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मनमोहक गंदी कहानियाँ... RoccoSam
Heart 
अनिकेत के जाने के बाद मेघना करीब बीस मिनट तक पलंग पर ही अलसाई हुई सी लेटी रही. आज उसने अनिकेत से झूठ नहीं बोला था, अभिषेक आज सचमुच में घर पर नहीं था !


मेघना बेड पर से उठी तो नीचे ज़मीन पर गिरी अपनी साड़ी और पेटीकोट को देखकर उसने एक लंबी सुस्त आह भरी - बेचारी का काम बढ़ गया था, सबकुछ धोना पड़ेगा. अपना मोबाइल हाथ में लिए अपनी गंदी साड़ी और पेटीकोट उठाकर वो बाथरूम कि ओर चल पड़ी.

वेस्टर्न टॉयलेट पर अपनी टांगें खोले बैठी मूतते हुये मेघना सोचने लगी कि आज कि ये वाली घटना वो अपने पति को बताये कि नहीं, और बताये भी तो कैसे ??? लेकिन वो अपनी कोई भी बात उससे छुपाती भी तो नहीं थी !

थोड़ी सी उधेड़बुन के बाद उसने अपनी मोबाइल से अभिषेक को फोन लगाया.

" Tell me बेबी... ". कॉल कनेक्ट होते ही दूसरी ओर से अभिषेक कि आवाज़ आई.

" सुनो ना अभि... तुम्हें कुछ बताना था ! ". मेघना ने दबी दबी सी आवाज़ में कहा.

" Okay... ".

आगे क्या और कैसे कहना है ना जानते हुये मेघना चुप हो गई.

" हेलो... मेघना... क्या हुआ ? ".

मेघना ने अपना इरादा बदल लिया.

" नहीं कुछ नहीं... वो तबियत ठीक नहीं लग रही थी तो सोचा कि अगर तुम आज जल्दी आ जाते ! ". मेघना ने बात बदल दी.

" Sure बेबी... ".

मेघना कुछ नहीं बोली.

" मेघना... वो कौशिक याद है ? मेरा दोस्त... मैंने बताया था ना ! ". दूसरी ओर से आवाज़ आई. " उसे तुममें इंटरेस्ट है You know ! मैं सोच रहा था तुम दोनों एक बार मिल लो... Just casual ! ".

मेघना चुप रही.

" आज लेकर आ जाऊं उसे डिनर पर ? ".

" आज नहीं अभि... I am not well... मैंने कहा ना ! ".

" Okay okay... take care... मैं एकाध घंटे में आता हूँ ! ".

" Bye अभि... ".

मेघना ने कॉल डिसकनेक्ट कर दिया.

पेशाब करने के बाद भी वो टॉयलेट पर बैठी बैठी कुछ सोचती रही, एक्चुअली, कुछ नहीं, बहुत कुछ सोचती रही.

उसका पति चाहता था कि वो किसी गैर मर्द के साथ हमबिस्तर हो, और आज उसने ऐसा ही किया था, लेकिन अपने पति को बताये बगैर, उसके पीठ पीछे.

अब इसे Cheating कहेँगे या नहीं !!!
Smile
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Heart 
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ये Cheating ही थी - मेघना को इसमें कोई शक नहीं था !!!

उसके पति ने आज तक उससे कोई भी बात नहीं छुपाई थी, उसके बारे में वो क्या सोचता था, उसकी सारी कि सारी Fantasies, चाहे जितनी भी गंदी और शर्मनाक क्यूँ ना हो, वो बेझिझक शेयर करता था ! लेकिन मेघना ने उससे अपने और अनिकेत के बीच पनपते अवैध रिश्ते के बारे छुपाये रखा, और छुपाया इसलिए कि उसे पता था कि ये गलत है, क्यूंकि अभिषेक कि चाहत थी अपनी पत्नि को किसी दूसरे मर्द के साथ सोते हुये देखने कि, उसके सामने, ना कि चोरी छुपे उसके पीठ पीछे !

यहाँ तक भी ठीक था, अगर मेघना रुक जाती !

लेकिन उस दिन के बाद अनिकेत अब खुल कर उसके घर आने जाने लगा. वो तभी मेघना भाभी से मिलने आता था जब Garage में अभिषेक कि कार नहीं हुआ करती थी. अभिषेक घर से निकलता नहीं था, पर जब निकलता था तो शाम तक या फिर कभी कभार रात को ही घर लौटता था. और फिर मेघना को सटीक पता होता था कि वो कब घर लौटेगा, सो किसी तरह कि टेंशन वाली बात ही नहीं थी.

मेघना और अनिकेत के बीच का सम्बन्ध क्या था, ये समझ पाना मुश्किल था. करीब एक हफ्ते बीत चुके थें, लेकिन उस दिन के बाद से दोनों में फिर अब तक शारीरिक सम्बन्ध स्थापित नहीं हुआ था. मेघना अनिकेत को बेडरूम में ले जाती और फिर दोनों घंटों एक दूसरे के बगल में लेटे लेटे बातें किया करते, बिना कपड़े उतारे. दोनों कि बातों में कोई मेल नहीं होता था, कोई साझा Chemistry नहीं थी, पर फिर भी दोनों खूब ढेर सारी इधर उधर कि गप्पे हाँका करते थें, खासकर मेघना चुप रहती थी और अनिकेत कि बकबक सुना करती थी, वही बकबक जो पहले उसे पसंद नहीं थी !

मेघना ने अनिकेत को अभी तक अपनी चूत नहीं दिखाई थी, अनिकेत को पता नहीं था कि क्यूँ, पर उसने कभी कोई खास ज़िद भी नहीं कि, हालांकि वो उसे मन भर कर अपने बदन के साथ खेलने देती, अपनी चूचियाँ और चूत छूने देती, अपनी साड़ी, सलवार, या फिर नाईटी के ऊपर से ही सही. मेघना भाभी कि चूत के स्पर्श से अनिकेत इतना तो समझ गया था कि उसकी चूत पर एक भी बाल नहीं है, कितनी सुंदर झांटरहित चिकनी बूर होगी मेघना भाभी कि, बस अगर खुल्लम खुल्ला देख पाता तो !

मेघना को अनिकेत का लण्ड देखना खूब पसंद था. किसी किसी रोज़ वो अपने मन से ही उसे अपना लण्ड दिखाने का आग्रह करती , अनिकेत ख़ुशी ख़ुशी अपने जीन्स से अपना लण्ड निकालकर मेघना भाभी को दिखाता, मेघना उसका लण्ड छूती, देखती, पर कभी उसे झड़ने नहीं देती. अपने घर लौटकर अनिकेत को बाथरूम में मूठ मारनी पड़ती ! मेघना के घर से जाते वक़्त दोनों एक दूसरे को स्कूली प्रेमियों कि तरह Goodbye Kiss करतें !

अभिषेक के पीठ पीछे उसकी पत्नि इसी तरह उसे चीट करती रही, और उसे भनक तक ना लगी, पुरे दो हफ्ते भर बीत चुके थे.

मेघना जानती थी कि एक ना एक दिन उसके पति को इसके बारे में पता तो चल ही जायेगा, सवाल ये था कि कब, किस हालात में, और उसका परिणाम क्या होगा !!!

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Wink 
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" Sunday को ही तुम्हारी कार ख़राब होनी थी ? आज बाहर घूमने का मन था यार अभि ! ". मेघना ने कहा.

ड्राइंग रूम में वो अभिषेक के साथ सोफे पर बैठी टीवी देख रही थी.

" Don't worry बेबी... शाम तक बन जाएगी... ". अभिषेक ने टीवी पर चल रहे फुटबॉल मैच से नज़र हटाए बगैर मेघना का कन्धा चूमते हुये कहा. " रात को चलो बाहर डिनर कर आते हैं और क्या ? ".

मेघना कुछ नहीं बोली.

" एक कॉफ़ी पिला दो बेबी... मैच जम रहा है अब ! ". अभिषेक कि आँखें अब भी टीवी पर ही गड़ी हुई थीं.

मेघना का जब कोई जवाब नहीं आया तो अभिषेक ने उसे मुड़कर देखा, मेघना उसे ही गुस्से से घूर रही थी. अभिषेक को पता था कि मेघना को फुटबॉल मैच वगैरह पसंद नहीं और उसकी वजह से वो अपने फेवरेट शो नहीं देख पा रही है तो बोर हो रही होगी. इससे पहले कि बोरियत के अलावा वो और नाराज़ हो जाये, अभिषेक ने झट से कहा.

" I'll get it... ".

अभिषेक सोफे पर से उठकर जाने को हुआ तो पीछे से मेघना ने धीरे से कहा.

" फिर मेरे लिए भी ले आना... ".

" Yeah yeah I know ! ". अभिषेक ने मुँह बनाकर कहा और अपने पीछे मेघना को हँसता हुआ छोड़कर कमरे से बाहर निकल आया.

किचन में आकर अभिषेक ने देखा कि कॉफ़ी पहले से ही बनी पड़ी थी, बस गर्म करनी थी. गैस चूल्हे पर कॉफी गर्म होने के लिए चढ़ाकर वो अपनी मोबाइल देखते हुये गुनगुनाने लगा. करीब दस बाद कॉफ़ी खौलने लगी तो उसने अपने और मेघना के लिए एक एक कप में कॉफ़ी ढाल ली, मोबाइल वापस से अपने बारमुडा पैंट में रखी, और ट्रे में दोनों कप लेकर धीरे धीरे गुनगुनाते हुये किचन से बाहर आ गया.

दो कमरों को पार करके अभिषेक ड्राइंग रूम में घुसने ही वाला था कि बस ठिठककर रुक गया.

" अनिकेत जाओ... प्लीज् ! ".

ड्राइंग रूम में मेघना सोफे के पास घबराई हुई सी खड़ी थी और उसके सामने खड़ा अनिकेत उसकी बांहें पकड़कर उसे अपनी ओर खींच रहा था !!!

मेघना कि दिक्कत ये थी कि उसे पता था कि अभिषेक किसी भी वक़्त वहाँ कॉफ़ी लेकर आने वाला है, और इसी वजह से वो अनिकेत को इतना भी बोल नहीं पा रही थी कि " वो घर पर हैं ". ये अगर अभिषेक सुन लेता तो उसे लगता कि वो भला ऐसा क्यूँ बोल रही है. इनफैक्ट, मेघना के लिए अनिकेत को कुछ भी कहना संभव नहीं था, सिवाय इशारे में बताने का कि अभिषेक वहीँ हैं, लेकिन अल्हड़ अनाड़ी बेवकूफ़ प्रेमी पागल अनिकेत उसका इशारा भी तो नहीं समझ पा रहा था. मेघना को पता था कि अनिकेत इस तरह से धड़ल्ले से अंदर घुसकर इसलिए उससे छेड़खानी कर रहा है क्यूंकि उसने देख लिया है कि Garage में अभिषेक कि कार नहीं है. पर उस नौसिखिये को कौन बताये समझाये कि कार ख़राब हो गई थी, इसलिए अभिषेक उसे रिपेयर कराने दे आया था.

ज़्यादा कुछ करने का ना ही मेघना के पास समय था और ना ही विकल्प !!!

" Come on भाभी जी... क्या हुआ ? ".

मेघना अभी हालात ठीक करने कि सोच ही रही थी कि अनिकेत ने उसे अपनी बांहों में दबोच लिया और उसे बेतहाशा चूमने लगा !

बिना कोई आवाज़ किया धीमे से अभिषेक दरवाज़े के पीछे हो लिया, और कॉफ़ी कप का ट्रे वहीँ पास पड़े एक कुर्सी पर रख दिया. वो बेवकूफ़ नहीं था, मेघना और अनिकेत के बीच हुए बस उन दो वाक्यों के आदान प्रदान से ही वो समझ गया कि अनिकेत उसकी पत्नि के साथ ज़बरदस्ती नहीं कर रहा था !!! यहाँ तो माज़रा कुछ और ही था...

एक तो सब कुछ इतनी जल्दी हुआ था, ऊपर से अब मेघना समझ चुकी थी कि वो कोई भी जतन कर ले, पर अभिषेक कि समझ अब बदल नहीं सकती, उसका पति बहुत ही शातिर दिमाग़ था. जब अनिकेत मेघना के गाल, गर्दन, कंधे चूमने में व्यस्त था तब मेघना ने अपनी नज़रें घुमाकर दरवाज़े कि ओट में खड़े अपने पति को देख लिया था. मेघना कि आँखों में घबराहट और डर साफ झलक रहा था, वहीँ अभिषेक का चेहरा गुस्से से तमतमाया हुआ, मगर शांत था !

अभिषेक बेवकूफ़ नहीं था और शातिर दिमाग़ था, ऐसा इसलिए कहना सही होगा, क्यूंकि इस परिस्थिति में अगर कोई दूसरा मर्द होता तो वो आगबबूला हुआ तुरंत अपनी पत्नि और उसके प्रेमी के बीच आ धमकता, और या तो दोनों कि खबर लेता, या फिर दोनों में से किसी एक कि. पर अभिषेक ने ऐसा नहीं किया ! अपनी पत्नि को रंगे हाथों पकड़ना ही उसके लिए काफ़ी नहीं था, वो पूरा का पूरा किस्सा और खेल देखना समझना चाहता था !

मेघना और अभिषेक एक दूसरे को खूब जानते समझते थें. मेघना ने साफ देखा कि अभिषेक उसे आँखों आँखों में संकेत दे रहा है कि जो कुछ भी चल रहा है, चलने दो, ना ही रोकने कि कोशिश करो और ना ही संभालने कि !

अपने पति से मेघना कि धोखाधड़ी कब और किस हालात में पकड़ी जाएगी, इसका जवाब तो मेघना को मिल चुका था. अब बचा प्रश्न कि उसका परिणाम क्या होगा !!!

दिल भर जाने पर जब अनिकेत ने मेघना को चूमना चाटना छोड़ा, तो मेघना उसे देखकर ज़बरदस्ती मुस्कुरा दी. उसके चेहरे पर घबराहट साफ झलक रही थी, ये तो अनिकेत को दिखा, पर उस घबराहट का कारण समझ पाने भर कि बुद्धि उसके गर्म खून में नहीं थी.

" रिलैक्स भाभी... आते वक़्त मैंने बाहर का दरवाज़ा बंद कर दिया था ! ". अनिकेत ने मेघना कि घबराहट कम करने के लिए उसे आश्वस्त किया.

Wow... बहुत ही समझदारी वाला काम किया है तुमने चुतये - मेघना मन ही मन बोली !!!

" एक चीज़ दिखाऊं भाभी जी ? ". अनिकेत ने आगे कहा और मेघना कि सहमति कि प्रतीक्षा किये बिना ही अपनी जीन्स कि जेब से कुछ निकालकर अपनी मुट्ठी उसके सामने कर दी.

मुट्ठी खोली, तो मेघना ने देखा कि उसके हाथ में Condom का एक पैकेट था, वो भी फॅमिली पैक !

ये चल क्या रहा है यार ??? अभिषेक का सिर झन्ना उठा...

" Just go अनिकेत... आज नहीं ! ". मेघना ने दबी दबी सी आवाज़ में कहा और वापस से चोरी छुपे तीरछी नज़रों से अभिषेक को ऐसे देखा मानो ये सारा खेल खत्म करने कि इजाज़त मांग रही हो.

अभिषेक ने " ना " में सिर हिलाकर मेघना को नाटक जारी रखने का संकेत दिया !!!

मेघना कि सारी आशायें समाप्त हो चुकी थीं, अपने पति का विरोध करने का साहस नहीं था उसमें, उसे ना चाहते हुये भी खेल जारी रखना था, ऐसे जैसे कि वहाँ बस वो ही दोनों हों - वो और उसका प्रेमी अनिकेत !

" कितने दिन हो गएँ भाभी... आज बहुत मन हो रहा है ! ". अनिकेत ने मेघना को अपनी ओर खींचते हुये कहा. " प्लीज् अब ये मत कहियेगा कि आज आपको माहवारी हुई है... मुझे आपके Periods का डेट पता है !!! ".

तो इस हरामज़ादे को मेरी बीवी के मासिक का डेट भी मालूम है...Wow... अभिषेक ने सोचा... Interesting !!!

मेघना ने कुछ नहीं कहा, वो अब ज़्यादा कुछ बोलना नहीं चाहती थी, सारा कुछ गुड़ गोबर तो हो ही चुका था, अनाप शनाप बके जा रहा था ये बेवकूफ़ लड़का ! अब मेघना के बात करने से ना जाने अनिकेत कब क्या बोल दे. इज़्ज़त जब जा रही है तो जाये, पर जितनी बच सकती है उतनी बचाने में हर्ज़ क्या है ?

हालांकि आज तो पूरा दामन मैला होने ही वाला था, मेघना के क्या, किसी के भी रुके ना रुके, टाले ना टले ! बेवकूफ़ अनिकेत Condom ले आया था, इसका मतलब था आज वो उसे चोदने का मन बना कर ही आया था, पिछली बार तो मेघना ने Condom ना होने कि वजह से चुदाई बीच में ही रुकवा दी थी, पर आज पूरी चुदेगी वो, वो भी अपने ही पति के सामने उस लड़के से जिससे उसका पति दुनिया में शायद सबसे ज़्यादा नफ़रत करता है !

बेहयाई कि हद हो गई !!

" आज कोई बहाना नहीं चलेगा भाभी... ". अनिकेत अपने ही धुन में मग्न इन सबसे बेखबर मेघना को चूमते हुये बोला.

कसी हुई सलवार के ऊपर ऊपर मेघना कि गांड़ सहलाकर अनिकेत ने टोह लिया कि उसने अंदर पैंटी भी पहन रखी थी. मेघना ने फिर एक बार दरवाज़े कि ओर देखा - अभिषेक उन दोनों को ही एकटक देखे जा रहा था, एक पल के लिए भी उसने अपनी आँखें नहीं फेरी थीं !

मेघना कि गांड़ से सरकते हुये जब अनिकेत का हाथ सामने कि ओर मेघना कि कमर पर पहुँचा और वो उसकी सलवार खोलने के लिए सलवार का नाड़ा ढूंढने लगा, तब जाकर कहीं मेघना के लिए ये सब उसकी सहनशीलता से बाहर होने लगा. उसने अपने हाथ से अनिकेत का हाथ पकड़कर उसे रोका और अपनी परेशानी और गुस्सा दोनों दबाते हुये शांत स्वर में बोली.

" ठीक है वेट... मैं बाथरूम से आती हूँ ! ".
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अभिषेक समझ गया कि उसकी पत्नि झूठ बोल रही है और वो उसी के पास आने वाली है.


ऐसा ही हुआ भी !

अनिकेत को ड्राइंग रूम में अकेला छोड़ मेघना अपने कपड़े ठीक करते हुये कमरे से बाहर आई और दरवाज़े के पीछे छुपे खड़े अपने पति कि बांह पकड़कर उसे अंदर दूसरी ओर ले जाते हुये धीरे से बोली.

" I can explain अभि ! ".

" Explain तो हो ही रहा था सब कुछ... ". अभिषेक ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा. " Who asked you to stop the show... बेबी ? ".

" My God अभि... don't be such an Asshole ! ". मेघना ने गुस्से से दाँत पीसते हुये कहा.

अभिषेक दूसरी ओर अपना मुँह फेरकर हँसने लगा.

" यकीन मानो... बस एक बार हुआ था, वो भी ऐसा वैसा कुछ भी नहीं जो तुम्हें बताती ! ". मेघना ने शांत होते हुये समझाया.

" एक बार वाला तो नहीं लग रहा है ये सब मेघना ! जो सामने दिख रहा है उसके ऊपर तो झूठ मत बोलो प्लीज् ! ". अभिषेक बोला.

" Okay fine अभि... उसे जाने देती हूँ, फिर बैठकर ठंडे दिमाग़ से बातें करतें हैं ! ". मेघना ने अभिषेक का हाथ थामकर कहा.

" No no बेबी... ऐसा नहीं होने वाला ! मुझे देखना है कि ये चल क्या रहा है... I mean उस लड़के का साहस तो देखो... तुम्हें कैसे कैसे और कहाँ कहाँ टच कर रहा है... ऐसा तभी हो सकता है जब तुमने उसे बढ़ावा दिया होगा ! और वो Periods वाली बात ??? कितनी शादीशुदा औरतें अपनी ऐसी पर्सनल चीज़े सबको बताती फिरती हैं ??? सिवाय अपने Lover के ! आखिर तुम दोनों का ये सब चक्कर कितना आगे बढ़ चुका है वो तो मुझे देखना ही देखना है ! चलो जाओ उसके पास... ".

मेघना अपने पति को निरीह नज़रों से देखती रही, पर अभिषेक ने कोई दया नहीं दिखाई.

असमंजस में पड़ी हुई मेघना के गाल को चूमकर अभिषेक ने उसकी बांह पकड़ी, और उसे लगभग धकेलते हुये बोला.

" I said go... बेबी ! ".

दरवाज़े पर मेघना फिर एक बार रुकी और पीछे मुड़कर अभिषेक को देखा. उसे अपने पति पर गुस्सा नहीं आ रहा था, उसे बस अच्छा नहीं लग रहा था कि उसने उसे नाराज़ कर दिया है, उसका भरोसा तोड़ा है. अभिषेक ने कभी भी उससे ऐसे बात नहीं कि थी.

लेकिन क्रोध कि अग्नि में जल रहे अभिषेक के मन में अपनी पत्नि कि भावनाओ कि कोई कद्र नहीं थी, कम से कम इस वक़्त और ऐसे हालात में तो कतई भी नहीं. उसने आगे बढ़कर मेघना कि गांड़ हल्के से थपथपाई और फिर से बोला.

" और थोड़ा मुस्कुराओ... रिलैक्स करो ! उसे पता नहीं चलना चाहिए कि मैं यहीं हूँ... Okay ???... जाओ ! ".

अभिषेक कि ज़िद से मेघना अच्छी तरह से वाकिफ़ थी, उसकी बात मानने के सिवाय उसके पास और कोई चारा ना था, ख़ासकर तब, जब गलती खुद उसी कि हो !

बेसब्री से ड्राइंग रूम में मेघना भाभी कि प्रतीक्षा कर रहे अनिकेत ने जब उसे आते देखा तो आगे बढ़कर उसे अपनी बांहों में भर लिया, और अपना हाथ उसकी सलवार के ऊपर से उसकी जाँघों के बीच डालते हुये पूछा.

" क्या किया बाथरूम में भाभी ??? ".

पोर्न और इंटरनेट घाट घाट कर अनिकेत खुद को बहुत ज्ञानी समझता था. उसने नेट पर पढ़ रखा था कि लड़कियां सेक्स से पहले और सेक्स के बाद पेशाब ज़रूर करतीं हैं - सेक्स से पहले इसलिए ताकि चूत साफ हो जाये, और सेक्स के बाद इसलिए ताकि अंदर गिरा वीर्य बहकर बाहर निकल जाये.

पर उस Over smart लड़के को रत्ती भर भी अंदाज़ा नहीं था कि बेचारी मेघना किस हालात से गुज़र रही है और अभी क्या करके आई है !!!

" तुम बहुत ज़्यादा ढीट हो गये हो अनिकेत ! ". अपने चेहरे पर बनावटी मुस्कान लाते हुये मेघना बोली.

अनिकेत हँसने लगा, उसने अपना हाथ मेघना कि जाँघों के बीच से हटा लिया, और उसे पकड़े हुये वहाँ से चलने को हुआ. मेघना समझ गई कि वो उसके साथ बेडरूम में जाना चाहता है, जो कि दोनों हमेशा करते थें, कोई नई बात नहीं थी... पर आज मेघना उसे बेडरूम में कैसे ले जाये !!!

" बेडरूम में नहीं अनिकेत... यहीं... यहीं पर ! ". मेघना झिझकते हुये बोली.

बेडरूम में नहीं ??? यानि इससे पहले दोनों हमारे बेडरूम में ही सब कुछ किया करतें थें - दरवाज़े के पीछे छुपा खड़ा अभिषेक सोचने लगा. Disgusting !!!

" जैसा आप चाहें भाभी जी... ". अनिकेत ने मुस्कुराकर कहा, और मेघना के होंठों से अपने होंठ सटा कर एक लंबे चुम्बन में दोनों लिप्त हो गएँ.

मेघना कि पीठ से खिसक कर अनिकेत के दोनों हाथ उसके दोनों चूचियों पर आ जमें, मेघना ने उसे रोका नहीं, दोनों आँखें बंद किये हुये एक दूसरे को चूमते रहें. मेघना कि कुर्ती के ऊपर से अनिकेत ने उसकी चूचियाँ दबानी शुरु कि तो मेघना उसकी बांहों में कसमसाने लगी. मेघना के होंठों से अपने होंठ अलग करके अनिकेत ने नीचे उसकी छाती को देखा तो मेघना समझ गई कि वो उसे उसकी कुर्ती उतारने को कह रहा है. मेघना एक बार फिर से दरवाज़े कि ओट में छिपे अपने पति को देखना चाहती थी, उसका रिएक्शन देखना था उसे, पर उसने ऐसा नहीं किया, बार बार उधर देखने से अनिकेत को शक भी तो हो सकता था ना !

मेघना अपनी कुर्ती खोलने लगी तो अनिकेत ने उसकी मदद कि, कुर्ती खोलकर मेघना ने वहीँ पास में एक कुर्सी पर रख दी. टाइट काले ब्रा में मेघना भाभी कि चूचियाँ आज और भी बड़ी बड़ी लग रहीं थीं. बड़ी होने के बावजूद उसकी चूचियाँ कसी हुई गोल गोल तो थीं ही, ऊपर से टाइट ब्रा ने उसकी चूचियों को तान कर ऊपर उठा रखा था. अनिकेत का मन तो बहुत हो रहा था कि मेघना भाभी के मम्मे कसकर दबाये, मसले, पर उसने खुद पर काबू रखा. नीचे झुककर उसने उसकी ब्रा को एक बार सूंघा, और फिर दांये तरफ वाली चूची का निप्पल ब्रा से खींचकर बाहर निकाल लिया और उसे हल्के से चूमा. उसकी मदद करने के लिए मेघना ने अपनी दांई चूची ठीक से पूरी तरह से टान कर अपनी ब्रा से बाहर निकाल ली. अनिकेत के चेहरे के सामने मेघना भाभी कि नंगी चूची निकल आई तो उसकी तो मानो साँसे ही थम गई, उसने देखा कि शादीशुदा होने के बावजूद मेघना का निप्पल अभी भी काला नहीं पड़ा था, किसी 19 साल कि नई नई जवान हुई स्कूली लड़की के निप्पल जैसा हल्के गुलाबी रंग का था !

अनिकेत ने एक दफा ऊपर नज़र उठाकर मेघना को देखा, और फिर अपना चेहरा आगे बढ़ाकर उसकी निप्पल को एक बार और चूमने के बाद अपने मुँह में भर लिया. अनिकेत जब मेघना का दूध पी रहा था, तब मेघना को एक अवसर मिल गया अपने पति कि प्रतिक्रिया देखने का ! उसने देखा कि अभिषेक बिना अपनी पलकें झपकाये उन दोनों पर नज़रें गड़ाये छुपा खड़ा था, उसका चेहरा कठोर था, और उसपर गुस्से के अलावा और कोई भाव पढ़ने में मेघना असमर्थ रही !

मुश्किल तो था, पर अब तक मेघना इस सच्चाई को स्वीकार कर चुकी थी कि उसे बिना किसी अनबन के अपने पति के सामने अनिकेत से सेक्स करना है, वो भी इस तरह कि अनिकेत को कोई भ्रम, कोई शक ना हो. वो बस अब तो ये चाहती थी कि जल्द से जल्द ये सब नौटंकी खत्म हो और वो अपने पति के साथ बैठकर उससे मन भरकर इन सारी बातों पर चर्चा कर सके, उसे मना सके, समझा सके, ताकि उसका खुद का मन इस ग्लानिभाव से थोड़ा तो हल्का हो !

मेघना भाभी कि चुचूक चूसते हुये अनिकेत ने अपना दांया हाथ उसके पेट से सरकाकर सीधे सलवार के ऊपर से उसकी टांगों के बीच घुसा दिया, और उसकी चूत सहलाने लगा. उसने साफ महसूस किया कि मेघना भाभी कि सलवार का कपड़ा उसकी चूत वाली जगह पर भींग गया है. मेघना को भी समझ नहीं आ रहा था कि इतने टेंशन भरे माहौल में जहाँ उसका पति ये सब कुछ देख रहा है, उसकी चूत कैसे पानी छोड़ रही है ???

बहरहाल जो भी, सच्चाई यही थी !!!

अनिकेत के सिर के बाल सहलाते हुये मेघना उसका मुँह अपनी चूची से लगाए रखी, उसे जी भरकर अपना निप्पल चूसने दिया. मन भर गया तो अनिकेत ने उसकी निप्पल अपने मुँह से निकाल ली.

" आज तो बूर दिखा दीजिये ना भाभी... प्लीज् ! ". विनती भरे स्वर में नीचे मेघना कि जाँघों को ललचाई नज़रों से देखते हुये अनिकेत बोला.

बूर दिखा दीजिये ??? अच्छा... यानि कि अभी तक मेघना ने इस कमीने को अपनी चूत नहीं दिखाई है, और चूत नहीं दिखाई है तो मतलब इसके पहले दोनों के बीच सेक्स भी नहीं हुआ होगा ! मेघना तब ठीक ही बोल रही थी !! जो भी हो, दोनों के बीच कुछ ना कुछ तो हुआ ही था, और आज वैसे भी सब कुछ होने ही जा रहा था - अभिषेक सोचने लगा !

अनिकेत के मुँह से " बूर " शब्द सुनकर ना जाने क्यूँ मेघना कि चूत में जैसे तितलीयां फड़फड़ाने लगीं, लेकिन उसने अपनी भावनाओ को सकुशल छुपाते हुये धीरे से हँसकर अनिकेत से कहा.

" बूर ??? छी... कितना Cheap word है ! ".

" Cheap ? क्यूँ ? बूर... चूत...Pussy... सब तो एक ही टाइप के शब्द हैं ! ". अनिकेत भी हँसने लगा. " वैसे मेरा फेवरेट " बूर " ही है. बोलने से सामने एक साफ छवि बन उठती है ! ".

अनिकेत कि बचकानी बात पर बेचारी मेघना खुलकर हँस भी नहीं सकती थी, फिर भी वो मुस्कुरा दी, उस बेचारे का क्या दोष था, उसे थोड़े ही पता था कि अभिषेक सब कुछ देख सुन रहा है !
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कसी हुई सलवार में फूली हुई चूत पर गड़ी अनिकेत कि नज़रों को देखकर मेघना समझ गई कि अब सलवार उतारने का वक़्त आ चुका है. सलवार कि डोरी ढीली करके उसने बड़ी मुश्किल से अपनी गदराई जाँघों से चिपकी टाइट सलवार को अलग किया, और कुर्सी पर पहले से ही रखी अपनी कुर्ती के ऊपर फेंक दिया. सलवार खोलते समय मेघना सोच रही थी कि क्या उसके पति ने सलवार में गिरी उसकी चूत के पानी के धब्बे को नोटिस किया होगा ??? Well... अभिषेक जैसा शातिर बंदा था, ज़रूर ही किया होगा !


अनिकेत ने तो किया था !

ब्लैक कलर कि टाइट डिज़ाइनर पैंटी मेघना कि दोनों मांसल जाँघों के मध्य घुसी हुई थी, जाँघे आपस में सटी होने के कारण उसकी चूत फूल कर बाहर निकल आई थी. ये नज़ारा देखकर अनिकेत कि सारी मुस्कुराहट, सारी हँसी, धरी कि धरी रह गई. आगे बढ़कर वो मेघना कि कमर तक झुका और उसकी पैंटी को छुए बिना ही एक बार सूंघा - एकदम फ्रेश धुली हुई पैंटी पहन रखी थी मेघना भाभी ने ! पैंटी के कपड़े और उसमें लगे मेघना कि चूत के पानी का मिलाजुला तेज़ गंध जब उसकी नाक में गया तो वो खुद को रोक नहीं पाया. उसने अपने हाथ कि उंगलियों से मेघना कि पैंटी का इलास्टिक खींचकर अंदर कि त्वचा को सूंघा. अनिकेत कि हरकत पर ना चाहते हुये भी मेघना कि हँसी छूट पड़ी - कितने पागल होतें हैं ना ये कम उम्र के लड़के चूत के पीछे !!!

" दिखाती हूँ बाबा... ". उसका पति सब कुछ देख रहा है, ये एक पल के लिए भूलकर मेघना ने धीमी आवाज़ में अनिकेत का सिर सहलाते हुये कहा.

अनिकेत के साथ सम्बन्ध होते हुये भी मेघना ने जानबूझकर आज तक उसे अपनी नंगी चूत नहीं दिखाई थी, इसका एक कारण था, वो आज वैसे भी अब कुछ ही देर में अनिकेत को पता चल ही जाने वाला था !!!

मेघना कि पैंटी सूंघ कर जब अनिकेत उठा, तो मेघना ने एक नज़र उसे देखा, मुस्कुराई, और फिर अपनी पैंटी को कमर के दोनों किनारों से पकड़कर धीरे से नीचे सरका दिया. अनिकेत किसी अच्छे आज्ञाकारी लड़के कि तरह चुपचाप खड़ा देखता रहा, उसने कोई जल्दबाज़ी, कोई हरकत नहीं कि, जब तक कि मेघना ने अपनी पैंटी अपनी जाँघों से सरकाते हुये अपने घुटनों और फिर पैरों से निकालकर कुर्सी पर अपनी सलवार और कुर्ती के ऊपर फेंक नहीं दिया !

अपनी पत्नि को अनिकेत के सामने नंगे खड़े देख अभिषेक ने अपनी मुट्ठी भींच ली, मगर कुछ किया नहीं. आज तक तो ये कई बार हो चुका था, मेघना को वो ना जाने कईयों के सामने नंगा भेज चुका था, पैंटी में ही सही, पर उसे भी तो नंगा ही कहेँगे ना ? ये कोई नई बात ना होते हुये भी पता नहीं क्यूँ आज अभिषेक को इसमें ख़ुशी कम, और घृणा ज़्यादा हो रही थी !

अपना सिर नीचे झुकाये हुये, दोनों हाथ दोनों बगल लटकाये, ब्रा से अपनी दांई चूची बाहर निकाले, मेघना अनिकेत के सामने नंगी खड़ी थी. मेघना भाभी कि खुली चूत पर नज़र पड़ते ही अनिकेत कि आँखें फ़ैल गईं और उसका मुँह खुल गया, उसके आश्चर्य कि सीमा ना रही... इसलिए नहीं कि मेघना कि चूत सुंदर थी, वो तो एक कारण था ही, बल्कि इसलिए कि उसकी चूत पर मेहंदी से ऐसा कुछ लिखा हुआ था, जिसकी अनिकेत ने सपने में भी कल्पना नहीं कि थी !!!

[Image: IMG-20200929-200410.jpg]

मांसल जाँघों के बीच दबकर पावरोटी जैसी फूली हुई V आकार कि मेघना कि चूत उसके गोरे बदन के हिसाब से हल्की सी सांवली, बहुत कुछ चॉकलेट के रंग कि थी. चूत के बीचोंबीच एक पतली सी लकीर चूत के दोनों होंठों को अलग कर रही थी. जैसा कि अनिकेत ने अनुमान लगा ही लिया था, चूत एकदम साफ चिकनी झांटरहित थी ( मेघना अपनी चूत हर दूसरे दिन शेव किया करती थी ). लेकिन जिस चीज़ का अनुमान अनिकेत ने कभी नहीं लगाया था, वो थें, उसकी चूत पर मेहंदी से लिखें अंग्रेजी के दो शब्द !

मेघना कि चूत पर लाल मेहंदी कि एक सुंदर सी छोटी सी तितली बनी हुई थी, और उसके ठीक ऊपर लिखा हुआ था - " Everyone's Slut " !!!

अब ये क्या था ???

भला कौन आदमी अपनी पत्नि के बदन पर ऐसे घटिया शब्द लिखवायेगा !!!

EVERYONE'S SLUT !!!
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Heart 
अनिकेत के लिए ये बहुत ही शॉकिंग था, क्यूंकि वो मेघना भाभी और उसके पति के Fantasies के बारे में नहीं जानता था, और तो और, बस ये शब्द ही उसे इतने गंदे लग रहें थें, उसे तो ये पता ही नहीं था कि दोनों पति पत्नि ने साथ साथ मिलकर और क्या क्या कारनामें किये थें, क्या क्या गुल खिलाये थें !


मेघना को पता था कि अनिकेत को अचंभा हुआ है, इसी वजह से तो इतने दिनों उसने उसे अपनी चूत नहीं दिखाई थी, कि वो पता नहीं क्या सोचेगा. और अब जब दिखाई भी तो ऐसे समय में जबकि उसका पति भी मौजूद है ! वो डर रही थी कि कहीं अनिकेत इसके बारे में पूछ ना बैठे, और फिर से अभिषेक के बारे में उल्टा सीधा ना बकने लगे, अभिषेक सुनेगा तो कतई अच्छा ना होगा. अनिकेत का ध्यान भटकाने के लिए मेघना ने तुरंत पूछा.

" पसंद नहीं आई क्या ? ".

अनिकेत अब भी अवाक खड़ा रहा.

" मेरी बूर ??? ". मेघना मुस्कुराई.

मेघना भाभी भी " बूर " बोल रही है - ये अनिकेत के लिए बहुत ही हास्यास्पद था, और कुछ हद तक हॉट और सेक्सी भी ! मेघना कि चिंता के विपरीत अनिकेत ने ऐसा वैसा कुछ नहीं कहा या पूछा. बस उसकी बात पर हँस कर रह गया.

" बहुत क्यूट है...". अनिकेत बोला. " बस मेहंदी का रंग अब फीका पड़ रहा है ! ".

मेघना कुछ नहीं बोली, बस उसे तो ये नौटंकी खत्म होने का इंतज़ार था. बेचारी आज अनिकेत के साथ सेक्स ठीक से एन्जॉय भी नहीं कर पायेगी... अपने पति कि वजह से ! पिछले बार कितना मज़ा दिया था उसे अनिकेत ने, ये बात और है कि मेघना ने उसके सामने कभी ये बात ज़ाहिर नहीं कि थी...

मेघना ने अनिकेत के हाथ से Condom का पैकेट ले लिया, उसे सोफे पर फेंका, और फिर खुद भी चलकर सोफे पर जा बैठी. अनिकेत समझ गया कि आज मेघना भाभी सोफे पर चोदाना चाहती है. बिना और वक़्त ज़ाया किये उसने झटपट अपनी टी शर्ट, जीन्स, और जांघिया उतार फ़ेंकी.

जब अनिकेत अपने कपड़े उतार रहा था तो दरवाज़े कि आड़ में छुपे अभिषेक को ना चाहते हुये भी उसका लण्ड देखने कि प्रबल इच्छा हुई... एक्चुअली वो ये देखना चाहता था कि ये लड़का उससे कितना अलग है जो उसकी पत्नि उसकी वजह से चीटिंग करने पर आमादा हो गई ! अनिकेत कि पीठ उसकी ओर होने के कारण अभिषेक कि ख्वाहिश उस वक़्त पूरी नहीं हुई.

अपने पूरे कपड़े उतारकर नंगा अनिकेत सोफे पर बैठी मेघना के पैरों के पास नीचे ज़मीन पर जा बैठा. उसने मेघना के घुटने चूमकर ऊपर उसकी आँखों में देखा तो उसका इशारा समझकर मेघना ने अपनी टांगें खोल दी. मेघना कि गदराई जाँघों के बीच से होते हुये अनिकेत का मुँह जैसे जैसे उसकी चूत कि ओर बढ़ रहा था, पनियाई हुई चूत से आ रही मादक गंध धीरे धीरे तेज़ होते जा रही थी. अनिकेत का मुँह जब मेघना कि चूत से मात्र एक इंच कि दूरी पर ही था तो अचानक से मेघना ने अपनी दोनों जाँघों से उसका चेहरा जकड़कर उसे और आगे बढ़ने से रोक लिया. मेघना ने चोरी से अपनी आँखें ऊपर उठाकर दूर दरवाज़े पर छिपे खड़े अपने पति को देखा, अभिषेक से उसकी एक सेकंड भर के लिए नज़र मिली, उसका चेहरा अब भी कठोर और भावहीन था !

मेघना ने अनिकेत के चेहरे पर से अपनी जाँघों कि पकड़ ढीली कर दी !!!

अनिकेत का मुँह मेघना कि नंगी चूत से एकबारगी जा टकराया, अपनी चूत कि नर्म त्वचा पर अनिकेत के गरम होंठों का स्पर्श पाते ही मेघना कि चूत से पानी कि एक पतली सी धार चू पड़ी ! मेघना कि चूत को एक बार चूमने के बाद उसमें अपनी नाक घुसेड़कर अनिकेत ने ज़ोर से एक लंबी गहरी साँस ली, तो सूखे किशमिश जैसी एक तीव्र महक सीधे उसके ज़हन में जा समाई. गंध इतनी तेज़ थी कि अनिकेत को लगा कि उसका सिर चकराकर वो वहीँ गिर पड़ेगा !

मगर मेघना भाभी के नशे में बेहोश होने से पहले उसे अभी बहुत कुछ करना था !

मेघना कि चूत के दोनों होंठो को अलग करती हुई बीच कि पतली सी टाइट लकीर को अनिकेत ने तीन चार बार ही अपनी जीभ से चाटा होगा, कि उत्तेजित होकर चूत कि फांक अपने आप फ़ैल गई. अनिकेत ने तुरंत अपनी जीभ चूत कि छेद में डाल दी और चूत के भीतर के मुलायम त्वचा को कुरेदने लगा. मानो अनिकेत कि इस हरकत के पुरस्कार स्वरुप मेघना कि चूत ने फिर से नमकीन पानी छोड़ दिया. अपनी जीभ चूत के अंदर ही छोड़कर अनिकेत ने चूत से चिपके अपने होंठ खोलकर जितना हो सका, उतना पानी चूस चूस कर अपनी मुँह में भर लिया, और बाकि का पानी नीचे सोफे पर गिर जाने दिया !!!

मुँह में भरा नमकीन महकदार पानी गले के अंदर गटककर चूत से अपना चेहरा हटाये बिना अनिकेत ने आँखें ऊपर करके मेघना को देखा.

मेघना भाभी कि आँखें बंद थीं !!!

ये यकीन होते ही कि वो सब कुछ सही कर रहा है और मेघना भाभी को आनंद मिल रहा है, अनिकेत वापस से अपने काम में लीन हो गया. ज़ाहिर है उसे आज से पहले कभी चूत चाटने का सौभाग्य प्राप्त नहीं हुआ था, और ना ही उसे इसका कोई Practical Experience ही था, सो जो कुछ भी उसने गंदी फिल्मों से सीखा था, उसी को उसने काम में लाया, और मेघना कि प्रतिक्रिया से साफ ज़ाहिर था कि वो पूरी तरह से सफल भी रहा !

टीवी पर चल रहे फुटबॉल मैच के शोर में भी चूत चूसने कि चप चप कि ध्वनि और मेघना के मुँह से निकल रही धीमी धीमी कराहने कि आवाज़ साफ सुनी जा सकती थी.

लगभग अपनी साँसे रोके हुये करीब बीस मिनट तक मेघना कि चूत चूमने, चाटने, और चूसने के बाद अनिकेत को थोड़ा चैन आया. मन तो नहीं भरा था उसका, पर उसके अंडकोष में बढ़ रहा तनाव उसे अब आगे बढ़ने के लिए उत्साहित करने लगा !

पूरी तरह से गीली हो चुकी चूत से अब एक अलग ही तरह कि खुशबु आ रही थी, कुछ कुछ कस्तूरी जैसी ! अनिकेत ने अंतिम बार मेघना कि पनियाई हुई चूत सूंघी, उसे चूमा, और फिर अपने घुटनों पर से उठ खड़ा हुआ. ये सारा समय मेघना अपनी आँखें बंद ही रखे हुई थी. अनिकेत को उठता हुआ महसूस कर अब जब उसकी आँखें खुली तो अनिकेत का चेहरा उसके सामने था. मेघना हल्के से मुस्कुराई, तो अनिकेत ने उसके होंठ चूम लिए. अनिकेत के होंठों से आ रही अपनी खुद कि ही चूत कि गंध और नमकीन स्वाद से मेघना के ऊपर एक अजीब तरह कि मस्ती छाने लगी.

और उधर अनिकेत का लण्ड देखने कि अभिषेक कि ख्वाहिश अब पूरी होने वाली थी !!!

मेघना को चूमते हुये अनिकेत जब सोफे पर उसके ऊपर चढ़ा, तो बगल से उसका झूलता हुआ लण्ड दिख गया. अभिषेक कि आँखें बड़ी होने लगीं. अनिकेत का लण्ड वाकई में अच्छा खासा बड़ा था, और अगर मेघना कहे कि उसने उसका लण्ड देखकर ही अपने पति से दगाबाज़ी करने कि सोची, तो अभिषेक को कोई आश्चर्य नहीं होगा !!!

अपने बदन पर अनिकेत के शरीर का भार महसूस करते ही मेघना धीरे धीरे सोफे पर पूरी तरह से लेट गई, और अनिकेत उसकी टांगों में अपनी टांगें फंसाकर उसके ऊपर चढ़ गया.

अपनी चूत चुसवाकर अपना पानी निकलवाने के बाद अब मेघना का मन तो बहुत था कि आज अनिकेत से पुरजोर चुदे , पर जब उसका पति छुपकर सब कुछ देख रहा हो तो वो चुदवाये भी तो कैसे, और चुदवाये तो सही, पर उसका आनंद कैसे उठाये !!!

बहरहाल मेघना ने मन में ही सारी प्लानिंग कर ली थी कि खेल कैसे जल्द से जल्द ख़त्म करना है - कम उम्र के इस लड़के को ज़रूरत से ज़्यादा उत्तेजित करके उसका समय से पहले ही वीर्य निकाल देना मेघना के लिए किसी चैलेंज कि गिनती में भी नहीं आता था.

लेकिन आज चीज़े शुरू से ही उसके फेवर में नहीं जा रहीं थीं !!!

अपने और अनिकेत के पेट के बीच से हाथ घुसाकर मेघना ने उसका लण्ड टटोलकर देखा तो पाया कि उसका लौड़ा ठीक से खड़ा ही नहीं हुआ था ! ये मेघना के लिए बड़ी चिंता कि बात थी, क्यूंकि उसके साथ अनिकेत ने जितनी देर भी फोरप्ले किया था, उसकी उत्तेजना में तो उसका लण्ड खड़ा होकर अब तक झड़ भी जाना चाहिए था !

इससे पहले कि मेघना भाभी उससे लण्ड खड़ा ना होने के बारे में पूछकर उसे शर्मिंदा करे, उसका आशय समझकर अनिकेत तपाक से बोला.

" यहाँ आने के ठीक पहले घर के बाथरूम में मैंने मूठ मार लिया था भाभी जी... ताकि आज आपको देर तक प्यार कर सकूँ !!! ".

ये लो ! आज ही मेघना को जल्दी थी, और आज ही ये चालू लड़का माल गिराकर आया है... मतलब खूब पेलेगा आज ये हरामी !

" हम्म्म्म... बदमाश ! ". एक ठंडी साँस लेते हुये मेघना ने एकदम धीरे से कहा, ताकि उसका पति ना सुन ले, और जबरदस्ती मुस्कुरा दी.

अनिकेत ने ऊपर खिसककर मेघना कि सिंधुर से भरी मांग चूम ली, और फिर उसकी चूत पर अपना आधा खड़ा लण्ड घिसते हुये उसके साथ चुम्मा चाटी शुरू कर दी. मेघना ने अपने दोनों हाथ उसके पीठ से लपेटकर उसे अपने बदन से चिपका लिया.

अजीब विडंबना थी बेचारी कि - इतने दोनों जब उसका पति उसे गैर मर्द के साथ सेक्स करने को उकसाता मनाता रहा तो उसकी कोई इच्छा नहीं हुई , और आज जब वो अपनी मर्ज़ी से इस लड़के के साथ शारीरिक सुख भोगना चाहती है, तो उसके पति कि इसमें रज़ामंदी नहीं है !!!

वैसे मेघना को पूरा यकीन था कि उन दोनों के बीच सेक्स शुरू होने से पहले ही उसका पति ज़रूर आकर Interrupt कर देगा !

लेकिन यहाँ मेघना कि सोच गलत पड़ गई !!!

अभिषेक ने एक सिगरेट सुलगाई और दरवाज़े पर और आराम से खड़ा होकर आगे अपनी बीवी कि बेवफाई के इस खेल में आने वाले दिलचस्प पड़ावो और लम्हों को देखने के लिए तैयार हो गया !
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अनिकेत मेघना के चेहरे, गर्दन, और कंधो को बेतहाशा चूम रहा था, और इसी वजह से मेघना दरवाज़े कि ओर नहीं देख पा रही थी, कि उसका पति क्या कर रहा है. बड़ी ही अजीब सी सिचुएशन में सब कुछ हो रहा था ये सच तो है, पर कोई किसी को इतना चूमेगा चाटेगा तो उत्तेजित होना तो लाज़मी ही है ना. आखिरकार मेघना कि आँखें अपने आप बंद हो गई और वो भी अनिकेत का सिर पकड़कर उसके बाल सहलाने नोंचने लगी. बंद आँखों से उसे बस अपने पति के वहाँ किसी भी क्षण आकर उनकी इस अवैध अनैतिक रासलीला में विघ्न डालने कि प्रतीक्षा होने लगी. वो कैसे होगा, पता नहीं. शायद अभिषेक अचनाक से उन दोनों को पकड़कर झटकते हुये उठाकर एक दूसरे से अलग कर देगा, या फिर उन दोनों को बिना हाथ लगाए कुछ कहेगा, कुछ भी, Something like... " क्या चल रहा है ये ??? ".

मेघना को तो इसकी जानकारी थी, पर अनिकेत ??? बेचारे कि क्या दुर्दशा होगी अगर अभिषेक इस तरह से आ धमका तो !!!

पर ऐसा कुछ होने वाला नहीं, मेघना को जल्द ही समझ आ गया... Well... कम से कम अभी के अभी तो नहीं !

अभिषेक को अगर उन दोनों को रोकना होता तो कब का रोक चुका होता कि नहीं ? पता नहीं वो क्या खेल खेलने जा रहा था - मेघना कि समझ से बाहर था, और सच कहें तो, अनिकेत के साथ अब वो सेक्स में इतनी आगे तक बढ़ चुकी थी कि इतनी सारी बातों पर ध्यान देना और सोचना और साथ ही साथ सेक्स को एन्जॉय करना, उसके लिए संभव ना था, और ना ही अब उसे अपने पति कि प्रतिक्रिया कि कोई परवाह रही !

अनिकेत ने जब मेघना कि छाती पर अपना मुँह रगड़ना शुरू किया, तो मेघना ने अपनी ब्रा खोले बगैर अपनी दूसरी चूची भी ब्रा से बाहर निकालकर उसे दे दी. अनिकेत ने लपककर उसकी चूची का गुलाबी निप्पल अपने मुँह में भर लिया और मेघना का दूध पीने लगा. हालांकि अनिकेत अपने घर में अपनी मूठ निकाल आया था, वो भी एक बार नहीं, बल्कि दो दो बार ( मेघना से उसने एक बार ही कहा ये बात और है ), मगर अब उसकी सारी चतुराई, सारी चालाकी खटाई में पड़ती नज़र आ रही थी. मेघना भाभी कि जाँघों और चूत में लगातार लण्ड घिसने से अब उसका लण्ड सिर्फ तनकर पूरा सख़्त खड़ा ही नहीं हो गया था, बल्कि उसके अंडकोष में बढ़ता दर्द उसे इस बात कि चेतावनी भी दे रहा था कि उसका वीर्य अब निकलने ही वाला है !!!

मेघना भाभी ऐसी गरम चीज़ ही जो थी !

अपने शीघ्रपतन कि ओर बढ़ती अवस्था का मेघना को बिना किसी प्रकार का शक दिलाये अनिकेत ने अपनी कमर थोड़ी सी हिला डूला कर बड़ी ही चालाकी से अपना लण्ड एडजस्ट करके उसकी गांड़ कि तह में घुसाकर रख छोड़ा. मेघना कि चूत से हटकर अब जब उसका लण्ड उसकी गांड़ कि नरम छेद से जा सटा, तो उसके अंडकोष में उबलता वीर्य कुछ देर के लिया निस्तेज हो गया. झड़ने कि चिंता से दूर अब अनिकेत मन भर कर मेघना कि चूची चूसने लगा !

मेघना कि जाँघों के बीच से अब एक अजीब तरह कि गंध निकलकर पूरे कमरे में फ़ैलने लगी. ये वही महक थी जो लड़कियां अपने Fertility के दिनों में अपने सेक्स पार्टनर को अपनी ओर आकर्षित करने के लिए प्रयोग में लाती हैं, कभी कभी जानबूझकर, और कभी कभी अज्ञानतावश, ताकि उनका पार्टनर उन्हें चोदकर प्रेग्नेंट कर सके. वैसे मेघना का ऐसा कोई मकसद तो ना था, पर वो अपने बदन में धीरे धीरे आ रहे इस परिवर्तन से लाचार थी. उसकी चूत का पानी बहना रुक ही नहीं रहा था ! और अब तो पतले पानी के साथ साथ उसकी चूत से सफ़ेद सफ़ेद गाढ़ा लसलसा मलाई जैसा भी कुछ चूने लगा था, जिसकी वजह से गंध और तेज़ हो गई थी. पूरे कमरे को अपनी चूत कि कस्तूरी खुशबु से महकाने के बाद अब उसी गंध में डूबकर वो खुद भी निढाल होने लगी.

यहाँ तक कि दूर खड़े अभिषेक कि नाक तक भी वो गंध जा लगी. अभिषेक के लिए ये यकीन कर पाना मुश्किल था कि उसकी पत्नि कामोत्तेजित अवस्था में इतनी मादक तरीके से महकती है... उसके साथ सेक्स के दौरान तो कभी ऐसा नहीं हुआ ! मतलब ये कमीना अनिकेत कुछ तो सही कर रहा होगा, अभिषेक कि तुलना में वो बहुत हद तक जवान भी तो है ! पर तो क्या हुआ ? अभिषेक उसका पति है... अपने पति के साथ होने पर मेघना कि ख़ुशी का प्रश्न ही कहाँ से आता है ?? बड़ी बेहया औरत है ये तो, जो अपने पति के सामने ही पड़ोस के लड़के के साथ सोई हुई गरम हो रही है ! लेकिन फिर क्या ये वही गेम नहीं है जो इतने दिनों से अभिषेक खेलना चाहता था ???

हाँ है... पर इस कमीने अनिकेत के साथ नहीं !!!

गुस्से से अभिषेक ने आधी सिगरेट बिना पिए ही फेंक दी, और चुपचाप अपनी जगह पर खड़ा खड़ा आगे अपनी बेवफा बीवी कि लज्जाहीन अंतरंग लम्हों को देखने लगा ।

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बारी बारी से मेघना कि दोनों चूचियाँ चूसने के बाद जब अनिकेत ने उन्हें अपने मुँह से निकाल छोड़ा, तो मेघना ने देखा कि उसके दोनों गुलाबी निप्पल अब टमाटर कि तरह लाल हो चुके थें. इतने देर तक दूध पीने के कारण उसके निप्पल में खून जम गया था, और जगह जगह अनिकेत के दाँत के गहरे निशान भी पड़ गएँ थें.


[Image: IMG-20201010-161247.jpg]

" ये क्या किया बदमाश ? ". मेघना ने अपना सिर उठाकर नीचे अपनी चूचियों कि हालत देखकर धीमी आवाज़ में मुस्कुराकर पूछा.

" आपका दूध कितना मीठा है भाभी जी... ". अनिकेत ने मेघना कि चूची चूमते हुये कहा.

" पराई भाभीयों का दूध मीठा ही लगता है ! ". मेघना ने शरारती अंदाज़ में फुसफुसाते हुये कहा, उसे ये भी ख्याल रखना था कि उसकी ये बातें दूर छुपे खड़े उसके पति के कान तक ना जाये.

अभिषेक जितनी दूर खड़ा था, वहाँ से अपनी पत्नि और उसके प्रेमी के बीच चल रही इन धीमी धीमी बातों को सुन नहीं पा रहा था, और उसमें उनकी बातें सुनने का कोई खास कौतुहल भी ना था - वो जो कुछ देख रहा था, उतना ही काफ़ी था उसके दिल में टीस पैदा करने के लिए !!!

" आपकी बूर से बहुत तेज़ गंध आ रही है भाभी जी ! ". अनिकेत ने मेघना के गाल पर अपने होंठ रगड़ते हुये कहा.

" गंध ??? पसंद नहीं क्या ? ". मेघना ने अनिकेत का सिर सहलाते हुये पूछा.

" नहीं नहीं... गंध नहीं, मेरा मतलब है महक... खुशबु !!! ". अनिकेत ने तुरंत अपनी गलती सुधारी.

" इसपर लड़कियों का कण्ट्रोल नहीं होता अनिकेत ! मैं क्या करूँ ? तब से क्या क्या कर रहे हो मेरे साथ... My God !!! ".

अनिकेत को ख़ुशी थी कि पीछली बार कि अपेक्षा इस बार मेघना भाभी खुलकर उससे अपने शरीर के बारे में अंदरूनी बातें भी कर रही थी, और साथ ही साथ फोरप्ले का मज़ा भी उठा रही है. पीछली बार वाले सेक्स के दौरान वो बहुत ज़्यादा Bossy थी, और उसने अनिकेत को किसी बुद्धू छात्र कि तरह ट्रीट किया था - ये मत करो, वो मत करो, अब बस करो ! ठीक से कहाँ चोदने दिया था बेचारे को !!!

अनिकेत ने अपनी कमर उचकाई तो उसका ठनका हुआ लौड़ा मेघना कि गांड़ के बीच से छिटककर बाहर निकल आया. खुद को थोड़ा सा ऊपर खिसकाकर अबकी बार उसने अपना लण्ड मेघना कि गहरी नाभी पर टिका दिया. एक दो बार घिसने पर उसके लण्ड का सुपाड़ा खुलकर बाहर निकल आया, तो वो अपना सुपाड़ा मेघना कि गोल नाभी में रगड़ने लगा.

" अच्छा हुआ जो आज मैं घर से ही मूठ मारकर निकला था, वर्ना इतनी मोहक सुगंध से ही मेरा तो माल गिर जाता भाभी जी ! ".

मेघना जानती थी कि अनिकेत बहुत ज़्यादा उत्तेजित हो गया है और इसलिए अब ऐसी गन्दी गन्दी बहकी बहकी बकवास बातें कर रहा है.

" इतना तो मूठ मारते हो अनिकेत... अभी तक Orgasm पर कण्ट्रोल नहीं आया तुम्हारा ? ".

" वैसा थोड़े ही होता है भाभी. जब आपके साथ होता हूँ तो कुछ भी काम नहीं आता ! ". अनिकेत ने झेंपते हुये कहा.

ये दोनों इतनी क्या बातें किये जा रहें हैं... प्रेमी प्रेमिका के माफिक ? ये छोकड़ा मेरी बीवी को केवल पेलने नहीं आया है, चुतिया उससे प्यार भी कर बैठा है, और मेरी बीवी भी उससे... शायद ! अभिषेक सोच रहा था. करो, अब क्या करेंगे... बस कुछ ही देर कि बात और है !

मेघना कि नाभी चोदने में अनिकेत को इतना आनंद मिल रहा था, कि उसने जोश में आकर कुछ ज़्यादा ही लण्ड घिस दिया था. लण्ड से वीर्य कि तीन चार मोटी मोटी बूंदें निकलकर मेघना कि नाभी में चू पड़ी, मगर ठीक ऐन वक़्त पर अनिकेत ने अपना पेट सिकोड़कर बाकि का वीर्य गिरने से रोक लिया.

" अब चोदो ! ". अपने पेट के ऊपर फड़कते लण्ड कि बेकरारी भांपकर मेघना धीरे से बोली.

" बिना Condom पेलूं भाभी जी ? ". अनिकेत ने मेघना कि टांगों से अपनी टांगें निकालकर डरते डरते पूछा.

जब अनिकेत मेघना के बदन पर से उठा, तो अभिषेक को अपनी बीवी के प्रेमी का लण्ड देखने का फिर से एक बार अवसर मिला. उसका लण्ड अब उत्तेजित होकर और भी फूल गया था और लाल सुपाड़ा ठनककर सीधे उसकी पेट से जा चिपका था ! जो भी कहो, लण्ड का धनी है ये लड़का - अभिषेक ने मन ही मन दाद दी !

" Condom तो लाये ही हो... ". मेघना ने पूछा.

" हाँ भाभी... ".

" फिर क्यूँ पूछ रहे हो बदमाश ? ". मेघना मुस्कुराई.

" भाभी प्लीज्... ".

" No way ! ". मेघना ने डांटते हुये थोड़ी ज़ोर से कहा, उसे पता था कि ये बात उसके पति के कानों तक ज़रूर गई होगी.

मेघना ने सोफे पर लेटे लेटे अपनी गांड़ थोड़ी सी ऊपर उठाई तो अनिकेत ने उसके नीचे दबे हुये Condom का पैकेट निकाल लिया. जब अनिकेत अपने लण्ड पर Condom चढ़ाने में व्यस्त था, तो मेघना ने चुपके से दरवाज़े पर छुपे खड़े अपने पति कि ओर देखा. मेघना कि आँखें कई सारी बातें कह रहीं थीं, जिनमें से एक क्षमादान कि याचना भी थी, जिसे अभिषेक ने भलीभांति नोटिस किया, पर उसकी पत्थर जैसी कठोर मुद्रा में कोई भी बदलाव ना आया.

हारकर मेघना ने अपनी नज़रें घुमा ली !

" डबल Condom पहनो अनिकेत ! ". मेघना ने अपने खुले बाल सोफे पर फ़ैलाते हुए कहा.

" क्यूँ भाभी ? ".

" फट गया तो ? ".

" नहीं फटेगा भाभी ! प्लीज् डबल Condom नहीं... प्लीज् भाभी ! कोई Feeling ही नहीं आएगी... ".

मेघना कुछ नहीं बोली, फिर थोड़ा रुककर पूछा.

" कहते थे कि Virgin हो... पर Condom पहनना तो खूब आता है तुम्हें अनिकेत !!! ".

" वो भाभी... एक्चुअली ना... कभी कभी Condom पहनकर मूठ मारता हूँ ! ". अनिकेत ने बिना किसी शर्म के बताया.

मेघना ने बड़ी मुश्किल से अपनी हँसी रोकी. उसे पता था कि नये नये जवानी में कदम रखने वाले लड़के रियल का सेक्स ना मिलने पर ना जाने कैसे कैसे एक्सपेरिमेंट करतें हैं !

" क्या क्या करते हो Condom पहन कर ? ". मेघना ने अपनी हँसी अपने होंठों में दबाकर पूछा.

" Condom पहना हुआ लण्ड मुट्ठी में डालकर घिसता हूँ, या फिर दो तकियों के बीच घुसाकर अंदर बाहर करता हूँ ! ".

तकिये को चोदने वाले Loser लड़के कि क्या खुशनसीबी होगी जो असली कि चूत मारने मिल जाये... वो भी मेघना जैसी खूबसूरत भाभी कि ! चूत कि असली कद्र तो उसे ही होती है जिसे ना मिले. मेघना के प्रेमी और उसके पति के बीच ये सबसे बड़ा फर्क था !!!

ऊपर से अगर भाभी इतनी सुंदर हो तो उसके प्यार में पड़ जाना तो लाज़मी ही है ना !

हल्के गुलाबी रंग के महीन condom में लिपटा अनिकेत का टाइट खड़ा लण्ड अब रेडी था. 
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Heart 
मेघना कि गांड़ के छेद के नीचे सोफे पर आधा कप भर चूत का सफ़ेद महकदार गाढ़ा क्रीम गिरा हुआ था. अनिकेत ने चूत कि वही मलाई अपने हाथ कि उंगलियों में लगाकर एक बार सूंघा, फिर उसे अपने पूरे लण्ड और अंडकोष पर मलने लगा. मेघना कि चूत मलाई में लिपा पुता लण्ड Condom में एकदम चमकीला सा इतना प्यारा प्यारा लग रहा था, कि मेघना का मन हुआ कि उसके लण्ड को दाँत काट ले... उसका पति वहाँ ना होता तो वो ऐसा ही करती ! Blowjob देने और लण्ड चूसने कि आदि तो वो थी ही...


सोफे पर पड़ा एक छोटा सा तकिया उठाकर मेघना ने अपने सिर के नीचे रख लिया, और बांया पैर सोफे पर पीठ टिकाकर बैठने वाली जगह के ऊपर चढ़ाकर दांया पैर नीचे ज़मीन पर टिकाकर अपनी टांगें खोल ली. उसकी चूत तो वैसे ही गदराई हुई थी, अब उत्तेजना के कारण वो पावरोटी कि तरह और भी फूल गई थी. चूत का गीला छेद अपने आप करीब एक इंच भर खुल गया था, जिससे अंदर कि लाल त्वचा साफ साफ दिख रही थी.

अनिकेत ने पहले मेघना भाभी के दोनों पैरों कि पायल को चूमा, फिर उसके घुटने और जाँघों को, और फिर नीचे झुककर उसकी गहरी नाभी को चूमने के बाद चूत का एक चुम्बन लिया, फिर उसकी खुली टांगों के बीच अपनी टांगें फंसाकर उसके ऊपर लेट गया. मेघना ने अपनी गांड़ थोड़ी सी इधर उधर हिलाकर अनिकेत के खड़े लण्ड को अपनी चूत का द्वार ढूंढ़ने में मदद कि. अनगिनत बार चुदी चुदाई शादीशुदा चूत में जब अनिकेत का बड़ा लौड़ा घुसा, तो मेघना को हल्का सा दर्द हुआ.

" सससससससस... ".

सिसकते हुये मेघना ने अपने ऊपर चढ़े अनिकेत कि पीठ में अपने दोनों हाथों के नाख़ून गड़ा दियें.

अनिकेत तब तक अपनी कमर धीरे धीरे आगे कि ओर ठेलता रहा, जब तक कि उसका अंडकोष मेघना कि गांड़ कि छेद से ना जा टकराया, जिसका मतलब था कि लण्ड कि पूरी लम्बाई अब मेघना कि चूत में समा चुकी थी. अनिकेत ने मेघना के होंठ चूमें, और फिर सुपाड़े को छोड़ बाकि का लण्ड बाहर निकालकर वापस से चूत में कोंच दिया. इसी तरह करीब 10 से 12 बार अपना लण्ड एकदम आहिस्ते आहिस्ते भीतर बाहर भीतर बाहर करके वो मेघना कि कसी हुई चूत में अपने मोटे लौड़े के लिए जगह बनाता रहा. एक दफा जब मेघना कि चूत ने उसके लण्ड को अपने अंदर ठीक से एडजस्ट कर लिया, तो अनिकेत मेघना के ऊपर पूरी तरह से लेटकर उसके गालों को चूमते चूमते उसे चोदने लगा !!!

चूत कि टाइट फांक को चीरता फ़ैलाता हुआ अनिकेत का लण्ड जब मेघना कि बच्चेदानी में हल्की हल्की धीमी धीमी ठोकरें मारने लगा, तो वो जैसे मानो भूल ही गई कि उसका पति उसकी बेवफाई कि ये सारी घिनौनी हरकते देख रहा है ! सारी शर्मो हया छोड़कर उसने अनिकेत को अपने बाहों में भर लिया और धीरे से उसके कानों में बड़बड़ाई.

" Good अनिकेत... ऐसे ही Fuck करो मुझे !!! ".

" मादरचोद ! ". अभिषेक के मुँह से एक लंबी साँस निकली, और वो जिस कमरे में छुपा ये सब देख रहा था, वहीँ टेबल पर पड़ा व्हिस्की का एक बोतल और ग्लास उठा लाया. फिर कुछ सोचकर उसने ग्लास वापस रख दिया, और व्हिस्की कि एक घूंट सीधे बोतल से गटककर वापस आकर अपनी पत्नि के गिरे हुये कारनामें देखने में मसगुल हो गया !

गरम हो चुकी मेघना भाभी जिस कदर उसे चोदने के लिए उकसा रही थी, अनिकेत को पता था कि उसका Condom बस एक मिनट के अंदर ही वीर्य से भर जायेगा ! लेकिन वो ऐसा चाहता नहीं था, आज उसे मन भर कर मेघना भाभी को प्यार करना था. इसके लिए बेचारे से जो बन पड़ा, उसने किया. हर चार पाँच धक्के के बाद वो चुदाई रोक देता और मेघना को चूमता चाटता, उसकी चूचियाँ दबाता चूसता, और फिर से पेलना शुरू करता, और वापस से चार पाँच धक्कों के बाद फिर से थम जाता.

मेघना को अनिकेत कि ये ट्रिक समझ आ गई थी, पर उसने उसे टोका नहीं, इनफैक्ट उसे अनिकेत का इस तरह से रिलैक्स होकर पेलने वाला स्टाइल पसंद आया. इस वजह से उसकी चूत का पानी भी रुक गया था और वो बदन में धीमी धीमी Orgasm बनने कि सनसनाहट का अब पूरा पूरा मज़ा ले रही थी. अनिकेत आज उसे सिर्फ चोद नहीं रहा था, बल्कि उसके साथ प्यार से परिपूर्ण सुखद सहवास कर रहा था !

और अनिकेत कि ये तरकीब काम भी तो आई, 20 मिनट तक इसी तरह धीरे धीरे रुक रुक कर मेघना को चोदते रहने के बाद उसका अपने लण्ड पर सटीक कण्ट्रोल आ गया, लण्ड कि उत्तेजना कम हो गई तो वीर्य वापस उसके अंडकोष में जा जमा. मेघना ने अपनी गांड़ उचका कर अनिकेत को अब थोड़ा ज़ोर से चोदने का संकेत दिया. अनिकेत रेडी था, झड़ने का खतरा टल चुका था ! मेघना के गाल से अपना मुँह सटाकर, उसकी दोनों चूचियों को अपनी मुट्ठीयों में दबोचे हुए, अनिकेत अब थोड़ी सी स्पीड बढ़ाकर अपनी कमर हिलाने लगा.

अपने प्रेमी के शरीर के नीचे दबी पड़ी अपनी पत्नि के बदन कि छटपटाहट और अंगड़ाईयों से अभिषेक साफ समझ रहा था कि मेघना आनंद के किस सागर में गोते लगा रही थी. इतनी देर हो गई थी, तब से मेघना ने उसे मुड़कर देखा भी नहीं था, वो तो शायद भूल ही गई थी कि उसका पति वहीँ है भी ! सामने जो कुछ भी चल रहा था, उसे देख पाने के लिए साहस कि दरकार थी, अभिषेक को ये हौसला व्हिस्की से मिल रहा था, जिसे वो बोतल से डायरेक्ट बिना पानी मिलाये ही छोटे छोटे सिप ले ले कर पी रहा था !!!

सोफे पर सबसे ज़्यादा असुविधाजनक अवस्था में भी मेघना भाभी को चोदने में अनिकेत को जो मज़ा मिल रहा था, वो शायद किसी आरामदायक बिस्तर पर नवविवाहित जोड़ो को भी ना मिले. वैसे ये प्रेमपरिपूर्ण सुखद सहवास ज़्यादा देर चलने वाला नहीं था, अनिकेत आखिर था तो गरम खून वाला जवान लड़का ही ना. करीब आधे घण्टे मेघना भाभी को अपनी नई नवेली दुल्हन कि तरह प्यार से चोदने के बाद अनिकेत का सारा संयम जाता रहा. पहले कि ही भांति मेघना के गालों को चूमते हुये और उसकी चूचियाँ मसलते मसलते उसने अपनी चोदन - रफ़्तार एकाएक तेज़ कर दी. टाइट गुदेदार चूत मिली थी, वो भी उस भाभी कि जिससे वो प्यार करता था, आखिर कितनी देर अपने आपे में रहता वो !

अनिकेत कि बेकरारी देखकर मेघना पहले तो हँसती मुस्कुराती रही, पर जब उसके धक्कों कि स्पीड लगातार बढ़ने लगी तो मेघना कि मुस्कुराहट कराहटों में तब्दील हो गई.

" अनिकेत धीरे... आआहआअह्ह्ह मममम... उफ्फ्फ... ".

इतनी देर से बन रहा मीठा मीठा Orgasm एकबारगी फूट पड़ा !

मेघना कि चूत ने तुरंत पानी छोड़ दिया !!
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चूत के पानी से चूत कि अंदरूनी दीवारें चिकनी हो गईं और अनिकेत का लण्ड छिटककर चूत से बाहर निकल आया. पर क्यूंकि उसने धक्के मारना जारी रखा था, तो लण्ड सटाक से थोड़ा सा नीचे फिसल कर मेघना कि गांड़ के छेद में जा घुसा. चूत का पानी नीचे बहकर पहले से ही गांड़ का छेद गीला कर चुका था, सो लण्ड एक बार में ही सरसराकर गांड़ के नन्हे छिद्र को फाड़ता हुआ पूरा का पूरा अंदर चला गया.

" ओह्ह्ह्हह मम्मी !!! ".

अनिकेत कि कमर को अपने नाख़ूनों से खरोचते हुये मेघना चीख उठी !

शादीशुदा मेघना अपनी गांड़ से कुंवारी थी !!

अभिषेक को समझते देर ना लगी कि कमीने अनिकेत ने उसकी बीवी कि गांड़ में अपना लौड़ा घुसेड़ दिया है. अभिषेक ने कई बार मेघना को गांड़ मरवाने के लिए मनाना चाहा था, पर मेघना कभी नहीं मानी, दर्द से डरती थी. और आज एक अनजान लड़के ने उसके चूतड़ कि सील खोलकर रख दी. अभिषेक जितना गुस्सा नहीं था, उतना अब Frustrated हो रहा था. व्हिस्की कि बोतल मुँह से लगाए वो अपनी पत्नि और उसके खुशनसीब प्रेमी को कोसता रहा !!!

" अनिकेत Noooooo !!! ".

मेघना दर्द से बिलबिला उठी.

मेघना भाभी कि गांड़ उसकी चूत के बनिस्बत कहीं ज़्यादा कसी हुई थी और अंदर कि त्वचा बहुत ही अधिक नरम थी. एक बार जब अनिकेत का लण्ड मेघना कि गांड़ में धंसा तो उसे फिर बाहर निकालने का उसका मन ही नहीं हो रहा था.

" आअह्ह्ह... भाभी... आपकी गांड़ कितनी टाइट है... मममममममम !!! ". आनंदविभोर हुआ अनिकेत बड़बड़ाया.

" टाइट के बच्चे... निकालो... बहुत दुख रहा है... हाय मम्मी !!! ". अपने बदन से जोंक कि तरह चिपके अनिकेत को अपने हाथों से ठेलते मारते मेघना चिल्लाई.

मेघना के रोकते मना करते भर में अनिकेत ने जल्दी जल्दी कुछ देर तक और उसकी गांड़ पेल ली, फिर लण्ड बाहर खींचकर वापस से चूत में ठूस दिया.

मेघना ने चैन कि साँस ली !

पहले से भी ज़्यादा तेज़ गति से अनिकेत अब मेघना का बदन रौंदने लगा. पूरा सोफा ऊपर नीचे आगे पीछे हिलने लगा, पलंग हुआ रहता तो अब तक शायद टूट ही गया होता. मेघना जिस तकिये पर लेटकर चुदवा रही थी, इसी धमाचौकड़ी में उसके सिर के नीचे से वो तकिया भी खिसककर नीचे ज़मीन पर जा गिरा. मेघना का सिर सोफे पर गिरा तो उसके खुले खुशबुदार बालों में अनिकेत अपना मुँह छुपाकर उसे चोदने लगा.

" धीरे चोदो अनिकेत... मैं कहाँ भागी जा रही हूँ !!! ". मेघना ने सिसकारते हुये कहा.

अपना हाथ बढ़ाकर बेचारी मेघना नीचे ज़मीन पर गिरे तकिये को उठाने कि भरसक चेष्टा करती रही, पर अनिकेत ने उसे तकिया तक उठाने नहीं दिया, और उसी अवस्था में उसे पेलता रहा !

आलम ये था कि अब तो हर मिनट में मेघना का पानी निकलने लगा. उसकी अपनी जाँघे, अनिकेत कि टांगें, सोफा, नीचे ज़मीन, सारा कुछ चूत के पानी से भींग गया.

पूरा का पूरा कमरा चूतरस कि खुशबुदार गंध से महक उठा. यहाँ तक कि दूर छुपे खड़े अभिषेक का नाक भी इस गंध से अछूता ना रहा. अभिषेक इस कस्तूरी सुगंध को खूब पहचानता था. पूरे महीने मेघना कि चूत और उसका पानी अलग अलग किस्म का महकता था, और जब भी उसकी चूत से ये वाली खास गंध आनी शुरू होती थी, वो पेलवाने के लिए बौरा जाती थी, मगर किसी भी क़ीमत पर अभिषेक को वो उन दिनों में अपनी उर्वर चूत के अंदर झड़ने नहीं देती थी. ये मेघना के सबसे ज़्यादा Fertility वाले दिन जो हुआ करतें थें, जब वीर्य कि एक बूंद भी उसे गर्भवती बनाने के लिए काफ़ी होती थी !!!

अपने उपजाऊ दिनों में मेघना जैसा सेक्स चाहती थी, आज उसे उसका प्रेमी वैसा ही सेक्स दे रहा था, तो अनिकेत से अभिषेक को ईर्ष्या होना स्वाभाविक ही था !

मेघना को ताबड़तोड़ चोद कर अनिकेत ने खुद अपनी मुसीबत बुला ली थी. वो झड़ने कि कगार पर पहुँच चुका था. पर कोई नहीं, ठीक है, 40 मिनट से ज़्यादा देर तक चोदा था उसने आज अपनी मेघना भाभी को, इतनी देर तो वो मूठ मारते वक़्त भी नहीं टिकता !

अनिकेत के अनियमित हो रहे धक्कों और उसके शरीर में उठ रही कंपन से मेघना ने अंदाज़ा लगा लिया कि अब उसका माल गिर जायेगा.

" झड़ रहे हो क्या अनिकेत ??? ". मेघना ने अनिकेत के गाल पर हाथ फेरते हुये प्यार से पूछा.

" अभी नहीं भाभी ! पर थोड़ी देर में निकल जायेगा... ". अनिकेत ने हाँफते हुये कहा.

" Don't cum now अनिकेत... सारा मज़ा किरकिरा हो जायेगा ! ".

अभी कुछ देर पहले जो मेघना ये सारा खेल जल्द से जल्द ख़त्म करने के लिए तरह तरह के प्लान बना रही थी, वही मेघना अब ऐसे बेफिक्र हुई जा रही थी, मानो हनीमून पर आई हो ! सही तरह का शारीरिक सुख मिले तो औरत सब कुछ भुला देती है... अपने पति को भी ! कम से कम मेघना के सन्दर्भ में तो ये बात सच्ची जमती थी !!!

" Slowly slowly चोदो, दस पंद्रह मिनट और टिकोगे ! ". मेघना ने अनिकेत को सलाह दी और उसे चूमने लगी.

हालांकि मेघना को कोई खास फर्क नहीं पड़ता था, अगर अनिकेत झड़ जाये तो, क्यूंकि उसे पता था कि उसमें चोदने कि जैसी लालसा थी, झड़ने के कुछ देर बाद ही फिर से उसका लण्ड तनतना कर तैयार हो ही जायेगा. ये बात और थी कि आज उन दोनों को सेकंड राउंड चुदाई का मौका मिलेगा नहीं...

मेघना का पति ना जाने क्या करने कि प्रतीक्षा कर रहा था !!!

मेघना भाभी कि सलाह मान कर अनिकेत ने धक्के मारना एकदम से रोक दिया, एक गहरी साँस ली, और अपना लण्ड मेघना कि चूत में जड़ तक ठूसकर पूरी तरह से रुक गया. ख़ुशी से झूम उठी मेघना ने अपनी दोनों टांगें अनिकेत कि कमर से लपेटकर उसे खुद से जकड़ लिया, और एकदम धीरे धीरे अपनी गांड़ ऊपर नीचे ऊपर नीचे करने लगी. अब अनिकेत मेघना को नहीं चोद रहा था, बस मेघना के गांड़ उचकाने से उसकी चूत कि तह में घुसा उसका लौड़ा रगड़ खा रहा था. अनिकेत ने अपनी आँखें बंद कर ली और अपना मुँह मेघना कि गर्दन में छुपा लिया.

" आआह भाभी... ऐसे ही करते रहिये... अब मेरा निकलने वाला है... अअअअअहहहहहह !!! ".

झड़ने के लिए इससे रोमांटिक पोज़ और क्या हो सकता था !!!

" ठीक है... गिरा दो फिर ! ". अनिकेत के कान में मेघना फुसफुसाई, और अपनी आँखे मूंद ली.

मेघना कि नरम चूत कि त्वचा का अपने बेचैन लण्ड पर कसाव महसूस करते हुये अनिकेत ने अपना शरीर ढीला छोड़ दिया और वीर्यस्खलन के लिए रेडी हो गया !

मेघना के फाइनल चरमोत्कर्ष का प्रथम चरण शुरू हो गया था . उसकी चूत ने पानी छोड़ना शुरू ही किया था कि तभी उसके सिर को एक हाथ ने बड़ी ही नज़ाकत से सोफे पर से उठाया और उसके नीचे छोटा सा तकिया रख दिया, वही तकिया जो कुछ देर पहले सोफे से नीचे गिर गया था.

अपने सिर के नीचे मुलायम तकिये का सुखद स्पर्श पाकर आनंदित मेघना ने अपनी आँखे थोड़ी सी खोली, मानो वासना के नशे में खोई हो, और फिर सामने का नज़ारा देख उसकी आँखे अपने आप पूरी तरह से खुल गई.
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उसके सिर के ऊपर उसका पति अभिषेक हाथ में व्हिस्की कि बोतल लिए खड़ा था !!!

मेघना चरमसुख कि ऐसी अवस्था से गुज़र रही थी कि उसके लिए चाह कर भी किसी तरह का रिएक्शन करना संभव ना था. अनिकेत कि पीठ को सहला रहे अपने दांये हाथ को उसकी पीठ से हटाकर मुस्कुराते हुये उसने अपना वो हाथ अपने पति कि ओर बढ़ा दिया.

मगर अभिषेक ने उसका हाथ नहीं थामा !

" I am sorry अभि... ". अटकती हुई सहमी सहमी सी आवाज़ में किसी तरह बस इतना ही मेघना के गले से निकल पाया.

मेघना कि फुसफुसाहट सुन अनिकेत ने आँखें खोली, मेघना को देखा, उसकी नज़र ऊपर कि ओर थी, अचंभित अनिकेत ने अपना मुँह मेघना कि गर्दन से निकाल लिया, और वो जिस ओर देख रही थी, डरते डरते उसने अपनी आँखे भी उसी ओर उठा दी.

" Oh fuck !!! ".

यहाँ सोफे पर अनिकेत पड़ोस कि जिस भाभी को लिटाकर चोद रहा था, उसका पति ठीक उन दोनों के सिरहाने हाथ में शराब कि बोतल लिए खड़ा उन दोनों को ही घूर रहा था !!!

" Oh fuck " के अलावा और क्या निकलता बेचारे अनिकेत के मुँह से ऐसे हालात में ???

" It's okay... it's okay अनिकेत !!! ". एक क्षण के लिए अपने पति पर से अपनी नज़रें हटाकर मेघना अनिकेत का सिर सहलाकर अस्वासन भरे स्वर में बोली, जैसे कि उसे बहला फुसला पुचकार रही हो, और वापस से अपने पति को देखने लगी !

अभिषेक चुपचाप खड़ा रहा !

साधारण अवस्था में अनिकेत एक दो मिनट और टिकता, पर ऐसे कंडीशन में ???... नामुमकिन !

वीर्यपात कि सनसनाहट कि वजह से कुछ भी कर पाने में असमर्थ अनिकेत का पूरा शरीर अचानक से अकड़ गया, मेघना कि जाँघों में फंसे उसके पैर कांपने लगें, उसका मुँह मेघना के कंधे पर लुढक गया, और उसके लण्ड ने फलफलाकर उल्टी कर दी !

मेघना कि चूत से भी पानी का अंतिम फव्वारा ठीक उसी समय फूट पड़ा !

बीस सेकंड में ही Condom वीर्य से लबालब भरकर टाइट चूत के भीतर ही गुब्बारे कि तरह फूल गया !

मेघना ने अनिकेत को करीब तीन चार मिनट तक अपने ऊपर लिटाये रखा, और उसका सिर, उसकी पीठ, उसकी कमर सहलाती रही. उसे पता था कि झड़ते वक़्त लड़कों को ढेर सारे प्यार और आदर कि ज़रूरत पड़ती है, ताकि बेचैन लण्ड को शांति और ठंडक पहुँचे !!!

झड़ कर पस्त हुये अनिकेत का मन तो बहुत था कि मेघना भाभी के बदन से और बीस पचीस मिनट ऐसे ही लिपटा पड़ा रहे...

पर खेल खत्म हो चुका था !!!

Game over...

माल गिर जाने के बाद कामवासना थोड़ी सी ठंडी हुई तो अनिकेत हड़बड़ाकर मेघना के शरीर से अलग होते हुये उठ पड़ा. वो सोफे से उठकर खड़ा होना चाहता था, पर घबराहट में लड़खड़ाकर वहीँ सोफे पर मेघना के पैरों के पास गिर पड़ा, और बैठ गया !

अभिषेक ने एक नज़र अपनी बीवी के आशिक को देखा.

हतप्रभ बैठे अनिकेत कि आँखें बड़ी हो चली थीं और उसका मुँह खुला हुआ था. वो धीरे धीरे हाँफ रहा था, झड़ने कि वजह से या फिर अभिषेक के डर से... पता नहीं ! धीरे धीरे ढीला पड़ रहा उसका लण्ड उसकी जाँघ पर लुढक कर ज़ोर ज़ोर से फड़क रहा था, जिस पर वीर्य से भर चुका Condom अभी भी चढ़ा हुआ था !!!

अभिषेक ने अपनी नज़रें फेर ली !

मेघना कि चूत भी अब झड़कर शांत हो चुकी थी. अपने पेट से सरकाते हुये उसने अपना बांया हाथ अपनी जाँघों के बीच लेजाकर अपनी चूत को छुआ, हल्के से दबाया तो लस्सेदार चिपचिपे पानी कि आखरी बूंद चूत कि फटी हुई छेद से बाहर चू पड़ी. अपनी चूत को थोड़ा सा सहलाने के बाद मेघना ने अपनी फैली हुई टांगें आपस में सटाकर अपनी चूत को ढंक लिया.

अभिषेक ने शराब कि बोतल मुँह से लगाकर व्हिस्की कि एक और घूंट पी ली.

अपने हाथों का सहारा लेकर मेघना सोफे पर से थोड़ी सी उठी और अभिषेक कि गर्दन पकड़कर उसके होंठ चूमने चाहे, तो अभिषेक ने अपना मुँह घुमा लिया. मेघना ने उसके गाल चूम लियें.

मेघना को पता था कि अब सैलाब आने वाला है...

अभिषेक कि नज़र अनायास ही अपनी पत्नि कि गदराई जाँघों के बीच दबी छुपी उसकी चूत पर चली गई, जिसपर लाल मेहंदी से लिखे अक्षर अब थोड़े फीके पड़ चुके थें, पर अंग्रेजी के वो दो शब्द इस वक़्त उसकी पत्नि के चरित्र को सबसे अधिक परिपूर्ण ढंग से बयां कर रहें थें -

"Everyone's Slut"
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Heart 
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" उसे जाने दो... ".

अनिकेत समझ नहीं पा रहा था कि ये कब क्या हो गया और अब उसे क्या करना चाहिए. क्या करना चाहिए ये पता ना होते हुये भी उसे इतना तो मालूम था कि ये वक़्त कुछ भी बोलने का नहीं है. उसकी जगह कोई दूसरा लड़का होता तो शायद " अभि भैया Sorry " वगैरह जैसा कुछ बोलता, जिसका कि असल में कोई मतलब ही नहीं बनता था. उसे ये भी समझ नहीं आ रहा था कि मेघना इतना नार्मल बर्ताव कैसे कर पा रही है, और अभिषेक हाथ में शराब कि बोतल लिए वहाँ कैसे और कहाँ से आ पहुँचा, उसने तो घर के कपड़े पहन रखें हैं, क्या वो इतना समय घर पर ही था ???

Fuck No !

खैर जो भी हो, वक़्त अभी ये सारे सवाल समझने पूछने का नहीं था, बल्कि खुद को अनायास ही आ चुकी इस मुसीबत से बचाने का था... और अपनी मेघना भाभी को भी !!!

" उसे जाने दो... ". मेघना अपने हाथों के सहारे खिसककर अपनी ही चूत के पानी से भींगे सोफे पर उठ बैठी और अपने अस्त व्यस्त बिखरे हुये बाल ठीक करते हुये अनिकेत कि ओर इशारा करके अपने पति से उसकी आँखों में आँखे डालकर धीरे से बोली.

मेघना सीधा सीधी अनिकेत को जाने के लिए बोल रही थी, ये बात समझ में आते ही अभिषेक के जवाब का इंतज़ार किये बिना ही अनिकेत सोफे पर से उठने को हुआ ही था, कि अभिषेक ने उसे एक नज़र घूरा.

अभिषेक के आँखों का संकेत था कि अभी खेल खत्म नहीं हुआ है !!!

अनिकेत वापस से उसी हालत में नंगा सोफे पर बैठ गया.

उसकी दशा बड़ी ही अजीब थी. आजतक उसकी कभी कोई गर्लफ्रेंड नहीं बनी थी, और आज किसी और कि बीवी को उसी के घर में चोदते हुये उसके पति के हाथों बेचारा रंगे हाथ पकड़ा गया था !

" Come on अभि...प्लीज् ! ". मेघना ने अपनी एक नंगी टांग पर दूसरी नंगी टांग चढ़ाते हुये कहा.

अभिषेक ने बिना कुछ बोले अपने हाथ में थामी हुई व्हिस्की कि बोतल मेघना को दे दी. आश्चर्यचकित आँखों से अपने पति को अपनी नज़रें उठाकर देखते हुये उसकी मंशा समझने का प्रयास करती मेघना ने बोतल थामा ही था, कि अभिषेक ने अपने एक हाथ से उसके खुले बाल पकड़कर उसे ऊपर खींचा.

" आअह्ह्ह... अभि... What you doing ??? ". मेघना हल्के दर्द से चिल्लाती हुई बोली. " छोड़ो... ".

मगर अभिषेक ने उसके बाल अपनी पूरी ताकत लगाकर खींचा था, और दर्द से बचने का एक ही उपाय था मेघना के पास... उठकर खड़े हो जाना !

मेघना उठकर खड़ी हुई तो अभिषेक ने उसके बाल पकड़े हुये ही उसका चेहरा अपने मुँह कि ओर खींच लिया, मेघना को लगा कि वो उसे Kiss करेगा, लेकिन अभिषेक रुक गया, और शराब से बोझल हुई आँखे मेघना कि आँखों में डालकर उसे ताकने लगा.

" I said I am sorry अभि... ". मेघना एकदम धीरे से फुसफुसाई. " Let's talk ! ".

अपनी चुप्पी तोड़े बिना ही अभिषेक ने मेघना के बालों को अपनी मुट्ठी से आज़ाद करके वो हाथ नीचे सरकाकर उसकी पीठ पर रखा, और फिर थोड़ा सा नीचे झुककर अपने दूसरे हाथ को उसकी नंगी जाँघों के पीछे से घुसाकर उसे कसकर पकड़ते हुये ज़मीन से ऊपर उठा लिया ! गोद में यूँ अचानक उठने से मेघना कि दोनों जाँघे आपस में सटी, तो दबी हुई चूत से थोड़ा सा ताज़ा पानी चू कर नीचे ज़मीन पर गिर गया.

मेघना इसके लिए तैयार ना थी कि उसका पति उसे गोद में उठाएगा. उसके हाथ में थमी बोतल से थोड़ा सा शराब छलककर नीचे ज़मीन पर गिर पड़ा, मगर उसने बोतल हाथ से नहीं छोड़ी ! अभिषेक ने मेघना को एक नज़र देखा और फिर अनिकेत को, और मेघना को उसी तरह गोद में उठाये हुए वहाँ से ले जाने लगा.

मेघना को अपने पति के मूक संकेत समझना खूब आता था. वो अपने पति का आशय समझ चुकी थी !

अभिषेक कि गोद में झूलती मेघना ने उसके कंधे के ऊपर से झाँककर अनिकेत को देखा और धीरे से बोली.

" आओ अनिकेत... ".

अनिकेत को समझ नहीं आया कि उसने सही सुना या ये उसके मन का भ्र्म था !!!

" अनिकेत Come ! ". मेघना ने फिर से कहा.

यानि खेल अभी खत्म नहीं हुआ था !!!

अनिकेत समझ नहीं पाया कि मेघना उसे क्यूँ बुला रही है, मेघना भाभी और उसके पति के बीच तो कोई बात हुई ही नहीं, अभिषेक भैया ने तो तब से एक शब्द भी नहीं कहा है, फिर मेघना भाभी को क्या सूझी कि उसे आने को कह रही है ??? आज तो वो बुरा फंसा है ! सारा दिन तो यहीं निकल गया उसका, घर कब जायेगा वो ? घर जाने लायक इज़्ज़त बचेगी भी या नहीं...

पर इतना तो तय था कि अपनी बीवी के साथ सेक्स करते पकड़े गए उसके प्रेमी को कोई भी पति इतनी आसानी से तो छोड़ने से रहा !

अनिकेत इस वक़्त पूरी तरह से अपनी प्रेमिका भाभी के पति के रहमोंकरम पर था.

मेघना भाभी ने सच में उसे बुलाया था, ये संदेह खत्म होते ही अनिकेत सोफे पर से उठ खड़ा हुआ, उसके ढीले पड़ चुके लण्ड पर चढ़ा वीर्य से भरा Condom अभी भी झूल रहा था. अभिषेक अपनी पत्नि को गोद में उठाये उस कमरे से बाहर निकल चुका था. 
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अनिकेत ने मेघना को इतना ज़बरदस्त Orgasm दिया था कि उसकी चूत शायद अभी तक झड़ रही थी, तभी तो नीचे ज़मीन पर चूत का पानी गिरने से एक पतली लकीर जैसी बन गई थी, और उसी गीली लकीर का पीछा करते करते अनिकेत उन दोनों पति पत्नि के पीछे पीछे हो लिया !!!


मेघना भाभी का बेडरूम अनिकेत के लिए कोई नई जगह नहीं थी, यहाँ उसने मेघना के साथ कई यादगार लम्हे बिताये थें, जो कि सेक्सुअल कम और रोमांटिक ज़्यादा थें. अभिषेक जब मेघना को गोद में लिए उसी बेडरूम में आया तो उन दोनों के पीछे पीछे आ पहुँचे अनिकेत को आज पहली बार उस बेडरूम में घुसते हुये एक अजीब सी हिचकिचाहट हुई. कमरे में AC चल रहा था, फिर भी उसे लग रहा था कि उसके चारों ओर कि हवा जैसे रुक सी गई हो, और उसका दम घुट जायेगा. वो घबराहट में जल्दी जल्दी साँस लेने लगा ताकि ऑक्सीजन कि कमी से कहीं वो बेहोश होकर गिर ही ना जाये.

मेघना को आश्चर्य का पहला झटका तब लगा था जब उसके पति ने उससे बिना कुछ कहे उसे गोद में उठा लिया था, और दूसरा झटका अब, जब उसने उसे अपने गोद से सामने पलंग पर पटक दिया ! अबकी बार मेघना के हाथ से शराब कि बोतल छूट पड़ी और व्हिस्की छलककर बिस्तर पर गिरने लगा, लेकिन तब तक अभिषेक ने झट से बोतल उठा ली.

कुछ देर पहले बेशर्मी और बेहयाई कि सारी सीमायें लाँघकर अपने ही घर में अपने पति के सामने अपने प्रेमी के साथ रंगरेलीयां मनाती मेघना को अनायास ही लज्जा के हवा के हल्के झोंके ने मानो छू लिया हो, उसने बिस्तर पर गिरते ही तुरंत अपने हाथ से अपनी पराये मर्द से चुदी हुई चूत ढंक ली और अचंभित अविश्वसनीय नज़रों से अपने पति को घूरने लगी !!!

अभिषेक को तो जैसे कोई फर्क ही ना पड़ा हो. पलंग से थोड़ी दूर पर पत्थर कि मूर्ति बने ठिठके नंगे खड़े अनिकेत कि ओर उसने व्हिस्की कि बोतल बढ़ा दी.

" मैं... मैं नहीं पीता अभिषेक भैया !!! ". सिर नीचे झुकाये खड़े अनिकेत के मुँह से बस इतना ही निकला. उसमें ना तो अभिषेक से आँखे मिलाने का साहस था, और ना ही उसकी पत्नि से !

अभिषेक ने व्हिस्की कि बोतल अपने मुँह से लगाकर एक घूंट शराब गटक ली और इतने देर में पहली बार अपना मुँह खोला.

" ये तो बहुत अच्छी बात है... ". अभिषेक बोला. " और क्या क्या अच्छी आदतें हैं तुममें ??? ".

अभिषेक के व्यंग्य का लहजा समझकर अनिकेत आँखें नीचे किये चुप रहा.

" दूसरों कि बीवीयों को भोगना ??? ". अभिषेक ने मेघना कि ओर इशारा करके मुस्कुराते हुये अनिकेत से पूछा.

मेघना और अनिकेत दोनों चुप्पी साधे रहें.

अनिकेत को कुछ देर तक घूरते हुये जवाब का बेमायने इंतजार करने के बाद अभिषेक मेघना के सिरहाने पलंग पर बैठ गया और शराब कि बोतल मेघना के मुँह से लगा दी.

" अभि Stop it !!! ". मेघना मुँह घुमाते हुये ज़ोर से बोली.

मेघना शराब पीती थी, खासकर वोडका, और कभी कभी व्हिस्की और रम भी... पर ऐसे सिचुएशन में उसका कोई मूड नहीं था.

" थोड़ा सा बेबी... प्लीज् ! ".

अभिषेक ने ज़िद करते हुये शराब कि बोतल वापस से मेघना के होठों से सटा दी तो मेघना ने लेटे लेटे ही दो घूँट व्हिस्की अपने गले में उतार ली. Raw व्हिस्की कि कड़वाहट सीधे जब उसके कलेजे में उतरी तो वो खांसने लगी.

" Easy बेबी... easy ! ". अभिषेक ने मेघना का सिर सहलाते हुये कहा.

अनिकेत समझ चुका था कि अभिषेक अब ना सिर्फ उसे बल्कि अपनी पत्नि को भी शर्मिंदा करना चाहता था, शायद यही उसका बदला था, कम से कम अभी तक के लिए तो इतना ही... आगे उन दोनों को उनके अनैतिक सम्बन्ध कि सजा देने के लिए वो क्या प्लान बना रहा था, ये तो वही जाने. मुसीबत ये थी कि जिस प्रकार के अवैध अंतरंग पलों में अभिषेक ने उन दोनों को पकड़ा था, वो खुद में ही एक अत्यंत शर्मनाक बात तो थी ही, ऊपर से अभिषेक ने पी रखी थी... यानि उसके साथ इस विषय में शांति से तर्कसंगत बात करना तो इस वक़्त बेखयाली वाली ही चीज़ थी.

पहले से ही नशे में बेसुध हुये जा रहे अभिषेक ने शराब कि एक और घूँट गटक ली और फिर बोतल पलंग के बगल में पड़े एक टेबल पर रख दी. मेघना ने जिस हाथ से अपनी चूत छुपा रखी थी, अभिषेक ने वो हाथ अपने हाथ में पकड़कर उसके चूत पर से हटा दी, और उसकी हथेली को चूम लिया.

" यहाँ आओ भाई... ". अभिषेक ने अनिकेत को बुलाया.

अनिकेत बिना कुछ बोले पलंग के पास आ खड़ा हुआ.

" बैठो... ". मेघना के पैरों कि ओर इशारा करते हुये अभिषेक का दूसरा आदेश आया.

अनिकेत ने एक नज़र मेघना भाभी को देखा, जो कि दूसरी ओर नज़रें फेरे पलंग पर लेटी पड़ी थी, और चुपचाप उसकी टांगों के पास बैठ गया, और अपने हाथ से अपना Condom में लिपटा लण्ड ढंक लिया.

अनिकेत के बैठते ही अभिषेक ने अपने हाथ में पकड़ा मेघना का हाथ छोड़ दिया, और अपने उसी हाथ से मेघना कि जाँघों को थोड़ा सा फ़ैलाते हुये अनिकेत कि आखों में आँखें डालकर पूछा.

" क्या लिखा है यहाँ ??? ".

अनिकेत ने मेघना भाभी कि चूत कि ओर देखा तक नहीं, बस सिर झुकाये बैठा रहा.

" Come on यार... नोटिस तो किया होगा ? ". अनिकेत के चेहरे पर से अपनी नज़रें हटाए बगैर अभिषेक मुस्कुराते हुये बोला. " नहीं किया तो अभी देख लो... बोलो... क्या लिखा है ? ".

" What the fuck यार अभि !!! ". मेघना धीरे से बुदबुदाई !

" अनिकेत बोलो... ". मेघना कि ओर ध्यान दिए बिना ही अभिषेक ने थोड़ी सी तेज़ आवाज़ में अनिकेत से कहा.

चोर नज़रों से झटपट मेघना कि चूत को एक नज़र देखकर अनिकेत ने फिर से अपना सिर झुका लिया, और अटकती हुई आवाज़ में धीमे से बोला.

"Everyone's Slut..."
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Heart 
" Everyone's Slut !!! ". अभिषेक ने अपना सिर हिलाते हुये धीरे से दोहराया, और फिर अनिकेत कि आँखों में दोबारा देखते हुये पूछा . " यही देखकर तुम्हारा साहस हुआ होगा ना मेरी पत्नि के साथ कुकर्म करने का ??? "

अनिकेत चुप रहा.

" तुम्हें लगता है कि मेरी वाइफ एक Slut है ??? " अभिषेक ने पूछा.

" नहीं... ". अनिकेत ने थोड़ी ज़ोर से कहा, पर अपनी आँखें नीचे ही झुकाये रखा.

" तो फिर क्या चल रहा था तुम्हारे मन में मेरी बीवी के साथ सेक्स करते समय ??? ".

" बहुत हुआ अभि... ". मेघना ने वापस से अपनी चूत अपने हाथ से ढंकते हुए दृढ स्वर में कहा. " उसे जाने दो ! ".

" रिलैक्स बेबी... वेट ! ". अभिषेक ने मुस्कुराते हुये मेघना कि ओर देखा. " तुम्हारी बारी भी आएगी सवाल जवाब कि ! ".

मेघना अपने पति के प्यार, गुस्से, ज़िद, और पागलपन से अच्छी तरह वाकिफ़ थी. वो तो उसे किसी तरह संभाल लेगी, पर अनिकेत के साथ किया जा रहा उसका भद्दा व्यवहार उसे खटक रहा था.

मेघना कुछ सोचकर चुप हो गई.

" वो मेरी Slut है... ". अभिषेक अचानक से पलंग पर से उठ खड़ा होते हुये अनिकेत कि ओर अपनी उंगली तान कर ज़ोर से चिल्लाया. " तुम्हारी नहीं !!! ".

गुस्से कि वजह से आगे क्या कहना है ये सोचते हुये अभिषेक चुप हो गया, कमरे में तेज़ी से एक दो कदम इधर उधर टहला, वापस पलंग के पास आया, टेबल पर से शराब कि बोतल उठाकर एक घूँट पिया, और फिर अनिकेत को देखते हुये धीरे से बोला.

" Kiss my wife !!! ".

अनिकेत ने सिर उठाकर एक नज़र अभिषेक को देखा और फिर मेघना को.

" चलो चलो... ". अभिषेक ने फिर से कहा. " अभी भी शर्म बाकि है... Wow ? ".

मेघना समझ चुकी थी कि अब अभिषेक अपनी मर्ज़ी से सारा खेल खेलना चाहता है. वो जो बोल रहा है, जैसा बोल रहा है, वैसा ही करते रहने के सिवाय उन दोनों के पास और कोई चारा नहीं... अनिकेत के पास तो फिर भी विकल्प बचा है कि वो अब भी वहाँ से भाग जाये, पर मेघना क्या करेगी ? अभिषेक उसका पति है, उसे तो उसी के साथ रहना है !

और इधर अनिकेत सोच रहा था कि वो अपनी मेघना भाभी को मुसीबत कि ऐसी घड़ी में छोड़कर वहाँ से कैसे भाग खड़ा हो ? आखिर जो कुछ भी हो रहा था, उसमें उसकी अपनी भागीदारी भी तो थी ही ना !

" It's okay अनिकेत ! ". मेघना ने लेटे लेटे अपना हाथ अपनी चूत पर से हटाकर उसी हाथ से अपने टांगों के पास बैठे अनिकेत का हाथ पकड़ लिया. " आओ... ".

मेघना भाभी को शांत देखकर अनिकेत को थोड़ा सा साहस हुआ. अपने लण्ड को अभी भी अपने हाथों से छुपाये वो बिस्तर पर खिसकते हुये आगे बढ़ा. मेघना ने अपने दूसरे हाथ से उसकी गर्दन का पिछला हिस्सा पकड़कर उसका चेहरा अपने चेहरे के ऊपर झुका लिया. अनिकेत ने अपने होंठ एकदम हल्के से मेघना के होंठों से सटा दिए.

" देवर भाभी कि तरह नहीं... ". अभिषेक ने सलाह दी. " प्रेमी प्रेमिका कि तरह ! ".

अनिकेत कि घबराहट समझकर मेघना ने खुद ही अपना चेहरा थोड़ा सा ऊपर उठाकर उसे अच्छे से चूम लिया.

" Come on guys... ". अभिषेक फिर से बोला. " इससे अच्छा करके दिखाओ यार ! ".

अनिकेत के सिर को सहलाते हुये मेघना उसे ढंग से चूमने के लिए उकसाने लगी, तो अनिकेत भी एक पल के लिए सब कुछ भूलकर उसके होठों को अपने होंठों से दबोचकर उसका रसपान करने लगा !

" That's it !!! ". अभिषेक ख़ुशी से ऊँची आवाज़ में बोल उठा. " इसी कि बात कर रहा था मैं !!! ".

अनिकेत को पता नहीं था कि जब अभिषेक ने कहा " Kiss my wife ", तो कितनी देर के लिए, सो मेघना को चूमने के बाद वो उसके ऊपर से उठने लगा.

पर अभिषेक तो कुछ और ही प्लान कर रहा था !

" एक बार और... ". अभिषेक ने मुस्कुराते हुये टोका. " थोड़ा Passion के साथ... ये तो ज़बरदस्ती वाला हो गया ! ".

अनिकेत ने मेघना कि आँखों में देखा, वो एकदम शांत थी. अनिकेत ने फिर से अपना चेहरा नीचे झुकाकर उसे चूम लिया.

" That's it... Good ! ". अभिषेक धीरे से बोला. " Now... fuck my wife !!! ".
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Heart 
मेघना ने अपने पति कि ओर देखकर एक ठंडी आह भरी, तो अनिकेत उसके ऊपर से उठ गया.


" प्लीज् !!! ". अभिषेक ने व्यंग्य भरे स्वर में मुस्कुराकर अनिकेत को देखते हुये कहा.

अनिकेत ने मेघना कि ओर देखा, तो उसने उसे हल्के से एक इशारा किया, जिसका मतलब था कि उसका पति जो बोल रहा है, वो बस वैसे ही करते जाना है. अनिकेत को मेघना भाभी पर भरोसा था, क्यूंकि ज़ाहिर है वो अपने पति को उससे ज़्यादा जानती समझती होगी.

थोड़ी सी हिचक के बाद अनिकेत ने अपना हाथ अपने लण्ड पर से हटा लिया, मेघना ने अपनी टांगें थोड़ी सी फ़ैलाकर उसे अपने ऊपर चढ़ने का बेमन से न्योता दिया. मेघना कि जाँघों के बीच अपनी टांगें अड़ा कर खोये हुये आत्मविश्वास के साथ किसी तरह अनिकेत उसके बदन के ऊपर चढ़ तो गया, पर आगे क्या करे ये समझ में ना आने पर रुककर बेवकूफ़ कि तरह उसी हालत में अभिषेक कि ओर प्रश्नवाचक नज़रों से देखने लगा.

" Go on ! ". उन दोनों पर अपनी आँखे गड़ाये अभिषेक बोला. " चोदो मेरी बीवी को... अनिकेत !!! ".

हिंदी कि कच्ची भद्दी भाषा में अपने पति के मुँह से निकले शब्द सुनकर मेघना को अभिषेक के Frustration का अंदाज़ा लग गया, उससे अब बात करने का कोई फायदा ना था. मेघना ने एक सेकंड के लिए अपनी आँखें बंद कि और एक लंबी गहरी साँस ली, मानो खुद को ही सांत्वना दे रही हो. उसने अनिकेत कि पीठ पर अपने दोनों हाथ लपेटकर उसे अपने ऊपर धीरे से खींच लिया, तो अनिकेत नीचे होकर उसके बदन से सट गया. गरम वीर्य से भरे Condom का मुँह जब मेघना कि चूत के खुले हुये छेद से टकराया तो उसने महसूस किया कि अनिकेत का लण्ड अब पूरी तरह से ढीला पड़ गया है, एक तो वो अभी कुछ देर पहले ही झड़ा था, ऊपर से ऐसा टेंशन वाला माहौल, ये होना तो लाज़मी ही था ना.

ना चाहते हुये भी अनिकेत को उत्तेजित करने के लिए मेघना अपनी गांड़ धीरे धीरे उचकाकर उसके लण्ड को अपनी जाँघों से घिसने लगी और उसकी पीठ सहलाते हुये उसकी गर्दन चूमने लगी.

मगर अनिकेत के शरीर में कोई हरकत होने का दूर दूर तक कोई भी अंदेशा ना था, उसके निर्जीव शरीर में उत्तेजना तो क्या, कोई भी हलचल ना हुई, और फिर किसी तरह अपनी पूरी साहस जुटाकर उसने अभिषेक को देखते हुये सख़्त आवाज़ में कहा.

" मैं नहीं कर सकता अभिषेक भैया ! ".

" तुम्हारे घरवालों को पता है तुमने क्या गुल खिलाये हैं ? ". अभिषेक तपाक से बोला, मानो उसे पता हो कि अनिकेत ऐसा कुछ कहने वाला है. " या फिर मुझे ही उन्हें ये घटिया खबर देनी पड़ेगी ? ".

अनिकेत ने अभी तक तो इस बारे में सोचा भी ना था, कि मेघना भाभी के सनकी पति का घिनौना अत्याचार शायद यहीं तक ना रुके !!!

वो सकते में आ गया और सहम कर चुप हो गया.

अपने पति कि धमकी सुनकर मेघना समझ चुकी थी कि ये सारा सिचुएशन अब उसे ही संभालना है, किसी तरह से नशे और गुस्से में डूबे अभिषेक के इस खेल से वो बस एक बार उबर जाये, तो बाद में देखा जायेगा.

मेघना को पता था कि अब आगे क्या करना है...

अपने दोनों हाथों से अनिकेत के शरीर के भार को अपने ऊपर से ठेलते हुये मेघना ने करवट बदली, तो अनिकेत अब बिस्तर पर पीठ के बल नीचे हो गया, और मेघना उसके ऊपर. अभिषेक को देखते हुये मेघना अनिकेत कि गोद में उठ बैठी और अपना बांया हाथ उसकी ओर बढ़ा दिया. अपनी पत्नि का इशारा समझ अभिषेक ने आगे बढ़कर शराब कि बोतल मेघना को थमा दी.

आगे जो कुछ भी करना था, उसके लिए होशो हवाश कि ज़रूरत नहीं थी !!!

मेघना ने बोतल से व्हिस्की कि एक बड़ी सी घूँट अपने मुँह में भर ली, कुछ पल के लिए शराब को मुँह के अंदर रखकर उसके कड़वे स्वाद के साथ खुद को एडजस्ट होने दिया, साँस रोकी, और फिर पूरी व्हिस्की गले से अंदर उतार ली. बड़ी मुश्किल से अपनी खांसी रोककर व्हिस्की कि कड़वाहट को सहने के बाद मेघना ने बोतल का मुँह अपने नीचे लेटे अनिकेत के मुँह से लगा दिया.

" बस थोड़ा सा !!! ". मेघना धीमे से बोली.

अपनी प्यारी मेघना भाभी कि बात का भरोसा करते हुये अनिकेत ने बिना किसी तरह के ना नुकुर के अपने होंठ खोल दिए, तो मेघना ने बोतल तीरछी करके थोड़ी सी व्हिस्की उसके खुले मुँह में उड़ेल दी. लेटे हुये होने कि वजह से शराब सीधे अनिकेत के गले से जा टकराई और उसे व्हिस्की ज़बरदस्ती एक बार में ही निगलनी पड़ी. वो खांस उठा, तो मेघना उसका नंगा सीना सहलाने लगी.

" ह्म्म्मम्म... Interesting ! ". अभिषेक मुस्कुराया और पास पड़ी एक कुर्सी लेकर पलंग के पास उन दोनों के सामने बैठ गया.

मेघना ने शराब कि बोतल अपने पति को वापस कर दी !

अपनी गांड़ थोड़ी सी ऊपर उठाकर मेघना ने गांड़ के नीचे दबे अनिकेत के ढीले लण्ड को उलटकर उसके पेट पर लुढक जाने दिया, और उसकी गोद में बैठते हुये अपनी चूत को उसके अंडकोष पर रखकर अपनी कमर धीरे धीरे हिलाने लगी.

" उधर मत देखो ! ". अनिकेत का चेहरा अपने हाथ से अपनी ओर घुमाते हुये मेघना बोली. उसे पता था कि जब तक अनिकेत को उसके पति कि मौजूदगी का एहसास रहेगा, उसके लण्ड में तनाव नहीं आएगा.

अनिकेत को मेघना भाभी का सुझाव उचित लगा. अपनी आँखें मूंदकर उसने अपना शरीर ढीला छोड़कर मानो खुद को उसके हवाले कर दिया, और अपने अंडकोष पर मेघना कि नरम गीली चूत कि त्वचा के सुखद स्पर्श का मीठा अनुभव उठाने लगा.

" मुझे भी ये सारा कुछ जल्द से जल्द ख़त्म होने कि उतनी ही जल्दी है जितनी कि तुम्हें... ". अनिकेत के शरीर पर झुकते हुये मेघना ने उसके कान में धीरे से फुसफुसाते हुये कहा. " Just relax... बस थोड़ी देर कि ही बात है ! "

अपनी आँखें खोले बिना ही अनिकेत ने धीरे से अपना सिर हिलाकर मेघना भाभी कि बात पर अपनी स्वीकृति ज़ाहिर कि. रिलैक्स करना उसके लिए संभव तो नहीं था, पर और कोई चारा भी तो ना था, जितना बुरा वो फंसा था, अब उससे बुरा और क्या हो सकता था. इसलिए पूरा खेल जितनी स्वाभाविकता से निपट जाये, उतना ही अच्छा है.
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Heart 
अभिषेक को पता था कि उसकी इच्छा के आगे उसकी पत्नि और प्रेमी को हार तो माननी ही पड़ेगी, पर उसके लिए ये थोड़ा जल्दी हो गया... वो उन दोनों को और भी सताना चाहता था. दोनों को धीरे धीरे एक दूसरे में खोते हुये देख उसे लगा कि उसका खेल उल्टा पड़ रहा है, पर उसे इसमें कोई परेशानी नहीं थी, क्यूंकि आखिरकार खेल का नियंत्रण तो उसी के हाथों में था.


वो कुर्सी पर पीठ टिकाकर अब आराम से बैठ गया !

Condom का मुँह टाइट होकर जब अंदर भरे हुये वीर्य से फूलता हुआ अनिकेत ने महसूस किया तो वो समझ गया कि उसके झड़े हुये लण्ड में अब फिर से जान आ रही है.

" Condom फट जायेगा भाभी !!! ". अपनी आँखें खोलकर अनिकेत ने अभिषेक कि ओर देखे बिना मेघना से धीमी आवाज़ में कहा.

अनिकेत के सीने पर अपने दोनों हाथ रखकर मेघना उठी और नीचे देखा - उसका मुरझाया लण्ड उसके Condom में कसते जा रहा था, और Condom के मुँह पर भरा वीर्य गुब्बारे कि भांति फूल गया था !

" Condom चेंज करना होगा ! ". मेघना झिझकते झिझकते अपने पति कि ओर देखकर बोली.

" अच्छा ? तो अब मैं तुम दोनों के लिए Condom भी ले आऊं ? ". अभिषेक ने हँसते हुये कहा. " ऐसे ही करो बेबी... ".

मेघना को याद था कि Condom का पूरा भरा पैकेट बाहर ड्राइंग रूम में सोफे पर पड़ा हुआ है जो कि अनिकेत लेकर आया था ( बेचारे का प्लान रहा होगा आज पूरी दोपहर चोदने का ! ). पर इस वक़्त ना तो उसे वहाँ जाकर वो पैकेट लाने का मन था, और ना ही अनिकेत को. इतने देर तक वीर्य से भरा Condom पहने रहने के कारण अनिकेत का लण्ड वीर्य से पूरी तरह सन गया था, ऐसे में बिना Condom उसका लण्ड अपनी चूत में लेने में जोखिम था. बहरहाल, मेघना ने तय किया कि एक बार इस्तेमाल किये हुये उसी Condom चढ़े लण्ड से चुदवाना उसकी Fertile चूत के लिए ज़्यादा सुरक्षित रहेगा !!!

अब तक निर्जीव पड़े अनिकेत ने अपनी आँखें खोलकर जब अपने दोनों हाथ मेघना के भरे पूरे चूतड़ों पर सरकाकर उन्हें दबाना शुरू किया तो मेघना समझ गई अब वो चोदने के लिए तैयार हो चुका है.

" यही चाहते थे ना तुम ??? ". अपनी चूत के नीचे दबे पड़े अनिकेत के खड़े लण्ड कि ओर इशारा करके मेघना अपने पति कि आँखों में आँखे डालकर हल्के से मुस्कुराते हुये बोली.

" मैं नहीं... तुम चाहती थी ! ". अभिषेक ने वापस से मुस्कुराकर अपनी पत्नि के वाक्य को सटीक किया.

ये तर्क करने का समय नहीं था !

मेघना ने एक लंबी ठंडी आह भरी, और अनिकेत के सीने पर अपना बांया हाथ टिकाकर अपने बदन का पूरा भार उसके ऊपर डालते हुये अपनी गांड़ थोड़ी सी ऊपर उठाई, फिर अपने दांये हाथ से उसके खड़े लण्ड कि जड़ को Condom सहित सावधानी से पकड़ा, ताकि ना ही Condom सरक कर खुल जाये, और ना ही फटे, और फिर अपनी चूत कि फांक को उसके लण्ड के सुपाड़े पर रखकर अपने गांड़ का पूरा वजन नीचे डालते हुये वापस से उसकी गोद में बैठ गई. पहले से ही चुद कर फट चुकी मेघना कि गीली चूत में अनिकेत का पूरा लण्ड एकबारगी भीतर जड़ तक समा गया.

" आअह्ह्ह... भाभी !!! ". ना चाहते हुये भी अनिकेत के मुँह से निकला, और उसकी आँखें खुद ब खुद बंद हो गईं, जब उसके लण्ड के तनाव को मेघना भाभी कि चूत कि अंदरूनी गहराइयों का नरम एहसास मिला.

" Lovebirds !!! ". फ़ैली आँखों से सामने चल रहे दृश्य को देखकर अनायास ही अभिषेक खुद में धीरे से बुदबुदाया, और व्हिस्की कि एक और घूँट अपने गले में उतार ली.

शराब से बोझल अपने पति कि आँखों में एक बार देखकर मेघना ने फिर अपना मुँह मोड़ लिया, और सारा ध्यान अनिकेत कि ओर केंद्रित कर लिया. अपने गाल पर नर्म होंठों का स्पर्श पाकर अनिकेत ने अपनी आँखे खोली, तो देखा कि मेघना उसे झुककर चूम रही है.

" यहाँ कोई नहीं है... ". अनिकेत के गाल से अपने होंठ सटाये हुये ही मेघना फुसफुसाई. " बस तुम और मैं ! ".

मेघना कि आँखों में आँखें डालकर अनिकेत ने देखा कि वो सचमुच में वही मतलब समझा रही थी, जो वो बोल रही थी.

ये व्हिस्की का असर था !!!

अनिकेत ने आज तक कभी शराब नहीं पी थी. कुछ देर पहले Raw व्हिस्की कि घूँट जो उसने जबरदस्ती गटक ली थी, उसने अब असर दिखाना शुरू कर दिया था. उसमें एक अजीब तरह का साहस आ चुका था, जो कि मेघना भाभी कि अस्वासन भरी बातों से अब और दृढ हो गया था. वैसे नशा तो मेघना को भी हुआ था, लेकिन अनिकेत से काफ़ी हद तक कम !

कुछ देर पहले मेघना ने जानबूझकर अपने पति से शराब कि बोतल लेकर खुद भी व्हिस्की पी ली थी, और अनिकेत को भी पिलाई थी, ताकि उन दोनों को जबरन जो कुछ भी करने के लिए कहा जा रहा है, वो करने में दोनों को कोई झिझक महसूस ना हो.

मेघना कि ये ट्रिक काम आई थी !

" हाँ भाभी... बस हम दोनों !!! ". अनिकेत ने ऐसे दोहराया, जैसे कि मानो वो किसी सम्मोहन में हो.

अनिकेत के बात समझ में आ जाने पर मेघना मुस्कुराई, और उसके शरीर के ऊपर से उठते हुये उसके दोनों हाथ पकड़कर अपनी चूचियों पर रख लिए. अनिकेत समझ गया कि मेघना भाभी क्या चाहती है. अपने दोनों हाथ अनिकेत के सीने पर टिकाकर मेघना ने एक लंबी साँस ली, तो अनिकेत उसके मम्मे धीरे धीरे दबाने लगा.

अनिकेत ने अपनी कमर हल्की सी ऊपर उठाई तो उसके Condom में भरा गरम वीर्य मेघना कि बच्चेदानी से जा टकराया. बच्चेदानी में मीठी गुदगुदी हुई, तो मेघना को चिंता सताने लगी कि कहीं Condom अंदर ही फट ना जाये. अगर ऐसा हुआ तो उसका गर्भधारण करना सुनिश्चित था !

जल्दी ही कोई उपाय निकालना ज़रूरी था !
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ज्यों कि मेघना अभी अनिकेत के ऊपर थी, तो सारा कण्ट्रोल अब उसके हाथ में था, और उसे मालूम था कि क्या करना है...

बड़ी ही सावधानी के साथ मेघना अपनी गांड़ अनिकेत कि गोद में एकदम आहिस्ते आहिस्ते ऊपर नीचे ऊपर नीचे करने लगी. अनिकेत के खड़े लौड़े पर मेघना कि कसी हुई चूत का दबाव बढ़ा तो Condom के मुँह पर जमा वीर्य धीरे धीरे पच पच कि आवाज़ के साथ बह कर लण्ड कि जड़ से लिपटे Condom से बाहर चूने लगा. कमीने ने माल भी तो ढेर सारा गिराया था ! करीब तीन चार मिनट लगें मेघना को पूरा Condom वीर्य से खाली करने में, परन्तु उसने हार ना मानी. अत्यंत धैर्य के साथ उसने इसी तरह अनिकेत के Condom से उसका सारा का सारा वीर्य गार गार कर बाहर निकाल दिया. एक बार Condom से सारा वीर्य बाहर निकल आया तो Condom पहले जैसा ही खाली हो गया. अनिकेत का वीर्य उसके अपने अंडकोष और जाँघों को गीला करता हुआ नीचे बिस्तर पर बिछे चादर पर बह निकला.

वीर्यरहित Condom में अनिकेत का लण्ड फ्री होते ही पूरी तरह से फूल कर खड़ा हो गया. अब उसे अपनी मेघना भाभी को भरसक चोदने का मन होने लगा, उसने अपनी कमर ऊपर उचकाई तो मेघना उसकी बेकरारी समझ कर हल्के से मुस्कुरा दी. मेघना उसे मनमानी करने नहीं दे सकती थी, प्रेगनेंसी का ख़तरा अभी टला नहीं था, यही Condom पहनकर अनिकेत ने कुछ देर पहले उसे ऐसा खूब चोदा था कि अब ये यूज़ किया हुआ Condom काफ़ी हद तक पतला हो गया था, और ज़्यादा दबाव पड़ने पर कभी भी फट सकता था !

" मेरी बात बहुत जल्दी मान ली तुम दोनों ने ? ". अभिषेक सामने पलंग पर रतिक्रिया में संलग्न अपनी पत्नि और अनिकेत को घूरते हुये बोला. " Strange !!! ".

इतने आहिस्ते आहिस्ते प्यार से सहवास कि ओर तो सिर्फ वही प्रेमी जोड़े बढ़ते हैं, जिनमें सचमुच का प्रेम हो, ना कि सिर्फ कामवासना और हवस ! अपनी पत्नि और उसके प्रेमी कि ये कामुक जुगलबंदी देखकर अभिषेक का रहा सहा शक भी अब यकीन में तब्दील होने लगा...

पड़ोस का ये हरामी लड़का ही नहीं, उसकी अपनी बीवी भी प्यार में पड़ चुकी थी !!!

अनिकेत तो थोड़े नशे में था, ये बात समझ में आ रही है, पर मेघना ने भी अभिषेक कि बात पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई, जैसे कि मानो वो वहाँ मौजूद ही ना हो...

मेघना और अभिषेक ने अपने बेडरूम का ये पलंग नया नया लिया था, लेकिन जब मेघना के बड़े बड़े चूतड़ों ने अनिकेत कि गोद में हिचकोले खाने शुरू किये, तो पलंग किसी पुराने फर्नीचर कि तरह चरमराने लगा. कुछ देर पहले तक मेघना ये सारा किस्सा तमाशा जल्द से जल्द खत्म करने कि फिराक में थी, पर अब जब उसकी झड़ी हुई चूत से फिर से पानी रिसने लगा, तो वो मन ही मन मनाने लगी कि ये मदहोशी का आलम अब कभी समाप्त ही ना हो.

चुदाई का ये पोज़ मेघना ने अनजाने में इसलिए चुना था, क्यूंकि उसके पति के सामने उसके ऊपर चढ़कर उसे चोदने में अनिकेत हिचक रहा था, परंतु अब मेघना को ख़ुशी थी कि उसने ये चोदासन चुना है, कारण कि इस पोजीशन में अनिकेत का लण्ड उसके पेट के अंदर कम से कम उसकी नाभी तक तो पहुँच ही रहा था, ऊपर से उसकी गोद में हर बार ऊपर नीचे उछलने से उसका बड़ा अंडकोष मेघना के गांड़ कि छेद से रगड़ खाकर उसे एक्स्ट्रा मज़ा दे रहा था !

अनिकेत कि नंगी छाती को अपने दोनों हाथों के नाख़ूनों से खरोचते हुये मेघना ने अपने युवा प्रेमी को अब चोदना शुरू कर दिया !

अपने ऊपर बैठी मेघना कि चूचियाँ दबाते दबाते अनिकेत उसकी चूचियों को अपने हाथों से अपनी ओर टानने लगा तो मेघना समझ गई कि वो उसका दूध पीना चाहता है, पर मेघना में अभी भी थोड़ी सी शर्म हया बाकि थी, वो मज़े तो लेना चाहती थी, पर अपने पति के सामने अपने युवक प्रेमी के साथ हर वो बेबाक गंदी हरकत करने से कतरा भी रही थी, जो वो एकांत में चुदवाते समय ज़्यादा आत्मविश्वास के साथ कर पाती.

उसने अनिकेत को अपना दूध नहीं दिया !

मेघना भाभी के मम्मे चूसने नहीं मिलें तो अनिकेत ने उसके मम्मे छोड़ अब अपने हाथों से उसके गदराये कूल्हे धर दबोचें, और उसकी गांड़ को अपनी गोद में ज़ोर ज़ोर से पटकने कि कोशिश करने लगा. लेकिन चोदन का पूरा नियंत्रण मेघना के पास था, वो उसे धीरे धीरे पेलना चाहती थी. मेघना के पुष्ट जाँघों ने अनिकेत कि कमर को सख़्ती के साथ जकड़ रखा था, जिसकी वजह से अपनी मनमानी करना तो दूर, वो अब बिना उसकी मर्ज़ी के हिल भी नहीं सकता था. हारकर अनिकेत ने प्रयास करना छोड़ दिया. यौनसुख के हर पल के लिए अब वो अपनी मेघना भाभी कि गांड़ के हल्के धीमे उतार चढ़ाव के अधीन था !

" भाभी... भाभी... मममममममम आअह्ह्ह भाभी !!! ".

अपनी उत्तेजना पर कण्ट्रोल खोकर अनिकेत के लण्ड से करीब एक चम्मच भर वीर्य उबल कर Condom में भर गया, तो उसके मुँह से कराह निकल पड़ी, और उसने मेघना कि कमर को भींच कर पकड़ लिया. चूत में गरम वीर्य का एहसास पाकर मेघना ने अपनी गांड़ हिलानी बंद कर दी और अनिकेत कि आँखों में देखा. उत्तेजना में खोये अनिकेत के मुँह से कुछ नहीं निकल पाया, मगर उसके लण्ड कि नसों को अपने उर्वर चूत के भीतर फूलते हुये महसूस करके मेघना समझ गई कि वो अभी पूरी तरह से झड़ा नहीं है, उल्टे उसका लण्ड पहले से भी अधिक सख्त खड़ा हो गया है.

मेघना फिर से अपनी चूत से उसके लण्ड का मसाज करने लगी.

750ml बोतल में व्हिस्की अब थोड़ी सी ही बची थी, तो अभिषेक ने बोतल वहीँ पास पड़े टेबल पर रख दिया, और कुर्सी पर थोड़ा सा आगे खिसककर बैठ गया. अपनी पत्नि और उसके प्रेमी दोनों के शरीर में उठ रहे निरंतर ज्वार भाटे को देखकर उसके लिए अंदाज़ा लगाना कठिन नहीं था, कि दोनों धीरे धीरे अब चरमसुख कि ओर बढ़ते हुये हर एक क्षण का आनंद भोग रहें थें !

अनिकेत के Condom में जो थोड़ा सा वीर्य भर गया था, उसके डर कि वजह से मेघना कि गांड़ कि थिरकन में कोई रुकावट, कोई परिवर्तन नहीं आया. वरन उसने अपनी स्पीड थोड़ी सी बढ़ा दी, क्यूंकि अब उसकी चूतड़ों कि हर एक उठक बैठक के साथ उसकी उपजाऊ चूत पानी छोड़ते हुये उसे छोटे छोटे मीठे मीठे Orgasm दे रही थी ! अतुलनीय अद्वितीय यौनसुख के मज़े ने उसे पड़ोस के एक पराये लड़के के द्वारा गर्भधारण तक का ख़तरा उठाने के लिए प्रस्तुत कर दिया था !!!

पहले एक बार इस्तेमाल कर लिया गया Condom अब लगातार घर्षण कि वजह से और भी पतला और कमज़ोर हो चुका था. अनिकेत के मोटे लण्ड का खिंचाव और मेघना कि कसी हुई चूत का दबाव Condom अब और सह नहीं पाया !

" Shittt भाभी... Condom फट गया है !!! ".
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चटक कि आवाज़ के साथ Condom फटने पर अनिकेत ने अपनी मेघना भाभी को धीमे स्वर में तुरंत आगाह किया.


" कोई बात नहीं... ". चरमआनंद के अपने ही मदमस्ती में खोई मेघना ने ऐसे कहा मानो उसे अब कोई फर्क ही ना पड़ता हो, और अनिकेत के सिर के बाल सहलाने लगी. " चोदो !!! ".

" चोदो " जैसे घटिया शब्द का उच्चारण अपनी धर्मपत्नि के मुँह से सुनकर अभिषेक के कठोर चेहरे पर अनायास ही एक हल्की सी तीरछी मुस्कान खेल गई.

वैसे Condom का मुँह बस थोड़ा सा ही फटा था, लेकिन जब मेघना कि बड़ी गांड़ अनिकेत कि गोद में दो तीन बार उतरी, तो दबाव के कारण अनिकेत के लण्ड का सुपाड़ा Condom का मुहाना फाड़कर पूरा बाहर निकल आया.

" भाभी !!! ".

नंगे लण्ड पर चूत कि नर्म अंदरूनी त्वचा का कसाव महसूस करते ही अनिकेत के मुँह से कराह निकल पड़ी, अपनी कमर उचकाकर उसने चोदनस्पीड बढ़ाने कि मांग कि. अबकी बार मेघना ने भी उसकी बात मान ली, क्यूंकि वो खुद भी अपने चरमोत्कर्ष के अंतिम चरण में थी. मेघना ने रफ़्तार थोड़ी सी बढ़ाकर जब अनिकेत को चोदना शुरू किया तो उसका लण्ड सीधा तनकर उसकी बच्चेदानी में ठोकरें मारने लगा.

बेहयाई कि हद हो चुकी थी !

पूरा पलंग आगे पीछे आगे पीछे होते हुये बुरी तरह से चरमरा रहा था !

अनिकेत तो बाहरी लड़का था, पर घरेलु औरत मेघना भी अपने पति कि मौजूदगी भूलकर पलंग पर बेशर्मी के साथ चुदाई कि इस धमाचौकड़ी में अनिकेत का पूरा पूरा साथ देने लगी.

[Image: IMG-20201027-153753.jpg]

" भाभी... भाभी... आअह्ह्ह भाभी !!! ". कुंवारा अनिकेत कराहा.

" ससससस... मममम आअह्ह्ह... हाय मम्मी... उफ्फ्फ !!! ". निर्लज्ज मेघना सिसकार उठी.

मेघना कि लंबी टांगों के बीच दबा फंसा अनिकेत छटपटाने लगा. अनिकेत कि छाती में अपने दोनों हाथों के नाख़ून बुरी तरह से गड़ाकर मेघना भी अपना बदन ऐठने लगी. चरमसुख के करीब पहुँच चुकी मेघना कि चूत सिकुड़कर एक अजीब तरह से अनिकेत के लण्ड का चूषण करने लगी तो अनिकेत का शरीर अचानक से अकड़ गया, और उसके पूरे जिस्म में एक सनसनाहट सी दौड़ गई. वीर्य से लबालब भरकर फूल चुका उसका अंडकोष एक बार में ही पूरा पिचक गया, और उसके लण्ड का सुपाड़ा फ़ैलकर बड़ा हो गया.

मेघना पहले ही बहुत रिस्क उठा चुकी थी... अब और नहीं !

फूलते लौड़े कि फड़कन महसूस करते ही मेघना समझ गई कि अनिकेत झड़ने वाला है. उसे जैसे हटात ही होश आ गया हो. अपनी गांड़ अनिकेत कि गोद से उठाकर मेघना उसके शरीर के ऊपर से तुरंत उतर पड़ी, और करवट बदलकर उसी के बगल में बिस्तर पर अपनी पीठ के बल जा गिरी.

मेघना भाभी ने अनिकेत का साथ चरमआनंद के एक ऐसे मोड़ पर छोड़ा था कि उसके लिए कुछ भी कर पाना संभव ना था. चूत से बाहर निकलते ही उसका ठनका हुआ लण्ड बुरी तरह से फड़कते कांपते हुये उसके अपने ही पेट पर गाढ़े वीर्य का छिड़काव करने लगा.

जैसा कि मेघना को पता था कि झड़ते वक़्त लड़कों को ढेर सारे प्यार और आदर कि ज़रूरत पड़ती है, ताकि बेचैन लण्ड को शांति और ठंडक पहुँचे...

पर अभी इस वक़्त नहीं !!

वो मजबूर थी... उसका पति देख रहा था !!!

अधखुले नैनों से मेघना अपने प्रेमी के बगल में लेटी उसके लण्ड को पिचकारी कि मोटी मोटी धार पर धार मारते हुए देखती रही. उसकी अपनी टांगें भी बुरी तरह से कांप रही थी, क्यूंकि उसकी चूत से पानी बह रहा था !

" Shame !!! ". अपनी पत्नि और उसके प्रेमी को एकटक देख रहे अभिषेक के मुँह से निकला. लेकिन उसने उन दोनों को टोका नहीं, उन्हें उनके चरमसुख से उबरने का पूरा समय दिया.

पूरे दस मिनट तक मेघना और अनिकेत बिस्तर पर निढाल बेसुध पड़े पड़े झड़ते रहें. मेघना जहाँ लेटी पड़ी थी, वहाँ उसकी गांड़ के नीचे चूत के पानी का मानो एक छोटा सा तालाब बन गया था, जिससे पूरी चादर भींग गई थी. अतिउत्तेजना के कारण अनिकेत का लण्ड लाल पड़ गया था, फटा हुआ Condom चीथड़े होकर उसके लण्ड कि जड़ और अंडकोष से जा चिपका था.

अभिषेक ने टेबल पर से शराब कि बोतल उठाई, उसमें पड़ी थोड़ी सी व्हिस्की को निहारा, और फिर सारी बची खुची व्हिस्की पी गया, फिर बोतल वापस से टेबल पर रख दिया.

माल गिरते ही लण्ड शांत हुआ तो अनिकेत को होश और लज्जा दोनों एक साथ आई. व्हिस्की के नशे से बोझल अपनी आँखें खोलकर उसने झट से अपना झड़ा हुआ लण्ड अपने दोनों हाथों से ढंक लिया. मेघना कि चूत को भी ठंडक पहुँच चुकी थी, कामवासना मिटते ही शर्म से उसने अपनी फ़ैली हुई नंगी टांगें आपस में सटाकर अपनी झड़ी हुई चूत को अपनी मांसल जाँघों के बीच दबा लिया.

" निकल जाओ यहाँ से अनिकेत... ". अभिषेक ने अनिकेत से सख्त आवाज़ में कहा, फिर वीर्य से सने उसके पेट कि ओर देखकर धीरे से खुद में बोला. " Disgusting !!! ".

अनिकेत ने चोर नज़रों से एक बार अभिषेक को देखा, और फिर मेघना भाभी कि ओर ताके बिना ही झटपट अपना लण्ड अपने दोनों हाथों से छुपाये हुये पलंग पर से उठ बैठा. बिस्तर से नीचे ज़मीन पर उतरते वक़्त उसने देखा कि थोड़ा बहुत वीर्य उसके पेट से होकर चादर पर भी चू पड़ा था !

" बाथरूम कहाँ है तुम्हें तो पता ही होगा ? ". पलंग से उतर रहे नंगे अनिकेत कि ओर देखे बिना ही अभिषेक बोला. " तुम्हारी भाभी ने बताया होगा ! ".

Ofcourse अनिकेत को पता था कि बाथरूम कहाँ है !

बिना कोई जवाब दिये वो चुपचाप कमरे से बाहर चला गया.
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" Slut !!! ". अनिकेत के रूम से बाहर जाते ही अभिषेक पलंग पर लेटी पड़ी मेघना को देखते हुये घृणास्वरुप बोल उठा.


मेघना ने सुना, पर कुछ बोली नहीं. करीब दो तीन और मिनट तक वो उसी तरह पलंग पर अस्त व्यस्त खुले बालों के साथ लेटी पड़ी रही.

पूरा बेडरूम व्हिस्की, चूत के नमकीन पानी, और खारे वीर्य की मिलीजुली एक अजीब सी तेज़ गंध से भर गया था !

ऊपर नीची होती साँसों पर थोड़ा सा नियंत्रण आया, तो अपने दोनों हाथों का सहारा लेते हुये मेघना बिस्तर पर से उठ बैठी, और पलंग से नीचे उतरकर कुर्सी पर बैठे अपने पति के सामने उसी हालत में आकर नंगी ख़डी हो गई.

अभिषेक ने एक बार अपनी पत्नि कि जाँघों के बीच दबी छुपी उसकी V आकर कि अभी अभी चुदी चुदाई झड़ी हुई चूत को निहारा, फिर अपनी गर्दन ऊपर उठाकर उसकी आँखों में झाँका.

मेघना कि आँखें नम थी, वो रो रही थी !!!

अपनी आँखों से छलक रहे आंसुओं को मेघना ने अपने गोरे गालों पर बह जाने दिया, उसने अपने दोनों हाथ अपने पति के कंधो पर रखें और फिर अपनी दांई टांग थोड़ी सी ऊपर उठाकर उसकी गोद में जा बैठी !

" क्यूँ किया तुमने ऐसा ??? ". अभिषेक ने मेघना के चेहरे से एक बार भी अपनी नज़र हटाए बिना पूछा.

" तुम जानते हो कि मैं तुमसे प्यार करती हूँ... ". अभिषेक के गाल पर अपना हाथ फेरते हुये रोनी आवाज़ में मेघना बोली. " सिर्फ तुमसे !!! ".

अभिषेक ने कोई उत्तर नहीं दिया, कोई प्रतिक्रिया नहीं दिखाई. मेघना ने आगे बढ़कर उसे अपने गले से लगा लिया और रोने लगी !

फटा हुआ Condom बाथरूम में फेंकने के बाद अपना लण्ड धोकर खुद को साफ सुथरा कर अनिकेत ड्राइंग रूम में आकर अपने कपड़े पहनने लगा. अपना Condom का पैकेट जीन्स की जेब में ठूंसने के बाद वो अब उन दोनों के घर से जाने को तैयार था. कपड़े पहनने के बाद फिर कुछ सोचकर उसने एक बार अपनी मेघना भाभी से मिलना चाहा, क्या पता, शायद ये उन दोनों की अंतिम मुलाक़ात हो. लेकिन फिर बेडरूम के दरवाज़े पर आते ही वो ठिठककर रुक गया, अंदर कुर्सी पर बैठे अभिषेक की गोद में नंगी बैठी मेघना उसे खुद से चिपकाये गले से लगाए रो रही थी. उसका साहस नहीं हुआ कमरे में जाकर उन दोनों पति पत्नि के इस अंतरंग भावुक क्षण में खलल डालने का...

दरवाज़े की चौखट पर कदमो की आहट सुन मेघना ने अपना चेहरा उस ओर घुमाया, तो अनिकेत को वहाँ खड़ा पाया. हल्के से मुस्कुराकर मेघना ने अनिकेत को आँख मारी, और फिर वापस से अपने पति से लिपट गई !

अनिकेत वहाँ एक पल भी ना रुका.

ड्राइंग रूम में आकर उसने कुर्सी पर पड़ी मेघना की सलवार और कुर्ती को अपने हाथ से उठाकर एक बार सूंघा, उनमें उसकी मेघना भाभी की महक थी, फिर वापस से उसके कपड़े वहीँ कुर्सी पर छोड़कर वो घर से बाहर निकल गया.

जब अनिकेत घर के बाहरी दरवाज़े से बाहर जा रहा था, तब भी पीछे से बेडरूम में रोती सुबकती उसकी मेघना भाभी की आवाज़ उसे एकदम स्पष्ट सुनाई दे रही थी !!!
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Wink 
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" मैं मुसीबत में हूँ अनिकेत... Please come see me !!! ".

उस दिन की शर्मनाक घटना के बाद अनिकेत करीब एक हफ्ते तक मेघना भाभी के घर नहीं गया, इनफैक्ट, उसके घर जाना तो अलग छोड़िये, वो खुद अपने घर से भी बाहर नहीं निकला था, और कॉलेज भी नहीं गया. उसे ये डर भी था की कहीं अभिषेक उनके घर ही ना आ जाये, उसके मम्मी पापा को उसकी घिनौनी करतूत बताने... पर ऐसा नहीं हुआ.

वैसे उस दिन के बाद दूसरे दिन ही उसे अचानक से मेघना का व्हाट्सप्प मैसेज आ गया था... " कैसे हो " " Are you ok " वगैरह वगैरह ! अनिकेत ने कोई उत्तर नहीं दिया तो हर रोज़ ढेरों मैसेज आने लगें. लेकिन अनिकेत ने अपनी तरफ से कोई भी जवाब नहीं लिख भेजा. उसे दो बातें खटक रहीं थीं - पहली, की मेघना भाभी इतना सब होने के बावजूद भी उसे कैसे मैसेज कर रही है, और दूसरी ये की, क्या पता उसका पति ही ये सारे मैसेज कर रहा हो, ये देखने के लिए की उस दिन के बाद से अनिकेत सुधर गया है, या फिर वापस से मेघना भाभी के पीछे पड़ने का विचार है !

आगे भी अनिकेत मेघना भाभी को इग्नोर ही करता रहता, अगर आज उसे उसका ये मैसेज नहीं मिला होता -

" मैं मुसीबत में हूँ अनिकेत... Please come see me !!! ".

ऐसा क्या हो गया ???

मेघना भाभी ने ये मैसेज क्यूँ भेजा है ? मुसीबत में हूँ का क्या मतलब ? कहीं उसके सनकी पति ने उसके साथ कुछ ऐसा वैसा तो नहीं किया ?

अनिकेत के दिमाग़ में ऐसे कई सारे सवाल भभक रहें थें. उसकी दिक्कत ये थी की वो इस विषय में किसी की सलाह भी तो नहीं ले सकता था, अपने करीब से करीबी दोस्तों की भी नहीं ! उसने कांड ही ऐसा किया था. कुंवारी लड़की की बात होती तो चलो कोई नहीं, हर कोई समझता, पर एक शादीशुदा औरत के साथ नाजायज सम्बन्ध को वो किसी भी दृष्टिकोण से स्वाभाविक साबित नहीं कर सकता था, हर एक आदमी उसी को गलत ठहरायेगा !

ऐसे ही ग्लानि का कम बोझ था उसके सिर पर जो अब मेघना भाभी ने उसे ऐसा मैसेज भेंजकर उसकी परेशानी और बढ़ा दी ?

लेकिन वो इस मैसेज को इग्नोर भी तो नहीं कर सकता था ना. अगर मेघना भाभी सच में किसी बड़ी मुसीबत में फंस गई हो तो ???

" What happened ? " ये छोटा सा मैसेज अनिकेत ने भेजा, तो उधर से जवाब आया - " ऐसे नहीं बता सकती. कल दिन में 11 बजे घर आओ... प्लीज् अनिकेत... वेट करुँगी ".

मेघना भाभी प्रेग्नेंट हो गई है... पक्का !!!

पूरी रात अनिकेत करवट बदलता हुआ सोचता रहा. उसे यकीन हो चला था की यही बात होगी. और फिर उस दिन उसका Condom भी तो मेघना भाभी की चूत के अंदर ही फट गया था ! वीर्य बाहर गिराया तो क्या ?... अनिकेत ने इंटरनेट पर कहीं पढ़ा था - वीर्यपात की मात्र एक बूंद में भी करीब 1 से 2 मिलियन शुक्राणु होतें हैं !!!

रात को इसी उधेड़बुन में पड़े पड़े अनिकेत को कब नींद आ गई, पता ही ना चला. उसके मन में चिंता इतनी थी की थोड़ा सा आराम मिला तो वो गहरी नींद में सो गया 

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