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Incest MAA KO PAANE KI CHAAHAT
#1
हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब आप सभी का प्यार मुझे बहोत मिला और आप के प्यार में ही हाज़िर हु अपनी नई स्टोरी ले कर उम्मीद है आप लोगो को पसंद आएगी ........महिलाये अपने पैंटी में हाथ डालते हुए अपनी चूत को सहलाते हुए और पुरुष अपना लण्ड हिलाते हुए ये स्टोरी पढियेगा तभी स्टोरी पढ़ने में मज़ा आएगा तो चलिए स्टोरी की तरफ चलता हु मेरे घर में मेरी माँ , पापा , और मैं रहता हु ......मेरी माँ की ऐज 40 है और पापा 42 के है और मैं 19 साल का हूँ ......और आपको बतादू की आज की तारीख में मैं और मेरी खूबसूरत माँ बिना चुदाई के रही नहीं सकते है ...तो चलिए ये सिलसिला कैसे शुरू हूँ बताता हूँ आपको मेरे पापा एक कंपनी में जॉब करते है और सुबह जल्दी निकल जाते है और रात को ही आते है और वो रात को जब भी आते है तो दारू पी के ही आते है और खाना खा के सो जाते है माँ पापा के दारु पीने से परेशान रहती है लेकिन कर भी क्या सकती है ......माँ जब भी पापा को दारू के बारे में बोलती है तो पापा डांट देते है तो माँ शांत हो जाती है .....माँ की क्वालिफिकेशन ज्यादा नहीं है लेकिन फिर भी मुझे बचपन में काफी दिनों तक पढाई है मेरी माँ का रंग गोरा है और वो किसी हेरोइन की तरह ही सुन्दर है माँ को देखते ही लोगो का लण्ड खड़ा हो जाता है माँ जब भी मार्किट निकलती है तो लोग उनकी सुंदरता को घूरते हुए अपना लण्ड सहलाते है .....वो ज्यादातर साड़ी ही पहनती है वक़्त के साथ साथ माँ का बदन भी गदरा गया है माँ के दूध का साइज 36  है और कमर 34  है और गांड 40 है इससे आप लोग अंदाजा लगा लिए होंगे की मेरी माँ का फिगर देख के किसी का भी लण्ड खड़ा हो जाये .......मै माँ का एक लौता लड़का हूँ शायद इसीलिए माँ मुझे बहोत प्यार करती है और मैं भी उनको सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ..........मैं भी सुबह कॉलेज निकल जाता हूँ और शाम को आता हूँ कुछ देर आराम करके कोचिंग निकल जाता हूँ ....बस मेरी बदकिस्मती यही है की मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है और ना ही कोई मिलने के आसार है क्यों की मैं लड़कियों से बात करने में शर्माता हु 

                  इसीलिए मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है .........लेकिन इसका ये मतलब नहीं की मैंने चुदाई नहीं की .......मैंने कई औरतो को चोदा है जो पैसे लेके ये काम करती है इसीलिए मुझे औरतो से ज्यादा दिलचस्पी है क्यों की उनकी बड़ी बड़ी चूचियां और बड़े बड़े गांड दबाने में बहोत मज़ा आता है .......फिर मैं औरतो को बीच बीच में जाके चोद के आता था तब जाके मेरे लण्ड को थोड़ा राहत मिलती थी ......फिर मैं चुदाई का वीडियो देखने लगा और इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ने लगा जिसमे मुझे माँ और बेटे की चुदाई की स्टोरी पढ़ने में मज़ा आने लगा .....स्टोरी पढ़ते हुए मेरा नजरिया माँ के प्रति बदलने लगा .......पहले मैं जब चुदाई का वीडियो देखता था तब माँ के लिए कभी गलत फीलिंग नहीं आई ......लेकिन जब से मैं इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ने लगा तब से मुझे मेरी माँ मुझे दुनिया की सबसे कामुक औरत नज़र आने लगी ......माँ मुझे काफी खुली हुई थी वो मेरे सामने कई बार अपने कपडे बदलती थी और मैं बचपन से उनके ऊपर से कई बार नंगा देखता आ रहा हु और कई बार तो उनके चूतर भी देखा हु ऊऊफफफफ ....लेकिन उसको लेके मेरे मन में कभी गन्दा ख्याल नहीं आया .......लेकिन जब से इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ने लगा हु तब से मैं माँ को जब भी ऐसे देखता हु मेरा लण्ड खड़ा हो जाता है .......जो लोग मिडिल क्लास से है उनको पता होगा की उनकी भी मां उनके सामने कपडे बदलती होंगी .....और उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होती ......हैं न मुझे कमेंट में जरूर बताइयेगा........लेकिन मैं जब भी उनकी गोरी गोरी चूचियां देखता हु मेरा लण्ड सलामी देने लगता है उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ्फ़ मेरी तो हालत ही ख़राब होने लगती है जब से मैं इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ना शुरू किया तब से मैं उनके नंगा देखने का मौका हाथ से नहीं जाने देता ........एक दिन तो माँ जब नहा रही थी तो मैं बाथरूम के दरार से माँ को देखता था उउउउउफफ्फफ्फ्फ़ उन्हें नंगा देख के मेरी लण्ड में आग लग जाती थी .....तब से माँ जब भी नहाती थी मैं तुरत उन्हें चुपके से देखने पहुंच जाता था और अपने लण्ड को सहलाने लगता था ....बाथरूम में जाते ही माँ अपने साड़ी निकालती थी फिर ब्लाउज़ को निकालती थी और फिर ब्रा को जब निकालती थी तो उनकी चूचिया आज़ाद हो जाती थी और फिर पेटीकोट को निकालने के बाद वो पैंटी में ही नहाती थी और कभी कभी तो वो पैंटी भी नहीं पहनती थी उनकी गांड और चूत भी कभी कभी देख जाती थी लेकिन साफ़ नहीं दिखती थी ......उनकी चूत के ऊपर की तरफ बाल भी थे 

                               और ये देखकर मेरा लण्ड इतना टाइट हो जाता था की एकदम पत्थर हो जाता था ......इतना तो किसी औरत को चोदने में नहीं होता था जितना सिर्फ अपनी खूबसूरत माँ को देख के हो जाता था ......फिर वो अपनी नई पेटीकोट पहन लेती थी .......माँ को रोज़ इसीतरह देखने लगा और मेरे लण्ड का बुरा हाल हो जाता था ......फिर जाके मै मुठ मरता था उसके काफी टाइम के बाद भी मेरा लण्ड खड़ा रहता था सिर्फ माँ के बारे में सोचते सोचते ..............फिर मैं माँ के निकाली हुई पैंटी को सूंघने लगा .....उसमे से माँ की चूत की खुसबू मुझे और भी पागल बना देती थी ....धीरे धीरे मैं माँ के लिए पागल होने लगा मैं माँ को चोदने के लिए मरा जा रहा था फिर मैं इन्सेस्ट कहानी पढ़के उसका तरीका अपना ने लगा और मैं माँ को किसी न किसी बहाने चुने लगा और जब वो किचन में काम करती थी तो उनके पीछे से जाके पकड़ लेता था और अपना लण्ड माँ के चूतर से चिपकने लगता था ऊऊफफफफफफ फिर वो मुझे अपने से दूर कर देती थी क्यों की शायद उन्हें मेरे लण्ड का एहसास होने लगता था ....फिर जब माँ सुबह मुझे जगाने आती थी तो मेरा खड़ा लण्ड देखने लगती फिर मुझे जगा के नीचे चली जाती थी .....माँ को मेरी चढ़ती जवानी दिखने लगी तो माँ ने मेरे लिए रिश्ता देखना शुरू कर दिया लेकिन कही बात नहीं बन रही थी ........कई महीनो तक मैं माँ के करीब आने की कोशिश करता रहा लेकिन बात आगे नहीं बढ़ रही थी ........
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