रही थी, लेकिन वहां शांति थी।
“यहां बैठें?” रोहन अंकल ने पूछा।हम दोनों रेत पर बैठ गए।
मैंने घुटनों को मोड़कर बैठी, मेरी थिक जांघें चमक रही थीं।
रोहन अंकल मेरे बिल्कुल बगल में बैठे, उनकी लंबी टांगें फैली हुई थीं।
“शानाया… मैं अब और नहीं रोक सकता,” उन्होंने मेरी आंखों में देखते हुए कहा।
“मुझे तुझे किस करना है बेटी… जब से तुझे देखा है तब से मन कर रहा है।”
मैंने शरमाते हुए लेकिन सहमति में सिर हिलाया।
“ठीक है अंकल… लेकिन आराम से।”
रोहन अंकल ने मेरे चेहरे को दोनों हाथों से पकड़ा और धीरे से अपने होंठ मेरे होंठों पर रख दिए।
पहले तो हल्का, नरम किस। फिर धीरे-धीरे गहरा। उनकी जीभ मेरे होंठों को चीरकर अंदर आई। मैंने भी जवाब दिया। किस लंबा और भूखा होता गया।जब हम अलग हुए तो वो हांफ रहे थे।
“वाह बेटी… तेरे होंठ तो मक्खन जैसे नरम हैं। स्वाद मीठा है, जैसे कोई फ्रूट। मैं तो दीवाना हो गया।”
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “अंकल… आप भी बहुत अच्छे किस करते हैं।
”फिर हम फिर से किस करने लगे। इस बार ज्यादा लस्ट के साथ। उनकी एक हाथ मेरी जांघ पर चला गया। उन्होंने मेरी थिक, नर्म जांघ को जोर से दबाया, सहलाया। फिर ऊपर की तरफ सरकते हुए मेरे भारी स्तन को ड्रेस के ऊपर से ही मसलने लगे।
“उफ्फ… ये स्तन… कितने भारी और सॉफ्ट हैं बेटी,” उन्होंने किस के बीच फुसफुसाया।
उन्होंने मेरी गर्दन पर किस करना शुरू कर दिया। गीली, चूसती हुई किस। मैं कराह उठी। उनका दूसरा हाथ नीचे सरक रहा था, मेरी जांघों के बीच की तरफ। मेरी ड्रेस के ऊपर से ही उन्होंने मेरी चूत को छूना शुरू कर दिया।
मुझे पता था आगे क्या होने वाला है। मैंने शरमाते हुए उनका हाथ पकड़ लिया।
“अंकल… नहीं… यहां नहीं। लोग आ सकते हैं। मैं मुझे शर्म आ रही हूं,” मैंने सांस लेते हुए कहा। “कहीं प्राइवेट जगह चलते हैं… आपके या मेरे रूम में?”
रोहन अंकल ने मेरे होंठों पर एक और गहरा किस किया।
“जो तू कहे बेटी। मैं तुझे जबरदस्ती नहीं करूंगा। चल, मेरे रूम में चलते हैं। वहां सिर्फ हम दोनों होंगे… पूरी रात।”
मैंने सिर हिलाया। वो उठे और मुझे भी खड़ा किया। मेरे होंठ सूजे हुए थे, जांघें गर्म हो रही थीं। हम दोनों हाथ में हाथ डाले बीच से निकलकर उनके होटल विला की तरफ चल पड़े।रात अब और ज्यादा रोमांचक होने वाली थी…


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