24-06-2026, 06:34 PM
मैं शानाया, सिर्फ 19 साल की थी। हाइट मेरी सिर्फ 5 फुट 2 इंच थी, लेकिन मेरी बॉडी ने सच में जादू कर रखा था। 36-28-36 की फिगर — भारी, गोल और ऊपर उठे हुए स्तन जो हर सांस के साथ हल्का-हल्का हिलते थे, पतली कसी हुई कमर, और सबसे खतरनाक थी मेरी गांड। वो गोल, सेक्सी, लिफ्टेड लगती थी लेकिन चलते वक्त हल्का-हल्का जिगल करती थी। मेरी जांघें थिक थीं, नर्म, चिकनी और इतनी आकर्षक कि टाइट कपड़ों में उन्हें देखकर लोग रुककर देख लेते थे।मैं अच्छे से जानती थी कि मैं कितनी सेक्सी लगती हूं। कॉलेज से लेकर कॉलेज तक, हर उम्र के पुरुषों की नजरें मुझ पर अटक जाती थीं। मैं बाहर से शरमाती और सीधी लड़की बनकर रहती थी, लेकिन अंदर से मुझे ये attention बहुत पसंद था। सेक्स मुझे बेहद पसंद था, भले ही मैंने सिर्फ एक ही मर्द के साथ किया हो। वो कहानी मैं कभी और बताऊंगी।
यह कहानी उस समय की है जब मैंने और मेरे पिताजी ने गोवा में छुट्टियां मनाने जाने का फैसला किया था। जब हमें गोवा जाने वाली फ्लाइट में बैठना था, तभी पिताजी को उनके ऑफिस से फोन आया और उन्हें अपना गोवा का प्लान तीन दिन के लिए टालना पड़ा। लेकिन पिताजी ने मुझसे कहा कि मैं अकेली जाऊं क्योंकि सारी बुकिंग हो चुकी थी और अगर हम कैंसिल करते तो हमें कोई रिफंड नहीं मिलता। पिताजी ने मुझसे कहा कि वह दो-तीन दिन में मेरे पास आ जाएंगे।
होटल में अकेली होने का मतलब था — कुछ दिनों की पूरी आजादी। मन में उत्तेजना थी। मैं सोच रही थी कि बुम्बल या टिंडर डाउनलोड करके किसी हॉट लड़के या मैन के साथ fun कर लूंगी। लेकिन डर भी लग रहा था — क्या पता कौन मिले, क्या हो जाए। फिर भी मन बार-बार वहीं जा रहा था।
शाम को मैं लाल बिकिनी पहनकर बीच पर वॉक करने गई। हवा में नमकीन खुशबू थी। रेत पर नंगे पैर चलते हुए मैंने सोचा — आज कुछ तो होना चाहिए। तभी वो गहरी आवाज आई, “शानाया…? अरे वाह! कितनी बड़ी और खूबसूरत हो गई है तू, बेटी!”मैं मुड़ी। सामने रोहन अंकल खड़े थे। ४६ साल के, छह फुट लंबे, फिट बॉडी, चौड़ी छाती, मोटी बाहें, दाढ़ी वाली sexy शक्ल। उनकी आंखें मेरी बॉडी पर एक पल के लिए रुक गईं।
“अंकल रोहन! आप यहां?” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, लेकिन अंदर से एक झटका लगा।
“हां बेटी, तेरे पापा कहाँ है? उसने बोला था वो आ जाएगा और कॉल करेगा पर कॉल ही नहीं आया और तेरा नंबर भी नहीं था मेरे पास । तेरे पापा ने बताया नहीं था तू भी आ रही है। आ, साथ-साथ टहलते हैं।”
हम दोनों बीच पर चलने लगे। शुरू में बातें सामान्य थीं — कॉलेज, पढ़ाई, गोवा कैसा लग रहा है। लेकिन उनकी नजरें बार-बार मेरी कमर, जांघों और गांड पर जा रही थीं। मैं अंदर ही अंदर मुस्कुरा रही थी।
मेरे मन में: वो पापा के दोस्त हैं… काफी बड़े हैं… लेकिन बॉडी तो देखो, अभी भी कितने फिट हैं। टिंडर पर अनजान लड़के से बेहतर तो यही लग रहे हैं। पर क्या करूं? शरम भी आ रही है…
“अंकल, आप अकेले क्यों आए?” मैंने पूछा, जानबूझकर शरमाते हुए।
“काम से आया था बेटी, लेकिन अब लग रहा है छुट्टी मनानी पड़ेगी,” उन्होंने हंसते हुए कहा और मेरी तरफ देखा,
“खासकर अब जब तू यहां है।”धीरे-धीरे बातें गहरी होने लगीं। उन्होंने बताया कैसे उन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत मेहनत की, शादी टूट गई, अब अकेले हैं। मैंने भी बताया कि पापा कितने स्ट्रिक्ट हैं,काम की वजह से ।
हम दोनों बीच पर एक जगह रुककर बैठ गए। हल्की लहरें आ रही थीं।
“तुम्हारी ये फिगर… सच में कमाल है बेटी,” उन्होंने धीरे से कहा।
“५ फुट २ इंच में इतनी खूबसूरत बॉडी।” मैं शरमा गई, नजरें झुका लीं।
“अंकल… ऐसी बातें मत कीजिए ना… मैं आपकी बेटी जैसी हूं।”
मेरे मन में: बेटी जैसी? लेकिन उनकी नजरें तो कुछ और ही कह रही हैं। वो मुझे बेटी नहीं, औरत की तरह देख रहे हैं। और सच कहूं तो मुझे ये पसंद आ रहा है। रोहन अंकल safe लग रहे हैं… अनजान लड़के से तो बेहतर। उम्र ज्यादा है, experience होगा… शायद मजा भी आएगा।
मैंने हिम्मत करके पूछा, “अंकल, आप इतनी तारीफ कर रहे हैं… पहले भी कितनी लड़कियों से ऐसे बातें की हैं?”
रोहन अंकल हंसे। “सच सुनोगी बेटी? पहले तो कभी नहीं। लेकिन अब जब तुझे देखा… मन में कुछ और ही चलने लगा। तू अलग है। इतनी young, इतनी fresh, और इतनी sexy… मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा।
”मैंने शरमाते हुए लेकिन हल्का-हल्का फ्लर्ट करते हुए कहा, “अंकल, आप तो मुझे शरमा रहे हैं। लेकिन बताइए ना… सच-सच… कितनी लड़कियों को ऐसे compliments दिए हैं आपने?”
“बस दो-तीन बार ट्राई किया था पिछले साल,” उन्होंने खुलकर कहा,
“लेकिन कोई इतनी खास नहीं लगी। तू… तू तो मेरे दोस्त की की बेटी है, फिर भी मन करता है तुझे अपनी बाहों में ले लूं।”
मेरे मन में: ये risky है… लेकिन exciting भी। पापा को पता चला तो गुस्सा आएगा, लेकिन वो तो यहां नहीं हैं। मैं आजाद हूं। रोहन अंकल mature हैं, handsome हैं, और मुझे चाहते हैं। क्यों ना fun कर लूं?
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “अंकल, आप बहुत dangerous हो रहे हैं। पर कोई बात नहीं मेरा भी टाइमपास हो जाएगा गोआ मे ”रोहन अंकल की आंखें चमक उठीं। “तो फिर… डिनर साथ करेंगे बेटी? होटल के रेस्टोरेंट में।
”मैंने थोड़ा सोचते हुए, hard to get खेलते हुए कहा, “मुझे सोचना होगा अंकल… आप पापा के दोस्त हैं।”
“बस एक डिनर बेटी। बातें करेंगे। जो मन करे, वो करेंगे।”
आखिरकार मैं मान गई।
यह कहानी उस समय की है जब मैंने और मेरे पिताजी ने गोवा में छुट्टियां मनाने जाने का फैसला किया था। जब हमें गोवा जाने वाली फ्लाइट में बैठना था, तभी पिताजी को उनके ऑफिस से फोन आया और उन्हें अपना गोवा का प्लान तीन दिन के लिए टालना पड़ा। लेकिन पिताजी ने मुझसे कहा कि मैं अकेली जाऊं क्योंकि सारी बुकिंग हो चुकी थी और अगर हम कैंसिल करते तो हमें कोई रिफंड नहीं मिलता। पिताजी ने मुझसे कहा कि वह दो-तीन दिन में मेरे पास आ जाएंगे।
होटल में अकेली होने का मतलब था — कुछ दिनों की पूरी आजादी। मन में उत्तेजना थी। मैं सोच रही थी कि बुम्बल या टिंडर डाउनलोड करके किसी हॉट लड़के या मैन के साथ fun कर लूंगी। लेकिन डर भी लग रहा था — क्या पता कौन मिले, क्या हो जाए। फिर भी मन बार-बार वहीं जा रहा था।
शाम को मैं लाल बिकिनी पहनकर बीच पर वॉक करने गई। हवा में नमकीन खुशबू थी। रेत पर नंगे पैर चलते हुए मैंने सोचा — आज कुछ तो होना चाहिए। तभी वो गहरी आवाज आई, “शानाया…? अरे वाह! कितनी बड़ी और खूबसूरत हो गई है तू, बेटी!”मैं मुड़ी। सामने रोहन अंकल खड़े थे। ४६ साल के, छह फुट लंबे, फिट बॉडी, चौड़ी छाती, मोटी बाहें, दाढ़ी वाली sexy शक्ल। उनकी आंखें मेरी बॉडी पर एक पल के लिए रुक गईं।
“अंकल रोहन! आप यहां?” मैंने मुस्कुराते हुए कहा, लेकिन अंदर से एक झटका लगा।
“हां बेटी, तेरे पापा कहाँ है? उसने बोला था वो आ जाएगा और कॉल करेगा पर कॉल ही नहीं आया और तेरा नंबर भी नहीं था मेरे पास । तेरे पापा ने बताया नहीं था तू भी आ रही है। आ, साथ-साथ टहलते हैं।”
हम दोनों बीच पर चलने लगे। शुरू में बातें सामान्य थीं — कॉलेज, पढ़ाई, गोवा कैसा लग रहा है। लेकिन उनकी नजरें बार-बार मेरी कमर, जांघों और गांड पर जा रही थीं। मैं अंदर ही अंदर मुस्कुरा रही थी।
मेरे मन में: वो पापा के दोस्त हैं… काफी बड़े हैं… लेकिन बॉडी तो देखो, अभी भी कितने फिट हैं। टिंडर पर अनजान लड़के से बेहतर तो यही लग रहे हैं। पर क्या करूं? शरम भी आ रही है…
“अंकल, आप अकेले क्यों आए?” मैंने पूछा, जानबूझकर शरमाते हुए।
“काम से आया था बेटी, लेकिन अब लग रहा है छुट्टी मनानी पड़ेगी,” उन्होंने हंसते हुए कहा और मेरी तरफ देखा,
“खासकर अब जब तू यहां है।”धीरे-धीरे बातें गहरी होने लगीं। उन्होंने बताया कैसे उन्होंने अपनी जिंदगी में बहुत मेहनत की, शादी टूट गई, अब अकेले हैं। मैंने भी बताया कि पापा कितने स्ट्रिक्ट हैं,काम की वजह से ।
हम दोनों बीच पर एक जगह रुककर बैठ गए। हल्की लहरें आ रही थीं।
“तुम्हारी ये फिगर… सच में कमाल है बेटी,” उन्होंने धीरे से कहा।
“५ फुट २ इंच में इतनी खूबसूरत बॉडी।” मैं शरमा गई, नजरें झुका लीं।
“अंकल… ऐसी बातें मत कीजिए ना… मैं आपकी बेटी जैसी हूं।”
मेरे मन में: बेटी जैसी? लेकिन उनकी नजरें तो कुछ और ही कह रही हैं। वो मुझे बेटी नहीं, औरत की तरह देख रहे हैं। और सच कहूं तो मुझे ये पसंद आ रहा है। रोहन अंकल safe लग रहे हैं… अनजान लड़के से तो बेहतर। उम्र ज्यादा है, experience होगा… शायद मजा भी आएगा।
मैंने हिम्मत करके पूछा, “अंकल, आप इतनी तारीफ कर रहे हैं… पहले भी कितनी लड़कियों से ऐसे बातें की हैं?”
रोहन अंकल हंसे। “सच सुनोगी बेटी? पहले तो कभी नहीं। लेकिन अब जब तुझे देखा… मन में कुछ और ही चलने लगा। तू अलग है। इतनी young, इतनी fresh, और इतनी sexy… मैं कंट्रोल नहीं कर पा रहा।
”मैंने शरमाते हुए लेकिन हल्का-हल्का फ्लर्ट करते हुए कहा, “अंकल, आप तो मुझे शरमा रहे हैं। लेकिन बताइए ना… सच-सच… कितनी लड़कियों को ऐसे compliments दिए हैं आपने?”
“बस दो-तीन बार ट्राई किया था पिछले साल,” उन्होंने खुलकर कहा,
“लेकिन कोई इतनी खास नहीं लगी। तू… तू तो मेरे दोस्त की की बेटी है, फिर भी मन करता है तुझे अपनी बाहों में ले लूं।”
मेरे मन में: ये risky है… लेकिन exciting भी। पापा को पता चला तो गुस्सा आएगा, लेकिन वो तो यहां नहीं हैं। मैं आजाद हूं। रोहन अंकल mature हैं, handsome हैं, और मुझे चाहते हैं। क्यों ना fun कर लूं?
मैंने मुस्कुराते हुए कहा, “अंकल, आप बहुत dangerous हो रहे हैं। पर कोई बात नहीं मेरा भी टाइमपास हो जाएगा गोआ मे ”रोहन अंकल की आंखें चमक उठीं। “तो फिर… डिनर साथ करेंगे बेटी? होटल के रेस्टोरेंट में।
”मैंने थोड़ा सोचते हुए, hard to get खेलते हुए कहा, “मुझे सोचना होगा अंकल… आप पापा के दोस्त हैं।”
“बस एक डिनर बेटी। बातें करेंगे। जो मन करे, वो करेंगे।”
आखिरकार मैं मान गई।


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