02-08-2026, 06:29 AM
मेरा नाम पिंकी है और में ऐक विधवा ग्रहणी हूं में गुढ़ाचंद्रजी की रहने वाली हूं मेरा ऐक जवान भतीजा है जिसका नाम जीतू हैं जिससे मेरे शारीरिक संबध है हमारे समाज में चाची को मां के समान माना जाता हैं पर जीतू मुझे कुछ और ही नजरों से देखता रहा है में जब भी नहाने के लिए बाथरूम में जाती तो जीतू मुझे छुपकर बाथरूम में नंगी नहाती हुई देखता और यहां तक की जीतू मुझे पेशाब करती हुई भी देखता था और मेने खुद जीतू को घर के चोक में नाली पर से मेरा पेशाब चाटते हुए भी देखा था ना जाने जीतू को क्या स्वाद आता था मेरे पेशाब में में जीतू की इन गंदी हरकतों को नजरंदाज करती रही थी जीतू मेरे अंतःवस्त्र मेरी ब्रा चड्डी तक से सेक्स करता जिसे मुठ मारना बोलते हैं में जब भी बाथरूम से नहाकर बाहर आती तो जीतू बाथरूम में नहाने के लिए घुस जाता था में हमेशा नहाने के कुछ घंटो बाद ही मेरे बदन से उतरे हुए कपड़ों को धोया करती हूं मेरे बदन से उतरी हुई ब्रा चड्डी से जीतू बाथरूम में इंजॉय करता था जीतू रोज मेरी ब्रा चड्डी में अपने लण्ड का वीर्य निकाल देता था बिलकुल गाढ़ा वीर्य और में मेरी ब्रा चड्डी में से जीतू के लण्ड के ताजा वीर्य को चाट लेती थी और जीतू के वीर्य को उंगलियों में लेकर कुछ देर मेरी चूत में उंगली चलाती थीं... में भी मेरे भतीजे जीतू का लण्ड लेने के लिए उत्साहीत थी और तभी मेरे पती को दुकान के काम से चार पांच दिन के लिए बाहर जाना हुआ घर में में और मेरा भतीजा जीतू ही थे मौका अच्छा था में बाथरूम का दरवाजा खुला रखे हुए बिलकुल नंगी होकर नहा रही थी और जेसा में चाह रही थी वहीं हुआ जीतू बिलकुल नंगा मेरे बाथरूम में के दरवाजे पर खड़ा हुआ मुझे दिखाते हुए अपना लंबा मोटा जवान लण्ड हिला रहा था और मेने जीतू को अपनी बाहों में भर लिया था हम दोनों चाची भतीजे बेशर्मी से ऐक दूसरे के नंगे बदन के लिपटे हुए थे जीतू मेरे कूल्हों पर हाथ फेर रहा था और मेरे मुंह को चाट रहा था जीतू का लण्ड मेरी चूत को छू रहा था में तड़प रही थी और रिश्तों की मर्यादा को लांघ चुकी थीं और जीतू से बोली हरामजादा कुत्ता करले तेरी ख्वाइश पूरी चोद ले मेकू जीतू बोला हां पिंकी चाची में बोली जीतू मेंकू गोद में उठा ले और पलंग पर ले चल जीतू ने मुझे गोद में उठा लिया था में नंगी अपने भतीजे की गोद में थीं जीतू मुझे मेरे कमरे में ले आया और मुझे पलंग पर लिटा दिया था जिस पलंग पर में सिर्फ मेरे पती से चुदी थीं उसी पलंग पर मेरा भतीजा मुझे चोद रहा था जीतू मेरे ऊपर चढ़ गया था जीतू किसी भूखे कुत्ते की तरह मेरे नंगे बदन के हर हिस्से को चाट रहा था मेरा मुंह मेरे बोबे मेरा चेहरा मेरे हाथ पांव हर अंग को चाट रहा था जीतू मेरे पती ने कभी भी मेरे साथ ऐसा प्यार नहीं किया था जीतू बार बार मेरे होठों को चूस रहा था मेरा थूक पी रहा था जीतू.. कभी भी मेरे पती ने मेरी चूत नहीं चाटी थीं और में मेरे भतीजे जीतू से उसे चटवाना चाहती थी मेने सुना था कि औरत जिस मर्द को अपनी चूत चटवा देती हैं वो मर्द उसका गुलाम हो जाता हैं और मेने अपने पेरों को चौड़ालिया और जीतू से बोली जीतू बेटा चूत चाट में मेरी चूत को हथेली से मसल रही थी जीतू बोला हां पिंकी चाची आई लव यू चाची और जीतू मेरी चूत पर भूखे कुत्ते की तरह टूट पड़ा था जीतू मेरी चूत चाट रहा था बहुत ही अच्छी तरह से जीतू मेरी चूत में जीभ चला चला कर चूस रहा था मुझे बहुत अच्छा लग रहा था कोई मर्द पहली बार मेरी चूत चाट रहा था लगभग आधे घंटे से जीतू मेरी चूत की चुस्कियां ले रहा था तभी जीतू ने मेरे कूल्हे के छेद को भी चाटना शुरू किया मुझे बहुत अच्छा लग रहा था में जिस कूल्हे के छेद में से टट्टी करती हूं जीतू उस छेद को चाट रहा था जीतू बोल रहा था पिंकी चाची लगता हैं चाचा ने कभी लण्ड नहीं डाला इसमें बहुत टाईट है में बोली जीतू बेटा तेरे चाचा के लण्ड में दम कहां है वो तो पांच मिनट में ही मेरी चूत से फ्री होकर सो जाता है जीतू मेरी चूत और कूल्हे के छेद को ऐक घंटे तक चाटता रहा उसका तो मन ही नहीं भर रहा था ना जाने कितने दिन से मेरी चूत कूल्हों का भूखा था हरामी भड़वा...में बोली जीतू बेटा हट बस कर अब तेरी पिंकी चाची को भी तेरे जवान लण्ड का स्वाद लेने दे ला मेरा मुंह में भर दे तेरो लण्ड और जीतू मेरे मुंह पर चढ़ गया था जीतू मेरे चेहरे पर लण्ड रगड़ रहा था जीतू के जवान लण्ड की खुशबू मुझे मदहोश कर रही थी जीतू मेरे सर की मांग पर अच्छी तरह से लण्ड रगड़ रहा था जिस मांग में में मेरे पती के नाम का सिंदूर भरती हूं और तभी जीतू ने अपने लण्ड का टोपा मेरे मुंह में डाल दिया था में उसे चूसने लगी थी ऐक जवान लण्ड का स्वाद ले रही थी में तभी जीतू ने मेरा सर पकड़ लिया और पूरा लण्ड मेरे गले तक उतार दिया जीतू मेरा मुंह चोद रहा था कुछ देर तक जीतू मेरे मुंह में लण्ड चलाता रहा था जीतू ने लण्ड मेरे मुंह से बाहर निकाल लिया था और वो अब मेरी चूत पर चढ़ गया जीतू ने पूरा लण्ड मेरी चूत में उतार दिया था जीतू पूरी रफ्तार से मेरी चूत में लण्ड मार रहा था जीतू का लण्ड मेरे पती के लण्ड से काफी बड़े साईज का है और सच कहूं तो जीतू से ही मुझे चुदाई का असली सुख मिल रहा था पूरा कमरा मेरी चीखों से गूंज रहा था आह आह आह उफ्फ मर गई रे में आअआ पहली बार मुझे चुदाई का असली मज़ा आ रहा था आधे घंटे से जीतू मेरी चूत में लण्ड चला रहा था मुझे बड़ा अचंभा हुआ जीतू अभी भी झड़ा नहीं था हम दोनों चाची भतीजे पसीने में लथपत हो चुके थे ऐसा लग रहा था जेसे जीतू का लण्ड गर्म लोहे के डंडे की तरह मेरी चूत को जला रहा था में चरम सुख प्राप्त कर चुकी थी और तभी मेरी चूत से पानी निकलने लगा था पच पच की आवाज आ रही थी में निढाल हो चुकी थी और जीतू अभी भी लण्ड चला रहा था में रोने लगी थी जीतू बेटा बस कर मर जाऊंगी में और तभी जीतू ने मेरे होठों को चूसना शुरू किया जीतू मेरी चूत में वीर्य छोड़ रहा था मेरी चूत को तर कर रहा था... और जीतू मेरे लिपटे हुए लेटा रहा कुछ देर तक हम दोनों चाची भतीजे ने आराम किया और में जीतू के पास से उठ कर बाथरुम में चली गई मेने अपने बदन पर पानी गेरा मेरी चूत को धोया और पेशाब भी किया..में नहाकर कमरे में आ गई थी मेने मेरे बदन पर पेटीकोट ब्लाउज पहना और घर के काम में लग गई मेने खाना पकाया और जीतू और मेने साथ में खाना खाया... खाना खाकर में वापस जीतू की बाहों में लिपटकर सो गई और रात होते ही में फिर से नंगी हो चुकी थी और इस बार जीतू ने मेरे कूल्हे को प्यार किया था पूरी रात जीतू मेरे कूल्हों के छेद में लण्ड चलाता रहा था.... और कुछ दिनों बाद अचानक से मेरे पती की मोंत हो गई थी और में मेरे भतीजे जीतू के साथ ही रहने लगी थी...मेरे पती को मरे हुए ऐक महीना ही हुआ था और मेरा भतीजा जीतू मुझे प्रेग्नेंट करना चाहता है, लेकिन मैं मना कर देती थी क्योंकि मैं विधवा हूँ और लोग मुझे बुरा-भला कहेंगे जीतू ने मुझे समझाया कि कुछ सालों में मैं बूढ़ी हो जाऊँगी और उसे एक जवान औरत की ज़रूरत होगी जीतू चाहता था कि मैं एक सुंदर बेटी को जन्म दूं जिसके साथ वह सेक्स कर सके उसे चोद सके आखिरकार मुझे जीतू की ज़िद माननी पड़ी मैंने उसे मुझे प्रेग्नेंट करने की इजाज़त दे दी जीतू बहुत खुश हुआ और उसने तैयारी शुरू कर दी उसने मेरे कमरे की चादर पर गुलाब के फूल बिछा दिए दोपहर से ही जीतू ने मेरे साथ सेक्स करना शुरू कर दिया। वह बहुत उत्साहित था। उसने लगभग दो घंटे तक मेरी चूत को चूसा मैं भी बहुत उत्तेजित हो रही थी और मैंने जीतू से कहा कि वह अपना लिंग मेरी चूत में डाले मैंने कहा, "मेरे पति, मुझे प्रेग्नेंट करो," और जीतू ने अपना लिंग मेरी चूत में डाल दिया दोपहर से रात हो गई और जीतू पूरी रात मेरी चूत में लण्ड चलाता रहा और अपना वीर्य अंदर डालता रहा कुछ दिनों बाद मैं प्रेग्नेंट हो गई और मेने ऐक बेटी को जन्म दिया और उस बेटी का नाम प्रिया रखा जिसे में प्यार से कूक्कू बुलाती हूं.....


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