Thread Rating:
  • 19 Vote(s) - 3.47 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Incest MAA KO PAANE KI CHAAHAT
मम्मी की बात सुनके मैं उनको दोनों दूधो को बारी बारी से चूसने लगा। और वो आराम से लेती हुई मेरे लंड की रगड़ अपनी चूत पर मेहसूस करने लगी।

[Image: 9686012.gif]
मैं- वैसे सच कहूँ मम्मी. तो मैंने पहले भी कहा था कि आपने अपने लंड को घूरते देखा था। और जिस तरह आप मेरा लंड घूरती थी। उससे मुझे लगता था कि आप मेरा लंड अपनी चूत में लेना चाहती हो। मगर ना मैं कभी आगे बढ़ पाया। और ना हाय आप.



मम्मी – तेरा सोचना सही था बेटा. जब से तू मेरे नीचे चाट के मुझे ये सुख देने लगा था। तब से मैं हर्र पल तेरे लंड को अपने अंदर से चोदना चाहती थी। मगर कहते हैं ना, वक्त से पहले किसी को कुछ नहीं मिलता है।



शायद तब वक़्त सही नहीं था। मगर आज सब कुछ अपने आप हो गया। और इस दोस्त का मजा हम दोनों को मिला।



मैं- मम्मी, सच कहूँ. तो आज मुझे भी पहली बार पता चला है कि चूत में लंड डाल के चुदाई करने में कितना मजा आता है। मुझे तो ऐसा लग रहा था. जैसे मैं हवा में उड़ रहा हूं।



मम्मी- बेटा, ये दुनिया का वो सुख है। जिसके लिए इंसान कुछ भी कर सकता है। इसिलिये हर मर्द और औरत को सुख की जरुरत होती है।
मैं- वैसे मम्मी मेरा मन अभी भरा नहीं है.



मम्मी- हां बेटा वो तो दिख ही रहा है. तेरा लंड नीचे खड़ा होके मेरे नीचे जो रगड़ रहा है।



मम्मी की बात सुनके हम दोनों हंसने लगे। फिर हम दोनो एक दूसरे के होठों को चूसने लगे। और कुछ देर होठों को चूसने के बाद मम्मी बोली।

[Image: 11448561.gif]

मम्मी- वैसे मन तो मेरा भी नहीं भरा बेटा. आज इतनी मुद्दत्तो के बाद मुझे ये सुख जो मिला है।



मम्मी की बात सुनके हम दोनों मुस्कुराने लगें। फिर मैं उनको ऊपर से उठाऊंगा. और उनके दूध पर आके बैठ गया। मेरा खड़ा लंड मम्मी के दूध के बीच आ गया। फ़िर मैं अपने लंड को मम्मी के दोनों दूध पर बारी बारी से रगड़ने लगा।



मम्मी मुझे लेते लेते देखने लगी. उनकी आँखों में चुदाई की तड़प अभी भी दिख रही थी। मेरे लंड रगड़ने से मम्मी के दूध की घुंडिया खड़ी हो चुकी थी। मैं अपने लंड को उनके दूध की घुंडियों पर रगड़ रहा था।







कुछ देर मम्मी के दूध पर लंड रगड़ने के बाद मैंने अपना लंड मम्मी के मुँह के पास किया। और अनहोनी लेते लेते मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया। अब मम्मी लेते लेते मेरा लंड चूसने लगी

[Image: blowjob-001-36.gif]
[Image: blowjob-002-36.gif]

दिन के उजाले में मम्मी को अपना लंड चूसते देख कर बहुत अच्छा लग रहा था। मम्मी के मुँह में जाते ही मेरा लंड और ज़्यादा टाइट हो गया था



फिर मैंने अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया। और इस बार की चुदाई पहले से भी ज्यादा लंबी चली.

[Image: 1717812.gif]
[Image: 19384717.webp]
Like Reply
Do not mention / post any under age /rape content. If found Please use REPORT button.
मैने काई बार मम्मी की आछे से तसल्ली करा दी। फिर अपना सारा पानी उनकी चूत में डाल दिया। चुदाई करने के बाद हम दोनों ऐसे ही नंगे सो गए। चुदाई करने के बाद नींद वाकाई बहुत अच्छी आई। फ़िर साढ़े 5 बजे मुझे मम्मी ने उठाया।



मम्मी- मन्नू, उठ जा बेटा. देख साढ़े पांच बज रहे हैं.



मेरी आँख खुलते ही मैंने मम्मी को देखा। वो मेरे पास मैक्सी पहनने के लिए बेथी हुई थी। और मुझे देख देख के मुस्कुरा रही थी।



मम्मी – उठ जा बेटा. और कपडे पहन ले. देख साढ़े पांच बज रहे हैं.



मम्मी की बात सुनते ही मैंने उन्हें अपने बगल में गिरा लिया। और खुद उनके ऊपर आ गया. और उनके दूध दबते हुए बोला।



मैं- मम्मी, आपने कपड़े क्यों पहने? एक बार और करते हैं ना.



मम्मी- बेटा, तू पागल हो गया क्या? टाइम देख साढ़े पांच बज रहे हैं. 2 बार करके भी तेरा मन नहीं भरा क्या?



मैं- मम्मी, मन भरा होता है. तो मेरा लंड ऐसा खड़ा नहीं होता.



मम्मी- बेटा, तेरा लंड तो हमेशा खड़ा रहता है। आज 2 बार पहले ही ये मेरी हालत खराब कर चूका है। अब तो थोड़ा साबर रख बेटा.

[Image: axgl4f.gif]

मम्मी मेरी चुदाई की तारीफ कर रही थी। मैं अपनी तारीफ सुनके खुश हो रहा था।



मम्मी- अब उठ जा बेटा. और जाके सामान और सब्जी ले आ.



मम्मी की बात सुनके मैं उठ गया। मैं कपड़े पहन के सामान लेने चला गया। फिर मैं साडे 6 बजे तक सामान लेके घर आ गया। मम्मी सामान लेके किचन में चली गई। और सामान निकलने लगी.



फिर मैंने जाके मम्मी को पीछे से पकड़ लिया। मेरा लंड अभी भी खड़ा हुआ था. जो मुझे परेशान कर रहा था। मम्मी को पीछे से पकड़ते ही मैं उनके गले को चूमने लगा। और अपना लंड उनकी गांड में रगड़ने लगा। फ़िर मम्मी बोली.



मम्मी – उम्म्म अगर तू ऐसा ही करता रहेगा बेटा. तो मैं काम कैसे करूंगी.

[Image: axglaj.gif]

मैं- मम्मी, आपको चोदने का मन नहीं कर रहा है. मन कर रहा है कि बस आपको ऐसा ही लगता है। आपको प्यार करु. और मेरा लंड ये तो बेथने का नाम ही नहीं ले रहा है।



मेरी बात सुनते ही मम्मी पलट गई। और मेरी आँखों में देखते हुए उन्होंने मेरा लंड लोअर के बाहर निकाल लिया। फ़िर वो आगे पीछे करते हुए बोली



मम्मी- बेटा, मैं समझती हूं कि तेरे साथ क्या हो रहा है? आज पहली बार तूने अपने लंड को चूत में डाला है। और ये वो सुख है. जिसको एक बार करने के बाद बार बार करने का मन होता है। इसलिए आज तेरा लंड बैठने वाला नहीं है.



और अगर तू मुझे ऐसे ही छोड़ेगा। तो मैं भी काम नहीं कर पाऊंगी. तेरे छुटे ही मेरा मन भी बहकने लगता है।



मैं- मम्मी, क्या आपका मन नहीं कर रहा है? कि हम दोनों फिर से एक दूसरे को प्यार करें।



मम्मी – बिलकुल कर रहा है बेटा. मगर हमें थोड़ा साबर भी रखना चाहिए। मैं तो इतने वक्त से इस सुख के बिना रह रही थी। और तेरे वो सब करने के बाद मैं और ज्यादा तड़प रही थी।



मगर आज तूने मेरा सारा अधूरापन पूरा कर दिया है। बस अब शाम हो रही है. और तेरे पापा भी आ ही जाते हैं. इसलिए मैं तुझे मना कर रही थी

[Image: axglo2.gif]

मैं- मगर मम्मी अभी पापा कहां आये हैं. और जब वो आएंगे. तो मैं खुद रुक जाऊंगा.



मम्मी- बेटा, तुझे समझना मेरे बस की बात नहीं है। तू करेगा वही जो तू करना चाहता है।



मैं- मम्मी, अगर आपका मन नहीं है. तो मैं फिर कुछ नहीं करुंगा.



आपनी बात बोलके मैं पीछे हटने लगा। तभी मम्मी ने आगे बढ़कर मेरा लंड फिर से पकड़ लिया। फिर वो बोली.



मम्मी- नहीं बेटा. ऐसी बात नहीं है. सच तो ये है कि मन मेरा भी वही करता है। बस कभी-कभी डर लगता है कि कहीं किसी को पता न चल जाए।



मैं- मम्मी, डरने की जरूरत नहीं है. अब मैं आपको ऐसा ही प्यार करूंगा।



आपनी बात बोलके मैं और मम्मी एक दूसरे के होठों को चूसने लगे। मम्मी खड़े खड़े मेरा लंड सहलाने लगी. मैं उनकी गांड और चूत को सहलाने लगा। जो गरम होके पानी बहा रही थी। कुछ देर बाद होठों को चूसने के बाद मैं बोला

[Image: 19601269.gif]
[Image: sexy-foreplay-scaled.webp]

मैं- मम्मी, आपकी चूत तो पानी पानी हो रही है.



मम्मी- मैं जानती हूं बेटा. तेरे आने से पहले मैं तेरे बारे में सोच रही थी कि कैसे डॉफ़र में तूने मेरी हालत ख़राब कर दी थी। और अभी देखो तेरा ये लंड कैसा खड़ा हुआ है। जो हार मन्ने को तैयार नहीं है.



मैं – मम्मी, ये सिर्फ आपकी चूत में ही जाके शांत होगा. आज दोपहर में पहली बार मेरा लंड सच में शांत हुआ था।



मम्मी – हा बेटा क्यूकी ये हाय हर इंसान की आखिरी मंजिल होती है। इसिलिए आज दोफर तू और मैं पूरी तरह संतुष्ट हुए थे।



मैं- मगर मम्मी आपके नीचे के गीले पैन को देखकर लगता है कि इसकी तसल्ली अभी अच्छे से नहीं हुई है।



मम्मी- बेटा, सालो की गर्मी 2 बार में शांत नहीं होती। और सच तो ये है कि अगर प्यार करने वाला तेरा जैसा हो। तो औरत की गर्मी बार-बार भड़क उठती है। और तुझसे अच्छी तरह ये बात और कौन समझ सकती है। इसलिए तेरा लंड हमेशा खड़ा रहता है



मम्मी की सुनते ही मैंने उन्हें पलट दिया। और उनके पलट ते ही मैंने उनकी मैक्सी गांड के ऊपर कर दी। और नीचे बेथ के उनकी गांड और चूत चाटने लगा। मम्मी की चूत गीली हो रही थी. मुख्य रसोई में खड़ा-खड़ा इस्तेमाल चाट रहा था।

[Image: 28569966.gif]


मैंने चाट चाट के मम्मी को और ज्यादा गरम कर दिया था। फिर कुछ देर चूत चाटने के बाद मम्मी का पानी निकल गया



मैंने सारा पानी चाट के साफ़ कर दिया। अब मम्मी को भी थोड़ी राहत मिल गई थी।



मम्मी की चूत चाटने के बाद मैं खड़ा हो गया। मम्मी मेरा लंड सहलाने लगी. फ़िर मैं बोला.



मैं- मम्मी, अभी भी मेरा मन भरा नहीं है. बाकी की रात को पूरी कर दूंगा।



मेरी बात सुनके मम्मी मुझे अपनी नशीली आँखों से देखने लगी। उनका चेरा साफ साफ बता रहा था कि उनका भी मन अभी भरा नहीं है। फ़िर मम्मी बोली.



मम्मी- बेटा, बिस्टर आज भी छत पर लगा लेना। मैं आज रात भी हमें सुख देना चाहती हूं। जो तूने मुझे दोपहर में दिया था।



मम्मी की ये बात सुनके मैं समझ गया कि वो भी चुदाई के लिए तड़प रही है। मम्मी की बात सुनके हम दोनों हंसने लगे। मम्मी बोली.

[Image: 50735761.gif]

मम्मी- चल बेटा अब बाहर घूम आ, और मुझे भी काम करने दे। और आपने इस छोटे शैतान को भी संभाल के रख। रात में इसे भी आचे से शांत केर दूंगी।



मम्मी की बात सुनकर मैं घर के बाहर आ गया। और तभी पापा भी आ गये. फिर मैं अपने दोस्त से मिलने चला गया। और रात सवा 9 बजे तक ग़म ग़म के घर आ गई। पापा तो हमेशा की तरफ देखते रहते थे। और उनकी दारू की बोतल नीचे राखी हुई थी।



पापा को पिये हुए देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था। पापा डरू पीके आराम से सो जायेंगे। मैं मम्मी की दर्द से चुदाई करुंगा. फिर मम्मी खाना निकल के ले आई। और हम दोनो खाना खाने लगे। कुछ देर में खाना खा के मैं ऊपर आ गया।



मम्मी बार्टन साफ ​​करने लगी। फिर मैं बिस्टर लेके छत पर आ गया। और बिस्टर लगा के नंगा होके लेट गया। मेरा लंड पहले से खड़ा हो चुका था। मैं लेता लेता मम्मी का इंतज़ार करने लगा।

[Image: gp-gif-gay-porn-gay-zone-gp-solo-1912372.gif]

फिर मम्मी काम करने के बाद अगले 10 बजे ऊपर आ गई। फिर ऊपर आके मम्मी मच्छरदानी में आ गई। मम्मी के अंदर आते ही मैं उठ के बैठ गया। फिर मैंने उनकी मैक्सी निकाल दी. अब मम्मी पूरी नंगी हो चुकी थी।



फ़िर नंगी होते हाय मम्मी मेरे ऊपर चढ़ के बैठ गई। मम्मी के ऊपर बैठते ही मैंने उनकी गांड को पकड़ के सपने मुँह की तरफ खींच लिया। और अब मम्मी की चूत मेरे मुँह के पास आ गई। फ़िर मैं लेता लेता मम्मी की चूत चाटने लगा।



मम्मी मेरे मुँह पर आराम से बेटी हुई थी।

[Image: 115818-connie-sit-on-my-face.gif]

कुछ देर चुत चटवाने के बाद मम्मी खुद घूम के बैठ गई। और अब हम दोनो 69 करने लगे

[Image: Leilani-Gold-licking-and-sucking-in-69-position.gif]
Like Reply
. फिर कुछ देर बाद मम्मी मेरे लंड को पकड़ के खुद ही इस्तेमाल करेगी अपनी चूत में लेके बैठ गई।







लंड चूत में जाते हाय मम्मी अपनी कमर चलाने लगी। उनको मेरे लंड की सवारी करने में बहुत मज़ा आ रहा था। और हम दोनो चुदाई में लग गये। खुली छत पर मैं मम्मी को चोद रहा था। और वो भी मेरा पूरा साथ दे रही थी

[Image: 8123491.gif]

[Image: 1498891.gif]

मम्मी को चोद चोद के मैंने उनका पानी निकाल दिया। फ़िर जब मेरा पानी निकलने वाला था। तभी मम्मी ने मेरा लंड अपने मुँह में ले लिया। क्यूकी चूत में पानी जाने से उन्हें साफ करना पड़ता है। इसीलिये उन्हें मेरा पानी मुँह में ले लिया।



मुझे लगा मम्मी मेरा पानी बाहर थूक देगी। मगर इस बार वो मेरा सारा पानी पी गयी। मैं लेता-लेता हेयरन था कि मम्मी मेरा सारा पानी पी गई थी।

[Image: 30688471.gif]

फिर हम दोनो चिपक के लेट गए। मम्मी बुरी तरह हाफ रही थी। तभी मैं बोला.



मैं- मम्मी, एक बार और जाइये.



मम्मी- नहीं बेटा. अब मैं थक गई हूं. तू पहले ही डॉफर और शाम को कर चूका है। और हर बार मेरी हालत ख़राब कर देता है। अब तो मेरे नीचे भी जलन हो रही है। अब रहने देते हैं. सुबह कर लेना.



मम्मी की बात सुनके हम दोनो नीचे आ गये। फिर मम्मी नीचे पापा के पास चली गई। मम्मी की चुदाई पूरी तरह से थक चुकी थी। मगर थकन से ज्यादा उनको चुदाई से जो सुकून मिला था। वो उनको ज्यादा अच्छा लग रहा था. फिर मैं अपने कमरे में आके सो गया।



फिर सुबह मेरी आंख साढ़े 8 बजे खुली जब मम्मी मुझे उठाने आईं। मम्मी बड़े प्यार से मेरे माथे पर हाथ फेर रही थी। आज मम्मी के चेहरे पर एक अलग ही सुकून और खुशी दिख रही थी। जो अभी तक मैंने नहीं देखी थी.


मम्मी – उठ जा बेटा. देख साढ़े आठ हो गए हैं. दुकान पर नहीं जाना क्या?



मम्मी की बात सुनते ही मैंने उन्हें अपने बगल में गिरा लिया। और आपने बगल में लिटा ते ही मैं उनके ऊपर आ गया। तभी मम्मी बोली.



मम्मी- बेटा, तू सुबह-सुबह शुरू हो गया। रात में तेरा मन भरा नहीं क्या?



मैं – मम्मी, रात को आप थक गयी थी. मैं अपनी मम्मी को प्यार करना चाहता हूँ। उन्हें परेशान नहीं करना चाहता हूं. और वैसे भी आपने ही तो कहा था कि सुबह कर लेना।



मेरा लंड हर बार की तरह सुबह सुबह पहले ही खड़ा हो चुका था। तभी मैं मम्मी के ऊपर से उठा। और उठते ही मैंने अपना कच्चा निकाल दिया। और नंगा होते ही मेरा लंड उछल के बाहर आ गया।



मम्मी लेते लेते मेरे लंड को देखने लगी. तभी मैंने मम्मी की मैक्सी को पकड़ा और उसे दूध के ऊपर तक कर दिया। अब मम्मी सुबह सुबह मेरे बिस्तर पर नंगी लेती हुई थी। मैक्सी दूध के ऊपर होते ही मम्मी ने खुद अपनी मैक्सी पूरी निकाल के साइड में रख दी

[Image: 12303271.gif]
[Image: 17324971.gif]

फिर उन्हें खुद अपनी तांगे फेला ली. मम्मी की तांगे फेलते ही उनकी चूत एक मूर्ख की तरह खुल गई। और अब वो खुद मेरा साथ देने लगी। मम्मी की चूत देखते ही मैंने अपना मुँह उनकी चूत में लगा दिया। मैं सुबह सुबह उनकी चूत चाटने लगा।

[Image: 36638881.gif]
Like Reply
मम्मी मेरा सर अपनी चूत पर दबा रही थी। और वो सुबह सुबह अपनी चूत चटाई का मजा ले रही थी। कुछ देर चूत चाटने के बाद मैंने अपना लंड उनकी चूत में डाल दिया।



फिर मैं मम्मी की चुदाई करने लगा। मम्मी लेते लेते उम्म्म मम्म आअहह किये जा रही थी. मैं दना दन धक्के लगाये जा रहा था। मम्मी की चूत पानी बहा बहा के चुदाई को आसान बन रही थी।



और सुबह सुबह की चुदाई में कुछ ज्यादा ही मजा आ रहा था। मम्मी की कामुक सिसकियाँ बता रही थी कि उनको भी चुदाई में भरपुर मजा आ रहा था। 15 मिनट की चुदाई में मैंने मम्मी की पीठ से तसल्ली करा दी

[Image: 20515741.gif]
[Image: tumblr-m9li5fh-G8r1qiweszo1-250.gif]

[Image: 5082711.gif]

और अपना भी सारा पानी उनकी चूत में डाल दिया। हम दोनो पसाइन पसाइन हो गये थे। और लेते लेते हाफ रहे. मम्मी मुझे देख-देख कर मुस्कुरा रही थी। मैं उनको ऊपर लेता हुआ था. तभी मम्मी बोली.

[Image: 116188-smooching-rubdown.gif]

मम्मी- मेरा बेटा बिल्कुल पागल हो गया है। जब देखो तो अपना लंड खड़ा करके मेरे ऊपर चढ़ जाता है।



मैं- क्यू मम्मी आपको अच्छा नहीं लगेगा क्या? आप ही तो कह रही थीं कि सुबह-सुबह अगर अच्छी चुदाई हो जाए। तो पूरा दिन अच्छा जाता है।



मम्मी- हा बेटा ये तो है. सुबह-सुबह ज़्यादा अच्छा लगता है। मगर तू तो शाम को रात को और फिर सुबह भी शुरू हो जाता है। अगर ऐसा ही करता रहेगा. तो कहीं ऐसा ना हो कि तेरा मुझसे मन भर जाए।



मैं- मम्मी, आपसे मेरा मन कभी नहीं भरेगा. आपने मेरी मदद तब की थी. जब मुझे कोई समझ ही नहीं रहा था। मेरा बस चले तो मैं आपको हमेशा नंगा ही रखू। और हर वक्त सिर्फ आपको ही प्यार करता हूँ।
मेरी बात सुनके मम्मी ने मुस्कुराया। फिर वो बोली.



मम्मी- बेटा, 9 बजे हैं. अब उठ जा मुझे काम भी करना है.



मैं- मम्मी, ऐसे ही लेते रहते हैं ना हम दोनों कितना मजा आ रहे हैं। क्या आपको अच्छा नहीं लग रहा है?



मम्मी- लग रहा है मेरे बच्चे. मगर काम करना भी जरूरी है. हम दोनों ये तो सब बाद में भी कर सकते हैं।



मैं- मम्मी, वादा करो कि हर सुबह आप मुझे ऐसे ही नंगी होके जगाने आया करोगे।



मम्मी – बेटा, तू चाहता है कि रोज सुबह मैं नंगी होके तुझे जगाउ।



मैं- हा मम्मी इसमें दिक्कत क्या है? अभी भी तो हम दोनों नंगे हैं। और अब हर सुबह मैं आपको ऐसा ही प्यार करना चाहता हूं। ताकी हर रोज आपका दिन अच्छा आये। बताओ मम्मी क्या मेरी ये इच्छा पूरी करोगे?



मम्मी- ठीक है बेटा. जैसा तू चाहेगा वैसा ही होगा। अब तो उठ जा.



मम्मी की बात सुनके मैं उनके ऊपर से उठ गया। फ़िर वो अपनी मैक्सी से अपनी चूत साफ़ करने लगी। मैं खड़ा खड़ा मम्मी को देखने लगा। मम्मी ने चूत साफ़ करके वही मैक्सी पहन ली। फिर मैं फ्रेश हो गया. और कुछ देर बाद मम्मी भी फ्रेश होके आ गई।



फिर हम दोनो ने नास्ता किया। फ़िर मैं दुकान पर आके बैठ गया।

मैं मम्मी को जितनी बार चोद रहा था। उतनी बार मेरा लंड उनकी और ज़्यादा चुदाई करना चाहता था। यहाँ तक कि मेरा लंड बैठने का नाम ही नहीं ले रहा था। कुछ देर कस्टमर को देखने के बाद 11 बजे मम्मी भी आ गई।



और अब मम्मी का चेरा एक दम खिला दिख रहा था। और ये सब शायद एक अच्छी चुदाई की वजह से था। और अब मम्मी पहले से भी ज्यादा सुंदर और कामुक लगने लगी थी। दुकान के अंदर आते ही मम्मी की पहली नज़र मेरे लंड पर आ गई। और मेरे लंड को देख कर स्माइल करते हुए बोली.



मम्मी – हे भगवान, बेटा तेरे ये शैतान अभी भी खड़ा हुआ है। इतनी बार करने के बाद भी ये शांत नहीं हुआ।



मैं- मम्मी, अभी तो इसको इसकी खुराक मिलनी शुरू हुई है। ये 2-3 बार से शांत होने वाला नहीं है।



मम्मी- वही तो मैं देख रही हूं बेटा. अभी सुबह सुबह मेरे अंदर इतनी तबाही मचाने के बाद भी ये शांत नहीं हुआ है। और अभी ये कैसा हुआ खड़ा हुआ है।



मैं- वैसे मम्मी कल रात आप इसी के ऊपर बैठ कर। इसकी सवारी कर रही थी.



मेरी बात सुनके मम्मी हंसने लगी. मैं बैठा बैठा उनकी जंघे को साड़ी के ऊपर से सहलाने लगा। फ़िर मैं बोला.



मैं- मम्मी, कल जब आप मेरे लंड पर बैठ कर. आपनी कमर चला रही थी. तब आपको बहुत मजा आ रहा था ना.



मम्मी – हा बेटा मजा तो बहुत आ रहा था. जिंदगी में पहली बार मैं ऊपर बैठकर अपने हिसाब से लंड का मजा ले रही थी।



मैं- ऐसा क्यों मम्मी? क्या पापा ने कभी आपको अपने लंड पर बिठाया नहीं।



मम्मी – अरे काहा बेटा. तेरे पापा तो बस मेरे ऊपर चढ़ जाते हैं। और जयादा से ज्यादा मुझे झुके के पीछे से कर लेते हैं। और इतनी देर में उनका हो जाता है। मगर कल जब दोपहर में तूने मुझे आपने ऊपर बिठाया।



तब मुझे तेरा ये शैतान आपने अंदर तक महसुस हुआ। ऐसा एहसास मैंने पहले कभी नहीं किया था। इसलिए कल रात भी मैं खुद को रोक नहीं पाई।



मैं- मम्मी, अभी तो ये सिर्फ शुरूवात है. आप जितनी बार चाहो. उतनी बार मेरे लंड पर बैठ कर इसकी सवारी कर सकते हो। और सच कहूँ तो आपका अपने लंड की सवारी करता हुआ देखकर मुझे भी बहुत अच्छा लग रहा था।
Like Reply
जिस तरह से आप कामुक आवाज़ निकल रही थी। और अपना कमर मेरे लंड पर जल्दी जल्दी चल रही थी। वो देखकर मुझे बहुत अच्छा लग रहा था।



मेरी बात सुनके मम्मी का चेरा शर्म से लाल होने लगा। और उनकी ये अदा देखकर मुझे बहुत मजा आ रहा था। तभी मम्मी बोली.



मम्मी- बेटा, आज दुकान थोड़ी जल्दी बंद कर देना। वो हमें तेरे रवि अंकल (पापा के दोस्त) की बेटी के संगीत में चलना है। तेरे पापा तो अभी आये थे. और तयार होके वही चले गए है.



मैं – मम्मी, मैं वाहा क्या करुंगा. पापा चले तो गये हैं. उन्हें वही रहने दो. हम दोनों घर पर रुककर एक दूसरे को भरपुर प्यार करेंगे। और आप मेरे लंड की दर्द से सवारी करना.



मम्मी – बेटा, वो तो मैं वैसे भी कर ही लेती हूँ। और तू मुझे चोदने वाला है. मगर जाना जरूरी है. थोड़ी देर बाद आ जायेंगे.



मैं- चलो ठीक है मम्मी. मैं 7 बजे तक दुकान बंद करके आ जाऊंगा। और एक काम करना आज खाना दुकान पर ही ले आना। फिर मैं शाम को सीधे घर आ जाऊंगा।



मम्मी- चल ठीक है बेटा. आज मैं भी थोड़ा आराम कर लूंगी। वरना तू तो मुझे सोने भी नहीं देगा।



मम्मी की बात सुनके हम दोनों हंसने लगे। फिर दुकान पर ग्राहक आ गए। और हम दोनो बिजी हो गये। फिर ठीक 1 बजे मम्मी घर चली गई। और दुकनदारी थोड़ी कम हो गई थी। इसलिए मैं भी बैठा-बैठा फिल्म देखने लगा।



फिर ठीक 2 बजे मम्मी खाना लेके दुकान पर आ गई। मम्मी के अंदर आते ही मैंने शटर बंद करके लॉक कर दिया। जैसे ही मैं शटर बंद करके मुड़ा तो मम्मी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी। मम्मी भी समझ गई थी.



कि अब क्या होने वाला है. मम्मी ने खाने का डब्बा काउंटर पर रख दिया। फिर मैं मम्मी के पास जाके उनके होठों को चूसने लगा। मम्मी भी मुझसे चिपक के मेरे साथ देने लगी। कुछ देर हम दोनो एक दूसरे के होठों को चूसते रहे। फ़िर मम्मी बोली.



मम्मी- बेटा, पहले खाना तो खा ले.



मैं- खाना भी खा लूंगा मम्मी. पहले अपनी मम्मी को प्यार कर तो लू। पता नहीं आज शाम को मौका मिले या ना मिले।
Like Reply




Users browsing this thread: 2 Guest(s)