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Adultery संस्कारी रंडी
#1
ये अभी कुछ समय पहले की बात है मेरे रूम के बगल वाले रूम के लड़के का बर्थ-ड था तो उसने रूम पर ही अपने कुछ दोस्तो को छोटी सी पार्टी दिया मै उसके रूम के बगल मे रहता था इसलिए मुझे भी पार्टी मे बुलाया था अब बैचलर की पार्टी थी तो दारू मुर्गा मटन छोड़कर क्या होगा सबने खूब खाया पीया और मजा किया पार्टी के बाद सभी लड़के चले गये कुछ को छोड़कर मै भी अपने कमरे मे आ गया पर जब मै वहाँ से आ रहा था तब मैने सुना एक लड़का जिसका नाम साहिल था वह बोल रहा था भाई अब तो सब चले गये माल कब तक आएगी मुझसे बर्दाश नही हो रहा है जब से मैने साली की फोटी देखी है मेरा लण्ड बैठ ही नही रहा है सच मे पूरी देशी गाँव की माल है उसे चोदने मे मजा आएगा अब देर मत करो और बुला लो तब दुसरे लड़के अमन बोला साले पहले उस रंडी को अपना भाई चोदेगा तब ही सबको मौका मिलेगा तभी रियाज बोला अरे भाई चिंता मत कर सब को मौका मिलेगा पूरी रात के लिए बुक किया है रंडी को सब मजे करना फिर उसने किसी को फोन करके बोला अरे भाई माल कब तक आने वाली है ठीक है जल्दी भेजो साली को मेरे दोस्त लोग तड़प रहे है उसको चोदने के लिए और हाँ जो फोटो मे थी वही आ रही है ना गाँव वाली देशी माल क्योकि भाई हमे वही पंसद है पैसा ज्यादा दिए है तो माल सही होना चाहिए फिर फोन रख दिया 

उसने अपने दोस्तो को बताया बस कुछ देर मे आ रही है सब बहुत एक्साइटेड थे वैसे उत्सुक तो मै भी था इनका यह पहली बार नही था इससे पहले भी वो कई बार रंडी बुलाकर चोद चुके है तो मुझे अश्चर्य नही हुआ बल्कि मै खुद छुपकर उनको रंडीयो को चोदते देखकर मूठ मारता हूँ मै अपने रूम पर आया और सोचने लगा सालो की भी क्या लाइफ है मस्त जीवन जी रहे है जो मन होता है खाते है पीते है मौज मस्ती करते है और एक मै हूँ सीधा साधा पढ़ने वाला लड़का जिसका एक भी सपना आज तक पूरा नही हुआ ना अच्छा खाना कपड़ा और ना ही कोई गर्लफ्रेंड जिससे बात भी हो जाता तो मन शांत रहता पर नही मेरी कोई लड़की से दोस्ती भी नही है और उन सालो को देखो एक नंबर के हरामी और बदमाश है उनकी एक से एक पटाखा कंटाप गर्लफ्रेंड है साथ ही वो रंडी बुलाकर भी चोद लेते है और मै छुपकर देखता हूँ और मूठ मारता हूँ असल मै मेरी छवि एक सीधे सादे पढ़ने वाले लड़के की है जो दिन रात पढ़ाई मे लगा रहता है पर असलियत कुछ और ही है मै पढ़ने बैठता हूँ तो सिर्फ सेक्स की बाते ही दिमाग मे आते रहती है बुर गाड चूची सुदर लड़की औरत का चेहरा मेरे दिमाग मे इस तरह से छ्प जाता है की फिर कुछ भी पढ़ो दिमाग उसको लेता है नही है जो पढ़ो सब बाहर ही रह जाता है फिर भी मै अपने परिवार माँ पापा के लिए पढ़ता हूँ उनको मुझसे बहुत उम्मीद है मेरे पिता एक किसान है खेती करते से और घर चलाते है जो मुश्किल से चलता है उनका सपना है की मै पढ़ाई करके सरकारी नौकरी करूँ 

इसलिए मै शहर रूम लेकर पढ़ने आया हूँ पर यहाँ आने के बाद कुछ अलग ही सीन मेरे साथ होने लगा मै यही सब सोच रहा था तभी मुझे लगा रूम के बाहर कोई गाड़ी रूकी मै अपने कमरे के दरवाजे पर जाकर खड़ा हो गया बाहर एक ऑटो लगी हुई थी उसमे से एक महिला निकल घूंघट किए हुए पैर मे पायल पहने हुए थी जिस कारण से जब वह चल रही थी तो छन छन की आवाज हो रही थी उसको देखते ही मेरा लण्ड खड़ा हो गया हालांकि मैने अभी तक उसका चेहरा नही देखा था पर उसके बदन की बनावट से मुझे वो सेक्सी माल लगी पलती कमर गदराए गांड जो शरीर के सेप मे था बड़ी पर तनी हुई चूची एकदम परफेक्ट लग रही थी गाँव से आयी थी यह पता लग रहा था साड़ी पहने घूंघट लिए एकदम देशी माल लग रही थी सब उसको कमरे मे ले गए जब वह महिला ऑटो से उतरी थी तब से ही पता नही क्यो उसके हाव भाव और चलने के स्टाइल से मुझे कुछ जानी पहचानी लगी जैसे मै उस जानता हूँ वह महिला मुझे मेरी माँ निलम की याद दिला रही थी माँ भी उसके जैसी फिगर वाली थी पर मेरी माँ ऐसी नही है वह बजारू नही है मेरी माँ निलम 42 साल की एक घरेलू महिला है सीधी भोली संस्कारी महिला जो अपने बच्चो और परिवार के लिए जीती है घर का सब काम करती है माँ मेरे गाँव की सबसे सुंदर महिला है और उतनी ही संस्कारी भी है माँ चार बच्चो की माँ है फिर भी उनकी देखकर कोई नही कहेगा वो चार बच्चो की माँ है और 42 साल की है माँ आज भी काफी जवान लगती है मै अपने इस सोच पर शर्मिंदा हुआ की मै सोचते हुए क्या फालतू की बात सोचने लगता हूँ मेरी माँ मर जाएगी पर कभी इस तरह का गंदा काम नही करेगी उस माँ के लिए मै इतना गंदा सोच रहा था मे सही मे खुद पर बहुत शर्म आ रही थी 

मै अपने उस सोच से बाहर आया और अपना कमरा लगाकर उस कमरे की तरफ गया जहाँ रंडी आयी थी मै चुपके से रूम के अंदर देखने लगा ऐसा नही था की सिर्फ मै ही चुपके से देख रहा था वहा रहने वाले तीन चार और लड़के भी छुपकर अंदर के नजारे को देख रहे थे अंदर चाल लडके थे साहिल अमन रियाज और असद बर्थ-ड पार्टी असद की थी हम जहाँ रहते थे वह पीजी जैसा था जगह छोटी थी पर मकान मालिक ने उसमे सात कमरे छोटे छोटे बना दिए थे कमरा क्या एक छोटा हॉल जैसा था उसी मै खाना पीना सोना सब होता था पढ़ाई भी उसी मे करना पड़ता था अहद और उसके दोस्त कमरे मे बेड पर बैठे हुए थे और जिस रंडी को बुलाए थे वह उनके सामने नाच रही थी भोजपुरी के असलिल गाने पर वह नाच रही थी तो उसके गले मे लटके मंगलसूत्र जो उसकी बड़ी क्लीवेज वाली चूची पर टिकी हुई थी वह खूब उधर रही थी मूझे समझ आ गया ये शादीशुदा माल है और जैसे ही उसने अपना हटाया मेरी तो धड़कन ही रूक गयी माग मे सिंदूर माथे पर बिंदी दिखी उसका चेहरा मुझे साथ दिखायी दे रहा था जो कमरे की रौशनी मे चमक रही थी चेहरे पर मुस्कान थी जैसे इसमे उसे मजा आ रहा है मै सून हो गया था मुझे खड़ा हुआ नही जा रहा था मै वहाँ से भाग जाना चाहता था पर मै फिर भी अंदर देख रहा अथ वो सही मे...................
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कहानी अभी जारी है....
[+] 3 users Like Kamal rani's post
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#2
Amazing start and update soon
[+] 1 user Likes Uvaaaa's post
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