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Incest बहन की पहली बार और भैया की नजर
#1
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मैं एक दिन अपनी बहन को गहरी सोच में बैठा हुआ पाया। वह परेशान दिख रही थी। मैंने पूछा, "क्या हुआ बहन?"

उसने बताया, "मेरा बॉयफ्रेंड सेक्स करना चाहता है लेकिन वो चाहता है कि कोई हमें देखे। लेकिन मैं नहीं चाहती कि कोई अजनबी मुझे उस हालत में देखे। मैं कंफ्यूज हूं क्या करूं।"
थोड़ी देर बाद उसने मुझसे पूछा, "क्या तुम देखोगे?"
मैंने मना कर दिया, लेकिन वो जोर देने लगी क्योंकि वो उसके साथ सेक्स करना चाहती थी। आखिरकार मैं मान गया। फिर हम एक होटल में गए जहां उसका बॉयफ्रेंड उसका इंतजार कर रहा था।
उसे नहीं पता था कि मैं उसका भाई हूं। मेरी बहन ने उसे बताया था कि उसकी एक फ्रेंड आ रही है। हम अंदर गए, फिर वो दोनों नहाने चले गए। उसके बॉयफ्रेंड ने मुझे भी साथ आने के लिए कहा। बहुत जोर देने के बाद मैं भी चला गया।
मैंने कभी अपनी बहन को कम कपड़ों में नहीं देखा था, लेकिन अब मैं उसे ब्रा और अंडरवियर में देख रहा था। उसका बॉयफ्रेंड बहुत एक्साइटेड था और उसने बिना परमिशन के एक ही बार में उसका अंडरवियर खोल दिया। मैं और मेरी बहन दोनों शॉक्ड हो गए।
उसने शेव नहीं किया हुआ था, उसकी चूत पर घने काले बाल थे। उसका बॉयफ्रेंड निराश और गुस्सा हो गया कि उसने शेव नहीं किया। उसने गुस्से में कहा, "यह क्या है? मैं इसे नहीं चूंगा, इसे पहले साफ करो।" फिर उसने मुझे उसे शेव करने के लिए कहा और खुद बाहर चला गया, "जब तक साफ नहीं होगी मैं अंदर नहीं आऊंगा।"

अब बाथरूम में सिर्फ मैं और मेरी बहन थे। वो शर्मा रही थी और कहने लगी, "भैया, यह क्या हो रहा है, मैं सोच भी नहीं सकती थी कि तुम मेरी इस जगह शेव करोगे।" मैंने कहा, "कोई बात नहीं, मैं ध्यान से करूंगा।"

मैंने उसे डॉगी पोजीशन में बैठने के लिए कहा ताकि अच्छे से शेव हो सके। वो अपने हाथों और घुटनों पर आ गई और अपनी गांड और चूत मेरी तरफ कर दी। मैंने शेविंग क्रीम लगाई और रेजर से शेव करने लगा। वो थोड़ा कांप रही थी, शायद ठंड से या शर्म से।

अचानक वो घबराई और बोली, "भैया रुको, मुझे लग रहा है कि..." लेकिन उससे पहले कि वो कुछ और कहे, उसकी चूत से पेशाब निकलने लगा। वो इतनी घबराई हुई थी कि उसे रोक नहीं पाई और सीधे मेरे हाथों पर और बाथरूम के फर्श पर गिरने लगा। वो रोने लगी, "ओह नो, माफ करना भैया, मुझे सच में माफ कर दो, यह गलती से हो गया।"

मैंने उसे चुप किया और कहा, "कोई बात नहीं, तुम्हारी पहली बार है, तुम घबराई हुई हो।" मैंने फर्श साफ किया और फिर से शेव करना शुरू किया। इस बार वो और जोर से कांप रही थी, उसकी गांड थर्रा रही थी। मैंने धीरे-धीरे सारे बाल साफ किए। अब उसकी चूत बिल्कुल चिकनी और गुलाबी दिख रही थी, बिल्कुल एक छोटी बच्ची की तरह। मैंने उसे पानी से धोया और तौलिये से पोंछा।
फिर मैंने उसे अपने हाथों में उठाया, वो बहुत हल्की थी और अभी भी कांप रही थी। मैं उसे बेड पर ले गया और धीरे से लिटा दिया। वो मेरी आंखों में देख रही थी और शर्मा रही थी, "थैंक यू भैया, तुमने मेरी इज्जत रखी।"
फिर वो दोनों बेड पर गए और एक-दूसरे को किस करने लगे। उसका बॉयफ्रेंड उसके होठों को चूस रहा था और अपने हाथों से उसके बूब्स को दबा रहा था। धीरे-धीरे वो नीचे आया और उसकी ब्रा खोल दी। मेरी बहन के गोरे-गोरे बूब्स देखकर वो पागल हो गया और उन्हें चूसने लगा। वो एक-एक करके दोनों निप्पल्स को अपने मुंह में लेकर चूस रहा था और मेरी बहन मचलने लगी।

फिर वो नीचे गया और उसकी पैंटी भी उतार दी। अब मेरी बहन पूरी नंगी लेटी हुई थी। उसने उसकी टांगें फैलाई और उसकी चूत को चाटने लगा। वो अपनी जीभ अंदर-बाहर कर रहा था और मेरी बहन आहें भर रही थी। फिर मेरी बहन उठी और उसका लंड बाहर निकाला। वो बहुत बड़ा और मोटा था। उसने उसे अपने मुंह में लिया और ब्लोजॉब देने लगी। वो जोर-जोर से चूस रही थी और उसका बॉयफ्रेंड मस्त हो रहा था।

इतने में उसने मेरी तरफ देखा और कहा, "तुम भी आ जाओ, मजा आएगा।" मैंने मना कर दिया और कहा कि मैं सिर्फ देखूंगा। वो थोड़ा नाराज हो गया लेकिन फिर मेरी बहन की तरफ मुड़ गया। उसने उसे घुमाया और डॉगी पोजीशन में बैठा दिया। मेरी बहन अपने हाथों और घुटनों पर थी और उसकी गांड और चूत मेरी तरफ थी। उसका बॉयफ्रेंड पीछे गया और एक झटके में अपना पूरा लंड उसकी टाइट चूत में घुसा दिया।

"आह्ह्ह... धीरे... बहुत दर्द हो रहा है," मेरी बहन चीखी। उसके आंखों में आंसू आ गए क्योंकि यह उसका पहली बार था और वो बहुत टाइट थी। वो मेरी तरफ पीछे मुड़कर देख रही थी और उसकी आंखों में शर्मिंदगी और दर्द का मिक्सचर था। वो सोच रही थी कि उसका अपना भाई उसे इस हालत में देख रहा है, कैसे वो एक अजनबी के सामने चुद रही है।
लेकिन उसका बॉयफ्रेंड बिल्कुल भी रुका नहीं। वो जोर-जोर से धक्के मार रहा था। "उह्ह्ह... तेरी बहन बहुत टाइट है यार," वो बोला और और जोर से पेलने लगा। मेरी बहन की चूत से खून निकलने लगा और वो दर्द से कराह रही थी। वो बार-बार मेरी तरफ देख रही थी जैसे मुझसे मदद मांग रही हो, लेकिन मैं खड़ा होकर सिर्फ देखता रहा। उसके बूब्स हर धक्के के साथ आगे-पीछे हो रहे थे और उसकी सांसें तेज हो गई थीं। वो पूरी तरह से उसके कंट्रोल में थी और उसे जैसे चाहे वैसे चोद रहा था।

उसका बॉयफ्रेंड बहुत हार्ड था और उसे जोर-जोर से चोद रहा था। वो हर धक्के के साथ मेरी बहन की कमर पकड़कर अंदर तक घुसा रहा था। मेरी बहन की सिसकियां निकल रही थीं, "आह्ह्ह... प्लीज़ धीरे... मर जाऊंगी..." लेकिन वो और तेज हो गया। फिर उसने रुककर मेरी तरफ देखा और मेरी बहन से कहा, "अपने भाई को मनाओ, वरना मैं रुक जाऊंगा।"

मेरी बहन मेरी तरफ मुड़ी और कहने लगी, "प्लीज़ भैया, आ जाओ, मुझे बहुत दर्द हो रहा है, तुम्हारे आने से शायद आसान हो जाए।" उसकी आंखों में आंसू और हवस का मिक्सचर था। मैं भी इतना सब देखकर हॉर्नी हो चुका था, मेरा लंड पैंट में तनकर दर्द कर रहा था। आखिरकार मैंने अपने कपड़े उतार दिए। मेरी बहन ने मेरे लंड को देखा और शर्मा गई, वो इतना बड़ा था।

फिर उसके बॉयफ्रेंड ने मेरी बहन से कहा, "अब अपने भाई का लंड चूस और उसका कम पी जा, यही तुम्हारी सजा है।" मेरी बहन ने मना कर दिया, "नहीं, यह गलत है, वो मेरा भाई है।" तो वो गुस्से में बोला, "तो फिर मेरी गांड चाटो, चूस कर मेरी गांड साफ करो।" मेरी बहन डरी हुई थी, उसने सोचा और फिर मान गई। मैंने अपनी गांड उसके मुंह के पास करी। उसने शर्माते हुए अपनी जीभ निकाली और मेरी गांड चाटने लगी। उसकी गर्म सांसें मेरी गांड पर महसूस हो रही थीं और वो अंदर-बाहर करके चाट रही थी। मुझे बहुत मजा आ रहा था, मैंने अपने हाथों से उसका सिर पकड़कर अपनी गांड उसके मुंह पर और जोर से दबाया।

फिर वो उठा और मेरी बहन को फिर से चोदने लगा। उसने उसे चार अलग-अलग पोजीशन में चोदा - पहले डॉगी, फिर मिशनरी, फिर काउगर्ल, और फिर स्टैंडिंग। हर बार वो उसके अंदर झड़ जाता था और फिर दोबारा शुरू कर देता। मेरी बहन थक चुकी थी और रोने लगी थी, लेकिन वो मानता नहीं था। आखिर में उसे एक कॉल आया और वो तुरंत कपड़े पहनकर चला गया, बिना कुछ कहे।

मेरी बहन बेड पर नंगी लेटी हुई रो रही थी। उसकी चूत से कम और खून दोनों बह रहे थे। उसे खुद को बहुत गंदा और एक रांड की तरह महसूस हो रहा था। मैं पास गया और उसके सिर पर हाथ फेरा। वो मुझे देखकर और जोर से रोने लगी, "भैया, मुझे माफ कर दो, मैंने तुम्हें यह सब करने पर मजबूर किया, मैं एक बुरी लड़की हूं।"

मैंने उसे चुप कराया और अपने हाथों में उठा लिया। वो बहुत हल्की थी, मैं उसे बाथरूम में ले गया। मैंने गर्म पानी लिया और उसके पूरे बदन को धोया। उसके बूब्स, उसकी चूत, उसकी जांघें, हर जगह मैंने अपने हाथों से साफ किया। वो मेरी आंखों में देख रही थी और शर्मा रही थी।

इतने में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया और उसे उसकी जांघों पर टच हो रहा था। उसने महसूस किया और कहने लगी, "भैया, तुम्हारा तो अभी भी खड़ा है, प्लीज़ मुझे चोद लो और इसे शांत करो, मुझे लगता है मुझे ही इसकी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।" वो बेड पर लेट गई और अपनी टांगें फैला दीं।
मैंने सोचा, लेकिन फिर मना कर दिया। मैंने कहा, "नहीं बहन, मैं तुम्हें और दर्द नहीं दे सकता, तुम्हारी चूत अभी बहुत जख्मी है।" उसने कहा, "तो फिर कम से कम मुझे अपने हाथ से करने दो।" मैंने अपना लंड उसके हाथ में दिया और उसने जोर-जोर से जेर्क किया। मैंने उसके बूब्स दबाए और चार बार झड़ गया। फिर हम दोनों ने कपड़े पहने और घर वापस आ गए, लेकिन वो रास्ते भर मेरा हाथ पकड़े रही।
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