22-02-2026, 01:53 PM
चलिए कहानी में आगे बढ़ते है
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Incest खेल ससुर बहु का
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चलिए कहानी में आगे बढ़ते है
22-02-2026, 04:42 PM
22-02-2026, 04:49 PM
आगे ---------
22-02-2026, 06:03 PM
"हमे बहुत शॉर्ट नोटीस पर भी काम करने को तैय्यार रहना होगा। आज से तुम यही रहो पर ध्यान रहे, किसी को इस बात का पता नही चलना चाहिए कि तुम यहा हो।" जब्बार कह तो कल्लन से रहा था पर उसकी नज़रे मलिका पर थी जो कि बड़े सोफे पर लेट कर उनकी बातें सुन रही थी।
"अब क्या करना है?" कल्लन अपना खाली ग्लास फिर भरने के लिए उठा। "उस छोटी मछली को चारा डालना है।" जब्बार मलिका की तरफ देख कर कुटिलता से मुस्कुराया। ------------------------------------------------------------------------------- अब आगे........ डील साइन करने के बाद राजासाहब और मेनका वापस होटेल आए। थोड़ी देर बाद ही उन्हे राजपुरा के लिए रवाना होना था। इसबार राजासाहब ने प्लेन चार्टर नही किया था, बल्कि एरलाइन फ्लाइट से जाने वाले थे। चेक आउट करते वक़्त मेनका फिर उन्हे रिसेप्षन पे छोड़ शॉपिंग एरिया मे चली गयी। "ऐसा क्या है शॉपिंग सेंटर मे जो बार-बार वहा जा रही हो?" कार तेज़ी से एरपोर्ट की तरफ बढ़ रही थी। "ये तो आपको घर चल कर ही पता चलेगा।" मेनका शरारत से मुस्कुराइ। राजासाहब का दिल किया कि उसी वक़्त उसे बाहों मे भींच कर प्यार करने लगे पर आगे ड्राइवर बैठा था। बड़ी मुश्किल से अपने जज़्बातों को उन्होने काबू मे किया। एरपोर्ट मे चेक-इन काउंटर की ओर जाते हुए मेडिसिन स्टोर की विंडो मे लगे कॉंडम का पोस्टर देख राजासाहब के दिमाग़ मे एक ख़याल आया।" अरे, कल रात हम से एक गड़बड़ हो गयी?" "क्या?" "हम-" "नमस्कार, राजासाहब।" राजासाहब के जवाब देने के पहले एक लगभग 60 साल का काफ़ी अमीर दिखने वाला आदमी उनके सामने आ खड़ा हुआ। "अरे, सपरू साहब! कैसे हैं आप? यहा कैसे आए?" "बस आपकी दुआ है, राजासाहब। हमारी बेटी यही ब्याही है, उसी से मिलने आए थे, अब वापस देल्ही जा रहे हैं।" "इनसे मिलिए, ये कुँवारानी हैं? और ये सपरू साहब हैं। हमारी तरह काग़ज़ और चीनी के व्यापारी पर इनका कारोबार हमसे कहीं ज़्यादा बड़ा और फैला हुआ है।" मेनका ने उन्हे नमस्कार किया तो जवाब मे उन्होने भी हाथ जोड़ दिए।, "राजासाहब तो हमे शर्मिंदा कर रहे हैं। इनकी बातों पर मत जाइए। हम तो इनके सहभागी बनने को बेताब थे पर तक़दीर ने हमारा साथ नही दिया।" "हाँ,सपरू साहब। इस बात का मलाल तो हमे भी रहेगा कि आप और हम बिज़नेस पार्ट्नर्स नही बन पाए। अगर आपकी कंपनी का पैसा उस चाइनीस डील मे नही फँसता तो आज हमे इन विदेशियो से डील करने की कोई ज़रूरत नही पड़ती।" "सब उपरवाले की मर्ज़ी है राजासाहब! पर क्या मालूम? हो सकता है आगे चल के वो हमारा रिश्ता और मज़बूती से जोड़ दे।" "बहुत खूब कही, सपरू साहब आपने।" तभी अनाउन्स्मेंट हुई और दोनो एक दूसरे से विदा ले अलग-2 दिशाओ मे चले गये। प्लेन मे बैठे मेनका ने एक मॅगज़ीन के पन्ने पलट ते हुए राजासाहब से पूछा,"आप एरपोर्ट पे किस गड़बड़ का ज़िक्र कर रहे थे?" राजासाहब थोड़े परेशान दिखे, "वो, हम, कल रात हमने...कोई...कोई प्रोटेक्षन इस्तेमाल नही किया और कही तुम प्रेग्नेंट!!-" "आप उस बात की चिंता मत कीजिए। आपने नही मैने किया था।" धीरे से हँसती हुई, वो वापस मॅगज़ीन पढ़ने लगी। राजासाहब को तसल्ली हुई।
22-02-2026, 06:05 PM
मेनका शुक्र मना रही थी कि पति के जाने के बाद भी उसने कॉंट्रॅसेप्टिव पिल्स खाना नही छोड़ा था, नही तो जैसे उसके ससुर ने उसकी चूत को 3 बार भरा था, वो तो शर्तिया प्रेग्नेंट हो चुकी होती। मैत्री की रचना
शहर के एरपोर्ट पे राजासाहब के स्टाफ मेंबर्ज़ उनकी अगुआई के लिए खड़े थे। शाम घिरने लगी थी और स्टाफ मेंबर्ज़ ने उनसे शहर मे उनके बंगलो पर रुकने को कहा। पर राजासाहब जल्द से जल्द राजपुरा पहुँचना चाहते थे सो उन्होने उनसे अपनी कार ली और मेनका के साथ राजपुरा की ओर चल पड़े। वैसे भी रास्ता बस एक-डेढ घंटे का ही था। राजासाहब को ड्राइव करना बहुत पसंद था और बहुत मजबूरी मे ही अपने ड्राइवर को ड्राइव करने देते थे। आज तो उन्हे बहुत अच्छा लग रहा था, ड्राइव करते वक़्त उनके साथ उनकी प्रेमिका जो बैठी थी। कार के शीशे गहरे काले रंग के थे और अंदर का नज़ारा कोई बाहर से देख नही सकता था। इसी बात का फायदा उठाते हुए जैसे ही कार शहर से निकल कर हाइवे पर आई, मेनका खिसक कर राजासाहब से सॅट कर बैठ गयी। उन्होने ने भी अपनी बाईं बाँह के घेरे मे मेनका को समेट लिया। मेनका अपने ससुर के कंधे पे सर रख सामने देखने लगी। करीब एक5-20 मिनिट तक दोनो ऐसे ही बैठे रहे। फिर मेनका को शरारत सूझने लगी। उसने राजासाहब के गाल पर चूम लिया तो राजासाहब ने भी एक पल के लिए रास्ते से नज़र हटा कर उसकी किस का जवाब उसके गालों पर छोड़ दिया। मेनका ने अपने ससुर की शर्ट के उपर के 2 बटन खोल दिए और उसकी उंगलियाँ उनके सीने के बालों से खेलने लगी। उनके सीने को सहलाते हुए उसने अपने नाखूनों से राजासाहब के निपल्स को छेड़ना शुरू कर दिया। "क्या कर रही हो? अगर हमारा ध्यान इधर-उधर हुआ तो कही आक्सिडेंट ना हो जाए।" "यही तो आपका इम्तिहान है, राजासाहब। मैं तो ऐसे ही करती रहूंगी, आप बिना होश खोए कार चला कर दिखाएँ तो मानु।" "हमे चॅलेंज कर रही हो! ठीक है। जो मर्ज़ी कर लो, हम भी हार नही मानेंगे। अब तो कार महल पर ही रुकेगी।" मैत्री की पेशकश जवाब मे मेनका ने थोड़ा झुक कर शर्ट के गले से झँकते उनके सीने पर चूम लिया। कार मे ऑटोमॅटिक ट्रॅन्समिशन होने की वजह से राजासाहब को गियर बदलने की ज़रूरत तो थी नही, उनका दाया हाथ स्टियरिंग को और बाया मेनका को संभाले हुए था। मेनका चूमते हुए नीचे उनकी गोद मे पहुँच गयी और उनकी पॅंट का ज़िप खोल दिया और हाथ घुसा कर अपने ससुर के लंड को बाहर निकल लिया। लंड पहले से ही तना हुआ था। मेनका ने उसे हाथ मे थमा और राजासाहब की ओर देख कर मुस्कुराइ। राजासाहब भी मुस्कुरा दिए और फिर अपनी नज़रे रोड पर जमा दी। आगे बाकी है........... जय भारत
22-02-2026, 06:07 PM
चलिए दो छोटे अपडेट्स दे दिए है आपके मनोरंजन के लिए
अपनी राय देना ना भूले प्लीज़
22-02-2026, 06:08 PM
मेनका ने लंड को हिलाना शुरू कर दिया। उसे अपने हाथ मे इस लंड का एहसास बहुत अच्छा लगता था और इसको छुने भर से ही वो गरम होने लगे थी। राजासाहब ने अपने बाए हाथ को नीचे कर झुकाते हुए मेनका के घुटने पकड़ कर उसकी टांगे सीट पर कर दी, फिर सीधे हो बैठ गये और उसकी साडी उठा कर उसकी कमर तक ले आए। इस सब के दौरान उन्होने कार को ज़रा भी नही लड़खड़ाने दिया। मैत्री की पेशकश
मेनका झुक कर अपने ससुर के लंड को चूसने लगी थी। राजासाहब ने अपना हाथ बढ़ा कर उसकी पेंटी की साइड मे से अपनी उंगलिया उसकी चूत मे घुसा दी और उसके दाने को रगड़ने लगे। मेनका तो जोश से पागल हो गयी पर राजासाहब की हालत तो और भी खराब थी। उनकी बहू उनके लंड को मसल और चूस रही थी और उनका दिल कर रहा था कि बस कार रोक, उसे लिटा कर उस पर सवार हो जाएँ पर उन्हे मेनका का दिया हुआ चॅलेंज पूरा करना था। राजपुरा बस एक मिनट दूर रह गया था। उन्होने बड़ी मुश्किल से अपने उपर काबू किया था और अपने पानी को छूटने से रोका हुआ था। राजासाहब अपनी उंगलियों से उसके जी स्पॉट को ढूँढने लगे और जैसे ही उन्होने उसे खोज कर उस पे अपनी उंगली फिराई, मेनका की चूत ने अपना पानी छोड़ दिया,झड़ गयी। मेनका को बहुत मज़ा आ रहा था। वो अभी भी वैसे ही राजासाहब के लंड पर लगी हुई थी पर राजासाहब ने भी सोच लिया था कि महल पहुँच कर ही झड़ेंगे। मेनका की जीभ राजासाहब के अंडो पर घूमने लगी, झाँटे साफ़ करने के बाद अब वो काफ़ी आसानी से उन गोलों को चूस पा रही थी। कार महल के गेट पर पहुँच गयी थी। दरबान ने राजासाहब की कार के हॉर्न को दूर से ही पहचान लिया और गेट खोल दिया। मेनका ने लंड को वापस मुँह मे लेकर चूसना और हाथों से रगड़ना शुरू कर दिया था। राजासाहब की उंगली ने फिर से उसे जन्नत की सैर करना शुरू कर दिया था। कार महल के कॉंपाउंड के अंदर दाखिल होकर बस अब मैं गेट तक पहुँचने वाली ही थी जब राजासाहब की उंगलियों की रगड़ से मेनका दुबारा झड़ गयी, उसकी चूत ने राजासाहब की उंगलियों को अच्छे से भिगो दिया। उसने अपनी जांघें भींचते हुए, अपने ससुर की उंगलियो को अपनी चूत मे ही क़ैद कर लिया। उसके होठ उनके लंड को और तेज़ी से चूसने लगे और राजासाहब ने भी अपना पानी उसके मुँह मे छोड़ दिया। मेनका सारा पानी पी गयी और चाट कर पूरा लंड साफ़ कर दिया, फिर उठ कर अपनी साडी और बाल ठीक करने लगी। मैत्री निर्मित राजासाहब ने कार महल के पोर्च मे रोक दी, अपना लंड पॅंट के अंदर किया और मुस्कुरा कर मेनका की ओर देखा, "तो हम इम्तिहान मे पास हो गये? कितने नंबर मिले हमे?" मेनका ने अपना आँचल सर पर ले लिया, "हां हो गये। 100 मे से 101।", और दोनो कार से बाहर आ गये। ------------------------------------------------------------------------------- आज के लिए बस यही तक कल फिर मिलेंगे मैत्री की ओर से जय भारत.
22-02-2026, 06:10 PM
दोस्तों अब तीन छोटे अपडेट्स दिए है शायद आपको पसंद आये
आशा है की आप को पसंद आएगा आज के लिए बस यही तक फिर मिलेंगे एक नए एपिसोड के साथ तब तक आप अपने मंतव्यो देना ना भूले शुक्रिया
22-02-2026, 08:06 PM
अत्यंत सुंदर और रोचक प्रस्तुति।।
मेनका और राजा साहब की ये प्यार भरी छेड़छाड़ दोनों को ओर करीब लेके आने वाली है।
24-02-2026, 01:03 AM
(22-02-2026, 06:10 PM)maitripatel Wrote: दोस्तों अब तीन छोटे अपडेट्स दिए है शायद आपको पसंद आये Thank atleast update pura complet scene ka tha to adhura nahi laga.... kahani mazedar hai
27-02-2026, 01:52 AM
(This post was last modified: 27-02-2026, 01:53 AM by @@004. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
प्रतीक्षा में
27-02-2026, 06:54 PM
दोस्तों थोडा बिजी होने के कारन पोस्ट नहीं दे सकी
एक दो दिन में दे दूंगी बने रहिये
27-02-2026, 10:42 PM
Yesterday, 12:57 PM
Yesterday, 12:58 PM
Yesterday, 12:59 PM
Yesterday, 01:01 PM
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