02-03-2026, 06:33 PM
(This post was last modified: 02-03-2026, 09:41 PM by rangeeladesi. Edited 2 times in total. Edited 2 times in total.)
नोट – यह कहानी मैंने एक वेबसाइट पर पढ़ी थी जहाँ यह रोमन लिपि में लिखी थी. लेखिका का नाम देसीमनीषा था. मैंने इसे केवल देवनागरी लिपि में बदला है और इसमें मामूली परिवर्तन किये हैं. कहानी लिखने का श्रेय मूल रचनाकार को दिया जाना चाहिए.
भाग 1
मेरा नाम मनीषा है. मेरी उम्र अब 29 साल है. मेरा फिगर 36-30-36 है. मेरे परिवार में मेरे पति दीपक हैं जिनकी उम्र 30 साल है, मेरी सास है जिनकी उम्र 55 साल है और मेरा एक बेटा है. मैं नौकरी करती हूं इसलिए मेरे बेटे को मेरी सास ही संभालती है. अब मैं असली किस्से पर आती हूं.
हमारा यौन जीवन काफी अच्छा चल रहा है. दीपक का लंड 6.5” लंबा और 2.5” इंच मोटा है. हम हमेशा सब कुछ खुलकर करते थे इसलिए हमारे यौन जीवन में कोई समस्या नहीं आई. पर लम्बे अरसे के बाद, कुछ नीरसता तो आ ही जाती है. दीपक ने पढ़ा था कि कि विदेशों में नीरसता से बचने के लिए कुछ जोड़े आपस में पति-पत्नी की अदला-बदली कर लेते हैं. इसलिए कुछ दिनों से दीपक मुझे अदला-बदली करने के लिए बोल रहे थे पर मैं नहीं मान रही थी. कारण यह था कि मुझे इसमें थोड़ा खतरा महसूस हो रहा था. भारत में किसी जोड़े के साथ अदला-बदली करने में मुझे जोखिम लग रहा था. पता नहीं हमें कैसा जोड़ा मिले. कहीं वो हमें बदनाम न कर दे.
मेरा एक ऑनलाइन दोस्त है जिससे मैं हर तरह की बात कर सकती हूं. उसको मैंने मेरे पति की इच्छा के बारे में बताया. अब आप पूछ सकते हैं कि मैंने इस दोस्त के साथ अदला-बदली क्यों नहीं की पर उसका एक कारण यह है कि वो विधुर है और दूसरा कारण यह है कि हम सिर्फ ऑनलाइन मिलते हैं, आमने-सामने कभी नहीं मिले. जब मैंने अपने इस दोस्त को अपने पति की इच्छा के बारे में बताया तो उसने कहा - किसी अजनबी जोड़े के साथ अदला-बदली करना तो जोखिम से खाली नहीं है. पर कोई जान-पहचान वाला जोड़ा हो तो उसमें जोखिम नहीं रहेगा.
मैंने कहा - यह कैसे हो सकता है? जान-पहचान वाले को तो ऐसी बात बताने में भी शर्म आती है.
उसने जवाब दिया – अरे, सीधे थोड़े ही बोल देना है. धीरे धीरे बात को आगे बढ़ाना है. पर उससे पहले तो तुम्हें यह तय करना है कि किसके साथ अदला-बदली की जा सकती है.
फिर उसने पूछा - क्या कोई ऐसा है जिस पर तुम्हारा दिल आया हुआ हो या जो तुम पर फिदा हो? और क्या कोई ऐसी औरत है जिसकी तरफ तुम्हारे पति आकर्षित हैं या कोई औरत तुम्हारे पति की तरफ झुकाव रखती है?
मैंने कहा - मैं सोच कर इसके बारे में बताऊंगी.
फिर मैंने काफी सोचा और ऐसे दो लोग मुझे लगे जिनके साथ कुछ हो सकता था। पहला मेरे पति का एक सहकर्मी है। उसका नाम मोहित है, जो मुझपे बहुत लाइन मारता था। उसने तो मुझे डायरेक्ट बोला भी था कि आप पहले मिलती तो मैं आपसे ही शादी करता। उसकी पत्नी भी खूबसूरत थी, इसलिए मेरे पति भी उसके लिए मान जाते। हम लोग मिलते भी रहते हैं ऑफिस की पार्टियों में। और दूसरी मेरी कजिन है जिसकी तरफ मेरे पति आकर्षित हैं, और मेरी कजिन भी उन्हें बहुत भाव देती है। उसके पति भी गठीले मर्द हैं, पर मैंने उनके बारे में पहले ऐसा कुछ सोचा नहीं था। लेकिन हमारा रिलेशन अच्छा था, जीजा-साली वाली मस्ती होती रहती थी।
अब तय करना था इन दोनों में से किसे चुनें? यहाँ पर मेरे उस फ्रेंड ने मदद की।
उसने पूछा: इन दोनों में से किससे मिलना-जुलना और बातें करना ज्यादा होता है?
मैंने बोला: मोहित से तो दीपक के ऑफिस की कोई पार्टी होती है तब ही मिल पाते हैं, और उससे बातें भी बहुत कम होती हैं। पर कजिन बहन से तो मिलना होता रहता है, और बातें तो लगभग रोज होती हैं।
तो मेरे दोस्त ने बोला: फिर कजिन को ही टारगेट करते हैं, और मोहित को बैकअप में रखते हैं। कजिन के साथ अगर कुछ नहीं हुआ, तो मोहित को ट्राई कर सकते हैं।
तो तय हुआ कि मेरी कजिन बहन और उसके पति पर ट्राई करेंगे। मेरी कजिन बहन का नाम अंकिता है। उसकी उम्र 28 साल है। उसका फिगर 36-28-36 है, और वो एकदम बिंदास, फ्रैंक, ब्रॉड-माइंडेड लड़की है। उसके पति का नाम आकाश है। उसकी उम्र 30 है। उनकी शादी को 3 साल हुए हैं, पर उनका कोई बच्चा नहीं है अभी तक। आकाश को मैं जीजा बोलती हूँ। जीजा वैसे तो आकर्षक लगते हैं पर उनका पेट थोड़ा निकला हुआ है.
हम एक-दूसरे के घर जाते रहते हैं। मैंने ये नोटिस किया था कि दीपक का अंकिता पर क्रश था, और क्यों न होता? एक तो वो उसकी साली थी और दुसरे, उसका फिगर बड़ा मस्त था। लेकिन दीपक ने मुझसे कुछ छुपाया नहीं था। वो मेरे सामने भी अंकिता से फ्लर्ट करते थे। उसके फिगर की तारीफ करते थे, और अंकिता भी दीपक से छेड़-छाड़ कर लेती थी, और कभी कभी दीपक से चिपक जाती थी।
पर आकाश जीजा ने कभी मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं किया, और ना ही मैंने कभी कुछ किया। हम दोनों बस नॉर्मल हंसी-मजाक करते थे । लेकिन हम दोनों ने कभी अंकिता और दीपक के रिश्ते पर शक नहीं किया, और ना ही उन्हें रोका-टोका।
मैं अंकिता से तो बातें करती रहती थी। पर जीजा के साथ सिर्फ गुड मॉर्निंग गुड नाइट वाले मैसेज होते थे। या कभी कुछ काम हुआ तो ही बात होती थी। लेकिन दीपक उन दोनों से ही बातें करते थे। अंकिता तो सामने से उन्हें कॉल करती थी।
जब मैंने ये सब मेरे उस दोस्त को बताया तो वो बोला: दीपक और अंकिता पर तो ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। वो जल्दी ही मान जाएंगे। पर तुम्हें आकाश जीजा के साथ रिलेशन अच्छा करना होगा। उसके मन में तुम्हारे लिए कामुक इच्छाएं जगानी पड़ेंगी। तुम्हें आकाश के साथ चैट स्टार्ट करनी पड़ेगी। पहले नॉर्मल चैट, फिर धीरे-धीरे ओपन चैट, सिचुएशन के हिसाब से।
उस दोस्त ने मुझे सब बताया कि क्या चैट करनी थी, कैसे करनी थी, कैसे आगे बढ़ना था। मेरे दोस्त ने मेरी बहुत मदद की। उसने बहुत सारे आइडियाज दिए, यहां तक कि मैं उसे मेरे और जीजा की चैट का स्क्रीनशॉट भेजती थी। फिर वो बताता था कि अब आगे क्या मैसेज करना है।
मैंने जीजा के साथ नॉर्मल चैट स्टार्ट की। पहले दिन ही मुझे लगा कि जीजा को भी मुझसे बातें करना पसंद था, और वो मेरे साथ बहुत आराम से बातें कर रहे थे। मुझे ऐसा लगा जैसे वो मुझे पसंद करते थे पर हमारे रिश्ते की वजह से शायद शर्मा रहे थे या डर रहे थे।
मेरे दोस्त ने बोला कि मुझे अपनी तरफ से थोड़ा ओपन होना पड़ेगा। तभी वो भी शायद खुल के बात कर सकेंगे।
अगले दिन जीजा का सामने से मैसेज आया। फिर हमारी बातें स्टार्ट हुई। मैंने थोड़ी फ्लर्टिंग स्टार्ट की उनके साथ, जिसका रिस्पॉन्स उन्होंने भी फ्लर्टिंग से ही दिया। कुछ दिनों बाद बातें करते-करते वो इतना खुल गए, कि वो मुझे कहीं अकेले बाहर मिलने को बोलने लगे।
पर मेरे दोस्त ने बोला: अकेले मत मिलना उससे, नहीं तो बात बिगड़ सकती है। कहीं उसे ये न लगे कि तुम्हें ही उसमें ज्यादा इंटरेस्ट है।
पर वो बोला कि मना भी मत करो, और धीरे-धीरे बात आगे बढ़ाओ।
फिर मैंने जीजा को पूछा: अकेले में क्यों मिलना है आपको?
वो बोले: तुमसे बहुत सारी बातें करनी हैं।
फिर मैंने बोला: बातें तो हम अभी भी कर ही रहे हैं।
तो वो बोले: ऐसे नहीं, फेस टू फेस बात करनी है।
मैंने बोला: हम ऐसे कहीं मिले और हमें किसी ने ऐसे देख लिया तो वो कुछ गलत समझेगा।
वो बोले: कहीं दूर की जगह मिलेंगे, जहाँ हमें कोई पहचानता नहीं हो।
मैंने बोला: फिर भी रिस्क तो है ही ना।
वो बोले: फिर तो एक ही ऑप्शन है ... पर रहने दो, तुम कहीं कुछ गलत ना सोचो।
मैंने बोला: नहीं जीजा, मैं आपको कभी गलत नहीं समझूँगी। आप बताएं मुझे।
वो बोले: हम किसी होटल के रूम में मिलते हैं । वहाँ आराम से बातें भी हो जाएगी और किसी के देखने का भी कोई टेंशन नहीं।
फिर मैंने बोला: जीजा, आप मुझे होटल रूम में बुला रहे हो. क्या इरादा है आपका?
वो: तुम गलत समझ रही हो. मैं तो सिर्फ तुमसे बात करना चाहता हूं.
मैं: मैं मज़ाक कर रही थी. मुझे आप पर पूरा भरोसा है.
वो: तो मिलते हैं किसी होटल में.
तो मैंने बोला: नहीं जीजू, मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है आपसे ऐसे होटल में मिलना। पहले हम अच्छे से एक-दूसरे को समझ लें, फिर देखते हैं।
जीजू मान गए।
फिर मैंने बोला: हम सबको मिले हुए काफी समय हो गया। हम सब मिलते हैं ना।
तो वो बोले: ठीक है मैं अंकिता से बात करता हूँ। फिर प्लान करते हैं मिलने का।
अगले दिन अंकिता से मेरी बात हुई.
उसने कहा: यार, हमें मिले हुए बहुत दिन हो गए हैं. हमें मिलने का प्रोग्राम बनाना चाहिए.
मैंने कहा: हां, तेरी बात तो ठीक है. बनाते हैं प्रोग्राम.
उसने कहा: आकाश भी तुझे बहुत याद करते हैं. कल रात उन्होंने ही कहा कि हमें मिलना चाहिए.
मैंने कहा: मैं उनकी चहेती साली हूं इसलिए मुझे तो याद करेंगे ही.
और हम दोनों हंसने लगे. हमारे बीच इस तरह का हंसी मजाक चलता रहता था. हमने अगले दिन एक मॉल में शॉपिंग करने का कार्यक्रम बनाया. मैंने बाद में अपने पति को बताया तो वह भी खुश हो गए. वह भी अंकिता से मिलने के लिए उत्सुक थे.
कुछ देर बाद मैंने आकाश से चैटिंग शुरू की.
मैं: आज मेरी अंकिता से बात हुई थी. कल हम मॉल में मिलकर शॉपिंग करने वाले हैं.
आकाश: हां, अंकिता ने मुझे बताया था. मैं भी तुमसे मिलना चाहता था.
मैं: अच्छा, आपको मेरे से मिलने की इतनी इच्छा होती है?
आकाश: हां, इच्छा क्यों नहीं होगी?
मैं: मुझे भी आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगता है लेकिन...
आकाश: लेकिन क्या?
मैं: मैं अपने पति को धोखा नहीं दे सकती.
आकाश: कोई किसी को धोखा नहीं दे रहा. हम कुछ गलत नहीं कर रहे हैं. पर क्या तुम वास्तव में मुझे इतना पसंद करती हो?
मैं: हां, मुझे आपका स्वभाव बहुत अच्छा लगता है. आपका हंसी मजाक और बिना कुछ छुपाए खुलकर बोलना भी मुझे अच्छा लगता है. और मुझे सबसे अच्छा लगता है आपका मुस्कुराता हुआ चेहरा.
आकाश: साली जी, यह तो आपकी कृपा है.
जब मैंने चैटिंग बंद की तो जीजा जी ने मुझे किस वाली इमोजी भेजी. मैं भी उन्हें वैसी ही इमोजी वापस भेज दी.
रात को दीपक आए तो वह बहुत उत्तेजित लग रहे थे. जब मैंने उनसे इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि हम चारों इतने लंबे अरसे के बाद मिल रहे थे इसलिए वह खुश थे. पर मुझे पता था कि वह अंकिता से मिलने के लिए उत्तेजित थे. मेरे पति अंकिता को बहुत पसंद करते थे पर वे डरते थे कि कहीं मैं बुरा ना मान जाऊं. इसलिए वह मेरे से अंकिता के बारे में ज्यादा बात नहीं करते थे. हां,अंकिता उन्हें कॉल और मैसेज करती रहती थी जो वे मेरे से छुपाते नहीं थे. वे मुझे यह भी बताते थे कि उन्होंने क्या-क्या बातें की और वह अपनी चैट भी मुझे दिखा देते थे. चैट में उनकी छेड़छाड़ चलती रहती थी और मुझे उसमें कोई एतराज नहीं था. जब हम लोग मिलते थे तब अंकिता उनके आसपास ही घूमती रहती थी और उनसे चिपकती भी रहती थी.
अगले दिन हम सब शाम को एक मॉल में मिले। मैंने तो सामान्य रूप से एक कुर्ता और लेगिंग पहनी थी, पर अंकिता ने काले रंग की वनपीस ड्रेस पहनी थी, जो उसकी घुटनों से ऊपर तक थी। ऊपर से उसका क्लीवेज भी खूब दिख रहा था। एकदम सेक्सी लग रही थी।
दीपक उसे देखता ही रह गया। अंकिता ने जब कहा कि जीजू कहाँ खो गए, तब जाकर दीपक ने अपनी नज़रें हटाईं। और अंकिता उनके हाथ में हाथ डालकर मॉल के अंदर चली गई। मैं और आकाश जीजू उनके पीछे-पीछे अंदर चले गए।
अंकिता दीपक को छोड़ ही नहीं रही थी। वे दोनों हँसी मज़ाक करते हुए आगे चल रहे थे। मैं और आकाश जीजू थोड़ा पीछे चल रहे थे। हम दोनों भी धीरे-धीरे बातें कर रहे थे। जीजू बोले-
आकाश: आप बड़ी खूबसूरत लग रही हो।
मैं: इतनी सिंपल तो लग रही हूँ। नॉर्मल कुर्ता ही तो पहना है।
आकाश: आपकी सिम्प्लिसिटी पे ही तो फिदा हूँ मैं। आप दिखावा नहीं करती, और यही बात मुझे बहुत अच्छी लगती है आपकी।
मैं: अच्छा जी, ये बात है। वो देखो, अंकिता दीपक को कितना चिपक रही है। आपको बुरा नहीं लग रहा?
आकाश: अच्छा है ना। वो दोनों आपस में बिजी हैं। हम दोनों को थोड़ा टाइम मिल गया अकेले में।
फिर वो मुझसे ऐसे ही मेरी पसंद नापसंद के बारे में पूछने लगे। मेरा फेवरेट कलर पूछा तो मैंने बोल दिया कि रेड कलर, प्यार वाला। तो वो नॉटी स्माइल देने लगे, और बोलने लगे कि एक रिक्वेस्ट करूं क्या? मैंने पूछा कैसी रिक्वेस्ट?
तो उन्होंने बोला: मेरी पसंद का कुछ आप लेंगी आज?
मैंने बोला: आप बता देना क्या लेना है, ले लूंगी।
फिर हमने थोड़ी बहुत ऐसी ही शॉपिंग की, और आखिरी में अंकिता बोली: मुझे कुछ और भी लेना है।
फिर वो एक ब्रा-पैंटी की दुकान में चली गई। मैं भी उसके साथ अंदर चली गई। आकाश और दीपक बाहर ही खड़े थे। शायद उन्हें अंदर आने में शर्म आ रही थी।
अंकिता को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह कौन सा ले।
अंकिता: उन दोनों को भी अंदर बुला ले क्या? इन चीज़ों में मर्दों की पसंद ज्यादा अच्छी होती है।
मैं: बुला ले फिर।
फिर वो जाकर दोनों को अंदर ले आई, और आकाश को पूछने लगी: क्या लूं?
आकाश ने उसे एक नीला ब्रा-पैंटी सेट दिखाया, तो अंकिता बोली: आपको पता तो है कि मेरा फेवरेट कलर ब्लैक है।
तो आकाश बोले: फिर मुझे क्यों पूछा? जो लेना हो ले लो।
फिर अंकिता ने सब के सामने ही दीपक को पूछा कि उसे कौन सी अच्छी लग रही थी। दीपक मेरा मुंह देखने लगा, तो मैंने भी इशारे से बोल दिया कि ठीक है। फिर दीपक के कहने पर उसने एक नेट वाली ब्रा-पैंटी सेट ली, ब्लैक कलर की। आकाश ने भी मुझे मैसेज किया कि सेम मैं भी लूं, पर रेड कलर की।
मैंने रिप्लाई में शाई वाली इमोजी भेजी। फिर ओके बोल दिया। उसके बाद मैंने भी वैसी ही ब्रा-पैंटी ले ली, रेड कलर की। फिर आकाश को देखकर स्माइल की, और जीजु ने इशारों में थैंक्स बोला। फिर हमने थोड़ा नाश्ता किया, और घर आ गए। उस रात मैंने दीपक को बोला-
मैं: आज तो बड़े खुश होंगे ना तुम?
वो बोले: क्यूं, क्या हुआ?
मैंने बोला: अंकिता बड़ी चिपक रही थी तुमसे, और तुम भी मजे ले रहे थे।
तो वो बोलने लगे: अरे यार, कुछ मत बोलो. तुम्हें पता तो है अंकिता कुछ ज़्यादा ही मस्ती करती है, और कुछ नहीं है हमारे बीच।
मैंने बोला: यार, तुम इतना क्यों टेंशन ले रहे हो? मुझे पता है तुम अंकिता को पसंद करते हो, और शायद वो भी तुम्हें पसंद करती है। और दिन भर तुम किसी के साथ भी रहो, रात को तो मेरे पास ही आओगे न। तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है आप दोनों की फ्रेंडशिप से।
दीपक बोलने लगे: क्या बोल रही हो, पता भी है तुमको?
मैंने बोला: मैं सीरियसली बोल रही हूँ। वैसे भी हमारी लाइफ थोड़ी बोर सी हो गई है, ये मुझे पता है। अगर तुम्हें अंकिता के साथ अच्छा लगता है, तो तुम उसके साथ फ्रेंडशिप बढ़ा सकते हो। मेरी परमिशन है आपको।
वो बोलने लगे: फालतू बातें मत करो। क्या तुम मेरा कोई टेस्ट ले रही हो?
मैं बोली: नहीं बाबा, मैं सच बोल रही हूँ। अगर अंकिता रेडी है तो आप उसके साथ कुछ आगे बढ़ सकते हो। मेरी ओर से परमिशन है।
वो बोलने लगे: कहीं तुम मेरे साथ कोई प्रैंक तो नहीं कर रही ना?
मैंने बोला: ये कोई प्रैंक नहीं है। मैं सीरियसली बोल रही हूँ। पर एक बार याद रखना, बस जो भी कर रहे हो, मुझे बताते रहना। मुझे छुपा के कुछ भी किया तो फिर तुम्हारी खैर नहीं।
दीपक मुझे ऐसे देख रहे थे, जैसे कोई अजूबा देख रहे हो। फिर मैंने उन्हें टाइट हग किया और बोली-
मैं: मैं आपकी खुशी का ख्याल नहीं रखूंगी तो कौन रखेगा?
फिर दीपक को इतना जोश आया कि उसने मेरी जम के ली। मजा ही आ गया।
फिर मैंने बोला: देखा, सिर्फ मेरी परमिशन से तुम इतना खुश हो गए, और मुझे भी खुश कर दिया। तो सोचो तुम आगे बढे तो क्या होगा।
दीपक बोलने लगे: मैं एक बात बोलूं, बुरा तो नहीं मानोगी?
मैं: आपकी बात का बुरा कैसे मान सकती हूं? बोलो, जो भी बोलना है।
फिर वो बोलने लगे: आकाश को शायद तुममें इंटरेस्ट है। तुम भी उनसे फ्रेंडशिप बढ़ाओ।
मै: क्या? कुछ भी बोल रहे हो। अंकिता जैसी हॉट वाइफ को छोड़के वो मुझे क्यों पसंद करेंगे?
तो दीपक बोलने लगे: नहीं यार, सच में। आज मैंने नोटिस किया कि आकाश तुम्हारी तरफ कुछ ज़्यादा ही ध्यान दे रहा था। तुम्हारे आगे-पीछे ही घूम रहा था वो।
मैनें बोला: कहीं तुम्हें जलन तो नहीं हो रही उससे?
तो वो बोलने लगे: नहीं यार, ऐसा कुछ नहीं है। पर आकाश सच में बहुत अच्छा है। तुम उससे फ्रेंडशिप बढ़ाओ। वो भी खुश हो जाएगा।
तो मैंने बोला: क्या सच में आपको ऐसा लगता है कि जीजू को मुझ में दिलचस्पी है?
वो बोले: पक्का पता है। तुम उससे बात करो, तुम्हें भी समझ आ जाएगा।
फिर मैंने ऐसे ही मजाक में बोल दिया: सोच लो, हमारी फ्रेंडशिप कहीं बिस्तर तक न चली जाए।
तो वो बोलने लगे: मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं है। अगर तुम चाहो तो कर सकती हो।
मैंने बोला: हाँ, अंकिता को अपने बिस्तर पे लाने की पूरी प्लानिंग कर रहे हो।
फिर हम दोनों ही हंसने लगे, और हमने एक और राउंड किया। हम दोनों में ही बहुत जोश था उस दिन। अब दीपक और आकाश तो लगभग मेरे कंट्रोल में थे। अब बस अंकिता ही बची थी। अगर वो भी मान जाए, तो फिर हमारी अदला-बदली आराम से हो जाएगी। ये सब इतना आसानी से हो रहा था तो मेरे उस चैट फ्रेंड की वजह से। हर तरह से हेल्प की उसने मेरी।
क्रमशः
भाग 1
मेरा नाम मनीषा है. मेरी उम्र अब 29 साल है. मेरा फिगर 36-30-36 है. मेरे परिवार में मेरे पति दीपक हैं जिनकी उम्र 30 साल है, मेरी सास है जिनकी उम्र 55 साल है और मेरा एक बेटा है. मैं नौकरी करती हूं इसलिए मेरे बेटे को मेरी सास ही संभालती है. अब मैं असली किस्से पर आती हूं.
हमारा यौन जीवन काफी अच्छा चल रहा है. दीपक का लंड 6.5” लंबा और 2.5” इंच मोटा है. हम हमेशा सब कुछ खुलकर करते थे इसलिए हमारे यौन जीवन में कोई समस्या नहीं आई. पर लम्बे अरसे के बाद, कुछ नीरसता तो आ ही जाती है. दीपक ने पढ़ा था कि कि विदेशों में नीरसता से बचने के लिए कुछ जोड़े आपस में पति-पत्नी की अदला-बदली कर लेते हैं. इसलिए कुछ दिनों से दीपक मुझे अदला-बदली करने के लिए बोल रहे थे पर मैं नहीं मान रही थी. कारण यह था कि मुझे इसमें थोड़ा खतरा महसूस हो रहा था. भारत में किसी जोड़े के साथ अदला-बदली करने में मुझे जोखिम लग रहा था. पता नहीं हमें कैसा जोड़ा मिले. कहीं वो हमें बदनाम न कर दे.
मेरा एक ऑनलाइन दोस्त है जिससे मैं हर तरह की बात कर सकती हूं. उसको मैंने मेरे पति की इच्छा के बारे में बताया. अब आप पूछ सकते हैं कि मैंने इस दोस्त के साथ अदला-बदली क्यों नहीं की पर उसका एक कारण यह है कि वो विधुर है और दूसरा कारण यह है कि हम सिर्फ ऑनलाइन मिलते हैं, आमने-सामने कभी नहीं मिले. जब मैंने अपने इस दोस्त को अपने पति की इच्छा के बारे में बताया तो उसने कहा - किसी अजनबी जोड़े के साथ अदला-बदली करना तो जोखिम से खाली नहीं है. पर कोई जान-पहचान वाला जोड़ा हो तो उसमें जोखिम नहीं रहेगा.
मैंने कहा - यह कैसे हो सकता है? जान-पहचान वाले को तो ऐसी बात बताने में भी शर्म आती है.
उसने जवाब दिया – अरे, सीधे थोड़े ही बोल देना है. धीरे धीरे बात को आगे बढ़ाना है. पर उससे पहले तो तुम्हें यह तय करना है कि किसके साथ अदला-बदली की जा सकती है.
फिर उसने पूछा - क्या कोई ऐसा है जिस पर तुम्हारा दिल आया हुआ हो या जो तुम पर फिदा हो? और क्या कोई ऐसी औरत है जिसकी तरफ तुम्हारे पति आकर्षित हैं या कोई औरत तुम्हारे पति की तरफ झुकाव रखती है?
मैंने कहा - मैं सोच कर इसके बारे में बताऊंगी.
फिर मैंने काफी सोचा और ऐसे दो लोग मुझे लगे जिनके साथ कुछ हो सकता था। पहला मेरे पति का एक सहकर्मी है। उसका नाम मोहित है, जो मुझपे बहुत लाइन मारता था। उसने तो मुझे डायरेक्ट बोला भी था कि आप पहले मिलती तो मैं आपसे ही शादी करता। उसकी पत्नी भी खूबसूरत थी, इसलिए मेरे पति भी उसके लिए मान जाते। हम लोग मिलते भी रहते हैं ऑफिस की पार्टियों में। और दूसरी मेरी कजिन है जिसकी तरफ मेरे पति आकर्षित हैं, और मेरी कजिन भी उन्हें बहुत भाव देती है। उसके पति भी गठीले मर्द हैं, पर मैंने उनके बारे में पहले ऐसा कुछ सोचा नहीं था। लेकिन हमारा रिलेशन अच्छा था, जीजा-साली वाली मस्ती होती रहती थी।
अब तय करना था इन दोनों में से किसे चुनें? यहाँ पर मेरे उस फ्रेंड ने मदद की।
उसने पूछा: इन दोनों में से किससे मिलना-जुलना और बातें करना ज्यादा होता है?
मैंने बोला: मोहित से तो दीपक के ऑफिस की कोई पार्टी होती है तब ही मिल पाते हैं, और उससे बातें भी बहुत कम होती हैं। पर कजिन बहन से तो मिलना होता रहता है, और बातें तो लगभग रोज होती हैं।
तो मेरे दोस्त ने बोला: फिर कजिन को ही टारगेट करते हैं, और मोहित को बैकअप में रखते हैं। कजिन के साथ अगर कुछ नहीं हुआ, तो मोहित को ट्राई कर सकते हैं।
तो तय हुआ कि मेरी कजिन बहन और उसके पति पर ट्राई करेंगे। मेरी कजिन बहन का नाम अंकिता है। उसकी उम्र 28 साल है। उसका फिगर 36-28-36 है, और वो एकदम बिंदास, फ्रैंक, ब्रॉड-माइंडेड लड़की है। उसके पति का नाम आकाश है। उसकी उम्र 30 है। उनकी शादी को 3 साल हुए हैं, पर उनका कोई बच्चा नहीं है अभी तक। आकाश को मैं जीजा बोलती हूँ। जीजा वैसे तो आकर्षक लगते हैं पर उनका पेट थोड़ा निकला हुआ है.
हम एक-दूसरे के घर जाते रहते हैं। मैंने ये नोटिस किया था कि दीपक का अंकिता पर क्रश था, और क्यों न होता? एक तो वो उसकी साली थी और दुसरे, उसका फिगर बड़ा मस्त था। लेकिन दीपक ने मुझसे कुछ छुपाया नहीं था। वो मेरे सामने भी अंकिता से फ्लर्ट करते थे। उसके फिगर की तारीफ करते थे, और अंकिता भी दीपक से छेड़-छाड़ कर लेती थी, और कभी कभी दीपक से चिपक जाती थी।
पर आकाश जीजा ने कभी मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं किया, और ना ही मैंने कभी कुछ किया। हम दोनों बस नॉर्मल हंसी-मजाक करते थे । लेकिन हम दोनों ने कभी अंकिता और दीपक के रिश्ते पर शक नहीं किया, और ना ही उन्हें रोका-टोका।
मैं अंकिता से तो बातें करती रहती थी। पर जीजा के साथ सिर्फ गुड मॉर्निंग गुड नाइट वाले मैसेज होते थे। या कभी कुछ काम हुआ तो ही बात होती थी। लेकिन दीपक उन दोनों से ही बातें करते थे। अंकिता तो सामने से उन्हें कॉल करती थी।
जब मैंने ये सब मेरे उस दोस्त को बताया तो वो बोला: दीपक और अंकिता पर तो ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। वो जल्दी ही मान जाएंगे। पर तुम्हें आकाश जीजा के साथ रिलेशन अच्छा करना होगा। उसके मन में तुम्हारे लिए कामुक इच्छाएं जगानी पड़ेंगी। तुम्हें आकाश के साथ चैट स्टार्ट करनी पड़ेगी। पहले नॉर्मल चैट, फिर धीरे-धीरे ओपन चैट, सिचुएशन के हिसाब से।
उस दोस्त ने मुझे सब बताया कि क्या चैट करनी थी, कैसे करनी थी, कैसे आगे बढ़ना था। मेरे दोस्त ने मेरी बहुत मदद की। उसने बहुत सारे आइडियाज दिए, यहां तक कि मैं उसे मेरे और जीजा की चैट का स्क्रीनशॉट भेजती थी। फिर वो बताता था कि अब आगे क्या मैसेज करना है।
मैंने जीजा के साथ नॉर्मल चैट स्टार्ट की। पहले दिन ही मुझे लगा कि जीजा को भी मुझसे बातें करना पसंद था, और वो मेरे साथ बहुत आराम से बातें कर रहे थे। मुझे ऐसा लगा जैसे वो मुझे पसंद करते थे पर हमारे रिश्ते की वजह से शायद शर्मा रहे थे या डर रहे थे।
मेरे दोस्त ने बोला कि मुझे अपनी तरफ से थोड़ा ओपन होना पड़ेगा। तभी वो भी शायद खुल के बात कर सकेंगे।
अगले दिन जीजा का सामने से मैसेज आया। फिर हमारी बातें स्टार्ट हुई। मैंने थोड़ी फ्लर्टिंग स्टार्ट की उनके साथ, जिसका रिस्पॉन्स उन्होंने भी फ्लर्टिंग से ही दिया। कुछ दिनों बाद बातें करते-करते वो इतना खुल गए, कि वो मुझे कहीं अकेले बाहर मिलने को बोलने लगे।
पर मेरे दोस्त ने बोला: अकेले मत मिलना उससे, नहीं तो बात बिगड़ सकती है। कहीं उसे ये न लगे कि तुम्हें ही उसमें ज्यादा इंटरेस्ट है।
पर वो बोला कि मना भी मत करो, और धीरे-धीरे बात आगे बढ़ाओ।
फिर मैंने जीजा को पूछा: अकेले में क्यों मिलना है आपको?
वो बोले: तुमसे बहुत सारी बातें करनी हैं।
फिर मैंने बोला: बातें तो हम अभी भी कर ही रहे हैं।
तो वो बोले: ऐसे नहीं, फेस टू फेस बात करनी है।
मैंने बोला: हम ऐसे कहीं मिले और हमें किसी ने ऐसे देख लिया तो वो कुछ गलत समझेगा।
वो बोले: कहीं दूर की जगह मिलेंगे, जहाँ हमें कोई पहचानता नहीं हो।
मैंने बोला: फिर भी रिस्क तो है ही ना।
वो बोले: फिर तो एक ही ऑप्शन है ... पर रहने दो, तुम कहीं कुछ गलत ना सोचो।
मैंने बोला: नहीं जीजा, मैं आपको कभी गलत नहीं समझूँगी। आप बताएं मुझे।
वो बोले: हम किसी होटल के रूम में मिलते हैं । वहाँ आराम से बातें भी हो जाएगी और किसी के देखने का भी कोई टेंशन नहीं।
फिर मैंने बोला: जीजा, आप मुझे होटल रूम में बुला रहे हो. क्या इरादा है आपका?
वो: तुम गलत समझ रही हो. मैं तो सिर्फ तुमसे बात करना चाहता हूं.
मैं: मैं मज़ाक कर रही थी. मुझे आप पर पूरा भरोसा है.
वो: तो मिलते हैं किसी होटल में.
तो मैंने बोला: नहीं जीजू, मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है आपसे ऐसे होटल में मिलना। पहले हम अच्छे से एक-दूसरे को समझ लें, फिर देखते हैं।
जीजू मान गए।
फिर मैंने बोला: हम सबको मिले हुए काफी समय हो गया। हम सब मिलते हैं ना।
तो वो बोले: ठीक है मैं अंकिता से बात करता हूँ। फिर प्लान करते हैं मिलने का।
अगले दिन अंकिता से मेरी बात हुई.
उसने कहा: यार, हमें मिले हुए बहुत दिन हो गए हैं. हमें मिलने का प्रोग्राम बनाना चाहिए.
मैंने कहा: हां, तेरी बात तो ठीक है. बनाते हैं प्रोग्राम.
उसने कहा: आकाश भी तुझे बहुत याद करते हैं. कल रात उन्होंने ही कहा कि हमें मिलना चाहिए.
मैंने कहा: मैं उनकी चहेती साली हूं इसलिए मुझे तो याद करेंगे ही.
और हम दोनों हंसने लगे. हमारे बीच इस तरह का हंसी मजाक चलता रहता था. हमने अगले दिन एक मॉल में शॉपिंग करने का कार्यक्रम बनाया. मैंने बाद में अपने पति को बताया तो वह भी खुश हो गए. वह भी अंकिता से मिलने के लिए उत्सुक थे.
कुछ देर बाद मैंने आकाश से चैटिंग शुरू की.
मैं: आज मेरी अंकिता से बात हुई थी. कल हम मॉल में मिलकर शॉपिंग करने वाले हैं.
आकाश: हां, अंकिता ने मुझे बताया था. मैं भी तुमसे मिलना चाहता था.
मैं: अच्छा, आपको मेरे से मिलने की इतनी इच्छा होती है?
आकाश: हां, इच्छा क्यों नहीं होगी?
मैं: मुझे भी आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगता है लेकिन...
आकाश: लेकिन क्या?
मैं: मैं अपने पति को धोखा नहीं दे सकती.
आकाश: कोई किसी को धोखा नहीं दे रहा. हम कुछ गलत नहीं कर रहे हैं. पर क्या तुम वास्तव में मुझे इतना पसंद करती हो?
मैं: हां, मुझे आपका स्वभाव बहुत अच्छा लगता है. आपका हंसी मजाक और बिना कुछ छुपाए खुलकर बोलना भी मुझे अच्छा लगता है. और मुझे सबसे अच्छा लगता है आपका मुस्कुराता हुआ चेहरा.
आकाश: साली जी, यह तो आपकी कृपा है.
जब मैंने चैटिंग बंद की तो जीजा जी ने मुझे किस वाली इमोजी भेजी. मैं भी उन्हें वैसी ही इमोजी वापस भेज दी.
रात को दीपक आए तो वह बहुत उत्तेजित लग रहे थे. जब मैंने उनसे इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि हम चारों इतने लंबे अरसे के बाद मिल रहे थे इसलिए वह खुश थे. पर मुझे पता था कि वह अंकिता से मिलने के लिए उत्तेजित थे. मेरे पति अंकिता को बहुत पसंद करते थे पर वे डरते थे कि कहीं मैं बुरा ना मान जाऊं. इसलिए वह मेरे से अंकिता के बारे में ज्यादा बात नहीं करते थे. हां,अंकिता उन्हें कॉल और मैसेज करती रहती थी जो वे मेरे से छुपाते नहीं थे. वे मुझे यह भी बताते थे कि उन्होंने क्या-क्या बातें की और वह अपनी चैट भी मुझे दिखा देते थे. चैट में उनकी छेड़छाड़ चलती रहती थी और मुझे उसमें कोई एतराज नहीं था. जब हम लोग मिलते थे तब अंकिता उनके आसपास ही घूमती रहती थी और उनसे चिपकती भी रहती थी.
अगले दिन हम सब शाम को एक मॉल में मिले। मैंने तो सामान्य रूप से एक कुर्ता और लेगिंग पहनी थी, पर अंकिता ने काले रंग की वनपीस ड्रेस पहनी थी, जो उसकी घुटनों से ऊपर तक थी। ऊपर से उसका क्लीवेज भी खूब दिख रहा था। एकदम सेक्सी लग रही थी।
दीपक उसे देखता ही रह गया। अंकिता ने जब कहा कि जीजू कहाँ खो गए, तब जाकर दीपक ने अपनी नज़रें हटाईं। और अंकिता उनके हाथ में हाथ डालकर मॉल के अंदर चली गई। मैं और आकाश जीजू उनके पीछे-पीछे अंदर चले गए।
अंकिता दीपक को छोड़ ही नहीं रही थी। वे दोनों हँसी मज़ाक करते हुए आगे चल रहे थे। मैं और आकाश जीजू थोड़ा पीछे चल रहे थे। हम दोनों भी धीरे-धीरे बातें कर रहे थे। जीजू बोले-
आकाश: आप बड़ी खूबसूरत लग रही हो।
मैं: इतनी सिंपल तो लग रही हूँ। नॉर्मल कुर्ता ही तो पहना है।
आकाश: आपकी सिम्प्लिसिटी पे ही तो फिदा हूँ मैं। आप दिखावा नहीं करती, और यही बात मुझे बहुत अच्छी लगती है आपकी।
मैं: अच्छा जी, ये बात है। वो देखो, अंकिता दीपक को कितना चिपक रही है। आपको बुरा नहीं लग रहा?
आकाश: अच्छा है ना। वो दोनों आपस में बिजी हैं। हम दोनों को थोड़ा टाइम मिल गया अकेले में।
फिर वो मुझसे ऐसे ही मेरी पसंद नापसंद के बारे में पूछने लगे। मेरा फेवरेट कलर पूछा तो मैंने बोल दिया कि रेड कलर, प्यार वाला। तो वो नॉटी स्माइल देने लगे, और बोलने लगे कि एक रिक्वेस्ट करूं क्या? मैंने पूछा कैसी रिक्वेस्ट?
तो उन्होंने बोला: मेरी पसंद का कुछ आप लेंगी आज?
मैंने बोला: आप बता देना क्या लेना है, ले लूंगी।
फिर हमने थोड़ी बहुत ऐसी ही शॉपिंग की, और आखिरी में अंकिता बोली: मुझे कुछ और भी लेना है।
फिर वो एक ब्रा-पैंटी की दुकान में चली गई। मैं भी उसके साथ अंदर चली गई। आकाश और दीपक बाहर ही खड़े थे। शायद उन्हें अंदर आने में शर्म आ रही थी।
अंकिता को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह कौन सा ले।
अंकिता: उन दोनों को भी अंदर बुला ले क्या? इन चीज़ों में मर्दों की पसंद ज्यादा अच्छी होती है।
मैं: बुला ले फिर।
फिर वो जाकर दोनों को अंदर ले आई, और आकाश को पूछने लगी: क्या लूं?
आकाश ने उसे एक नीला ब्रा-पैंटी सेट दिखाया, तो अंकिता बोली: आपको पता तो है कि मेरा फेवरेट कलर ब्लैक है।
तो आकाश बोले: फिर मुझे क्यों पूछा? जो लेना हो ले लो।
फिर अंकिता ने सब के सामने ही दीपक को पूछा कि उसे कौन सी अच्छी लग रही थी। दीपक मेरा मुंह देखने लगा, तो मैंने भी इशारे से बोल दिया कि ठीक है। फिर दीपक के कहने पर उसने एक नेट वाली ब्रा-पैंटी सेट ली, ब्लैक कलर की। आकाश ने भी मुझे मैसेज किया कि सेम मैं भी लूं, पर रेड कलर की।
मैंने रिप्लाई में शाई वाली इमोजी भेजी। फिर ओके बोल दिया। उसके बाद मैंने भी वैसी ही ब्रा-पैंटी ले ली, रेड कलर की। फिर आकाश को देखकर स्माइल की, और जीजु ने इशारों में थैंक्स बोला। फिर हमने थोड़ा नाश्ता किया, और घर आ गए। उस रात मैंने दीपक को बोला-
मैं: आज तो बड़े खुश होंगे ना तुम?
वो बोले: क्यूं, क्या हुआ?
मैंने बोला: अंकिता बड़ी चिपक रही थी तुमसे, और तुम भी मजे ले रहे थे।
तो वो बोलने लगे: अरे यार, कुछ मत बोलो. तुम्हें पता तो है अंकिता कुछ ज़्यादा ही मस्ती करती है, और कुछ नहीं है हमारे बीच।
मैंने बोला: यार, तुम इतना क्यों टेंशन ले रहे हो? मुझे पता है तुम अंकिता को पसंद करते हो, और शायद वो भी तुम्हें पसंद करती है। और दिन भर तुम किसी के साथ भी रहो, रात को तो मेरे पास ही आओगे न। तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है आप दोनों की फ्रेंडशिप से।
दीपक बोलने लगे: क्या बोल रही हो, पता भी है तुमको?
मैंने बोला: मैं सीरियसली बोल रही हूँ। वैसे भी हमारी लाइफ थोड़ी बोर सी हो गई है, ये मुझे पता है। अगर तुम्हें अंकिता के साथ अच्छा लगता है, तो तुम उसके साथ फ्रेंडशिप बढ़ा सकते हो। मेरी परमिशन है आपको।
वो बोलने लगे: फालतू बातें मत करो। क्या तुम मेरा कोई टेस्ट ले रही हो?
मैं बोली: नहीं बाबा, मैं सच बोल रही हूँ। अगर अंकिता रेडी है तो आप उसके साथ कुछ आगे बढ़ सकते हो। मेरी ओर से परमिशन है।
वो बोलने लगे: कहीं तुम मेरे साथ कोई प्रैंक तो नहीं कर रही ना?
मैंने बोला: ये कोई प्रैंक नहीं है। मैं सीरियसली बोल रही हूँ। पर एक बार याद रखना, बस जो भी कर रहे हो, मुझे बताते रहना। मुझे छुपा के कुछ भी किया तो फिर तुम्हारी खैर नहीं।
दीपक मुझे ऐसे देख रहे थे, जैसे कोई अजूबा देख रहे हो। फिर मैंने उन्हें टाइट हग किया और बोली-
मैं: मैं आपकी खुशी का ख्याल नहीं रखूंगी तो कौन रखेगा?
फिर दीपक को इतना जोश आया कि उसने मेरी जम के ली। मजा ही आ गया।
फिर मैंने बोला: देखा, सिर्फ मेरी परमिशन से तुम इतना खुश हो गए, और मुझे भी खुश कर दिया। तो सोचो तुम आगे बढे तो क्या होगा।
दीपक बोलने लगे: मैं एक बात बोलूं, बुरा तो नहीं मानोगी?
मैं: आपकी बात का बुरा कैसे मान सकती हूं? बोलो, जो भी बोलना है।
फिर वो बोलने लगे: आकाश को शायद तुममें इंटरेस्ट है। तुम भी उनसे फ्रेंडशिप बढ़ाओ।
मै: क्या? कुछ भी बोल रहे हो। अंकिता जैसी हॉट वाइफ को छोड़के वो मुझे क्यों पसंद करेंगे?
तो दीपक बोलने लगे: नहीं यार, सच में। आज मैंने नोटिस किया कि आकाश तुम्हारी तरफ कुछ ज़्यादा ही ध्यान दे रहा था। तुम्हारे आगे-पीछे ही घूम रहा था वो।
मैनें बोला: कहीं तुम्हें जलन तो नहीं हो रही उससे?
तो वो बोलने लगे: नहीं यार, ऐसा कुछ नहीं है। पर आकाश सच में बहुत अच्छा है। तुम उससे फ्रेंडशिप बढ़ाओ। वो भी खुश हो जाएगा।
तो मैंने बोला: क्या सच में आपको ऐसा लगता है कि जीजू को मुझ में दिलचस्पी है?
वो बोले: पक्का पता है। तुम उससे बात करो, तुम्हें भी समझ आ जाएगा।
फिर मैंने ऐसे ही मजाक में बोल दिया: सोच लो, हमारी फ्रेंडशिप कहीं बिस्तर तक न चली जाए।
तो वो बोलने लगे: मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं है। अगर तुम चाहो तो कर सकती हो।
मैंने बोला: हाँ, अंकिता को अपने बिस्तर पे लाने की पूरी प्लानिंग कर रहे हो।
फिर हम दोनों ही हंसने लगे, और हमने एक और राउंड किया। हम दोनों में ही बहुत जोश था उस दिन। अब दीपक और आकाश तो लगभग मेरे कंट्रोल में थे। अब बस अंकिता ही बची थी। अगर वो भी मान जाए, तो फिर हमारी अदला-बदली आराम से हो जाएगी। ये सब इतना आसानी से हो रहा था तो मेरे उस चैट फ्रेंड की वजह से। हर तरह से हेल्प की उसने मेरी।
क्रमशः


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