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दोस्तों, मै अजय सिंह, दिल्ली मै अपनी बीबी, और एक बेटे के साथ रहता हूँ, शादी के बीस साल बित गए, लेकिन हम पती पत्नी आज भी किसी नए कपल की तरह अपना सेक्स जीवन जी रहे हे, हमारे बिच वही ताजगी, मस्ती, रोमांच आज भी है, जैसा शादी के समय था । हम आज भी रोज नये नए तरीके खोज अपनी सेक्स फेंटसी को ताजा रखते हे, लगभग रोज ही हम अपनी सेक्स की तड़प पूरी करते हे, कभी मै पहल ना करू तो वो शुरू हो जाती हे, लेकिन रात नहीं तो जल्दी सुबह हमारा एक राउन्ड जरूर लगता हे । शादी के लगभग पाँच साल बाद मैंने एक बार अपनी पत्नी से कहा की तेरी मन मे कोई दबी हुई इच्छा हो तो बता, मै पूरी करने की कोशिश करुगा, तब मैरे ज्यादा जोर देने पर वो बोली की मै चाहती हूँ की मै अपने पती के साथ एक और औरत को साथ मे सेक्स करते देखूँ, तब मै पहले तो चौक गया लेकिन फिर हिम्मत कर बोला की हम कपल स्वेपिंग के लिए किसी को ढूंढते हे, ईतने साल पहले यह सब आज की तरह नार्मल नहीं था, लेकिन मैरी पत्नी बोली की नहीं मैरी इच्छा हे की हम दो लेडिज हो और बस तुम हो, पहले मे उसे टालता रहा, लेकिन कोई एक साल बाद वह पीछे पड गई, मैंने उसके मन की बात रखने के लिए, पुछा की बता कोन राजी होगी इस सब के लिए, तो वो बोली तुम छोड़ो वो सब मेरा टेंशन हे, एसके बाद वह लगातार अपनि फेंटसी को पूरा करने के लिए किसी जुगाड़ मे लगी रही ।
तीन महीने बाद मैरे ससुराल पक्ष मे शादी थी, प्रोग्राम उदयपुर मे था, हमे भी उसमे शामिल वही जाना था, जब हम वहा होटल पहुचे तो सारा दिन भागमभाग मे बित गया, रात मे मेरा बेटा अपने कजीन भाई बहनों के साथ खेलते खेलते दूसरे रूम मे सो गया, मैं अपनी बीबी के साथ रूम मे जाने लगा तो मैरी बीबी अपने साथ अपनी कजीन भाभी जो वास्तव मे उसकी कॉलेज के समय से ही सहेली थी, उसे हमारे रूम मे ले आई, मै थोड़ा हैरत मे था क्योंकि मै किसी के साथ रूम कैसे शेयर करता, मेरी वाइफ ने बताया की भैया सुबह शादी मे शामिल होंगे, तो आज रात भाभी अकेली रूम मे रहती तो मै उसे अपने साथ ले आई, भाभी मस्त माल थी, और मैरी बीबी की तरह ही मस्तीखोर भी थी । मै तो शुरू से ही उसे ताड़ता था , रूम मे आने के बाद मैरी बीबी अपने बेग से सैनिटेरी नेपकींन लेकर बाथरूम मे जाती दिखी, मै समझ गया की वह पीरीअड से हो गई हे, घर पर तो वो अपने पीरीअड मे भी अपने हाथ और मुंह से मेरा लँड ठंडा करती थी, लेकिन आज भाभी के यहा होने से यह सब संभव नहीं था, अब मै इस बेड के इस किनारे बिच मे मैरी बीबी, और लास्ट मे भाभी सो गई, थोड़ी देर बाद मैरी बीबी ने मैरा लंड टटोलना शुरू किया, मैंने उसका हाथ अपने लिंग से हटा दिया, लेकिन उसने फिर से वही हरकत शुरू कर दी, मै ने आहिस्ता से कहा की पागल हे क्या, भाभी रूम मे हे, और तु अपने नीचे कीचड़ किए बेठी हे, मेरा हथियार उठ खड़ा हुवा तो उसे बेठाऊँगा कहा ।
लेकिन मैरी बीबी ने अपनी हरकते बंद नहीं की, बल्कि थोड़ी देर मे ही मेरा लंड लोअर से बाहर निकाल लिया और उसे जम कर रगड़ने लगी, कुछ देर बाद मैरी बीबी ने हमेशा की तरह अपना टी शर्ट उतार फेका, और मैरे मुंह मे अपना एक मोटा स्तन दे दिया, मै अब फूल पावर मे आने लगा था, मै उसके बूब्स चूस रहा था, उसकी जीभ से जीभ लड़ा रहा था, तब मैंने देखा की भाभी मेरी बीबी के पीछे बेठ कर हमारी सारी हरकते देख मुस्कुरा रही थी, और अपने गाउन मे अपने सिने को सहला रही थी, मैं आंखों ही आँखों मे अपनी बीबी को ईशारा किया की तेरे पीछे भाभी जाग रही हे, लेकिन मैरी बिबी ने एक झटके मे उसका हाथ पकड़ उसे हमारे बिच खिच लिया, मै कुछ समज पाता तब तक मैरी बीबी ने खुद के कपड़े और भाभी का गाउन भी उतार फेका, अब दोनों सिर्फ ब्रा पेन्टी मे थी, भाभी के बड़े बड़े स्तन ब्रा फाड़ बाहर आने को हो रहे थे, मै कुछ बोलता उसके पहले ही मेरी बीबी मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगा करते हुवे बोली चलो आज मेरी फेंटसी पूरी करो, एसके तुरंत बाद भाभी भी बिना शर्महया के मुझ पर चढ गई और मैरे उत्तेजित लंड पर बेठ अपनी चुत रगड़ने लगी, शायद यह सब करने की प्लैनिंग उन दोनों ने पहले ही कर रखी थी, लेकिन कुछ भी हो फायदे मे तो मै ही था, भाभी ने अपनी ब्रा उतार दी , और उसकी चुत के काम रस से उसकी पेन्टी भीग गई, उसके गरम कामरस को मै अपने उत्तेजित लंड पर महसूस कर रहा था, बहुत देर तक भाभी लिंग पर हिलती रही, तब तक मैरी बीबी अपने दोनो उरोजों को बारी बारी से मैरे मुंह मे देती रही, अब मैंने भाभी को नीचे पटका और उसकी गीली पेन्टी उतार फ़ेकी, वो भी मैरी तरह नंगी थी, जबकी मैरी बीबी अपने सेनीटरी नेपकींन लगा होने के कारण केवल पेन्टी पहनी थी, मैंने भाभी की बुर को पहली बार देखा, लेकिन रूम मे ज़ीरो वाट का बल्ब ही जल रहा था, तब मैरी बीबी ने कमरे की सारी लाइटे जला दी, घर पर भी हम पूरी रोशनी मे ही सेक्स करते हे, भाभी की बुर एतनी चिकनी थी की मानो अभी अभी उसे साफ किया हो, मैंने उसकी बुर को चूसना चाटना शुरू किया, और वो अपने पैर फेलाती रही, उसकी मांसल झाँघे कमर कूल्हे सब मेरी बीबी की तुलना मे कुछ ज्यादा भारी थे, लेकिन वो ऐसे साथ दे रही थी मानो वो भी एस सब की पक्की खिलाड़ी हो, पहले मुझसे चुद चुकी हो, कोई शर्म सोदा नहीं कर रही थी, जब मै भाभी की झाँघो के जोड़ों मे घुस उसकी चिकनी बुर चाट रहा था तब भाभी अपने स्तनों को मसल रही थी, और मैरी बीबी मेरे नीचे लेट मेरे लंड को चूस चूस कर चिकना कर रही थी, अगले पंद्रह मिनट मे भाभी तीन चार बार अपनी चुत के लावे को फव्वारे की तरह बहा चुकी थी, लेकिन मैंने हर बार उसकी बुर के रस की एक बूँद भी बाहर बहने नहीं दी, उसके काम रस की आखरी बूँद भी चाट गया, अब मै पीठ के बल लेट गया और बहबही अपनी चुत को मैरे लँड पर सेट कर बेठ गई, उसकी बुर ने एक बार मे ही मैरा पूरा लंड निगल लिया, और वो हवा मे अपनी कमर उछाल उछाल कर मैरे लँड पर कूदने लगी, अगले बीस मिनट मे वो फिर तीन बार झड चुकी थी , लेकिन अब उसकी बुर से पानी कम निकल रहा था, क्योंकि उसकी बुर मै मेरा लंड बिल्कुल टाइट गया था, मैरी बीबी बेड के सिरहाने को पकड़ बार बार मैरे मुंह मे अपने स्तनों को दे रही थी, और अपनी पेन्टी के बाहर से ही अपनी चुत रगड़ रही थी, तभी भाभी बोल पड़ी अब आप ऊपर आओ, और अब मैने उसकी कमर के नीचे तकिया लगा उसकी बुर थोड़ी ऊपर की और उसे नीचे लेटा जमीन पर खड़ा होकर उसे चोदने लगा, दस मीनट मे वो फिर दो बार झाड गई, तो हाथ जोड़ बोली जियाजी अब खालि हो जाओ, मेरी बुर का भोंसड़ा बना दिया हे, अब बाद मे फिर कभी ले लेना, अभी मुझ पर द्या करो प्लीज।
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मैरी बीबी ने भी कहा अरे अभी इसे फ्री करो , बाद मे और ले लेना इसकी, फिर मैंने, उसे अगले पाँच मिनट मे मैंने उसकी बुर मे अपना लावा का सेलाब छोड़ दिया, हम तीनों यूंही नंगे पड़े रहे और सो गए , सुबह छः बजे मुझे मेरा लंड चूसने की वजह से नींद खुली, आँख खोली तो देखा की मैरी बीबी और भाभी दोनों नंगी ही भीडी पड़ी हुई थी, मैरे जागते ही अगले ही क्षण भाभी मैरे मुंह पर नंगी बेठ गई और अपनी बुर चटवाने लागि, नीचे मेरी बीबी पहले से ही लंड को अपने गले गले तक उतार चूस रही थी और जब भाभी से रहा नहीं गया तो मैरी बीबी को धक्का दे मैरे लंड पर खुद बेठ गई, मैंने जल्दी जल्दी धक्के दे उसकी बुर को लाल कर दी, कोई बीस मिनट की चुदाई के बाद एक बार मै फिर भाभी की चुत मे स्खलित हो गया ।
थोड़ी देर बाद भाभी कपड़े पहन अपने कमरे मे चली गई, नींद तो पूरी तरह खुल चुकी थी, मैंने कहा की इसे कैसे अपने प्लान मे शामिल किया, तो मेरी बीबी बोली उसे पता था की मैरी यह थ्रीसम फेंटसी हे, तो यहा आने के पहले हमने प्लान बनाया की भैया को सुबह बुलवायेंगे , और फिर हम रात भर अपनी मस्ती करेंगे, लेकिन मेरी चुत ने ऐनवक्त पर धोका दे दिया, और मै दो दिन पहले पीरीअड से हो गई, लेकिन कोई नहीं मज़ा खूब आया, मै तो बड़ा खुश था, दोपहर मे सब से मिलने और, शादी की आज की रस्मों और खाना खाने के बाद गर्मी के कारण सब अपने अपने रूम मे ऐसी की ठंडी हवा मे सो गए, अब बारात शाम को सात बजे थी, जो की पक्का कोई एक दो घंटे लेट ही होनी थी, इसलिए किसी भी तरह की जल्दी नहीं थी, शांम सात बजे बीबी ने सबसे पहले हमारे बेटे को तयार कर बच्चों के साथ खेलने भेज दिया, अब हम दोनों रूम मे थे, मैंने नहाने जाते समय उसे मस्ती से कहा चल साथ मे नहाते हे, तो वो बोली कल पूरी रात मजे करके भी तुम्हें शांति नहीं हो रही क्या ? मै बोला तेरे साथ ना करू तो अधूरा सा लग रहा हे, तो बोली एक मै हूँ जो तुम्हारे लिए नए नए पकवान सजा रही हूँ और तुमहे वही घर की बासी दाल खानी हे, मैंने उसे अपनी बाँहों मे भर कर कहा की हमे तो घर की डाल ही पसंद हे, लेकिन क्या करे एक हमारी दाल हे जिसे तड़का पसंद हे, हम दोनों खूब हसे, तभी गेट पर किसी ने नौक किया, मै केवल टोवेल मे था, देखा तो गेट पर बीबी की सबसे छोटी चचेरी बहन थी, उसका रिश्ता भी पक्का हो गया था, और जल्दी ही उसकी भी शादी होने वाली थी, मेरी बीबी ने गेट पर ही उससे कुछ बात की और वह बोल कर गई अभी आई दीदी, मैंने उसके जाने के बाद ईशारे से पुछा की क्या हुवा, मैरी बीबी बोली उसके रूम मे बहुत लोग हे, बाथरूम खाली नहीं हे, एसलिए अपने रूम मे नहाएगी, तुम जाकर पहले नहा लो, फिर हम नहा लेंगे, यह बात मेरी बीबी ने हल्की सी चेहरे पर मुस्कुराहट के साथ बोली, मैंने उसे नॉर्मल लिया, और तुरंत ही बाथरूम मे चला गया, मै अंदर मे नहा रहा था तभी मेरी बीबी ने बाथरूम का गेट बजाया, मैंने नहाते नहाते ही बंद आँखों से गेट खोल फिर अपने चेहरे पर साबुन लगाने लगा, मुझे लगा उसे भी जल्दी नहाना होगा या फिर उसे भी बाथरूम यूज करना होगा, तभी मैरी बिबी पीछे से बोली की लाओ मै तुमहारी पीठ पर साबुन लगा दूँ, मैंने तुरंत बंद आणखी से उसके हाथ मै साबुन पकड़ा दिया, और अपने चेहरे पर साबुन मलने लगा, साथ मे नहाना हमारे लिए नॉर्मल था, मैंने ज्यादा गौर नहीं किया, मुझे अपनी पीठ पर उसकी उँगलिया थोड़ी नई महसूस हुई, लेकिन उसी ने साबुन मांग था तो मैरे पास सोचने के लिए कुछ ज़्यादा खास था नहीं, मै नंगा था, पीठ पर साबुन मलने के बाद उसने जब मैरे लंड पर साबुन मलना शुरू किया तो मुझे लगा की आज बीबी की उँगलिया कुछ ज़्यादा ही पतली लग रही थी, फिर भी मैंने कुछ विशेष ध्यान नहीं दिया, एसके बाद वह पीछे से मैरे बदन से चिपक गई, और अपने नंगे बदन को मैरे बदन से रगड़ने लगी, साथ ही आगे अपने हाथों से मैरे लंड और गेंदों को सहला रही थी, अब मैंने महसूस किया की मैरी पीठ पर बीबी का बदन कुछ पतला मतलब कम मांसल लगा, उसके स्तन कुछ ज्यादा नाजुक लगे, तभी उसने मैरे सिने पर अपनी उँगलिया फिराई, और मैंने उसकी उनगलियों मै अपनी उँगलिया फसाली, उसकी हथेली छूते ही मैंने अपनी आँख खोली तो देखा की मैरी बीबी तो मैरे सामने नंगी खड़ी, थी, तो मैरे पीछे कोन था, मैंने चोकते हुवे, उसे पीछे से आगे की और खिचा, तो देखा की तह तो मेरी बीबी की चचेरी बहन श्रद्धा थी, जो अभी अभी गेट पर आई थी, और मै खुद नंगा अपनी नंगी पत्नी के साथ उसकी नंगी बहन को देख रहा था, मैरी बीबी ने उसे आगे करते हुवे मैरे शरीर से चिपका दिया और खुद भी हमारे साथ चिपक साबुन एक दूसरे के बदन पर मलने लगी , मै अब उसकी बहन को छु नहीं रहा था, तो उसने मैरे हाथ पकड़ अपनी बहन के नाजुक थोड़े लंबे तोतापारी आम जैसे स्तनों पर रख दिया, उनका साइज़ 34 होगा, लेकिन आगे से नुकीले लम्बवत आकार के दूध पहली बार देखे थे , वो मैरे लंड पर झाग मसल रही थी और मै उसके दूध मसल रहा था, दस बारह मिनट तक हम तीनों एक दुसरे के बदन को नापते रहे, फिर मेरी बीबी ने शावर चालू कर दिया, नहाने के बाद हम बाहर आ गए, मै बदन पोंछ कर जैसे ही बेड पर बैठा, मैरी बीबी ने उसे आगे कर दिया, अब उसके तोतापरी आम मैरे मुंह के ठीक सामने थे, मैंने उन्हे अपने मुंह मे भर लिया, और उनको सही मे आम की तरह ही चूसना शुरू कर दिया, उसके निप्पल तन कर कडे हो गए, कुंवारी लड़की के अनछुवे स्तनों को देख मजा आ गया, वो अपना सीना आगे बढ़ाए अपने उरोजों को चुसवा रही थी और अपने एक हाथ से अपनी चुत रगड़ रही थी, इधर मैरी बीबी नीचे बैठ मेरे लंड को चूस चूस कर खड़ा कर रही थी, बहुत देर तक उसके स्तनों को चूसने के बाद, उसने मुझे बेड पर पीछे धक्का दे दिया, और उछल कर मारे मुंह पर बेठ गई, उसकी बुर पर हल्के हल्के रेशमी बाल थे, मैंने उसकी बुर मे अपनी पूरी जीभ घुसा दी, और उसको अपनी जीभ से चोदने लगा, वह बिल्कुल भी दम नहीं भर सकी और पाँच मिनट मे ही मैरे मुंह मे खाली हो गई, फिर उसको नीचे लेटा उसे अपना लंड चुसवाया, तब तक मैरी बीबी अपने बोबे मेरे मुंह मे चुसवाती रही, मैरी बीबी ने उससे कहा की पहले केले खाए हे की नहीं कभी, तो वो बोली नहीं दीदी, तो मैरी बीबी बोली फिर कैसे झेलेंगे, इस मूसल को, लंगड़ी हो जाएगी, फिर मुझे बोली रहने दो इसे बाद मे कभी चोद लेना, एसके बाद उसकी बुर को एक बार फिर से अच्छे से चाट चाट कर खाली कर दिया, फिर दोनों ने मिलकर बारी बारी से मैरे लंड को मुंह मे लेकर चाट कर खालि कर दिया, पहली बार होने से उसने मैरे लावे को छाता नहीं, लेकिन मैरी बीबी उसे सब गड़गप कर गई, अब वो खुद तो उठ कर अपने कपड़े पहन रूम से बाहर निकल गई, और हम दोनों कपड़े पहन नीचे जाने के लिए रेडी हो गए, लिफ्ट मै मैंने अपनी बीबी से पुछा की इसे कैसे घेर लाई, तो बोली रात मे भाभी को अपने कमरे मे जाते देख ईसे कुछ शंका हो गई थी, एसलिए मुझसे सुबह हिसाब पुछ रही थी, मैंने ईसे भी अपने प्लान मे शामिल कर लिया, साली रोज चुत मे उंगली करती हे, लेकिन लंड लेने मे डरती हे, एस्की बुर भी दिला दूँगी तुम्हें चिंता ना करो ।
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रात मे शादी के सब फंगक्शन चल रहे थे हम सभी रिश्तेदारों के साथ खा पीकर बैठे बातें कर रहे थे, हमे कल सुबह यहा से निकलना था, तभी मैरी बीबी मुझे हमारे रूम के एंट्री कार्ड को देकर बोली जाओ भाभी के साथ ऊपर रूम मे इन्हे जोर की बाथरूम लगी हे, और यहा नीचे के सब टॉइलेट्स गंदे हे, मैंने अकेले जाने से मना किया तो मुझे आँखे दिखा बोली जाओ जल्दी, मै तुरंत भाभी के पीछे पीछे चल दिया, रूम मे जाने के बाद भाभी सच मे बाथरूम मे गई, और वहा से आने के बाद बेड पर मैरे पास बेठ गई, मैंने पुछा आपका काम निपट गया हो तो नीचे चले, तो बोली चल चलेंगे, हमसे इतनी जल्दी बोर हो गए क्या, मैंने कहा की बोर तो नहीं हुवे, लेकिन यदि नीचे नहीं जाएंगे तो सब ढूँढने लगेंगे, लेकिन इस मे भी मेरी बीबी की ही कुछ चाल थी, भाभी ने बहुत भारी वर्क की फुगी सारी पहनी थी, अपना पेटीकोट ऊंचा कर बोली अंदर बहुत गर्मी हो गई हे, थोड़ी अपनी मुनिया को हवा खिला दूँ बस फिर नीचे चलते हे, एसके बाद भाभी ने मैरी तरफ मुंह कर अपनी साडी झाघो तक उठा अपनी चिकनी केले के तने के समान टाँगे दिखाना शुरू कर दिया, मै हल्के से हस दिया, तो बोली अब क्या निमंत्रण दु, मै बोला की इसे पता लगेगा तो नाराज होगी, तो भाभी बोली उसी ने मुझे कहा की यहा क्या लोगों से फालतू बातें कर रही हे, आज आखरी मौका हे, ना जाने अब बाद मे कब ऐसा मौका मिलेगा, एक बार और मजे मार ले, और उसी ने तो आपको मैरे साथ ऊपर भेजा हे ना, फिर भाभी ने अपनी पिंक पेन्टी के दर्शन करा दिए, अब तक मै करंट पकड़ चुका था, भाभी की हरी झंडी मिलते ही उसे बेड पर घोड़ी बना पेन्टी घुटनों पर कर उसकी बुर मै अपना लाँड़ पेल दिया, भाभी तो मानो रेडी ही थी, पहले से ही उसकी बुर पनिया रही थी, बिना कपड़ों को खराब किए, हमने एक फटाफट वाला राउन्ड पूरा किया, मैंने आखिर मे उसकी गाँड मे अपनी उंगली डालते हुवे पूछा की इसमें डाल दूँ, तो बोली एक बार डलवाना तो हे लेकिन अभी नहीं फिर कभी, फिर मै भी जल्दी ही उसकी बुर मे अपने विर्य को उगल बाहर हो गया । हम दोनों जल्दी ही नीचे आ सब के साथ शामिल हो गए, किसी को कुछ भनक भी नहीं लगी ।
अगली सुबह सब अपने अपने शहर को निकल लिए, घर आने के बाद सब सामान्य ही रहा, हम पती पत्नी अपना सामान्य जीवन जी रहे थे, लेकिन पत्नी के मन मे उसकी फेंटसी घूम रही थी, पिछली बार यह सब किए बहुत समय बित चुका था । अभी उसने घर मे काम के लिए एक नई कामवाली बाई लगवाई, पिछली वाली कामवाली बाई की यह बहु ही थी, कुछ दिन तो सब सही रहा, लेकिन फिर एक संडे दोपहर मे मै अपने बेडरूम मे आराम कर रहा था, तभी बीबी उस कामवाली बाई को लेकर रूम मे आई, और अपने कपड़े खोल केवल पेन्टी मे जमीन पर लेट गई, और वह कामवाली बाई जिसका नाम की चन्दा था, वह मैरी बीबी की पूरे नंगे बदन की मालिश करने लगी, मुझे उस बाई के सामने वहा रहना ठीक नहीं लगा, तो मै वहा से जाने लगा, लेकिन मैरी वाइफ ने मुझे इशारे से वही रोक लिया, कुछ देर बाद चन्दा अपने कपड़े अपने बदन पर चढ़ाने लगी, उसने अपनी सारी खोल साइड मे पटक दी, और अपने पेटीकोट को घुटने से भी ऊपर कर अपनी कडक चिकनी झाँघे दिखाने लगी, उसका ब्लाउस भी शायद किसी का दिया हुवा था क्योंकि वह डिजाइनर ब्लाउस पहनी थी, जिसमे से उसके आधे से ज़्यादा बूब्स बाहर आ रहे थे, नंगी पीठ, छोटा सा ब्लाउस मे वह गजब की कसी हुई लग रही थी, उसकी उम्र कोई 22 या 23 साल से ज़्यादा नहीं रही होगी, चन्दा ने मैरी बीबी को बेबी ऑइल से एतना मस्त मसाज दिया की उसका पूरा बदन चमकने लग गया, उसने मैरी बीबी की पेन्टी मे भी हाथ डाल उसको उजगली से मैरे सामने ही ठंडा कर दिया, चन्दा ने मेरी बीबी के दोनों उरोजों को मसल मसल कडा कर दिया था, आज हमारा बेटा घर ही था, बाहर हाल मे टीवी देख रहा था, एसलिए मैरी बीबी ने ज्यादा कुछ किया नहीं, चन्दा के जाने के बाद उसने बाथ लिया और बाद मे भी वह घर मे सामान्य ही रही ।
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Dear Writer don't create the I'd those related to god..keep recreate and repost..keep respect the believe
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अगले रविवार से पहले कोई तीन दिन मे मैरी बीबी ने मुझे हाथ नहीं लगाने दिया, मै चिंता मे पड गया की क्या मुजसे कोई गलती हो गई हे या फिर एसकी तबीयत ठीक नहीं हे, रविवार दोपहर मैरे बेटे को उसके फ्रेंड की बर्थडे पार्टी मे जाना था, वह अब शाम से पहले नहीं आने वाला था, पिछले रविवार की तरह ही आज दोपहर चन्दा अपने सब काम निपटा कर हमारे घर आ गई, शायद मैरी पत्नी ने उसके लिए ज़्यादा कुछ काम नहीं छोड़ रखा था, हमारे घर का काम खत्म करने के बाद, जल्दी ही मैरी बीबी ने उसे हमारे बाथरूम मे भेज दिया, मै दोपहर मे मोबाईल देख आराम कर रहा था, तब मैरे पीछे बेड पर मैरी वाइफ ने एक पुरानी बेडशीट बिछा दी, और खुद के कपड़े खोल केवल पेन्टी मे बेड पर लेट गई, जब चन्दा हमारे बाथरूम से निकली तो केवल अपने पेटीकोट को सिने से बांधे बाहर आई, उसकी टांगे झाँघो तक नंगी थी, आते ही मैरी बीबी की पीठ पर बेबी ऑइल से मसाज देने लगी, एसके बाद उसने मैरी बीबी की पेन्टी मे हाथ डाल उसकी गाँड को लगभग नंगी कर उसके चूतड़ों की भी बेहतरीन तरीके से मसाज दी, फिर मैरी बीबी सीधी लेट गई, तो चन्दा उसके उरोजों को मसलने लगी, और पेट की मालिश के समय उसको पूरा नंगा कर दिया, दोनों एस तरह व्यवहार कर रही थी, मानो उन दोनों के अलावा इस रूम मे कोई और हो ही नहीं, पाँच मिनट के बाद मैरी बिबी ने मुझे भी अपने कपड़े खोल मालिश करवाने का कहा, पहले मैंने मना कर दिया, लेकिन वह मानी नहीं, मैरे कपड़े खिच कर उतार दिए, अब मै केवल फ्रनची मे था, मुझे भी उसी बेडशीट पर बैठा दिया, चन्दा पीछे से मेरी पीठ पर तेल लगाने लगी, दो मिनट के बाद मैरी नंगी बीबी ने मुझे बेड पर पटक मैरी फ़्रेनची खोल दी, मै कुछ बचाव कर पाता उससे पहले ही मेरी फ़्रेनची जमीन पर पड़ी थी, मैरी बीबी ने मैरे सिने पर ढेर सारा तेल बहाया, और खुद मैरे सिने पर लेट गई, उसके स्तान मैरे सिने से रगड़ाने लगे, और चन्दा ने अपना पेटीकोट निकाल कर मैरी बीबी की पीठ पर तेल डाल अपने नंगे बदन से उसे बॉडी टू बाड़ी मसाज देने लगी, मैरी बीबी मैरे खड़े लंड को अपनी झाँघो के जोड़ों मे दबा कर रगड़ने लगी, और चन्दा उसके बदन को पीछे से रगड़ रही थी, कोई दस मिनट के बाद मैरी बीबी ने चन्दा को हम दोनों के बिच खिच लिया, अब चन्दा अपने कडक बोबे मैरे सिने से रगड़ते हुवे, मैरे मुंह मे अपनी निप्पल को रगड़ने लगी, वो बार बार अपने कडक चुचक मैरे मुंह मे दे निकाल देती, मुझे टूँगा रही थी, तब मैंने उसे कमर से जोर से पकदा और उसके बोबे मुंह मे लेकर उसकी निपल चुभलाने लगा, चन्दा अब गरम होने लगी थी,तब मैरी बीबी ने मुझे बेड पर लेटा कर मैरे कड़कनाथ को अपने मुंह मे लेकर मुखमंजन करने लगी, और चन्दा को कुछ इशारा किया, और चन्दा अपनी चिकनी बुर को फेला मैरे चेहरे पर बेठ गई, उसकी बुर मैरी बीबी कि तरह गौरी तो नहीं थी, लेकिन उसकी बुर की पट्टिया कसी हुई थी, मैंने उसके झाँघो के जोड़ों को फेलाया और उसकी पनियाई बुर को चाटने लगा, शायद उसकी बुर पहली बार कोई चाट रहा था, एसलिए वह आपले पाँच मिनट मे ही दो बार मैरे मुंह मे झड गई, एधार मैरी बीबी मैरे उत्तेजित लिंग पर बेठ उसे अपनी चुत मे पूरा जड़ तक घुसा कूदने लगी, चन्दा और मैरी बीबी के मूंह एक दूसरे की और ही थे, एसलिए वो दोनों एक दुसए की जीभ होंठ चाट रही थी, जब चन्दा से अपनी बुर को उससे ज्यादा चटवाने मे परहसानी होने लगी तो, वह मैरे चेहरे से उठ खड़ी हूयि, तब तक मैरी बीबी भी दो बार झड चुकी थी, अब चन्दा अपनी बुर को मैरे लंड पर सेट करने की कोशिश करने लागि, मै उसकी कमर पकड़ उसकी बुर मे लंड डालने की कोशिश कर रहा था लेकिन उसकी बुर बहुत छोटी थी या फिर मैरा लंड मोटा था, आखिर मैरी बीबी ने मैरे लंड पर तेल लगाया और उसकी कमर पकड़ लंड पर उसकी बुर को सेट करने लगी, लेकिन लंड उसके छोटे से छेद मे जा ही नहीं रहा था, तब मैंने उसे नीचे पटका और उसकी बुर मे तेल लगा उसकी बुर मे जबरदस्ती अपना भीमकाय लंड फसा दिया, चन्दा जोर से चीखी, लेकिन मैंने रहम नहीं दिखाया, कुछ धक्कों के बाद मैरे लंड ने अपनी जगह बना लि, उसकी बुर मै मैरा लंड बहुत टाइट जा रहा था, अब मैरी बीबी उसके चेहरे पर बेठ अपनी बुर उससे चटवा रही थी, कुछ देर मे उसकी बुर हर दो मिनट मे पानी छोड़ने लगी, जिससे मैरा मज़ा खराब हो रहा था, एसलिए मैंने एन दोनों को घोड़ी बना कर घुटनों के बल उकड़ू कर दिया, अब बारी बारी से दोनों की चुत मारने लगा, चन्दा को शायद एतनी देर चुदाई की आदत नहीं थी, तो वह अगले चार पाँच राउन्ड के बाद उठ खड़ी हुई, और हम दोनों के हाथ जोड़ लिए, लेकिन वहा से गई नहीं, अगले दस मिनट के बाद जब मैरे खाली होने का समय आया तो ये दोनों फिर मैरे नीचे लेट गई, मैंने एक बार फिर चन्दा की चुत मारी, और फिर अपनी बीबी को अपने विर्य से भर दिया ।
बाद मे मैरी पत्नी ने बताया की, चन्दा की शादी को तीन साल हो गए थे, लेकिन उसका पति अपनी बचपन की बुरी आदतों के कारण उसको संतुष्ट नहीं कर पाता ही, जब कभी कभी दोपहर मै वो मैरी मसाज करती थी तो उसका बदन देख मैरी फेंटसी जाग उठी, और मैंने उसे अपने प्लान मे शामिल कर लिया, इसके बाद कई बार चन्दा हमारे साथ शामिल हुई, और आगे जीवन मे मैरी बीबी, किसी नया किसी को पकड़ ही लेती थी, बाद मे उसकी चचेरी बहन और वह भाभी भी जब कही मिलते, हमारा प्रोग्राम सेट हो जाता, लेकिन अब हमारा बेटा बड़ा हो रहा था, इसलिए हमे सावधानी रखनी पड़ती थी, दुसरा यह था की मुझे तो अनगिनत बार मैरी बीबी ने दूसरी चुते दिलवा दी, लेकिन मैरे कई बार बोलने पर भी आज तक उसने मैरे अलावा किसी बाहरी लंड का स्वाद नहीं चखा था, जिसका की मुझे बड़ा दुख था ।
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इस तरह सालों बित गए, मै समय समय पर उसको कहता की एक बार वह भी किसी नए लंड का स्वाद ले कर देखे, लेकिन वह कभी राजी ही नहीं हुई, अभी एक रात मैंने हमेशा की तरह पत्नी की चुदाई के समय उसे छेड़ा की अब बता और तेरी क्या फेंटसी हे, पहले तो मना करती रही, फिर मैरे बार बार पूछने पर बोली की मुझे किसी नए जवान लड़के का लंड देखना हे, मैंने बोला की बस देखना हे तो वह तो मोबाईल मे गूगल कर ले, मैरे छेड़ने पर बोली की मतलब वही की कोई नया नया जवान लड़का मिले तो उससे एक बार चुदवाना हे, मैंने फिर छेड़ते हुवे कहा मतलब तु उसकी नथ उतारना चाहती हे, वो बोली, हा वही समज लो, पहली चुदाई मैरे साथ करे, तो मैंने कहा की ऐसा लड़का तो कोई कॉलेज कालेज गोइन्ग ढूँढना पड़ेगा, लेकिन उसकी चिंता यह थी की कही कोई गले ना पड जाए, बाद मे परेशान करे, तो मैंने कहा की हम किसी ऐसे को ढूँढेंगे जो की हमे ना जानता हो, और कही बाहर जाकर होटल वगेराह मे उसके साथ मजे करवाऊँगा तुझे ,तु चिंता ना कर लेकिन वो बोली की नहीं मै आपके साथ ही रहूँगी, मतलब मैरी तरह ही उसे भी थ्रीसम करना था लेकिन जवान लड़के से । अब मै किसी नए जवान लड़के की तलाश मे लग गया, लेकिन, यह मैरे सोचने जितना आसान ना था , पहली समस्या मैरी उम्र उन लड़कों के बाप के बराबर थी, यो मै किसी से यूं ही इस बारे मे बात नहीं कर सकता था, दूसरा मै किसी जान पहचान वाले को भी अपने साथ शामिल नहीं करना चाहता था । दिन यूंही बीतते गए, और मैरी तलाश पूरी नहीं हो रही थी।
इधर हमारा बेटा अब कालेज पहुच गया, अच्छे रहन सहन और स्वास्थ्य के कारण हम दोनों इतने बड़े बच्चे के मा बाप नहीं लगते थे, हमारा बेटा अपने कॉलेज टाइम से ही खेलों मे भी रुचि लेता था, अब कालेज मे जिम जाईन कर लिया, तीन महीने मे ही उसकी फिजिक दिखने लगी, उसकी कदकाठी तो पहले ही एक नंबर थी, अब शरीर से भी वह आकर्षक दिखने लगा था, हम दोनों उसके साथ दोस्ताना रहते थे, वह भी हमसे अपनी सब बातें शेयर करता था, कई बार उसके कालेज की लड़किया उसे फोन करती तो वह उनसे कामपूर्ति बात कर फोन काट देता, उसकी मा उसे कहती की ऐसा नहीं करते लेकिन वह कहता की यह सब मैरी गर्लफ्रेंड बनने के चक्कर मे रहती हे, लेकिन मुझे यह सब पसंद नहीं ।
जब वह सुबह जल्दी उठ कर घर पर ही एक्सर्साइज़ करता, तो मैरे पीछे पड़ता की आप भी हल्की फुलकी एक्सर्साइज़ किया करो, शरीर फ़्लेक्सिबल रहता हे, उसकी जिद के आगे मै भी शुरू हो गया, जब मुझे अपने रोज के कामकाज मै थोड़ा फ़र्क महसूस हुवा तो मैंने अपनी बीबी को भी बोला की तु भी हमारे साथ एक्सर्साइज़ किया कर, हमारे रोज के दबाव मे आकार वह भी कभी कभी हमारे साथ शामिल होने लगी थी, बारिश के मौसम मे जब उसका घर से बाहर उसका आनाजाना कम हो गया तो, वो भी हमे जॉइन करने लगी, मैरी बीबी शुरू से ही हमारे बेटे के सामने कपड़े वगेरह बदल लिया करती थी, ब्रा मे तो कई बार आ जाती थी, लेकिन जब से हमारा बेटा समज़दार हुवा हे, वह खुद ही अपनी मा को कपड़े बदलता देख रूम से बाहर निकल जाता था, अभी मैरी पत्नी एक्सर्साइज़ के समय कभी बड़े गले की कुर्ती या टीशर्ट पहन लेती थी, जिसमे से उसके बड़े बड़े स्तन साफ दिखते, वह घर मे होने के कारण कोई शर्म नहीं करती, कई बार टाइट लेगीनगस मे से उसकी केमल टों दिखती, लेकिन यह हम सब के लिए नॉर्मल था, इक दिन मै अपने और बेटे के लिए ऑनलाइन कुछ जिम के कपड़े मँगवा रहा था, तो मैरे बेटे ने अपनी मा के लिए भी ऑर्डर करने का बोला, लेकिन वह राजी नहीं थी बोली मै तो यूं ही ठीक हूँ, तो वो बोला की घर के कपड़ों मे हाथ पैर रीलैक्स नहीं हो पाते, लेकिन वह राजी ही नहीं हो रही थी, तब वो मुझे बोला की पापा आप तो कुछ सही देख कर ऑर्डर लगा दो, आ जाएंगे तो सब पहन लेगी, जब मे उन्हे वेबसाईट पर सर्च करने लगा तो हमे उसके साइज़ को लेकर कुछ कन्फ़्युशन था, तब मैंने उसे कहा की इससे साइज़ का पूछेंगे तो मना कर देगी, तु ही जाकर उसके अंदर के कपड़े देख आ साइज़ पता चल जाएगा, वो बिना झिझक हमारे कमरे मे गया और बाथरूम मे जाकर उसकी आज उतारी ब्रा पेन्टी उठा लाया, और मुझे दे कर बोला साइज़ कहा लिखा हे, मैंने उसका भोलेपन देख आशचर्य हुवा, फिर मैंने उसे ब्रा और पेन्टी के टैग पर लिखे साइज़ बताए की यह देख 34 D ब्रा का और पेन्टी का 38 साइज़ हे, इसके बाद वह चुपचाप उन्हे वापिस बाथरूम मे रख आया, फिर मैंने उसे बोला की मुझे तो ऑफिस जाना हे, तु ही इसके साइज़ मे कुछ अच्छा जिम वियर पसंद कर ऑर्डर कर देना, मै पेमेंट कर दूंगा ।
शाम को मैंने अपना मोबाईल चेक किया तो देखा की उसने हम दोनों के साथ उसकी मा के लिए भी कुछ जिम वेयर ऑर्डर कर दिए थे, मैंने पेमेंट कर ऑर्डर कन्फर्म कर दिया, दो दिन बाद कपड़ों का पैकेट घर आ गया, शाम को बेटे ने उसे खोला तो सब सही ऑर्डर आया था, हमे हमारे कपड़े दे दिए, लेकिन हमने उन्हे चेक नहीं किया, अगली सुबह जब हम तीनों एक्सर्साइज़ के लिए हाल मे आए तो उसने अपने नए जिम वेयर पहने थे, मुझे बोला की पापा आप ने नहीं पहने तो मैंने कहा की सॉरी भूल गया अभी पहन कर आता हूँ, मै रूम मे जाकर चेंज कर के आया, यह एक यूनिसेक्स बनियान और चड्डी थी, बाह के नीचे बड़ा सा कट था, उसी का कपल सेट मे वाइफ की भी सेंम उसके साइज़ की यूनिसेक्स बनियान और चड्डी थी, कुछ देर बाद मेरी पत्नी भी उसे पहन कर हमारे साथ शामिल हो गई, मै उसे देखता ही रह गया, उसने एस तरह के कपड़ों मे अपने बेटे के सामने मे आने मे जरा भी शर्म नहीं की, उसकी पीठ पूरी खुली थी, झाँघो के जोड़ों मे उसकी कैमल टों दिखाई दे रही थी, मैरे हिसाब से उसने अंदर पेन्टी नहीं पहनी थी शायद, उसका भारी सीना आधे से ज्यादा बाहर आ रहा था, जवान बेटे के सामने उसे एस तरह रहना मुझे कुछ ठीक नहीं लगा, लेकिन मुझे यह भी पता था की यह दोनों मा बेटे एक दुसरे के सामने काफी खुले हुवे हे, बेटा भी अपनी मा को बिना संकोच के सभी जगह से छूकर उसे एक्सर्साइज़ करने मे मदद कर रहा था ।
अगले कुछ दिन यही चलता रहा, डेली हम तीनों मिलकर सुबह वर्जिश करते, और मै दोनों मा बेटे की हरकते नोट करता रहता, मैंने गौर किया की मैरी बीबी जानबुझकर गलती करती और मैरा बेटा मा की गलत प्रैक्टिस को सुधारता, मैरे बेटे की तो नियत मुझे ठीक लग रही थी, लेकिन कही ना कही मुझे अपनी बीबी पर ही संदेह था ।
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और इस का जवाब आखिर एक दिन मिल ही गया, रात मै चुदाई करते समय मैंने बीबी से वही प्रश्न किया की अब तो बता दे की तैरी क्या फेंटसी हे, लेकिन उसने वही रटारटाया जवाब दिया, की तुम्हें मैरे अलावा किसी और के साथ भी चुदाई करते देखना, लेकिन मै इस बार अड़ गया, और उसके चरम पर पहुचने के पहले अपनी कमर की गति कम कर दी, उसका मजा जैसे ही कम हुवा, वह मुझे बोलने लगी, की रुक क्यों गए, चोदते रहो, लेकिन आज मैंने उसे मजबूर कर दिया की बता तेरी क्या फेनटसी हे, वह बहुत देर तक नहीं बोली, लेकिन आखिर अपनी चुत के मजे को खराब होता देख बोल पड़ी की, वह किसी जवान बाँके लड़के से चुदना चाहती हे, जिसे पहले सेक्स का ज्यादा अनुभव ना हो, मै उसे सीखाना चाहती हूँ, कुंवारी लड़कियों की तरह उसकी नथ उतारना चाहती हूँ, अब उसका भी राज मैरे पास आ गया था, उस दिन दिल भरकर चुदाई करने के बाद वो बोली की इसमे सबसे ज्यादा रिस्क हे, कही कोई बाहरी लड़का, बाद मे हमे ब्लैक मेल करने लगे, तो मुश्किल हो जाएगी, इसलिए मैंने आज तक तुमसे अपनी फेंटसी की बात नहीं की थी ।
अब मैरे दिमाग मे एक प्लान बनने लगा, लेकिन मुझे पता था की वह उस प्लान मे कभी शामिल होने के लिए राजी नहीं होगी, मुझे उसकी एक कमजोरी अच्छी तरह से पता थी मैंने जानबुझकर पूरे हफ्ते बीबी की चुदाई नहीं की, मुझे पता था की उसकी चुत मे खुजली मच रही होगी, तीसरे चोंथे दिन वह बार बार मुझसे चिपक रही थी, लेकिन मै उसे भाव ही नहीं दे रहा था, आखिर पाँचवे दिन उसने बहाना बनाया की उसका पूरा बदन दर्द कर रहा हे, एसलिए उसने रात मे सोते समय अपने कपड़े खोल केवल छोटी सी ब्रा पेन्टी मे बेड पर लेट गई, और बोली की मैरी मालिश कर दो ना प्लीज, बदन बहुत दर्द कर रहा हे ।
और तभी मैरे दिमाग मे एक आइडीया आ गया, मैंने तुरंत अपने बेटे को रूम मे बुलाया, और कहा की तूने मम्मी को इतनी कसरत क्यों करवाई, देख अब उसका बदन दर्द कर रहा हे, चल अब मम्मी के पूरे बदन की मालिश कर । मेरी बीबी मुझसे मालिश के बहाने अपने साथ सेक्स के लिए उत्तेजित करने की कोशिश मे थी, लेकिन मैंने अपने जवान होते बेटे को बुला लिया, अपना प्लान फ़ाइल होती देख, वह बोली की नहीं ठीक हे, मै ही खुद को तेल मालिश कर लूँगी, लेकिन मैंने अपने बेटे को इशारा किया, की मम्मी की मालिश चालू कर, यह तो यूं ही बहाने बनाती रहती हे, और मैरी और से हरी झंडी मिलते ही हमारा बेटा तेल लेकर शुरू हो गया, उसने अपनी मा के पैरों से मालिश शुरू की, पहले तो वह केवल घुटनों तक ही तेल मालिश कर रहा था, लेकिन मैरे कहते ही उसने अपनी मां की चिकनी मांसल झाँघो तक अपनी पहुच बना ली, पहले तो मैरी बीबी अपनी छोटी सी थॉंग टाइप पेन्टी पहने होने के कारण अपने पैर चोड़े नहीं कर रही थी, लेकिन मैंने उसके पैर पकड़ चौड़े कर दिए, जिससे उसकी चुत अपने जवान बेटे के सामने बड़ी मुश्किल से छुप पा रही थी, उसकी थॉंग मे आगे केवल एक तीन कोने वाला छोटा सा चिंदा लगा था, कुछ देर बाद मैंने उसे कमर से पकड़ बेड पर उल्टा कर दिया, और अब उसकी थॉंग की पिछली मोटे धागे जितनी रस्सी उसकी मोटी गुंदाज गाँड मे घुसी हुई थी, मैंने बेटे से कहा की मम्मी के कूल्हों पर अच्छे से तेल मालिश कर, और वह मैरे बोलते ही अपनी माँ की झाँघो पर बेठ उसकी गाँड और कमर पर तेल से भरी अपनी उनगलियों का जादू दिखाने लगा, मैरी बीबी चाहकर भी इस सब का विरोध नहीं कर पा रही थी, उसकी गाँड का काला छेद उस धागे के समान डोरी मे से साफ दिखाई दे रहा था, उसकी से कुछ नीचे उसकी पनियाई चुत का निचला हिस्सा उसकी चुत के बहते पानी से चमकता सा दिख रहा था, मैरा बेटा मुझसे बचते हुवे अपनी माँ की गीली चुत का वह अंदर का खुला हुवा गुलाबी भाग अपनी चोर निगाह देख रहा था ।
तभी मैंने उसे बोला की तेरे कपड़े तेल मे गंदे हो जाएंगे, पहले अपनी बरमूडा खोल दे, उसने तुरंत अपनी बरमूडा निकाल दी, और अब वह अपनी सफेद वी शैप फ़्रेनची मे था, जिसमे से उसका उत्तेजित लाँड़ का उभार साफ दिख रहा था, मैंने उसे डिस्टर्ब ना करने के लिए उसकी फ़्रेनची की और निगाह भी नहीं डाली । अब मैंने उसे अपनी बीबी की पीठ पर बंधी ब्रा की रस्सी खोल दी, उसके भारी सीना नीचे की और दबा था, लेकिन उसकी बांह के नीचे से उसके मांसल बोबो का साइड व्यू मस्त दिख रहा था, मैरे बेटे ने उसकी मांसल गोरी पीठ की मालिश शुरू की, हमारा बेटा अब अपनी मा की गाँड पर बेठा था, उसने दिल से अपनी मा की नंगी पीठ, कंधों, और बाँहों पर तेल मला, फिर मैंने उसे उठाने का इशारा किया, और मैरी बीबी की बांह पकड़ अचानक से उसे सीधा पीठ के बल लिटा दिया, उसकी ब्रा की डोरिया पहले ही पीठ की तरफ से खुली थी, सीधे होते ही उसने अपनी दोनों हथेलियों से अपने सिने को छुपाते हुवे अपनी तनी हुई काली काली निप्पलों पर रख दिया, आगे से उसकी थॉंग के तिकोने चिंदे पर चुत के पानी का धब्बा दिख रहा था, मैंने अपने बेटे से कहा देख मम्मी को कितना दर्द था दर्द से उसका मूत छूट गया, और वो जोर जोर से हसने लगा, मैरी बीबी मुझे घूरे जा रही थी, लेकिन बेटे के वहा होने से कुछ नहीं बोल पा रही थी, अभी पिछले संडे ही मैंने अपनी बीबी की बुर के बाल साफ किए थे, इसलिए उसकी चुत साफ चट थी । हमारा बेटा अपनी झाँघो की सिकोड़े था, क्योंकि इस समय उसका लिंग बहुत उत्तेजित था, मैंने उसकी बनियान खुलवा दी, और अब वह केवल फ़्रेनची मे था ।
मै लगातार अपने दिमाग मे मनोवेज्ञानिक रूप मे खुराफात चला रहा था, हमारा बेड किंग साइज़ बहुत बड़ा हे, मैंने अपने बेटे से कहा की तु भी यही सो जा, कभी रात को मम्मी को दर्द होगा तो तु उसे और तेल लगा देना, नहीं तो बॉडी मसाज दे देना, मैरी बीबी मुझे देख आखे दिखने लगी थी, वास्तव मे अब तक वो बहुत गरम हो चुकी थी, और हमारे बेटे के रूम से बाहर जाते ही मुझसे चुदना चाहती थी, लेकिन मैंने अपने बेटे को साथ मे सोने का बोल दिया था, और वह बिना बहाने के राजी हो गया था ।
अब मैरी बीबी बिच मे थी एक तरफ मै और दूसरी तरफ हमारा जवान बेटा था, मैरी बीबी को आदत हे, की वो रात भर मैरे ऊपर अपने पैर रख सिने से चिपक कर सोती हे, और मैंने जानबुझकर जिस साइड मे रोज सोता हूँ उधर बेटे को सुला दिया था, कुछ देर बाद हम तीनों सो गए, मैरी बीबी अपने सिने पर हाथ रख अपने स्तनों के उभारों को ढक मैरी और मुंह कर सो गई, लेकिन मुझे अच्छी तरह पता था की, रात मे गहरी नींद लगने के बाद वह अपनी आदत अनुसार मैरे बेटे के ऊपर चड़ेगी, और उसके बदन से चिपकेगी, और मैरी योजना के अनुसार अगले आधे घंटे मे बदन की मालिश से पूर्णतृप्त हो मैरी बीबी गहरी नींद मे सो गई, बेटे के सो जाने के बाद मैंने आहिस्ता से उसकी थॉंग की कमर पर बंधी डोरी को गांठ खोल दी, और फिर गहरी नींद मे रोज की आदतानुसार वह बेटे की तरफ करवट ले उससे चिपक गई, करवट लेटे ही उसकी थाँग खुल कर बेड पर नीचे ही रह गई, फिर कुछ देर बाद उसने अपने नंगे बदन को अपने बेटे की झाँघो पर चढ़ा दिया, पहले तो मेरा बेटा गहरी नींद मे सोया पड़ा रहा, लेकिन मैंने तुरंत ऐसी का टेम्परेचर बढ़ा दिया, कुछ ही पलो मे रूम मे गर्मी बढ़ने लगी, और मैरे बेटा अपनी माँ के शरीर की गर्मी से जाग गया, और उसने खुद के ऊपर अपनी नंगी माँ को पाया तो थोड़ा चौक सा गया, मै रूम मे अंधेरा कर अपनी आँखे बारीक सी खोल सब देख रहा था, एतनी देर मे मै रूम मे अंधेरे मे देख पाने मे अभ्यस्त हो चुका था, हमारा बेटा पहले तो अपनी माँ की नंगी झाँगहे हटाने की कोशिश मे था, लेकिन जैसे ही उसने अपनी मा की कमर कप पकड़ उसे अपने शरीर से दूर करने की कोशिश की, उसके हाथ अपनी माँ की नंगी चूतड़ों पर पड़े, वो अपनी मां को नंगी देख सतर्क मुद्रा मे आ गया, फिर उसने मैरी बीबी को कंधे से पकड़ दूर करने के लिए कोशिश की, लेकिन एस बार उसके हाथ अपनी मां के उभारों पर पड़ा, तभी मैंने बिना हिलेढूले फिर से ऐसी का तापमान कम कर दिया, क्योंकि मुझे तो बस अपने बेटे को जगाना था, रूम मे फिर से ठंडक होने लगी, और हमारा बेटा अपनी मा के चिपकने के कारण गर्मी को अब फ़ील नहीं कर पा रहा था, वह लगातार मैरी और देख रहा था, लेकिन रूम मे जो हल्की सी रोशनी आ रही थी, वो मैरे पीछे से आ रही थी, इसलिए वो मैरा चेहरा नहीं देख पा रहा था, लेकिन मे उसकी सभी हरकते अच्छे से देख पा रहा था ।
कुछ देर वह सामान्य रहा, लेकिन फिर हर जवान लड़के की तरह उसका पुरुष होना उस पर हावी हो गया, अब उसे मैरी बीबी के नंगे बदन मे माँ से पहले मादा दिखाई देने लगी थी, वह बहुत ही हल्के हाथ से अपनी माँ के कूल्हों पर हाथ फेरने लगा, और यह आश्वस्त हुवा की उसकी माँ अब ऊपरी बदन के साथ ही अपनी कमर के नीचे से भी पूरी तरह नग्न है, और फिर उसने थोड़ा पीछे हो अपनी मां के स्तनों को बड़े ही हल्के हाथों से छुवा, उसकी निप्पलों की घुंडीयो को सहलाया, और उसके सिने की घाटियों के बिच की गर्माहट को महसूस किया, मुझे इस बात मे जरा भी शक नहीं था की उसकी किसी हरकत से मैरी बीबी जागेगी, क्योंकि मै भी उसे कई बार उसकी गहरी नींद मे ही चोदता हूँ, और वह कुछ रीस्पान्स नहीं देती, लेकिन मैरा बेटा ऐसी की ठंडक मै भी पसीने पसीने हो रहा था, उसकी कनपटियों, नंगे सिने पर पसीने की बुँदे साफ चमक रही थी, जो की कुछ गलत करने की कोशिश मे हर भले आदमी को स्वाभाविक रूप से आ ही जाता हे, उसने अपनी माँ और खुद के बिच थोड़ी दूरी बना अपना उत्तेजित लंड अपनी फ़्रेनची से बाहर निकाल लिया, और बड़ी मासूमियत के साथ अपनी माँ की चुत को छूकर उसकी गर्माहट महसूस कर रहा था, मैरी पत्नी की एक नंगी झाँघ अपने बेटे की कमर पर थी, इस कारण उसकी चुत पूरी तरह से खुली हुई थी, काही से भी दाब नहीं रही थी, मैरे बेटे ने अपनी इक उंगली, अपनी माँ की चुत पर रख, उसकी नमी महसूस की, फिर हल्के हाथों से अपनी माँ की चुत के बाहरी भाग को छूने लगा, और मुझे अपने इतने सालों के अनुभव से पक्का पता था की मैरी बीबी की चुत उसके गहरी नींद मे होने पर भी पानी छोड़ेगी, लेकिन बेटे ने अपना हाथ जल्दी ही हटा लिया ।
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कुछ देर बिना किसी हरकत के उसका आदमी फिर जाग गया, और इस बार उसने थोड़ा अपना चेहरा नीचे झुका, अपनी मा के निप्पलों को अपनी जीभ को गोल कर उसकी नोक से छूने और चूसने लगा, अपनी सोई हुई माँ का कुछ विरोध यानि हरकत ना देख उसका होसला बढ़ गया, और अब वो अपना पूरा मुंह खोल अपने बचपन की तरह अपनी माँ के बड़े बड़े स्तनों को चूसने लगा, उसकी जल्दबाजी के कारण उसके मुंह से पुचच पुचच की आवाज आने लगी थी, और वह रुक रुक कर अंधेरे मे मुझे देखने लगता, लेकिन मै तुरंत अपनी आँखे बंद कर सोने का नाटक करता, इस तरह अब उसकी हिम्मत खुलती जा रही थी, जी भर कर अपनी मां के चूचक चूसने के बाद अब उसने अपना ध्यान अपनी मा की चुत की और लगाया, और अपनी मा की टांगे अपने ऊपर से हटने नहीं दी, क्योंकि उसी कारण उसे अपनी मा की गीली चुत को छूने को आसानी से मिल रहा था, पहले तो वह अपनी इक उंगली, फिर अब दो उंगलिया अपनी मा की चुत मे करने लगा, एक बार तो मुझे लगा की मैरी बीबी जागने वाली हे, लेकिन हमारे बेटे ने तुरंत अपनी उंगली अपनी माँ की चुत से बाहर निकाल अपना हाथ ऊपर की और कर लिया, यह सब लाइव देख मैरे लिए भी अब रुकना मुश्किल होता जा रहा था, क्योंकि मैंने खुद ही इस सब का प्लान बनाने के लिए पिछले पाँच दिन से चुदाई नहीं की थी, अब मैरे बेटे ने हिम्मत दिखा फिर से अपनी फ़्रेनची को और नीचे कर अपना उत्तेजित लंड हवा मे लहराया, और अब उसे अपनी मा की चुत से सटा उसके बाहरी भाग से रगड़ने लगा, और मैरे अनुमान के अनुसार ही अगले पाँच मिनट मै मैरी बीबी की चुत बहने लगी, मैरा बैटा पहले तो घबराया, लेकिन फिर सब शांत देख अपनी मा के कामरस को अपनी दो उनगलियों मे लेकर पहले तो सुघने लगा, और फिर अपनी उन कामरस मे भरी उनगलियों को चाट गया, उसे देख मैरा लवडा जोर मारने लगा, उसने अपने लंड की टिप को अपनी मा की चुत मे पैलने की बहुत कोशिश की, लेकिन पहली बार मै वह डर के कारण इतना जोर नहीं लगा पा रहा था ।
अब मुझे आगे बढ़ना जरूरी हो गया था, नहीं तो हम दोनों बाप बेटे की रात खराब हो जाती, इसलिए मैंने पहले तो जागने का बहाना किया, मैरे बेटे ने मैरे बदन मे हलचल होती देख एक पल मे खुद को समेट लिया, लेकिन वो अपना उत्तेजित लंड अपनी फ़्रेनची मे नहीं कर पाया, मैंने अपनी बीबी को अपने बेटे पर चढ़ा देख उसके पास जाकर उससे चिपक गया, और पीछे से उसके स्तनों को दबाने मसलने लगा, मारी इस हरकत से मैरी हथेली मैरे बेटे के सिने से छु रही थी, क्योंकि मैरी बीबी उस पर पूरी तरह से चढ़ी हुई थी, फिर मैंने उसके कंधों, कानों के पीछे और गरदन पर जी भरकर किस किए, मैरा बेटा अपनी आँखे आधी खोल मैरी इन हरकत को देख रहा था, ईसके बाद मैंने अपना उत्तेजित लंड अपनी फ़्रेनची से निकाल उसे थोड़ा सा सहलाया, और फिर उसे अपनी बीबी के ऊपर अपनी इक टांग चढ़ा उसकी झाँगहो के जोड़ों मे पीछे से घुसा दिया, मैरी इस हरकत से मैरा बेटा डर सा गया, और गहरी नींद मे होने का नाटक करने लगा, अब मैंने अपनी हथेली अपनी बीबी की चूत पर रगड़ी, लेकिन मैरी हथेली की दूसरी तरफ के मुझे अपने बेटे का उत्तेजित लंड टकराया, अब मैंने पहले तो अपनी बीबी की चुत को अच्छे से रगड़ फिर उसमे अपनी दो ऊँगालिया डाल उसे थोड़ा गीला किया, और एक पल मे ही अपने बेटे का उत्तेजित लंड अपने हाथ से पकड़ उसकी माँ की चुत मे घुसा दिया, वो हक्काबक्का हो मुझे देखने लगा, मैंने उसे कहा, रुके मत झटके दे, पूरा अंदर घुसा दे, वो एक पल को तो सन्न रह गया, लेकिन मैरे फिर से इशारा करने पर अपनी मा की चुत मे अपना लंड सेट कर घुसा दिया, अब एक तरफ से मै अपनी बीबी के बोबे दबा रहा था, उसकी गरदन पर किस कर रहा था काट रहा था, तो दूसरी तरफ से मैरा जवान बेटा अपनी माँ की चुत चोद रहा था ।
हम बाप बेटे की मशक्कत से मैरी बीबी आखिरकार जाग गई, और अपने ऊपर हम दोनों को देख समझ ही नहीं पाई, की हो क्या रहा हे, उसे लगा, जैसे वह नींद मे कोई सपना देख रही हे, लेकिन जब मैंने उसके बड़े और भारी बूब्स को जोर से दबाया, और मैरे बेटे ने अपने दांतों से उसकी निप्पल पर काटा, तो वो पूरी तरह से जाग गई, मैंने तुरंत रूम की लाइट जलायी, और उसे बेड पर नीचे लेटाया, लेकिन उसने मैरे बेटे की कमर पकड़ उसे अपने से दूर नहीं होने दिया, क्योंकि अगर वो हटता तो उसकी बुर से उसके बेटे का लंड निकाल जाता, और वो अपना मजा किसी कीमत पर कम नहीं होने देती ।
अब मै अपने लंड को अपनी बीबी के मुंह मे देकर उसका मुखमंजन कर रहा था, तो नीचे हमारा बेटा अपनी मा की चुत मार रहा था, मैरी बीबी अपने बड़े बड़े स्तन खुद ही दबा रही थी, उसके बदन मे तो आग ही लग रही थी, उसने अपने बेटे से चुदने से कोई प्रतिक्रिया नहीं दी । जब भी वो झड़ने के करीब होती, मैरा बेटा अपनी माँ के जोश को देख रुकने की कोशिश करता, लेकिन उसकी माँ अपने बेटे को बिना रुके और जोर से चोदने को इशारा करती ।
अगले दिन शनिवार था, ना बेटे को कालेज जाना था, ना मुझे ऑफिस, रात दो बजे तक अपनी माँ की चुदाई कर हमारा बेटा सो गया, आज मैंने अपनी पत्नी की फेंटसी को पूरा करने के लिए अपने सिंहासन का बलिदान कर दिया था, और हमारे बेटे ने अपनी क्षमता का पूरा जोर लगा, अपनी मा की इच्छा पूरी की थी, सुबह छह बजे जब मैरी नींद खुली तो दोनों मा बेटे नंगे सो रहे थे, मै बाथरूम से फ्रेश होकर बाहर आया, तब मैरी आहट से मैरी बीबी जाग गई थी, मै तो सात दिन से बिना चुदाई के था, इसलिए कुछ मूड बनाने की कोशिश मे था, की मैरी बीबी ने पास मे सोये अपने बेटे के लंड को चूसना शुरू कर दिया, उसकी इस हरकत से हमारा बेटा तुरंत जाग गया, और अपनी माँ का साथ देने लगा, जब मैरी बीबी उसका लंड चूस थक गई तो अब बेटे ने अपनी मा की चुत चाटना शुरू कर दिया, मैरी बीबी दो से तीन बार उसके मुंह मे झड़ गई, फिर मैरी बीबी ने अपने बेटे को चुदाई का इशारा किया, और उसने अपनी माँ की चुत चोदना शुरू कर दिया, लेकिन अनुभव की कमी और रात की चुदाई से थक कर वह जल्दी ही अपनी माँ की बुर मे खाली हो गया, और थक कर साइड मे सो गया, मैरी बीबी उठ कर फ्रेश हो मैरे पास आकार मैरी बाँहों मे लिपट सो गई, और फिर मुझे अपना त्रियाचरित्र दिखा, मुझे चुदाई के लिए रेडी कर दिया, अब मै अपनी बीबी की सेवा मे लग गया, सुबह के साढ़े सात बजे तक मै भिड़ा हुवा था, उसकी हालत खराब होने लगी, बोली की सही मे जोड़ तो तुम ही हिला सकते हो, मैंने कहा की चिंता मत कर अपने बेटे को सब दाव सीखा देंगे, अपनी बहु तकलीफ नहीं पाएगी, अपने जीवन मे, और हम दोनों हँस पड़े ।
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