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Incest MAA KO PAANE KI CHAAHAT
#1
हेलो दोस्तों कैसे हो आप सब आप सभी का प्यार मुझे बहोत मिला और आप के प्यार में ही हाज़िर हु अपनी नई स्टोरी ले कर उम्मीद है आप लोगो को पसंद आएगी ........महिलाये अपने पैंटी में हाथ डालते हुए अपनी चूत को सहलाते हुए और पुरुष अपना लण्ड हिलाते हुए ये स्टोरी पढियेगा तभी स्टोरी पढ़ने में मज़ा आएगा तो चलिए स्टोरी की तरफ चलता हु मेरे घर में मेरी माँ , पापा , और मैं रहता हु ......मेरी माँ की ऐज 40 है और पापा 42 के है और मैं 19 साल का हूँ ......और आपको बतादू की आज की तारीख में मैं और मेरी खूबसूरत माँ बिना चुदाई के रही नहीं सकते है ...तो चलिए ये सिलसिला कैसे शुरू हूँ बताता हूँ आपको मेरे पापा एक कंपनी में जॉब करते है और सुबह जल्दी निकल जाते है और रात को ही आते है और वो रात को जब भी आते है तो दारू पी के ही आते है और खाना खा के सो जाते है माँ पापा के दारु पीने से परेशान रहती है लेकिन कर भी क्या सकती है ......माँ जब भी पापा को दारू के बारे में बोलती है तो पापा डांट देते है तो माँ शांत हो जाती है .....माँ की क्वालिफिकेशन ज्यादा नहीं है लेकिन फिर भी मुझे बचपन में काफी दिनों तक पढाई है मेरी माँ का रंग गोरा है और वो किसी हेरोइन की तरह ही सुन्दर है[Image: ajq1o6.gif] माँ को देखते ही लोगो का लण्ड खड़ा हो जाता है माँ जब भी मार्किट निकलती है तो लोग उनकी सुंदरता को घूरते हुए अपना लण्ड सहलाते है [Image: 40800921.gif?validfrom=1762923600&validt...F7Eiltc%3D].....वो ज्यादातर साड़ी ही पहनती है वक़्त के साथ साथ माँ का बदन भी गदरा गया है माँ के दूध का साइज 36  है और कमर 34  है और गांड 40 है इससे आप लोग अंदाजा लगा लिए होंगे की मेरी माँ का फिगर देख के किसी का भी लण्ड खड़ा हो जाये .......मै माँ का एक लौता लड़का हूँ शायद इसीलिए माँ मुझे बहोत प्यार करती है और मैं भी उनको सबसे ज्यादा प्यार करता हूँ..........मैं भी सुबह कॉलेज निकल जाता हूँ और शाम को आता हूँ कुछ देर आराम करके कोचिंग निकल जाता हूँ ....बस मेरी बदकिस्मती यही है की मेरी कोई गर्ल फ्रेंड नहीं है और ना ही कोई मिलने के आसार है क्यों की मैं लड़कियों से बात करने में शर्माता हु 

                  इसीलिए मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं है .........लेकिन इसका ये मतलब नहीं की मैंने चुदाई नहीं की .......मैंने कई औरतो को चोदा है जो पैसे लेके ये काम करती है इसीलिए मुझे औरतो से ज्यादा दिलचस्पी है क्यों की उनकी बड़ी बड़ी चूचियां और बड़े बड़े गांड दबाने में बहोत मज़ा आता है[Image: ajq1zn.gif] .......फिर मैं औरतो को बीच बीच में जाके चोद के आता था तब जाके मेरे लण्ड को थोड़ा राहत मिलती थी ......फिर मैं चुदाई का वीडियो देखने लगा और इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ने लगा जिसमे मुझे माँ और बेटे की चुदाई की स्टोरी पढ़ने में मज़ा आने लगा .....स्टोरी पढ़ते हुए मेरा नजरिया माँ के प्रति बदलने लगा .......पहले मैं जब चुदाई का वीडियो देखता था तब माँ के लिए कभी गलत फीलिंग नहीं आई ......लेकिन जब से मैं इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ने लगा तब से मुझे मेरी माँ मुझे दुनिया की सबसे कामुक औरत नज़र आने लगी ......माँ मुझे काफी खुली हुई थी वो मेरे सामने कई बार अपने कपडे बदलती थी और मैं बचपन से उनके ऊपर से कई बार नंगा देखता आ रहा हु और कई बार तो उनके चूतर भी देखा हु ऊऊफफफफ [Image: 24484707.gif?width=460]....लेकिन उसको लेके मेरे मन में कभी गन्दा ख्याल नहीं आया .......लेकिन जब से इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ने लगा हु तब से मैं माँ को जब भी ऐसे देखता हु मेरा लण्ड खड़ा हो जाता है .......जो लोग मिडिल क्लास से है उनको पता होगा की उनकी भी मां उनके सामने कपडे बदलती होंगी .....और उन्हें इससे कोई परेशानी नहीं होती ......हैं न मुझे कमेंट में जरूर बताइयेगा........[Image: 17530180.gif?width=460]लेकिन मैं जब भी उनकी गोरी गोरी चूचियां देखता हु मेरा लण्ड सलामी देने लगता है उफ्फ्फ्फफ्फ्फ्फ्फ़ मेरी तो हालत ही ख़राब होने लगती है [Image: qb_001.gif]जब से मैं इन्सेस्ट स्टोरी पढ़ना शुरू किया तब से मैं उनके नंगा देखने का मौका हाथ से नहीं जाने देता ........एक दिन तो माँ जब नहा रही थी तो मैं बाथरूम के दरार से माँ को देखता था उउउउउफफ्फफ्फ्फ़ उन्हें नंगा देख के मेरी लण्ड में आग लग जाती थी .....तब से माँ जब भी नहाती थी मैं तुरत उन्हें चुपके से देखने पहुंच जाता था और अपने लण्ड को सहलाने लगता था[Image: (m=ldpwiqacxtE_Ai)(mh=oDp1m9J3E8iwHsaV)1...PdnCfZY%3D][Image: q7u490e0hiy81.gif] ....बाथरूम में जाते ही माँ अपने साड़ी निकालती थी फिर ब्लाउज़ को निकालती थी और फिर ब्रा को जब निकालती थी तो उनकी चूचिया आज़ाद हो जाती थी और फिर पेटीकोट को निकालने के बाद वो पैंटी में ही नहाती थी और कभी कभी तो वो पैंटी भी नहीं पहनती थी उनकी गांड और चूत भी कभी कभी देख जाती थी लेकिन साफ़ नहीं दिखती थी ......उनकी चूत के ऊपर की तरफ बाल भी थे 

                               और ये देखकर मेरा लण्ड इतना टाइट हो जाता था की एकदम पत्थर हो जाता था ......इतना तो किसी औरत को चोदने में नहीं होता था जितना सिर्फ अपनी खूबसूरत माँ को देख के हो जाता था ......फिर वो अपनी नई पेटीकोट पहन लेती थी .......माँ को रोज़ इसीतरह देखने लगा और मेरे लण्ड का बुरा हाल हो जाता था ......फिर जाके मै मुठ मरता था[Image: (m=ldpwiqacxtE_Ai)(mh=ZBS7_lrrOD-7og9Q)4...MYjz5CM%3D] उसके काफी टाइम के बाद भी मेरा लण्ड खड़ा रहता था सिर्फ माँ के बारे में सोचते सोचते ..............फिर मैं माँ के निकाली हुई पैंटी को सूंघने लगा .....उसमे से माँ की चूत की खुसबू मुझे और भी पागल बना देती थी .[Image: eroticax-la-lover_001.gif]...धीरे धीरे मैं माँ के लिए पागल होने लगा मैं माँ को चोदने के लिए मरा जा रहा था फिर मैं इन्सेस्ट कहानी पढ़के उसका तरीका अपना ने लगा और मैं माँ को किसी न किसी बहाने चुने लगा और जब वो किचन में काम करती थी तो उनके पीछे से जाके पकड़ लेता था और अपना लण्ड माँ के चूतर से चिपकने लगता था
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#2
[Image: ajq3sf.gif]ऊऊफफफफफफ फिर वो मुझे अपने से दूर कर देती थी क्यों की शायद उन्हें मेरे लण्ड का एहसास होने लगता था ....फिर जब माँ सुबह मुझे जगाने आती थी तो मेरा खड़ा लण्ड देखने लगती फिर मुझे जगा के नीचे चली जाती थी .[Image: momsurprised001.gif]....माँ को मेरी चढ़ती जवानी दिखने लगी तो माँ ने मेरे लिए रिश्ता देखना शुरू कर दिया लेकिन कही बात नहीं बन रही थी ........कई महीनो तक मैं माँ के करीब आने की कोशिश करता रहा लेकिन बात आगे नहीं बढ़ रही थी ........
मेरी खूबसरत माँ का गदराया बदन मेरी दिल दिमाग में बैठ गया था मैंने सोच लिया था की मैं माँ को चोद के ही रहूँगा लेकिन कुछ समझ नहीं आ रहा था की उनको कैसे मनाऊ फिर मेरे दिमाग में कुछ आईडिया घूमने लगा और फिर अगली सुबह जब माँ मुझे जगाने आई तो मेरा लण्ड एकदम खड़ा था [Image: (m=ldpwiqacxtE_Ai)(mh=uV4JJpGiyl9xgor8)3...VVuoFVY%3D]जिसपे माँ की नज़र पड़ी लेकिन वो कुछ बोली नहीं बस देख रही थी फिर वो मुझे जगा के नीचे चली गई फिर मैं रोज़ अपना खड़ा लण्ड माँ को दिखाने लगा जिसे माँ थोड़ी देर देखती थी फिर मुझे जगा के नीचे चली जाती थी ......कई दिनों तक ऐसा चलता रहा लेकिन मुझे पता नहीं चल पा रहा था की इसका असर माँ पे हो रहा है की नहीं ........फिर मैं नीचे आजाता और माँ भी नाहा धो कर किचन में नास्ता बना रही थी और पापा भी काम पे चले गए थे ....फिर मैं भी फ्रेश होक नसता किया और धीरे से बाथरूम में जाके माँ की पैंटी अपने कमरे में छुपा आया और नीचे आगया माँ अपने कपडे हमेशा दोपहर में ही धोती है .......इसीलिए मैं जानता था की पैंटी वही पड़ी होगी ह्म्म्मम्म ......फिर माँ ने मुझे मार्किट जाने को कहा .......

माँ- अरे बेटा जरा मार्किट जाना तो मेरे लिए मैक्सी लेते आना ....
मैं - अच्छा ठीक है माँ मैक्सी कई तरह की आती है कौन सी लानी है आज कल ट्रांसपेरेंट मैक्सी भी आती है 
माँ - मेरी पीठ पे हाथ मारते हुए बोली .....बहोत बाते आने लगी है तुझे ह्म्मम्म्म्म नार्मल मैक्सी कॉटन की लानी है समझा ह्म्म्मम्म [Image: ajqbqr.gif]
मैं - हां हां माँ समझ गया लेते आऊंगा हम्म्म्म 

फिर मैं मार्किट चला गया और दो घंटे बाद जब घर आया तो माँ ने दरवाज़ा खोला तो मुझे ही देख रही रही थी ....शायद वो अपनी पैंटी ढूंढ रही थी जो उन्हें मिल नहीं रही थी लेकिन माँ मुझसे सामने से कुछ पूछ नहीं रही थी ....फिर हमने खाना खाया और मैं माँ के बेड पे बैठ के टीवी देखने लगा फिर माँ भी मेरे बगल में आके बैठ गई[Image: ajqbvx.gif] .......मेरी नज़र माँ के सेक्सी चूचियों पे थे जिसे देख के मन तो कर रहा था की दबा दू लेकिन हिम्मत नहीं हो रही थी ......फिर मैं माँ से बोला........

मैं - माँ मैं अपने रूम में लेटने जा रहा हु मुझे एक घंटे बाद जगा देना 
माँ- तू ऊपर क्यों जा रहा है यही लेट जा न ......वैसे भी तू यही आराम करता है .....
मैं- नहीं माँ मैं ऊपर जा रहा हु बस आप कुछ देर में मुझे जगा देना हम्म्म्म 

ये बोल के मै ऊपर आगया ......वैसे दोपहर में मैं माँ के पास ही सोता हु .......और कभी कभी तो माँ की पैंटी भी देखने को मिल जाती है लेकिन मेरे दिमाग में कुछ और ही चल रहा था .......मेरा लण्ड आज कुछ ज्यादा ही हार्ड हो गया था ......मैं अपने बेड पे लेट गया और माँ के आने का इंतज़ार करने लगा .......फिर एक घंटे बाद माँ ने मुझे नीचे से आवाज़ लगाई ....

माँ- उठ जा बेटा चार बजने वाला है .....

माँ की आवाज़ सुनते ही मैं अपना अंडरवियर नीचे करदिया और एक हाथ से अपना लण्ड सहलाने लगा और एक हाथसे माँ की पैंटी को नाक पे लगा के सूंघने लगा .....फिर मुझे माँ के ऊपर आने की आवाज़ सुनाई दी और फिर मैं अपना लण्ड हिलाने लगा और माँ ने दरवाज़ा खोलते हुए बोली ....[Image: (m=ldpwiqacxtE_Ai)(mh=B-9ppB9yI8KRjFr0)3...EKsPG3E%3D]

माँ- उठ जा बेटा मैं कब से आवाज़ लगा रही हु ...

फिर माँ की नज़र मुझे पर पड़ी और फिर वो खड़े लण्ड को देखने लगी और और एकदम शांत हो गई ....मैं भी चौंकने का ड्रामा करने लगा मेरी नाक पे पैंटी पड़ी हुई थी जिसे मैं धीरे से नीचे गिरा दिया और उनके सामने अपना अंडरवियर ऊपर करने लगा ....मैंने देखा की माँ की नज़र मेरे खड़े लण्ड पे थी फिर जैसे ही मैंने अपना अंडरवियर ऊपर किया ....फिर माँ ने नीचे पड़ी अपनी पैंटी उठाई और मुझे गुस्से से देखने लगी मैं उनसे नज़ारे चुराने लगा फिर वो मेरे पास आई और मुझे जोर से थप्पड़ मारा .......माँ का थप्पड़ खाके अपना एक हाथ अपने गाल पे रख के माँ को देखने लगा .....माँ गुस्से भरी आखो से देखते हुए बोली ......

माँ- ये क्या कर रहे हो तुम हां .......यही सब सीख रहे हो तुम ह्म्मम्म्म्म 

इससे पहले माँ मुझे और कुछ बोलती ....फिर मैं भी गुस्से होते हुए बोला .....

मैं - और मारो मुझे माँ एक थप्पड़ से कुछ नहीं होगा मार मार के खाल निकाल दो मेरा ह्म्मम्म्म्म 

मम्मी मेरी बात सुन के मुझे देखने लगी क्युकी गुस्सा तो उन्हें होना चाहिए था लेकिन गुस्सा मैं हो रहा हु 

मैं- एक थप्पड़ से कुछ नहीं होगा एक काम करो मुझे जान से मार दो वैसे भी मेरे जैसा इंसान का कुछ नहीं होना है ...

माँ- ये क्या बोल रहे हो तुम ......क्या हो गया है तुम्हे ....एक तो गलती करते हो ऊपर से गुस्सा दिखा रहे हो ह्म्म्मम्म्म्म 

मैं- हां माँ सारी गलती मेरी है जो इस दुनिया में पैदा हो गया हु पता नहीं क्यों मैं इस दुनिया में आया इससे अच्छा तो मैं पैदा ही न हुआ होता ......

मेरे इसी बात पे माँ ने मुझे एक और थप्पड़ मारा ..और मैं माँ को देखने लगा .और वो मुझे देखने लगी .....फिर मैं अपने कपडे पहनने लगा और नीचे जाने लगा 

माँ- रुक कहा जा रहा है मुझे तुझसे कुछ बात करनी है 

मैं- लेकिन मुझे आपसे कोई बात नहीं करनी है .....और मारना है तो लो मार लो ....

फिर माँ मुझे रोकने लगी लेकिन मैं नहीं रुका .....और दरवाजा जोर से बंद करके मैं बाहर चला गया ........मुझे यकीन नहीं हो रहा था की मैंने ये सब किया था ......लेकिन सोच के अच्छा लग रहा था .....लेकिन मुझे डर था की कही पापा को ये सब बात न बतादे .....फिर मैं रात के 9  बजे तक बाहर रहा और फिर घर पे दरवाज़ा खटखटाया माँ ने दरवाज़ा खोला और वो मुझे देख रही थी मैं भी उन्हें देख रहा था फिर मैं अंदर आके अपने रूम में कपडे निकाल के सिर्फ अंडरवियर में ही लेट गया ....पापा पहले ही खाना खा के सो गए थे इसका मतलब माँ ने पापा को कुछ नहीं बताया ह्म्मम्म्म्म वर्ण घर आते ही मेरी पिटाई शुरू हो जाती .........वैसे भी पापा और माँ की ज्यादा बनती नहीं ....वो अक्सर दारु पीके आते है और खा पी के सो जाते है और माँ मेरे आने के बाद ही मेरे साथ  खाना खाती है ....मगर आज की हरकत से माँ ने मुझसे कोई बात नहीं की ........लेकिन मुझे यकीन था की माँ मेरे पास आएगी .....और मैं बेड पे लेटे हुए मोबाइल चलाने लगा ...

और बड़े बड़े दूध और गांड वाली आंटी की रील्स देख रहा था करीब आधे घंटे बाद माँ के आने आवाज़ सुनाई दी मैं समझ गया की माँ ही मेरे पास आ रही है मेरा लण्ड अंडरवियर के अंदर तम्बू बना हुआ था जिसे मैं अपने हाथो से मसल रहा था तभी माँ ने मेरे कमरे का दरवाज़ा खोला और उनकी नज़र मेरे खड़े लण्ड पे ही थी जो अंडर वियर में उठा हुआ था ....मेरी नज़र माँ पे थी वो मैक्सी पहन के आई थी रात को माँ मैक्सी ही पहन लेती है अक्सर ......जिसमे माँ की चूचियां लटक रही थी माँ रात को ब्रा निकाल देती है .....माँ के हाथ में थाली थी .......फिर मैं बेड से उठ के खड़ा होगया जिससे मेरा लण्ड अंडर वियर में आगे से  उठ गया फिर माँ मुझे देखते हुए बोली ......


माँ- मै यहाँ खाना रख रही हु खा लेना .......

मैं - मुझे खाना नहीं खाना आप लेजाओ यहाँ से 

माँ- क्या हुआ ........तू खाना क्यों नहीं खा रहा है ....

मैं - मुझे भूख नहीं है आप लेजाओ यहाँ से ........

ये बात बोल के मैं कमरे से बाहर निकल गया और नीचे आंगन की तरफ देखने लगा ......तभी माँ मेरे पास आई और बोली ...

माँ- क्या हो गया है बेटा तुम्हे ......आज से पहले तुमने ऐसा कभी नहीं किया 
[Image: ajqcad.gif]
माँ की बात सुन के मैं समझ रहा था की वो दोपहर की बात से परेशान है तभी मैं बोला ...

मैं- माँ मुझे शाम वाली बात के लिए माफ़ करदेना .......लेकीन आप नहीं समझोगे की मेरे अंदर क्या चल रहा है .....

माँ मेरी बात सुनकर मेरे सर पे हाथ रखते हुए बोली .....

माँ- बेटा क्या हु .....तू जो ये कर रहा है .......और मुझसे जिस तरह बात कर रहा है .....क्या किसी ने तुझसे कहा है क्या ......

मैं - कौन क्या कहेगा मुझे माँ.....वैसे भी मैं अपने आप से परेशान हो गया हु .....वैसे भी मै आपकी पैंटी लेके वो सब कर रहा था और आपने मुझे देख लिया और उसके बाद भी मैं क्या कहु इससे अच्छा तो मैं मर ही जाता ........

माँ- अरे बेटा मरने की बात तुम क्यों करते हो ......मैं समझती हु की तुझपे हाथ नहीं उठाना चाहिए था ....लेकिन मैं क्या करू मैं तुमको वो सब करते देख ली तो मुझे गुस्सा आगया अगर उस बात के लिए मुझसे ऐसा बोल रहा हो  तो मुझे माफ़ कर दो बेटा ........

मैं - नहीं माँ आप माफ़ी क्यों मांग रही हो .......आप नहीं समझोगे मेरे अंदर की हालत क्या है .......अगर आपका ख्याल न होता तो मैं अपने आप को कुछ कर लेता .......

माँ मेरी बात सुन के मेरा हाथ पकड़ के कमरे में ले आई और हम दोनों बेड पे बैठ है और माँ बोली........

माँ- बेटा ऐसी कौन सी बात है जो तुझे परेशान कर रही है ....जो मैं तेरी माँ होके भी नहीं समझ पा रही हु .....

मैं - माँ .....मै  आप से ऐसी बाते नहीं कर पाऊंगा ......इससे अच्छा है की ये बात यही ख़तम करिये ...मैं ऐसे ही ठीक हु .....

माँ- नहीं बेटा तू ठीक नहीं है ........मैं आज से पहले तुझे कभी ऐसा नहीं देखा ......आज जिस तरह से तुमने मुझे जवाब दिया ......उससे पता चलता है की कुछ तो बात है जो तुम्हे परेशान कर रही है .....तुझे मेरी कसम बताओ मुझे ......वरना .......

मैं - अरे माँ आपने कसम क्यों दी ......

माँ की बात सुन के मैं अपना चेहरा नीचे किया और फिर माँ ने अपने हाथ से मेरा चेहरा ऊपर किया और बोली ......

माँ- बता न मेरे बच्चे क्या बात है जो तुझे परेशान कर रही है ह्म्म्मम्म्म्म और जिसकी वजह से तू ये सब कर रहा है ह्म्म्मम्म 

मैं- ठीक है माँ मै आपको बता रहा हु लेकिन आप ये बात पापा से मत कहना .....

माँ- अरे बेटा तुम्हारे पापा तो दारु पीने से ज्यादा मतलब है और उनको अपने काम से कहा फुर्सत है और वैसे भी हम दोनों की बात ही कितनी होती है .....तुम बताओ बेटा मैं किसी से कुछ नहीं कहूँगी ह्म्म्मम्म्म्म 
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#3
मैं - माँ आप तो जानती है मैं 25  साल का हो गया हु और अपनी जिम्मेदारी अच्छे से उठता हु ....

माँ- हां बेटा मैं जानती हु तू कम उम्र से ही अपनी जिम्मेदारी उठा रहा है और मेरा और अपने पापा का अच्छे से ख्याल रखता है
[Image: ajxgfr.gif]
मैं - माँ मेरी उम्र के सारे दोस्त की कोई न कोई लड़की दोस्त है और घूमते फिरते है एक दूसरे के साथ और वो सब करते है जो इस उम्र में एक दूसरे के साथ किया जाता है उनको देखकर मुझे भी लगता है की मेरी भी कोई लड़की दोस्त होती और मैं भी उसके साथ एन्जॉय करता लेकिन बदकिस्मती से मेरी कोई भी लड़की दोस्त नहीं है हममममम मैंने कई बार कोशिश की लेकिन कोई भी लड़की दोस्त नहीं बना पाया मैं भी इंसान हु मेरा भी वो सब करने का मन करता है लेकिन सच ये है की मुझे समझने वाला कोई नहीं है ........बल्कि मेरे दोस्त मेरा मज़ाक उड़ाते है ये सब सोच के मुझे अजीब फील होता है .......इसीलिए मुझे आपका ख्याल आता है आपके पास रहना अच्छा लगता है .......मेरा दोस्त लड़कियों से बाते करते है तो मेरे अंदर आप को लेके वो सब ख्याल आता है .....मगर मैं बदकिस्मत हु की मेरी कोई भी लड़की दोस्त नहीं है ......और जब मुझे ऐसा ख्याल आता है तो मेरे लण्ड में तनाव हो जाता है और उसमे दर्द होने लगता है ......
[Image: ajxgt4.gif]
मेरे मुँह से लण्ड की बात सुन के माँ मुझे देखने लगी .....मगर मैं भी बेशरम होने लगा था क्यों की अगर शर्माता तो ये मौका चला जाता जिसे मैं हाथ से जाने नहीं देना चाहता था ......

मैं- लेकिन माँ जब ये खड़ा हो जाता है तो मुझे इसको शांत करना होता है और पानी जब निकाल जाता है तो थोड़ा राहत मिलती है

माँ मेरी बात बड़े ध्यान से सुन रही थी और मेरा लण्ड पैंट में फुल टाइट हो चूका था जिसपे माँ की नज़र बार बार जा रही थी ...मेरा खड़ा लण्ड अंदर से झटके माँ रहा था और अंडरवियर के अंदर हिल रहा था
[Image: qb-001.gif]
मैं - पिछले कुछ टाइम से ये हो रहा है .....सुबह से लेके शाम तक ये हमेशा खड़ा रहता है लेकिन मुझसे बर्दाश नहीं होता है तो फिर मुझे इसको शांत करना पड़ता है .......और ऐसे ही एक दिन मेरा लण्ड सुबह से खड़ा था तो मैं बाथरूम में जाके इसे शांत करने लगा इसे मसल रहा था जोर से हिला रहा था लेकिन ये शांत ही नहीं हो रहा था और पानी भी नहीं निकल रहा था .......फिर मेरी नज़र आपके पैंटी पे गई जिसे आपने धुला नहीं था .......ना चाहते हुए भी मेरा धयान आपकी पैंटी के ऊपर जा रहा था..और मेरा पानी भी नहीं निकल रहा था ..फिर मैंने उसे उठा लिया और आपके चूत वाले हिस्से को अपने नाक में लगा लिया ........।

जैसे ही माँ ने चूत वाली बात सुनी उनकी आखें बड़ी हो गई और मुझे देखने लगी लेकिन इस बार उन्होंने मुझसे कुछ नहीं कहा वो बस मेरी बातों को धयान से सुन रही थी

मैं - आपकी पैंटी नाक पे लगाते ही मेरे अंदर एक जोर सी महक गई जिसे सूंघ के मैं उस दिन मदहोश होने लगा और आपकी पैंटी सूंघते हुए अपने लण्ड को मसलने लगा और कुछ देर बाद मेरा पानी निकल गया और आपके पैंटी की वजह से मेरा पानी जल्दी निकल गया था वरना हर बार मुझे काफी वक़्त लगता था ......आपके चूत की सुगंध से मेरा पानी जल्दी निकला था ........फिर उस दिन के बाद से जब भी मेरे लण्ड में दर्द होता था तो आपके पैंटी को सूंघ के अपना पानी जल्दी निकाल देता था और आज दोपहर भी वही कर रहा था जब आपने मुझे देखा था

अपनी बाते पूरी करके मैं नीचे देखने लगा फिर माँ ने मेरे चेहरे को ऊपर उठा के बोली .....

माँ- बेटा मैं जानती हु की तू बड़ा हो गया है मगर तुम जो मेरी पैंटी के साथ कर रहे हो वो सही नहीं है बेटा .......

मैं - माँ मैं जानता हु की ये सही नहीं है लेकिन आप नहीं समझोगी जब मेरे साथ ऐसा होता है तो मैं पागल हो जाता हु मेरे समझ में नहीं आता की मैं क्या करू फिर मुझे आपके चूत की खुसबू याद आजाती है ह्म्मम्म्म्म 

मेरे मुँह से चूत और लण्ड की बात सुनकर माँ को हैरानी हो रही थी लेकिन कुछ बोल नहीं रही थी .......

माँ- बेटा इस उम्र में ऐसा होता है ......और तेरी उम्र में ये सब होना आम बात है 

मैं- माँ .....आम बात तो उन लड़को के लिए है जिनके पास लड़कियां है जिससे वो दोनों अपना काम चला लेते है मैं मेरे पास तो कोई लड़की नहीं है मुझे तो ये भी नहीं पता की लड़कियों के अंदर क्या होता है और वो अंदर से कैसे दिखती है ........

मम्मी मेरी बात सुन के मुझे देखने लगी क्यों की सीधा ही मैं नंगी लड़की देखने के बारे में बोल दिया फिर माँ बोली ....

माँ- ऐसा मत बोल बेटा ......तू बिलकुल बदकिस्मत नहीं है ......तुम मेरे अच्छे बेटे हो ......मैं जल्दी ही कोई लड़की देख के तुम्हारी शादी करा दूंगी .......फिर तुमको कोई परेशानी नहीं होगी.....
[Image: ajxy33.gif]
मैं- मम्मी आप समझ नहीं रही हैं .....मेरे इसमें बहुत दर्द होता है जब भी ये खड़ा होता है ......

मम्मी मेरी बात सुन के मुझे देखने लगी और और बेड से मैं खड़ा हो गया और उनके सामने आगया और उस वक़्त मेरा लण्ड फुल टाइट था जो अंडरवियर में साफ़ दिख रहा ......तभी मैंने अपना अंडरवियर तुरंत नीचे कर दिया और मेरा खड़ा लण्ड तन तनाता हुआ बाहर आगया जो सीधा माँ की तरफ खड़ा था और और उसका मोटा सुपाड़ा भी पूरा खुला हुआ था ......
[Image: 26276982.gif?width=460]
लण्ड बाहर निकलते ही मम्मी बेड से खड़ी हो गई और मुझे देखने लगी और मैं आराम से अपना लण्ड बाहर निकाले हुए मम्मी को देखने लगा मैं अपने लण्ड को झटके दे रहा था और ऊपर नीचे हो के हिल रहा था तभी मम्मी बोली .......

मम्मी- बेटा ये तुम ये क्या कर रहे हो कोई अपने माँ के सामने ऐसा करता है क्या ......तुम अपने कपडे पहन लो बेटा........
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#4
मम्मी मुझसे कह तो रही थी लेकिन उनकी नज़र मेरे लण्ड से हट नहीं रही थी .....उनकी नज़र बार बार मेरे लण्ड के खुले हुए गुलाबी सुपाडे की तरफ जा रही थी जिसमे सफ़ेद सफ़ेद परत जमी हुई थी क्यों की कल ही मैंने मुठ मारी थी और साफ़ नहीं किया था .....फिर मैं बोला....

मैं- अब मैं क्या करू आप ही बताओ ......आप खुद ही छू के देख लीजिये ....मेरा ये कितना टाइट हो गया है ....दोपहर से ही इसने मुझे परेशान करके रक्खा है .....

अपनी बात पूरी करके मैंने मम्मी का हाथ पकड़ के अपने लण्ड पे रख दिए और जैसे ही मैंने ऐसा किया एक सेकंड के लिए उन्होंने मेरा लण्ड पकड़ा उसके बाद उन्होंने अपना हाथ मेरे लण्ड से हटा लिया और बोली.....

माँ- अरे पागलराम ये तुम क्या कर रहे हो .......कोई अपने माँ के साथ ऐसा करता है क्या ....तुमको मेरे सामने नंगा खड़े होने में शर्म नहीं आ रही है क्या ह्म्मम्म्म्म चलो जल्दी से अपना कपडा पहन लो ....

मैं - मम्मी इसीलिए मैं आप से ये बात नहीं बता रहा था .......मैं जानता था की आप नहीं समझेंगी ...अब जब मैं आपको अपनी परेशानी बता रहा हु तो आप ऐसा कह रही हैं ह्म्म्मम्म्म्म

माँ - बेटा मैं समझ गई की क्यों तुम परेशान थे लेकिन तुम मेरे सामने इस तरह नंगे खड़े हो मुझे अजीब लग रहा है .......

मैं - क्यों माँ क्यों अजीब लग रहा है आपने तो मुझे बचपन से नंगा देखा है तो फिर ........

माँ- हां बेटा बचपन से देखी हु लेकिन तब तुम बच्चे थे लेकिन अब तुम बड़े हो गए हो इसीलिए मुझे अजीब लग रहा है ह्म्म्मम्म समझा कर बेटा ....

मैं- माँ आपसे एक बात पुछु ...

माँ- हां बोल बेटा ....

मैं- जब आप सुबह नहा के नंगी मेरे सामने आती हैं और मेरे सामने कपडे बदलती है तब आपको अजीब नहीं लगता ........और मैं आपके सामने नंगा खड़ा हु तो आप को अजीब लग रहा है ह्म्म्मम्म

मेरी बात सुन के माँ एक दम शांत हो गई और मुझे देखने लगी कुछ देर एकदम शांत रही ....तभी मैं बोला ....

मैं -बताइये न मम्मी आपने मेरी बात का जवाब नहीं दिया ह्म्म्मम्म

माँ- तुम मेरे बेटे हो इसीलिए अजीब नहीं लगता है और सिर्फ ऊपर के कपडे तेरे सामने बदलती हु तेरे सामने तेरी तरह पूरी नंगी थोड़ी होती हु ......

मैं - सच कहु तो मैंने कई बार आप को नंगा देखा है ........लेकिन मुझे कभी अजीब नहीं लगा क्युकी आप मेरी प्यारी माँ हो ....मैं आपसे बहोत प्यार करता हु मम्मी ......इसीलिए शायद आपसे ऐसे खुल के बाते कर पा रहा हु ह्म्म्मम्म्म्म ..

माँ- बेटा मैं भी तुझसे बहोत प्यार करती हु ......तेरे अलावा मेरा है ही कौन ........तेरे पापा को अपने काम से ही मतलब है या दारु से बस .....उनको देस दुनिया से कोई मतलब नहीं है .......मगर आज जिस तरफ तुमने जवाब दिया था उससे तो मैं डर ही गई थी ......वादा कर आज से तुझे जो भी परेशानी होगी मुझसे जरूर बताएगा ह्म्म्मम्म्म्म

मैं - ठीक है मम्मी मैं वादा करता हु आज के बाद मैं आपसे कोई बात नहीं छुपाऊंगा ......

अपनी बात पूरा करके मैं मम्मी से लिपट गया और उन्हें जोर से गले लगा लिया ......गले लगते ही मम्मी के बड़े बड़े दूध मेरे सीने से दब गए थे जो मुझे अंदर तक महसूस हो रहे थे और और मेरा लण्ड मैक्सी के ऊपर से ही माँ के चूत के आस पास लग रहा था उस पल मम्मी ने बिलकुल परवाह नहीं की ....के मैं उनके सामने नंगा खड़ा हु या मेरा लण्ड उनके चूत के आस पास लग रहा है उस वक़्त माँ भावुक हो गयी थी और गले लग के मेरी पीठ सेहला रही थी .....फिर माँ बोली.....
[Image: ajxzev.gif]
माँ- सब ठीक हो जायेगा बेटा ....लेकिन अब तुम मेरे सामने मरने मारने की बात मत करना वरना तुम्हे और मार पड़ेगी .......

मैं - ठीक है मेरी प्यारी माँ अब नहीं कहूंगा ......लेकिन अब आप मुझे मरोगी तो नहीं न हम्म्म्म

माँ- बेटा अब नहीं मरूंगी .......मेरा हाथ गुस्से से उठ गया था अगर मुझे पता होता की तेरे दिमाग में ये सब चल रहा है तो मैं ऐसा नहीं करती ....

मैं - माँ आप मुझसे नाराज़ तो नहीं हो न ......।

माँ- अरे नहीं बेटा मैं तुमसे कैसे नाराज़ हो सकती हु ह्म्मम्म्म्म

मैं- माँ मैं आप से बहुत प्यार करता हु .....एक आप ही हो जो मुझे समझती हैं हम्म्म्म

माँ- मैं भी तुझसे बहोत प्यार करती हु मेरा बच्चा ह्म्म्मम्म

हम दोनों अभी भी गले लगे हुए थे और मेरा लण्ड माँ के चूत के आस पास ही लगा हुआ था फिर माँ मुझसे अलग हुआ .....और अलग होते ही माँ की नज़र मेरे लण्ड पे गई जो की और भी ज्यादा कड़क हो चूका था मेरा लण्ड देखने के बाद माँ ने मुझे देखा और मुझे देख के मुस्कुराने लगी तभी मैं भी माँ को देख के मुस्कुराया और फिर माँ बोली ......

माँ- बेटा अब इसे अंदर कर ले कब तक अपनी माँ के सामने नंगा खड़ा रहेगा ह्म्म्मम्म

फिर मैं तुरंत अपने अंडरवियर को पकड़ के ऊपर किया और अंडरवियर के बाद भी मेरा लण्ड कड़क खड़ा था जिसे मेरी अपने हाथ से सेट करने लगा फिर मैं अंडरवियर के अंदर हाथ डाल के अपने लण्ड को सेट करने लगा ऐसा करते माँ मुझे और मेरे लण्ड को देख रही थी जिस हिसाब से मेरा लंड झटके मार रहा था की माँ नज़र मेरे लण्ड से हटने का नाम नहीं ले रही थी .......फिर माँ बोली.....

माँ - बेटा खाना रक्खा है खा लो ह्म्म्मम्म मैं चलती हु

मैं - मम्मी आप भी मेरे साथ खाओ न ....मैं जानता हु की आप भी अपनी नहीं खाई हैं ह्म्म्मम्म्म्म

माँ मेरी बात मान गई और माँ के साथ मैं नीचे चलने लगा खाना पानी लेने नीचे जाते हुए मुझे यकीन नहीं हो रहा था की माँ से इतना खुल के बाते की और मैं उन्हें अपना लण्ड भी दिखा दिया और ये मेरी और माँ के लिए ये अच्छी शुरुवात थी.........वरना मैं हर बार डर जाता था और कुछ नहीं कर पाता था मगर आज सही आईडिया से मैं इतना आगे बढ़ गया फिर मैं और माँ नीचे से खाना पानी लेके ऊपर आके बैठ गई और मेरा लण्ड अभी भी फुल टाइट था अंडरवियर में जिसे माँ बार बार देखे जा रही थी .......और फिर हम लोग खाना खाने लगे ....खाना कहते वक़्त भी मैं अपने लण्ड को अपने हाथ से सही कर रहा था जिसे माँ देख रही थी .......फिर खाना खा के मैं बेड से उठ गया और माँ भी उठ के बर्तन उठाने लगी तभी मैं माँ के हाथ से बर्तन लेके बेड पे रख दिया और बोला ......

मैं - मम्मी मुझे आपसे एक बात कहनी है हम्म्म्म

माँ- क्या बात करनी है बेटा

मैं- कैसे कहु बस समझ नहीं आ रहा है.......

माँ- बेटा अभी ही हमने इतनी सारी बाते की है ......और तुम अभी भी सोच रहे हो की कैसे कहु ......ह्म्म्मम्म ....जो बोलना है खुल के बोलो बेटा हम्म्म्म

मैं - मम्मी आप नाराज़ तो नहीं होगी न ....

माँ- अब अगर वो बात नहीं बताई तो ज़रूर नाराज़ हो जाउंगी हम्मम्मम्मम्म बता चल जल्दी हम्म

फिर मैंने गहरी सांस ली और बोला......

मैं - मम्मी आप मुझे अपनी पैंटी दे सकती है ......

मरी बात सुन के माँ चौंक गई और बोली .......

माँ- बेटा ये तुम क्या कह रहे हो ......अभी अभी मैं तुमको समझाई की ये गलत है फिर भी तुम ऐसे बात कर रहे हो ह्म्म्मम्म

मैं- मम्मी मैं क्या करू आप देख तो रहीं है न जब से आप मुझसे बात कर रही है तबसे ये खड़ा हुआ है और बैठने का नाम ही नहीं ले रहा है जिससे मुझे दर्द भी हो रहा है .....आप समझ ही नहीं रही हैं ह्म्म्मम्म

माँ- बेटा मैं समझ रही हु .....लेकिन ये सही नहीं है समझा करो जाओ बाथरूम में सुसु कर लो ठीक हो जायेगा ह्म्म्मम्म

मैं - अभी नीचे जब गया था तो सुसु किया तो था उसके बाद से तो और भी हार्ड हो गया है अगर आज दोपहर में शांत कर लेता हो ठीक हो जाता लेकिन उस वक़्त तो आपने मना कर दिया अब बताइये की मैं क्या करू ह्म्मम्म्म्म

मेरी बात सुनके माँ रोने जैसे शक्ल बनाने लगी और मुझे देखने लगी ......फिर मैं उनके पास गया और पास जाते ही मैं अपना लण्ड बाहर निकाल लिया मेरे लण्ड निकालते ही माँ मुझे देखने लगी .......

मैं - देखिये न मम्मी मेरा ये कितना पत्थर जैसा हो गया है जिससे मुझे दर्द हो रहा है आप प्लीज अपनी पैंटी दे दीजिये न जिससे मैं इसे शांत कर सकू हम्म्म्म

मम्मी- हे भगवन .......अब मैं तुझे कैसे समझाऊ की ये सब सही नहीं है मैं तुम्हारी माँ हु और तुमको मेरे सामने ऐसा कुछ नहीं करना चाहिए और तुम मुझसे पैंटी मांग रहे हो हम्म्म्म

मैं - इसमें गलत क्या है ......मैं आप के साथ कुछ गलत थोड़ी किया हु मैं तो बस आपकी पैंटी मांग रहा हु जिससे मैं अपने खड़े शैतान को शांत कर सकू जैसे रोज़ मैं आपकी पैंटी सूंघ कर करता हु .....बस फर्क इतना है की मैं आपको सब बता दिया और और मैं सामने से आपकी पैंटी मांग रहा हु

माँ- बेटा मैं समझती हु की तुम की दौर से गुजर रहे हो लेकिन ये तुम जो मांग रहे हो वो ठीक नहीं है बेटा समझा करो हम्म्म्म और मुझे लगता है अब यहाँ से जाना चाहिए हम्म्म

मैं- ठीक है मम्मी आप जाओ यहाँ से छोड़ दो मुझे मेरे हाल पर .......मुझे लगता है की अभी आप मुझे समझने की बात कर रहे थे वो सब झूठ है वो सिर्फ आप मेरा दिल रखने के लिए बोल रही थी .......आप बिलकुल नहीं समझती मुझे जाइये यहाँ से ह्म्म्मम्म्म्म

मम्मी से ये बात बोल के अपना लण्ड अंडरवियर में कर लिया और घूम के दूसरी तरफ मुँह करके खड़ा हो गया और अगले ही पल माँ ने मेरे कंधे पे हाथ रक्खा और मुझे घुमा कर मेरी आखों में देखने लगी माँ रोने जैसे शक्ल बनाई हुई थी .....तभी माँ बोल......

माँ- बेटा ऐसा मत बोल की मैं तुम्हे समझती नहीं हु ........मैं तुम्हे अच्छी तरह समझती हु लेकिन जो तू कह रहा है वो ठीक नहीं है .....क्या कभी देखा है किसी माँ को अपने बेटे को पैंटी देते हुए ह्म्मम्म्म्म

मैं - अरे दुनिया में क्या चल रहा है आपको पता नहीं है आज कल आज कल माँ बेटे के बीच बहुत कुछ होता है लेकिन मुझे उससे कुछ लेना देना नहीं है मुझे सिर्फ आपकी पैंटी चाहिए ताकि मैं अपना दर्द कम कर सकू लेकिन रहने दो आप नहीं समझोगी ......

माँ- बेटा समझता क्यों नहीं पैंटी गन्दी होती है उसमे सुसु की बदबू आती है और जो पैंटी मांग रहा है तू .....वो मैं धुल के डाल दी हु ह्म्म्मम्म

मैं - मैं जानता हु की उस पैंटी को आप धुल के तार पे फैलाई हैं देखा मैंने ......

माँ- वही तो तुमसे कह रही हु .....

मैं - मुझे वो पैंटी देदो जो आप अभी पहनी हो ......

मेरी बात सुन के माँ की आखें बड़ी हो गई और मुझे घूरते हुए बोली ......

माँ- ये क्या बोल रहा है तू ........पागल तो नहीं हो गया है हम्म्म

मैं- प्लीज प्लीज प्लीज मम्मी दे दो न अपनी पैंटी प्लीज् प्लीज.........

माँ- बेटा तुम समझते क्यों नहीं मेरी पैंटी बहुत गन्दी है मैं इसे सुबह से पहनी हु .....

मैं - इसी लिए तो मांग रहा हु आपके पैंटी से जो तेज़ महक आती है न उसे सूंघते ही मेरापानी निकल जाता है और मुझे दर्द में आराम मिल जाता है प्लीज दे दीजिये न माँ हम्म्म

माँ- बेटा मेरी पैंटी से सुसु की महक आती है और तू उसे सूंघने को बोल रहा है जो पहले से ही गंदी है हम्म्म्म

मैं - मम्मी प्लीज दे दीजिये न वरना मैं आज रात सो नहीं पाउँगा ......आपको मेरी कसम प्लीज दे दीजिये न हम्म्म्म

मुझे माँ को कसम देते ही माँ अपने माथे पे हाथ रख के बैठ गई ......और मेरा लण्ड अंडर वियर के अंदर से ही उनके सामने झटके मार रहा था
मम्मी दो मिनट बिना कुछ बोले बैठी रही फिर मैं माँ के बगल में गया और उनका हाथ पकड़ा और बोला.....

मैं - मम्मी मैं जानता हु की हमारे बीच ऐसा नहीं होना चाहिए ....लेकिन आप अब मेरे बारे में सब जानती है और मैं जानता हु की आप मुझे समझती है मेरी हालत से वाक़िफ़ है ....मम्मी हमारे बीच ये जो बाते हो रही है वो हमारे बीच ही रहेगी इसके बारे में कभी किसी को पता नहीं चलेगा और वैसे भी आप तो सिर्फ मेरी मदद कर रही है जैसे हर चीज़ो में करती हैं ह्म्म्मम्म इसमें गलत क्या है .....

मेरी बात बड़े ध्यान से मम्मी सुन रही थी और मुझे देखे जा रही थी ......आज एक दिन में हमारे रिश्ते के बीच बहुत कुछ बदल चूका था ..मैं अपनी बात पूरी करके माँ को देखने लगा तभी माँ ने गहरी सांस ली और बोली .......

माँ - ठीक है बेटा ......मैं अपनी पैंटी दे देती हु तुमको .....

मैं माँ के मुँह ये बात सुन के ख़ुशी से उछल पड़ा और माँ को गले लगा लिया ....और बोला ..

मैं - थैंक्यू मम्मी मुझे समझने के लिए ह्म्म्मम्म

मम्मी- वो सब ठीक है बेटा ......लेकिन एक बात का ध्यान रखना ये बात किसी को पता नहीं चलनी चाहिए खासकर पापा को क्यों की अगर उन्हें इस बात की भनक लग गई तू वो हम दोनों की जान ले लेंगे समझे बेटा .....ह्म्म्मम्म

मैं - अरे मम्मी भरोसा रखिये .....ये बात किसी को नहीं पता चलेगी ...वैसे भी पापा अपने काम में ही बिजी रहते है और उनकी पहली बीवी तो दारु है ....आप तो दूसरी हैं ह्म्म्मम्म है की नहीं .....

माँ- हां बेटा बात तो तू सही कह रहा है .....

मम्मी अपनी बात पूरी करके मुझे देख रही रही थी और मैं माँ को देख रहा था हम दोनों के बीच ख़ामोशी छा गई थी .....मै माँ के पैंटी देने का इंतज़ार कर रहा था मगर माँ को शायद शर्म आ रही थी तभी मै बोला .....

मैं- माँ अब तो आप अपनी पैंटी देदो मुझ से अब रहा नहीं जा रहा है ...

मेरी बात को सुन के माँ शर्म से लाल हो गई और फिर माँ खड़ी हो गई और मैं भी माँ के साथ खड़ा हो गया फिर माँ ने अपने मैक्सी नीचे से उठाने लगी मैक्सी ऊपर होते ही माँ की गोरी गोरी टाँगे मेरे सामने थी जिसे देख मेरा लण्ड और भी फनफना रहा था ....और मन कर रहा था की माँ की मैक्सी में घुस जाऊ और उनके गोर गोर जांघ को चुम लू लेकिन मै जल्दी बाज़ी नहीं करना चाहता था फिर मैक्सी ऊपर होते ही माँ ने अपनी पैंटी को पकड़ी और नीचे करके निकाल दी और अपने हाथो में लेके खड़ी थी और मुझे देख रही थी फिर माँ के सामने अपना हाथ किया और माँ ने मुझे अपनी पैंटी देदी ....माँ ने काली कलर की पैंटी पहनी हुई थी ......माँ मुझे पैंटी देने के बाद शर्म से नीचे देखने लगी और मैं तुरंत माँ की पैंटी में चूत वाले हिस्से को देखने लगा ....देखा तो मेरी आखें फटी की फटी रह गई .....मम्मी के पैंटी का चूत वाला हिस्सा बिलकुल गीला था और मैं जानता था की ये सुसु का गीलापन नहीं है .....मम्मी मुझसे नज़ारे नहीं मिला पा रही थी ......फिर मैं अपना लण्ड माँ के सामने ही मसलने लगा अंडरवियर के ऊपर से ही फिर माँ की नज़र मेरे लण्ड पर पड़ी फिर माँ ने मेरे चेहरे की तरफ जैसे देखा मैंने तुरंत उनकी पैंटी नाक पे लगा के सूंघने लगा और अपना लण्ड ज़ोरो से मसलने लगा .......मम्मी के सामने मैं अपना लण्ड मसल रहा था और पैंटी को सूंघ रहा था और माँ मुझे घूर घूर के देख रही थी .....और मै अब बिना शर्म के माँ के सामने ये सब कर रहा था माँ मुझे दो मिनट तक देखती रही फिर बोली .......
[Image: ajxzl7.gif]
माँ- बेटा अब मैं चलती हु ....तुम जो कर रहे हो उसे करने के बाद पैंटी को छुपा देना कही तुम्हारे पापा न देख ले ठीक है बेटा .....

मैं - आप बेफिक्र रहो माँ पापा को इस बारे में कभी नहीं पता चलेगा ......आप भी आराम करिये और मैं भी इसे शांत करके सो जाऊंगा .....

मेरी बात सुन के माँ को हलकी सी हसीं आगई ......और मैं भी माँ को मुस्कुराते हुए देख के अपना लण्ड मसलते हुए माँ की गीली पैंटी को जोरो से सूंघ रहा था जैसे कोई गुलाब का फूल हो ह्म्मम्म्म्म
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#5
मम्मी मुझे देखने लगी और फिर कुछ देर में वो मुझे देखते देखते कमरे से बाहर चली गई और उनके जाते ही मैं बेड पे लेट गया और अपना लण्ड बाहर निकाल के मुठ मारने लगा और साथ ही माँ की पैंटी को सूंघने लगा माँ की पैंटी से चूत हो मदहोश कर देने वाली महक आ रही थी की क्या ही बताऊँ ह्म्मम्म्म्म फिर मन तो कर रहा था की अपना पानी निकाल दू लेकिन मैंने सोच लिया की अब तो मेरे लण्ड का पानी माँ अपने हाथो से निकालेगी फिर मैं माँ की पैंटी सूंघते हुए सो गया सुबह आठ बजे मेरी आँख खुली तो पापा ऑफिस जा चुके थे .......फिर मैंने माँ की पैंटी अपने मुँह पे पहन लिया और उनके चूत की खुशबू अभी तक आ रही थी

और मेरा लण्ड पहले से ही खड़ा था और माँ के चूत के महक से और भी पत्थर बन गया......... और मैं मम्मी की चुदाई के बारे में सोचने लगा और सुबह सुबह ही मम्मी के चुदाई के सपने देखने लगा ऐसे ही लेटे लेटे एक घंटा बीत गया और मुझे पता ही नहीं चला ......और फिर 9 बजे  माँ चाय लेके मेरे कमरे में आने लगी फिर मम्मी के आने से पहले अपना लण्ड अंडरवियर से थोड़ा बाहर कर दिया और मम्मी की पैंटी की  चूत वाली जगह को अपने मुँह लगा के सोने का नाटक करने लगा मम्मी कमरे के बाहर से ही मुझे आवाज़ देने लगी की 

माँ- उठ जा बेटा 9 बज गए है 

आवाज़ देते हुए वो मेरे कमरे में जैसे ही कमरे के अंदर आई उनकी आवाज़ बंद हो गई और वो मेरे मुँह की तरफ देखने लगी जहा उनकी पैंटी मेरे मुँह पे थी फिर उनकी नज़र मेरे खड़े लण्ड पे गई जो की फुल टाइट मेरे अंडरवियर के बाहर आधा [Image: ajxzmc.gif] निकला हुआ था मै नाटक करके सो रहा था दो मिनट तक वो मुझे देख ही रही थी ......उनकी नज़र कभी अपनी पैंटी पे जाती कभी मेरे लण्ड पर ऊऊफफफफफफफ फिर वो मेरे पास आई और चाय टेबल पर रख दी और मेरा कन्धा पकड़ के हिलाने लगी और बोली .......

माँ- उठ जा बेटा सुबह हो गई है 

फिर मैं तुरंत उठ गया और मै मम्मी को देखने लगा और मम्मी मुझे देख रही थी फिर मम्मी बोली ......

माँ- बेटा ये सब क्या है .....तुम मुँह पे पैंटी लगा के सो रहे हो ......पापा ने देख लिया होता तो क्या होता ह्म्मम्म्म्म चल हटा इसे ....

मम्मी की बात सुन के मैं मुँह से पैंटी हटा दी और बोला.......

मैं- मम्मी आप डरो मत ये सब तो मैंने पापा के ऑफिस जाने के बाद ही कर रहा था मेरी नींद एक घंटे पहले ही खुल गई थी तभी मैंने देखा की पापा ऑफिस के लिए निकल रहे थे तभी मेरी नज़र आपकी पैंटी पे गई और मुझसे रहा नहीं गया और मैं आपकी पैंटी फिर से सूंघने लगा और सो गया पता नहीं क्या जादू है आपके पैंटी में की जब भी इसे सूंघता हु कुछ देर बाद मेरी आँख लग जाती है ........फिर आप मुझे जगाने आई तो मेरी आँख खुली ........ये लीजिये आपकी पैंटी ......

माँ- अच्छा ठीक है बेटा अब चल उठजा फ्रेश होकर नास्ता करले ह्म्मम्म्म्म 

मम्मी की बात सुन के मैं बेड से उठ गया और मम्मी के सामने अपने लण्ड को हाथ से पकड़ सेट करने लगा तभी मैंने देखा की मम्मी की नज़र मेरे लण्ड पे ही थी वो उसे देखे जा रही थी फिर मैंने माँ को देखा वो मुझे आखे बड़ी करके देखे जा रही थी फिर मैंने माँ को देख के मुस्कुराया और फिर मम्मी भी मुझे देख के मुस्कुराई और फिर मैं कमरे से बाहर चला गया फिर रुक गया और दरवाजे के कोने से देखने लगा मम्मी अपने पैंटी को ध्यान से देख रही थी जिसको मैं चूत वाले हिस्से को मैं चाट चाट के गीला कर दिया था तभी मैं एकदम से अंदर आगया तो मम्मी ने अपने हाथ में ली हुई पैंटी पीछे छुपा ली और बोली .......

माँ - क्या हुआ बेटा ......

मैं- कुछ नहीं मम्मी बस अपने मोबाइल को चार्जर पे लगाने आया था .....

माँ- चल बेटा मुँह हाथ धोले ह्म्म्मम्म ......

मम्मी के कहने पर मै फ्रेश होने चला गया फ्रेश होक आया तो मम्मी नहाने चली गई फिर मैं तुरंत बाथरूम के पास चला गया और माँ को देखने लगा माँ ऊपर से पूरी नंगी थी और बैठ के नहा रही थी कुछ देर बाद जब मम्मी खड़ी हुई तो उनके चूतर पे उनका गीला पेटीकोट चिपका हुआ था जिसे देख कर मेरी हालत ख़राब हो रही थी ....फिर मम्मी पलट गई तो मेरे सामने माँ की सेक्सी दोनों चूचियां थी जिस पर पानी की बूंदे चमक रही थी ह्म्म्मम्म्म्म और पानी की बूंदे माँ के नाभि से होते हुए माँ के पेटीकोट में चूत की तरफ जा रही थी जिसे देख में मेरा हाथ मेरे लण्ड पे चला गया और मसलने लगा ऊऊफफफफफफ फिर माँ नया पेटीकोट पहनने लगी तो उनकी सेक्सी गांड मुझे दिखाई दी ......फिर वो बाहर निकलने वाली थी उससे पहले मै उनके कमरे में जाके बैठ गया .......और मुझे पता था की बाकी कपडे वो रूम में आके पहनती है .....फिर मैं मम्मी के आने का इंतज़ार करने लगा और फिर माँ जैसे ही कमरे में आई तो मैंने देखा की ब्लाउज़ और पेटीकोट पहन कर कमरे में आई है ऐसा पहली बार हुआ है .....कमरे में आके मम्मी मुझे देखने लगी मैं समझ गया की कल रात वाली बात से माँ ने ऐसा किया है क्युकी उससे पहले माँ कमरे में ही ब्रा और ब्लाउज़ पहनती थी ......वो साड़ी छोड़ के बाकी कपडे पहन कर आई थी फिर कपडे पहन कर बोली ....

माँ- बेटा मैं पूजा कर लू फिर नास्ता देती हु हम्म्म्म 

मैं - ठीक है मम्मी .....

फिर माँ पूजा करने लगी और फिर उन्होंने मुझे नास्ता दिया और नास्ता करके मैं कालेज निकल गया और फिर माँ अपने काम में लग गई  फिर मैं दोपहर में घर आया तो मेरा लण्ड फिर से खड़ा हो गया और मैं सोफे पे अपना लण्ड पकड़ के बैठ गया .....तो माँ ने मुझे देखा ...और बोली .

माँ- क्या हुआ बेटा ऐसे क्यों बैठा है पेट में दर्द है क्या ..ह्म्म्मम्म 

मैं - नहीं माँ पेट में नहीं उसमे दर्द है आअह्ह्ह 

मेरी बात सुन के मम्मी की नज़र मेरे लण्ड पे गई जिसे मैं दबा रहा था ......तो माँ बोली ....

माँ- अरे बेटा तुझे दिन में भी चैन नहीं है ह्म्मम्म्म्म 

माँ - क्या करू माँ मेरा लण्ड मेरे बस में ही नहीं है जब देखो खड़ा हो जाता है अह्ह्ह्हह 

मेरे मुँह से लण्ड शब्द सुनकर माँ मुझे घूर के देखने लगी फिर मैं बोला ....

मैं- मम्मी आप मुझे ऐसे क्यों देख रही हैं...लण्ड बोल दिया इसीलिए ....

मम्मी मेरी बात सुन के कोई जवाब नहीं दी ....बस मुझे देखे जा रही थी ...

मैं-  मम्मी आज कल सभी लोग ऐसे ही बोलते है .......मेरे दोस्त भी इसको यही बोलते है इसीलिए मेरे मुँह से निकल गया आप मुझसे नाराज़ हो क्या 

मम्मी- नहीं बेटा नाराज नहीं हु ......जो बातें हमारे बीच कल राज हुई थी उसके बाद हमारे बीच रह ही क्या गया है .....

मैं- मम्मी आप सच में नाराज़ नहीं हो न ....

मम्मी- नहीं बेटा नाराज़ नहीं हु ...बस ऐसे बातें थोड़ा अजीब लगती है 

मैं- मम्मी ...जैसे मैं खुल के बोलता हु लण्ड को इस बात से आपको कोई ऐतराज़ तो नहीं है न 

मम्मी मेरी बातें सुन के चुप हो गई और मैं मम्मी को देख के अपने लण्ड को मसलने लगा .....

मैं- मम्मी आपने जवाब नहीं दिया बताइये न .....आपसे ऐसे खुल के बाते कर सकते हु न जैसे अपने दोस्तों से खुल के बाते करते हु ह्म्मम्म्म्म 

मम्मी- बेटा कल रात हमारे बीच जिस तरह की बाते हुई उसके बाद हमारे बीच रह ही क्या गया है ह्म्म्मम्म की अब मुझे शर्म आएगी .......मगर ध्यान रखें इस तरह की बाते अकेले में ही करना जब सिर्फ हम दोनों हो ......किसी के सामने मत बोल देना ह्म्म्मम्म 

मैं - अरे माँ मै पागल थोड़ी हु की किसी के सामने ऐसे बातें करूँगा हम्म्म वैसे मम्मी कल रात जब आप मुझे समझा रहे थे और आपने मुझे अपनी पैंटी दी उससे लगा की सच में आप मेरी दोस्त हो ह्म्मम्म्म्म मम्मी कल रात पहली बार आपसे बात करने में डर नहीं लगा वरना थप्पड़ खा के तो मेरी हालत ही ख़राब हो गई थी .....

मम्मी- बेटा मैं तुम्हारी माँ हु ......तेरी परेशानी मैं नहीं समझूंगी तो कौन समझेगा ह्म्मम्म्म्म और वो थप्पड़ तो मैंने गुस्से में मार दिया था अब मुझे पता नहीं था की तुम्हारे अंदर ये सब चल रहा है ह्म्म्मम्म 

मैं - मैं समझता हु मम्मी आप ने मुझे पहले कभी वो सब करते नहीं देखा था और आपकी जगह कोई और होता तो ऐसे ही करता मगर मैं क्या करू माँ मेरा लण्ड हमेशा खड़ा हो जाता है ......और जब तक पानी न निकालू तब तक ऐसे ही टाइट रहता है ......कल रात मैंने दो बार पानी निकाला तब जाके सो पाया ....और सुबह फिर से खड़ा हो गया ......

मम्मी- मैं समझ सकती हु बेटा ......लेकिन बार बार ऐसे करना ठीक नहीं है इससे सेहत पे असर पड़ता है हम्म्म्म 

मैं - लेकिन माँ जब मैं अपना पानी नहीं निकलता तो ये रात को अपने आप ही निकल जाता था .....आपको याद है मैं सुबह उठते ही नहा लेता था क्युकी मेरा अंडरवियर मेरे पानी से गीला हो जाता था इसी लिए मैं नहा लेता था 

मम्मी मेरी बात बड़े ध्यान से सुन रही थी और मैं मम्मी को देख के अपने लण्ड को मसल रहा था और मम्मी की नज़र मेरे खड़े लण्ड पे ही थी जिसे बड़े गौर से देखे जा रही थी जो की लोअर से बाहर आने को बेताब था ........

मैं - अब आप ही बताओ मैं ऐसा न करू तो क्या करू .....देखो न ये कैसे खड़ा हुआ है अभी भी हम्म्म्म 

मम्मी से ये बात बोलते हुए मैं अपना लोअर थोड़ा नीचे किया जिससे मेरे लण्ड बाहर आके उछल गया .....और मेरे लण्ड को देखते ही मम्मी चौंक गई और इधर उधर देखने लगी .....
[Image: 38906231.gif?validfrom=1762923600&validt...DQS%2Bs%3D]
माँ- बेटा तू पागल हो गया है क्या ......दिन दहाड़े ऐसा कोई करता है क्या कोई घर में आजाये तो .......

फिर मैं मम्मी की बात सुन के लोअर पहन लिया और माँ मुझे गौर से देख रही थी
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#6
मैं - मम्मी आप डर क्यों रहीं हैं ह्म्मम्म्म्म घर पे आपके और मेरे अलावा कोई नहीं है .....

माँ- बेटा लेकिन कोई भी आ सकता है न अभी जैसे काम वाली या कोई पोस्टमैन या कोई रिस्तेदार......समझा इसीलिए दिन में नहीं .....वैसे तूने अंडरवियर नहीं पहनी है क्या .....

मैं - मम्मी पहना था कालेज से आके निकाल दिया था

मम्मी- क्यों निकाल क्यों दिए थे हम्म्म

मैं - अरे माँ मेरा लण्ड इतना टाइट था की उसका सूपड़ा अपने अपने अंडरवियर के बाहर निकलने लगा था फिर वो कच्छे में दब के रगड़ने लगता है इसीलिए परेशानी होती है और ऊपर से लोअर भी पहनना पड़ता है तो और परेशानी होती है इसी लिए निकाल दिया था .......

मम्मी- बेटा तू धारी दार कच्छा पहना कर जैसे तेरे पापा पहनते है वो ढीला भी होता है और हल्का भी होता है उससे तुझे परेशानी नहीं होगी ......

मैं- नहीं माँ वो नाड़े वाला कच्छा मुझे नहीं पसंद है उसका नाडा ही फस जाता है ....आपने एक बार देखा तो की पापा का नाडा फस गया था तो वो उसे काट दिए थे .....

मेरी बात सुन के माँ हसने लगी और मै भी हसने लगा हां हां हां ......

मैं- मम्मी क्या मुझे बीमारी तो नहीं होगी न ......की मेरा लण्ड बार बार खड़ा हो जाता है ....एक बार डॉक्टर को दिखा लू क्या ह्म्मम्म्म्म

मम्मी- नहीं बेटा तुझे कोई बीमारी नहीं है तू डॉक्टर के पास जायेगा तो वो कुछ न कुछ बता के तुझसे पैसे ले लेंगे जो ठीक नहीं है ......

मै- तो मां ये हमेशा क्या खड़ा रहता है हां........

माँ- बेटा तू बड़ा हो गया है और तेरी उम्र में ये सब होना आम बात है इसीलिए हमारे ज़माने में लड़को की जल्दी शादी कर देते थे ताकि उन्हें हर तरह का सुख मिले हम्म्म्म अगर तू उस ज़माने का होता तो दो बच्चो का बाप होता ......

मैं- हां मम्मी अब ज़माना बदल गया है लड़किया आपने पसंद से शादी कर रही है .......और शादी भी अब थोड़ी उम्र के बाद ही होती है तभी लड़किया गर्लफ्रेंड बनके अपना काम चलाती है .......मगर मेरी ऐसी किस्मत कहा ..मैंने तो आज तक किसी लड़की को नंगा भी नहीं देखा हु आप के अलावा ........

माँ मेरी बात सुन के मुझे देखने लगी .....तभी डोरबेल बजी और कोई माँ की दोस्त आई थी फिर वो लोग बाते करने लगे और मैं आपने कमरे में चला गया और रात का खाना खाके वो मम्मी की दोस्त चली गई .....लेकिन मेरा लण्ड था की शांत ही नहीं हो रहा था फिर 10 बजने का इंतज़ार करने लगा क्यों की पापा 10  बजे तक सो जाते है फिर मैं धीरे से माँ के पास गया और उनसे पानी की बोतल लाने को बोला फिर मैं अपने रूम में आगया थोड़ी देर में माँ भी मेरे रूम में आगई तो देखी की मेरा लण्ड अंडरवियर में फुदक रहा है ये देखते हुए पानी की बोतल टेबल पे रख के जाने लगी की तभी मैं माँ के सामने आगया और ....

मैं- माँ आप कहा जा रही हो .......इसी देखो न कितना बुरा हाल है इसका बैठने का नाम ही नहीं ले रहा है ......

माँ- हां बेटा इसे तो मैं सुबह से देख रही हु लेकिन कर भी क्या सकती हु जैसे तैसे शांत करके सो जा .......

मैं - माँ आपके आने से पहले यही कर रहा था लेकिन शांत नहीं हो रहा है .......

माँ- अरे बेटा अब मैं क्या करू ........बोल ......

मैं - आप अपनी पैंटी देदो न .......ताकि मैं इसे शांत करलु ....

माँ- तू पागल हो गया है क्या बेटा .....ये गलत बात है बेटा तुझे मैं कैसे समझाऊं अब ह्म्म्मम्म

मैं- क्यों माँ कल तो आप अपनी पैंटी देदी थी फिर आज क्यों ......

माँ- बेटा कल तेरी ज़िद से देदी थी लेकिन अब मैं रोज़ रोज़ नहीं दे पाऊँगी समझा कर बेटा मै तेरी माँ हु माँ ह्म्म्मम्म

मैं - आप ही बताओ अब मैं क्या करू कैसे शांत करू अपने लण्ड को इसमें मुझे इतना दर्द हो रहा है की आप को क्या बताऊ आप पैंटी दे दोगी तो मैं अपने लण्ड को शांत कर लूंगा और इससे मेरा दर्द भी काम हो जायेगा ........प्लीज माँ देदो न ह्म्मम्म्म्म

फिर मेरी ज़िद से माँ ने अपने पैंटी निकाल दी और मेरे हाथ में देदी फिर मैं उसे सूंघने लगा और अपने लण्ड को मसलने लगा जिसे माँ बड़े ध्यान से देख रही थी और दो मिनट बाद चली गई .......फिर मैं अक्सर दो तीन दिन में माँ की पैंटी मांग लेता और उनकी चूत की खुसबू से मदहोश हो जाता था ........
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#7
Notted
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#8
Need read
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#9
फिर मैंने अचानक माँ से पैंटी मांगना बंद कर दिया जान बुझ कर दो तीन दिन ऐसे ही गुजर गए और मैंने माँ से ज्यादा बात भी नहीं कर रहा था बस नार्मल बाते होती थी फिर दो दिन तक तो उन्होंने भी ज्यादा ध्यान नहीं दिया लेकिन जब तीन दिन बीत गए तो वो मुझे देखने लगी ध्यान से लेकिन मैंने इगनोर कर दिया फिर रात को जब पापा खा पी के सो गए तो वो मेरे कमरे में आई और उस वक़्त मैं सिर्फ अंडरवियर में लेटा था और मेरा लण्ड उसमे फुल टाइट था और वो मेरे लण्ड को घूरते हुए मेरे पास आई और मेरे बेड पे आके बैठ गई फिर मैं बोला.........

मैं - क्या हुआ मम्मी आप अभी तक सोइ नहीं ....

माँ - नहीं बेटा नींद नहीं आ रही थी तो सोची तुझसे बाते करलू......

मैं- मुझसे क्या बात करनी है मम्मी ह्म्म्मम्म ......

मैं - बेटा मैं दो तीन दिन से देख रही हु तू चुप चुप सा रहने लगा है और ना ही तू मुझसे बाते कर रहा है और ना ही रात को वो मुझसे मांगता है क्या हुआ बेटा सब ठीक है न .......

मैं- मम्मी मुझसे लगता है आप को सारी बाते बता के गलती कर दी मुझे आप को नहीं बताना चाहिए था ....

माँ- बेटा ये तू कैसी बाते कर रहा है .....आगरा तुझे कोई परेशानी होगी तो मुझे तो पता होना चाहिए न ह्म्म्मम्म

मैं- मेरी परेशानी तो आप जान गई हो लेकिन पिछले कुछ दिनों से आप मुझसे शर्मिंदा होने लगी हैं .......

माँ- बेटा तुम ऐसा क्यों कह रहे हो ........मैं तुमसे बिलकुल शर्मिंदा नहीं हूँ .........और तुम्हे ऐसा क्यों लग रहा है की मैं तुमसे शर्मिंदा हूँ ह्म्म्मम्म

मैं - मम्मी मैं बचपन से देखते आ रहा हूँ आप मुझसे बिलकुल नहीं शर्माती थी आप मेरे सामने ही अपने कपड़े बदलती थी लेकिन जब से ऐसी बाते हुई है .....तब से आप मुझसे हर रोज़ शर्माती हैं और बाथरूम से अपने कपड़े पहन के आती हैं ताकि मैं कुछ देख ना लू ह्म्मम्म्म्म

माँ- तुम इसी वजह से मुझसे बात नहीं कर रहे हो ह्म्म्मम्म

मैं - हां मम्मी मुझे लगा आप मुझसे शर्मिंदा हो रही हैं तो इसी लिए मैंने सोचा की आप से बात करना बंद कर देता हूँ ताकि आप को शर्मिंदा ना होना पड़े .......
[+] 4 users Like rajusethzee's post
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#10
Nice, next update please
[+] 1 user Likes Davit's post
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#11
Golpota valoii hoche , next update gulo taratari din
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