16-02-2026, 07:01 PM
दोस्तों एक नया अपडेट आपके लिए पेश कर दिया है
आशा है की आप सब को पसंद आएगा।
कृपया आपके विचार प्रदर्शित करे।
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Incest खेल ससुर बहु का
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16-02-2026, 07:01 PM
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16-02-2026, 10:06 PM
(16-02-2026, 06:20 PM)maitripatel Wrote: जी शुक्रिया दोस्त बिलकुल सही.
16-02-2026, 10:07 PM
17-02-2026, 01:24 PM
17-02-2026, 01:26 PM
17-02-2026, 01:29 PM
17-02-2026, 01:34 PM
17-02-2026, 01:57 PM
Jabbar aur Menka ka episode kab ayega. Sleeping with enemy. Geheri chaal?
19-02-2026, 01:25 PM
19-02-2026, 01:26 PM
19-02-2026, 01:27 PM
19-02-2026, 01:32 PM
चलिए ज्यादा इंतज़ार नहीं करते और कहानी में थोडा आगे बढ़ते है
19-02-2026, 01:37 PM
मेनका को अपने ससुर का लंड बहुत प्यारा लग रहा था। वो उसे अपने मुलायम हाथों से पकड़ धीरे-धीरे सहलाने लगी। उसका चेहरा धीरे-2 करके लंड की ओर झुकता जा रहा था। उसने और झुक कर लंड के टोपे को बहुत हल्के से चूम लिया। उसे खुद पर बहुत हैरानी हुई। उसका पति यही चाहता था पर उसे इतनी घिन आती थी,सोचने भर से ही उसे उबकाई आती थी। वो अपने पति से उलझ भी पड़ी थी और साफ़ इनकार कर दिया था उसके लंड को अपने मुँह मे लेने से।
यहाँ से आगे............ पर उसे आज कोई घिन महसूस नही हो रही थी बल्कि आज तो उसे ये सबसे नॅचुरल बात लग रही थी। जिस इंसान ने उसे प्यार, इतना सुख दिया था,उसके लंड को प्यार करना तो एक स्वावाभिक बात थी और फिर ये लंड कितना प्यारा लग रहा था। इतना बड़ा, इतना मोटा,अफ। यही सब सोचते हुए उसने लंड को इस बार थोड़ा और ज़ोर से चूम लिया। राजासाहब की आँखें नशे से बंद हो गयी और उनकी पकड़ अपनी बहू के सर पर और मज़बूत हो गयी। उनकी पत्नी ने ये कभी नही किया था और जिन रंडियों के पास जाते थे,वो तो पैसे के लिए कुछ भी कर सकती थी। ये पहली बार था जब किसी औरत ने अपनी मर्ज़ी से उनके लंड पे मुँह लगाया था। मेनका ने अपने ससुर की टांगे फैलाई और उनके बीच अपने घुटनो पे बैठ गयी,अपने हाथों मे लंड को पकड़ा और होठ उस पर कस दिए। राजासाहब ने आँखे खोली और सामने का नज़ारा देख कर और गरम हो गये।मेनका का काले बालों से घिरा चेहरा उनके लंड पर झुका था,उसने नज़रे उठाई तो उसके गुलाबी होठों मे लिपटा उनका लंड उन्हे दिखा।घुटने पे झुके होने की वजह से उसकी चौड़ी गांड हवा मे उठ गयी थी। राजासाहब उसके बालों मे उंगलिया फिराते रहे औरजोश से पागल होते रहे। मेनका ने उनके सुपारे को कस कर चूस लिया तो राजासाहब की आह निकल गयी। अब वो पूरे जोश के साथ उनका लंड चूसने लगी। वो उनका पूरा का पूरा लंड निगल जाना चाहती थी पर वो उसके छोटे से मुँह मे आ नही रहा था। मेनका ने उसे मुँह से निकाला और उसे चूमने लगी। सूपारे के उपर लंड के छेद से चूमती वो लंड की जड़ तक पहुँच गयी। राजासाहब की झाँटे भी उसके होठ छ्छू रही थी। उसने उनके अंडों को हाथ मे ले कर दबाया तो राजासाहब ने जोश मे अपनी कमर उचका दी। मेनका ने पहले एक और फिर दूसरे अंडे को अपने मुँह मे ले कर चूस लिया। राजासाहब तो पागल हो गये। उन्होने अपनी बहू का सर पकड़ अपने लंड पर दबा दिया। मेनका ने उनके आंडो को छोड़ अबकी लंड की जड़ से चूमना शुरू किया और सूपदे तक पहुँच गयी। इसी तरह चूम कर और चूस कर राजासाहब को पागल कर दिया। वो बेचैनी से अपनी कमर हिला रहे थे। मेनका समझ गयी कि अब उसके ससुर को अपने उपर काबू रखना मुश्किल हो रहा है। उसने अपने मुलायम हाथों से नीचे से लंड को पकड़ाऔर हिलाने लगी। हिलाते हुए उसने अपने होठ लंड के उपर लगा दिया और चूसने लगी। मैत्री की पेशकश। राजासाहब इस दो तरफे हमले से पागल हो गये। उनके आंडो से एक सैलाब चल कर उनके लंड से बाहर निकलने को बेताब होने लगा,उन्होने मेनका के सर को पकड़ अपने लंड पर और दबा दिया,"। हम...झड़ने वाले हैं।",उन्हे लग रहा था कि पता नही मेनका उनका पानी अपने मुँह मे लेना चाहे या नही। वो सोच रहे थे कि अब वो अपना मुँह हटा अपने हाथों से उन्हे झाड़वा देगी। मैत्री की लेखनी पर उनकी आशा के विपरीत मेनका ने अपने होठों की पकड़ और मज़बूत कर दी और और तेज़ी से उनके लंड को चूसने और हिलाने लगी। राजासाहब के सब्र का बाँध टूट गया,उनका शरीर झटके खाने लगा और नीचे से कमर हिला कर उन्होने अपनी बहू के मुँह को अपने पानी से भर दिया। मेनका उनका सारा वीर्या पीने लगी। उसने चूस-2 कर उनके लंड से विर्य की एक-एक बूँद निचोड़ ली। जय भारत।।
19-02-2026, 01:39 PM
दोस्तों एक छोटा सा एपिसोड आपके लिए पेश है
आप अपडेट की मजा लीजिये तब तक मैं दूसरा अपडेट भी लिख रहिहूँ
19-02-2026, 01:52 PM
राजासाहब झाड़ कर हान्फ्ते हुए लेट गये। उनका लंड सिकुड रहा था और मेनका उसे चाट कर साफ़ करने लगी। मेनका बहुत हैरान थी,उसने सपने मे भी नही सोचा था कि कभी वो ऐसे किसी लंड को मुँह मे लेगी और उसका पानी भी पी जाएगी, और वो भी अपने ससुर का। ऐसा सोचते ही उसे थोड़ी शर्म भी आ गयी। उसने लंड को अपने मुँह से अलग किया और धीमे से नज़रे उठा कर अपने ससुर से मिलाई।
राजासाहब को ऐसा मज़ा कभी भी महसूस नही हुआ था। उन्होने मेनका को अपनी ओर देखता पाया और हाथ बढ़ा कर उसे खीच कर अपने उपर लिटा लिया,फिर करवट ले उसे अपनी बगल मे किया और बाहों मे भींच कर उसके चेहरे पर चुम्मों की झड़ी लगा दी।फिर उसके चेहरे को अपने हाथों मे लिया और उसकी काली,बड़ी-2 आँखों मे झँकते हुए उनके होठों से निकला,"आइ लव यू...मेनका।" मैत्री की पेशकश शर्म और खुशी की लाली मेनका के चेहरे पर छा गयी और उसने अपने ससुर के सीने मे मुँह छुपा लिया। थोड़ी ही देर मे दोनो नींद के आगोश मे चले गये। मेनका की आँख खुली तो उसने पाया कि वो करवट से लेटी हुई है और उसके ससुर भी वैसे ही लेते हैं। उनके होठ उसकी एक चूची से चिपके हुए थे और दूसरी को अपने हाथ से मसल रहा था। उसने खिड़की की ओर देखा तो पर्दे के पीछे अभी भी अंधेरे का एहसास हुआ। तभी राजासाहब ने उसके निपल को ज़ोर से चूस लिया,"ऊओ।।।ओवववव।",मेनका ने आह भरी और राजासाहब को उपर लेती हुई पीठ के बल लेट गयी। राजासाहब के लिया बस इतना इशारा काफ़ी था,उन्होने मेनका की टांगे अपने घुटनो से फैलाई और अपना लंड उसकी चूत मे घुसा दिया। "आ...आह।",मेनका को फिर अपनी चूत मे वो मीठा दर्द महसूस हुआ। उसने अपने ससुर को अपनी बाहों और टांगो मे भीच लिया और उसकी कमर खुद बा खुद हिलने लगी। राजासाहब उसकी चूचियो को छ्ड़, उसके होठों पर झुक गये और एक बार फिर अपनी बहू की चुदाई मे जुट गये। सवेरे मेनका की नींद खुली तो उसने पाया कि वो बिस्तर पे अकेली नगी पड़ी हुई है,राजासाहब वहा नही थे। उसने घड़ी देखी तो 8 बज रहे थे। वो जल्दी से उठी,एकएक बजे डील साइनिंग के लिए पहुँचना था। वो बिस्तर से उतरने लगी तो उसका ध्यान अपनी चूचियो और जांघों पर गया। राजासाहब ने दोनो जगहों पर अपने होठों के निशान छ्ड़ दिए थे। वो शर्मा गयी पर उसकी नज़रे राजासाहब को ढूँढने लगी। बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ आ रही थी। वो वैसे ही नंगी उस तरफ चल पड़ी,हाथ लगाया तो पाया कि बाथरूम का दरवाज़ा खुला था। उसे धकेल कर वो अंदर दाखिल हुई तो देखा कि राजासाहब शेव कर रहें हैं,उनकी कमर के गिर्द एक तौलिए के अलावा और कोई कपड़ा नही था।उन्होने घूम कर मेनका की तरफ देखा और मुस्कुरा दिए। मेनका उनकी तरफ बढ़ने लगी। उसके ससुर की नज़रे उसके जिस्म के एक-एक अंग का मुआयना कर रही थी।उसके गाल शर्म से लाल हो गये,"ऐसे क्या देख रहे हैं?",वो उनके सामने खड़ी हो गयी। मैत्री की लिखावट ।। जय भारत ।।
19-02-2026, 01:54 PM
एक छोटा अपडेट भी आपके लिए पेश किया है
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