Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:55 PM)neerathemall Wrote: जब सारे हुक हटा दिए गए, तो उसने दोनों हाथों को पीछे ले लिया और ब्लाउज को हटा दिया।
हाथ के पिछले हिस्से के कारण उनका शरीर धनुष की तरह फैला हुआ था।
जो कुछ बचा था, वह उसकी तंग काली ब्रा से उसके उभरे हुए स्तनों को निचोड़ना था
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शिल्पा वहिनींना नक्की काय हवं होतं ते आता शशांकच्या चांगलंच लक्षात आलं होतं. त्यानं दोन्ही हातांची बोटं त्यांच्या ब्रेसियरच्या पट्ट्यांमधे अडकवली आणि जोर लावून दोन्ही बाजूला पट्ट्या ओढल्या. नक्की ब्रेसियरचे हुक्स तुटले की कापड फाटलं हे कळायला मार्ग नव्हता. आणि तसंही त्या गोष्टीची सध्या ना शशांकला फिकीर होती, ना शिल्पा वहिनींना.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शशांक को अब ठीक-ठीक पता था कि शिल्पा वाहिनी क्या चाहती है। उसने अपने दोनों हाथों की अंगुलियों को अपनी ब्रा की पट्टियों में जकड़ लिया और दोनों तरफ की पट्टियों को जोर से खींच लिया। यह जानने का कोई तरीका नहीं था कि ब्रा का हुक टूटा हुआ था या कपड़ा फटा हुआ था। फिर भी उस वक्त न तो शशांक और न ही शिल्पा वाहिनी को इसकी चिंता थी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:56 PM)neerathemall Wrote: शशांक को अब ठीक-ठीक पता था कि शिल्पा वाहिनी क्या चाहती है।
उसने अपने दोनों हाथों की अंगुलियों को अपनी ब्रा की पट्टियों में जकड़ लिया और दोनों तरफ की पट्टियों को जोर से खींच लिया।
यह जानने का कोई तरीका नहीं था कि ब्रा का हुक टूटा हुआ था या कपड़ा फटा हुआ था।
फिर भी उस वक्त न तो शशांक और न ही शिल्पा वाहिनी को इसकी चिंता थी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
ब्रेसियरचा अडथळा दूर होताच शशांकला शिल्पा वहिनींच्या भरगच्च छातीचं दर्शन मिळालं. इतक्या महिन्यांची तपश्चर्या आज फळाला आली, असंच त्याला वाटत होतं. सावळ्या रंगाचे पण तुकतुकीत दिसणारे त्यांचे स्तन आकारानं मोठे असले तरी ताठ उभे होते. प्रत्येक गोळ्याच्या बरोब्बर मध्यभागी साधारण दोन रुपयांच्या नाण्याच्या आकाराची चॉकलेटी वर्तुळं होती. त्या वर्तुळांच्या मधोमध टम्म फुगलेल्या काळ्या मनुक्यांसारखी त्यांची बोंडं टरारुन उभी होती.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
जैसे ही ब्रा का बैरियर हटाया गया शशांक ने शिल्पा वाहिनी के पूरे स्तन देखे। उसे लगा कि इतने महीनों की तपस्या आज फलीभूत हुई। उनके स्तन, जो गहरे रंग के होते हैं, लेकिन चिकने दिखते हैं, आकार में बड़े लेकिन सीधे होते हैं। प्रत्येक गोली के केंद्र में लगभग दो रुपये के सिक्के के आकार का एक चॉकलेट चक्र था। उन हलकों के बीच में, उनके बंधन काली किशमिश की तरह बाहर खड़े थे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:57 PM)neerathemall Wrote: जैसे ही ब्रा का बैरियर हटाया गया शशांक ने शिल्पा वाहिनी के पूरे स्तन देखे।
उसे लगा कि इतने महीनों की तपस्या आज फलीभूत हुई।
उनके स्तन, जो गहरे रंग के होते हैं, लेकिन चिकने दिखते हैं,
आकार में बड़े लेकिन सीधे होते हैं।
प्रत्येक गोली के केंद्र में लगभग दो रुपये के सिक्के के आकार का एक चॉकलेट चक्र था।
उन हलकों के बीच में, उनके बंधन काली किशमिश की तरह बाहर खड़े थे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
आपल्या तोंडात फिरणा-या शिल्पा वहिनींच्या जिभेला शोषून घेत शशांकनं दोन्ही हातांनी त्यांचे गरगरीत गोळे कुस्करले. एकावेळी एक संपूर्ण स्तन एका हातात मावणं साहजिकच शक्य नव्हतं. त्यामुळं त्यानं दोन्ही हातांची ओंजळ करुन त्यांचा डावा स्तन पिळायला सुरुवात केली. मधेच तो बोटांच्या चिमटीत त्यांचं फुगीर निप्पलही कुस्करत होता.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शशांक ने शिल्पा वाहिनी के मुंह में चली गई जीभ को चूसा और दोनों हाथों से उनकी गेंदों को कुचल दिया। एक बार में पूरे स्तन को एक हाथ में फिट करना संभव नहीं था। तो उसने दोनों हाथों से उसके बाएं स्तन को निचोड़ना शुरू कर दिया। अचानक वह अपनी उँगलियों की चुटकी से उसके सूजे हुए निप्पल को निचोड़ रहा था
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:58 PM)neerathemall Wrote: शशांक ने शिल्पा वाहिनी के मुंह में चली गई जीभ को चूसा और दोनों हाथों से उनकी गेंदों को कुचल दिया।
एक बार में पूरे स्तन को एक हाथ में फिट करना संभव नहीं था।
तो उसने दोनों हाथों से उसके बाएं स्तन को निचोड़ना शुरू कर दिया।
अचानक वह अपनी उँगलियों की चुटकी से उसके सूजे हुए निप्पल को निचोड़ रहा था
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
"स्स... हाय्..." असा आवाज काढत शिल्पा वहिनी मागं सरकल्या. त्यांच्या ओठांवरची जांभळट लिपस्टीक आता अगदी पुसट झाली होती. ओठांभोवतीचा बराचसा भाग दोघांच्या एकत्रित लाळेनं ओलाचिंब झाला होता. आपली लांब जीभ बाहेर काढत त्यांनी त्या लाळेचा स्वाद घेतला आणि म्हणाल्या,
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शिल्पा वाहिनी "Ss ... Hi ..." चिल्लाते हुए वापस चली गईं। उसके होठों पर लगी बैंगनी लिपस्टिक अब पूरी तरह से छिल गई थी। होठों के आस-पास का अधिकांश भाग दोनों की संयुक्त लार से भीगा हुआ था। उसने अपनी लंबी जीभ निकालकर लार का स्वाद चखा और कहा,
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:59 PM)neerathemall Wrote: शिल्पा वाहिनी "Ss ... Hi ..." चिल्लाते हुए वापस चली गईं।
उसके होठों पर लगी बैंगनी लिपस्टिक अब पूरी तरह से छिल गई थी।
होठों के आस-पास का अधिकांश भाग दोनों की संयुक्त लार से भीगा हुआ था।
उसने अपनी लंबी जीभ निकालकर लार का स्वाद चखा और कहा,
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
"ही माझी स्टाईल आहे मिस्टर... मुळूमुळू रोमान्ससाठी माझ्याकडं अजिबात वेळ नाही. तुम्हाला झेपेल ना, शशांक?"
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
"ही माझी स्टाईल आहे मिस्टर... मुळूमुळू रोमान्ससाठी माझ्याकडं अजिबात वेळ नाही. तुम्हाला झेपेल ना, शशांक?"
//
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 05:00 PM)neerathemall Wrote: "ही माझी स्टाईल आहे मिस्टर... मुळूमुळू रोमान्ससाठी माझ्याकडं अजिबात वेळ नाही. तुम्हाला झेपेल ना, शशांक?"
यह मेरा स्टाइल है, मिस्टर ... मेरे पास रोमांस के लिए बिल्कुल भी समय नहीं है। क्या आप कूदेंगे, शशांक?"
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 05:00 PM)neerathemall Wrote: यह मेरा स्टाइल है, मिस्टर ... मेरे पास रोमांस के लिए बिल्कुल भी समय नहीं है।
क्या आप कूदेंगे, शशांक?"
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
मुळूमुळू --मौलिक
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
"मला झेपेल की नाही ते कळेलच, वहिनी..." त्यांचा स्तन पिळत आणि निप्पल कुरवाळत शशांक म्हणाला, "पण मला खरंच आवडली ही स्टाईल... आणि तुम्ही मगाशी दिलेली शिवीसुद्धा..."
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शशांक ने अपने स्तनों को निचोड़ते हुए और उसके निपल्स को सहलाते हुए कहा, "लेकिन मुझे यह शैली बहुत पसंद है ... और आपने मुझे जो शपथ दिलाई है ..."
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
|