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Adultery दुबई के चाचाजी का ईमोल - १
#21
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ಇ೦ತಿ ನಿಮ್ಮ,

ಕಾಮರಾಜ

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#22
अब मैंने उठकर टैंम देखा तो शाम के करीब ५ बज रहे थे, अब नेहा को जागनेका वक्त हो गया था, तो मैं ऊठा हालमें आकर बैंठ गया और टीवी दोखने लगा। कुछ दोर बाद नेहा अपने कमरे से बाहर आगई और सोफेपर मेरे साथ बैंठ गयी। मैंने उसे चाय पानी दिया और चाय पीने के बाद हम दोनो ईवनिंग वाक पर चलेगाए। शाम के करीब ७ बज हम घर लोटे और नेहा सोफेपर बैंठकर टीवी दोखने लगी, मैं कीचन से खाना लाकर हम दोनेके लीये खान परोसने लगा। जब हमारा खान हो गया तो नेहा थकावट की वझोसे आरम करने हमारे कमरे में सोने चलीगयी, तब मैं हाल में बैंटकर टीवी देख रहा था। फिर कुछ दोर बाद मैंने ऊठकर कमरे में दोखा तो नेहा आरम से सो रही थी तो मैंने नेहा को आवाज लगाई। जब ऊसकी तरफसे कुछ जवाब नहीं मीला तो मैं हमारे कमरे का दरवाजा बंद करके वापीस से मैं मेरे दुसरे कमरो में आगया जहा मैंने लापटाप रखा था। अब मैं दुसरे दीन के बाद के ऊन वीडियेस को फ्ले करको अपने बडे एक्सटर्नल स्क्रीन पर देखने लगा जब मैंने काम का बहाना बनको लोंज मैं कमरा लोकर वहा रहने लगा था। जब मैंने अगला वीडिये प्लो किया तो अब मैंने CCTV केमरे के रिकार्डंग मे देखा की सुबह के करीब ८ बज चुके थे, चाचाजी घर का दरवाजा खोल रहो थे। चाचाजी ने घर का दरवाजा खोला तो सामने डिलीवरी बाय खडा था, तो चाचाजी ने ऊसो पैसो दो कर डिलीवरी लो ली। शायद वो सुबहका नाश्ता पार्सल लोके आया था, डिलीवरी बाय पार्सल दोकर पैसो लोके चला गया। फिर चाचाजी ने घर का दरवाजा बंद कर के पार्सल किचन मे रखने लगे। तभी नेहा अपने कमरे से नीकलकर किचन मे आगयी और चाचाजी से पुछने लगी, "चाचाजी कोन आया था?"। तो चाचाजी ने नेहा से कहा, "अरे बहु वो डिलीवरी वाला आया था पार्सल लोके। चलो अब हम नाश्ता कर के नाहा धोकर तयार हो जातो हैं और आज बहुत मस्ती भी ते करनी हैं, तुम्हे हमारी शर्त तो याद हैं ना?"। तब नेहा ने कहा, "हां मुझो आपकी शर्त याद हैं चाचाजी. पर आप को भी तो मेरी शर्त याद हैं ना?। चाचाजी ने नेहा से कहा, "हा.... हा.... बहु अछे से याद हैं, ईसीलीए तो मैं सुबह से ऊसे जुगाड में लगा हु"। नेहा ने पुछा, "कोन सा जुगाड चाचाजी ?"। तो चाचाजी ने कहा, "अरे बहु, वही कोई कालोज के लडका लडकि को पटाकर यहा हमारे घर पर बुलाकर ऊनसे शर्त लगा के एक दुसरे को पाटर्न के साथ सेक्स करने का जुगाड"। ईसपर नेहा बोली, "ठिक हैं चाचाजी तो पहलो खा लोतो हैं मुझो बहुत भुक लगी हैं, उसको बाद हम नाहाकर तयार हो जातो हैं आप कि शर्त को लीए, दोखते हैं कोन सी कालोज की लडकी आपसे चुदवानेको और अपनी गांड मरवाने को तय्यार होती हैं?"। तो चाचाजी ने कहा, "जौसे तुम ठींक समझो बहु, पहलो खाना खा लोतो हैं फिर मैं तुम्हे दिखाता हु की आज कल की लडकी या कितनी आगे बड चुकी हैं"। फिर नेहा कीचन से पार्सल ला कर नाश्ता परोसने लगी, नाश्ते के बाद चाचाजी ने नेहा से कहा, "बहु मैं अपने कमरो में हमारे लिऐ जुगाड का ईनंतजाम करता हु तुम भी जल्दि आजान क्युकि लडका तुम्हे भी तो पसंनद आना चाहिये ना? आखिर तुम्हे भी तो ऊसके साथ सेक्स करना होगा ना"। तब नेहाने चाचाजी से कहा, "ठीक हैं चाचाजी, मैं किचन समेटकर थेडि देर में आजाऊंगी, आप भी अछो लडका लडकी को डुंन्डकर रखीयेगा"। नेहा की बात सुनकर चाचाजीने अपना सीर हां में हीलातो हुए अपने कमरे की तरफ चल दिए, और ऊधर नेहा किचन समेटनो के काम में लग गयी।


अगले वीडिये में मैंने CCTV कैमरा रीकार्डींग में देखा तो सुबह के करीब १० बजने के थे। तभी नेहा चाचाजी को कमरे मे आ गई, चाचाजी अंदर बेडपर बैठकर अपने लापटाप पर कुछ कर रहे थे। अब नेहा भी चाचाजी के बगल मे बैंटकर ऊनसे पुछने लगी, "चाचाजी आप आज का जुगाड करने की बजाय लापटाप क्या कर रहे हैं?" तब चाचाजी ने जवाब दिया की, "अरे बहु वही ते कर रहा हु, आज कल के लडका लडकि यहां इन्टरनेट पर ही दिन रात पडे रहते हैं. तो मैं ईसलिए यहीं पर हमारे लिए जुगाड कर रहा हु"। फिर नेहा ने चाचाजी से पुछा, "तो कोई मिला?" तब चाचाजी ने अपना लापटाप नेहा को दिखा ते हुए कहने लगे, "ये देखो बहु मैंने ये ३-४ जोडीयो के प्रोफाईल निकाली है, अब तुम इन में से तुम्हारे पसंन्द का जोडा चुन लो की तुम इन में से किस्से चुदना चाहति हो मैं ऊन्हे ही आज के लिए बुला लुंगा"। अब नेहा बडी ही ऊत्सुकता से चाचाजी के पसंन्द किये गये जोडीयो के प्रोफाईल दोखने लगी, थेडी दोर सारे जोडीयो के प्रोफाईल दोखने के बाद नेहा ने चाचाजी को एक प्रोफाईल दिखाते हुए बोला, "चाचाजी यो वाला प्रोफाईल कैसे रहेगा?"। चाचाजी ने लापटाप में दोखते हुए बोले, "वाहः बहु तुम्हारी और मेरी पसंन्द कितनी मिलती हैं, मैं ने भी यहीं प्रोफाईल पसंन्द की थी. और दोखोतो ये लडका भी कितना ह्यांडसम और तगड हैं"। तो ईस पर नेहा ने भी मजाक में कहा, "हाः चाचाजी और ये लडकी भी कीतनी कमसीन और भरी हुई दिख रहीं हैं" और दोने ईस बातपर हसने लगे। तब नेहाने चाचाजी से कहा, "ठीक हैं चाचाजी, मैं जाकर नहाकर तयार हो जाति हु, आप भी अछोसे नहा धोकर तयार हो जायिए आप पसींने से भींगे हुये है"। नेहा की बात सुनकर चाचाजी ने अपना सीर हां में हिलातो हुए कहा, "और बहु आज तुम हमने जो कल ऊस लांन्जरी शाप में ऐक्सक्लुझिव लांन्जरी लिया थाना उन में से कुछ अछा वाला लांन्जरी की ब्रा, प्यांटी पहन लोना और ऊसके साथ अछ्छीसी ट्रान्सपरेंट साडी पहन लोना, आज कल के कालोज के लडको को साडी पहनी औरते ज्यादा पसंन्द आति हैं"। तो ईसपर नेहा ने भी अपना सीर हां में हिलातो हुए अपने कमरेकी तरफ चली गई। नेहा आज बहुतही खुश दिख रही थी, शायद ये खुशी आज ऊसे एक नये ह्यांडसम और यंग लडके से मिलनेवाली चुदाई के करण थी। मगर आज नेहा से ज्यादा खुश चाचाजी थे, क्यु की नेहा की गांड मारने के लिए जो दाव उन्होने फेका था वे सहीं गिरा था। ये सब प्लान चाचाजी नेहीं नेहा के लिए बनाया था, और जो लडका लडकी प्रोफाईल चाचाजी ने नेहा को दिखाई थी वो कोई कालज के लडका लडकी नहीं थे। बल्की वो दोने फ्रोफेंशनल कालगर्ल और कालबायं कपल थे जो पैसे लेकर सेक्स सर्विसिस देते थे, और चाचाजी की ऊनसे पहले से ही बात हो रखी थी। और चाचाजी ने ऊनसे कह रखा था की वो दोने आज हमारे घरपर आए तो एक कालोज के बायफ्रंड गर्लफ्रंड बनकर आए, ताकी नेहा को शक ना हो। संयोगस्वरूपं से नेहा ने भी ऊन्ही दोने की प्रोफाईल पसंनद की थी आज ऊनसे चुदने के लिए। और ईधर चाचाजी भी नेहा द्वारा पसंन्द किये हुए प्रोफाईल के लडका लडकी को बुलाकर अपना काम समेट के खुद भी अछोसे नहा धोकर तयार में लग गयो। अब आगे विडिये में ऊस दिन के दुपहर का समय था, चाचाजी और नेहा हाल में बैंटकर गपे लडाते हुये हसी मजाक कर रहे थे। नेहा बहुतही खुश लग रही थी, ये खुशी शायद आज दुपहर में उसकी होनेवाली अलग तरहकी चुदाई के करण थी। तभी घर के दरवाजो की घंटी बजी तो चाचाजी ने ऊठकर घर का दरवाजा खोला तो सामने वहीं प्रोफाईल वाले कपल खडे थे, वो दोने लडका लडकी ऐसे तैयार होके आऐ थे की वो एकदम किसी कालोज के स्टुडंन्ट लगरहे थे, और दोने दिखने में भी बहुत यंग लगरहे थे। चाचाजी ने ऊन्हें अंदर बुलाया और घर का दरवाजा बंद कर दिया। जब चाचाजी ऊन्हें हाल के अंदर लो आऐ और ऊन दोनो का परिचय नेहा से कराने लगे, "नेहा इन से मिलो ए राज और रीना हैं, दोनो JNU में पडतो हैं और हमारे तरहा जिन्दंगीको खुलकर जिने में विश्वास रखते हैं. राज और रीना यो हैं मेरी पाटर्न और प्यारी बहु नेहा"। जब राज और रीना ने नेहा को दोखा तो दोनो ऊसे दोखते ही रह गये, नेहा ने आज एक ट्रान्सपरेंट पार्टीवोर साडी पहनी थी और साथ मैं स्लिवलोस ब्लौज जिसमे से उसकी बड़ी बड़ी चूचियां आधी खुली दिख रही थी ऊसकी नंगी गोरी बाहे और ऊसकी नंगी गोरी पीठ भी दिख रही थी। राज ने देखा नेहा की बड़ी बड़ी चूचियां ऊसका ब्लौज फाड़ के बाहर आने को हो रही है, वो मुँह खोले हुए उसे ही देखता रह गया, वो सोचने लगा की ये तो बहुत बोल्ड औरत है। नेहा की दूध जैसी गोरी चूचियाँ और उनके बीच की गहरी खाई देखकर राज को बड़ी एक्साइट्मेंट हुई और उसका का लंड ऊसकी प्यांन्ट में ही खड़ा होता हुआ महसूस हुआ। दुसरी तरफ रीना काभी हाल कुछ कुछ राज जैसा ही था, रीना को लगता था की उसकी चूचियां बड़ी हैं, पर नेहा की चूचियां तो ऊस्से भी बहुत बड़ी थीं और ऊसका ब्लौज फाड़ के खुली हवा में साँस लेने को बेताब होनेको मचल रही थीं। तब्ब नेहा की नजर राज के पैंट पर पडी तो देखा की उसका लंड पैंट में ही तंबू बना रहा है। सबने एक दुसरेसे हाथ मिलाया और सोफेपर बैठ कर अपनी अपनी पसंन्द नापसंन्द के बारे में बात करने लगे थोडी दोर बाद ही फिर से घर के दरवाजो की घंटी बजी तो चाचाजी ने ऊठकर घर का दरवाजा खोला तो सामने वहीं सुभह वाला डिलीवरी बाय खडा था, शायद वो सबके लीऐ खाना पार्सल लोके आया था। अब चाचाजी ने ऊसो पैसो दोकर डिलीवरी लो ली, डिलीवरी बाय पार्सल दोकर पैसो लोकर वहासे चला गया। फिर चाचाजी ने घर का दरवाजा अंदरसे अछ्छोसे बंद कर के पार्सल लेके हाल में आ गये। तब नेहा चाचाजी से पुछने लगी, "चाचाजी कोन आया था?"। तो चाचाजी ने नेहा से कहा, "अरे बहु वो डिलीवरी वाला आया था पार्सल लोके चलो हम सब जल्दीसे कुछ खा लेते हैं और फिर अपना मजा मस्ती का कार्यक्रम शुरु करते हैं"। ईसपर रीना बोली, "ठिक हैं चाचाजी पहलो खा लोतो हैं मुझो तो बहुत भुक लगी हैं, और सबलोग खान खाने लगे। खाना खातो समय राज नेहा को देखकर वो मन ही मन सोचने लगा की साले बुड्ढे ने क्या सेक्सी माल पटाया हैं, और खाने के बिच मे राज और नेहा एक दुसरे को देखकर आँखो ही आँखो में इशारे कर रहे थे और मुस्कुराते थे। नेहा की ब्लाउज से बाहर झाकती चूचियों को देखकर राज अपनी जीभ होठों पर फिराते हुए चाचाजी की किस्मत से जलन करने लगा और मन ही मन बोलने लगा, "साले बुड्ढ इस उमर में भी इतनी चिकनी माल को चोद पा रहा है, क्या मस्त मम्मे हैं सालीके ज़रूर बुड्ढ इने दबा दबाकर मज़ा लोता होगा साला…”। तभी सबने खान खतम किया और चाचाजी राज और रीना को हाल में बैठकर ऊनका ईंतजार करनेके कहा, फिर चाचाजी और नेहा ने किचन समेटनो के काम में लग गये।
ಇ೦ತಿ ನಿಮ್ಮ,

ಕಾಮರಾಜ

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