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Adultery ......काला जामुन ..... A meanie mommy
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मम्मी aur मैं
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Update bro
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Update do bhaiya
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अगले दिन रविवार था.

सुबह नींद से उठा तो मैं कमरे में अकेले था कुछ देर बाद कमरे के अंदर बाथरूम में पानी गिरने की आवाज आई तो मैंने जाकर देखा तो मम्मी बाथरूम में कपड़े पहनती देखाई दी ।

दोस्त , सच कहूँ तो मम्मी का बदन किसी के भी लंड को खड़ा कर सकता है. मम्मी अन्दर से बाहर आईं. उन्होंने मैक्सी पहनी हुई थी.
उन्होंने बाहर आकर मुझे गुड मॉर्निंग कहा और बोली ' जल्दी से फ्रेश होकर आओ ' और कमरे के बाहर चली गई।

मैं नहा-धोआकर नीचे हाल में पहुंचा तो पापा और फुफा जी घर वापस जाने को तैयार थे । गांव आये हुए 20 दिन हो चुके थे उन दोनों को । पापा को मॉल से बराबर आया करता था वह कब तक गांव से वापस आयेंगे।

मेरे नीचे आने के कुछ देर बाद एक कार दरवाजा के पास आकर रुक। पापा और फुफा जी दोनों सवार होकर चले गए।
पापा और फुफा जी के जाने के बाद हम सभी ने खाना खाया और सभी अपने - अपने काम में लग गये । दादा जी खेत पर चले गए , बुआ अपने एक सहेली से मिलने चली गई । और मम्मी घर का काम खत्म करके टीवी देख रही थीं. मैं भी वहीं बैठा कर टीबी देख रहा था। तभी मेरे मोबाइल पर मैसेज आया मैंने देखा तो वह भैया का मैसेज आया हुआ था उसमें लिखा हुआ था।

( मिथलेश ) भैया - तेरी मम्मी कहां है और किया कर रही है और मैं तुम्हारे घर पर आ रहा हूं ।

तभी भैया मम्मी को आवाज़ देते हुए दरवाजे से अंदर आये - आंटी ओ आंटी … कहां हो आप?

वे भैया को देखते ही बोल पड़ीं- मिथलेश तुम यहां क्या कर रहे हैं? तुम अन्दर कैसे आए?

भैया- बस आंटी , आपसे ही मिलने आया हूँ.

मम्मी- अभी घर पर कोई नहीं हैं. जब मेरे पति आयेंगे तब तुम आना और तुम यहां से चले जाओ.

भैया- आंटी , नयन तो है , मैं आपसे प्यार से बात कर रहा हूँ और आप मुझे एटिट्यूड दिखा रही हो. मैं आपको कितना प्यार करता हूँ, यह तो आप समझ ही नहीं रही हैं.

मम्मी- तुम्हें शर्म नहीं आती है. मेरे बेटे के सामने यह सब बोलने में। मैं शादीशुदा औरत हूँ.

भैया- क्या करूं, आंटी जब से आपको देखा है. मुझे तो आपका नशा सा हो गया है.

मम्मी- तुम अभी यहां से नहीं गए, तो मैं शोर मचाकर अपने पति को बुला लुंगी ( मम्मी ने भैया को झुठी घमकी थी शायद भैया डर जाये )

भैया- आंटी , अगर बुलाना होता तो आप अब तक सभी को बुला लेती . मगर मैं जानता हूँ कि आपका नामर्द पति आपको छोड़कर जा चुका है .

मम्मी ऐसी बातें सुनते ही भड़क गईं- तुम्हारी हिम्मत कैसे हुई मेरे पति के बारे में ऐसी बात करने की. तुम यहां से जाते हो … या मैं शोर मचाऊं?

भैया आगे बढ़े और उन्होंने मेरी मम्मी का हाथ पकड़ लिया.
मम्मी उनसे अपना हाथ छुड़ाने लगीं.

मम्मी- यह क्या बदतमीज़ी है. छोड़ो मुझे … वरना मैं चिल्ला दूँगी.

भैया- चिल्लाओ आंटी , फिर मैं गांव वालों को आपकी वीडियो दिखाऊंगा.

मम्मी- यह तुम क्या कह रहे है. कौन सी वीडियो दिखाओगे?
भैया ने अपना मोबाइल निकाला और मम्मी की वीडियो उन्हें दिखा दी.

वीडियो देखते ही मम्मी का हलक सूख गया और वे चुप हो गईं.

भैया सोफे पर बैठ गए.

मम्मी अपना सिर पकड़ कर रोने लगीं.

तभी भैया ने उन्हें आवाज़ दी- आंटी रो मत और यहां मेरे पास आ जाओ.

मम्मी- मिथलेश , प्लीज़ इस वीडियो को डिलीट कर दो . अगर ये वीडियो किसी ने देख ली, तो मैं किसी को मुँह दिखाने लायक नहीं रहूंगी.

भैया- आंटी , मैं जानता हूँ. आपका पति आपकी चुदाई नहीं करता है. इस वीडियो में देखो … आप कैसे मुझसे कार में चुदवा कर अपनी गर्मी निकाल रही हो. मैं भी आपसे यही चाहता हूँ कि आप अपनी चूत की गर्मी मुझसे शांत करवा लें.

मम्मी- मिथलेश , मैं ऐसा नहीं कर सकती हूँ.।

तब भैया ने मम्मी का हाथ पकड़ा और उन्हें अपनी गोद में बिठा लिया. मम्मी उठना चाह रही थीं मगर भैया ने उन्हें कमर से पकड़ा हुआ था. और मैं यह सब होते देख रहा था।

भैया- आंटी आपकी और मेरी किस्मत एक जैसी है. मेरे पास कोई गर्लफ्रेंड नहीं है इसलिए मैं अकेला हूँ … और आपके पास पति है … फिर भी आप अकेली हो. क्या हम दोनों एक दूसरे का अकेलापन दूर नहीं कर सकते हैं?

मम्मी- मिथलेश , तुम समझ क्यों नहीं रहे हैं? मैं जानती हूँ कि मेरे पति मुझे टाइम नहीं देते हैं. मगर मैं फिर भी खुश हूँ. अगर तुम्हारे और मेरे बारे में किसी को पता चल गया, तो मैं तो जीते जी मर जाऊंगी.

भैया बार बार मम्मी को समझा रहे थे मगर मम्मी नहीं मान रही थीं.

तब भैया बोले- ठीक है आंटी अब मैं यह वीडियो नयन को दिखा देता हूँ. वह भी तो देखे कि जिस चूत से वह निकला है. उसकी मम्मी उस चूत को कैसे शांत करती हैं. और उसके बाद आपके पति के व्हाटैप्स पर भेज दुंगा। और मेरे बगल में बैठकर वह वीडियो दिखाने लगे ।

तभी मम्मी ने भैया के हाथ से मोबाईल छीन लिया और जमीन पर पटक दिया। भैया को इससे बहुत जोर का ग़ुस्सा आया और मम्मी को एक जोरदार थप्पड़ जड़ दिया । यह देखकर मैं चौंक और मेरी गांड़ फट गई। मैं उनदोनों की नैटंकी देख रहा था । तभी भैया ने अपने गुस्से पर काबू पाया और हंसते हुए कहा " ऐसे हजारों वीडियो है मेरे पास लैपटॉप में , कोई ना कोई वीडियो आपके पति को भेज दुंगा।

पापा का नाम सुनते ही मम्मी डर गईं- मिथलेश प्लीज़, मेरे पति को ये बात नहीं मालूम चलनी चाहिए. तुम जो बोलेंगे मैं वह करूँगी.

भैया- आंटी मुझे अपने बेडरूम में ले चलो. हम दोनों वही एंजाय करेंगे और मैं आपसे वादा करता हूँ कि यह बात किसी को मालूम नहीं चलेगी और मम्मी मान गई।

मम्मी मेरे पास आकर बैठ और अपना रंडी पना बोलने लगी ' मुझे यह बिल्कुल अच्छा नहीं लगा रहा है मैं मजबूर हुं यह सब करने के लिए और तुम यहां रहकर ध्यान देना अगर घर में कोई आये तो मुझे मैसेज कर बता देना और भैया के साथ कमरे में चली गई और मैं कमरे के बाहर उन दोनों की चुदाई सुरक्षा गार्ड बनकर ध्यान देना लगा।

बेडरूम में जाने के लिए मम्मी आगे चलने लगीं और भैया उनके पीछे पीछे चले गए.

............ बेडरूम के अंदर..............

भैया- आपका बेडरूम बहुत अच्छा है आंटी ! मगर यह सब किसी काम का नहीं है. क्या फायदा इस सजावट का … एक औरत को जो चीज़ चाहिए, वह तो आपके पति आपको देते नहीं हैं.

भैया ने मम्मी को बेड पर बिठा दिया और उनकी टांगें उठाकर मैक्सी ऊपर कर दी.

मम्मी ने अन्दर सफेद पैंटी पहनी थी. मम्मी बार बार अपनी मैक्सी नीचे कर रही थीं मगर भैया के आगे उनकी एक नहीं चल रही थी.

भैया ने बड़े प्यार से मम्मी की पैंटी निकाल दी और उसे सूंघने लगे.

मम्मी भैया से बोलीं- मिथलेश प्लीज़!

भैया- आंटी मैं खुद अकेला हूँ. इसलिए बस अपना और आपका अकेलापन दूर करना चाहता हूँ.

भैया ने बड़े प्यार से मम्मी की टांगें खोल दीं. उनकी टांगें खुलते ही मैंने मम्मी की चूत देखी .

मम्मी अपने हाथ से अपनी चूत छुपा रही थीं मगर भैया उनके हाथ हटा दे रहे थे.

भैया ने अपना मुँह मम्मी की चूत में लगा दिया.
मैं बाहर खड़ा सब देख रहा था.

भैया तो जैसे मम्मी की चूत से चिपक गए थे … भैया मम्मी की चूत चाटते रहे.

जल्दी ही भैया की जीभ का कमाल मम्मी के ऊपर दिखाई देने लगा. मम्मी के चेहरे पर कामुकता भरे भाव आने लगे.

भैया ने एक हाथ मैक्सी के अन्दर डाला और वह मम्मी की चूचियां दबाने लगे.
दूसरी तरफ चूत चाटते हुए वे मम्मी की चूत में उंगली करते रहे.

बीच में कई बार मम्मी ने आपने मुँह पर हाथ रखा और खुद की सिसकारियां दबाने की कोशिश की.
मगर भैया की चूत चटाई से वे ज्यादा देर टिक नहीं पाईं और उनका पानी निकल गया.

भैया ने जब अपना मुँह हटाया, तो मैंने देखा कि मम्मी की चूत गीली पड़ी है.
तब भैया ने मम्मी को उठाया.

मम्मी अपना चेहरा छुपा रही थीं.
भैया ने मम्मी की मैक्सी उतार दी.

अब मम्मी सिर्फ़ एक ब्रा में बैठी थीं.
भैया ने मम्मी की ब्रा भी निकाल दी.
मम्मी की चूचियां बाहर निकल आईं.

भैया बारी बारी से मम्मी की चूचियों से खेलने लगे, उन्हें दबाने लगे और चूसने लगे.

फिर भैया ने अपना पजामा निकाल दिया और वे मम्मी के सामने नंगे खड़े हो गए थे.
मम्मी की भी नज़र भैया के लंड पर ही थी.

भैया ने मम्मी का हाथ पकड़ा और अपने लंड पर रख दिया.

भैया मम्मी के हाथ से लंड को आगे पीछे कर रहे थे और दूसरे हाथ से मम्मी की चूचियों के साथ खेल रहे थे.

फिर भैया ने मम्मी को बेड पर लिटा दिया और उनकी टांगें फैला दीं.

भैया ने मम्मी की टांगें पकड़ीं और अपने पास खींच लिया.
इससे मम्मी की चूत भैया के लंड से मिल गयी.

भैया मम्मी की चूत पर अपने लंड से मार रहे थे.
वे ऐसा करते हुए कई बार खिड़की की तरफ देखते थे, जहां कूलर लगा हुआ था.
वे जानते थे कि मैं वहीं से उनकी चुदाई देख रहा हूँ.

भैया मम्मी की चूत पर लंड रगड़ रहे थे मगर उसे अन्दर नहीं डाल रहे थे.

भैया ने मम्मी से कहा- आंटी , मेरा लंड अपनी चूत के छेद पर लगा दो.
मम्मी भी अब बिल्कुल गर्म हो चुकी थीं इसलिए उन्होंने भैया का लंड पकड़कर अपनी चूत के छेद पर लगा दिया.
भैया ने हल्के हल्के अपना लंड मम्मी की चूत में उतार दिया.

लंड जाने में मम्मी को कोई तकलीफ़ नहीं हुई मगर उन्होंने एक मीठी आह के साथ अपनी आंखें ज़रूर बंद की थीं.

भैया ने अपना लंड बाहर निकाल लिया और अपने हाथ पर थूक लेकर लंड पर लगा लिया.

अब लंड थूक से गीला होकर चमक रहा था.
भैया ने फिर से अपना लंड चूत पर लगाया और उनका लंड मम्मी की चूत को चीरता हुआ अन्दर चला गया.

इस बार मम्मी के मुँह से एक चीख निकल गयी- आहह!

भैया मम्मी की जांघें पकड़ कर धक्के लगाने लगे.
वे धक्के लगाते हुए मम्मी को चाट रहे थे.

उनकी जीभ मम्मी के मम्मों पर चल रही थी और उनका लंड मम्मी की चूत की गहराई में तबाही मचा रहा था.

मम्मी को जिस चुदाई का सुख चाहिए था, वह उन्हें भैया दे रहे थे.

इस बात का सबूत मम्मी की मीठी आहें साफ बता रही थीं ‘आहह एम्म्म आह …’
मम्मी के चेहरे पर खुशी के भाव साफ दिख रहे थे.

फिर भैया मम्मी के ऊपर झुक गए और उनकी चूचियों से खेलने लगे.
वे एक को मुँह में पकड़ कर खींचने लगे और मम्मी अपनी छाती को उठा कर भैया को दूध पिलाने की कोशिश करने लगीं.

जब भी भैया मम्मी की चूची को मुँह में पकड़ कर खींचते तो मम्मी के मुँह से पूफ पूफ की आवाज़ आती थी.

भैया धक्के लगाने के साथ साथ मम्मी को और भी ज्यादा गर्म कर रहे थे.

कुछ देर बाद मम्मी के मुँह से एक ज़ोर की आहह निकली और उनका शरीर ढीला पड़ गया.

भैया ने धक्के लगाने रोक दिए और मम्मी के होंठों को चूसने लगे.
इस बार मैंने देखा कि मम्मी ने भी भैया के होंठों को चूसना शुरू कर दिया.

मज़े के पल में मम्मी भूल गयी थीं कि भैया ने उन्हें जबरन सैट करके उनकी चुदाई की है.

वे तो बस उस चरम सुख का आनन्द ले रही थीं जो भैया ने उन्हें दिया था.

अब भैया ने मम्मी की चूत से लंड निकाल लिया.
भैया के लंड का टोपा मम्मी की चूत के पानी से चमक रहा था.

तब भैया बेड पर लेट गए और उन्होंने मम्मी को अपने ऊपर ले लिया.
मम्मी भैया के ऊपर झुकी हुई थीं.

कुछ ही देर में भैया ने लंड वापस मम्मी की चूत में डाल दिया.

मम्मी भैया को कामुक भाव से देख रही थीं और भैया उन्हें देखकर हंस रहे थे.

भैया ने मम्मी की कमर पकड़ी और उसे आगे पीछे चलाने लगे.

कुछ देर तक भैया ही मम्मी की कमर को पकड़ कर चला रहे थे.
मगर फिर मम्मी खुद अपनी कमर को हिला रही थीं.

भैया मम्मी की चूचियों को मसल रहे थे.
मम्मी जल्दी जल्दी अपनी कमर चला रही थीं.
शायद वे भैया को जल्दी ठंडा करना चाह रही थीं.
मगर भैया भी तगड़े खिलाड़ी थे, वे ज़ोर ज़ोर से साँसें ले रहे थे और अपना लंड कंट्रोल कर ले रहे थे.

भैया ने मम्मी को डॉगी स्टाइल में आने को कहा.
मम्मी भी बेड पर डॉगी स्टाइल में आ गईं.

भैया बेड के नीचे खड़े होकर मम्मी की चूत में लंड पेलने लगे.
मम्मी की बड़ी गांड की वजह से भैया को छेद नहीं मिल रहा था.

भैया- आंटी अपनी गांड को आपने दोनों हाथों से फैला लो.
मम्मी ने एक पल की देरी किए बिना अपनी गांड फैला ली.

भैया ने ऐसा मेरे लिए किया था.

जैसे ही मम्मी ने गांड फैलाई, भैया ने खिड़की की तरफ देखा और हंसने लगे.

अब मुझे मेरी मम्मी की चूत का छेद बिल्कुल खुला हुआ दिख रहा था.
उनकी गांड का छेद भी हल्का सा खुल गया था.

भैया ने अपना लंड मम्मी की चूत में डाल दिया और उनकी कमर पकड़ कर धक्के लगाने लगे.

मम्मी बेड पर हाथ रखकर झुकी हुई थीं और उनकी चूचियां झूल रही थीं.
वे भैया के धक्कों की वजह से हिल रही थीं.

भैया ने बीच में कई बार मम्मी की चूचियों को दबाया और ज़ोर से मसल दिया.

फिर भैया ने मम्मी के बालों को पकड़ लिया और तेज तेज धक्के देते रहे.

कुछ ही देर में भैया की स्पीड बहुत तेज हो गयी थी और कुछ ही धक्कों के बाद भैया अपना पूरा लंड मम्मी की चूत में ठांस दिया और वे पड़ोसन की चुदाई करके झड़ कर शांत हो गए.

मम्मी आगे बढ़ना चाहती थीं मगर भैया ने उन्हें पकड़ रखा था.

जब भैया ने अपना लंड बाहर निकाला, तब मम्मी की चूत से भैया का गाढ़ा पानी बेड पर गिरने लगा.

मम्मी के खुले छेद पर भैया का पानी लगा हुआ था.

मम्मी जल्दी से बाहर जाना चाहती थीं मम्मी कपड़े पहनने लगीं. मगर भैया ने उन्हें रोक लिया और उन्हें फिर से बेड पर खींच लिया.

मम्मी- मिथलेश , तुम जो करना चाहते थे, वह तुमने कर लिया. अब यहां से चले जाओ .
भैया- चला जाऊंगा आंटी , बस ये बताओ कि आपको मज़ा आया या नहीं?

मम्मी- इसका मेरे मज़े से क्या लेना देना है? तुमको तो बस मेरे साथ सेक्स करना था. जो तुमने कर लिया. अब प्लीज़ यहां से चले जाओ!

भैया- तो आंटी क्या मैंने आपके पति से ज्यादा अच्छे से चुदाई की है? सच बताना … आपको आपके बेटे की कसम है!

मम्मी दुविधा में पड़ गईं कि वह इस बात का क्या जवाब दें.
मगर मेरी कसम के चलते उन्हें सच कहना पड़ा.

मम्मी- हां मुझे तुम्हारे साथ सेक्स करके मज़ा आया.

भैया यह बात सुनते ही मम्मी को किस करने लगे. मगर मम्मी ने उन्हें दूर कर दिया.

भैया- आंटी सच बताऊं, मैंने जब आपको फर्स्ट टाइम देखा था. तभी से मैं आपका दीवाना बन गया था.

मम्मी भैया की बातें सुनती रहीं.

भैया- मैं रात को आपका इंतज़ार करूँगा. आप आपने बेटे के सोने के बाद मेरे घर पर आ जाना. आपकी चूत की सारी गर्मी निकाल दूँगा.

मम्मी- तुम्हारा दिमाग़ खराब हो गया है! मैं ऐसा कुछ नहीं करने वाली. अगर गांव वालों ने देख लिया, तो मेरी तो ज़िंदगी बर्बाद हो जाएगी.

भैया- तो , आप नयन के साथ आ जाना। किसी को शक नहीं होगा. रात को 11 बजे मैं आपका इंतज़ार करूँगा.

फिर मम्मी बिस्तर से उठकर कपड़े पहन कर कमरे से बाहर आई।

मम्मी के कमरे से निकलने से पहले मैं हॉल में आ गया.
कुछ देर में मम्मी कमरे से बाहर आई और मेरे बगल में सोफे पर बैठ गई और भैया दरवाजा खोलकर अपने घर की ओर चल दिया।

मम्मी बड़ी ही अज़ीब असमंजस में दिखाई दे रही थीं.

तब मैंने कहा - मम्मी कोई बात है किया ?

थोड़ी देर बाद मम्मी बोली - मिथलेश रात में हम दोनों को अपने घर पर बुलाया है और मैं नहाने जा रही हुं । तू बाहर जाकर कुछ कन्डोम और प्रेगनेंसी रोकने वाली टैबलेट ला देना। क्योंकि जो टैबलेट लाए थे, वो ख़त्म हो गया है और वह नहाने चली गई ।

मैं : ठीक है ला दूंगा।

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दोपहर को मैं हाट ( बाजार ) से घर आया। दोपहर का खाना खाने के बाद मैं कमरे में आ गया और आज का दिन भी ऐसा ही निकल जाता है, और शाम हो जाती है।

फिर शाम को मैं जब नीचे हॉल में जाता हूं, तो सब लोग वहीं बैठ के बात करते हैं। कुछ घंटे बाद रात का खाना-पीना हो जाता है। सभी अपने कमरे में चले जाते हैं मैं और मम्मी भी अपने कमरे में आ जाती हैं। कमरे में आने के बाद मम्मी बोलती है-

मम्मी: नयन सुन , थोड़ी देर बाद हम दोनों को मिथलेश के घर जाना है । ये बात किसी को पता नहीं चलना चाहिए।

नयन : हां , ठीक है मम्मी और कुछ देर हम दोनों बैठ के बातचीत करते हैं फिर रात 10 बजे मम्मी तैय्यार होना शुरू कर देती है, और लगभाग आधे घंटे बाद मम्मी तैय्यार हो जाती है।

मैं मम्मी को देखता हूँ। मम्मी के खुले बाल, गहरे लाल रंग की लिपस्टिक, लाल रंग का डीप नेक वाला ब्लाउज, जिसमें से मम्मी का आधे चूची बाहर रहते हैं, लाल रंग की साड़ी, वो भी नाभि के नीचे तक, मम्मी का मुलायम पेट, और नभी कमाल का लग रहा था और ऊपर से मम्मी का मदहोश कर देने वाला परफ्यूम आहों मन तो कर रहा था कि अभी मम्मी को चोद दूं । फ़िर मम्मी प्रेगनेंशी रोकने वाला टेबलेट निकलती है और उसमें से 2 टेबलेट खा लेती है। मैं मम्मी को घूरता रहता हूं, तो मम्मी यह देखकर मुझे बोलती है-
मम्मी: कैसी लग रही हुं नयन डार्लिंग?

नयन : सुपर सेक्सी, सेक्स बम लग रही हो मम्मी। मन तो कर रहा है अभी आपको मैं दबाकर चोद दूं।

मम्मी: धन्यवाद , नयन लव यू उम्म्म्हा (मेरे होठों को चूमते हुए) लेकिन अभी नहीं।

नयन : ठीक है मम्मी, मैं भी आपसे बहुत प्यार करता हूँ।

फिर मम्मी कंडोम का पैकेट साथ रख लेती है और भैया के घर चलने के लिए तैयार थी । मैं और मम्मी कमरे से बाहर निकलने के बाद चुप-चाप हम दोनों घर के पीछे वाले रास्ते से निकलते है, क्यूंकि उस रास्ते पर चारों तरफ़ एकदम अँधेरा था। कुछ मिनट बाद हम दोनों भैया के घर पहुँच जाते है।

हमलोग वह पहुंचे तो घर का दरवाजा पहले से खुला हुआ था और भैया वहीं खड़े होकर हमलोग का इंतजार कर रहे थे । हमलोग जल्दी-जल्दी घर के अंदर जाते है। तब भैया दरवाजा बंद कर देते हैं और हमलोग घर के अंदर जाकर सोफे पर बैठते हैं । तब वह पहले से एक व्यक्ति सोफे पर बैठा था जो देखने में किसी पहलवान की तरह लग रहा था । कुछ देर बाद भैया उस व्यक्ति का परिचय हमलोग से करवाते है । परिचय के दौरान पता चला उसका नाम लोहा पहलवान हैं और भैया का दोस्त है । परिचय कराने के बाद भैया वह से उठकर कमरे में जाकर दो शराब और एक विशकी की बोतल और चार गिलास लेकर आते हैं और सोफ़ा के सामने रखे टेबल पर रख देते हैं । फिर थोड़ी देर बाद चारों गिलास में पैक बनाकर हम सभी को दिया।

मगर मम्मी ने पैक लेने से मना कर दिया और कहा ' हमें यहां इतनी रात को कियुं बुलाये हो '

भैया - पहले पैक खत्म करो बताता हूं । और इतनी जल्दी किस बात कि हैं तुम्हें।

मम्मी भी ज़िद करते हुए बोली " पहले बताओ "

तभी भैया ने कहा "' आज तुम्हें मेरे दोस्त को खुश करना है "

मम्मी यह सुनते ही बोली - मैं कोई रंडी नहीं हुं, मैं एक शादीशुदा औरत हूं और एक बच्चे की मम्मी हुं । प्लीज मेरे साथ ऐसा मत करो। और रोने लगी।

तब भैया - लगता है तुम ऐसे नहीं मानेगी । वह वीडियो तुम्हारे पति को भेज ही देता हूं। और सोफे से उठकर कमरे में जाकर लेपटोप लाकर भेजने ही वाले थे कि तभी मम्मी उसे बिनती करते हुए कहती हैं - तुम जैसे बोलोगे मैं वैसा ही करूंगी प्लीज़ वीडियो मत भेजना।

भैया रूक गये और बोले - " यह हुईं ना समझदारी वाली बात " और फिर एक पैक बनाकर मम्मी को दिया और मम्मी एक ही सांस में पुरा पी गई इस तरह मम्मी टोटल चार पैक पी गई। थोड़ी ही देर बाद शराब के नशे में मम्मी बड़बड़ाने लगी ।

यह देखकर भैया ने अपने दोस्त से कुछ इशारा में कहा वह सोफे से उठकर मम्मी के बगल में बैठ गया और बोले -

लोहा पहलवान - आज रात तेरे को ऐसा चोदूंगा कि कल तू ठीक से चल नहीं पाएगी।

मम्मी ( नशे में ) - इसीलिये तो मैं आपके पास आई हूं लोहा जी, रगड़ के चोदो मेरे को। मैं तो सालों से आपसे चुदने के लिए तरस रही हूँ।

लोहा पहलवान : आज तेरी सारी इच्छा पूरी हो जाएगी और लोहा पहलवान मम्मी की पीठ को अपने हाथों से सहलाते रहते हैं। इससे मम्मी बहुत जोश में आ जाती है और लोहा पहलवान को ज़ोर से अपनी बाहों में जकड़ लेता है। इस दौरान लोहा पहलवान मम्मी के होठों को चुमने लगता है और मम्मी भी लोहा पहलवान के होंठ चूमने लगती हैं।

अब दोनों एक-दूसरे को पूरे जोश में आकर एक-दूसरे के होठों को चुमते रहते हैं। कुछ देर बाद भैया उन दोनों को आवाज लगाकर रोकते हैं और बोलते हैं -" सारा मजा यही लेने का विचार है किया , जाओ कमरे में और रगड़ - रगड़ के मजे लो " तभी लोहा पहलवान ने मम्मी को बाहों में उठाकर कमरे के अंदर ले गया।

इधर मैं और भैया सोफे पर बैठकर इधर उधर की बात करने लगे तभी भैया ने मुझे दो पैक बनाने को बोला मैंने झट से दो पैक भैया को दिया । भैया ने एक बार में पुरा दोनों पी लिया । अभी तक भैया का टोटल 6 पैक पुरा हो चुका था और मेरा दो पैक।

6 पैक पुरा होने के कुछ देर बाद भैया खड़ा होकर अपनी पैंट और अंडरवियर उतार दी वहीं सोफे पर रख दिया और नशे के हालात में बड़बड़ाते हुए मुझसे कहा - " चल तू मेरे लौड़े को हिलाने में लग जा " और वह सोफे पर लेट गए । मैं उसके करीब गया और लौड़े को हाथ से पकड़ हिलाने लगा। थोड़ी ही देर बाद उसका लौड़े बिल्कुल लोहे जैसा सख़्त हो गया था और भैया नशे में मदहोश होकर कहराने लगे । मैंने इसी चीज़ का फैदा उठाते हुए उससे उसके लैपटॉप और मोबाइल का पासवर्ड पुछ लिया । वह नशे में चूर होने के कारण मुझे पासवर्ड बताया दिया । मैंने झट से अपने मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया। करीब 40 मिनट तक उसके लौड़े को एक ही रफ्तार में हिलाने के बाद उसके लौड़े ने माला छोड़ा । लौड़े का माला छोड़ते ही वह गहरी नींद में चला गया।

मैंने बिना देर किए उसके लैपटॉप में पासवर्ड डालकर खोलकर मम्मी की सारी वीडियो मिटाना चालु कर दिया। कुछ ही देर में सारा वीडियो मिटा दिया। अब मैं उसके मोबाइल को खोजने लगा। मोबाइल खोजते हुए मैं दुसरे कमरे तक पहुंच वह मिला। मैंने बिना देर किए उसमें पासवर्ड डालकर खोलकर और सारी वीडियो मिटा दिया और मोबाइल को वैसे ही रख दिया और कमरे के बाहर निकल आया। और जाकर सोफे पर बैठने ही वाला था कि मुझे लोहा पहलवान की कहराने की आवाज आई और मैं कमरे के खिड़की के पास जाकर देखा। अंदर का नजारा बिल्कुल कामुक से भरा हुआ था । लोहा पहलवान पुरा नंगा हो चुका था और मम्मी भी ( ऊपर ) आधी नंगी हो चुकी थी। ( अब कमरे के अंदर का नजारा )


लोहा पहलवान: आहा..... हा वाह..... क्या आनंद आ रहा है.

मम्मी एक-दम रंडी जैसे लोहा पहलवान का लंड चूस रही थी और बीच-बीच में उसके झांट को भी चूम रही थी ।

लोहा पहलवान: पंखुड़ी , क्या बेहतरीन लंड चूसती है तू . अहा हा क्या मजा आ रहा है, चूसती रहो .

मम्मी मजे से लंड चूसती रहती थी । कुछ देर लंड चुसवाने के बाद लोहा पहलवान मम्मी को रोक देता है, और मम्मी को खड़ा कर देता और पेटीकोट निकाल देता है। पेटीकोट निकालते ही मम्मी का लाल रंग की चड्ढी पहनी हुई दिखाई देती है । बिना समय गंवाए हुए वह चड्डी भी उतार देता है। और मम्मी की बिना बालों वाली गुलाबी चूत को एक-दम लार टपकाते हुए देखने लगता है। फिर मम्मी बिस्तर पर जा के सीधा लेट जाती है, और अपनी दोनों तांगों को फैला के चूत दिखाते हुए हांथो के उंगली से अपने ओर आने का इशारा करती है।

लोहा पहलवान बिना समय गंवाए हुए सीधा बिस्तर पर चढ़ जाता है, और मम्मी की चूत में जीभ डालकर चाटने लगता है। मम्मी उसका सर पकड़कर अपनी चूत में दबती रहती है।

मम्मी : आआह... आआह... चाटो लोहा जी आआह... आआह.... ओह्ह .... और चाटो मजा आ रहा है आआह... आह.

लोहा पहलवान को चूत चाटते हुए कुछ देर हुआ ही था कि

मम्मी: आआह.... आआह.... आआह.... लोहा जी मैं झड़ने वाली हूँ. आआह..... मेरी चूत का सारा पानी पी जाओ आआह.... आआह आआह.... आआह. और फ़िर मम्मी लोहा पहलवान के मुँह में झड़ जाती है और लोहा पहलवान मम्मी की चूत का सारा पानी पी जाता है।

लोहा पहलवान: पंखुड़ी , तेरी चूत के पानी का स्वाद कमाल का है। मजा आ गया.

तभी मम्मी बोली : लोहा जी अब अपने लंड का स्वाद मेरी चूत को चोद के दो ।

लोहा पहलवान: इसके लिए मेरा लंड बहुत देर से तैयार है।

फिर मम्मी एक कंडोम निकालती है और लोहा पहलवान के लंड पर पहना देती है। लोहा पहलवान मम्मी के ऊपर चढ़ के सीधा मम्मी की चूत में अपना लंड घुसा देता है और मम्मी अपने दोनों हाथों से लोहा पहलवान को जकड़ लेती है। लोहा पहलवान अब मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगता है।

तब मम्मी बोलती है : आआह... चोदो लोहा जी आआह.... आआह.... आआह आआह... मज़ा आ रहा है आआह... आआह.... आह.

लोहा पहलवान लगतार ज़ोर-ज़ोर से धक्का मारता रहता है और मम्मी उसके हर धक्के को एन्जॉय करती रहती है।

लोहा पहलवान: आज तेरी चूत फाड़ दूँगा हांआह.... हांआह.....। क्या कमाल की माल है तू पंखुड़ी , तेरे जैसी माल आज तक चोदने नहीं मिली हा... हा... हा...।

मम्मी: आआह.... आआह.... आआह.... फाड़ दो मेरी चूत को । जी भर के चोदो मुझे लोहा जी आआह..... आआह..... आआह.... आआह.... आआह.

लोहा पहलवान बहुत ज्यादा जोर लगाकर मम्मी को चोद रहा था। मम्मी लोहा पहलवान के नीचे पूरी दबी हुई थी। पूरे कमरे से मम्मी के चिल्लाने की और चुदाई की फैट... फैट.... फैट .....की आवाज गूंज रही थी।

मम्मी: आह.... आआह.... आआह.... आआह.... आआह और चोदो आआह.... आआह ....आअहह.... मजा आ रहा है लोहा जी आआह ..... आआह.

थोड़ी देर ऐसे चोदने के बाद लोहा पहलवान थक जाता है। फ़िर मम्मी लोहा पहलवान को लिटा देती है, और उसके लंड को अपनी चूत में घुसा के उसके ऊपर बैठ जाती है, और उछलने लगती है।

मम्मी: आआह...... आआह..... आआह.... आआह.... ओह्ह्ह... हाँ आह मज़ा आ गया आह... आह... आह... आआह।

फिर अचानक से लोहा पहलवान मम्मी को अपनी तरफ खींच के अपने दोनों हाथों से जकड़ लेता है। वो अपनी दोनों टांगें उठा के ज़ोरदार धक्के लगाने शुरू कर देता है, और बहुत ज़ोर-ज़ोर से फैट...फैट ...की आवाज़ कमरे में गूंजने लगती है।

मम्मी: आआह..... आआह..... आआह..... आआह.... वाह मजा आ गया आज तो आआह... आआहा... आआह... आआह.... आआह... आआह.. अब मैं झड़ने वाली हूं.

लोहा पहलवान : मैं भी .

मम्मी: आह.... आआह.... आह.... आह... आआआह.

फिर लोहा पहलवान और मम्मी दोनों साथ में झड़ जाते हैं, और दोनों एक-दूसरे से चिपक जाते रहते हैं।

मम्मी लोहा पहलवान के ऊपर उससे चिपकी हुई लेटी रहती है, और लोहा पहलवान भी मम्मी के साथ चिपक हुआ रहती है। फ़िर मम्मी बोली- वाह लोहा जी , मजा आ गया. आप तो कमाल का चोदते हो.

लोहा पहलवान: वो तो है. लेकिन तू भी कमाल की माल है. तेरे जैसी औरत आज तक चोदने को नहीं मिली।

फिर वह दोनों अलग-अलग होकर सो जाते हैं । मैं भी खिड़की के पास से हटकर दुसरे सोफे पर आकर लेट जाता हुं थोड़ी देर ही देर में मैं गहरी नींद में चला गया।

मम्मी जोर से चिल्लाती है. जिसकी वजह से मेरा नींद खुल जाती है मैं उठकर सोफे पे बैठ जाता हूं जब मैं घड़ी की ओर देखा। तो उसमें रात के 2 बजे हुए थे तभी मम्मी की फिर से आवाज आती है। मैं सोफे से उठकर सीधा खिड़की के पास जाकर अंदर देखने लगा ।

मम्मी: आआआह लोहा जी, आराम से करो.

लेकिन लोहा पहलवान जोर-जोर से धक्के मारने लगता है, और मम्मी झटपटती रहती है।

मम्मी: आआआह..... आआआह..... लोहा जी, धीरे करो, बहुत दर्द हो रहा है आआआह..... आआआह.....आआह.....

लोहा पहलवान - आज रात तेरी गांड को मैं रगड़ के चोदूंगा।

मम्मी: आआह.... आआआह.... आआह... आआह... धीरे-धीरे आआह.... आआआह.. आआह...

लोहा पहलवान मम्मी की एक भी नहीं सुनता है, और जोर-जोर से धक्के मारता रहता है। कुछ देर में मम्मी को भी मजा आने लगता है।

मम्मी: आआह... आआआह... आआह... ज़ोर से करो, मज़ा आ रहा है. आआह... आआह.... आह... ओह्ह्ह.... आआह.... चोदो मेरी गांड को आह... आआह..... आआह.

कुछ देर कुतिया बनाकर के चोदने के बाद लोहा पहलवान अब मम्मी को बिस्तर पर उल्टा लिटा देता है। फिर मम्मी के दोनों चूतड़ों को फैला देता है, और पीछे से मम्मी के ऊपर चढ़ जाता है। उसके बाद वो अपना लंड मम्मी के गांड़ की छेद में घुसा के जोर-जोर से चोदने लगता है। कमरे में फैट फैट फैट की आवाज गूंज रही होती हैं। मम्मी की गांड को चोदते हुए लोहा पहलवान अब मम्मी के होठों को भी चूमना शुरू कर देता है और मम्मी भी उसके होठों को चुमने लगती है । थोड़ी देर बाद लोहा पहलवान बहुत तेज़ धक्के मारता रहता है उसके तेजी से धक्का लगाने से मम्मी समझ जाती है कि वह झड़ने वाला है।

लोहा पहलवान: मैं झड़ रहा हूं हा हा हा।

मम्मी: आह आह आह।

फिर लोहा पहलवान झड़ जाता है, और मम्मी के ऊपर ही लेटा रहता है। कुछ देर बाद लोहा पहलवान साइड में लेट जाता है और
मम्मी से कहता है।

लोहा पहलवान: मजा तो बहुत आया होगा पंखुड़ी । तू झूठ मत बोलना, सच बता तू कितने मर्द से अभी तक चुदी है ?

मम्मी थोड़ा घबरा जाती है और बोलती है - मतलब?

लोहा पहलवान: मतलब यह है कि तेरा पति तो तुझे चोदता तो है नहीं . लेकिन तेरी चूत और गांड बता रही है कि तू किसी से चुदती है।

मम्मी: वाह लोहा जी, आप तो बड़े अनुभव हो।

लोहा पहलवान: मैं इस गांव की बहुत सारी औरतों को चोदा हूं। मेरे को इसका बहुत तगड़ा अनुभव है, और तेरी चूत और गांड चोद कर मैं समझ गया हूँ कि तू किसी से चुदती है।

मम्मी: हां लोहा जी, शहर में मेरा एक बॉयफ्रेंड है, जिससे मैं चुदती हूं (मम्मी मुझे अपना बॉयफ्रेंड बोल रही थी)।

लोहा पहलवान: लगा ही था मेरे को.

मम्मी: अब जिस्म की भूख को शांत करना भी जरूरी है लोहा जी।

लोहा पहलवान: सही बात है.

फिर मम्मी ने लोहा पहलवान को चिढ़ाते हुए बोला : लोहा जी, क्या आप थक गये हो?

लोहा पहलवान : नहीं तो .

मम्मी: तो रूके क्यों हो? फिर से चोदो ना मुझे को.

लोहा पहलवान: एक नंबर की चुदक्कड़ है तू.

मम्मी हंसने लगती है. फ़िर मम्मी लोहा पहलवान के ऊपर चढ़ जाती है, और उसके होठों को चुमने लगती है। लोहा पहलवान भी मम्मी की पीठ को सहलाते हुए मम्मी के होंठों को चूमते रहता हैं।

कुछ देर एक दूसरे को चुमने के बाद मम्मी लोहा पहलवान के लंड को चूस के खड़ा करना शुरू कर देती है मम्मी लगातार लोहा पहलवान के लंड को चूसती रहती है। जिससे कुछ ही देर में लंड खड़ा हो जाता है। उसके बाद मम्मी उसपर कंडोम पहनती है। और उसके लौड़े पर सवार होकर उछलना कूदना चालू कर देती है।

थोड़ी देर बाद मम्मी चिलाना लगी है : आआह.... आआह.......आआह.....आआह .....आआह.

लोहा पहलवान: हां हां पंखुड़ी तू किसी से भी चुद ले, लेकिन तेरे को मेरे से ज्यादा मजा कोई नहीं देगा।

मम्मी चुदाते हुए बोली : आआह... आआह... आह.. आह.... आप गलत हो लोहा जी आह... आह.....एक है , जो आपसे भी ज्यादा मजा देता है आआह.... आआह।

लोहा पहलवान : कौन है ?

मम्मी : आह... आह.... मेरा बॉयफ्रेंड आआह. वह एक नौजवान लड़का है आआआह... आआह... आआह.... मेरे को हर रात चोद के खुश करता है आआह.... आआह.... आआह. ( मम्मी मेरी बात कर रही है. )

लोहा पहलवान यह सुनकर गुस्से में आ जाता है और लगतार मम्मी को चोदते रहता है। मम्मी भी मजे से चुदती है. पूरे कमरे से बस मम्मी के चिल्लाने की और फैट फैट फैट की आवाज आती रहती है। फिर लोहा पहलवान मम्मी को सीधा लेटाता है, और मम्मी की चूत में अपना लंड घुसा के मम्मी को ज़ोर-ज़ोर से चोदने लगता है।


मम्मी: आआह..... आआह.... आआह.... आआह.... बहुत मजा आ रहा है लोहा जी.

यह सुनकर लोहा पहलवान अपनी रफ़्तार और तेज़ कर देता है।

मम्मी: आआह.... ओह्ह क्या बात है आआह.... मैं झड़ने वाली हूँ आआह.... आआह... आआह.... आआह.

लोहा पहलवान: मैं भी झड़ने वाला हूं।

मम्मी: आआह....आआआह.... आआह .....आआह......

फिर दोनों एक साथ में झड़ जाते हैं और दोनों एक दूसरे से लिपटे रहते हैं।

तभी लोहा पहलवान बोला : पंखुड़ी मजा आया मेरे को?

मम्मी: हां मुझे भी बहुत मजा आया लोहा जी.


फिर लोहा पहलवान मम्मी के चुची और चूतड़ों को दबा के अपना कपड़ा पहनकर चले जाता है। मैं वहीं छुपा रहता हूं. लोहा पहलवान के जाने के बाद अब मम्मी कपड़ा पहनकर कर रूम से निकलने वाली होती है। मैं जल्दी से भाग के सोफे पर जा के सोने का नाटक करता हूं। 3- 4 मिनट में मम्मी हॉल में आती है और मुझे सोया हुआ समझ उठाती हैं । फ़िर मम्मी और मैं चुप-चाप अपने घर आकर कमरे में बिस्तर पर जाकर सो जाता हैं।

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Next update...... होली और करवाचौथ



अगले दिन दोपहर 12 बजे मैं उठता हूं, तो मैं अकेला ही बिस्तार पर था । शायद मम्मी पहले ही उठ गई थी । मैं उठकर के बाथरूम में जाने ही वाला था , तभी मम्मी रूम में आई और बोली-

मम्मी: बेटा तेरे बुआ का बेटा विकी आया है ।

नयन : ठीक है मम्मी , पर वह यहाँ कब तक रुकेंगा ?

मम्मी: बोल रहा था यहां 2-3 रूकेगा यानी होली खेलने के बाद ही जायेगा।

नयन : फिर हम लोग चुदाई कैसे करेंगे? मैं तो एक दिन भी आपको छोड़ नहीं सकता।

मम्मी: बेटा बस 2-3 दिन की बात है. फिर ये चला जायेगा . तब हम लोग चुदाई करेंगे. लेकिन जब तक वह रहेगा तब तक घर में हमारा चुदाई करना मुश्किल है।

नयन : अरे ये क्या मम्मी?

मम्मी: सॉरी बेटा, मैं ऐसा नहीं चाहती। लेकिन जबतक वह घर पर है, हम दोनो को कंट्रोल में रहना होगा।

नयन (उदास मन से): ठीक है मम्मी।

मम्मी: सॉरी बेटा, मैं तेरे को उदास नहीं करना चाहती, पर मैं भी क्या करूँ?

नयन : ठीक है मम्मी, देखते हैं.

मम्मी: तू जाके नहा ले. फ़िर मैं खाना लगाती हूँ।

सोनू: हां। मम्मी मुझे तुम्हें एक बात बतानी थी ।

मम्मी : कौन सी बात ?

नयन : जब आप और लोहा पहलवान कमरे में रोमांस कर रहे थे और मैं बाहर बैठा था ।

मम्मी : हां तो ?

नयन : मिथलेश भैया के ज्यादा शराब पीने कि वज़ह से वही सोफे पर लुढ़क गये थे और बड़बड़ाने लगे । मैंने उसके नशे में होने का फैदा उठकर उनसे उसके लैपटॉप और मोबाइल का पासवर्ड पुछ और उन्होंने बता दिया और मैंने बिना देर किए उसके लैपटॉप और मोबाइल वीडियो मिटा दिया । इस लिए अब आपको घवराने की जरूरत नहीं है।

( मम्मी यह सुनकर काफी खुश हुईं और उन्होंने मेरे दोनों गालों पर चुम्बन का बैछा कर दिया । थोड़ी देर उन्हें रोकते हुए कहा )

नयन: मम्मी सिर्फ चुम्बन से काम नहीं चलेगा।

मम्मी: बता तुझे किया चाहिए।

नयन: फिलहाल मुझे जो चाहिए वह तो आप भी दोगी नहीं लेकिन मैं आपसे बाद में मांग लुंगा । बस याद रखना।

मम्मी: तुझे बाद में जो चाहिए मुझसे मांग लेना । वादा करती हूं।

फ़िर मैं नहाने चला गया ।

कुछ देर बाद मैं नहा के तैयार होके रूम से निकला। तब बुआ , विकी और मम्मी हॉल में बैठी थी. मैंने मम्मी को देखा. वो नीले रंग की साड़ी पहनती थी, वो भी नाभि के नीचे तक। मम्मी की नाभि बड़ी ही सुंदर दिख रही थी, और बुआ का गोरा-गोरा पेट भी कमाल का लग रहा था। मैं बुआ के पास जाके बैठ गया। जैसा ही मैं बोलने वाला था, उतने में बुआ मेरे को देख के बोली-

बुआ : अरे बेटा नयन , तू नहा के आ गया? और बाप रे, कितना हैंडसम हो गया है तू!

नयन : धन्यवाद बुआ . पर आप भी तो बहुत खूबसूरत हो बुआ ।

बुआ (शर्माते हुए): अरे अब मैं कहां खूबसूरत दिखती हूं।

नयन : नहीं बुआ , आप तो बहुत खूबसूरत हो. फुफा जी तो आपको छुपा के रखते होंगे कहीं आपको कोई और ना ले जाए।

बुआ : अरे तेरे फुफा जी के पास तो टाइम ही नहीं. बस दिन भर काम-काम करते रहते हैं। मेरे ऊपर तो ध्यान ही देते हैं।

नयन : तो आप ध्यान दिया करो फुफा जी पर।

बुआ : मैं जब ध्यान देने जाती हूं, तब उनको सिर्फ काम रहता है।

नयन: अरे ये तो गलत है. इतनी खूबसूरत बीवी मिली है फुफा जी को, ध्यान देना चाहिए

बुआ : वही तो बेटा, मेरे ऊपर उनका ध्यान ही नहीं है।

नयन : हां बुआ अब क्या कर सकती है.

बुआ : अरे तू वो सब छोड़, ये बता तेरी कोई गर्लफ्रेंड है की नहीं?

मम्मी किचन में काम कर रही थी, और बुआ का ये सवाल सुनते ही मेरी तरफ देख कर मुस्कुराने लगी। मैं भी सोचा मम्मी को थोड़ा छेड़ा जाए।

नयन : हां बुआ , मेरी एक गर्लफ्रेंड है.

मम्मी अपनी आंखें बड़ी करके मेरे को नहीं-नहीं का इशारा करने लगी।

बुआ : अच्छा कौन है? कैसी दिखती है?

मैं मम्मी के तरफ़ हाथ दिखा के बोला-

मम्मी : वो देखो मेरी गर्लफ्रेंड, अभी किचन में काम कर रही है।

बुआ (जल्दबाजी में): अच्छा, मेरी भाभी , तेरी गर्लफ्रेंड बन गई है?

फिर मैं उठा और मम्मी के पास गया और मम्मी को पीछे से पकड़ लिया।

नयन : हां बुआ , मम्मी ही तो मेरी गर्लफ्रेंड है.

मम्मी (धीमी आवाज में): बेटा प्लीज मत कर ऐसा, सब कबाड़ा हो जाएगा।

नयन : कुछ नहीं होगा मम्मी .

बुआ : वाह भाभी , आपका बॉयफ्रेंड बहुत हैंडसम है ।

मम्मी: हां बहुत बदमाश है. मेरा पीछा छोड़ता ही नहीं है

बुआ : आप बहुत लकी हो भाभी , जो आपको नयन जैसा हैंडसम और प्यार करने वाला बेटा मिला है।

बुआ : काश नयन जैसा बॉयफ्रेंड मेरे को भी मिल जाता।

मैं और मम्मी , बुआ की बात सुन के थोड़ा सा शॉक हो गए।

नयन : आप अगर कहोगी तो मैं आपका भी बॉयफ्रेंड बन जाऊंगी।

बुआ : लेकिन तू तो भाभी का बॉयफ्रेंड है, और तू मेरा भी बॉयफ्रेंड बन जाएगा तो भाभी को बुरा लगेगा ना।

मम्मी: मैं क्यों नाराज होऊंगी.

नयन : पक्का, आप नाराज़ तो नहीं होंगे ना?

बुआ : तो फिर ठीक है. नयन डार्लिंग मेरे पास आके बैठ ना।

फिर मैं बुआ के पास जाके उनका बगल में बैठ जाता हूं। मम्मी किचन से ये सब देखते रहती हैं। फ़िर बुआ मेरे से चिपक के बैठ जाती है, और एक अपना हाथ मेरे गले में डाल देती है। मैं भी बुआ के गले में हाथ डाल के बैठ जाता हूं। अब बुआ के बड़े-बड़े चूची मेरी छती में टच होने लगे थे । तभी मम्मी बोली-

मम्मी: नयन पहले खाना खा लो। बाद में बुआ के साथ फ्रैंडशिप करना।

फिर हम लोग खाना खाते हैं. खाना खाने के बाद बुआ को फुफा जी का फोन आ जाता है, और बुआ बात करने लग जाती है। फिर मम्मी किचन में बर्तन धोने लग जाती है। मैं मम्मी के पास जाता हूं और बोलता हूं-

नयन : मम्मी ज़रा सुनो .

मम्मी: बोलो .

नयन : मम्मी आपके वादा पूरा करने का समय आ गया है । आप कुछ ऐसा करो जिससे बुआ मेरे से चुद जाये ।

मम्मी: मैं ऐसा नहीं कर सकती .

नयन : पर आपने वादा किया था ना जो मैं कहुंगा वह आप पुरा करोगी ।

मम्मी: हां किया था और मैं तुझे बताता देती हुं कि मैं फिर कोशिश करूंगी ।

नयन: अच्छा ठीक है कोशिश करो।

फ़िर मैं कमरे में चला आता हूँ। थोड़ी देर बाद विकी मेरे कमरे में आता है।

वो बोलता है : नयन चलो गांव घूमने चलते हैं ऐसे भी गांव बहुत दिनों बाद आया हूं इसलिए गांव में घूमने का मन कर रहा है ।

नयन: अच्छा ठीक है चलो। फ़िर हम दोनो गांव घूमने निकल जाते हूँ। गांव घूमने में शाम हो जाती है. शाम को मैं और विकी घर आ जाता हुं तो देखता हूं मम्मी और बुआ हॉल में बैठ के बात कर रही हैं, और दोनों मेरे को देख के मुस्कुरा रही हैं। मैं भी हंस के कमरे में चला जाता हूं।

फिर हाथ मुँह धोकर आता हूँ, तो हॉल में सिर्फ मम्मी बैठी रहती है। और मम्मी बोली- बेटा तेरा काम हो गया.

नयन : अरे वाह! तो ठीक है, आज हम तीनों एक साथ चुदाई करेंगे। थ्रीसम मजा आ जाएगा.

मम्मी: मज़ा आएगा पर थ्रीसम आज रात नहीं होगा। क्योंकि तेरी बुआ चाहती है कि आज तू उसको अकेले चोदे। थ्रीसम हम लोग बाद में करेंगे.

नयन : बाद में क्यों , आज रात क्यों नहीं ।

मम्मी: आज रात अकेले ही बुआ को चोद लो, इसी बहाने मेरे को भी आज रात थोड़ा आराम मिल जाएगा। क्योंकि लोहा पहलवान के साथ रोमांस करने के बाद मेरी चुत में हल्का सा सुजन हो गया है । इस लिए आज रात में आराम करना चाहती हुं।

नयन : अच्छा ठीक है आपको जैसा अच्छा लगे ।

फ़िर थोड़ी देर बाद बुआ हॉल में आती। मम्मी और बुआ दोनों साथ में किचन में घुस जाती है रात का खाना बनाने के लिए और मैं हॉल में टीवी देखने बैठ जाता हूं ।

कुछ घंटे बाद हम लोग रात का खाना खाते हैं। फिर मम्मी और बुआ किचन में बर्तन धोने चली जाती है । मैं हॉल में ही टीवी देखता रहता हूं। आधे घंटे बाद दोनों बहार आती है। बुआ मुस्कुराती हुई मेरी तरफ देखती है और अपने कमरे में चली जाती है। मम्मी मेरे पास आके बैठ जाती है और बोलती है-

मम्मी: आधे घंटे बाद पुनम के कमरे में चले जाना, और तगड़े से चोदना उसको, और ऐसा चोदना कि कल सुबह वो ठीक से चल भी ना पाये।

नयन : ठीक है , पर विकी का किया होगा।

मम्मी: तु उसकी टेंशन मत ले मैं उसे संभाला लुंगी और मैं सोने जा रही हूँ। ऐसे भी बहुत थकी हुई हू. नींद भी पूरी नहीं हुई है.

नयन : हां आप जाके आराम करो.

मम्मी: शुभ रात्रि, मेरे प्यारे नयन । मैं तुमसे प्यार करती हूँ।

नयन : शुभ रात्रि । मैं भी तुमसे प्यार करता हूँ।


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फिर मम्मी ने विकी को बुलाया और कहा : आज तुम्हें मेरे रूम में सोना पड़ेगा।

विकी : क्यों, मैं अपने मम्मी के पास क्यों नहीं सो सकता। और नयन कहां सोऊंगा ।

मम्मी : क्योंकि तेरी मम्मी को पेट में जोर का दर्द उठा है इस लिए तेरी मम्मी ने मुझे कहा है आज रात विकी को आप अपने पास रूम में सोने को बोल देना। और नयन यहां हॉल में सोफे पर सोऊंगा ।

विकी : अच्छा ठीक है।

फिर मम्मी विकी को अपने साथ कमरे में सोने लेकर चली जाती है। मैं वही हॉल में बैठा रहता हूं. आधे घंटे बाद मैं बुआ के कमरे में जाता हूं, तो देखता हूं बुआ चड्ढी और ब्रा में बिस्तर पर लेती हुई मेरा इंतजार कर रहती थी ।

बुआ काले रंग की चड्डी-ब्रा पहनी हुई थी और ब्रा के अंदर बुआ का बड़ा-बड़ा चुची बहुत रसीला दिख रहा था। बुआ का चिकना पेट कमाल का लग रहा था, और साथ ही बुआ का मोटा-मोटा जांघ देख कर मसलने का दिल कर रहा था। फ़िर बुआ बोली-

बुआ : आ गये नयन राजा .

नयन : हां ?

बुआ : अब वाहा क्यों खड़ा है, बिस्तर में आ ना।

मैं बुआ के बिस्तर पर बैठ जाता हूं। तभी बुआ एक-दम से मेरे को पकड़ के बैठ जाती है, और मेरे ऊपर चढ़ के बैठ जाती है। फ़िर बोली-

बुआ : भाभी बोल रही थी तेरा लंड बहुत बड़ा और मोटा है, और तू कमाल की चुदाई करता है

नयन : थोड़ी देर में सब पता चल जाएगा आपको ।

फिर मैं बुआ के होठों को चूमना शुरू कर देता हूँ, और बुआ भी मेरा साथ देती रहती है। बुआ मेरी कपड़ा और बनियान निकाल के फेंक देती है, और मेरे सीने को चूमती है। फिर मैं बुआ की ब्रा खोल देता हूं, और बुआ का बड़ा-बड़ा दूध से भरी चुची मेरे सामने आ जाता है। बुआ के चुची का निपल्स एकदम गुलाबी था मगर मम्मी का ब्राउन निप्पल है । मैं यह देखकर निपल्स पर ज़ोर-ज़ोर से 4-5 थप्पड़ मार देता हूँ।

बुआ : आआआह आह, क्यों मार रहा है? दर्द होता है

नयन : मैं ऐसे ही चुदाई करता हूँ।

फिर मैं बुआ के चूतड़ों पर थप्पड़ मारता हूँ। और फिर बुआ के चुची को चूसने में लग जाता हूँ। बुआ मेरे सर को पकड़ के अपने चूची में दबाने लगती है।

बुआ : आह.... और जोर से चूस नयन आआह..... मजा आ रहा है. निचोड़ के पी ले मेरा सारा दूध.

कुछ देर चूची को चुसने के बाद मैं बोला-

नयन : बुआ मेरे को आपका सेक्सी चूतड़ देखना है। बिस्तर से उतर जाओ, और मेरी तरफ अपना पिछवाड़ा दिखा के खड़ी हो जाओ।

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और बुआ तुरत अपना गांड़ मेरी तरफ करके खड़ी हो जाती है। मैं बुआ की चड्ढी निकाल देता हूँ। अब बुआ का बड़ा-बड़ा सेक्सी चूतड़ मेरे सामने रहता है। क्या ज़बरदस्त चूतड़ था मम्मी से भी ज्यादा कमाल का चूतड़ बुआ का था ।

मैं तुरंट अपना मुँह बुआ के चूतड़ पर लगा लेती हूँ और चूतड़ को चाटने लगता हूँ। मैं चूतड़ चाटते चाटते गांड़ के छेद को भी जीभ से चाटता रहता हूं। फ़िर मैं चूतड़ को काटने लग जाता हूँ।

बुआ : आह। खा जायेगा क्या मेरे चूतड़ को?

नयन : हां खा जाऊंगा. मुझे आपका चूतड़ बहुत पसंद है।

बुआ : अच्छा कब से तेरी नज़र मेरे चूतड़ पर है ?

नयन : बहुत पहले से है. आज तो किसी कीमत पर नहीं छोड़ूंगा।

बुआ : मेरे बदन का पूरा मजा लेले मेरी जान.

फ़िर मैं बुआ के चूतड़ को दबा-दबा के चाटता हूँ। फिर बुआ मेरी तरफ घूम जाती है, और मेरे को धक्का देके बिस्तर में लिटा देती है। वह मेरे शॉर्ट्स और चड्ढी निकल देती है। मेरा लंड एकदम खड़ा रहता है. बुआ मेरे लंड को देखकर बोलती है-

बुआ : वाह, कितना बड़ा और मोटा लंड है तेरा. आज तो मजा आ जाएगा आज पुरी रात मैं इस लंड का मजा लूंगी.

फ़िर बुआ मेरे लंड को मुँह में लेकर चुसने लगती है। बुआ एकदम मम्मी की तरह मेरा लंड चूस रही थी । फिर कुछ देर लंड चुसवाने के बाद मैं बुआ को बिस्तर पर लिटा देता हूं, और बुआ की चूत को चाटने लगता हूं।

बुआ : आआह.... आआआह... आआह.... और चाट. मजा आ रहा है आआह... आआह.....

बुआ मेरे सर को अपनी चूत में दबाती है और मैं अपनी जीभ बुआ की चूत के अंदर तक डालता रहता हूँ।

बुआ : आआह.... ओह्ह... और चाट आआह.... क्या मजा देता है आआह..... तू. अब और मत तड़पा, डाल दे अपना लंड मेरी चूत में।

फिर कुछ देर चाटने के बाद बुआ की चूत ने पानी छोड़ दिया , और मेरे मुँह पर बुआ झड़ गई। अब मैं अपना लंड बुआ की चूत में डालता हूं, और एक जोरदार झटका मारता हूं। मेरा आधा लंड अंदर घुस जाता है. बुआ की चूत टाइट थी जिससे बुआ ज़ोर से चिल्ला पड़ी ।

बुआ : आआआह.... आराम से डालो. बहुत दिन बाद चुद रही हूँ.

लेकिन मैं नहीं रुका और एक जोरदार झटका मारा। इस बार मेरा पूरा लंड अंदर घुस गया।

बुआ : आआआआह.... मार दिया रे . आराम से डाल बहुत दर्द हो रहा है।

नयन : मैं आराम से नहीं डालूंगा . मैं ऐसे ही चुदाई करता हूँ।

फिर मैंने सीधे ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारना शुरू कर दिया। बुआ झटपटाने लगी और बोलने लगी- आह.... आराम से कर ।
बहुत दर्द हो रहा है. कृपया धीरे करो. लेकिन मैं नहीं सुना और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारता रहा। कुछ देर और धक्के मारने के बाद बुआ का दर्द मजे में बदल गया, और उनको मजा आने लगा।

बुआ : आआह... आआह... मजा आ रहा है आआह.... और ज़ोर से चोद आआह.... आआह... आआह... ओह्ह... हाँ चोदो मुझे जोर से आह.....

फिर मैं उठकर बैठ गया और बुआ को भी बैठकर करके अपना लंड बुआ की चूत में घुसा दिया। उसके बाद उनको अपनी गोदी में बिठा लिया और बुआ के चूतड़ को पकड़ के अपने लंड पर उछालने लगा।

बुआ : आआआह.... आह.... आआह.... मजा आ रहा है. ओह... क्या मस्त चुदाई करता है तू.. आआह... आआह... आआह.

अब बुआ खुद ही उछल-उछल के चुदने लगी।

बुआ : आआह... आआह... और जोर से चोद आआह.....

कुछ देर ऐसा ही चोदने के बाद मैंने बुआ को कुतिया बनने को बोला, और वो तुरेंत बन गई , फिर मैं बुआ को डॉगी स्टाइल में चोदने लगा।

बुआ : आह... आह.... आह.... आह....।

बुआ खुद भी आगे-पीछे हो-हो कर चुदवा रही थी। पूरे कमरे में बुआ के चिल्लाने की और थप थप की आवाज गूंज रही थी। चुदाई के साथ मैं बुआ के चूतड़ पर ज़ोर-ज़ोर से थप्पड़ भी मार रहा था ।

बुआ मज़े में : आ...आ...आह.....और मार.

मैं 10-15 थप्पड़ बुआ के चूतड़ पर मारा। बुआ का चूतड़ पूरा लाल हो गया था।

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बुआ मज़े में सिसयाऐ जा रही थी : आ...आ....आह... आ...आह... आ...आह...।

नयन : अब मजा आया बुआ ।

बुआ : आ....आ....आह..... बहुत मजा आया आ....आह.

मैं और ज़ोर से बुआ को चोदने लगा। कुछ देर में मैं झड़ने वाला था। मैं बोला- मैं झड़ने वाला हूं, बुआ कहां निकालू?

बुआ : मैं भी झड़ने वाली हूँ. मेरी चूत में ही निकल दे.

फिर मैं बुआ की चूत में ही झड़ गया और बुआ भी मेरे साथ ही झड़ गई। रातभर की पूरी चुदाई में बुआ 4 बार झड़ चुकी थी। आखिरी चुदाई के बाद बुआ बिस्तर पर एक-दम निढल पड़ी हुई थी। मैं भी बुआ की बगल में लेट हुआ था ।

बुआ : क्या ज़बरदस्त चुदाई करता है तू मजा आ गया. ऐसा मजा पहले कभी नहीं आया।

नयन : हाँ तो अब आपकी चूत में कभी भी चोद सकता हूँ ना?

बुआ : हां बिलकुल, मेरी चूत अब तेरी है. जब मन करे चोद लेना.

नयन : ठीक है. लेकिन अभी मैं आपकी गांड मारूंगा।

बुआ : मेरी गांड मत मारो प्लीज. मैंने कभी गांड नहीं मरबाई है .

नयन : कुछ नहीं होगा, आपको मजा आएगा.

बुआ : नहीं - नहीं .

मेरे बहुत मनाने के बाद भी बुआ ने अपनी गांड नहीं मारने दी । लेकिन चूत मारने दिया । मैं पूरी रात बुआ की चूत मारता रहा । उस रात मैंने बुआ को 5 बार चोदा, और 4 सुबह बजे हम लोग सो गए।

अगले दो घंटे बाद मेरी आंख खुली तो सुबह 6 बजे थे। मैं और बुआ बिस्तर पर नंगा ही लेटे थे । फिर मैं उठ के अपने कपड़े पहन के बुआ के कमरे से निकला और सीधा अपने कमरे के पास पहुंचा और दरवाजा खटखटाया तो मम्मी ने दरवाजा खोला। अंदर विकी अभी सो रह था मैं भी उसके बगल में जाकर लेट गया और मम्मी बाथरूम के अंदर चली गई । फिर मेरी कब आंख लग गई पता ही नहीं चला।

जब मेरी आंख खुली तो दोपहर का 1 बज रहा था । कमरे में कोई नहीं था और मैं नहाने जा रहा था. तभी मम्मी रूम में आई और बोली- क्या बात है मेरे हिरो . क्या चोदे हो साली को. साली ठीक से चल भी नहीं पा रही है।

नयन : हां , क्या बोल रही थी वो?

मम्मी: वह बोल रही थी तू उसको पूरी रात चोद-चोद के उसकी हालत खराब कर दिया। बहुत कमाल की चुदाई करता है. ऐसी चुदाई आज तक उसके साथ कोई नहीं किया है। तेरी बुआ तो यहां तक बोल रही थी कि वो अपने पति को तलाक देके तेरे से शादी करने का सोच रही है।

नयन : क्या! तो आप क्या बोली?

मम्मी: मैं बोली तेरे को नयन से जब चुदने का मन हो तू आ जाना, और जी भर के चुदवा लेना। पर शादी नहीं हो सकती. नयन पर सिर्फ मेरा अधिकार है. फिर वो मान गई.

नयन : सही बोली आप।

मम्मी : हां।

नयन : लेकिन मम्मी, बुआ ने गांड मारने नहीं दिया। मैं उसकी गांड मारना चाहता हूँ।

मम्मी: अरे कोई बात नहीं किसी और रोज़ मार लेना ।

नयन : हां सही है, मजा आएगा.

मम्मी: जा तू अभी नहा ले.

नयन : मम्मी आप भी आओ ना मेरे साथ नहाओ। हम दोनो मस्त नहाते हुए चुदाई करेंगे मेरा। बहुत मन हो रहा है आपको चोदने का।

मम्मी: अभी नहीं बेटा. तू रात भर चुदाई किया है. नहा के पहले कुछ खा ले , नहीं तो कमज़ोरी हो जाएगी तेरे को।

नयन : मम्मी आप जानती हो आपको चोदे बिना मेरी प्यास नहीं बुझती है। कृपया चलो.

मम्मी: बेटा तेरे को कमज़ोरी हो जायेगी । इसलिए मेरी बात मान और नहा के खाना खा ले।

नयन : ठीक है।

फ़िर मैं नहाने चला जाता हूँ। कुछ देर बाद मैं नहा के तैयार होके हॉल में आता हूं। बुआ और मम्मी भी हॉल में बैठीं थीं । मम्मी मेरे लिए खाना लाती है मैं वहीं टेबल पर बैठकर खाना खाने लगा हुं।

तभी मम्मी बोली हैं : मैं और तेरे बुआ और विकी कुछ समान लाने बाजार जा रहे हैं क्योंकि कल सुबह होली और अगले दिन करवाचौथ है । इस लिए हम तीनों आज ही बाजार जाकर कुछ समान ले आते हैं तुम खाना खा कर कमरे में जाकर आराम करना । फिर वह तीन बाजार के लिए निकल जाते हैं।

शाम को वह लोग बाजार से घर आया । बाजार से लाये हुए समान को दिखाया। जब मम्मी सामान समेट रही थी तब विकी मम्मी के हाथ को जानबूझकर टच देता और जब मम्मी उसके तरफ देखती तो वह एक मुस्कान देता और मम्मी भी उसके मुस्कान का जवाब मुस्कुरा देती यह सिलसिला कुछ देर तक चलता रहा । तभी से मुझे उन दोनों पर कुछ शक सा होने लगा। और मेरा यह शक होली वाले दिन सच्चाई में बदल गया।
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Good update
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........................Updated...............

होली के दिन सुबह से ही गाँव में रंगों की वर्ष हो रही थी। मम्मी ने एक सुंदर लाल रंग की साड़ी पहनी थी और एक टाइट ब्लाउज पहनी थी ब्लाउज टाइट होने की वजह से चूचियों का उभार साफ दिख रहा था । सभी लोग आंगन में एक दूसरे को रंगोली लगा रहे थे । तभी मैं और विकी भी वह पहुंचे गये .

उसने मम्मी को देखते ही मुस्कुराते हुए कहा, "मामी, आप तो बहुत सुंदर लग रही हो आज। ये लाल साड़ी आप पे मस्त लग रही है।"

मम्मी शर्मा कर बोलीं, "विकी, ऐसी बातें मत कर। तू मेरा भांजा है। आ, रंग लगा ले।"

विकी ने पिचकारी उठाई और मम्मी पर रंग डालना शुरू कर दिया। पहले हल्का सा रंग, फिर धीरे-धीरे वो मम्मी के पास आने लगा। जब मम्मी ने उसको रंग लगाने के लिए झुकाया, तो विकी ने मम्मी के गाल पर रंग लगाया। उसके हाथ मम्मी के गाल से नीचे की तरफ स्लाइड हुए।

मम्मी हल्की सी सिसकारी भर उठी, “आआहह… विकी … धीरे…”

लेकिन विकी ने रुकने की बजाय मम्मी की कमर पर हाथ रख दिया और धीरे से कहा, "मामी, आप बहुत अकेली लग रही हो इस होली पर। मामा तो नहीं है यहां , तो मैं हूं ना आपके साथ।"

मम्मी शर्म के अपनी आंचल ठीक करती हुई बोली, "विकी... तू मेरा भांजा है... ऐसी बातें मत कर।"

लेकिन रंग लगते वक्त निकटता बढ़ती गई। विकी ने मम्मी के हाथों पर रंग लगाया और उनके हाथों को थोड़ा ज्यादा देर तक पकड़ रखा। मम्मी की सांसें तेज़ होने लगीं। विकी ने मम्मी के गले पर हल्का सा रंग लगाया और उसके कान के पास धीरे से कहा,
"मामी... आपकी खुशबू बहुत अच्छी है। आपकी ये गीली साड़ी... बहुत सुंदर लग रही है।"

मम्मी का चेहरा लाल हो गया। उसने धीरे से कहा, "विकी... लोग देख लेंगे।"

लेकिन विकी ने मम्मी को धीरे से अपने सीने से लगा लिया। रंग लगाते वक्त उसका हाथ मम्मी की कमर से नीचे की तरफ स्लाइड हुआ। मम्मी का मुड ख़राब हो गया. वह रंग खेलना छोड़ कर कमरे में आ गई । फिर थोड़ी देर बाद बुआ मम्मी को बुलाने कमरे में आई और अपने साथ रंग खेलने ले गई । मैं थोड़ी देर बाद आंगन में पहुंचा तो मुझे वह सिर्फ बुआ और उनकी कुछ सहेली मम्मी के साथ होली खेलती नजर आई वह मुझे विकी कहीं नहीं दिखाई दिया। इस लिए मैं कमरे में वापस आ गया।

शाम होने लगी थी. होली की शाम गांव में मौज मस्ती चल रही थी। लोग गाने गा रहे थे और नाच रहे थे। मम्मी ने घर के छत पर लाइट जलाने के लिए मुझे बुलाया था पर विकी छत पर चला गया।

मम्मी भी छत पर आई। साड़ी अभी भी रंगों से भरी हुई थी और गीली होने के कारण बदन से चिपकी हुई थी। मैं सीढ़ियों पर से छुप कर देख रहा था ।

मम्मी की लाल साड़ी अभी भी रंगों से भरी हुई थी और गीली होने के कारण बदन से चिपक रही थी। ब्लाउज के अंदर से उनकी बड़ी चूचियों का शेप साफ दिख रहा था। आंचल अभी भी साइड में था.

विकी मम्मी के बिल्कुल पास खड़ा था। उसने मम्मी की कमर पकड़ कर धीरे से अपने सीने से सटा लिया और गहरी आवाज़ में कहा, "मामी ... आप बहुत सुंदर लग रही हो आज। ये लाल साड़ी और रंग... आपको और भी गरम बना रही है। आपकी सांसें तेज़ हो रही हैं। दिल भी तेज़ धड़क रहा है।"

मम्मी शर्मा कर नीचे देखती रही। लेकिन उसने विकी को दूर नहीं हटाया। उसने धीरे से कहा, "विकी...ये गलत है। मैं तेरी मामी हूं...लोग देख लेंगे।"


विकी ने मुस्कुराते हुए मम्मी के गाल पर हाथ फेरते हुए जवाब दिया, "मामी... ऊपर सिर्फ हम दोनों हैं। आज होली है... रंग लगाने का मौका है। आप बहुत अकेली रहती हो। मामा शहर में हैं। आज मैं आपको वो प्यार दूंगा जो आपको चाहिए।"

विकी ने धीरे से मम्मी के होठों पे एक गहरा किस कर दिया। उसने मम्मी की जीभ को अपनी जीभ से लपेट लिया और ज़ोर से चुसने लगा। मम्मी पहले थोड़ी हट्टी, लेकिन फिर उसने भी आंखें बंद कर के विकी के होठों से अपने होंठ लिपटा लिया। दोनों के मुँह से हल्की सी "चुप-चुप" की आवाज़ आ रही थी।

किस के दौरन विकी का हाथ मम्मी की कमर से ऊपर बढ़ा। उसने साड़ी का पल्लू पूरा नीचे गिरा दिया। ब्लाउज के ऊपर से दोनों बड़ी चूचियों को ज़ोर-ज़ोर से दबाने लगा। मम्मी सिसकारी भर उठी, "आआहह... विकी... और ज़ोर से दबाओ... मामी की चूंचियां बहुत प्यासी है। आआहह... बहुत दिन बाद किसी ने ऐसा छुआ है।"

विकी ने ब्लाउज के सारे हुक एक साथ खोल दिये। दोनों बड़ी, गोल, नरम चूचियां बाहर आ गई। निप्पल पहले से ही टाइट और खड़े हो चुके थे । विकी ने एक चूची को मुँह में लेकर ज़ोर से चुसने लगा और जीभ से निप्पल घुमाने लगा । कभी वह धीरे से काटता यह कभी ज़ोर से चुसता । दूसरी चूची को हाथ से मसलता और निप्पल को उंगलियों से खींचता ।

मम्मी तड़पकर विकी के बाल पकड़ लिए करती और उसके सर चूंचियों पर दबा दिया करती । और बोलती "हां विकी ... और ज़ोर से चूसो। मामी की चूंचियां तेरी है आज... काटो उन्हें... दर्द के साथ मजा दो ... आआहह... दूसरा भी चूसो ना विकी..."

विकी ने दोनों चूंचियों को बारी-बारी चूसा, काटा और जीभ को चूंचियां पर घुमाता । मम्मी की सांसें बहुत तेज़ हो रही थीं। उसकी जांघें काँप रही थी और वो खड़ी नहीं हो पा रही थी।

विकी ने मम्मी को छत पर रखी चारपाई पर लिटा दिया । उसने साड़ी उतार कर साया की नाड़ी खोल दी और पैंटी नीचे कर दी। मम्मी की चूत अभी से गीली हो चुकी थी। विकी ने घुटनों के बल बैठकर मम्मी की टांग फैलाई और अपनी जीभ से चूत चाटनी शुरू कर दी - पहले ऊपर से नीचे तक चाटा। फिर चूत को मुँह में ले कर ज़ोर से चुसने लगा , कभी अंदर डाल कर और भी बाहर करके।


इससे मम्मी ज़ोर से तड़प उठती "आआहह... विकी ... और अंदर तक... चाटो मेरी चूत। जीभ अंदर डाल दो... आआहह... बहुत मजा आ रहा है... और तेज़ करो। अब मैं झड़ने वाली है।"

मम्मी ने विकी के सर को कसकर पकड़ लिया और चूत को उसके मुँह पर रगड़ने लगी। थोड़ी देर में मम्मी ज़ोर से कांप उठी और पहली बार झड़ गई। उसका गरम रस विकी के मुँह में चला गया।

फिर विकी ने मम्मी की चूत को अच्छे से चाटकर साफ कर दिया। फिर उसने अपना मोटा, लंबा लंड बाहर निकाला और मम्मी उसके लौड़े को देखकर चौंक गई और आंख हटा नहीं पा रही थी।

विकी ने मम्मी की टांगें को अपने कंधों पर रख कर मिशनरी पोजीशन में लंड को चूत के मुँह पर रगड़ना शुरू किया। मम्मी तड़प रही थी, " विकी... धीरे डाल... बहुत मोटा है... मामी की चूत फट जाएगी... लेकिन डाल दो... आज होली है... मामी को पूरा प्यार दे..."

विकी ने धीरे से लंड अंदर घुसा दिया। पहले आधा, फिर पूरा। मम्मी चीख उठी,
“आआहह… बहुत मोटा है विकी… फाड़ रही है मेरी चूत… धीरे… आआहह… पूरा अन्दर दे दो…”

विकी ने धीरे-धीरे धक्के मारने चालू कर दिए थोड़ी देर बाद फिर स्पीड बढ़ा दी। हर धक्के के साथ मम्मी की चूचियाँ ऊपर-नीचे हिल रही थीं। विकी ने एक हाथ से चूचियों को पकड़कर चुसना शुरू कर दिया।

मम्मी अब खुलकर चुदवा रही थी, "हां विकी... और ज़ोर से... फाड़ दो मेरी चूत... चोदो आआहह....। मामी तेरी है आज... और जोर से । मेरी रूह तक पहुंच दो..."

विकी ने मम्मी को घुमाकर डॉगी स्टाइल में किया। मम्मी की गांड ऊपर थी. विकी ने पीछे से लंड अन्दर डाला और ज़ोर-ज़ोर से धक्के मारे। थप-थप-थप की तेज़ आवाज़ छत पर गूँज रही थी।

विकी ने मम्मी को अपने ऊपर बैठा लिया और मम्मी ऊपर-नीचे हो रही थी, उसकी चूचियाँ ज़ोर से हिल रही थी। विकी ने नीचे से कूल्हे उठा-उठा कर धक्के मारे और मम्मी के निप्पल को खूब खींचा ।

थोड़ी देर बाद विकी चिल्लाया , “ मामी… मैं झड़ रहा हूँ… "

मम्मी ने कहा : " अंदर ही झाड़ दो…मामी को अपना माल दे दो… आआह्ह्ह…”

विकी ने ज़ोर से धक्का मारा और मम्मी के अंदर ही गरम माल भर दिया। मम्मी ज़ोर से कांप उठी और उनके साथ ही झड़ गयी। दोनों एक-दूसरे को कसकर लिपटे हुए थक कर लेट गए।

मम्मी ने विकी के सीने पर सर रखकर धीरे से कहा,
"विकी... ये बहुत गलत है... लेकिन आज मामी को बहुत सुकून मिला। तू मेरा भांजा है... लेकिन आज रात तू मामी का मर्द बन गया।"

मैं सीढ़ी पर से पूरा इंटेंस सीन देख रहा था। मेरा दिल बहुत तेज़ धड़क रहा था।


करवाचौथ ....

मेरा दिल बहुत तेज़ धड़क रहा था। मैं कमरे में आकर लेट गया। कुछ देर बाद बुआ मेरे कमरे में आई । मैंने उनसे पूछा- क्या बात है पूनम ?
ये बोलते ही बुआ बोली- क्या बात है … बड़ा प्यार आ रहा है? बुआ से सीधा पूनम?
और बोली- तेरे मुँह से अच्छा लगता है. चल अब अपनी बाइक ले आ, मुझे बाजार जाना है. कल शाम करवाचौथ है इसलिए कुछ समान लाने हैं।
मैंने कहा- शाम का टाइम है, ?
बुआ बोली- सब देख लिया… अब तु बाजार चल।

हम दोनों चल दिये. बुआ ने सूट पहन रखा था और बाइक पर दोनों साइड पैर किये हुए बैठी थी. कुछ दूर पहुंचा ही था तभी सड़क पर बाईक के सामने एक कुत्ता आ गया और मैंने जोर से ब्रेक लगा दिए. तो बुआ मुझसे चिपक गयी और बोली- थोड़ा सब्र करो!
फिर हमें बाजार जा रहे थे तो मैं पुरे रास्ते चुप था तो बुआ बोली- क्या बात है मेरे हीरो … क्या हुआ?

मैंने भी मजाक में बोल दिया- कुछ नहीं हुआ मेरी माल …?

बुआ जोर से हंसी और मेरी पीठ पर मुक्का मार के बोली- जितनी मस्ती चढ़ी है ना … सारी निकाल दूंगी।
मैं भी बोला- इसी का तो इन्तजार है।

तभी रास्ता सुनसान देख कर मैंने बाइक रोक दी. बुआ उतरकर साइड में खड़ी हो गयी. पास में ही एक अधूरा बना मकान सा था, मैंने बुआ का हाथ पकड़ा और उसे खींचते हुए उस मकान में ले गया. अंदर जाते ही मैंने बुआ के होंठों पर अपने होंठ रख दिये.
होंठ चुमते हुए जैसे ही मैंने बुआ की सलवार खोलनी चाही तो बुआ दूर हो गयी और बोली- बस आज के लिए इतना ही … बाकी फिर करवाचौथ वाली रात ।
मैंने काफी मिन्नतें भी की पर बुआ के दिमाग में बड़ा प्लान चल रहा था जो मैं उस वक्त नहीं समझ सका। लेकिन तब तो मैं बुआ से गुस्सा हो गया.

करवाचौथ वाले शाम तक मैंने न बुआ की तरफ देखा और ना ही कोई बात की।

करवाचौथ वाली शाम को बुआ मम्मी के खोजते हुए कमरे में आई और मुझसे पुछी: भाभी कहां है। मैंने गुस्से में जब दिया छत पर पुजा की तैयारियां कर रही है

यह सुनते ही बुआ बिस्तर पर मेरे ऊपर चढ़ गई और मुझे पागलों की तरह चुमने लगी।
जैसे ही मैं गर्म हुआ कि तभी बुआ मेरे से दूर हो गई और बोली- अभी बस इतना ही … आज रात को तेरी सारी नाराज़गी दूर कर दूंगी।

रात होने का इंतजार करने लगा। करीब रात के लगभग 9:00 बज गए कि तभी मम्मी ने आवाज दी- पूनम , चांद निकल आया है, अपनी पूजा पाठ कर लो. हम सभी लोग छत पर पहुंच मम्मी और बुआ ने अपना पुजा पाठ का कार्य शुरू किया।

मैं साइड में खड़ा था चुपचाप सब देख रहा था । तभी बुआ ने छलनी में से पहले चांद को देखा फिर हल्का सा तीरछा करें छलनी से मुझे देख उसे इस हरकत से मैं चौंक गया। और फिर चांद की आरती की फिर दीया को भी हल्का तीरछा करके मेरी भी आरती की. इस बार मुझे डबल शौक लगा। तभी मेरी नजर विकी पर पड़ी पर वह साइड में बैठकर मोबाईल देख रहा था । मैंने एक लम्बी सांस ली और फिर मेरी नजर मम्मी पर पड़ी वह मुझे देखकर मुस्कुरा रही थी और उन्होंने मुझे देखकर आंख मारा और इशारा किया।

मैं बुआ की हरकत समझ गया और तभी बुआ ने अपने हाथों में पानी से भरे लोटें को उठकर मेरे तरफ आने लगी । तभी मम्मी ने बुआ को रोकते हुए कहा " आओ मैं तुझे पानी पिला देती हुं फिर उन दोनों ने एक-दूसरे को पानी पिला। इस पुजा सम्पूर्ण हुआ फिर हम लोग सभी नीचे हॉल में चलें आये। मैं थोड़ी देर हॉल में बैठने के बाद कमरे में आया। कुछ देर बाद मम्मी भी कमरे में आई और मेरे से बोली- नयन… आज रात अपनी बुआ के पास सोने चले जाना।

मैंने पहले जाने से मना किया पर थोड़ी देर बाद मैंने बोल दिया- ओके … चला जाऊंगा।

रात का खाना खाकर सभी अपने अपने कमरे में चले गए। करीब एक घंटे बाद जब मैं कमरे से निकल कर हॉल में पहुंचा तो विकी वहां मुझे सोफे पे सोए हुए दिखाया मैं उसके करीब गया जाकर चेक किया तो वह गहरी नींद में सोया हुआ था मैंने बिना देर किए
बुआ के कमरे में पहुंचा । जब मैं उनके कमरे में पहुंचा तो वहां तरह तरह के फल रखें थे।

मैंने पूछा- ये फल किसके लिए हैं?

तो बुआ ने कहा- ये मैंने अपने एक रात के पति के लिए रखे हैं, आज रात को मैं अपने पति को अपने हाथों से खिलाऊंगी.

बुआ ने एक बड़ी थाली में सारे फल सजा लिए और लाकर मेरे पास बैठ गई। और मुझे फल खिलाने लगी। मुझे जिंदगी में पहली बार बुआ ने अपने हाथ से इतने प्यार से फल खिलाया था

फल खाने के बाद बुआ ने मुझसे कहा ।

( अगले आप जो भी पड़ेंगे यह सुनेंगे वह मेरे बुआ के आवास होगी )

मैंने धीरे से उसके कान में फुसफुसाया " आ जाओ सैंया … अब दिखाओ अपना प्यार मेरे दूध पीकर ”

नयन बोला, “ठीक है बुआ ।” फिर मैंने अपना ब्लाउज धीरे-धीरे निकाला, ब्रा भी उतारी, मेरे बड़े-बड़े चूची बाहर आ गए, निप्पल्स टाइट होकर खड़े थे। वह पास आया, पहले मेरे निप्पल को चूमा, फिर मुँह में लेकर चूसने लगा। “बुआ , कितने नरम हैं…” वो बोला। मैंने कहा, “आराम से, जल्दी बाज़ी मत करो ।” उसने एक चूची चूसा और हाथ से दूसरे को मसलता रहा, निप्पल को भी जीभ से घुमाता, चूसता, काटता हल्के-हल्के से। अब मैं सिसकारी ले रही थी, “आह्ह… स्स्स… नयन , अच्छा लग रहा है…” मेरी चूत गीली हो रही थी, थोड़ी देर बाद मैंने उसके सिर को अपने चूची में दबाया ।

फिर मैंने कहा, “अब मेरी नाभि चूमो।” वो नीचे झुका, नाभि पर किस किया, जीभ से चाटा, नीचे से ऊपर चुची की तरफ आता रहा, फिर दोनों चुचियों को बारी-बारी चूसता। इस दौरान मैंने अपना पेटीकोट खोल दिया, अब सिर्फ पैंटी में थी। नयन ने मेरी पैंटी भी उतार दी, मैं पूरी नंगी हो गई। मेरी चूत पर हल्के बाल और गीलापन थी। नयन घबराया नहीं, मेरे पैरों को चूमा, जाँघों को, फिर चूत के पास आया। मैंने इशारा किया, वो मेरी चूत चाटने लगा, जीभ अंदर डालकर, क्लिट को चूसता। “आह्ह… नयन… उफ्फ्फ… ऐसे ही…” मैं काँप रही थी। थोड़ी देर बाद उसने अपने कपड़े उतार दिए।


दुसरी बार नयन का लंड देखा तो होश उड़ गए। उसने अपना पैंट उतारा, लंड बाहर आया – मेरे पति से डबल मोटा, डबल लंबा, कम से कम ९ इंच, मोटाई ऐसी कि मुट्ठी नहीं भरती हो । मैं डर गई, सोचा ये तो मेरी चूत फाड़ देगा। लेकिन मैं कुछ नहीं बोली , बस उसने मेरे माथे को चूमा , होठों को चूमा, चूची को मसलता रहा। मैंने इशारा किया, वो मेरे ऊपर आया। मैंने उसका लंड पकड़ा, अपनी चूत पर रखा। पहले झटके में आधा लंड अंदर गया, मेरी चीख निकल गई, “आआआह्ह्ह… उई माँ… फट गई…!” चूत से गंदा पानी निकला, जलन हुई। पर वह डर नहीं गया, रुक गया। मैंने दिलासा दिया, “कुछ नहीं नयन , ऐसे ही होता है , गंदा पानी है, जारी रखों ।”

नयन बोला, “ठीक है बुआ ।” फिर धीरे-धीरे धक्के मारने लगा। पूरा लंड अंदर जाता तो मैं बेहोश सी हो जाती, लेकिन जोश में थी, उसका साथ दे रही थी। “आह्ह… स्स्स… नयन… धीरे… उफ्फ्फ… कितना मोटा है तेरा लंड… मेरी चूत भर दी…” वो बोला, “बुआ, कितनी टाइट है तुम्हारी… चूत आह्ह…” मैंने पैर उसके कमर पर लपेटे, अब वह घोड़ी स्टाइल में धक्के मारने लगा , मेरे चूची हर धक्का के साथ उछलता । फिर मैं उसके ऊपर आई, उसका लंड पकड़कर बैठ गई, धीरे-धीरे उछली, “पछ पछ… आह्ह… उम्ह्ह…” आवाजें आ रही थीं। नयन ने मेरे चूंतड़ पकड़े के , नीचे से धक्के मारे। मैंने उसकी छाती पर हाथ रखकर उछलने लगी।
फिर मैंने कहा, “नयन, अब पीछे से…” वो पीछे आया, मेरी गांड ऊपर की, लंड चूत में डाला, डॉगी स्टाइल में जोर-जोर से पेलने लगा। “पट पट पट… आह्ह… बुआ… कितनी गर्म है तुम्हारी बुर… उफ्फ्फ…” मैं चिल्लाई, “चोद नयन… जोर से… फाड़ दे अपनी बुआ की चूत… आआह्ह्ह… हाँ… ऐसे ही…” उसने मेरे बाल पकड़े, कमर पकड़ी, तेज धक्के मारे। मैंने तकिया मुँह में दबाया, लेकिन मुंह से कामुक आवाजें निकल रहे थे, “उम्ह्ह्ह… ओह्ह्ह… नयन… आह्ह…” वो मेरी गांड पर थप्पड़ मारता, लंड अंदर-बाहर। फिर मैंने उसे लिटाया, ६९ पोजीशन में, मैं उसका लंड चूसी – मुँह में लिया, जीभ घुमाई, गले तक उतारा, वो मेरी चूत चाटता। और बोला “बुआ… तुम्हारा रस…कितना मीठा है…” मैं बोली, “चूस नयन… ”

फिर वापस मिशनरी में, वो मेरे ऊपर, लंड पूरा अंदर, धक्के तेज। मेरी चूत से आवाजें, “फछ फछ… पछ पछ…” मैं झड़ने लगी, “आह्ह… नयन … मैं झड़ गई… उफ्फ्फ…” शरीर काँपा रही थी , लेकिन वो रुका नहीं, जारी रखा। उसकी उम्र कम लेकिन स्टैमिना, लंड तगड़ा। आखिर वो बोला, “बुआ… आने वाला है…” मैं बोली, “अंदर ही डाल… कुछ नहीं होगा …” वो जोर से धक्का मारा, वीर्य अंदर छोड़ दिया, गर्म-गर्म तभी मुझे लगा उसका वीर्य मेरी बच्चेदानी में चला गया हो मैंने इस बात को इतना महत्व नहीं दिया क्योंकि की हम दोनों पसीने से तरबतर थे और वह चिपके हुए लेटे था

................ भाग 2 का अंत होता हुआ और भाग 3 बहुत जल्द आयेगी ...........
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Next update please
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update please
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Yes boss updated please
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(02-06-2026, 09:03 PM)Dhamakaindia108 Wrote: [Image: IMG-20260526-223802-1.jpg]

Juci juci lund kitna lamba hai
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