Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मेरा नाम पायल है. मैं इंजीनियरिंग की तैयारी कर रही हु, मैं कोटा में रहती हु, आज मैं आपको अपनी चुदाई की कहानी आप लोगो को सामने लिखने जा रही हु, ये कहानी मेरे कमीना भाई रोहित के बारे में है, जिसने मुझे रात भर चोद चोद कर मेरा चूत सूजा दिया, आज मैं ठीक से चल भी नहीं पा रही हु, क्यों की आज मैं अपने मन को हल्का करना चाहती हु, आज सुबह सुबह जब उठी तो मैंने इन्टरनेट पे सर्च की क्या ऐसा होता है? तो मैंने इस वेबसाइट पर कई सारे कहानियां पढ़ी जिसमे भाई बहन की प्यार की और सेक्स की कहानी थी. तो मैंने हिम्मत कर के अपनी कहानी आपलोगो के सामने रख रही हु,
दोस्तों मैं २२ साल की हु और मेरा भाई २१ साल का है, मम्मी ने उसको कोटा मेरा गरम कपडा दे के भेजी है, क्यों की सर्दियाँ आ गई है. इसलिए मेरा भाई मेरे पास मेरा सारा कपडा देने आया है. मैं किराये पर एक कमर लेके कोटा में रहती हु, कल शाम को मेरा भाई आया था. करीब आठ बजे, कहना खाकर वो मोबाइल पर गेम खेल रहा था और मैं पढ़ रही थी. उस बिच में घर की बात और अपनी पुराणी बातों को याद कर रही थी. हम दोनों एक दोस्त की तरह है सब बात हम दोनों शेयर करते है. वो मेरे से पूछ रहा था की दीदी क्या कोई बॉय फ्रेंड बना है की नहीं, मैंने कहा नहीं रे अभी मेरा फोकस सिर्फ अपनी पढाई पर है. इसके अलावा मुझे कुछ भी अभी दिखाई नहीं दे रहा है. तो मैंने भी पूछ लिया की और बता तेरा क्या हाल है. तो वो कहने लगा. हां आजकल एक लड़की लाइन दे रही है. जैसे ही खुशखबरी होगी मैं तुरंत तुम्हे बताउंगी.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मैंने कहा तू बहूत बदमाश है. पहले पढाई कर ले और फिर बाद में जो मर्जी होगा करना. और मैं अपने पढाई में लग गई. पता नहीं कब वो मेरा मोबाइल ले लिया था. आधे घंटे के बाद उसने कहा दीदी आप ये सब देखती हो, मैं चौंक गई. उसके तरफ देखि तो हैरान रह गई वो मेरा मोबाइल छेड़ रहा था. मैंने तुरंत ही उसके हाथ से मोबाइल ले ली. तब तक वो सारा कुछ देख चूका था. दोस्तों आपको तो पता है चाहे लड़का हो या लड़की आजकल कौन ऐसा है जो पोर्न मूवी नहीं देखता है या तो चुदाई की कहानियां नहीं पढता है. मैं भी अपने मोबाइल में ऐसे कई सारे क्लिप डाउनलोड कर रखी थी. उसने सारे मूवी को देख लिया था. कुछ तो सनी लिओने की भी थी. और उसने मोबाइल इन्टरनेट की हिस्ट्री से सब कुछ देख लिया था की मैं कैसा वेब पेज ओपन करती हु, अब मैं मैं फंस चुकी थी. मैंने कहा नहीं नहीं मैं नहीं किया ये तो मेरी दोस्त गीतिका है उसने किया है. तो रोहित बोला दीदी कल मुझे रितिका से मिलाओ ना प्लीज मैं दोस्त बनाना चाहता हु. मैंने कहा देखि है अपनी शक्ल आईने में.
मैं समझ गया की मेरा भाई अब जवान होते ही बहूत कमीना हो गया है. रात को करीब ११ बज गए थे. उसने कहा कहा सोऊँ, दोस्तों मेरे पास एक भी बेड है. और ओढ़ने के लिए सिर्फ एक ही रजाई. मैंने कहा मेरे बेड पर ही सो जाओ. क्यों की कोई ऑप्शन भी नहीं था. वो आकर दूसरे तरफ मुह कर के सो गया और मैं भी दूसरे तरफ मुह करके सो गई. जब मैं नींद में थी. तो लगा को मेरा बूब्स कोई सहला रहा है मैंने समझ गई. रोहित मेरे टांगो पर अपना टांग चढ़ा रखा था और मेरे बूब्स को नाइटी के अंदर हाथ डालकर, निप्पल को प्रेस कर रहा था. मुझे लगा की मैं मना कर दू. पर ये भी लगा की अगर मैंने मना कर दिया तो ये बात खुल जाएगी और बाद में हम दोनों एक दूसरे को मुह नहीं दिखा पाएंगे, इसलिए मैंने सोचा जवान है गर्मी चढ़ी होगी. थोड़े देर में वो मूठ मार लेगा और सो जायेगा. पर ऐसा हुआ नहीं उसने मेरे नाइटी को ऊपर कर दिया और ब्रा का हुक भी खोल दिया. मेरी चूचियों को पिने लगा. और मेरे नाभि में अपना ऊँगली डालने लगा. दोस्तों आप ही बताओ, मैंने कैसे बर्दाश्त करती. मैं भी तो जवानी में थी. मुझे अच्छा लगने लगा. पर मैं कुछ भी नहीं बोल पा रही थी. उसने मेरी पेंटी को निचे कर दिया.
दोस्तों मेरे चूत को सहलाते हुए उसके मुह से सिसकारियां निकलने लगी. मैंने भी अपना दोनों पैर फैला दी. वो धीरे धीरे अपनी ऊँगली को मेरे चूत में डालने लगा. मेरी चूत काफी गीली हो चुकी थी. मैं भी जोश में आ गई. और वो निचे सरककर, मेरी चूत के पास बैठ गया और चाटने लगा. अब बर्दाश्त के बाहर था. मैंने उसका बाल पकड़ा और अपने चूत में रगड़नेलगी. वो मेरी चूत की पानी को चाट रहा था. मेरे मुह से भी सिस्कारिया निकलने लगी. आह आह आह आह आह से कमर गूंजने लगा. मैं रोहित को ऊपर को और उसके होठ को चूसने लगी. वो मेरे ऊपर था वो भी मेरी चूचियों को दबाते हुए मेरे होठ को चूस रहा था और वो बार बार अपना जीभ मेरे मुह में दे रहा था इस वजह से मैं और भी कामुक हो रही थी. दोस्तों मुझे लग रहा था की रोहित को अपनी चूत में घुसा लू, मैंने कहा देर मत कर कमीने और कितना तड़पाएगा. आज तुमने एक रजाई होने का सजा और मजा दोनों दे रहा है. सजा तो ये की एक बहन आज अपने भाई से चुदेगी और मजा की आज मैं पूरी रात चुदुंगी.
मैंने रोहित को और ऊपर किया, वो मेरे छाती के करीब बैठ गया और मैंने उसका लौड़ा अपने मुह में ले ली और चूसने लगी. गजब का एहसास हो रहा था लंड चूसने में. दोस्तों आज मैं खुद कोई पोर्न हीरोइन से काम नहीं समझ रही थी. वो भी मेरे मुह में अपना लंड अंदर बाहर करने लगा. उसका लंड बहूत ही मोटा था मेरे मुह से पूरा सेट हो रहा था और अंदर गले तक जा रहा था. दोस्तों मेरी चूत काफी गरम हो गई थी और बार बार पानी छोड़ रही थी. मैंने कहा रोहित आज तो मेरी चूत का गर्मी बुझा दे. तुमने तो आज मुझे गरम ही कर दिया रे. और रोहित निचे जाकर अपना लंड मेरे चूत पे सेट किया, और जोर से धक्का दिया, मेरे मुह से आउच की आवाज निकली और फिर हाय, हाय हाय, ओह्ह्ह क्या बताऊँ दोस्तों अब मैं जोर जोर से लंड को अंदर बाहर करने के लिए धक्के देने लगी.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
निचे से मैं गांड उठा रही थी और ऊपर से वो पेल रहा था और बिच में चपक चपक की आवाज से पूरा कमर गूंज रहा था. मैं उसको अपने बाहों में जकड़ी थी और पैरों से उसको फसाई हुई थी. वो मेरी मोटी गांड को नीच से पकड़ रखा था और जोर जोर से लंड को अंदर बाहर कर रहा था. उसके बाद उसने मुझे ऊपर किया और खुद सो गया और लंड को पोल की तरह खड़ा करके बोला आ बैठ जा इसपर मैं उसके लंड पर बैठ गई. लंड धीरे धीरे कर के मेरे चूत के अंदर समा गया. मैं एक मिनट तक यों ही बैठे रही फिर मैं ऊपर निचे होना शुरू किया, मैं उसके ऊपर थोड़ी झुकी हुई थी. वो मेरी चूचियों को पकड़ रखा था. और मेरे चूत में निचे से धक्के देने लगा. अब मैं भी जोर जोर ऊपर निचे करने लगी. वो मेरी चूतड़ में थप्पड़ मार रहा था. अब वो मुझे गालियां भी देने लगा. वो कह रहा था तू तो बहूत रंडी है. आज तू भाई से चुद रही है, मैं भी कहा कम थी मैंने भी गालियां देने लगी. तू तो बहूत कमीना निकला तू तो अपनी बहन के चूत को भी नहीं छोड़ा, बहन चोद है तू.
जितना हम दोनों एक दूसरे को गालियां दे रहे थे. उतना ही जोश चढ़ रहा था. उसने बाद उसने मुझे घोड़ी बना दिया,
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
र फिर से मेरे चूत में लंड देने लगा. मुझे दर्द होने लगा था, मैंने कहा भाई मेरा चूत काफी सूज गया है. और दर्द भी काफी होने लगा. है इसलिए मैं अब ज्यादा नहीं चुद पाऊँगी क्यों की तू मुझे दो घंटे से चोद रहा है. उसने कहा साली कुतिया अभी कहा, अभी तो मैं जोश में ही आया हु, मुझे आज पूरा मजा लेने दे और वो जोर जोर से घुसाने लगा.
वो जोर से आह आह आह आह करते हुए मेरे चूत में ही अपना सारा वीर्य डाल दिया, और मेरे ऊपर निढाल हो गया. करीब पांच मिनट में उठा और वो 69 की पोजीशन में आ गया, वो अपना लंड मेरे मुह में दे दिया और मेरा चूत वो खुद चाटने लगा. हम दोनों एक दूसरे के चूत से और लंड से निकले हुए सारे पानी को चाट गए, और फिर दोनों एक दूसरे को पकड़ कर नंगे ही सो गए.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मेरी बहन सरिता दीदी का ही है, शादी में लेट क्या हो रहा है वो मुझे ही अपने जाल में फंसा ली और अब मुझसे ही चुदवाती है और वो भी रोज रोज मुझे कभी कभी डर भी लगता है की कही मेरी दीदी मुझसे ही प्रेग्नेंट ना हो जाये, पर मैं कर भी क्या सकता हु, वो अब मुझे कहती है की ये बात किसी और की नहीं बताना, थोड़े दिन की ही तो बात है फिर मेरी शादी हो जाएगी और मैं अपने पति के पास चली जाउंगी फिर तुम्हे तंग नहीं करुँगी, मैं इसलिए चुप हु क्यों की मुझे भी लगता है की कही अगर मैं नहीं चोदा तो वो कही और चुदबायेगी इसलिए अच्छा है की अपने घर की इज्जत अपने ही घर में रह जाये.
दोस्तों पहले तो मुझे लग रहा था की मैं ये कहानी किसी और को नहीं बताऊँ पर मेरा मन नहीं मान रहा था, मेरे अंदर ये बात काटे खा रहा था की क्या मैं सही कर रहा हु क्या मैं गलत कर रहा हु, मैं अपने दिल का बोझ ख़तम करने के लिए आप लोगो को सामने अपनी कहानी नॉनवेज स्टोरी के माध्यम से इस वेबसाइट पर डाल रहा हु, ताकि मैं अपने दिल का बोझ हल्का कर सकूँ, दोस्तों अब मैं सीधे कहानी पर आता हु,
मैं उत्तर प्रदेश के एक छोटे से शहर में रहता हु, मैं आपको शहर का नाम नहीं बताऊंगा क्यों की मैं अपनी पहचान जाहिर नहीं करना चाहता, मेरे घर में मैं मेरी बहन सरिता दीदी मेरे पापा और मेरी माँ है. पापा को ढाबा है जीटी रोड पर वो अक्सर ढाबा में ही रहते है और वही सोते है. ये जो चुदाई की शुरुआत है वो तब की है जब मेरी माँ नानी घर गयी थी क्यों की नानी की तबियत ख़राब थी, हम घर में दोनों भाई बहन थे, मैं २१ साल का हु और मेरी बहन २६ साल की है. उसके लिए काफी लड़का ढूढ़ रहे है पर अभी तक कोई काबिल नहीं मिला है. जब से उसके लिए लड़का ढूंढने का काम शुरू हुआ था तब से वो ना जाने किस ख्वाब में रहने लगी, देर रात तक जागती, कभी कभी उसका पलंग से आवाज आने लगता, मैंने धीरे धीरे नोटिस करना चालू किया की वो आखिर रात में करती क्या है की जोर जोर से पलंग हिलता और आवाज आती. मुझे ऐसा लगने लगा की वो शायद अपने चूत में कुछ डालती है और थोड़े देर में शांत होती है और फिर सो जाती है.
ये सारे कारनामा हम रोज रोज देखते थे, क्यों की हम दोनों एक ही कमरे में सोते थे, पर अलग अलग पलंग पर सोते थे, कुछ दिन बाद मैंने नोटिस किया की वो रात में अपनी पेंटी और ब्रा खोल कर सोने लगी. क्यों की उसकी चूचियां साफ़ साफ़ नजर आती थी उसकी नाईटी से, बड़ी बड़ी सॉलिड सॉलिड, दोस्तों मेरा भी मन ख़राब होने लगा, अपनी बहन की इस हरकत से, है भी बहूत ही हॉट, सरिता दीदी की साइज ३६-२४- ३६ है, दोस्तों किसी का भी दिमाग ख़राब हो जाये उसके चूतड़ को पीछे से देखकर और आगे से उनकी चूचियों को देखकर, बड़े बड़े लंबे लंबे बाल गुलाबी होठ, लंबी और गोरी जबरदस्त दिखती है. जब वो काजल और होठ को गुलाबी रंग से रंगती है तब तो वो सेक्स की देबि लगती है.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
दोस्तों ऐसे ही दिन बीतने लगा. मैं भी रात में मजे लेने लगी. अब मैं भी अपनी आँख अपनी बहन को देखकर सेकने लगा. उस दिन की बात है जब माँ नानी के यहाँ गई थी. रात के करीब ११ बजे थे गर्मी का दिन था. वो हल्का सा बेडशीट ओढे थी. मैं सोने का नाटक करने लगा. तभी फिर से उसका पलंग हिलने लगा. फिर करीब दस मिनट में ही शांत हो गई. मैं समझ गया की मेरी दीदी आज भी अपने चूत में शायद बैगन पेल रही है. तभी वो उठी, उसकी चुचिया साफ़ साफ़ टाइट दिख रही थी. निप्पल भी साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था. जब वो उठी और बाथरूम के तरफ जाने लगी. उसकी चूतड़ हिलोरे मारते हुए चलने लगी. गजब की लग रही थी बाल निचे तक थे खुला हुआ, मैं तो मर गया दोस्तों, मेरा लंड खड़ा हो गया, ऐसा लग रहा था की मैं चोद दू,
तभी वो वापस आने लगी. मैं चुपचापहो गया, शांत हो गया पर मेरा लंड शांत नहीं था, वो तम्बू बना कर खड़ा था. सरिता दीदी जैसे ही आई बोली आलोक तुम जाग रहे हो. मैं कुछ भी नहीं बोला, वो फिर से बोली तू जाग रहे हो. मैं फिर भी चुप था. उसने फिर से कहा मैं सब समझ रही हु, तुम क्या देख रहे थे, तुम्हे शर्म नहीं आई एक जवान बहन को रात में ऐसे घूरते हुए. मैंने जाग गया, मैं डर गया था की पता नहीं वो माँ से तो नहीं कह देगी, तभी वो मेरे पलंग पर बैठ गई और मेरा लौड़ा पकड़ ली. मेरा लौड़ा काफी मोटा और तना हुआ था. वो भी ये है सबूत मुझे घूरने का, मैंने कहा सॉरी दीदी, गलती हो गई अब ऐसा नहीं होगा.
वो मेरे ऊपर चढ़ गई. और मेरा पेंटी निचे कर दिया. और मेरे लंड को पकड़ कर बोली, इसका कीमत तुम्हे चुकानी पड़ेगी. मैंने कहा कैसी कीमत, उसने अपने सारे कपडे उतार दिए, दोस्तों पहले तो मेरा लंड थोड़ा डर से छोटा भी हो गया था पर, जैसे उसने कपडे उतारी, मेरा लंड तो और भी मोटा और लंबा हो गया, मैंने कहा ये क्या कर रही हो दीदी मैंने तुम्हारा भाई हु, तो वो बोली जब भाई बहन की चूचियां और गांड को घूर रहा हो तब वो भाई नहीं बचता है. वो बॉय फ्रेंड हो जाता है. मैंने कहा पर मैं ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, तो वो बोली नहीं कर देख मैं क्या करती हु, मैं माँ और पापा को बोलूंगी की जब मैं सो रही थी तब तुम मेरे प्राइवेट पार्ट को सहला रहा था. दोस्तों मैं डर गया, बहूत ही ज्यादा डर गया.
उसने कहा जैसा मैं कहती हु, वैसा कर मैं कुछ भी नही बोलूंगी और मेरी दीदी मेरे लंड को अपने मुह में लेके चूसने लगी. धीरे थोड़े देर बाद वो ऊपर आ गई और मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे होठ को चूसने लगी. दोस्तों मैं बहूत ही ज्यादा कामुक हो गया था. और जब वो अपनी चूचियां मेरे मुह में दी. और बोली ले चूस, मैं अपने बहन की चूचियों को चूसने लगा, मेरे तन बदन में आग लग गई. और मैंने जोर जोर से अपनी बहन की चुचिओं को पिने लगा और दबाने लगा. थोड़े देर बाद वो मेरे मुह के पास बैठ गई उसके चूत मेरे मुह के पास था. उसने कहा मेरे चूत की पानी को अपने जीभ से साफ़ कर और पि जा.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
दोस्तों ऐसे ही दिन बीतने लगा. मैं भी रात में मजे लेने लगी. अब मैं भी अपनी आँख अपनी बहन को देखकर सेकने लगा. उस दिन की बात है जब माँ नानी के यहाँ गई थी. रात के करीब ११ बजे थे गर्मी का दिन था. वो हल्का सा बेडशीट ओढे थी. मैं सोने का नाटक करने लगा. तभी फिर से उसका पलंग हिलने लगा. फिर करीब दस मिनट में ही शांत हो गई. मैं समझ गया की मेरी दीदी आज भी अपने चूत में शायद बैगन पेल रही है. तभी वो उठी, उसकी चुचिया साफ़ साफ़ टाइट दिख रही थी. निप्पल भी साफ़ साफ़ दिखाई दे रहा था. जब वो उठी और बाथरूम के तरफ जाने लगी. उसकी चूतड़ हिलोरे मारते हुए चलने लगी. गजब की लग रही थी बाल निचे तक थे खुला हुआ, मैं तो मर गया दोस्तों, मेरा लंड खड़ा हो गया, ऐसा लग रहा था की मैं चोद दू,
तभी वो वापस आने लगी. मैं चुपचापहो गया, शांत हो गया पर मेरा लंड शांत नहीं था, वो तम्बू बना कर खड़ा था. सरिता दीदी जैसे ही आई बोली आलोक तुम जाग रहे हो. मैं कुछ भी नहीं बोला, वो फिर से बोली तू जाग रहे हो. मैं फिर भी चुप था. उसने फिर से कहा मैं सब समझ रही हु, तुम क्या देख रहे थे, तुम्हे शर्म नहीं आई एक जवान बहन को रात में ऐसे घूरते हुए. मैंने जाग गया, मैं डर गया था की पता नहीं वो माँ से तो नहीं कह देगी, तभी वो मेरे पलंग पर बैठ गई और मेरा लौड़ा पकड़ ली. मेरा लौड़ा काफी मोटा और तना हुआ था. वो भी ये है सबूत मुझे घूरने का, मैंने कहा सॉरी दीदी, गलती हो गई अब ऐसा नहीं होगा.
वो मेरे ऊपर चढ़ गई. और मेरा पेंटी निचे कर दिया. और मेरे लंड को पकड़ कर बोली, इसका कीमत तुम्हे चुकानी पड़ेगी. मैंने कहा कैसी कीमत, उसने अपने सारे कपडे उतार दिए, दोस्तों पहले तो मेरा लंड थोड़ा डर से छोटा भी हो गया था पर, जैसे उसने कपडे उतारी, मेरा लंड तो और भी मोटा और लंबा हो गया, मैंने कहा ये क्या कर रही हो दीदी मैंने तुम्हारा भाई हु, तो वो बोली जब भाई बहन की चूचियां और गांड को घूर रहा हो तब वो भाई नहीं बचता है. वो बॉय फ्रेंड हो जाता है. मैंने कहा पर मैं ऐसा कुछ भी नहीं करूँगा, तो वो बोली नहीं कर देख मैं क्या करती हु, मैं माँ और पापा को बोलूंगी की जब मैं सो रही थी तब तुम मेरे प्राइवेट पार्ट को सहला रहा था. दोस्तों मैं डर गया, बहूत ही ज्यादा डर गया.
उसने कहा जैसा मैं कहती हु, वैसा कर मैं कुछ भी नही बोलूंगी और मेरी दीदी मेरे लंड को अपने मुह में लेके चूसने लगी. धीरे थोड़े देर बाद वो ऊपर आ गई और मेरे ऊपर चढ़ गई और मेरे होठ को चूसने लगी. दोस्तों मैं बहूत ही ज्यादा कामुक हो गया था. और जब वो अपनी चूचियां मेरे मुह में दी. और बोली ले चूस, मैं अपने बहन की चूचियों को चूसने लगा, मेरे तन बदन में आग लग गई. और मैंने जोर जोर से अपनी बहन की चुचिओं को पिने लगा और दबाने लगा. थोड़े देर बाद वो मेरे मुह के पास बैठ गई उसके चूत मेरे मुह के पास था. उसने कहा मेरे चूत की पानी को अपने जीभ से साफ़ कर और पि जा.////////////////////
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
दोस्तों मैंने अपने बहन की चूत को चाटने लगा. वो अपने चूत से नमकीन पानी निकाल रही थी और मैं तुरंत ही चट कर जा रहा था. वो आह आह आह आह आह कर रही थी. और मैं दोनों हाथो से चूचियों को मसल रहा था और जीभ से चूत को चाट रहा था. उसके थोड़े देर बाद वो निचे हो गई और मेरा लंड जो की अब करीब नौ इंच का हो गया था पकड़ कर अपने चूत पे रख कर बैठ गई. दोस्तों मेरा लंड पूरा उसके चूत के अंदर समा गया. अब वो जोर जोर से बैठने लगी और उठने लगी. लंड अंदर बाहर जा रहा था और मेरी बहन के मुह से सिर्फ आह आह आह आह आह निकल रहा था.
वो खूब जोर जोर से चुदवाने लगी. फिर वो निचे हो गई और मैं ऊपर हो गया और फिर मैंने उसके दोनों पेअर को अपने कंधे पर रख कर, जोर जोर से उसके चूत में अपने लंड को डालने लगा. दोस्तों ये कहानी आप नॉनवेज स्टोरी डॉट कॉम पे पढ़ रहे है. इस तरह से वो मुझे रात भर मेरे से अलग अलग पोजीशन में चुदवाने लगी. उसके फिर मेरे साथ ही नंगे ही सो गई.
दोस्तों दूसरे दिन मेरी दीदी मुझे २०० रूपये दी और बोली कंडोम ले आना, मैंने कंडोम शाम को बाजार से कंडोम भी लेके आ गया. रात में फिर से वो मुझेसे चुदवाने के लिए अपने सारे कपडे उतार दी. और मेरा भी कपडे उतार दी. और फिर से चुदवाने लगी, जब हम दोनों झड़ गए तो मैंने कहा दीदी ये सब गलत हो रहा था. उसने कहा क्या गलत हो रहा है. जब तक मेरी शादी नहीं हो जाती तुम मुझे ऐसे ही चोदते रहो, नहीं तो मैं मम्मी को क्या क्या बताउंगी तुम्हे समझ भी नहीं आएगा और बे मतलब में बदनाम हो जायेगा.
दोस्तों उसके बाद वो मझसे बिना कंडोम के ही चुदवाने लगी. कहती है की कंडोम में मजा नहीं आता है. दोस्तों अब मैं क्या बताऊँ आपको मुझे डर है की कही वो प्रेग्नेंट ना हो जाये, अब मैं रोज रोज अपने बहन को चोदता हु और वो मुझसे खूब मजे लेती है अलग अलग पोजीशन में
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मेरा नाम विनीता है, आज मैं आपको अपनी एक बड़ी ही हॉट चुदाई की कहानी सूना रही हु, ये चुदाई की कहानी मेरे और मेरे बड़े भैया रणवीर के बारे में है, आप को मेरी ये कहानी बहूत ही ज्यादा हॉट लगेगी, क्यों की आज भी वो दिन जब याद करती हु, तभी मेरी चूत गीली हो जाती है. और अपनी चूचियां खुद ही अपने हाथों से मसलने लगती हु, आज मैं कोशिश करुँगी जो उस रात को हुआ था मैं हु बहु आपको बता दू., की कहानी पढ़ पढ़ कर मैं अपनी चूचियां खूब दबाती हु और अपने चूत में ऊँगली करती हु, अब मैं आपका समय बर्बाद नहीं करुँगी.
मैं 21 साल की हु, मैं कानपूर की रहने बाली हु, मेरे भैया जो मेरे से सिर्फ एक साल बड़े है, ये कहानी जुलाई की है. मेरी शादी 12 जून को हुई थी. और 2 जुलाई को मेरे भैया की शादी हुई, मैं अपने ससुराल से वापस आ गई थी क्यों की भैया की जो शादी होनी थी. दोस्तों पर मेरे चूत को लंड की आदत हो गई थी क्यों की शादी के बाद थोड़े दिनों तक ही ससुराल में रही थी, तो खूब चुदी थी, पर जब मैं अपने मायके आई तो मुझे अपने पति का लंड याद आने लगा था. भैया के शादी में मेरे पति भी आये थे पर वो दो दिन में ही चले गए और मैं थोड़े दिन के लिए और रह गई थी. भैया की शादी के चार दिन बाद की ये कहानी है. माँ और पापा दोनों मन्नत मांगे थे की दोनों बच्चों की शादी करने के बाद हरिद्वार जाना था. और वो दोनों चले गए.
घर में मैं और नई नवेली भाभी और भैया थे, मैं तो दिन रात सजी संवरी रहती थी क्यों की मेरी भी शादी हुई थी, हम दोनों ननद भाभी एक दूसरे का लाल लाल कपडे चूड़ियां, शेयर करते थे, और खूब खुश रहते थे, एक दिन की बात है हम दोनों ननद और भाभी ही घर पर थे, क्यों की भैया की जिगरी दोस्त की शादी थी इसलिए वो बरात चले गए थे, वो लेट नाईट वापस आते, तो मैं और भाभी दोनों एक ही बेड पर सो गए थे, रात को लाइट चली गई थी, गर्मी का दिन था, पंखा भी बंद हो गया था, भाभी ज्यादा कोमल है, क्यों की वो दिल्ली की रहने बाली है. वो हमेशा एयर कंडीशनर में रहने बाली है, यहाँ पंखा भी चलना बंद हो गया था. इसलिए वो इधर उधर घूमने लगी. और मेरी नींद कब लग गई पता ही नहीं चला.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
अचानक मेरे होठ को किसी ने जोर से चूमने लगा. और मेरी चूचियों को दबाने लगा. मैंने देखा तो भैया थे, उनके मुह से शराब की बदबू आ रही थी, मैंने कुछ बोलना चाही पर उन्होंने मेरा मुह दबा दिया, जोर से और बोले की विनीता सुन लेगी. मैं समझ गई को वो भाभी समझ कर मेरी चूचियों को दबा रहे थे और किश कर रहे थे, असल में हम दोनों दुल्हन की तरह ही थे लाल लाल साडी में ऊपर से बिजली नहीं थी. इसवजह से वो मुझे पहचान नहीं पाए. और वो मेरे ब्लाउज के हुक को खोल दिए और मेरी चूचियों को दबाने लगे. मैंने कहा ये क्या कर रहे हो, आपने शराब पिया है. उन्होंने मेरा मुह फिर से दबा दिया, वो काफी ज्यादा नशा में थे. वो काफी मजबूत है इसलिए मैं उनको रोक नहीं पाई.
और देखते ही देखते उन्होंने मेरी साडी ऊपर कर दी और पेंटी उतार दी, अब दोस्तों सच बताऊँ मुझे भी अच्छा लगने लगा. क्यों की मैं खुद भी लंड की प्यासी थी. मैं चुचाप हो गई. और उन्होंने अपना लंड निकाला और मेरी चूत के ऊपर रखा और जोर से पेल दिए. मैं छटपटा गई. क्यों की भैया का लंड मेरे पति के लंड से ज्यादा मोटा और लंबा महसूस हो रहा था. मेरे मुह से चीख निकल गई. उन्होंने फिर से मेरे मुह को बंद कर दिया और बोले साली तुमको समझ नहीं आ रहा था. मेरी बहन को पता चल जायेगा. वो आँगन में सोई हुई है. मैंने समझ गई की भाभी आँगन में सोई है. लाइट जाने की वजह से. मैं चुपचाप हो गई. और लंड का मजा लेने लगी.
मैंने अपना ब्रा का हुक खोल दिया, और मैंने अपनी चूचियां अपने भाई के मुह से लगा दी. वो मेरी चूचियों को अपनी दांतो से काट रहे थे. और मसल रहे थे. मैं सातवे आसमान में थी. मेरे शरीर का रोम रोम खड़ा हो गया था. मैं अपने आप को भाई के हवाले कर चुकी थी. और चुदाई का मजा ले रही थी. भैया जोर जोर से धक्का लगा रहे थे. मैं भी अपना गांड उठा उठा कर लंड पेलवा रही थी. मेरी चूत काफी गीली हो गई थी. चूचियां तन गई थी. मैंने अपने भाई को बाहों में भर लिया, और अपने पैरो से लपेट ली. मेरा भाई नशे में होने के कारण वो समझ ही नहीं पा रहा था की आज उसकी बहन चुद रही थी. भाभी तो गांड फाड़ कर आँगन में सो रही थी. उसके बाद वो गालियां दे दे के चोद रहे थे.
दोस्तों क्या बताऊँ पति से ज्यादा खुश भैया कर रहे थे. उनका गठीला बदन लंबा लौड़ा, मोटा लौड़ा और वो जोर जोर से चोदना नशे की हालत में. करीब २० मिनट की चुदाई मुझे खुश कर दिया. और वो झड़ गए. और झड़ते ही तुरंत ही सो गए. मैंने अपने कपडे ठीक की ब्रा पहनी, ब्लाउज पहनी, तब तक भैया खराटे लगाने लगे. मैं उठी और आँगन में जाके भाभी को उठाई, बोली की भैया आ गए है. वो जाकर भैया के साथ सो गई. और मैं वही आँगन में लेट गई. नींद जब खुली तो सुबह हो चुकी थी. भैया को आजतक पता नहीं चला की वो रात भाबी को नहीं अपने बहन यानी की मुझे चोदा था.
...................................
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
अब मेरे से अच्छा हुआ की गलत हुआ ये मैं खुद भी नहीं समझ पा रहा हु, कल ऐसा कुछ हुआ की मैं बीवी के चोदने के चक्कर में बहन को चोद दिया, आज मैं आपको ये अपनी सच्ची कहानी के पाठको को सुनाने जा रहा हु.
.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
मेरा नाम आकाश है, मेरी शादी को अभी १ महीने हुए है, और मेरी एक बहन है सिमर जिसकी शादी मेरे शादी से सिर्फ पंद्रह दिन पहले ही हुई है. और आजकल यहाँ आयी हुई है. मैं पलवल में रहता हु, और दिल्ली में नौकरी करता हु, मेरी बीवी बहूत ही ज्यादा हॉट है, इस वजह से मैं कुछ ज्यादा ही चुदक्कड़ हो गया है, मुझे तो लगता है दिन रात अपने बीवी को चोदते ही रहू गजब की माल है यार, एक महीने से चोदे जा रहा हु तब भी अभी तक चूत ढीली नहीं हुई है, अभी भी टाइट है. तो मेरा और भी ज्यादा चोदने का मन करते रहता है. इस वजह से मैं कोई भी दिन मिस नहीं करना चाहता और चुदाई रोज करता हु,
मेरी बीवी और बहन दोनों आजकल एक जैसे ही कपडे पहन रही है जैसा की नई नवेली दुल्हन पहनती है. रात के करीब आठ बजे अचानक विजली चली गई थी निचे बहूत गर्मी था और मैं छत पर विछावन डाल कर बैठ गया और मैं शराब की बोतल निकाल कर पिने लगा, बस लास्ट पैक ही बचा था उसको ख़तम कर रहा था. निचे मेरी बीवी खाना बना रही थी, सोचा की निचे जाकर खाना थोड़ा कहूंगा और उसको आज गांड मारूँगा, तभी सीढ़ियों पे छन छन पायल की आवाज आने लगी मैं समझ गया की मेरी बीवी ऊपर आ रही है. मैं काफी नशे में था, तभी मुझे याद आया था की मैं नमकीन मंगवाया था वही लेके आई थी, पर पेग तो ख़तम हो चूका था.
मेरे करीब आकर बोली की लो, मैंने कहा मेरी जान जब दारु ख़तम हो गया तब नमकीन लाइ है. और हाथ पकड़ कर खीच लिया और चूचियां दबाने लगा. और कहने लगा, साली तुम आजकल रोज मुझे तड़पा रही है. मेरा लैंड आजकल हमेशा पेलने का मन करता है. और तुम है जो की काम में ही बीजी रहती है, मैं मैंने फटा फट ब्लाउज का हुक खोल दिया और चूचियां निकाल कर पिने लगा, तभी बोल पड़ी क्या कर रहे हो? मैंने कहा चुप हो जा साली, कोई सुन लेगा, बस दस मिनट में ही काम तमाम कर देता हु, अँधेरा होने की वजह से ज्यादा कुछ दिखाई नहीं दे रहा था और बचा खुचा नशे में तो और भी पता नहीं चल पा रहा था. मैंने तुरंत ही पेटीकोट ऊपर कर दिया और पेंटी उतार दिया, इधर उधर देखा कोई ऊपर तो नहीं आ रहा है और लंड निकाल कर पेल दिया.
आह की आवाज आई तो मैंने कहा क्यों फट गई तेरी चूत क्या, साली आज तो और भी टाइट है, आज तो ऐसा लग रहा है जैसा की सुहाग रात के दिन लगा था, और मैंने चोदने लगा, जोर जोर से लंड को उसके चूत में डालने लगा, और मैंने फिर चूचियों को दबाते हुए चोदने लगा. और मैं खलाश हो गया क्यों की जल्दी चोदना था क्यों की कोई ऊपर आ जाता. मैंने कहा पहन ले पेंटी. वो उठकर बैठ गई और पेंटी पहन ली. मैंने कहा कैसा लगा. वो बोली अच्छा लगा भैया, मैंने तो सन्न रह गया मेरी बहन की आवाज थी, मैंने कहा कौन रंभा? तो बोली हां भैया भाभी बोली की नमकीन दे आओ ऊपर और आपने वो काम कर दिया जो की बहन भाई में नहीं होता है. पर जो भी था अच्छा था, आपने मन खुश कर दिया, काश मुझे भी ऐसा लंड मिलता. मैं समझ गया की मेरी बहन एक नंबर की चुदक्कड़ है. भाई से चुद कर इसको कोई गीला शिकबा नहीं है. मुझे लगा की क्यों ना इस मौके का फायदा उठाया जाये.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
तभी मेरी बीवी ऊपर आ गई मेरी बहन बैठी थी, मेरे पास ही, मेरी बीवी आकर बोली क्या बात है जी अँधेरे में आप बहन भाई क्या बात कर रहे है. ससुराल की कहानी सूना रही है क्या? मैंने कहा हां बोल रही है अपने ससुराल के बारे में, तभी मेरा मोबाइल बजा, मेरी ससुर जी का फ़ोन था तो मैंने अपने बीवी को फ़ोन दे दिया, मेरी बीवी वापस फ़ोन दे दी बोली पापा आपसे बात करना चाहते है, मैंने कहा मुझसे बोली हां, मैंने नमस्ते किया वो बोले बेटा कल सुबह वृन्दावन जा रहे है, तो सोचा की मोना (मेरी पत्नी) को भी और आपको भी ले चलु, मैंने कहा पापा जी कल तो मैं जा नहीं पाउँगा, सुबह ड्यूटी भी नहीं जानी है क्यों की कल पलवल में ही कुछ काम है, आप मोना को ले जाओ. मैं बाद में चला जाऊंगा, मोना ये सुनकर खुश हो गई, क्यों की वो वृन्दावन अपने पापा और मम्मी के साथ जाने बाली थी, मैंने कहा अरे मोना चली जाओ. कल घर में कोई भी नहीं होगा, कल सुबह माँ और पापा भी मां जी के घर जा रहे है, घर में सिर्फ मेरी बहन और मैं था, तो मैंने मन ही मन प्लान बना लिया की कल पूरा कपड़ा उतार कर, सारे माल का मुआयना कर के चूत मारूँगा.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
हुआ भी सब प्लान के अनुसार, घर आठ बजे तक खाली हो गया, मेरी बहन और मैं बचा सिर्फ घर पे, उसके बाद मैंने में दरवाजा खूब अच्छी तरह से लॉक कर दिया, और अंदर आते ही. उसको गोद में उठा लिया और पलंग पर पटक कर, एक एक कपडे उतारने लगे, ओह्ह्ह दोस्तों मैं हिल गया, उसकी चूचियों को देखकर, गजब का सॉलिड था, बिच में पिंक छोटा सा निप्पल, फिर मैंने बाकी के कपडे उतार दिए, और निचे जाकर टांग को थोड़ा अलग अलग कर कर चूत को देखने लगा, मैंने कहा बहन तुम्हारी चूत तो गजब लग रही है अंदर लाल है. तो वो बोली हां भैया, वो ज्यादा चोद नहीं पाते है उनका लंड बहूत छोटा है. इतना सुनते ही मेरा लंड और कडा हो गया. और मैंने फिर उसके चूत को चाटने लगा. वो आह आह आह करने लगी.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 76,182
Threads: 890
Likes Received: 11,668 in 9,578 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
118
फिर मैंने उसके चूत पे लंड को सेट किया और दोनों हाथों से चूचियों को पकड़ा और जोर से धक्का दिया, और पूरा का पूरा लंड मैंने अंदर पेल दिया, वो आह आह आह करने लगी और मैंने जोर जोर से अंदर घुसाने लगा. वो भी गांड उठा उठा कर चुदवाने लगी. फिर तो दोस्तों मैं धन्य हो गया गजब की माल को पाकर, मैंने कभी सपने में भी नहीं सोचा था की मैं अपने बहन को इस तरह से चोद पाउँगा, फिर क्या था हम दोनों अलग अलग पोज में, एक दूसरे को संतुष्ट करते रहे, और दिन भर चुदाई चलती रही, आप यकीं नहीं करेंगे, वो अपना पैर फैला फैला कर चल रही थी क्यों की आज उसकी चूत की जबरदस्त चुदाई पहली बार हुई थी, तभी कोई दरवाजे पे आया और कुण्डी बजाया जल्दी जल्दी दोनों कपडे पहने वो दूसरे कमरे में चली गई. और मैंने जाकर गेट खोला तो मेरी पत्नी वापस आ गई थी.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.