13-07-2026, 04:53 PM
दोस्तों, मै अजय सिंह, दिल्ली मै अपनी बीबी, और एक बेटे के साथ रहता हूँ, शादी के बीस साल बित गए, लेकिन हम पती पत्नी आज भी किसी नए कपल की तरह अपना सेक्स जीवन जी रहे हे, हमारे बिच वही ताजगी, मस्ती, रोमांच आज भी है, जैसा शादी के समय था । हम आज भी रोज नये नए तरीके खोज अपनी सेक्स फेंटसी को ताजा रखते हे, लगभग रोज ही हम अपनी सेक्स की तड़प पूरी करते हे, कभी मै पहल ना करू तो वो शुरू हो जाती हे, लेकिन रात नहीं तो जल्दी सुबह हमारा एक राउन्ड जरूर लगता हे । शादी के लगभग पाँच साल बाद मैंने एक बार अपनी पत्नी से कहा की तेरी मन मे कोई दबी हुई इच्छा हो तो बता, मै पूरी करने की कोशिश करुगा, तब मैरे ज्यादा जोर देने पर वो बोली की मै चाहती हूँ की मै अपने पती के साथ एक और औरत को साथ मे सेक्स करते देखूँ, तब मै पहले तो चौक गया लेकिन फिर हिम्मत कर बोला की हम कपल स्वेपिंग के लिए किसी को ढूंढते हे, ईतने साल पहले यह सब आज की तरह नार्मल नहीं था, लेकिन मैरी पत्नी बोली की नहीं मैरी इच्छा हे की हम दो लेडिज हो और बस तुम हो, पहले मे उसे टालता रहा, लेकिन कोई एक साल बाद वह पीछे पड गई, मैंने उसके मन की बात रखने के लिए, पुछा की बता कोन राजी होगी इस सब के लिए, तो वो बोली तुम छोड़ो वो सब मेरा टेंशन हे, एसके बाद वह लगातार अपनि फेंटसी को पूरा करने के लिए किसी जुगाड़ मे लगी रही ।
तीन महीने बाद मैरे ससुराल पक्ष मे शादी थी, प्रोग्राम उदयपुर मे था, हमे भी उसमे शामिल वही जाना था, जब हम वहा होटल पहुचे तो सारा दिन भागमभाग मे बित गया, रात मे मेरा बेटा अपने कजीन भाई बहनों के साथ खेलते खेलते दूसरे रूम मे सो गया, मैं अपनी बीबी के साथ रूम मे जाने लगा तो मैरी बीबी अपने साथ अपनी कजीन भाभी जो वास्तव मे उसकी कॉलेज के समय से ही सहेली थी, उसे हमारे रूम मे ले आई, मै थोड़ा हैरत मे था क्योंकि मै किसी के साथ रूम कैसे शेयर करता, मेरी वाइफ ने बताया की भैया सुबह शादी मे शामिल होंगे, तो आज रात भाभी अकेली रूम मे रहती तो मै उसे अपने साथ ले आई, भाभी मस्त माल थी, और मैरी बीबी की तरह ही मस्तीखोर भी थी । मै तो शुरू से ही उसे ताड़ता था , रूम मे आने के बाद मैरी बीबी अपने बेग से सैनिटेरी नेपकींन लेकर बाथरूम मे जाती दिखी, मै समझ गया की वह पीरीअड से हो गई हे, घर पर तो वो अपने पीरीअड मे भी अपने हाथ और मुंह से मेरा लँड ठंडा करती थी, लेकिन आज भाभी के यहा होने से यह सब संभव नहीं था, अब मै इस बेड के इस किनारे बिच मे मैरी बीबी, और लास्ट मे भाभी सो गई, थोड़ी देर बाद मैरी बीबी ने मैरा लंड टटोलना शुरू किया, मैंने उसका हाथ अपने लिंग से हटा दिया, लेकिन उसने फिर से वही हरकत शुरू कर दी, मै ने आहिस्ता से कहा की पागल हे क्या, भाभी रूम मे हे, और तु अपने नीचे कीचड़ किए बेठी हे, मेरा हथियार उठ खड़ा हुवा तो उसे बेठाऊँगा कहा ।
लेकिन मैरी बीबी ने अपनी हरकते बंद नहीं की, बल्कि थोड़ी देर मे ही मेरा लंड लोअर से बाहर निकाल लिया और उसे जम कर रगड़ने लगी, कुछ देर बाद मैरी बीबी ने हमेशा की तरह अपना टी शर्ट उतार फेका, और मैरे मुंह मे अपना एक मोटा स्तन दे दिया, मै अब फूल पावर मे आने लगा था, मै उसके बूब्स चूस रहा था, उसकी जीभ से जीभ लड़ा रहा था, तब मैंने देखा की भाभी मेरी बीबी के पीछे बेठ कर हमारी सारी हरकते देख मुस्कुरा रही थी, और अपने गाउन मे अपने सिने को सहला रही थी, मैं आंखों ही आँखों मे अपनी बीबी को ईशारा किया की तेरे पीछे भाभी जाग रही हे, लेकिन मैरी बिबी ने एक झटके मे उसका हाथ पकड़ उसे हमारे बिच खिच लिया, मै कुछ समज पाता तब तक मैरी बीबी ने खुद के कपड़े और भाभी का गाउन भी उतार फेका, अब दोनों सिर्फ ब्रा पेन्टी मे थी, भाभी के बड़े बड़े स्तन ब्रा फाड़ बाहर आने को हो रहे थे, मै कुछ बोलता उसके पहले ही मेरी बीबी मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगा करते हुवे बोली चलो आज मेरी फेंटसी पूरी करो, एसके तुरंत बाद भाभी भी बिना शर्महया के मुझ पर चढ गई और मैरे उत्तेजित लंड पर बेठ अपनी चुत रगड़ने लगी, शायद यह सब करने की प्लैनिंग उन दोनों ने पहले ही कर रखी थी, लेकिन कुछ भी हो फायदे मे तो मै ही था, भाभी ने अपनी ब्रा उतार दी , और उसकी चुत के काम रस से उसकी पेन्टी भीग गई, उसके गरम कामरस को मै अपने उत्तेजित लंड पर महसूस कर रहा था, बहुत देर तक भाभी लिंग पर हिलती रही, तब तक मैरी बीबी अपने दोनो उरोजों को बारी बारी से मैरे मुंह मे देती रही, अब मैंने भाभी को नीचे पटका और उसकी गीली पेन्टी उतार फ़ेकी, वो भी मैरी तरह नंगी थी, जबकी मैरी बीबी अपने सेनीटरी नेपकींन लगा होने के कारण केवल पेन्टी पहनी थी, मैंने भाभी की बुर को पहली बार देखा, लेकिन रूम मे ज़ीरो वाट का बल्ब ही जल रहा था, तब मैरी बीबी ने कमरे की सारी लाइटे जला दी, घर पर भी हम पूरी रोशनी मे ही सेक्स करते हे, भाभी की बुर एतनी चिकनी थी की मानो अभी अभी उसे साफ किया हो, मैंने उसकी बुर को चूसना चाटना शुरू किया, और वो अपने पैर फेलाती रही, उसकी मांसल झाँघे कमर कूल्हे सब मेरी बीबी की तुलना मे कुछ ज्यादा भारी थे, लेकिन वो ऐसे साथ दे रही थी मानो वो भी एस सब की पक्की खिलाड़ी हो, पहले मुझसे चुद चुकी हो, कोई शर्म सोदा नहीं कर रही थी, जब मै भाभी की झाँघो के जोड़ों मे घुस उसकी चिकनी बुर चाट रहा था तब भाभी अपने स्तनों को मसल रही थी, और मैरी बीबी मेरे नीचे लेट मेरे लंड को चूस चूस कर चिकना कर रही थी, अगले पंद्रह मिनट मे भाभी तीन चार बार अपनी चुत के लावे को फव्वारे की तरह बहा चुकी थी, लेकिन मैंने हर बार उसकी बुर के रस की एक बूँद भी बाहर बहने नहीं दी, उसके काम रस की आखरी बूँद भी चाट गया, अब मै पीठ के बल लेट गया और बहबही अपनी चुत को मैरे लँड पर सेट कर बेठ गई, उसकी बुर ने एक बार मे ही मैरा पूरा लंड निगल लिया, और वो हवा मे अपनी कमर उछाल उछाल कर मैरे लँड पर कूदने लगी, अगले बीस मिनट मे वो फिर तीन बार झड चुकी थी , लेकिन अब उसकी बुर से पानी कम निकल रहा था, क्योंकि उसकी बुर मै मेरा लंड बिल्कुल टाइट गया था, मैरी बीबी बेड के सिरहाने को पकड़ बार बार मैरे मुंह मे अपने स्तनों को दे रही थी, और अपनी पेन्टी के बाहर से ही अपनी चुत रगड़ रही थी, तभी भाभी बोल पड़ी अब आप ऊपर आओ, और अब मैने उसकी कमर के नीचे तकिया लगा उसकी बुर थोड़ी ऊपर की और उसे नीचे लेटा जमीन पर खड़ा होकर उसे चोदने लगा, दस मीनट मे वो फिर दो बार झाड गई, तो हाथ जोड़ बोली जियाजी अब खालि हो जाओ, मेरी बुर का भोंसड़ा बना दिया हे, अब बाद मे फिर कभी ले लेना, अभी मुझ पर द्या करो प्लीज।
तीन महीने बाद मैरे ससुराल पक्ष मे शादी थी, प्रोग्राम उदयपुर मे था, हमे भी उसमे शामिल वही जाना था, जब हम वहा होटल पहुचे तो सारा दिन भागमभाग मे बित गया, रात मे मेरा बेटा अपने कजीन भाई बहनों के साथ खेलते खेलते दूसरे रूम मे सो गया, मैं अपनी बीबी के साथ रूम मे जाने लगा तो मैरी बीबी अपने साथ अपनी कजीन भाभी जो वास्तव मे उसकी कॉलेज के समय से ही सहेली थी, उसे हमारे रूम मे ले आई, मै थोड़ा हैरत मे था क्योंकि मै किसी के साथ रूम कैसे शेयर करता, मेरी वाइफ ने बताया की भैया सुबह शादी मे शामिल होंगे, तो आज रात भाभी अकेली रूम मे रहती तो मै उसे अपने साथ ले आई, भाभी मस्त माल थी, और मैरी बीबी की तरह ही मस्तीखोर भी थी । मै तो शुरू से ही उसे ताड़ता था , रूम मे आने के बाद मैरी बीबी अपने बेग से सैनिटेरी नेपकींन लेकर बाथरूम मे जाती दिखी, मै समझ गया की वह पीरीअड से हो गई हे, घर पर तो वो अपने पीरीअड मे भी अपने हाथ और मुंह से मेरा लँड ठंडा करती थी, लेकिन आज भाभी के यहा होने से यह सब संभव नहीं था, अब मै इस बेड के इस किनारे बिच मे मैरी बीबी, और लास्ट मे भाभी सो गई, थोड़ी देर बाद मैरी बीबी ने मैरा लंड टटोलना शुरू किया, मैंने उसका हाथ अपने लिंग से हटा दिया, लेकिन उसने फिर से वही हरकत शुरू कर दी, मै ने आहिस्ता से कहा की पागल हे क्या, भाभी रूम मे हे, और तु अपने नीचे कीचड़ किए बेठी हे, मेरा हथियार उठ खड़ा हुवा तो उसे बेठाऊँगा कहा ।
लेकिन मैरी बीबी ने अपनी हरकते बंद नहीं की, बल्कि थोड़ी देर मे ही मेरा लंड लोअर से बाहर निकाल लिया और उसे जम कर रगड़ने लगी, कुछ देर बाद मैरी बीबी ने हमेशा की तरह अपना टी शर्ट उतार फेका, और मैरे मुंह मे अपना एक मोटा स्तन दे दिया, मै अब फूल पावर मे आने लगा था, मै उसके बूब्स चूस रहा था, उसकी जीभ से जीभ लड़ा रहा था, तब मैंने देखा की भाभी मेरी बीबी के पीछे बेठ कर हमारी सारी हरकते देख मुस्कुरा रही थी, और अपने गाउन मे अपने सिने को सहला रही थी, मैं आंखों ही आँखों मे अपनी बीबी को ईशारा किया की तेरे पीछे भाभी जाग रही हे, लेकिन मैरी बिबी ने एक झटके मे उसका हाथ पकड़ उसे हमारे बिच खिच लिया, मै कुछ समज पाता तब तक मैरी बीबी ने खुद के कपड़े और भाभी का गाउन भी उतार फेका, अब दोनों सिर्फ ब्रा पेन्टी मे थी, भाभी के बड़े बड़े स्तन ब्रा फाड़ बाहर आने को हो रहे थे, मै कुछ बोलता उसके पहले ही मेरी बीबी मेरे कपड़े उतार कर मुझे नंगा करते हुवे बोली चलो आज मेरी फेंटसी पूरी करो, एसके तुरंत बाद भाभी भी बिना शर्महया के मुझ पर चढ गई और मैरे उत्तेजित लंड पर बेठ अपनी चुत रगड़ने लगी, शायद यह सब करने की प्लैनिंग उन दोनों ने पहले ही कर रखी थी, लेकिन कुछ भी हो फायदे मे तो मै ही था, भाभी ने अपनी ब्रा उतार दी , और उसकी चुत के काम रस से उसकी पेन्टी भीग गई, उसके गरम कामरस को मै अपने उत्तेजित लंड पर महसूस कर रहा था, बहुत देर तक भाभी लिंग पर हिलती रही, तब तक मैरी बीबी अपने दोनो उरोजों को बारी बारी से मैरे मुंह मे देती रही, अब मैंने भाभी को नीचे पटका और उसकी गीली पेन्टी उतार फ़ेकी, वो भी मैरी तरह नंगी थी, जबकी मैरी बीबी अपने सेनीटरी नेपकींन लगा होने के कारण केवल पेन्टी पहनी थी, मैंने भाभी की बुर को पहली बार देखा, लेकिन रूम मे ज़ीरो वाट का बल्ब ही जल रहा था, तब मैरी बीबी ने कमरे की सारी लाइटे जला दी, घर पर भी हम पूरी रोशनी मे ही सेक्स करते हे, भाभी की बुर एतनी चिकनी थी की मानो अभी अभी उसे साफ किया हो, मैंने उसकी बुर को चूसना चाटना शुरू किया, और वो अपने पैर फेलाती रही, उसकी मांसल झाँघे कमर कूल्हे सब मेरी बीबी की तुलना मे कुछ ज्यादा भारी थे, लेकिन वो ऐसे साथ दे रही थी मानो वो भी एस सब की पक्की खिलाड़ी हो, पहले मुझसे चुद चुकी हो, कोई शर्म सोदा नहीं कर रही थी, जब मै भाभी की झाँघो के जोड़ों मे घुस उसकी चिकनी बुर चाट रहा था तब भाभी अपने स्तनों को मसल रही थी, और मैरी बीबी मेरे नीचे लेट मेरे लंड को चूस चूस कर चिकना कर रही थी, अगले पंद्रह मिनट मे भाभी तीन चार बार अपनी चुत के लावे को फव्वारे की तरह बहा चुकी थी, लेकिन मैंने हर बार उसकी बुर के रस की एक बूँद भी बाहर बहने नहीं दी, उसके काम रस की आखरी बूँद भी चाट गया, अब मै पीठ के बल लेट गया और बहबही अपनी चुत को मैरे लँड पर सेट कर बेठ गई, उसकी बुर ने एक बार मे ही मैरा पूरा लंड निगल लिया, और वो हवा मे अपनी कमर उछाल उछाल कर मैरे लँड पर कूदने लगी, अगले बीस मिनट मे वो फिर तीन बार झड चुकी थी , लेकिन अब उसकी बुर से पानी कम निकल रहा था, क्योंकि उसकी बुर मै मेरा लंड बिल्कुल टाइट गया था, मैरी बीबी बेड के सिरहाने को पकड़ बार बार मैरे मुंह मे अपने स्तनों को दे रही थी, और अपनी पेन्टी के बाहर से ही अपनी चुत रगड़ रही थी, तभी भाभी बोल पड़ी अब आप ऊपर आओ, और अब मैने उसकी कमर के नीचे तकिया लगा उसकी बुर थोड़ी ऊपर की और उसे नीचे लेटा जमीन पर खड़ा होकर उसे चोदने लगा, दस मीनट मे वो फिर दो बार झाड गई, तो हाथ जोड़ बोली जियाजी अब खालि हो जाओ, मेरी बुर का भोंसड़ा बना दिया हे, अब बाद मे फिर कभी ले लेना, अभी मुझ पर द्या करो प्लीज।


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