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24-04-2026, 11:39 AM
(This post was last modified: 02-05-2026, 11:21 AM by bhabhi_lover23. Edited 2 times in total. Edited 2 times in total.)
नमस्कार मित्रो
ये मेरी पहली कहानी हैं इसलिए लिखने मैं कोई त्रुटि हो तो क्षमा करना
आपका मार्गदर्शन और सुझाव मिलते रहेंगे तो कहानी को मजेदार बनाने मैं सहायता होगी
ये कहानी मेरी भाभी के बारे मैं हैं
मेरे भैया की शादी 21 की उम्र मैं हो गयी
तब भाभी 18.5 की थी पर खानदानी औरत थी तो बदन काफी भरा हुआ था
उनका फिगर 34-32-36 का रहा होगा
मैं भाभी से थोड़ा छोटा हूँ
काफी शरीफ और शर्मीला किस्म का इंसान
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शादी के कुछ महीनो तक सब ठीक था
भैया भाभी की रोज लेते थे ------ रोज चुदाई
फिर भैया को ऑफिस के काम से बहार जाना पड़ा - 2 महीनो के लिए
छोटा और लाडला देवर होने के नाते मुझे भाभी के कमरे मैं उनके पास सोना था
अभी तक मेरे दिमाग मैं कोई गलत ख्याल नहीं था
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दो तीन रात तो आराम से निकल गयी
फिर एक रात मैं पानी पीने उठा तो देखा भाभी का पेटीकोट कुछ ऊपर उठा हुआ था और उनकी गोरी गोरी जाँघे मुझे माध्यम रौशनी मैं दिखाई दे रही थी
इस से पहले मैं किसी औरत को इतना करीब से नहीं देखा था। मैं पानी पीने गया और आकर सोने की कोशिश करने लगा
सुबह उठ कर देखा तो भाभी नाहने गयी हुई थी
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कुछ दिनों के बाद मैं पड़ने के लिए बड़े शहर मैं चला गया
कुछ साल वही रहा और अपनी पढाई पूरी करके वापस आया
इस दरमियान भाभी ने दो बच्चो को जनम दिया
भाभी का शरीर काफी भर गया था - जो मैं कॉलेज की छुट्टियों मैं आ कर देख चूका था
अभी उनके बो.......बे 38 और गां......ड 40 की हो चुकी थी
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कॉलेज मैं दोस्तों के साथ बातचीत मैं और उनकी गर्ल फ्रेंड्स के किस्से सुन सुन कर मैं काफी रोमांचित हो जाता था
पर अभी तक कुछ किया नहीं था
बस कॉलेज मैं कोई लड़की या मैडम झुक जाती थी उनकी गांड का शेप या चूचियों के दर्शन हो जाता था
यही सोच सोच कर कई बार रात मैं मुठ मरता था
मैं यहाँ आपको ये बताना भूल गया की मेरे हतियार की लम्बाई इंच हैं
मैं रोज जिम जाने लगा था तो मेरा बदन काफी मजबूत हो गया था
मेरी लम्बाई ५ फुट ७ इंच ही हैं पर गठीला बदन हैं
पढाई मैं ज्यादा होशियार तो नहीं पर कमजोर भी नहीं था
पढाई के साथ साथ इंटरनेट की दुनिया से मुझे कई वेबसाइट पर कामुक कहानिया पढ़ने को मिली
इसमें ससुर बहु, माँ बेटा, देवर भाभी, जेठ बहु, भाई भें, जीजा साली और भी न जाने कितने तरीके की कहानिया थी
इस तरह की कहानिया पढ़ कर सोचता था की ऐसा कैसे हो सकता हैं
मेरी कहानी तब शुरू हुई जब मैं कॉलेज की छुट्टियों में घर गया।
भाभी बहुत हॉट और सेक्सी थीं उनके बड़े बड़े बूब्स और गोल गोल गांड देखकर मेरा मन हमेशा अजीब हो जाता था।
एक रात मुझे भैया के कमरे से कुछ आवाजें आईं और जब मैं उठकर खिड़की के छोटे छेद से अंदर देखा तो भैया और भाभी दोनों ६९ पोजीशन में थे।
ये देखते ही मेरा आठ इंच का लंड खड़ा हो गया और दोस्तों क्या बताऊं मेरी भाभी कितनी हॉट लग रही थीं और भैया से कैसे मजे से चुदवाती थीं।
थोड़ी देर ये सब देखने के बाद मैं वहां से अपने कमरे में चला गया और उनकी चुदाई को सोच सोचकर मैंने एक बार मुठ मारी।
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कॉलेज की पढाई पूरी होने के बाद पिताजी के साथ उनके व्यवसाय मैं मदद करने लगा
उनके साथ रह कर काम सिखने लगा
घर पर मैं (ललित), पिताजी - माताजी, भैया - भाभी और उनके दोनों बच्चे रहते थे
छुट्टियों मैं जब भैया भैभी की चुदाई देखि उसके बाद अभी तक कोई मौका नहीं मिल रहा था
फिर एक रात मैं पानी पीने उठा तो देखा की भैया के रूम की लाइट जल रही थी
और वो शायद रूम का दरवाजा बंद करना भूल गए हलकी दरार नजर आ रही थी
मैं पानी पी कर जाने ही वाला था की कुछ आवाज आने लगी
मैंने गौर से सुना तो समझ आया की शायद सेक्स का प्रोग्राम चालू होने वाला हैं
भाभी का मूड ऑफ था और वो कह रही थी की अब इतने दिन मैं अकेली क्या करूंगी (भैया उनके ऑफिस के काम से पन्द्र दिनों के लिए जाने वाले थे)
भैया शायद उनको सेहला रहे थे जिस से भाभी की सांसे तेज चलने लगी थी
मैं बाहर खड़ा हो कर उनकी बातें सुनने की कोशिश करने लगा
भाभी कुछ गरम होने लगी तो उन्होंने भैया से कहा कोई अच्छा सा वीडियो दिखाओ न
बहोत दिनों से नंगा वीडियो नहीं देखा
ये सुन कर मैंने उनके कमरे के दरवाजे को हल्का सा खोलने की कोशिश की
अब मैं भैया और भाभी दो को देख सकता था दोनों मेरे सामने लेटे हुए थे
भाभी ने अभी अपनी साडी नहीं खोली थी और भैया ने भी बरमूडा और टी - शर्ट पहनी हुई थी
भैया ने इंग्लिश वीडियो लगा कर भाभी के हाथ मैं मोबाइल दे दिया जिस से थोड़ी देर बाद कामुक आवाजे आने लगी
भैया ने उनका पेटीकोट और साडी ऊपर कर ली और उनकी चूत सहलाने लगे
मैंने बहुत कोशिश की लेकिन कुछ देख नहीं प् रहा था पर उनकी हरकत समझा आ रही थी
उनका दूसरा हाथ भाभी के ब्लाउज के अंदर था और वो उनकी चूचिया मसल रहे थे
दोनों साथ साथ मोबाइल मैं वीडियो देखा रहे थे
फिर भाभी ने कहा कोई अच्छा हिंदी वीडियो लगाओ जिसमे कहानी (ऑडियो) भी हो
भैया ने हिंदी वीडियो सर्च कर एक वीडियो चला दिया (जो शायद जीजा साली का था - मुझे बाद मैं सुन कर पता चला)
आगे की थोड़ी कहानी उन दोनों का वार्तालाप हैं जो कुछ इस तरह हैं (भैया - सुनील, भाभी - रेखा)
जीजा साली का वीडियो देखते हुए
सुनील - रेखा तू भी तेरे जीजा (संदीप) से मसलवाती हैं क्या?
रेखा - नहीं जीजा जी तो बस दीदी (प्रियंका) के ही मसलते हैं
सुनील - अच्छा - मतलब तुम चाहती हो की वो तुम्हे भी निचोड़ दे
रेखा - अरे उन्हें कहा फुर्सत हैं दीदी को निचोड़ कर पूरा थका देते हैं
सुनील - तुम भी दिखा दो अपनी चूचिया उनको, वो तुम्हारी भी निचोड़ लेंगे
रेखा - ना बाबा ना, मैंने देखा हैं कैसे वो दीदी को घोड़ी बना के उसके बड़े और मोटे बोबे पीछे से मसल मसल कर उसकी चूत का भोसड़ा बनाते हैं
मेरे से नहीं होगा, वैसे भी उनका लौड़ा तुमसे थोड़ा बड़ा हैं
सुनील - अच्छा तूने कब देखा रंडी (और उसने रेखा की पूरी साडी और पेटीकोट उठा कर उनके पेट तक कर diya)
अब रेखा पूरी नंगी थी नीचे से और एक बोबा जो की ४० का था वो बहार था ब्लाउज से
और वो उनकी चूत से खेल रहे थे
दोनों पूरे गरम हो चुके थे और वीडियो ख़तम हो गया
अगला वीडियो क्या देखना हैं रेखा - सुनील ने पुछा
रेखा - कोई सा भी लगा दो, पर मेरी चूत चाट ते हुए मुझसे बात करना
सुनील - तेरी चूत मैं बड़ी आग लग रही हैं रंडी - जीजा का लौड़ा याद आ गया क्या
रेखा - आज तो मेरी आग बुझा दे मादरचोद कल से पंद्रह दिनों तक तो ये आग लगी ही रहेगी
सुनील - ले मेरी रंडी बीवी खोल तेरी टंगे अभी तेरी चूत का रस निकलता हूँ
फिर सुनील ने देवर भाभी का वीडियो लगा दिया
रेखा - वाह तुझे भी भाभी की चुदाई करनी हैं क्या
हाँ मेरी रंडी भाभी - बन जा मेरी भाभी
रेखा - चल ठीक हैं आज तुझे जन्नत दिखती हूँ मेरे देवर (ललित)
इधर देवर भाभी का वीडियो तो चल ही रहा था पर उसको रेखा ने साइड मैं रख दिया वर दोनों मजे लेने लगे
रेखा - ललित मेरी चूत चाट कर मेरा पानी निकल दोगे
सुनील (अभी ललित का रोल प्ले कर रहा है) - हाँ भाभी क्यों नहीं
ये देवर तो आपके लिए हमेशा तैयार हैं आप बस हुकम करो
ललित (सुनील का रोल प्ले) - भाभी आपकी चूत तो बिलकुल साफ़ हैं
रेखा - हाँ ललित, तुम्हारे भैया को बाल पसंद नहीं यहाँ पर
ललित - वाह भाभी (और ये कह कर सुनील उसकी चूत पर मुँह लगा देता हैं )
रेखा - आह - ललित चाटो मेरी चूत को, पूरा माल निकाल देना , निचोड़ लो इसका रस
ललित - हाँ मेरी रंडी भाभी, आज इसको इतना चाटूँगा की इसका पूरा रस निचोड़ लूँगा
रेखा - हाँ मेरे प्यारे देवर चाट ले अपनी भाभी की चूत
(और ये सुन कर सुनील ने अपनी जीभ से रेखा की चूत के दाने को छेड़ दिया )
रेखा - आह ऐसे ही करो देवर जी - मज्जा आ रहा हैं
ललित - हाँ भाभी अभी देखो कैसे आपको जन्नत की सैर करवाता हूँ
और ये कह कर पूरी चूत पर जीभ फेरने लगा
रेखा की कामुक आवाजे कमरे मैं गूंजने लगी
सुनील (जो अभी ललित बना हुआ हैं ) रेखा की पूरी चूत को अच्छे से चाट रहा हैं और तभी
रेखा - ललित मैं आने वाली हूँ और कर मादरचोद
निचोड़ ले अभी भाभी का रस और पूरा पी जा
ललित - हां भाभी निकल दो आपका रस मैं पूरा अपने मुँह मैं लेने को तैयार हूँ
इतना सुन कर रेखा का काम रस निकल जाता हैं जिसे उसका देवर पूरा पी जाता हैं
(अभी उनका रोलप्ले चालू हैं )
ललित - तेरा काम हो गया रेखा रंडी अब मेरा क्या
रेखा - तुम्हारा भी करेगी ये भाभी अभी तो पूरी रात बाकि हैं
और ये कह कर रेखा ललित का लौड़ा बहार निकल कर मुँह मैं ले लेती हैं
आह भाभी चूसो अपने प्यारे देवर का लौड़ा
रेखा - हाँ ललित तेरा तो तेरे भाई से भी बड़ा हैं
अब तो मैं इसे रोज लूंगी
हाँ भाभी ले लो वैसे भी भैया तोह १५ दिनों के लिए गए हैं
हाँ तो तू क्या पूरे १५ दिन मेरी चूत मरेगा
हाँ भाभी - फिर ना जाने कब मौका मिले
मार लेना मादरचोद - अभी मुझे लौड़ा चूसने दे
और ये कह कर रेखा ने पूरा लौड़ा मुँह मैं लिया और मजे से चूसने लगी
तभी मैंने आपने लौड़ा बहभी के मुँह मैं पूरा अंदर तक डाल दिया जो रेखा के गले तक चला गया
और उसने धक्का दे कर लौड़ा भर निकाल दिया
रेखा - ये क्या कर रहा हैं मादरचोद मर डालेगा क्या
सुनील - सॉरी डार्लिंग वो मैं तेरा देवर बना था ना तो थोड़ा ज्यादा एक्साइट हो गया
रेखा - अच्छा मेरे देवर रज्जा , चल आजा आज मैं तेरी घोड़ी बनती हूँ चल चढ़ जा घोड़ी
ये कह कर रेखा घोड़ी बन गयी जिससे उसका ४० का बोबा नीचे पपीते की तरह झूल गया
रेखा - आजा मेरे देवर राजा चल भाभी की चूत का मज्जा ले
घुसा दे अपना लौड़ा अपनी प्यारी भाभी की चूत मैं
बना दे इसका भोसड़ा और दिखा तेरा दम
ललित - हाँ मेरी प्यारी रंडी भाभी जान , आजा आज तुझे दिखता हूँ की जब देवर भाभी को छोड़ता हैं तो भाभी का क्या हाल होता हैं
ये कह कर उसने आपने 7 इंच का लौड़ा रेखा की पावरोटी जैसी फूली हुई चूत मैं डाल दिआ
अचानक हुए इस हमले से रेखा कुछ आगे सरक गयी और बहार कड़े डिअर की नजर मैं आ गयी (जहा मैं - असली ललित, भैया भाभी का रोलप्ले मोबाइल कमरे से रिकॉर्ड कर रहा था - अभी तक सिर्फ आवाज़ पर अब भाभी का चेहरा और उनकी चूचिया )
इधर सुनील जो ललित बन कर रेखा को चोद रहा था वो लगातार पीछे से धक्के लगा रहा था
रेखा - चोद मादरचोद , अपनी भाभी को चोद , साले जोर जोर से चोद, ऐसे चोद जैसे दुबारा नहीं मिलेगी
ललित - हाँ मेरी रंडी भाभी ले अपने देवर का लौड़ा, और ले , अब तो अगले पन्द्र दिन मैं ही तेरा पति बन कर रहूंगा
आज ऐसे चोदूंगा अपनी रंडी भाभी को की भैया का लौड़ा नहीं लेगी और मेरे पास आएगी हर रात
ललित - ले मेरी रंडी (और फिर जोर से धक्का मरने लगता हैं )
रेखा - अरे मेरे चोदू देवर धीरे कर तूने तो सही मैं बाजारू रंडी समझ लिया
ललित - तू हैं ही रंडी मादरचोद
पहले अपने जीजा अनिल का लौड़ा ले लिया फिर तेरे पति सुनील का और अब तेरे देवर की रंडी बनी हुई हैं
रेखा - हाँ बहन के लौड़े जो समझना हैं समझ और मार धक्के मेरा निकलने वाला हैं
ललित - हाँ मेरी रंडी भाभी मेरा भी होने वाला हैं, कहा निकलू
रेखा - मेरे मुँह मैं छोड दे आजा
और फिर रेखा सीधी हो कर लौड़ा मुँह मैं ले कर उसका पूरा पानी निकाल देती हैं और सुनील उसकी चूत मैं ऊँगली कर के उसका रस निकाल देता हैं
(रोलप्ले ख़तम )
दोनों थक कर एक दुसरे के आसपास लेट जाते हैं और अपने ओरिजिनल किरदार मैं आ जाते हैं
सुनील - मजा आ गया रेखा डार्लिंग आज तो
रेखा - मज्जा तोह मुझे भी बहुत आया
सुनील - अच्छा, देवर से चुदवाने का
रेखा - धत
सुनील - क्या धत
कल से तुम अकेली रहोगी मौका मिलेगा तुम्हे
पटा लो ललित को और मजे करो १५ दिन
रेखा - अच्छा, मैं तो उसको पटा लूंगी फिर तुम्हारा क्या होगा
तुम क्या लौड़ा हिलाओगे हमारी चुदाई देखा कर
सुनील - वो भी कर लेंगे जानेमन
अगर तुम कहोगी तो
और ऐसे ही बातें कर के दोनों सो जाते हैं
दरवाजे के बहार - मैं (ललित) सोचते हुए
वाह यार - भाभी क्या मस्त माल हैं
क्या चूचिया हैं उसकी
अगर गाड़ और देखने मिल जाती तो मज्जा आ जाता
फिर मोबाइल को देखता हूँ और एक कुटिल मुस्कान मेरे चेहरे पर आ जाती हैं
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कहानी का अगला अपडेट आपके replies पर निर्भर करता हैं
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भाई लोगो - कहानी को जारी रखना हैं या यही ख़तम कर दू
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Go ahead, Koi padhe na padhe, Main padh rha hun ?
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भाभी की मस्त चुदाई देखा कर और रिकॉर्ड कर के मैं वापस अपने कमरे मैं आ गया
मुझे नींद नहीं आ रही थी और मेरा ८ इंच का लौड़ा पूरे शबाब पर था
मैंने अपना बरमूडा और चड्डी उतरी और लौड़ा को हाथ मैं ले कर सहलाने लगा
मेरा नाग पूरे जोश मैं था और किसी की भी चूत की धजिया उड़ने को उतावला था
मैं ये सोच सोच कर पागल हो रहा था की कैसे मेरी संस्कारी भाभी भैया से मेरा नाम ले कर चुदवा रही थी
और जब अब भैया पंद्रह दिनों के लिए जा रहे हैं तो क्या सच मैं मुझे मौका देगी
ये ख्याल आते ही मेरा हाथ लौड़े पर तेज तेज चलने लगा और मुझे भाभी की झूलती हुई चूचिया दिखने लगी
मैंने अपना मोबाइल निकला और रिकार्डेड वीडियो चालू कर मुठ मारने लगा
थोड़ी देर मैं अपना माल भाभी को सोच कर निकला और फिर आने वाले पंद्रह दिनों के लिए प्लानिंग करने लगा
सोचते सोचते मुझे नींद आ गयी
•
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मुझे रात को सोने मैं २ बज गए थे
अगले दिन सुबह ९ बजे मुझे भाभी ने उठाया
भाभी मुझ पर झुकी हुई थी और मुझे हिला रही थी
उनका पल्लू एक तरफ सरका हुआ था और उनके मुम्मे दिखाई दे रहे थे
जैसे ही मैंने आँख खोली तोह ये नज़ारा देखा कर मेरा नाग फिर सलामी देने लगा
भला हो की मैं चादर ओढ़ राखी थी नहीं तोह भाभी मेरे लौड़े का उठाव देख लेती
मैं उठा और भाभी से पुछा भैया चले गए क्या
भाभी - तुम्हारे भैया तो सुबह छह बजे ही निकल गए
ललित - और पापा मम्मी
रेखा - पापा काम पर और मम्मी जी मंदिर
आज आपको बहुत नींद आयी लगता हैं किसी के खयालो ने सोने नहीं दिया रात भर
ललित - हाँ भाभी ऐसा ही कुछ समझ लो (अरे रंडी तेरी चुदाई जो देख ली - क्या मस्त बदन हैं तेरा)
रेखा - अच्छा कॉलेज की किसी गर्ल फ्रेंड की याद आ गयी क्या
मैं - नहीं भाभी वहां मेरी कोई गर्लफ्रेंड नहीं थी
भाभी - तो क्या कोई लेडी टीचर
मैं - अरे क्या भाभी आप भी सुबह सुबह मेरे मजे ले रही हो
भाभी - मैंने तो इसलिए कहा की आजकल के लड़को को लड़कियों से ज्यादा शादी शुदा औरतो मैं जयदा इंटरेस्ट हैं
मैं - आपके जैसी भाभी हो तो शादी शुदा मैं इंटरेस्ट तो आएगा ही न भाभी
भाभी - धत, चलो उठो फ्रेश हो जाओ फिर साथ मैं नाश्ता करते हैं
•
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मैं उठ कर बाथरूम मैं चला गया
अंदर जा कर सोचा - भाभी को भी पता हैं आज कल के लौंडे अपने से बड़ी उम्र की औरतो के सपने देखते हैं
पर उनको क्या पता मैं तो उसको ही अपनी रंडी बनाना चाहता हूँ
यही सब सोचते हुए देवर भाभी का सेक्सी वीडियो लगे और मुठ मारा
फिर फ्रेश हो कर बहार आ गया
भाभी ने टेबल पर नाश्ता लगा दिया था और खुद एक चेयर पर बैठी थी
मैं उनके बगल वाली चेयर पर बैठ गया और हम दोनों नाश्ता करने लगे
मैं - भाभी एक बात पूछू आप बुरा तो नहीं मानोगी
भाभी - बुरा क्यों मानूंगी पूछो
मैं - देखो फिर आप बुरा मन जाओ और मुझे डाटने लगो
भाभी - नहीं मानूंगी अब पूछ भी लो
मैं - भाभी जैसे आप सुबह कह रही थी आज कल के लड़को के लिए वैसे ही क्या आप जैसी शादी शुदा औरतो को भी जवान लड़के पसंद हैं
(अब मैं भाभी को सेट करने मैं लग गया था। कुछ उनको रात की बात करके ब्लैकमेल करने का मन बना लिया था )
भाभी - हो भी सकता और नहीं भी
मैं - मतलब
भाभी - जैसे सभी लड़को की शादी शुदा मैं इंटरेस्ट नहीं होता वैसे ही सभी भाभियो को जवान लड़को मैं नहीं
मैं - और आपको
भाभी - मैं भाभी हूँ तेरी ऐसे सवाल पूछते हैं भाभी से
मैं - इसीलिए मैंने बोलै था आप नाराज़ तो नहीं हो जाओगे
भाभी - अरे बाबा नाराज़ नहीं हो रही
चलो अब नाश्ता ख़तम करो फिर मेरी हेल्प करना
मैं - ठीक हैं भाभी पर बता तो दो की क्या आपको भी............
और एक कुटिल मुस्कान के साथ मुस्कुरा देता हूँ
और भाभी ने मेरे पैर पर चपत लगा दी
ऐसा करने से उनका पल्लू थोड़ा ढीला हो गया और मुझे उनके जवानी के दर्शन हो गए
देख कर मेरा नाग फिर फुफकारने लगा
और भाभी ने अपना पल्लू ठीक किया और खली बर्तन ले कर किचन मैं जाने लगी
मैं उनके चलने से उनकी उभरी हुई गांड की थिरकन को देखने लगा
मेरा हाथ अनायास ही लौंडे पर चला गया और सोचने लगा - क्या मस्त गांड हैं साली तेरी, तुझे तो मैं कुतिया बना कर चोदू दूंगा
भाभी ने मुझे किचन मैं से आवाज़ लगायी
मैंने पुछा की हुआ तो उन्होंने कुछ काम बताया और मैं उनका काम मैं हाथ बटाने लगा
काम करते वक्त मेरा हाथ उनकी चूचियों को कई बार टच हुआ पर बहभी ने कुछ नहीं कहा और ऐसे बर्ताव किया जैसे कुछ हुआ ही नहीं
फिर मैंने भाभी से वही सवाल वापस किया
मैं - बताओ न भाभी क्या आपको भी जवान लड़के पसंद हैं
भाभी - तुम फिर शुरू हो गए
मैं - अरे भाभी बताओ न मैं कौनसा भैया को कुछ बताने वाला हूँ
आपने भी तो मेरे से गर्लफ्रेंड के लिए पुछा और मैंने जवाब दिया
अब आपकी बारी
भाभी - अच्छा पर ऐसे सवाल तो सिर्फ दोस्तों से ही पूछे जाते हैं न
मैं - तो मुझे भी अपना दोस्त समझो
भाभी - अच्छा भाभी पर लाइन मार रहे हो
मैं - भाभी इतनी सूंदर हो तो लाइन मरना तो बनता हैं न
भाभी - इसका मतलब तुम्हे भी शादी शुदा औरते पसंद हैं
मैं - हॅसते हुए। आपके जैसे भाभियो तो सबको पसंद आएगी ही
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भाभी - अच्छा क्या पसंद हैं तुम्हे मुझ मैं
मैं - भाभी आप तो सर से पैर तक क़यामत हो
आपके बाल, गुलाबी गाल , और...........
भाभी - और......
मैं - नहीं भाभी आगे मैं नहीं बोल पाऊंगा
आप मरोगी मुझे
भाभी मेरे मजी लेने लगी पर उन्हें नहीं पता था की मैं उनकी लेने की सोच रहा हूँ
भाभी - क्या सोचने लगा बता न और क्या
मैं - भाभी आप ....... पूरी की पूरी हुस्न की देवी हो। कसम से क़यामत हो आप
मैं शादी करूंगा तो आप से ही ...... मेरा मतलब आपके जैसी लड़के से ही
भाभी - चल अब बातें मत बना और काम पर जा
मैं - हाँ भाभी जिंदगी मैं यही बचा हैं
भाभी हस्ते हुए - लंच के जल्दी आ जाना मुझे मार्किट भी जाना हैं तो ले कर चलना आज
हमारी बाते हुई ही थी की मम्मी भी मंदिर से आ गयी
और मैं उन्हें प्रणाम कर निकल गया
रस्ते मैं मैं ये सोच रहा था की कैसे भाभी को लाइन पर लाया जाये
ऐसे ही तीन चार घंटे निकल गए
और मैं लंच के लिए घर आया
घर आकर देखा तो मम्मी पड़ोस वाली ऑन्टी के यहाँ गयी थी
मैंने भाभी के कमरे मैं जा कर देखा तो मज्जा आ गया
वो उलटी लेट कर मोबाइल मैं कुछ देख रही थी जो मुझे समझ नहीं आया
उन्होंने पैर उठा रखे थे तो उनकी साड़ी और पेटीकोट घुटनो तक उठा हुआ था
टंगे थोड़ी चौड़ी थी तो उनकी जांघे दिखाई दे रही थी
मैं सोचने लगा थोड़ा और पैर फैला ले तो इस रंडी की चड्डी भी दिख सकती हैं
और चड्डी न पहनी हो तो ................... अह्ह्ह्ह... जन्नत
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बैकलेस ब्लाउज मैं भाबी की नंगी पीठ गजब ढा रही थी उस पर उनकी लाल ब्रा की स्ट्रैप......... अह्ह्ह.......
मैं भाभी को ऐसे देख कर एक्साइट हो रहा था
सोचा भाभी अच्छे मूड मैं हैं कुछ मस्ती हो जाये
मैंने घडी मैं टाइम देखा - बच्चू के लौटने मैं अभी काम से काम आधा घंटा था
मैं आगे बढ़ा और भाभी के बगल मैं लेट गया
और अपना एक पैर भाभी के कूल्हों पर रख दिया
और भाभी कुछ समझती उस से पहले अपना एक हाथ भाभी की नंगी पीठ पर रख दिया
अचानक हुई इस हरकत से भाभी घबरा कर सीधी हो गयी और मेरा हाथ उनकी पीठ की जगह उनके मोटे और मस्त गुदाज मुम्मो पर आ गया
भाभी को ऐसे छूने का जो पहला अहसास था वो बयां करना बहुत मुश्किल था
मेरा हाथ उनके मोटे बोबे पर था - और फिर भाभी ने उठने का प्रयास किया
उनकी इस कोशिश मैं उनका पल्लू मेरे हाथ मैं रह गया और उनका ब्लाउज पूरा दिखने लगा
डीप गले का ब्लाउज और उनकी लाल ब्रा उनके गुदाज बोबो को ढकने मैं असमर्थ थी
ये नज़ारा देख कर मेरा लौड़ा तो तुरंत सलामी देने लगा
रेखा - अरे क्या कर रहे हो
देखो मेरे कपड़ो की क्या हालत कर दी तुमने
मैं - सॉरी भाभी वो मैं....... गलती से हो गया और तुरंत वहां से निकल गया
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सभी से निवेदन हैं की कुछ न कुछ रिप्लाई करते रहे ताकि लिखने वाले का मनोबल बढ़ता रहे
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मैं अपने कमरे मैं आ कर लेट गया और सोचने लगा की अब क्या होगा और उसी समय दिमाग मैं भाभी को ब्लैकमेल करने का प्लान आया
मैं ये सब सोच कर अपना लौड़ा सहला रहा था की भाभी भी मेरे कमरे मैं आ गयी
अभी उनके कपडे व्यवस्थित थे
वो पलंग पर मेरे पास बैठ गयी
रेखा - ये क्या हरकत थी ललित
मैं - कौनसी हरकत भाभी
रेखा - अच्छा बहुत सीधे बन रहे हो जैसे कुछ पता ही नहीं
मैं - अच्छा भाभी वो - मुझे लगा जैसे सुबह आप बात करि थी वो जवान लौंडे पसंद आने की तो मुझे लगा आपको अच्छा लगेगा
रेखा - ज्यादा मत बोलो मैं भाभी हूँ तुम्हारी
मैं - तो मेरा सेहला तो सकती हो
रेखा - क्या बोलै
बुलाऊ तुम्हारी मम्मी को और बता दू उनको की आपका बेटा मुझसे अपना अपना लिंग सहलाने को बोलता हैं
मैं - बुला लो और बोल दो मैं भी मम्मी को बता दूंगा
रेखा - क्या बता दोगे
मैं - यही की आप मेरे साथ सेक्स कर रही थी
रेखा - (गुस्से मैं) क्या बोलै गा तू मम्मी जी को की .........
मैं - यही की आप मुझसे चुदवा रही थी
रेखा भाभी का मुँह खुला रह जाता मेरी बात सुन कर
मैं - (स्थिति का मज्जा लेते हुए) - हाँ मेरी भाभी तुम मुझसे चुदवा रही थी
रेखा - मुझे थप्पड़ मरते हुए - बहुत बड़ा हो गया तू
अपनी भाभी से ऐसे बात करते हैं
मैं - अपना मोबाइल निकल कर कल रात वाला ऑडियो वीडियो चालू कर देता हूँ
और भाभी को सुनाता हूँ
सुन लो भाभी कैसे आप मज्जे ले ले कर ललित से यानि मेरे से चुदवा रही थी
रेखा को याद आता हैं की कैसे अनजाने मैं कल रात सुनील और मैंने देवर भाभी वाला रोलप्ले स्टार्ट कर दिया
रेखा गुस्से मैं - तू हमारे कमरे कमरे की रिकॉर्डिंग करता हैं शर्म नहीं आती तुझे
और अब मुझे ब्लैकमेल कर रहा हैं
मैं - शर्म........ अरे शर्म तो आपको आनी चाहिए जो अपने पति को अपना जवान देवर बना कर चुदवा रही थी
रेखा - तू चाहता क्या हैं ??????
मैं - अरे भाभी पहले तो मैं सिर्फ सहलाने से मन जाता पर अब तो आपको चूसना पड़ेगा
और एक बात और ये लिंग नहीं लौड़ा हैं
रेखा - देख ललित ये सब गलत हैं और मैं ये हरगिज़ नहीं करूंगी
मैं - भाभी आपको करना तो पड़ेगा अनहि तोह ये वीडियो वायरल हो सकता हैं
रेखा - नहीं नहीं ललित ऐसे मत करना
मैं किसी को मुँह दिखने लायक नहीं रहूंगी
तेरे भैया भी नहीं हैं तो लोगो को तो यही लगेगा की देवर भाभी पीछे से मजे ले रहे हैं
मैं - तो मान जा न भाभी जान
वैसे भी तुम कौनसी सती सावित्री हो
मेरे भैया से पहले तुमने अपने जीजा संदीप का भी तो लिया हैं
मेरी बाते सुन कर रेखा का मुँह खुल्ला का खुल्ला रह जाता हैं और उसकी आँखों से आंसू निकलने लगते हैं
मैं - अरे भाभी आप तो बच्चों की तरह रोने लगी चलो अभी जाओ और मुँह धो लो आपके बच्चों के आने का टाइम हो गया
और हाँ मेरे ऑफर के बारे मैं शाम तक सोच लेना
मेरी बात सुन कर जैसे ही भाभी जाने को मुड़ी मैंने उनके कूल्हों पर जोरदार थप्पड़ मार दिया
वो आह करके गांड मसलती हुई चली गयी
उनके जाते ही मैं पलंग पर लेट कर सोचने लगा की अब कैसे भाभी का पूरा इस्तेमाल करना हैं
तभी मम्मी ने मुझे आवाज़ लगायी और खाने की लिए बुलाया
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अब आगे ........
मैं खाना खा कर अपने काम पर चला गया पर मन से भाभी का ख्याल जा ही नहीं रहा था
शाम को जब वापस घर लौटा तो घर का माहौल बिलकुल शांत था
मम्मी और भाभी किचन मैं रत के खाने की तैयारी कर रही थी
मैं किचन मैं गया और मम्मी को एक कप चाय के लिए बोल कर चला फ्रेश होने चला गया
फ्रेश हो कर मैं अपने पलंग पर लेता था तो मम्मी के कहने पर भाभी चाय देने मेरे कमरे मैं आ गई
मैंने भाभी को देखा
वो मुझसे नज़रे नहीं मिला रही थी
मैं - भाभी क्या हुआ नाराज़ हो
रेखा भाभी - नहीं तो
मैं - तो कुछ बोल नहीं रही
आज आपको बाजार भी तो जाना था
अच्छा चलो दिन की बात को भूल जाओ
भाभी - तो प्लीज वो वीडियो डिलीट कर दो
मैं - नहीं भाभी उसको डिलीट कर दूंगा और आपने सब को बता दिया तो मैं तो मर जाऊँगा
खाया पिया कुछ नहीं गिलास तोडा बारह आना
भाभी - मतलब
मैं - देखो अगर मैं वो वीडियो डिलीट कर देता हूँ और आपने सब को बता दिया की मैंने आपको छेड़ा तोह बहिया मुझे मारेंगे और हो सकता हैं की पापा मुझे घर से निकल दे
तो ये वीडियो मेरी सिक्योरिटी हैं न
तभी भाभी चाय का कप रखने के लिए झुकी और उनका पल्लू नीचे गिर गया
उन्होंने वही दिन वाला बैकलेस डीप कट ब्लाउज पेहेन रखा था
मेरे मुँह से ये नज़ारा देख कर आह निकल गयी
भाभी - (अपनी स्तिथि से अनजान) क्या हुआ ललित
मैं - कुछ नहीं भाभी आपके ये ऊँचे ऊँचे पहाड़ देख कर आह निकल गयी
भाभी को जब स्तिथि का भान हुआ तो उन्होंने apna पल्लू ठीक किया पर न जाने कैसे वो मेरे ऊपर गिर गयी
उन्हें सँभालने के लिए जैसे ही मैंने हांत लगाया तो मेरा हांड उनके गुदाज बोबो पर चला गया
मैंने जानबूझ कर उनका एक बोबा मसल दिया
मेरी इस हरकत से उनकी आह निकल गयी
मैंने महसूस किया की इस आह मैं एक अंजना मजा था जो किसी के छूने से मिलता हैं
भाभी की निप्पल कड़क हो गयी थी
भाभी ने सँभालते हुए कहा - ये क्या कर रहा हैं ललित। ये करना तुझे शोभा नहीं देता
मैं - मैंने क्या किया। आप ही मेरे ऊपर गिरे मैंने तोह सिर्फ आपको सँभालने कोशिश की
और रही बात शोभा देने की तो मैं भी जवान लौंडा हूँ मेरे भी कुछ अरमान हैं जिनको आपने ज्यादा हवा दी हैं
भाभी - वो तेरे भैया और मेरे beech का मामला हैं और पति पत्नी ऐसे रोलप्ले करते रहते हैं
मैं - मुझे वो नहीं पता भाभी पर आप जिस तरह आप मेरे नाम ले कर सेक्स कर रही थी आपने मेरी भावनाये भड़का दी जिनको अब सिर्फ और सिर्फ आप शाट कर सकती हैं
भाभी - देखो ललित ये सब गलत हैं और मैं मानती हूँ की जो हुआ उसमे तेरी गलती नहीं हैं पर ये सब अच्छा नहीं लगता
मैं - वो सब मैं नहीं जनता । आप मेरे लिए क्या कर सकते हो वो बताओ
भाभी - तो तू क्या चाहता हैं मैं तेरे सामने नंगी हो जाऊ और तू मुझे चोद डाले
भाभी को इतना खुल कर बोलते देख मैं हैरान हो गया
मैं - अरे भाभी मैंने इतना नहीं माँगा आपसे
चलिए जब तक भैया नहीं आते आप मुझे रोज आधा घंटा दोगी ताकि मेरे लौड़े की गर्मी शांत हो सके
भाभी - मतलब मैं समझी नहीं
मैं - समझाता हूँ
एक विजयी मुस्कान के साथ - आपको सिर्फ मेरे साथ यहाँ बैठना हैं और मुझे अपनी सेक्स लाइफ के किस्से सुनाने हैं की आप कौन कौन से रोलप्ले करते हैं , भैया कैसे आपको गरम करते हैं या आप कैसे स्टार्ट करते हो सब कुछ और मैं उस वक्त अपना लौड़ा सहलाना चाहता हूँ
बस ये तो आप कर सकती हो
मैं भाभी को इतना गरम करना चाहता था की वो खुद मेरा लौड़ा लेने के लिए तड़पे
भाभी - ठीक हैं सोच कर बताती हूँ
मैं - चाय की चुस्की ले कर - भाभी सोचना क्या हैं इतना तो आप कर सकती हो
और भाभी की टैंगो पर हाथ फेरता हूँ
आज रात को सब के सोने के बाद मैं आपको कॉल करता हूँ आप मेरे कमरे मैं आ जाना
भाभी ठीक हैं
पर इसके बाद तुझे वो वीडियो डिलीट करना होगा
मैं - ठीक हैं भाभी
और ये सुन कर भाभी वह से किचन मैं चली जाती हैं
मेरा लौड़ा आपने आकर मैं आ रहा था तो मैंने मन मैं सोचा अभी रुक जा ललित रात मैं भाभी ही इसको हिला कर माल निकलेगी
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भाई लोगो प्रशंशा के दो शब्द लिख दो ताकि हमारा मनोबलक बड़े
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05-05-2026, 10:28 AM
(This post was last modified: 05-05-2026, 10:52 AM by bhabhi_lover23. Edited 1 time in total. Edited 1 time in total.)
अब आगे
हम सबने मिल कर डिनर कर लिया था और पापा मम्मी अपने कमरे में जा चुके थे
भाभी भी किचन का बाकि काम निपटा रही थी
बच्चे उनके कमरे मैं कॉलेज का होमवर्क कर रहे थे
मैं सबके सोने का इंतजार कर रहा था
मुझे अब किसी बात की जल्दबाज़ी नहीं थी
बस ये सोचना था की भाभी को ज्यादा से ज्यादा कैसे गरम किया जाये
मैं घर से बहार घूमने चला गया और सोचने लगा
थोड़ी देर बहार घूमने के बाद मैं घर आ गया
कोई नया विचार नहीं आया था अभी तक भाभी को गरम करने का पर फिर सोचा अभी तो आज का मज्जा लेते फिर देखते हैं क्या होता हैं
मैं घर आ कर अपने रूम मैं आ गया
मैं ये देखा चूका था की पापा मम्मी के कमरे की लाइट बंद हो चुकी हैं और बच्चों ने भी अपनी पढाई कर ली हैं और वो सोने जा चुके हैं
कमरे मैं आ कर मैंने लोअर और टी शर्ट डाल ली अंदर सिर्फ चड्डी थी मैंने बनियान खोल दिया था
पलंग पर लेट कर मैं भाभी को मैसेज किया
सो गयी क्या
थोड़ी देर बाद बहभी का रिप्लाई आया
भाभी - नहीं अभी तो बॉस ऐसे ही लेटी हुई हूँ
मैं - तो आ जाओ आपका आधा घंटा शुरू करते हैं
भाभी - डरते हुए, ललित मान जा न प्लेस, ऐसा मत कर
मैं - कुछ नहीं होगा भाभी, चलो जब तक आप नहीं चाहोगी मैं आपके कपडे नहीं खोलूँगा
आप आओ तो सही
भाभी - ठीक हैं मैं आती हूँ
पांच मिनट के बाद भाभी मेरे कमर कमरे मैं आयी
उन्होंने गाउन पेहेन रखा था जिसमे सामने की तरफ चार बटन थे, जिन्हे अगर सब को खोल दे तो उनके आधे चुचे बहार से दिखाई दे
भाभी - ललित ये सब गलत हैं, मत कर प्लीज
मैं - भाभी मैं तो कुछ नहीं कर रहा, ये आग अपने ही तो लगायी हैं, जब आप मेरा नाम ले ले कर चुदवा रही थी तब नहीं लगा की ये सब गलत हैं
भाभी - तुझे बोलै न पति पत्नी ये सब करते हैं
मैं - भाभी मैं आपसे ज्यादा कुछ नहीं करने को बोल रहा बस थोड़ी देर मेरा साथ दो और चली जाना
भाभी न चाहते हुए भी पलंग पर बैठ गयी
मैं लेता हुआ था और वो मेरे घुटने के पास बैठी हुई थी
मेरा घुटना उनकी गदरायी गांड मैं घुसने की कोशिस कर रहा था
मैंने भाभी का हाथ पकड़ा और बोला भाभी सिर्फ बात करते हैं और थोड़ा छूने की इजाजत दे दो
भाभी - ठीक हैं आज का तेरा टाइम स्टार्ट हो चूका हैं और तेरे पांच मिनट निकल गए हैं
मैं - भाभी ये तो चीटिंग हैं
भाभी - मैं कुछ नहीं जानती, और सिर्फ ऊपर से छूना हैं कपड़ो के अंदर हाथ नहीं डालेगा
मैं - ठीक हैं भाभी जान
और ये कह कर मैंने उनका हाथ जोर से दबाया
उनके पीछे बैठते हुए मैंने उनकी गर्दन पर सांस छोड़ दी
मेरी इस हरकत से भाभी एकदम सिहर गयी
गर्म साँसों की वजह से शायद उन्हें कुछ फील हुआ होगा
पीछे बैठ कर एक हाथ मैंने उनके पेट पर रखा और दुसरे हाथ से उनके बाल हटाए
मैं उनकी स्किन को ज्यादा से ज्यादा महसूस करना चाहता था
इस पोजीशन मैं मेरी गर्म साँसे उनकी गर्दन पर जा रही थी
मेरे होठ उनकी गर्दन के बिलकुल नजदीक थे और मैं उनके सपाट पेट पर गाउन के ऊपर से हाथ फेर रहा था
वो धीरे धीरे गरम हो रही थी क्योकि उनकी सांसे थोड़ी तेज होने लगी थी
मैंने भाभी को पुछा - कैसा लग रहा हैं भाभी जान
भाभी - कुछ नहीं, तुम तुम्हारा काम करो और मुझे अपना समय पूरा करो, ताकि मैं यहाँ से जा सकूं
मैं - भाभी अभी तो बीस मिनट हैं, चलो ये बताओ आपको भैया से पहले और किस ने छुआ हैं
भाभी - किसी ने नहीं
मैं - भाभी झूठ मत बोलो, आपके जीजा अनिल ने
भाभी - तुझे इस से क्या
मैं - बताओ न भाभी, यही तो तय हुआ था की आप आपकी सेक्स लाइफ डिसकस करोगी मेरे साथ
भाभी - ठीक हैं, हाँ छुआ था
मैं - कैसे कैसे
भाभी - जैसे तू छू रहा हैं और कैसे
मैं - थोड़ा डिटेल मैं बताओ
भाभी - तुझे जो पूछना हैं पूछ तेरे पास पन्द्र मिनट हैं अब
मैं - अच्छा भाभी उन्होंने यहाँ छुआ था
और ये कह कर मैं अपना हाथ पेट से सरकते हुए उनके गुदाज चुचो के नीचे लगा दिया
भाभी चिहुँक गयी और उनकी सांसे तेज होने लगी, एक पराये मर्द का हाथ उनके चुचो के नीच था
उन्होंने धीरे से कहा - हाँ यहाँ हाथ लगाया था
उनकी आवाज़ मैं एक कम्पन था, मैं समझ गया भाभी को गरम करना आसान होगा
मैं - भाभी आपको उनका छूना पसंद आया क्या
भाभी - हाँ
मैं - भाभी आपको नहीं लगा की जो हाथ आपकी बहन की चुकी से खेलते हैं वो आपकी चूची दबा रहे हैं
भाभी - हाँ पर मैं उनको रोक नहीं सकी
मैं - मतलब आपको उनका छूना पसंद आ रहा था
भाभी - हाँ
मैं - तो क्या आप ने उनकी आधी घरवाली बनने का पूरा फ़र्ज़ निभाया
भाभी पूरी गरम चुकी थी और उनकी सांसें बहुत तेज चल रही थी जिस से उनके चुचे ऊपर नीचे हो रहे थे
अगर भाभी ने ब्रा नहीं पहनी होती तो उनके कड़क निप्पल भी दिखाई देते
मेरी गरम सांसे अभी भी उनकी गर्दन पर लग रही थी
और जैसे ही मैं पीछे से अपने दोनों पैरउनके दोनों तरफ किए मेरा लौड़ा भाभी की गांड को टकराने लगा
जैसे ही भाभी को अहसास हुआ की उनकी गांड की दरार मैं कुछ चुभ रहा रहा हैं उन्हें कुछ होश आया और उठ कर खड़ी हो गयी
पर इसी जल्दबाज़ी मैं उनका एक बोबा मेरे हाथ मैं दब गया और वो उठ गयी
खड़ी होकर मुझे बोली - तेरा टाइम ख़तम अब मैं जा रही हूँ
मैं - क्या आपका मन जाने का कर रहा हैं
भाभी - फालतू बात मत कर
मैं - ठीक हैं भाभी आगे की बात कल करते हैं
और भाभी वहां से चली गयी
आपने कमरे मैं पहुँच कर भाभी ने मन मैं सोचा - कितना पागल हैं ये मुझे बिलकुल परेशां कर दिया और मैं भी कैसे इतनी गरम हो गयी
और लेटते हुए उन्होंने अपना गाउन पेट तक चढ़ा लिया और अपनी पैंटी मैं हाथ डाल कर देखा तो पूरी पैंटी गीली थी
वो भूल गयी की उन्होंने कमरे का दरवाज़ा बंद नहीं किए और मैं उनकी ये हरकत देख ली
मैं समझ गया की भाभी गरमा गयी हैं और उनकी पैंटी मैं छूट का रस बह रहा हैं
मैं अपने कमरे मैं आ कर लेट गया और भाभी के खयालो मैं कब नींद आ गयी पता ही नहीं चला
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अब आगे..................
अगले दिन सुबह मैं थोड़ा लेट उठा, रात मैं भाभी के खयालो मैं जाग जो रहा था
खैर तब तक सब लोग अपने अपने काम मैं लग चुके थे
घर पर सिर्फ भाभी और मैं ही रह गए
भाभी किचन मैं कुछ काम कर रही थी
उन्होंने साड़ी और ब्लाउज पहना हुआ था
मुझे शरारत सूझी - वो इतनी हसीं लग रही थी की मैं अपने आप को रोक नहीं सका
मैंने पीछे से जा कर उनको गले लगा लिया इस तरह मेरा एक हाथ उनके गले पर था और दूसरा उनके पेट पर
मेरी गरम सांसो को वो अपनी गर्दन पर महसूस कर सकती थी
अचानक हुई इस हरकत से वो डर गयी और मुझे बोली
ललित सुबह सुबह ये क्या हरकत हैं कोई देख लेगा
वो थोड़ी नाराज़ और परेशां थी
मैंने पुछा - आपको किसी के देखने का डर हैं या
भाभी - ललित ये सब अच्छा नहीं हैं, कल भी तूने बहुत कुछ किया मैं कुछ नहीं बोली
पर अब ये सब बंद कर दे प्लीज
मैं - अरे भाभी घर पर कोई नहीं हैं प्लीज थोड़ी देर करने दो न
देखो ये कैसे आपके पीछे घुसने के लिए उतावला हो रहा हैं
और ये कह कर मैंने उनका एक हाथ अपने लौड़े पर रख दिया
भाभी - झट से अपना हाथ हटा कर, पागल हो गए हो तुम, मैं भाभी हूँ तुम्हारी और कोई भी अपनी भाभी के साथ ऐसा नहीं करता
मैं - और भाभी अपने देवर का नाम ले ले कर चुदवा सकती हैं ..............
मैंने अभी तक उन्हें छोड़ा नहीं था और फिर अपनी गरम सांसे उनकी गर्दन पर छोड़ने लगा
मेरा हाथ जो उनके पेट पर था उस से मैं उनकी नाभि से खेलने लगा
एक ऊँगली मैं उनकी नाभि पर गोल गोल घेरा बनाते हुए फेरने लगा
और दूसरा हाथ उनके गले और होठ पर फेरने लगा
मेरी इस हरकत से वो गरम होने लगी थी क्योकि उनकी सांसे तेज होने लगी
उनकी छातिया ऊपर नीचे होने लगी
मैंने इस पल का पूरा फायदा उठाना चाहा और पेट वाले हाथ को उनकी चुत पर लगाने मसलने लगा
मैंने अपना हाथ अभी अंदर नहीं डाला था, मैं चाहता था की वो खुद मेरा लौड़ा लेने के लिए तड़पे
पर मेरी हरकत उनके शरीर पर पूरी तरह काम कर रही थी और उनके मुँह से हलकी सी आह निकली जो मैंने सुन ली
उनका चेहरा पकड़ कर मैंने पीछे किया और उनके गुलाबी होठों के पास अपने होठ ले आया पर उन्हें किस नहीं किया
सिर्फ अपने सांसो की गर्मी से उनको पिघलने की कोशिश करने लगा
इन सब काम का असर भी मुझे दिखाए दे रहा था
उनके होठ सूखने लगे थे और उनकी आँखे बंद हो चुकी थी जैसे उन्होंने अपने आशिक को अपना बदन सौप दिया हो
इन सब हरकतों मैं दस मिनट का समय जा चूका था
तभी डोर बेल बजी और मैं समझ गया की मम्मी मंदिर से आ चुकी हैं
मैंने भाभी को छोड़ा और कहा बाकि बीस मिनट बाद मैं
वो कुछ कहना चाह रही थी पर नहीं कह सकी मैंने देखा उनकी सांसे उखड रही थी
वो बहुत ज्यादा गरम हो रही थी
मैं दरवाजा खोलने चला गया
इधर भाभी - कैसा पागल लड़का हैं , मुझे इतना गरम करके चला गया , मेरी पूरी पैंटी गीले हो गयी
अभी अगर थोड़ी देर और ऐसे ही करता तो मैं तो अपना कण्ट्रोल छोड़ देती
दरवाजे पर मम्मी ही थी मैं उनको प्रणाम कर के नहाने चला गया और मम्मी और भाभी भी अपने अपने काम मैं लग गए
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