Thread Rating:
  • 19 Vote(s) - 3.47 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Incest MAA KO PAANE KI CHAAHAT
#61
मेरी बात सुनते ही मम्मी ने अपनी कमर उठा ली। और मैंने एक पेपर उनकी गांड के नीचे लगा दिया। गांड के नीचे पेपर लगाते ही मैंने मम्मी की तांगे पूरी फेला दी। मम्मी की चूत देख देख के मेरा लंड पत्थर बन गया था।
जो मेरे कच्चे में अटक रहा था. तभी मैं बिस्तर पर खड़ा हुआ। और एक बार में मैंने अपना कच्चा नीचे कर दिया। कच्चे के नीचे होते ही मेरा लंड उछल के बाहर आ गया। और मम्मी नीचे लेते ऊपर मेरे लंड को देखते हुए बोली।



मम्मी- ये क्या कर रहा है बेटा? तूने अपना कच्चा क्यों निकाल दिया?



मैं- मम्मी ये देखो ना कैसे पत्थर बन गया है। ये बहुत देर से मेरे कच्चे में अटका हुआ था। इसीलिये उतार दिया.



मेरे पत्थर बने लंड को देखकर मम्मी ने कुछ नहीं कहा। फिर मैंने अपना पूरा कच्चा निकाल के साइड में रख दिया। अब मैं मम्मी के सामने पूरा नंगा हो गया था। फिर मैं मम्मी की टैंगो के बीच बैठ गया।



और मेरा लंड सीधा मम्मी की चूत के छेद की तरफ देख रहा था। मम्मी लेते लेते अपनी चूत के सामने खड़े मेरे लंड को ही देख रही थी। फिर मैंने अपना ट्रिमर ऑन किया। और जैसा ही मैंने ट्रिमर मम्मी के चूत के ऊपर रखा।

[Image: aqvgo1.gif]

तो उनकी आंखें बंद हो गयीं। और वो अपने होठों को मुँह में दबाने लगी। ट्रिमर वाइब्रेट हो रहा था. और चूत के ऊपर होने की वजह से मम्मी को हमारे कम्पन से मजा आ रहा था। मम्मी के चेहरे पर कामुक भाव देखकर। मैं हल्के हल्के ट्रिमर से उनकी चूत के बाल छोटे कर रहा था।



ट्रिमर चलाते हुए 2-3 बार मैंने मम्मी की चूत के दाने पर रख दिया। जिसकी मम्मी को और भी ज्यादा मजा आ रहा था। मैंने धीरे-धीरे मम्मी की चूत के ऊपर के सारे बाल छोटे कर दिए। और उनके हाथ से साफ करके पापड़ गिरा दिया।



ट्रिमर के बैंड होते ही मम्मी मुझे देखने लगी। तभी मैंने फिर से ट्रिमर ऑन कर दिया। फिर मैंने मम्मी की चूत के आस पास जितने बाल थे। उन्हें हल्के हल्के साफ करने लगा. जैसे जैसी मैं मम्मी की चूत के आस पास के बाल साफ कर रहा था।



तब मम्मी की चूत का गीलापन बढ़ता जा रहा था। और मैं बार बार मम्मी की चूत को फेल फेला के देख रहा था। जिसमें मुझे मम्मी के अंदर की तड़प का अंदाज़ हो रहा है। जो ट्रिमर और मेरे चूने से बढ़ गई थी।



मैंने मम्मी की चूत के ऊपर के बाल छोटे कर दिये। और नीचे के आस पास के सारे बाल एक दम साफ दिये। अब मम्मी की चूत देखने में बिल्कुल एरीले फेरर नाम की पोर्नस्टार की चूत के जैसी दिख रही थी। फिर मैंने हाथ से सारे बाल साफ कर दिये।

[Image: 18706293-011-79cc.jpg]

और जब मैंने मम्मी की तरफ देखा। वो अभी भी अपनी आंखें बंद किये लेती थी। मम्मी की पानी छोड़ती चूत को देखकर मुझसे भी रहा नहीं जा रहा था। तभी मैंने ट्रिमर को साइड में रखा। और अपना मुंह सीधा मम्मी की चूत पर लगा दिया।



जैसे ही मैंने अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगाया। तभी उन्हें मेरे सर के ऊपर हाथ रख दिया। और वो मेरे सर को सहलाते हुए अपनी चूत पर दबानी लगी। मम्मी की इस हरकत से इतना तो पता चल गया था कि वो इस वक्त पूरी तरह से गरम हो गई है।

[Image: ariella-ferrera-milfhunter-001.gif]

और मम्मी की चूत सामने से देखकर मैं भी पूरी तरह पागल हो गया था। मैं लपा लप आपनी जिभ चलाय जा रहा थी. और मम्मी की चूत के चमचे को पकड़ के खींचा जा रहा था। तभी मम्मी बोली.



मम्मी – उम्म्म मम्म आराम से बेटा आराम से। मम्म उम्म्म तेरे दांत लग रहे हैं।

[Image: 39451881.gif]

मम्मी की इस कामुक आवाज ने मेरे अंदर और ज्यादा जोश भर दिया। अब मैं मम्मी की चूत का दाना अपने हाथों से रगड़ने लगा। और मेरी जिभ मम्मी की चूत से खिसाकर नीचे उनकी गांड के छेद पर आ गई।



अब मैं मम्मी की चूत सहलाते हुए उनकी गांड को चाटने लगा। और इस बार मम्मी ने भी मुझसे नहीं रोका। बाल्की इस बार उन्हें अपनी गांड चटवाने में और भी ज्यादा मजा आ रहा था।

[Image: 37562871.gif]

[Image: 35446222.gif]

[Image: 35960601.gif]
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
Do not mention / post any under age /rape content. If found Please use REPORT button.
#62
मम्मी का हाथ अभी भी मेरे सिर पर था। वो मेरे सर को सहलाये जा रही थी। मैं उनकी गांड का छेद चाट रहा था। मेरी जिभ मम्मी के गांड के छेद से लेकर उनकी चूत तक चल रही थी। मम्मी 'ह्म्म' किये जा रही थी।



मम्मी की गांड और चूत मैंने चाट चाट के गीली कर दी थी। फिर मैंने 2 उंगली मम्मी की चूत के अंदर डाल दी। और उंगली अंदर बाहर करते हुए मैं उनकी चूत के दाने को चाटने लगा। अब मम्मी को और भी ज्यादा मजा आने लगा।

[Image: m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-Lk-C9-Is-FLZMKG5-QD-21802781b.gif]
[Image: 22407881.gif]

वो अपनी आंखें बंद किये कभी अपने होठों को दबा रही थी। तभी तो कभी मेरे सर को अपनी चूत पर दबा रही थी। मम्मी की चूत के बाहर निकले दाने को मैं मुँह में भर के चूस रहा था। और जल्दी जल्दी अपनी उंगली अंदर बाहर किये जा रहा था। तभी मम्मी बोली.



मम्मी- आह, आराम से बेटा आराम से.



मम्मी की कामुक आवाज सुनके पता चल रहा था कि वो अपने चरम पर पहुंच रही है। इसलिए मैंने और जल्दी जल्दी उंगली अंदर बाहर करने लगा। और अपनी जीभ से मम्मी की चूत के दाने को चाटने लगा।
फिर 2 मिनट बाद हाय मम्मी का शरीर और तांगे कांपने लगी। वो 'ह्म्म्म' करते हुए झड़ने लगी। मम्मी की तांगे बुरी तरह कांप गई थी। इसे पता चल रहा था कि उनके अंदर की गर्मी सही से निकल गई है।

[Image: m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-5-RA-ute-ESQxo60e-N-38760471b.gif]

[Image: 12090411.gif]

पानी के निकलते ही मम्मी का हाथ मेरे सर से आपका आप हाथ गया। फिर मैंने अपनी उंगली निकाल ली। और चूत के अंदर अपनी जीभ डाल दी। मम्मी की चूत अंदर से पूरी गीली हो गई थी। जिसका पूरा स्वाद मेरी जीब पर आ रहा था।



मम्मी की चूत के अंदर जीभ डाल डाल के मैंने सारा पानी चाट लिया। फ़िर जैसा ही मैं चूत चाट के मम्मी को देखने लगा। तो वो मुझे अपनी नशीली आँखों से देखते हुए मुस्कुराने लगी। मैं भी मम्मी को देखकर मुस्कुरा रहा था।

[Image: 15240932.gif]
[Image: 15454022.gif]

तभी मैं नीचे से उठा. और सीधा जाके मम्मी के पेट के ऊपर लेट गया। जैसे एक बच्चा अपनी मम्मी के पेट के ऊपर लेट गया। मेरा सर मम्मी के दूध के ऊपर था। वो बड़े प्यार से मेरी पीठ को सहलाने लगी।



मैं मम्मी के ऊपर लेता हुआ था। और मेरा खड़ा लंड इस वक्त मम्मी की चूत के ऊपर चिपका हुआ था। मगर मम्मी को इस बात से अब रत्तीभर का फर्क नहीं पड़ रहा था कि मेरा लंड उनकी चूत के ऊपर लगा हुआ है।

[Image: aqvo2l.gif]

मम्मी का हाथ मेरी पीठ को सहला रहा था। और दूसरे हाथ से वो मेरे सर को सहला रही थी। मम्मी बचपन की तरह मुझे प्यार कर रही थी। बस फर्क सिर्फ इतना था कि अब मेरा लंड उनकी चूत पर लगा हुआ था।



कुछ देर हम दोनो बस शांत होके लेते रहे। फिर मैंने अपना सर उठाया के मम्मी को देखने लगा। मम्मी मुझे देखकर मुस्कुराने लगे। तभी मैं बोला.



मैं- अच्छा लगा मम्मी.



मम्मी- हम्म हम्म.



मैं- सच कहूँ मम्मी. जब मैं आपके चेहरे पर ये सुकून और ख़ुशी देखता हूँ। तब मुझे बहुत अच्छा लगता है।



मेरी बात सुनके मम्मी मुस्कुराने लगी. तभी मैं मम्मी के ब्लाउज के हुक खोलने लगा। फिर वो बोली.



मम्मी- बेटा ये हक क्यों खोल रहा है? क्या मुझे पूरा नंगा करेगा अब?



मैं- मम्मी हम दोनो तो पहले से ही नंगे हैं। अब ये ब्लाउज भी खुल जाएगा. तो बहुत बड़ी बात हो जाएगी. मेरा बस आपके दूध पीने का मन कर रहा था।



मम्मी- मेरा शैतान बेटा बिल्कुल पागल हो गया है।



मम्मी की बात सुनके मैं हंसने लगा। फिर मैंने मम्मी के ब्लाउज के सारे हुक खोल दिए। और ब्लाउज को पूरा खोल के साइड कर दिया। फिर मैं मम्मी के ऊपर लेटा उनको दूध चूसने लगा। और नीचे मेरा खड़ा लंड मम्मी की चूत पर आधा हुआ था।

[Image: 1.gif]
[Image: 2.gif]
[+] 2 users Like rajusethzee's post
Like Reply
#63
मैं मम्मी के दूध चूस जा रहा था। और नीचे से अपने लंड को झटके दिये जा रहा था। तभी मम्मी बोली.



मम्मी – बेटा मैं तुझसे एक बात पूछु.



मैं- हा हा पूछो ना मम्मी.



मम्मी- बेटा क्या तूने ये सब पहले भी किया है?



मैं- क्या सब मम्मी? मैं कुछ समझ नहीं पाया.



मम्मी- यहीं सब बेटा. जो हमारे बीच इतने दिनों से हो रहा है। और जो तूने अभी अभी मेरे साथ किया है।



मैं – ये सब मतलब जो अभी मैं आपके नीचे चाट रहा था। वो सब ना.



मम्मी- हां बेटा यहीं सब, क्या तू ये सब कुछ पहले भी कर चुका है।



मैं- नहीं मम्मी मैंने पहले ये सब कभी नहीं किया है। मगर आप ये क्यों पूछ रही हो?



मम्मी- कुछ नहीं बेटा. बस मन में आया. इसिलिये पुछ लिया.



मैं – मम्मी ये सवाल आपके मन में ऐसा ही नहीं हो सकता. सच सच बताओ. आपने ऐसा क्यों पूछा?



मम्मी- बेटा तूने बताया था कि तेरी जिंदगी में कभी कोई लड़की नहीं रहती है। मगर जिस तरह तू मुझे छूटा है। मेरे नीचे अपना मुँह लगा के चाट ता है। और तो और तू ये भी जानता है कि एक औरत को कहा हाथ लगाने पर उसे कैसा लगता है।



ये सब तो वही जान सकता है. जिसने कभी ना कभी किसी औरत के साथ ऐसा किया हो। मगर तू कहता है कि तेरी जिंदगी में कभी कोई औरत नहीं रहती। तो तुझे ये सब कैसे पता है.



मम्मी का सवाल सुनके मैं भी चौंक गया था। क्योंकि मैंने भी ये सब बाहर की औरत को चोद के सिखाया था। मगर मैं ये बात मम्मी को नहीं बता सकता था। मम्मी का सवाल सुनके मैं उनके ऊपर से उठ गया।



और जब मैं उनके ऊपर से उठा। तो मेरा लंड मम्मी के सामने आ गया. जो मेरे प्रीकम से गीला पड़ा था। और मेरा प्रीकम मम्मी की चूत के ऊपर भी लगा हुआ था। मेरे उठे हाय मम्मी मेरे लंड को देखने लगी. तभी वो बोली.



मम्मी- क्या हुआ बेटा? तू उठ क्यों गया?



मैं- एक मिनट मम्मी.



आपनी बात बोलके मैं मम्मी के साइड में आ गया। फिर मैंने अपना मोबाइल उठाया. और उसमें चूत चाटने की वीडियो सर्च कर दी। फिर एक वीडियो चला के मोबाइल मम्मी के हाथ में दे दिया।

मैं- मम्मी ये सब मैंने यहां से सिखाया है। ये देखो.



मम्मी लेते लेते मोबाइल पर चूत चाटने की वीडियो देखने लगी। उसमें एक लड़का एक औरत की चूत और गांड दोनों चाट रहा है। मम्मी वीडियो देखते हुए मुझे देखे जा रही थी। वीडियो देखते हुए मम्मी बोली.



मम्मी- बेटा तू ये गंदी वाली पिक्चर देखता है।



मैं- हां मम्मी देखता हूं. मैं जितना कुछ भी महिलाओं के बारे में जानता हूं। और जो मैं ये सब आपके साथ करता हूं। वो सब मैंने यहीं से सिखाया है।



मम्मी – मगर बेटा तुझे ये सब देखने की क्या जरुरत पड़ गयी?



मैं- मम्मी आज कल लड़की पहले की तरह नहीं है। जो सिर्फ अपने पति के साथ ही वफ़ादार रहती है। आज कल अगर किसी लड़के को अपनी बीवी से प्यार नहीं होता। तो उसकी बीवी या तो तलाक ले लेती है। हां बहार के किसी मर्द के साथ ये सब करती है।



अभी मेरे एक दोस्त के भाई की शादी हुई थी। मगर उसका भाई काफी सीधा सादा था। जिसे ये सब करना नहीं आता था. तो मेरे दोस्त के भाई की बीवी ने मेरे दोस्त यानी कि आपने देवर से रिश्ता बना लिया।



अब जब भी उसका भाई घर पर नहीं होता है। तब उसके भाई की बीवी मेरे दोस्त के साथ यहीं सब करती है। इसलिए मैंने सोचा था कि मैं ये सब सीख लेता हूं। ताकी मेरी होने वाली बीवी ऐसा कुछ ना करे।



मगर मेरी तो किस्मत इतनी ख़राब है कि आज तक मुझे ना तो कोई लड़की मिली। और ना ही बीवी मिली. फिर आपने मुझे वो सब करते देख लिया। और आप मेरी मदद करने लगे। और आपका साथ वक्त बिता के मैं ये जान गया।



कि आप भी मेरी तरह इस सुख के लिए तरस रहे हो। फिर मैंने जो कुछ भी आपको खुश करने के लिए किया। वो सब मैंने यहीं से सीखा था।



मम्मी- तू सही कह रहा है बेटा. आज कल की लड़कियां बहुत तेज हो गई हैं। वो पहले अपनी ख़ुशी के बारे में सोचती है। हमारे ज़माने में भी औरतों को इस चीज़ की ज़रूरत होती थी। मगर हमारे पति इस चीज़ का ख्याल नहीं रखते।
[+] 2 users Like rajusethzee's post
Like Reply
#64
वो तो बस अपना काम करके करवा लेके सो जाते थे। और हम औरते भी इसके बारे में कभी नहीं सोचते थे कि हमारे पति हमारी जरुरत का ख्याल क्यों नहीं करते। यहां तक ​​कि मैंने भी कभी ऐसा नहीं सोचा।



की मुख्य बहार किसी और के साथ संबंध बना के इस सुख का मजा लू। क्योंकि हमें बदनामी का डर होता था। और वैसे भी 10 मिनट के लिए इस सुख के लिए कोई अपनी पूरी जिंदगी दांव पर कैसे लगा सकती है।



मगर सच कहु बेटा. जब तूने पहली बार मुझे नीचे छू के वो सुख दिया। उस दिन मैंने पहली बार इस सुख का अनुभव किया। और तब मुझे पता चला कि मेरी सहेली ने बहार के मर्द से क्यू संबंध बनाया था। और ये सुख एक औरत के लिए भी कितना ज़रूरी होता है।



मैं- हा मम्मी ये सुख औरत और मर्द दोनों के लिए बहुत ज़रूरी है। जैसे हम खाना खा के अपने पालतू जानवर की भूख को शांत करते हैं। वैसे ही हमारे शरीर की भूख को शांत करना भी जरूरी है।



मम्मी- मेरा छोटा सा बेटा कितना समझदार हो गया है। वही मैं इतने वक्त से सोच रही हूं कि तू तो कहता था कि तेरी जिंदगी में कोई औरत नहीं है। मगर हर बार जब भी तू मुझसे छूटेगा।



तो मेरी आँच से तसल्ली करा देता है। अब पता चला कि मेरा बेटा ये सब गंदी पिक्चर देखकर सिखाता है।



मैं- मम्मी जो मैंने आपके साथ किया है। वो मैंने पिक्चर से देख कर सिखाया है। आपको ये अच्छा तो लगता है ना।



मम्मी- हां बेटा बहुत अच्छा लगता है. तेरे पापा ने तो कभी मेरे बारे में सोचा ही नहीं, मगर जिस तरह तू मेरी ख़ुशी के बारे में सोचता है। वो मुझे बहुत अच्छा लगता है. बस एक चीज़ मुझे अजीब लगती है।



मैं- अजीब क्या लगता है मम्मी?



मम्मी- बेटा जब तू मेरे पीछे चाटता है. तब मुझे बड़ा अजीब लगता है।



मैं- मम्मी आपको क्या अच्छा नहीं लगता? जब मैं आपके पीछे चाटता हूं.



मम्मी- अच्छा लगता है बेटा. मगर वो गंदी जगह होती है. मगर तू तो वाहा ऐसी चाट ता है। जैसा पता नहीं तुझे क्या मिल गया हो?
मैं- ये देखो मम्मी इस पिक्चर में क्या हो रहा है?



मैंने फिर वही वीडियो आगे करके चला दी। और अब हमारे वीडियो में वो लड़का उस औरत की गांड में बिल्कुल डाल-डाल के चाट रहा है। मम्मी हमारे वीडियो को देखते हुए मुझे देखने लगी।

[Image: 53800603.gif]

मैं - मम्मी पिक्चर में यही बताती है कि अगर एक औरत को पूरी तरह संतुष्ट करना हो। तो आगे और पीछे दोनो जगह को आचे से चाटना चाहिए। इस औरत को और ज़्यादा मज़ा आता है।



और ऐसा करने से हमें औरत को पूरी तरह से संतुष्टि मिलती है। अब आप बताइये. जब मैं ऐसा करता हूं. तो आप आचे से संतुष्ट होते हो या नहीं।



मम्मी- हा बेटा होती है. मगर जब तू मेरे आगे भी मुँह लगाता है। तब भी मुझे वही ख़ुशी मिलती है।



मैं- मम्मी सच कहू. तो मुझे आपके आगे और पीछे दोनों जगह चाटने में आपसे भी ज्यादा मजा आता है। इसलिए आप मुझे मना मत कीजिए। मैं आपकी दोनों जगह को खूब चाटना चाहता हूं। प्लीज प्लीज प्लीज मन मत करना.



मम्मी- ठीक है बेटा ठीक है. तेरा जैसा मन करे. कर्र को माफ करने के लिए.



मैं- मम्मी एक बात और बोलनी थी.



मम्मी – हम्म हम्म बोल.



मैं- मम्मी हम दोनों इतना खुल गए हैं. मगर अभी तक हम दोनों इसे, नीचे वाली, पीछे वाली कहकर बात करते हैं। क्या आप मधु मौसी के साथ भी ऐसी ही बात करते हैं?



मम्मी- बेटा तेरी मधु मौसी बहुत खुल के बात बोल देती है। वो तो बिल्कुल भी शरम नहीं करती है.



मैं- तो मम्मी अगर आप मुझसे भी खुल के बात बोल लोगे। तो क्या हो जायेगा? वैसे भी अगर आप लंड को लंड से चोदें और गांड को गांड बोल दोगे। तो क्या हो जायेगा?



मेरी बात सुनके मम्मी हंसने लगी. फिर वो बोली.



मम्मी- बेटा तू क्या मुझे बेशरम बनाना चाहता है?



मैं- मम्मी आपने सुख के लिए शरमाने से अच्छा है कि आप बेशरम बनके उस सुख का भारपुर मजा लो। आप इतने वक्त से शर्मा ही तो रहे थे। मगर जब से आप मेरे साथ खुल के बात करने लगें।



तब से आप ज्यादा खुश रहते हैं। शायद इसीलिये मौसी भी अभी तक जवान दिखती हैं। क्योंकि वो आपने सुख के लिए शर्म और लाज पहले ही छोड़ दी है।



मम्मी- हां बेटा ये बात तो है. मधु कभी शर्म नहीं करती.



मैं- तो अब आप शर्म क्यों करती हो मम्मी?



मेरी बात सुनके मम्मी मुस्कुराने लगी. तभी मैंने अपना हाथ उनकी चूत के ऊपर रख दिया। फ़िर मैं चुत सहलते हुए बोला।



मैं – मम्मी मैं जब भी आपकी चूत को चोदता हूँ। तो ये मुझे हमेशा ही गरम मिलती है।



मम्मी – बेटा तेरा लंड शांत रहता है. इतने वक्त में मैंने तेरे लंड को कभी भी ढीला नहीं देखा है। जब भी मेरी नज़र इस पर पड़ती है। तो ये खड़ा ही रहता है.
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#65
मम्मी के मुँह से लंड शब्द सुनकर मेरे चेहरे पर मुस्कान आ गई। मम्मी भी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी। तभी उन्हें मेरा लंड पकड़ लिया. वो ऊपर नीचे करते हुए बोली।



मम्मी – देखो तो कितना गरम और टाइट हो गया है. पता नहीं किसपे गया है.



मैं- आप पर ही आ गया है मम्मी. जैसी मम्मी वैसा बेटा. जैसी आपकी चूत हमेशा गरम रहती है। वैसे ही मेरा लंड भी हमेशा खड़ा रहता है।



आपनी बात बोलके मैं मम्मी की चूत फिर से सहलाने लगा। वो मेरे लंड को ऊपर नीचे करते हुए बोली.



मम्मी- बेटा आज दुकान नहीं जाएगी क्या?



मैं- जाउंगा मम्मी अभी तो टाइम है.



मम्मी- बेटा साढ़े 4 बजे रुक गए हैं. घड़ी की तरफ देख.



मैंने जैसी ही घड़ी की तरफ देखा। तो सच में साडे 4 बज रहे थे. मुझे तो यकीन नहीं हो रहा था कि 2 से साढ़े 4 का टाइम कितनी जल्दी बीत गया।

[Image: mmjj31bp62a81.gif]

[Image: m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-a-YE65z32y-ZOQGq-LL-32179401b.gif]

मैं- मम्मी आज तो टाइम का पता ही नहीं चला कि कब साडे 4 बज गए।



मम्मी- बेटा तेरे साथ मुझे भी टाइम का पता नहीं चलता।



मैं- सच कहूँ मम्मी. तो आपको छोड़ के जाने का मन नहीं कर रहा है।



मम्मी – मैं कह भागी जा रही हूँ बेटा. मैं तो हमेशा तेरे साथ हूं.



मम्मी की बात सुनके हम दोनो मुस्कुराने लगे। फिर मैं और मम्मी हम दोनो बेड से उठ गये। मैं अभी भी नंगा था. और मेरा लंड पूरा टाइट होके खड़ा हुआ था। मम्मी मेरे खड़े लंड को देख रही थी। मैं उनके दूध को देख रहा था।



जो उनके खुले हुए ब्लाउज से बाहर निकल के लटक रहे थे। तभी मैं मम्मी के पास गया। और उनको पीछे से पकड़ लिया। मैं फिर से उनको दूध देने लगा। तभी मम्मी बोली.



मम्मी- क्या बात है बेटा? तेरा मन भरा नहीं क्या?



मैं- मम्मी आपसे कहां मन भरता है. वैसे आपने अपने नीचे के बाल देखे या नहीं।



मम्मी- नहीं तो.



मम्मी की बात सुनके मैंने उन्हें शीशे के सामने खड़ा कर दिया। फिर उनका पेटीकोट पूरा ऊपर उठा दिया। पेटीकोट के ऊपर होते ही मम्मी खुद की चूत के बाल देखने लगी।

[Image: 3.gif]

और मेरा लंड मम्मी की नंगी गांड में लग गया। मम्मी अपनी चूत को देख रही थी. तभी मैं बोला.



मैं- कैसे लग रहे हो बाल मम्मी.



मम्मी- अच्छा लग रहा है बेटा. तूने तो बड़ी जल्दी बाल साफ कर दिए। वरना मुझे तो बाथरूम में काफी टाइम लगता था।



मैं- मम्मी ट्रिमर से इतना टाइम नहीं लगता। और उसे काटने का भी डर नहीं रहता। वैसे आपके छोटे छोटे बाल आपकी चूत के ऊपर बहुत दर्द लग रहा है।



मेरी बात सुनके मम्मी मुस्कुराने लगी। मैं फिर उनकी चूत को सहलाने लगा।



मम्मी- दुकान नहीं जाना क्या बेटा? हां ऐसे ही नंगा खड़ा रहेगा।



मैं – बस जा रहा हूँ मम्मी. आपको ऐसा देखकर नहीं लग रहा।



कुछ देर बाद मम्मी ने अपना पेटीकोट नीचे कर लिया। मैंने भी कपडे पहन लिया. कपडे पहन के मैं दुकान पर गया



फिर मम्मी चाय लेके आई।



वो मुझे चाय देके चली गई. आज वो पहले ही देर से आई थी। इसलिए वो दुकान पर नहीं रुकी। आज मम्मी कुछ ज्यादा ही खुश दिख रही थी। और उनके चेहरे की चमक मुझे उनके अंदर की संतुष्टि बता रही थी।



फ़िर मैं दुकान पर बैठा रहा। और ठीक 9 बजे घर पहुंच गया। मम्मी मुझे देखकर मुस्कुराने लगी. और मुंह हाथ धोकर मैं और मम्मी खाना खाने लगे। मैंने देखा पापा लेते हुए टीवी देख रहे थे।



फिर खाना खा के मैं और मम्मी कमरे से बाहर आ गईं। मैने बार्टन नाल के पास रख दिये। मम्मी किचन में चली गई. मम्मी के किचन में जाते ही मैं भी किचन में घुस गया। मम्मी तब बार्टन खाली कर रही थी।

[Image: ar9pyb.gif]

और तभी मैंने पीछे जाकर मम्मी की गांड को दबा दिया। और जैसा ही मैंने उनकी गांड दबायी। तो वो पीछे मुड़के मुझे देखकर मुस्कुराने लगी। तभी मैं बोला.
[+] 2 users Like rajusethzee's post
Like Reply
#66
मैं – मम्मी आज भी मैं ऊपर बिस्तर लगा के लेटने जा रहा हूँ।



मेरी बात सुनके मम्मी मुस्कुराने लगी। मैं उनकी गांड दबाये जा रहा था। तभी वो बोली.



मम्मी- बेटा तेरे पापा अभी सोए नहीं हैं. तू चल मैं उनके सोने के बाद आती हूँ।



मम्मी की बात सुनके मैं बिस्टर लेके छत पर गया। और बिस्टर और मच्छरदानी लगा के लेट गया। मच्छरदानी के अंदर लेट ते ही मैंने अपना कच्चा निकल दिया। और पूरा नंगा होके लेट गया।



मेरा पूरा लंड खड़ा हो चुका था।



मैं इंस्टाग्राम की हॉट सनी और भाभी की रील्स देख रहा था। और रील्स देखते-देखते टाइम निकल गया। फ़िर साढ़े 10 बजे ही मुझे सिधियों पर चढ़ने की आवाज़ आने लगी। मैं समझ गया कि मम्मी ऊपर आ रही हैं।



तभी मैंने एक चुदाई की वीडियो चला ली। मुख्य उपयोग देखने लगा. फिर मम्मी ऊपर आ गयी. और मच्छरदानी के बाहर खड़ी होके मुझे देखने लगी। मैं मम्मी को देखता हूँ अपना लंड सहलाये जा रहा था। तभी मम्मी मच्छरदानी हटा के अंदर आ गई।



और अंदर आके मच्छरदानी दबने लगी। और मच्छरदानी दबा के जैसे हाय मम्मी मेरी तरफ मुड़ी। तो उन्हें चाँद की रोशनी में मेरा खड़ा लंड और मेरा नंगा बदन दिखायी दिया। और मुझे नंगा देखकर वो बोली.



मम्मी – बेटा तू पूरा नंगा होके लेता है.



मैं- हा मम्मी तो क्या हुआ? यहां कौन देखने वाला है. और वैसे भी डॉफ़र में भी तो हम डोनो नंगे ही लेते थे।

मम्मी मेरी बात सुनके बगल में लेट गई। और बगल में लेट ते ही उनकी नज़र मेरे मोबाइल पर चली गई। जिसमें एक औरत एक लड़के का लंड गपागप करके चूस रही होती है। ये सीन देखकर मम्मी बोली.



मम्मी- बेटा तू अभी भी ये गंदी पिक्चर देख रहा है।



मैं- हां मम्मी कभी-कभी देख लिया करता हूं. मेरे जैसा कुवारो लड़कों का यही सहारा है। जब आप मेरे लंड को शांत नहीं करती थी। तब मैं हर रात इसे ही देखा करता था। और आपकी पैंटी को सूंघकर अपने लंड को शांत कर लेता।



मम्मी वीडियो को देख रही थी। और उसमें वो औरत लंड को कुल्फी समझ के चूस रही थी। तभी मैंने एक हाथ से मोबाइल पकड़ के दूसरे हाथ से मम्मी के दूध देने लगा। मम्मी मेरे साथ लेते लेते वीडियो देखे जा रही थी। तभी मैं बोला.



मैं- मम्मी क्या औरत को भी लंड चूसना अच्छा लगता है?



मेरी बात सुनके मम्मी मुझे देखने लगी। मैं उनको दूध दबाते हुए बोला.

[Image: ar9spg.gif]

मैं- बताओ ना मम्मी. क्या औरत को भी लंड चूसने में मजा आता है.



मम्मी- बेटा जब तू मेरे नीचे और पीछे चाटता है। तब तुझे कैसा लगता है.



मैं- बहुत अच्छा लगता है मम्मी. मेरे बस चले तो मैं पूरा दिन आपकी चूत और गांड चाटता रहू।



मम्मी- बेटा जैसे मर्दों को औरत की नीचे चाटना पसंद होता है। वैसे ही औरत को भी मर्दो का लंड चूसना अच्छा लगता है। इसे मर्द बहुत ख़ुस होते हैं।



मैं- मुझे तो पता ही नहीं है मम्मी की जब कोई औरत लंड चूसती है। तो कैसा लगता है. क्योंकि मुझे आज तक ये सुख मिला ही नहीं है। मगर इस वीडियो में देखकर तो ये लगता है कि जब औरत मर्दों का लंड चूसेगी। तो उनको बहुत मजा आता होगा.



मैने जानकर ये बात कही थी. ताकि मम्मी समझ जाए कि मुझे भी लंड चुसवाने का मन हो रहा है। बस मैं उनसे डायरेक्ट नहीं कह रहा हूं। और इतनी भूली तो वो नहीं थी कि वो मेरी बात ना समझ पाए।



मम्मी मुझे और वीडियो को देखने जा रही थी। तभी मैंने मोबाइल मम्मी को पकड़वा दिया। ताकी मेरे डोनो हाथ फ्री हो जाए। मम्मी मोबाइल पकड़ के वीडियो देख रही थी। तभी मैं उनकी मैक्सी ऊपर करने लगा। फ़िर मैं बोला.



मैं- मम्मी क्या आप भी पापा का लंड ऐसे ही चूसती हो?



मेरी बात सुनके मम्मी ने मोबाइल साइड में रख दिया। वो मुझे देखने लगी. और इधर मैंने मम्मी की मेक्सी उनके पेट के ऊपर कर दी। और अपना हाथ टुरेंट मम्मी की चूत पर रख दिया। और बोला.



मैं- बताओ ना मम्मी. क्या आप भी पापा का लंड ऐसा ही चूसते हो।



मम्मी – हम्म हम्म्म ऐसे ही चूसती हूँ.

[Image: ar9vp3.gif]

[Image: blowjob-001-7.gif]

मम्मी का जवाब सुनके मैं उनकी चूत को मसलने लगा। मम्मी मुझे अपनी नशीली आँखों से देखे जा रही थी। तभी मैं उठा और मम्मी की दोनो टैंगो के बीच आ गया। फिर मैंने मम्मी की तांगे फेला दी।



और तांगे फेलाने के बाद मैं मम्मी की मेक्सी पकड़ के निकलने लगा। तभी मम्मी बोली.



मम्मी – बेटा इसे ऐसे ही रहने दे.



मैं – मम्मी यहाँ मैं और आप ही हैं. और यहाँ तो पापा का भी डर नहीं है। वैसे वो तो तो गए हैं ना।



मम्मी- हा बेटा वो तो बहुत पहले ही सो चुके हैं।



मैं- तो फिर किस बात का डर है मम्मी.
[Image: araac6.gif]
Like Reply
#67
मम्मी से ये बात बोलके मैंने उनकी मेक्सी पूरी निकाल दी। अब मैं और मम्मी खुली छत पर नंगे थे। मेक्सी के निकलते ही मैं मम्मी के ऊपर लेट गया। और मेरे ऊपर लेट ते हाय मेरा लंड मम्मी की चूत से चिपक गया। फिर मैं लेता लेता मम्मी के दूध चूसने लगा।

[Image: arabi5.gif]

[Image: arabsc.gif]
[Image: arabtr.gif]

मम्मी आराम से लेती हुई थी. मैं दबा दबा के उनके दोनों दूधो को चूस जा रहा था। और मेरा लंड पूरा खड़ा होके मम्मी की चूत से चिपका हुआ था। जो हल्के हल्के उनकी चूत से रगड़ रहा था। कुछ देर दूध चूसने के बाद मैं बोला।



मैं- मम्मी, आपको बहुत मजा आता होगा. पापा का लंड चूसने में, क्या आपने कभी उनका पानी पिया है।



मम्मी- नहीं बेटा मैंने ऐसा नहीं किया है।



मम्मी के दूध चूसने के बाद मैं नीचे जाने लगा। और जैसे ही मैं मम्मी की चूत पर मुँह लगाऊंगा।



मम्मी- बेटा, आज नीचे मुँह मत लगा।



मैं- क्यू मम्मी क्या हो गया?



मम्मी- बस बेटा अभी नीचे मुँह मत लगा।



मैं- मम्मी, आपकी चूत तो बहुत गरम हो रही है. और अंदर से गीली भी हो रही है. तो आप मुझे क्यों मना कर रहे हो?



मम्मी- बेटा, वो तेरे पापा ने अभी...



मम्मी अपनी बात बोलते-बोलते रुक गयी। मगर मैं समझ गया कि आज पापा ने उनकी चुदाई की है।



मैं- मम्मी, पापा ने आपकी चुदाई की है. इसलिए आप मुझे मना कर रहे हो।



मम्मी मेरी बात सुनके चुप हो गई। मैं हाथ से उनकी गरम चूत सहलते हुए बोला।

[Image: 1.gif]
[Image: 2.gif]
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#68
मैं- मम्मी, अगर पापा की चुदाई से आपकी तसल्ली हो जाती. तो आपकी चूत ऐसी गरम होके गीली नहीं हो रही होती। आप सच सच बताइये मम्मी। क्या आपका मन नहीं हो रहा है?



मम्मी- हो रहा है बेटा? मगर तेरे पापा ने नीचे गंदा कर दिया था। इसलिए मैं तुझे रोक रही हूं।



मैं- मम्मी, क्या पापा ने अपना पानी चूत के अंदर निकाल दिया था?



मम्मी- हां बेटा इसलिए मैं तुझे मना कर रही हूं।



मैं- मम्मी, क्या आपने उसके बाद नीचे पानी से साफ नहीं किया था।



मम्मी – किया था बेटा.



मैं – तो फिर आपकी चूत गन्दी कैसे हुई. आप तो इसे धोकर साफ कर चुके हैं।



अपनी बात बोलते ही मैंने अपना मुँह मम्मी की चूत पर लगा दिया। फ़िर लपा लप मम्मी की चूत चाटने लगा। चूत पर जीभ लगते ही मम्मी 'उम्म' करने लगी। मैं मम्मी की चूत और गांड दोनों चाटने लगा।



मम्मी की चूत का स्वाद और उसकी महक सुंघकर मेरी जीभ रुकने का नाम ही नहीं ले रही थी। मैंने 10 मिनट तक बिना रुके मम्मी की चूत और गांड को चाट के उनका पानी निकाल दिया।

[Image: 3.gif]

[Image: 4.gif]

फिर सारा पानी चाट के मैं मम्मी के ऊपर आ गया। मम्मी तेज तेज साने छोड़े हुए मुझे देख रही थी। कुछ देर हम दोनो एक दूसरे को ऐसे ही देखते रहे। फिर मैंने अपना मुँह नीचे किया। और आपने होठों को मम्मी के होठों में लगा दिया।



मम्मी के होठों में अपना मुँह लगता ही मैं उनके होठों को चूसने लगा। और ताज्जुब मुझे तब हुआ। जब मम्मी ने मुझे कुछ नहीं कहा। बाल्की वो खुद भी मेरे होठों को चूसने लगी। मैं मम्मी के ऊपर लेटा हुआ उनके होठों को चूस रहा था।

[Image: 5.gif]

[Image: 6.gif]
[Image: 7.gif]
[Image: 8.gif]

और मेरा लंड मम्मी की चूत से चिपक गया था। और मम्मी के बड़े-बड़े दूध मेरे सीने पर दबे हुए थे। और मम्मी इन सबको भूल कर मेरा साथ दे रही थी। मम्मी का हाथ मेरी गर्दन पर था।

[Image: araece.gif]
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#69
और वो कभी मेरे बालो को सहला रही थी। तो कभी मेरी गर्दन को, मम्मी के होठों को चूमते हुए मैं पलट गया। जिसकी मम्मी मेरे ऊपर आ गई। और अभी भी मेरे होठों को छोड़ा नहीं, हम दोनों एक दूसरे के होंठ चूसने में खो गए थे।

[Image: arah8y.gif]


अब मम्मी मुझसे चुदने के लिए पूरी तरह तैयार है। वरना वो मुझे अपने होठों से जरूर जोड़ती है। मम्मी के होठों को चूसते हुए मैं उनकी गांड को दबाने लगा। और मम्मी के होठों को चूसने में जो सुकून मुझे मिल रहा था



वो मुख्य शब्दों में बता नहीं सकता। मम्मी ने एक बार भी मेरा हाथ अपनी गांड से नहीं हटाया। मैं उनकी गांड दबाते हुए उनके होंठों को चूस रहा था। हम दोनों लगभाग 4 से 5 मिनट तक एक दूसरे के होठों को चूमते रहे।

फिर मम्मी ने अपना मुँह ऊपर कर लिया। मेरा हाथ अभी भी मम्मी की गांड पर था। फिर वो मेरे ऊपर से उतर कर मेरे साइड में लेट गई। मम्मी के लेट ते ही मैं करवट लेके उनके खंडे पर सिर रख कर लेट गया।



और मेरे लेट ते हाय मम्मी मेरे सर को सहलाने लगी। कुछ देर हम दोनो शांत लेते रहे। फिर मैं मम्मी के दूध दबाते हुए बोला।



मैं- मम्मी, आपको बुरा तो नहीं लगेगा ना.



मम्मी- नहीं बेटा बुरा किस बात का.



मैं- वो मम्मी आपके होठों को देखकर मुझसे रहा नहीं गया। इसलिए मैंने उन्हें चूम लिया.



मम्मी- कोई बात नहीं बेटा. मुझे बिल्कुल बुरा नहीं लगा.



मम्मी की बात सुनके मैंने फिर से उनके होठों को चूम लिया। और इस बार भी मम्मी ने मेरे होठों को चूस के मेरा साथ दिया। इस बार हम दोनों 1 मिनट तक एक दूसरे के होठों को चूसते रहेंगे। फ़िर मैं बोला.







मैं – मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ मम्मी।

[Image: arajg3.gif]

[Image: gifcandy-kissing-74.gif]

मम्मी – मैं भी तुझसे बहुत प्यार करती हूँ मेरे बच्चे। तू ही तो है. जो मेरे बारे में सोचता है. मेरी ख़ुशी के बारे में सोचता है।



मैं- मम्मी, अभी जब मैं खाना खा के ऊपर आया। तब तो पापा लेटकर टीवी देख रहे थे। आपकी चुदाई कब खुलेगी.



मम्मी – बेटा, जब तू दुकान पर था तब की थी।



मैं- और वो आज भी आपकी तसल्ली नहीं करा पायेगा.



मम्मी – हा बेटा वो तो है. मगर अब मैंने इसके बारे में सोचना छोड़ दिया है।



मैं – मगर मम्मी एक औरत के लिए भी ये उतना ही ज़रूरी है। जितना एक मर्द के लिए.



मम्मी- बेटा, तेरे पापा जैसे भी हैं। वो मेरे पति है. भले ही वो मेरे बारे में ना सोचे। मगर मैं उनका ख्याल हमेशा करती हूं।



मैं- कोई बात नहीं मम्मी. पापा जो कसार छोड़ देते हैं. मैं अच्छे से पूरा कर दूंगा का प्रयोग करें।



मेरी बात सुनके मम्मी हंसने लगी. फिर मम्मी ने मेरा लंड पकड़ लिया। और वो आगे पीछे करने लगी। मम्मी के लंड पकड़ा ही मैंने भी अपना हाथ उनकी चूत पर रख दिया। जो फिर से गरम से हो रही थी। मम्मी की चूत सहलते हुए में बोला।

[Image: pussy-rub-001-86.gif]
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#70
मैं- मम्मी, आपकी चूत फिर से गरम हो रही है.



मम्मी- बेटा, जब तू मेरे पास रहेगा। और मेरे नीचे छूटा रहेगा। तब तक मेरा हाल ऐसे ही रहेगा।



मैं- मम्मी, सच कहूँ. तो आज पापा से मुझे जलन हो रही है। आप उनका कितना ख्याल रखते हो। उनका लंड तक मुँह में ले लेती हूँ। और एक मैं हूँ. जिसे अभी तक ये भी पता ही नहीं है कि ये सुख कैसा होता है।



मेरी बात सुनके मम्मी मुझे देखने लगी। और वो मेरे लंड को ऊपर नीचे किये जा रही थी। मम्मी समझ रही थी कि मैं क्या चाहता हूं। ये बात बोलके मैंने फिर से मम्मी के होठों को चूम लिया। और कुछ देर होठों को चूसने के बाद मम्मी उठ के बैठ गई।



मम्मी समझ गई थी कि मैं क्या चाहता हूं। फिर मम्मी उठ के मेरी टैंगो के बीच आ गई। मम्मी अभी भी मेरा लंड ऊपर नीचे कर रही थी। फिर वो पल आया. जिसके लिए मैं कब से तरस रहा था।



मम्मी ने अपनी जीब बहार निकली. और उसे सीधा मेरे लंड के खुले सुपाड़े पर फिराते हुए मेरा आधा लंड अपने मुँह में ले लिया। मम्मी की गरम जीभ और गरम मुँह का अहसास लंड पर मिलते ही मेरी आत्मा फंस गई।

[Image: aralxz.gif]
[Image: aramoy.gif]

मैंने पहले भी अपना लंड चुसवाया है। मगर आज जिस तरह मम्मी मेरा लंड चूस रही थी। ऐसा एहसास मैंने पहले कभी नहीं किया था। मम्मी मेरे लंड को ऊपर नीचे करते हुए चूस जा रही थी।



मैं लेता लेता इस पल का मजा ले रहा था। जो बहुत वक्त के बाद मुझे नसीब हुआ था। मम्मी ने चूस चूस के मेरा पूरा लंड गीला कर दिया था। मगर मेरा पानी इतने आसान से नहीं निकलने वाला था। मम्मी से पहले मैं हफ़्ते में कम से कम 2 बार बाहर की औरत को चोद के आता था।



और उन्होंने ही मुझे चोदने में एक्सपर्ट बनाया था। जिसका फ़ायदा मुझे आज मिल रहा था। मम्मी चूस चूस के मेरे लंड को चाट रही थी। तभी मैं एक दम से उठ गया। और मेरे उठे हाय मम्मी ने मेरा लंड छोड़ दिया। और वो मुझे देखने लगी.



उठते ही मैं मम्मी के होठों को चूसने लगा। और मम्मी भी मेरा साथ देने लगी. मम्मी का हाथ अभी भी मेरे लंड पर था. और वो मेरे लंड को ऊपर नीचे करते हुए मेरे होंठों को चूस रही थी। कुछ देर बाद होठों को चूसने के बाद मैं बोला।

[Image: 20439678.gif]
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#71
मैं- मम्मी, आप घूम के मेरे ऊपर आ जाओ। ताकी मैं भी आपकी चुत चाट का आपको वो ख़ुशी दे सकूँ। जो आप मुझे दे रहे हो.



मम्मी- कैसे बेटा मैं समझती नहीं.



आपनी बात बोलके मैं फिर लेट गया। फिर मैंने मम्मी को घुमा के आपने ऊपर ले लिया। और मम्मी मेरे ऊपर घूम के बैठ गई। तभी मैं बोला.



मैं- मम्मी, अब आप अपनी गांड को मेरे मुँह पर रख दो। ताकी जब आप मेरे लंड को चूसो. तब मैं आपकी गरम चूत को चाट के फिर से शांत कर सकता हूँ।



इस बार मम्मी ने एक पल भी नहीं सोचा। और ना ही ना नुकर किया. अनहोने तुरंट अपनी गांड मेरे मुँह पर रख दी। और मम्मी की गांड मेरे मुँह पर आते ही मैंने अपना मुँह उनकी चूत में लगा दिया। चूत पर मुँह लगते ही मम्मी के मुँह से उम्म्म्म की आवाज आई।



और वो पूरी सीधी होके मेरे मुँह पर बैठ गई। और नीचे मैं लपा लप उनकी चूत पर अपनी जीभ चलाने लगा। कुछ देर मम्मी सीधी मेरे मुँह पर बैठ रही। फ़िर वो मेरे लंड पर झुककर उसे चूसने लगी। मुझे यकीन नहीं हो रहा था.

[Image: Leilani-Gold-licking-and-sucking-in-69-position.gif]
[Image: Leilani-Gold-licking-and-sucking-in-69-position.gif]
[Image: porn-oral-porn-blowjob-69-2323408.gif]

की आज खुली छत पर मैं और मम्मी नंगे होकर 69 कर रहे थे। मम्मी का मुँह मेरे लंड पर था. और वो मेरे लंड को चूस जा रही थी. और इधर मेरी जिभ रुकने का नाम नहीं ले रही थी। आज खुली छत पर मैं और मम्मी एक दूसरे को मुँह से खुश रहे।



मम्मी भले ही पापा का कितना भी ख्याल कर ले। और उनसे कितना भी चुदवा ले. मगर मम्मी ये बात आचे से जानती थी कि उनकी चूत की तसल्ली में ही आचे से कर सकती हूँ। इसीलिये पापा से चुदवाने के बाद भी वो मुझसे अपनी चूत चटवा रही थी।



बस एक ही बात का अफसोस हो रहा था कि आज मम्मी मेरा लंड चूस रही थी। और अंधेरा होने की वजह से मैं उन्हें देख नहीं पा रहा था। मगर मेरे लिए इतना भी बहुत था कि आज मेरा लंड मम्मी के मुँह में है। क्योंकि मैं जनता था.



ये तो सिर्फ चुदाई का छोटा सा नामुना है। आने वाले दिनों में मेरा लंड मम्मी की चूत में घुस कर वो तभी मचाने वाले हैं। जिसकी कल्पना मम्मी ने भी नहीं की होगी। मगर मम्मी जिस तरह मेरा लंड देखती थी। और अभी चूस रही थी.



उससे ये बात साबित होती है कि कहीं ना कहीं वो भी मेरा लंड अपनी चूत में लेना चाहती है। बस वो सामने से नहीं कह रही थी। मैंने लेते लेते मम्मी की गांड को फेला दिया। फिर अपनी पूरी जिभ मम्मी की चूत में डाल दी।



मम्मी की गांड को सहलाते हुए मैं उनकी चूत को अपनी जीभ से चोद रहा था। और मम्मी की तांगे फिर से खरीदने लगी थी। मम्मी मेरे लंड को ऊपर नीचे करते हुए चूस जा रही थी। वो बार बार अपनी जीभ मेरे लंड के सुपाड़े पर फिर रही थी।

[Image: 69-position-001-3.gif]

और मेरे लंड के सुपाड़े को लॉलीपॉप की तरह चूस रही थी। और इधर मैंने मम्मी की चूत को जीब से चोदते हुए अपनी 2 उंगली उनकी चूत में डाल दी। और उंगली करते हुए मैं मम्मी की गांड चाटने लगा।



मैं जल्दी जल्दी अपनी उंगली अंदर बाहर करने लगा। और तभी मम्मी ने मेरा लंड अपने मुँह से निकल दिया। फिर वो मेरे लंड को ऊपर नीचे करते हुए उम्म्म मम्म करने लगी। फिर कुछ देर उंगली करने के बाद मम्मी का पानी निकल गया।

[Image: m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-ewm-UCehl-Tx7-0-Jtl-31685661b.gif]
[+] 2 users Like rajusethzee's post
Like Reply
#72
पानी निकलने के बाद मम्मी एक दम शांत हो गई थी। मगर उन्हें अभी तक मेरा लंड छोड़ा नहीं था। वो वैसे ही ऊपर नीचे कर रही थी। और इधर मैं मम्मी की चूत चाट चाट के साफ कर रहा था। और उधर मम्मी फिर से मेरे लंड को चूसने लगी।



मैं अभी भी मम्मी की चूत चाट रहा था। और अब वो मेरे लंड को कुछ ज़्यादा ही जल्दी जल्दी ऊपर नीचे करते हुए चूस रही थी। फ़िर जब मेरा पानी निकलने वाला था। टैब मैं बोला.



मैं- मेरा निकलने वाला है मम्मी. मेरा पानी निकलने वाला है.



मैंने ये बात इसीलिये बोली. ताकी मेरा पानी मम्मी के मुँह में ना निकले। मगर जिस तरह मम्मी मेरा लंड चूस रही थी। उसे देखकर लग रहा था कि वह इस बात की कोई परवा नहीं थी।



फिर कुछ देर मेरा लंड चूसने के बाद मेरा पानी मम्मी के मुँह में ही निकलने लगा। मेरे लंड में झटके लगने लगे. मगर मम्मी ने मेरा लंड अपने मुँह से नहीं निकाला। वो मेरे लंड को ऊपर नीचे करते हुए सारा पानी अपने मुँह में लेने लगी।

[Image: m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-BQ6-ZJvr-HHa-Ks-VOo-36050291b.gif]
[Image: 33200142.gif]

मम्मी ने मेरे लंड से पानी की आखिरी बंधन तक निचोड़ ली। और इधर मैं आनंद को महसुस कर रहा था। जिसके लिए मैं पता नहीं कब से तरस रहा था। मैं लेता लेता इस पल का मजा ले रहा था। तभी मम्मी के मुँह से थोड़ा सा पानी निकल के मेरी टांग पर गिर गया।



फ़िर मम्मी मेरे ऊपर से उठ गई। और उन्हें मछरदानी थोड़ी सी खोली। और अपने मुँह में भरा हुआ मेरे लंड का पानी उनको बाहर फेंक दिया। पानी बाहर फेंकने के बाद मम्मी ने खुद का मुंह अपनी मैक्सी से साफ कर दिया। और वो फिर से मेरे बगल में लेट गई।







मम्मी के बगल में लेट ते ही मैं उनसे चिपक गया। और मम्मी ने भी मुझे खुद से चिपका लिया। कुछ देर हम दोनो शांत लेते रहे। फिर मैं उठा और मम्मी के सीने पर सर रख्कर बोला।



मैं- मम्मी, आपने ये जो अभी मेरे लिए किया है। मैंने तो सपने में भी नहीं सोचा था कि कभी मुझे ये सुख भी मिलेगा।



मम्मी- बेटा, मैंने ऐसा कुछ नहीं किया है। जैसे तू मेरी ख़ुशी और मेरे सुख का ख्याल रखता है। बस वैसे ही मेरा भी फर्ज है कि मैं अपने बेटे के हर सुख का ख्याल रखूं।



मैं- मम्मी, मुझे आज पता चला कि पापा को आपके साथ कितना मजा आता होगा। आप जिस तरह मेरा लंड चूस रही थी। तब ऐसा लग रहा था. जैसे मैं आसमान में उड़ रहा हूं।



मेरी बात सुनके मम्मी हंसने लगी. फिर जब मैंने उनके होठों को चूमने के लिए आगे बढ़ा तो उन्हें रोक दिया। फिर वो बोली.



मम्मी- बेटा, अभी नहीं, अभी मेरा मुँह गंदा है।



मैं- मम्मी, मुझे इससे कोई फ़र्क नहीं पड़ता है।



आपनी बात बोलते ही मैं मम्मी के होठों को चूसने लगा। फ़िर मम्मी भी मेरा साथ देने लगी। हम दोनों की गरम सांसें एक दूसरे के मुंह पर लग रही थीं। और हमारे नंगे बदन एक दूसरे से चिपके हुए थे।

[Image: 38204801.gif]
[Image: kissing-003-1.gif]
[Image: Young-couple-kissing-and-making-love-3.gif]

मम्मी के होठों को चूसते हुए मैं दूध दबाने लगा। और मम्मी मेरी पीठ को सहलाने लगी। कुछ देर हम दोनो एक दूसरे के होठों को चूसते रहे। फिर अलग होने के बाद मैं बोला.



मैं- मम्मी, आज चुदाई करते हैं जब पापा ने आपकी साफ चूत देखी होगी। तो वो तो खुश हो जायेंगे.



मम्मी- बेटा, तेरे पापा को इस सब से कोई फ़र्क नहीं पड़ता है। चाहे मेरे नीचे बाल हो या ना हो। उन्हें जो करना होता है. वो करके वो सो जाते हैं.



मैं- वैसे मम्मी आज पापा ने कितने टाइम के बाद आपकी चुदाई की थी।



मम्मी- आज 3 हफ्ते बाद की है बेटा.



मैं - और 3 हफ्ते बाद भी उहोने सिर्फ अपना काम निकला और सो गए।



मम्मी- हां बेटा मगर अब मुझे ज्यादा फर्क नहीं पड़ा। क्यूकी इन दीनो तूने हर दिन मेरी आछे से तसल्ली कराई है। और आज डॉफ़र भी तूने मुझे वो सुख पहले ही दे दिया था। जो तेरे पापा अब चा के भी नहीं दे पाते।



अपनी तारीफ सुनके मैं खुश हो गया। मैंने फिर से अपना हाथ मम्मी की चूत पर रख दिया। और उपयोग सहलते हुए बोला।



मैं- मम्मी, आज दोपहर में मैंने आपका पानी निकाला। और अभी भी 2 बार पानी निकल चुका हूं। मगर उसके बावज़ूद आपकी चूत अभी भी गरम हो रही है। मम्मी क्या ये बात सच है? एक औरत एक मर्द से कई गुना ज्यादा चुदाई का मजा ले सकती है।



मम्मी – हा बेटा ये सच है. एक औरत एक मर्द से कई गुना ज्यादा इस सब का मजा ले सकती है। एक मर्द का पानी निकलने के बाद उसका हथियार ढीला हो जाता है। मगर एक औरत का पानी निकलने के बाद भी वो कई बार अपना पानी निकाल सकती है। बस उसे ऐसा मर्द मिलना चाहिए। जो हर बार उसके लिए तैयार हो जाए।



मैं- इसीलिये 3 बार पानी निकालने के बाद भी आपकी चूत अभी भी गरम हो रही है मम्मी।



मम्मी- हां बेटा इंसान का मन इस चीज से कभी नहीं भरता है। मगर हमें खुद के ऊपर कंट्रोल रखना चाहिए। और वैसे भी अब टाइम बहुत हो गया।



फ़िर मम्मी ने टाइम देखा। 12 बजे तक 15 मिनट तक. फ़िर मम्मी बोली.



मम्मी- बेटा, 12 बजे वाला है. अब मैं चलती हूं.



मैं- मम्मी, यही मेरे पास है तो जाओ ना. नीचे जाके क्या करोगे? पापा तो वैसे भी तो ऐसे ही रहेंगे. मेरा बहुत मन करता है कि मैं आपके साथ ऐसे ही चिपक कर सो जाउ।
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#73
मम्मी- मन तो मेरा भी करता है मेरे बच्चे की तुझे पूरी रात खुद से चिपका के रखू। मगर अब तू बड़ा हो गया। तो हमें थोड़ा संभल के रहना पड़ेगा। चल अब नीचे चलते हैं.



मम्मी की बात सुनके बिस्टर समेट के हम दोनो नीचे आ गये। फिर कमरे में आते ही मैंने लाइट जला दी। और बिस्टर रख्कर मैंने मम्मी को फिर से पकड़ लिया। और उनको दीवार से लगा दिया. मम्मी और मैं एक दूसरे को देखे जा रहे थे।



फिर मैंने अपना मुँह आगे किया। और मम्मी के होठों को फिर से चूसने लगा। मम्मी भी आंखें बंद करके मेरे होंठों को चूसने लगी। फिर होठों को चूमते हुए मैं मम्मी की मैक्सी ऊपर करने लगा।



और मैक्सी ऊपर करते ही मैं फिर से उनकी चूत सहलाने लगा। कुछ देर मम्मी मेरे होठों को चूस रही है। फिर वो बोली.

[Image: ararlm.gif]

मम्मी – उम्म्म मम्म बेटा अगर तू ऐसे ही मेरे नीचे छूटेगा। तो मैं नीचे नहीं जा पाऊंगी.



मैं- तो यहीं रुक जाओ ना मम्मी. मैं पूरी रात आपको ऐसा ही प्यार करूंगा।



मम्मी- नहीं बेटा मुझे तेरे पापा के पास जाना ही होगा। कहीं वो रात बे रात उठ गई. तो क्या होगा?



अपनी बात बोलते ही मम्मी ने मेरा हाथ पकड़ लिया। फिर उन्हें अपनी मैक्सी ठीक कर ली. फ़िर मैं बोला.

[Image: ararwf.gif]
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#74
मैं- मम्मी, कल छुट्टी है. और कल हम दोनों घर पर रहेंगे। और कल मैं आपकी एक बात भी नहीं सुनूंगा।



मेरी बात सुनके मम्मी हंसने लगे. फिर वो नीचे चली गई. मैं भी बिस्तर पर आके लेट गया। फिर कुछ ही देर बाद मुझे नींद आ गई। ऐसे चेन की नींद शायद ही पहले कभी आई हो। फिर सुबह साढ़े 8 बजे मेरी आंख खुद खुल गई।



मैं लेता लेता कल रात के बारे में सोचने लगा। कल कैसी मम्मी मेरा लंड चूस रही थी। और उन्होंने मेरा पानी अपने मुँह में भी ले लिया था। मम्मी की बात सोचती मेरा लंड जो पहले से खड़ा था। और ज्यादा टाइट हो गया था.



फिर मैं जल्दी से उठूंगा। और बाहर आके नीचे देखने लगा। और बाहर मुझे मम्मी झाड़ू लगती हुई दिखी। मम्मी अभी भी मैक्सी पहनने हुई थी। और उनके बड़े बड़े दूध मैक्सी में लटके हुए दिख रहे थे। पापा का ई रिक्शा खड़ा नहीं था।



इसका मतलब वो निकल चुके थे। मम्मी को देखकर पानी से खुल कर मैं वापस बिस्टर पर आ गया। और लेटकर मम्मी के बारे में सोचना लगा।



और कल रात मम्मी ने भी मुझसे नहीं रोका था। बाल्की उनको मेरा पूरा साथ दिया था। और आज वो दिन था. जब मैं मम्मी की चुदाई करने वाला था। मैं लेता लेता मम्मी का इंतज़ार कर रहा था।



तभी 9 बजे मम्मी ऊपर मुझे उठाने आयीं। मगर मैं पहले हुई उठा हुआ था। और अपने लंड को सहला रहा था. जो पहले से खड़ा हुआ था। और जैसी ही मम्मी कमरे में आई। तो वो मुझे जागते हुए देखकर वो बोली।



मम्मी- उठ गया बेटा.



मैं – हा मम्मी बस बस अभी अभी उठा हू.



मम्मी- चल बेटा फिर मुँह हाथ धो ले. फिर नास्ता करते हैं.



मम्मी की बात सुनते ही मैं बिस्तर से उठ गया। फिर मम्मी के पीछे जाके उन्हें पकड़ लिया। और मम्मी को पकड़ते ही मैं उनको दूध दबाने लगा। तभी मम्मी बोली.


मम्मी- क्या कर रहा है बेटा सुबह-सुबह?

[Image: 23220782.gif?validfrom=1762923600&validt...H6cs9vM%3D]

मैं- वही कर रहा हूँ मम्मी. जो रात को कर रहा था. मगर तब आप नीचे चली गई थी।



मम्मी- बेटा, तेरा मन नहीं भरता है क्या? जब देखो तो मुझे पकड़ के मेरे दूध दबाने लगता है।



मैं- मम्मी, मन तो आपका भी यहीं सब करने का करता है. बस फर्क सिर्फ इतना है कि आप मुझसे खुल के नहीं कहते। मैं बिना किसी शर्म के सब कह देता हूं। मैंने सुना है सुबह-सुबह औरत के ये सब करने में और ज़्यादा मजा है।



आपनी बात बोलते ही मैं मम्मी की मैक्सी पकड़ के निकलने लगा। तभी मम्मी बोली.



मम्मी- बेटा, अभी रहने दे ना. सुबह-सुबह मेरे कपड़े निकलना जरूरी है क्या?



मैं- मम्मी, पापा चले गये ना.



मम्मी- हां बेटा चल गया.



मैं- और आपने नीचे कुंडी भी लगा ही ली होगी।



मम्मी- हां बेटा लगी है.



मैं- मम्मी, अब जब हम दोनों अकेले हैं. तो क्यू ना आज सुबह सुबह इस पल का मजा ले। और वैसा भी अब तो पापा भी नहीं है। तो हमें किसी का क्या डर?



आपनी बात बोलते ही मैं मम्मी की मैक्सी निकालने लगा। और उन्हें भी आपने हाथ ऊपर करके मैक्सी निकालने में मेरा साथ दिया। मैक्सी के निकलते ही मम्मी पूरी नंगी हो गई। बस उनके गले में उनका मंगलसूत्र रह गया था। जो उनके दूध के बीच फ़सा हुआ था।


[Image: arbnl0.gif][Image: arbnlu.gif]
जिसे देखकर मेरा लंड और ज्यादा टाइट हो गया। मम्मी के बड़े-बड़े लटके हुए दूध, उनकी गहरी नाभि और नाभि से नीचे उनकी छोटे-छोटे बालों वाली चूत देखकर। मेरा हाल और भी ज़्यादा बुरा होने लगा। कुछ देर मैं मम्मी को बस खड़ा देखता रहा।



और मम्मी नंगी खड़े खड़े मुझे ही देख रही थी। आज मम्मी की आँखों में रत्तीभर की शर्म नहीं दिख रही थी। जब की वो पूरी नंगी खड़ी हुई थी। फिर मैं मम्मी के पास गया। और उनके पास जाके उनके होठों को चूसने लगा।

[Image: 45101281.gif?validfrom=1762923600&validt...cS94Rd4%3D]

मम्मी ने भी मेरी गर्दन में हाथ डाल लिया। और वो भी मेरे होठों को चूसने लगी। मम्मी के होठों को चूमते हुए मैं सीधे उनकी चूत सहलाने लगा। जो पहले से ही गरम हो गई थी। होठों को चूसते हुए मैं मम्मी की चूत सहलाता रहा।
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#75
मम्मी मेरे लंड को कच्चे के ऊपर से सहलाने लगी. अब हम दोनों के अंदर एक जैसी आग लगी हुई थी। कुछ देर हम दोनों बिना रुके एक दूसरे के होठों को चूसते रहे। फिर मैं अलग हो गया. मम्मी को पकड़ के बिस्तर पर झुका दिया।



बिस्तर पर झुकते ही मम्मी की मोटी गांड मेरे सामने आ गई। फिर मैं मम्मी की गांड को सहलाते हुए बोला।



मैं- मम्मी, आप अपनी जोड़ी भी ऊपर कर लो. और वैसे ही झुक जाओ. जैसे कल रात आप मेरे ऊपर झुककर मेरा लंड चूस रहे थे।



मेरी बात सुनते ही मम्मी ने अपनी जोड़ी ऊपर कर ली। अब वो मेरे सामने घोड़ी बन गई। घोड़ी बनते ही मम्मी की चूत और गांड का छेद खुल के मेरे सामने आ गए। मम्मी की चूत हमेशा की तरह गीली ही पड़ी थी।

[Image: 15599162.gif]
[Image: tiny-girl-gets-gently-pussy-licking-6196823fe7063.gif]

मम्मी की चूत का छेद देखकर मन कर रहा था कि अभी अपना लंड निकाल के उनकी चूत में डाल दूं। मगर मैं कोई जल्दीबाजी नहीं करना चाहता था। क्योंकि अब तो मम्मी भी मेरा खुल के साथ दे रही थी। इसलिए मैंने अपना मुंह सीधा किया मम्मी की गांड के छेद पर लगा दिया।



अब मैं खड़ा खड़ा मम्मी की गांड का छेद चाटने लगा। और अपने हाथ से उनकी चूत सहलाने लगा। सुबह सुबह चुदाई का खेल खेलने में अलग ही मजा आ रहा था। मम्मी आराम से झुकी हुई थी।

मैं कभी उनकी गांड को चाटता तो कभी उनकी चूत को। मेरी जीब ने चाट चाट के मम्मी की गांड के छेद को गीला कर दिया था। जिसकी मम्मी की गांड का छेद चिकना हो गया था। अब मेरी जीभ थोड़ी थोड़ी उनकी गांड के अंदर जा रही थी।

[Image: porn-porn-gifs-Tina-Kay-Porn-Model-4425451.gif]

मम्मी तेज तेज सांसे लेते हुए उम्म्म मम्म आआह्ह्ह किये जा रही थी। मम्मी की गांड को अपनी जीभ से चोदते हुए मैं मम्मी की चूत को रगड़ रहा था। जिसको और भी ज्यादा मजा आ रहा था।



कुछ देर मम्मी की गांड चाटने के बाद मैंने अपनी जीभ मम्मी की चूत में डाल दी। फ़िर मैं मम्मी की चूत में जी डाल डाल के उनकी चूत को चोदने लगा।



झुके झुके शायद मम्मी के घुटनो में दर्द होने लगा था। इसीलिये वो बार बार हिल रही थी। तभी मैं बोला.

[Image: 4682631.gif]
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#76
मैं- मम्मी, आपके घुटनों में दर्द हो रहा है. तो आप सीधे होके लेट जाये.



मेरी बात सुनते ही मम्मी पलट के सीधी हो गई। फ़िर मम्मी ऊपर होके बिस्तर पर सीधी लेट गई। सिधे लेट ते हाय मम्मी ने खुद अपनी तांगे फेला ली। और उनकी चूत फिर से खुल के मेरे सामने आ गई।



मम्मी की चूत देखते ही मैं भी बिस्तर पर चढ़ गया। फिर बिस्तर पर चढ़ कर मम्मी के ऊपर आ गया। मम्मी के ऊपर आते ही मैं फिर से मम्मी के होठों को चूसने लगा। मम्मी भी तांगे फेलाए मेरे होठों को चूसने लगी।



मम्मी के होठों को चूसते हुए मैं अपना हाथ नीचे ले गया। फ़िर मैं मम्मी की चूत सहलाने लगा। मेरे चूने और चाटने से मम्मी की चूत पानी पानी हो रही थी। मैं मम्मी की चूत को रगड़े जा रहा था।
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#77
कुछ देर मम्मी के होठों को चूसने के बाद मैं उनके दूध को चूसता हुआ नीचे आने लगा। और जैसे ही मैं मम्मी की चूत के पास पहुंचूंगा। तभी मम्मी ने मेरे सिर पर हाथ रखा। और मेरे सर को अपनी चूत पर दबा दिया।



मम्मी की इस हरकत से मैं समझ गया कि उनका पानी निकलने वाला है। इसीलिये वो ऐसा कर रही है। चुत पर सर दबाते ही मैं मम्मी की चुत फिर से चाटने लगा। मम्मी का हाथ अभी भी मेरे सिर पर था।



और वो मेरा सर सहलाते हुए अपनी चूत पर दबा रही थी। फिर मैंने अपनी उंगली अंदर डाल दी। मम्मी की चूत चाटते हुए उंगली अंदर बाहर करने लगा। मम्मी उम्म्म म्म्म किये जा रही थी. फिर कुछ देर बाद आअहह आअहह करते हुए उनका पानी निकल गया

[Image: m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-1qj-BNseakknx-YAjc-47417171b.gif]
[Image: Close-up-pussy-licking-3.gif]
[Image: porn-gifs-licking-pussy-masturbation.gif]

मैं मम्मी की चूत को अभी भी चाट रहा था। और वो धीरे धीरे मेरे बालों को सहला रही थी। चाट चाट के साफ करने के बाद मैं मम्मी के ऊपर आ गया। फिर से मम्मी के होठों को चूसने लगा।

[Image: 4-5-sophie-lynx-sexart-give-me-more-001.gif]
[Image: nf-nesty-deep-desire-001.gif]

मम्मी मेरी पीठ और बालों को सहलाते हुए मेरे होठों को चूस रही थी। कुछ देर बाद होठों को चूसने के बाद मैं उनके बगल में कोनी टीका के लेट गया। मम्मी के दूध दबते हुए बोला.



मैं- अच्छा लगा मम्मी.



मम्मी – हम्म हम्म बहुत अच्छा लगा बेटा.



मैं- मम्मी, आज कितने वक्त के बाद आपने सुबह-सुबह इस सुख का मजा लिया है।



मम्मी – काई सालो बड़ बेटा.



मैं- क्यों मम्मी? क्या पापा अब सुबह-सुबह कभी चुदाई नहीं करते?



मम्मी- मैं खुद ही नहीं करने देती हूं बेटा.



मैं- ऐसा क्यों मम्मी? मैने तो सुना है. औरतो को सुबह-सुबह सबसे ज्यादा मजा आता है। अभी आपको देखकर लग रहा था कि ये बात सच है।



मम्मी- हां बेटा ये सच है कि सुबह-सुबह ये सब करने में ज्यादा मजा आता है। मगर मजा सिर्फ तब आता है. जब करने वाला औरत की पूरी तसल्ली करा दे। और अगर वो औरत को अधूरे में छोड़ दे। तो सारा दिन ख़राब हो जाता है.



और तेरे पापा तो हर बार मुझे अधूरा ही छोड़ देते हैं। वो मेरे पति है. इसलिए मैं रात में उनकी इच्छा पूरी कर देती हूं। मगर सुबह-सुबह मैं नहीं चाहती थी कि उनकी वजह से मेरा पूरा दिन खराब हो जाए। मगर जब से तू मुझे ये सुख देने लगा।



तब से मुझे भी हर बार अपनी तसल्ली करवाना अच्छा लगने लगा है। इसीलिये कल रात तेरे पापा के करने के लिए धन्यवाद भी मैं तेरे पास आई थी। क्योंकि हमेशा की तरह कल भी उन्होंने मुझे अधूरा छोड़ दिया था। फिर तूने हमें अधूरापन पूरा कर दिया।
[+] 2 users Like rajusethzee's post
Like Reply
#78
मैं- मम्मी, आज आपको कभी भी अधूरा नहीं रहना पड़ेगा। अब से हर सुबह मैं आपको ऐसा ही प्यार करूंगा। और आप जब भी चाहोगे. मैं तब आपको सुख दूंगा।



मम्मी- मैं जानती हूं मेरे बच्चे. तेरी वजह से पहली बार मैंने अपने दिमाग की जगह दिल की बात सुनी है। और तूने ही मेरे अंदर की अधूरी औरत को पूरा किया है। जो हमेशा इस सुख के लिए तरसती थी।



मम्मी की बात सुनके मैं फिर से उनके होठों को चूसने लगा। और उनके होठों को चूसते हुए उनकी गांड को दबाने लगा। और इस बार मम्मी ने भी मेरे होठों को चूसते हुए अपना हाथ मेरे कच्चे में डाल दिया। फिर वो मेरे लंड को सहलाने लगी.



फिर कुछ देर होठों को चूसने के बाद हम दोनों अलग हो गए। मगर मम्मी अभी भी मेरा लंड सहला रही थी। फ़िर मैं बोला.



मैं- मम्मी, कल रात जिस तरह आपने मेरे लंड का सारा पानी अपने मुँह में ले लिया था। क्या आप पापा का भी पानी ऐसे ही मुँह में ले लेते हो?



मम्मी- अरे नहीं बेटा. कल मैंने पहली बार ऐसा किया था। अगर मैं तेरा पानी मुँह में ना लेती। तो वो सारा बिस्टर पर गिर जाता है। इसलिए मैंने वो मुंह में ले लिया था।



मैं – मगर मम्मी मुँह में लेने के बाद भी थोड़ा सा पानी आपके मुँह से निकल गया था।



मम्मी- हां बेटा मैं जानती हूं. तेरा पानी बहुत ज्यादा निकलता है. मेरा तो पूरा मुँह भर गया था। इसलिए थोड़ा सा गिर गया था. और थोड़ा तो मेरे अंदर भी चला गया था।



मैं- मम्मी, आप सच में मेरा पानी पी गई थी।



मम्मी- हा बेटा पूरा मुँह भरा हुआ था। इसिलिये थोड़ा सा अंदर चला गया था।



मैं- मम्मी, आपको तो बहुत बुरा लगेगा. मेरा पानी पीके.



मम्मी- नहीं बेटा उतना भी बुरा नहीं लगेगा. इसिलिये अंदर ले लिया था.



मैं- मम्मी, मुझे तो आपकी चूत के पानी का स्वाद बहुत पसंद है. इसिलिये मैं हर्र बार पीता हू का उपयोग करता हूं। आपको मेरे लंड के पानी का स्वाद कैसा लगा.



मम्मी- बेटा, थोड़ा सा क्रीम जैसा और नमकीन का स्वाद था। मगर बुरा नहीं था.



मम्मी की बात सुनकर मैं खुश हो गया। और मुझे ये जान कर अच्छा लगा कि मम्मी को मेरे लंड का पानी अच्छा लगा। इसीलिये वो इस्तेमाल थोड़ा सा पे गई थी। फ़िर मैं मम्मी की चूत सहलाने लगा। फ़िर मम्मी बोली.

[Image: 26854861.gif]

मम्मी- बेटा, साढ़े 9 बजे हैं। अब तो उठ जा.



मैं- मम्मी, आपको छोड़ने का मन नहीं कर रहा है.



मम्मी – बेटा, मैं कह भागी जा रही हूँ। सारा दिन तेरे साथ ही रहूंगी.



मैं- मम्मी, आज हम दोनों अकेले हैं. आज मैं सारा दिन आपको परेशान करूंगा।



मम्मी- वो तो मैं जानती हूं मेरे बच्चे की आज सारा दिन तू मुझे परेशान करेगा। और मुझे भी तेरा परेशान होना अच्छा लगता है।



मम्मी की बात सुनके हम दोनों हंसने लगे। फिर हम दोनो बिस्तर से उठ गये। मम्मी पूरी नंगी खड़ी होके मेरे लंड को देख रही थी। फिर मैं मम्मी के पास गया। फिर से उन्हें पकड़ लिया.



मेरा खड़ा लंड कच्चे के अंदर से हाय मम्मी की चूत पर लग रहा था। तभी मम्मी ने मेरा लंड कच्चे के ऊपर से पकड़ लिया। फ़िर वो सहलते ह्यू बोली का प्रयोग करें।



मम्मी- बेटा, तेरा ये तो एक दम पत्थर बन गया है।



मैं – हा मम्मी आपको देखते ही खड़ा हो जाता है. अभी तो मैं आपकी चूत चाट के हटा हूँ। और ऊपर से आप नंगी खड़ी हो। तो इसका पत्थर बनना तो आलसी है।



मम्मी- बेटा, तू कहे तो मैं इसे शांत कर दूं।



मैं- मम्मी, आज पूरे दिन हम दोनो नंगे ही रहने वाले हैं। तब आप मेरा लंड अच्छे से शांत करना। मैं आज आपकी आँच से तसल्ली करवाउंगा।

[Image: couple-kissing-002.gif]

आपनी बात बोलते ही मैं मम्मी के होठों को फिर से चूसने लगा। फिर कुछ देर बाद हम दोनो अलग हो गये। फ़िर मम्मी ने अपनी मैक्सी पहन ली। मैं फ्रेश होने चला गया. फिर फ्रेश होके मैं मम्मी के कमरे में आ गया।



फिर कुछ देर बाद मम्मी भी नहा के पेटीकोट में आ गई। मम्मी का गीला बदन बहुत ही ज्यादा कामुक लग रहा था। मम्मी को देखकर मैं उठ के बैठ गया। मम्मी को ही देखने लगा. मम्मी भी मुझे ही देखे जा रही थी।



तभी मैं उठा और मम्मी के पीछे जाके उन्हें पकड़ लिया। और पीछे जाते ही मम्मी की गर्दन और उनकी पीठ पर जो पानी की बोंडे थी। वो चाटने लगा. तभी मम्मी बोली.



मम्मी – क्या कर रहा है बेटा? मुझे अभी पूजा करनी है।



मैं- कर लेना पूजा मम्मी. आपके बदन पर ये पानी बहुत अच्छा लग रहा है।

[Image: couple-kissing-001-7.gif]
[Image: neck-kisses-001.gif]

मैं मम्मी की गर्दन और पीठ दोनों को चाट रहा था। तभी मैंने मम्मी का हाथ पकड़ लिया। जिसे वो अपना पेटीकोट पकड़े हुए थे। और हाथ पकड़ते ही मम्मी का पेटीकोट उनके हाथ से चूत के नीचे गिर गया।



और पेटीकोट के नीचे गिरते ही मम्मी सिर्फ काली वी शेप वाली पैंटी में आ गई। मम्मी को पैंटी में देखकर मेरा लंड और ज्यादा टाइट हो गया। तभी मम्मी मुझसे एक दम अलग हो गई। फिर वो बोली.



मम्मी- बेटा, अब बस करो. मुझे पूजा भी करनी है. तू तो जब देखो शुरू हो जाता है।



मैं- क्या करूँ मम्मी? आप ऐसे बहुत कामुक दिख रहे थे। इसलिए रहा नहीं जाता.



मम्मी- बेटा, थोड़ा सब्र कर ले. मैं कहीं भागी थोड़ी जा रही हूं।



मम्मी की बात सुनके मैं बिस्तर पर बैठ गया। फ़िर मम्मी ने सफ़ेद ब्रा निकल के पहन ली। और पेटीकोट उठा के इस्तेमाल अपनी नाभि से नीचे बंद लिया। आज मम्मी वाकाई बहुत कामुक लग रही थी। मम्मी को देखकर ऐसा लग रहा था।

[Image: m-ldpwiqacxt-E-Ai-mh-zy0-LDW8v5-ps-Xeol-33453302b.gif]
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#79
जैसे की वो कोई साउथ की मल्लू आंटी हो। फिर मम्मी पूजा करने लगी. और पूजा करके हम दोनो नास्ता करने लगे। नास्ता करने के बाद मम्मी घर के काम में लग गई।
फिर मैं और मम्मी बाजार चले गए शॉपिंग के लिए घर आते ही सबसे पहले मम्मी ने अपनी साड़ी निकाल दी। और वो ब्लाउज और पेटीकोट में आ गई। फिर वो सामान देखने लगी. मैं बिस्तर पर लेट गया. मम्मी सामान निकल निकल के देख रही थी।



तभी उनकी नजर उस जाली वाली ब्रा पैंटी के सेट पर गई। और जैसी ही मम्मी ने उसे खोल के देखा। तो वो चौंक गई. और बोली.



मम्मी- बेटा, ये 2 ब्रा पैंटी क्यों ले ली. ये वाली तो हमारी दुकान पर पहले सी है।



मैं- मम्मी, ये ब्रा पैंटी उनसे अलग है. जो हमारी दुकान पर है.



मेरी बात सुनके मम्मी ब्रा पैंटी निकल के देखने लगी। और जैसे ही उन्होंने जाली वाली ब्रा पैंटी देखी। तो वो चोद के बोली.



मम्मी- बेटा, आज कल कैसी ब्रा पैंटी चल रही है। इसे पहचानो या ना पहचानो एक ही बकवास है। इसमें सब कुछ तो दिखता है.



मैं- मम्मी, ये ब्रा पैंटी सिर्फ प्यार करने के लिए पहनी जाती है। औरतों और लड़कियों को इस ब्रा पैंटी में देखकर। हर लड़का उसे टूट के प्यार करता है। इसलिए मैं भी ये आपके लिए लाया हूं।



मम्मी ये बात सुनके चोद गई कि ये ब्रा पैंटी में उनके लिए लाया था।



मम्मी- ये क्या कह रहा है बेटा? ये ब्रा पैंटी तू मेरे लिए लाया है.



मैं- हा मम्मी आपके लिए लाया हूं. क्योंकि मैं आपको इस ब्रा पैंटी में देखना चाहता हूँ। आप इस ब्रा पैंटी में बहुत ही कामुक और सुंदर लगोगे।



मेरी बात सुनके मम्मी शरमाने लगी. क्योंकि वो भी जानती थी कि ये ब्रा पैंटी क्यू पहनी जाती है।



मैं- मम्मी, पापा ने कभी आपको ऐसे कोई चीज नहीं दी होगी। क्योंकि उनको इन सब चीज़ों से कोई फ़र्क नहीं पड़ता है। मगर मैं आपसे बहुत प्यार करता हूँ। मैं चाहता हूं कि मेरी मम्मी सबसे ज्यादा सुंदर दिखे।



मेरी बात सुनके मम्मी मुस्कुराने लगी। फिर उन्हें सारा समान समेट दिया। फिर वो हम दोनों के लिए खाना निकाल के ले आये। फ़िर मैं और मम्मी खाना खाने लगे। और खाना खाने के बाद मम्मी बार्टन रखने चली गई।



तब तक मैंने सारे कपड़े निकाल दिये। और सिर्फ कच्चे में लेट गया। फिर कुछ देर बाद मम्मी भी आ गई। और जो ब्रा पैंटी मैं उनके लिए लाया था। वो आलमारी में रखने लगी।



मगर तभी मैं बिस्तर से उठा. और सिद्ध मम्मी के पास जाके उन्हें अलमारी से लगा दिया। जैसे ही मैंने मम्मी को अलमारी से लगाया। तो वो मुझे देखने लगी. मम्मी मुझसे कुछ कह नहीं रही थी।



मगर मेरी आँखों में देखकर उन्हें साफ साफ पता चल रहा था कि मैं क्या चाहता हूँ। और अगले ही पल मैंने अपना मुँह मम्मी के होठों में लगा दिया। मम्मी भी खड़ी खादी मेरी होठों को चूसने लगी। मम्मी के होठों को चूसते हुए उनको दूध जोर जोर से दबाने लगा। तभी मम्मी बोली

[Image: 18668170.gif]
[Image: nice-breast-squeeze-001.gif]

मम्मी – आआहह आराम से बेटा. आराम से.



मम्मी के दूध दबते हुए फिर मैं उनकी गर्दन को अपनी जीभ से चाटने लगा। मम्मी उम्म्म म्म्म्म करने लगी. अगर औरत की गर्दन को दर्द से राहत मिले। तो वो और ज़्यादा गरम हो जाती है। और आज मैं मम्मी को पूरी तरह से गरम करना चाहता था।



मम्मी की गर्दन को चाट ते हुए मैं उनके ब्लाउज के हुक खोलने लगा। और कुछ देर में सारे हुक खोलने के बाद मैंने मम्मी को पलट दिया। और उनके पलट ते ही मैंने मम्मी का ब्लाउज पकड़ा। और उसे पीछे खींच के निकाल दिया।



अब मम्मी सिर्फ ब्रा और पेटीकोट में मेरे सामने खड़ी थी। मम्मी की पीठ देखते ही मैंने अपना मुँह उनकी पीठ पर लगा दिया। फिर मैं अपनी जिभ उनकी पूरी पीठ पर फिराने लगा। मम्मी आलमारी पर हाथ रखकर खड़ी हुई थी।

[Image: arei3o.gif]

मैं अपनी जीब कभी उनकी पीठ पर फिरता तो कभी उनकी गर्दन पर। मम्मी अब गरम होने लगी थी. उनकी सांसे तेज-तेज चलने लगी थी। तभी मैंने मम्मी को सीधा किया। और ब्रा के ऊपर से ही उनके दूध को दबते हुए चूसने लगा।



मम्मी अपनी आंखें बंद किये खड़ी हुई थी। और वो इस दोस्त का मजा ले रही थी। मैंने चूस चूस के मम्मी की ब्रा आगे से गीली कर दी थी। और गीली होने से मम्मी के दूध की घुंडिया उबर के दिखने लगी थी। जो मम्मी के गरम होने से खादी हो गई थी।



मैं ब्रा के ऊपर से हाय मम्मी की घुंडियों को चूस रहा था। और वो खादी-खादी कसमसा रही थी। कुछ देर मम्मी के दूध चूसने के बाद मैं उनके पेट को चूमता हुआ उनकी गहरी नाभि तक आ गया। फिर मैंने अपनी पूरी जीभ मम्मी की गहरी नाभि में दाल दी।
[+] 1 user Likes rajusethzee's post
Like Reply
#80
और नाभि में जी भर जाता है हाय मम्मी ने एक जोर की आआह्ह्ह भारी। फिर मैं मम्मी का पेट पकड़ के उनकी नाभि को जल्दी डाल-डाल के चाटने लगा। ऐसा लग रहा था. जैसे मैं अपनी जीभ से मम्मी की नाभि को चोद रहा हूँ।



मम्मी की नाभि चाट चाट के मैंने उनका पेट गीला कर दिया था। फिर मैंने मम्मी की नाभि चाटते हुए उनके पेटीकोट का नाडा खोल दिया। और नादे के खुलते ही मम्मी का पेटीकोट नीचे गिर गया। पेटीकोट के नीचे गिरते ही मैंने अपनी जिभ मम्मी की नाभि से निकल ली। फ़िर मैं मम्मी को देखने लगा।



मम्मी भी मुझे ही देख रही थी। मम्मी को देखते हुए मैंने अपना मुँह पैंटी के ऊपर से ही मम्मी की चूत पर लगा दिया। और मुँह लगता ही मुझे मम्मी की चूत की महक मिलने लगी। मैं नीचे बैठा बेटा मम्मी की चूत को चाट रहा था।
[+] 2 users Like rajusethzee's post
Like Reply




Users browsing this thread: 1 Guest(s)