Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:32 PM)neerathemall Wrote: शिल्पा वाहिनी के लिए यह अप्रत्याशित था।
इससे पहले दोनों ने सिर्फ एक दूसरे का हाथ छुआ था।
आज जब शशांक के स्पर्श को इतने करीब से महसूस किया तो वह भ्रमित हो गई।
कुर्सी से आधा ऊपर, वह अभी भी उसकी बाँहों में टिकी हुई थी।
शशांक ने देखा कि उसका शरीर उसकी बाहों में कांप रहा था और थोड़ी ही देर में वह अपने कंधों पर गीले स्पर्श के कारण रो रहा था।
वह उन्हें एक हाथ से कस कर पकड़ रहा था और दूसरे हाथ से सिर पर हल्के से थपथपा रहा था
।
उनके इतने करीब आए शशांक को पहली बार शिल्पा वाहिनी के शरीर से आ रहे पसीने की गंध आ रही थी.
उस सेक्सी महक और उसके शरीर के गर्म स्पर्श ने उसकी पैंट को फिर से फड़फड़ाने पर मजबूर कर दिया।
बड़ी मुश्किल से वह अपनी भावनाओं पर काबू रखता रहा।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
थोड्याच वेळात शिल्पा वहिनींची त्याच्या पाठीवरची पकड ढिली झाल्याचं त्याच्या लक्षात आलं. त्यानंही त्यांच्या पाठीवरचा आणि डोक्यावरचा हात बाजूला करत त्यांना सोडून दिलं. पुन्हा शशांकला आवडणारी पापण्यांची उघडझाप करत त्यांनी डोळ्यांतलं पाणी परत पाठवायचा प्रयत्न केला. शशांकच्या मिठीतून बाहेर पडत त्या त्याला 'सॉरी' म्हणाल्या आणि काऊंटरवरुन टिश्यू पेपर घेत डोळे पुसू लागल्या.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
थोड़ी देर बाद उन्होंने देखा कि शिल्पा वाहिनी की पीठ पर उनकी पकड़ ढीली हो गई थी। उसने अपना हाथ उसकी पीठ और सिर पर रखा और उन्हें जाने दिया। उसने फिर से अपनी पलकें झपकाकर आँसू वापस भेजने की कोशिश की। शशांक के आलिंगन से निकलकर उसने उसे 'सॉरी' कहा और काउंटर से टिश्यू पेपर लेकर उसकी आंखें पोंछने लगीं।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:34 PM)neerathemall Wrote: थोड़ी देर बाद उन्होंने देखा कि शिल्पा वाहिनी की पीठ पर उनकी पकड़ ढीली हो गई थी।
उसने अपना हाथ उसकी पीठ और सिर पर रखा और उन्हें जाने दिया।
उसने फिर से अपनी पलकें झपकाकर आँसू वापस भेजने की कोशिश की।
शशांक के आलिंगन से निकलकर उसने उसे 'सॉरी' कहा और काउंटर से टिश्यू पेपर लेकर उसकी आंखें पोंछने लगीं।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
अशावेळी नक्की काय म्हणायचं, याचा शशांकला काहीच अनुभव नव्हता. तरीसुद्धा काहीतरी बोलायचं म्हणून त्यानं तोंड उघडलं, पण त्याचवेळी शिल्पा वहिनींनी आपला हात पुढं करत त्याच्या ओठांवर आपलं बोट ठेवलं. त्याच्या डोळ्यांत डोळे घालून त्या काहीतरी गंभीर विचार करत होत्या. शशांकच्या ओठावर आलेले शब्द हवेत विरुन गेले. आपल्या ओठांवर शिल्पा वहिनींच्या नाजूक बोटाचा स्पर्श जाणवला तसा तो श्वास घ्यायचंसुद्धा विसरुन गेला.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शशांक को समझ नहीं आ रहा था कि ऐसे में क्या कहें। हालांकि उन्होंने कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोला, लेकिन साथ ही शिल्पा वाहिनी ने अपना हाथ बढ़ाया और उनके होठों पर उंगली रख दी। वह उसकी आँखों में घूर रही थी और कुछ गंभीर सोच रही थी। शशांक के होठों के शब्द हवा में उड़ गए। अपने होठों पर शिल्पा वाहिनी की नाजुक उंगली का स्पर्श महसूस करते ही वह सांस लेना भूल गए।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:35 PM)neerathemall Wrote: शशांक को समझ नहीं आ रहा था कि ऐसे में क्या कहें।
हालांकि उन्होंने कुछ कहने के लिए अपना मुंह खोला,
लेकिन साथ ही शिल्पा वाहिनी ने अपना हाथ बढ़ाया
और उनके होठों पर उंगली रख दी।
वह उसकी आँखों में घूर रही थी और कुछ गंभीर सोच रही थी।
शशांक के होठों के शब्द हवा में उड़ गए।
अपने होठों पर शिल्पा वाहिनी की नाजुक उंगली का स्पर्श महसूस करते ही वह सांस लेना भूल गए।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शेवटी काहीतरी ठरवल्यासारखी मान हलवून शिल्पा वहिनी बाजूला झाल्या. अंगातला किचन अप्रॉन त्यांनी काढून खुर्चीवर टाकला. काउंटरला वळसा घालून त्या स्नॅक्स सेंटरच्या दरवाजाकडं गेल्या. दरवाजामागं अडकवलेला रॉड घेऊन त्या बाहेर गेल्या आणि त्यांनी बाहेरचं शटर खाली ओढलं. पुन्हा आत येत त्यांनी दरवाजा लॉक केला, रॉड जागेवर लटकवला, आणि बाहेरची लाईट बंद केली.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
अंत में, शिल्पा वाहिनी एक तरफ हट गईं जैसे कि उन्होंने कुछ तय कर लिया हो। उसने अपना किचन एप्रन उतार दिया और उसे एक कुर्सी पर रख दिया। वह काउंटर की ओर मुड़ी और स्नैक सेंटर के दरवाजे पर चली गई। वह दरवाजे के पीछे चिपकी हुई छड़ के साथ बाहर निकली और बाहर के शटर को नीचे खींच लिया। वापस आकर, उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया, रॉड को जगह पर लटका दिया और बाहर की लाइट बंद कर दी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:36 PM)neerathemall Wrote: अंत में, शिल्पा वाहिनी एक तरफ हट गईं जैसे कि उन्होंने कुछ तय कर लिया हो।
उसने अपना किचन एप्रन उतार दिया और उसे एक कुर्सी पर रख दिया।
वह काउंटर की ओर मुड़ी और स्नैक सेंटर के दरवाजे पर चली गई।
वह दरवाजे के पीछे चिपकी हुई छड़ के साथ बाहर निकली और बाहर के शटर को नीचे खींच लिया। वापस आकर,
उन्होंने दरवाजा बंद कर दिया, रॉड को जगह पर लटका दिया और बाहर की लाइट बंद कर दी।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शशांकनं भिंतीवरच्या घड्याळाकडं बघितलं. रात्रीचे अकरा वाजून पाच मिनिटं झाली होती. काउंटरवरुन त्याला शिल्पा वहिनींची पूर्ण आकृती दिसत होती. स्लीव्हलेस ब्लाऊज आणि चोपून नेसलेल्या साडीमधे त्या खूपच आकर्षक दिसत होत्या. चालताना त्यांच्या छातीवरच्या गोळ्यांची मोहक हालचाल होत होती. आपली नजर त्यांच्या चेह-यावरुन खाली घसरु नये यासाठी शशांकला खूपच प्रयत्न करावे लागत होते.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
शशांक ने दीवार पर लगी घड़ी की ओर देखा। रात के ग्यारह बजकर पांच मिनट हो रहे थे. वह काउंटर से शिल्पा वाहिनी का पूरा फिगर देख सकते थे। स्लीवलेस ब्लाउज और साड़ी में वह बेहद आकर्षक लग रही थीं। चलते-चलते उसके सीने में गोलियों की मोहक हरकत थी। शशांक को अपने चेहरे से अपनी आँखें गिरने से बचाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:37 PM)neerathemall Wrote: शशांक ने दीवार पर लगी घड़ी की ओर देखा।
रात के ग्यारह बजकर पांच मिनट हो रहे थे.
वह काउंटर से शिल्पा वाहिनी का पूरा फिगर देख सकते थे।
स्लीवलेस ब्लाउज और साड़ी में वह बेहद आकर्षक लग रही थीं।
चलते-चलते उसके सीने में गोलियों की मोहक हरकत थी।
शशांक को अपने चेहरे से अपनी आँखें गिरने से बचाने के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ी
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
पुन्हा काउंटरजवळ येत शिल्पा वहिनींनी आपला हात शशांकसमोर धरला. त्यानं त्यांच्या हातात हात देताच त्या त्याला घेऊन किचनच्या दिशेनं चालू लागल्या.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
दोबारा काउंटर के पास आकर शिल्पा वाहिनी ने शशांक के सामने हाथ थाम लिया। जैसे ही उसने उनके हाथ में हाथ डाला, वे उसे ले गए और रसोई की ओर चलने लगे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:38 PM)neerathemall Wrote: दोबारा काउंटर के पास आकर शिल्पा वाहिनी ने शशांक के सामने हाथ थाम लिया।
जैसे ही उसने उनके हाथ में हाथ डाला, वे उसे ले गए और रसोई की ओर चलने लगे।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
दिवसभर याच किचनमधे शंभरेक पदार्थ बनवले गेले होते. पण आत्ता किचन अगदी चकाचक साफ दिसत होतं. शशांक त्याबद्दल काहीतरी बोलणार होता, पण शिल्पा वहिनींनी पुन्हा खुणेनंच त्याला गप्प रहायला सांगितलं.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
इस किचन में दिन भर में सैकड़ों व्यंजन बनाए जाते थे। लेकिन अब किचन बहुत साफ-सुथरा लग रहा था। इस बारे में शशांक कुछ कहने ही वाले थे, लेकिन शिल्पा वाहिनी ने उन्हें फिर चुप रहने को कहा।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
(20-07-2021, 04:39 PM)neerathemall Wrote: इस किचन में दिन भर में सैकड़ों व्यंजन बनाए जाते थे।
लेकिन अब किचन बहुत साफ-सुथरा लग रहा था।
इस बारे में शशांक कुछ कहने ही वाले थे,
लेकिन शिल्पा वाहिनी ने उन्हें फिर चुप रहने को कहा।
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
•
Posts: 84,697
Threads: 947
Likes Received: 11,517 in 9,530 posts
Likes Given: 22
Joined: Dec 2018
Reputation:
119
किचनच्या मधोमध एक स्टीलचं टेबल ठेवलेलं होतं. तेही अर्थातच पुसून स्वच्छ केलेलं दिसत होतं. त्या टेबलला टेकून शिल्पा वहिनी ताठ उभ्या राहिल्या. शशांकचा हात धरुन त्यांनी त्याला समोर आणलं. दोघांची उंची जवळपास समान होती. त्याच्या डोळ्यांत डोळे घालत शिल्पा वहिनी दोन पावलं पुढं सरकल्या. आता शशांकला स्वतःच्या गळ्यावर त्यांचा श्वास जाणवत होता. त्याच्या दोन्ही खांद्यांवरुन हात खाली सरकवत त्या हळू आवाजात बोलू लागल्या.
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
|