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Misc. Erotica अदला-बदली
#1
नोट – यह कहानी मैंने एक वेबसाइट पर पढ़ी थी जहाँ यह रोमन लिपि में लिखी थी. लेखिका का नाम देसीमनीषा था. मैंने इसे केवल देवनागरी लिपि में बदला है और इसमें मामूली परिवर्तन किये हैं. कहानी लिखने का श्रेय मूल रचनाकार को दिया जाना चाहिए.

भाग 1

मेरा नाम मनीषा है. मेरी उम्र अब 29 साल है. मेरा फिगर 36-30-36 है. मेरे परिवार में मेरे पति दीपक हैं जिनकी उम्र 30 साल है, मेरी सास है जिनकी उम्र 55 साल है और मेरा एक बेटा है. मैं नौकरी करती हूं इसलिए मेरे बेटे को मेरी सास ही संभालती है. अब मैं असली किस्से पर आती हूं.
हमारा यौन जीवन काफी अच्छा चल रहा है. दीपक का लंड 6.5” लंबा और 2.5” इंच मोटा है. हम हमेशा सब कुछ खुलकर करते थे इसलिए हमारे यौन जीवन में कोई समस्या नहीं आई.  पर लम्बे अरसे के बाद, कुछ नीरसता तो आ ही जाती है. दीपक ने पढ़ा था कि कि विदेशों में नीरसता से बचने के लिए कुछ जोड़े आपस में पति-पत्नी की अदला-बदली कर लेते हैं. इसलिए कुछ दिनों से दीपक मुझे अदला-बदली करने के लिए बोल रहे थे पर मैं नहीं मान रही थी. कारण यह था कि मुझे इसमें थोड़ा खतरा महसूस हो रहा था. भारत में किसी जोड़े के साथ अदला-बदली करने में मुझे जोखिम लग रहा था. पता नहीं हमें कैसा जोड़ा मिले. कहीं वो हमें बदनाम न कर दे.
मेरा एक ऑनलाइन दोस्त है जिससे मैं हर तरह की बात कर सकती हूं. उसको मैंने मेरे पति की इच्छा के बारे में बताया. अब आप पूछ सकते हैं कि मैंने इस दोस्त के साथ अदला-बदली क्यों नहीं की पर उसका एक कारण यह है कि वो विधुर है और दूसरा कारण यह है कि हम सिर्फ ऑनलाइन मिलते हैं, आमने-सामने कभी नहीं मिले. जब मैंने अपने इस दोस्त को अपने पति की इच्छा के बारे में बताया तो उसने कहा - किसी अजनबी जोड़े के साथ अदला-बदली करना तो जोखिम से खाली नहीं है. पर कोई जान-पहचान वाला जोड़ा हो तो उसमें जोखिम नहीं रहेगा.
मैंने कहा - यह कैसे हो सकता है? जान-पहचान वाले को तो ऐसी बात बताने में भी शर्म आती है.
उसने जवाब दिया – अरे, सीधे थोड़े ही बोल देना है. धीरे धीरे बात को आगे बढ़ाना है. पर उससे पहले तो तुम्हें यह तय करना है कि किसके साथ अदला-बदली की जा सकती है.
फिर उसने पूछा - क्या कोई ऐसा है जिस पर तुम्हारा दिल आया हुआ हो या जो तुम पर फिदा हो? और क्या कोई ऐसी औरत है जिसकी तरफ तुम्हारे पति आकर्षित हैं या कोई औरत तुम्हारे पति की तरफ झुकाव रखती है?
मैंने कहा - मैं सोच कर इसके बारे में बताऊंगी.
फिर मैंने काफी सोचा और ऐसे दो लोग मुझे लगे जिनके साथ कुछ हो सकता था। पहला मेरे पति का एक सहकर्मी है। उसका नाम मोहित है, जो मुझपे बहुत लाइन मारता था। उसने तो मुझे डायरेक्ट बोला भी था कि आप पहले मिलती तो मैं आपसे ही शादी करता। उसकी पत्नी भी खूबसूरत थी, इसलिए मेरे पति भी उसके लिए मान जाते। हम लोग मिलते भी रहते हैं ऑफिस की पार्टियों में। और दूसरी मेरी कजिन है जिसकी तरफ मेरे पति आकर्षित हैं, और मेरी कजिन भी उन्हें बहुत भाव देती है। उसके पति भी गठीले मर्द हैं, पर मैंने उनके बारे में पहले ऐसा कुछ सोचा नहीं था। लेकिन हमारा रिलेशन अच्छा था, जीजा-साली वाली मस्ती होती रहती थी।
अब तय करना था इन दोनों में से किसे चुनें? यहाँ पर मेरे उस फ्रेंड ने मदद की।
उसने पूछा: इन दोनों में से किससे मिलना-जुलना और बातें करना ज्यादा होता है?
मैंने बोला: मोहित से तो दीपक के ऑफिस की कोई पार्टी होती है तब ही मिल पाते हैं, और उससे बातें भी बहुत कम होती हैं। पर कजिन बहन से तो मिलना होता रहता है, और बातें तो लगभग रोज होती हैं।
तो मेरे दोस्त ने बोला: फिर कजिन को ही टारगेट करते हैं, और मोहित को बैकअप में रखते हैं। कजिन के साथ अगर कुछ नहीं हुआ, तो मोहित को ट्राई कर सकते हैं।
तो तय हुआ कि मेरी कजिन बहन और उसके पति पर ट्राई करेंगे। मेरी कजिन बहन का नाम अंकिता है। उसकी उम्र 28 साल है। उसका फिगर 36-28-36 है, और वो एकदम बिंदास, फ्रैंक, ब्रॉड-माइंडेड लड़की है। उसके पति का नाम आकाश है। उसकी उम्र 30 है। उनकी शादी को 3 साल हुए हैं, पर उनका कोई बच्चा नहीं है अभी तक। आकाश को मैं जीजा बोलती हूँ। जीजा वैसे तो आकर्षक लगते हैं पर उनका पेट थोड़ा निकला हुआ है.
हम एक-दूसरे के घर जाते रहते हैं। मैंने ये नोटिस किया था कि दीपक का अंकिता पर क्रश था, और क्यों न होता? एक तो वो उसकी साली थी और दुसरे, उसका फिगर बड़ा मस्त था। लेकिन दीपक ने मुझसे कुछ छुपाया नहीं था। वो मेरे सामने भी अंकिता से फ्लर्ट करते थे। उसके फिगर की तारीफ करते थे, और अंकिता भी दीपक से छेड़-छाड़ कर लेती थी, और कभी कभी दीपक से चिपक जाती थी।
पर आकाश जीजा ने कभी मेरे साथ ऐसा कुछ नहीं किया, और ना ही मैंने कभी कुछ किया। हम दोनों बस नॉर्मल हंसी-मजाक करते थे । लेकिन हम दोनों ने कभी अंकिता और दीपक के रिश्ते पर शक नहीं किया, और ना ही उन्हें रोका-टोका।
मैं अंकिता से तो बातें करती रहती थी। पर जीजा के साथ सिर्फ गुड मॉर्निंग गुड नाइट वाले मैसेज होते थे। या कभी कुछ काम हुआ तो ही बात होती थी। लेकिन दीपक उन दोनों से ही बातें करते थे। अंकिता तो सामने से उन्हें कॉल करती थी।
जब मैंने ये सब मेरे उस दोस्त को बताया तो वो बोला: दीपक और अंकिता पर तो ज्यादा मेहनत नहीं करनी पड़ेगी। वो जल्दी ही मान जाएंगे। पर तुम्हें आकाश जीजा के साथ रिलेशन अच्छा करना होगा। उसके मन में तुम्हारे लिए कामुक इच्छाएं जगानी पड़ेंगी। तुम्हें आकाश के साथ चैट स्टार्ट करनी पड़ेगी। पहले नॉर्मल चैट, फिर धीरे-धीरे ओपन चैट, सिचुएशन के हिसाब से।
उस दोस्त ने मुझे सब बताया कि क्या चैट करनी थी, कैसे करनी थी, कैसे आगे बढ़ना था। मेरे दोस्त ने मेरी बहुत मदद की। उसने बहुत सारे आइडियाज दिए, यहां तक कि मैं उसे मेरे और जीजा की चैट का स्क्रीनशॉट भेजती थी। फिर वो बताता था कि अब आगे क्या मैसेज करना है।
मैंने जीजा के साथ नॉर्मल चैट स्टार्ट की। पहले दिन ही मुझे लगा कि जीजा को भी मुझसे बातें करना पसंद था, और वो मेरे साथ बहुत आराम से बातें कर रहे थे। मुझे ऐसा लगा जैसे वो मुझे पसंद करते थे पर हमारे रिश्ते की वजह से शायद शर्मा रहे थे या डर रहे थे।
मेरे दोस्त ने बोला कि मुझे अपनी तरफ से थोड़ा ओपन होना पड़ेगा। तभी वो भी शायद खुल के बात कर सकेंगे।
अगले दिन जीजा का सामने से मैसेज आया। फिर हमारी बातें स्टार्ट हुई। मैंने थोड़ी फ्लर्टिंग स्टार्ट की उनके साथ, जिसका रिस्पॉन्स उन्होंने भी फ्लर्टिंग से ही दिया। कुछ दिनों बाद बातें करते-करते वो इतना खुल गए, कि वो मुझे कहीं अकेले बाहर मिलने को बोलने लगे।
पर मेरे दोस्त ने बोला: अकेले मत मिलना उससे, नहीं तो बात बिगड़ सकती है। कहीं उसे ये न लगे कि तुम्हें ही उसमें ज्यादा इंटरेस्ट है।
पर वो बोला कि मना भी मत करो, और धीरे-धीरे बात आगे बढ़ाओ।
फिर मैंने जीजा को पूछा: अकेले में क्यों मिलना है आपको?
वो बोले: तुमसे बहुत सारी बातें करनी हैं।
फिर मैंने बोला: बातें तो हम अभी भी कर ही रहे हैं।
तो वो बोले: ऐसे नहीं, फेस टू फेस बात करनी है।
मैंने बोला: हम ऐसे कहीं मिले और हमें किसी ने ऐसे देख लिया तो वो कुछ गलत समझेगा।
वो बोले: कहीं दूर की जगह मिलेंगे, जहाँ हमें कोई पहचानता नहीं हो।
मैंने बोला: फिर भी रिस्क तो है ही ना।
वो बोले: फिर तो एक ही ऑप्शन है ... पर रहने दो, तुम कहीं कुछ गलत ना सोचो।
मैंने बोला: नहीं जीजा, मैं आपको कभी गलत नहीं समझूँगी। आप बताएं मुझे।
वो बोले: हम किसी होटल के रूम में मिलते हैं । वहाँ आराम से बातें भी हो जाएगी और किसी के देखने का भी कोई टेंशन नहीं।
फिर मैंने बोला: जीजा, आप मुझे होटल रूम में बुला रहे हो. क्या इरादा है आपका?
वो: तुम गलत समझ रही हो. मैं तो सिर्फ तुमसे बात करना चाहता हूं.
मैं: मैं मज़ाक कर रही थी. मुझे आप पर पूरा भरोसा है.
वो: तो मिलते हैं किसी होटल में.
तो मैंने बोला: नहीं जीजू, मुझे थोड़ा अजीब लग रहा है आपसे ऐसे होटल में मिलना। पहले हम अच्छे से एक-दूसरे को समझ लें, फिर देखते हैं।
जीजू मान गए।
फिर मैंने बोला: हम सबको मिले हुए काफी समय हो गया। हम सब मिलते हैं ना।
तो वो बोले: ठीक है मैं अंकिता से बात करता हूँ। फिर प्लान करते हैं मिलने का।
अगले दिन अंकिता से मेरी बात हुई.
उसने कहा: यार, हमें मिले हुए बहुत दिन हो गए हैं. हमें मिलने का प्रोग्राम बनाना चाहिए.
मैंने कहा: हां, तेरी बात तो ठीक है. बनाते हैं प्रोग्राम.
उसने कहा: आकाश भी तुझे बहुत याद करते हैं. कल रात उन्होंने ही कहा कि हमें मिलना चाहिए.
मैंने कहा: मैं उनकी चहेती साली हूं इसलिए मुझे तो याद करेंगे ही.
और हम दोनों हंसने लगे. हमारे बीच इस तरह का हंसी मजाक चलता रहता था. हमने अगले दिन एक मॉल में शॉपिंग करने का कार्यक्रम बनाया. मैंने बाद में अपने पति को बताया तो वह भी खुश हो गए. वह भी अंकिता से मिलने के लिए उत्सुक थे.
कुछ देर बाद मैंने आकाश से चैटिंग शुरू की.
मैं: आज मेरी अंकिता से बात हुई थी. कल हम मॉल में मिलकर शॉपिंग करने वाले हैं.
आकाश: हां, अंकिता ने मुझे बताया था. मैं भी तुमसे मिलना चाहता था.
मैं: अच्छा, आपको मेरे से मिलने की इतनी इच्छा होती है?
आकाश: हां, इच्छा क्यों नहीं होगी?
मैं: मुझे भी आपसे मिलकर बहुत अच्छा लगता है लेकिन...
आकाश: लेकिन क्या?
मैं: मैं अपने पति को धोखा नहीं दे सकती.
आकाश: कोई किसी को धोखा नहीं दे रहा. हम कुछ गलत नहीं कर रहे हैं. पर क्या तुम वास्तव में मुझे इतना पसंद करती हो?
मैं: हां, मुझे आपका स्वभाव बहुत अच्छा लगता है. आपका हंसी मजाक और बिना कुछ छुपाए खुलकर बोलना भी मुझे अच्छा लगता है. और मुझे सबसे अच्छा लगता है आपका मुस्कुराता हुआ चेहरा.
आकाश: साली जी, यह तो आपकी कृपा है.
जब मैंने चैटिंग बंद की तो जीजा जी ने मुझे किस वाली इमोजी भेजी. मैं भी उन्हें वैसी ही इमोजी वापस भेज दी.
रात को दीपक आए तो वह बहुत उत्तेजित लग रहे थे. जब मैंने उनसे इसका कारण पूछा तो उन्होंने कहा कि हम चारों इतने लंबे अरसे के बाद मिल रहे थे इसलिए वह खुश थे. पर मुझे पता था कि वह अंकिता से मिलने के लिए उत्तेजित थे. मेरे पति अंकिता को बहुत पसंद करते थे पर वे डरते थे कि कहीं मैं बुरा ना मान जाऊं. इसलिए वह मेरे से अंकिता  के बारे में ज्यादा बात नहीं करते थे. हां,अंकिता उन्हें कॉल और मैसेज करती रहती थी जो वे मेरे से छुपाते नहीं थे. वे मुझे यह भी बताते थे कि उन्होंने क्या-क्या बातें की और वह अपनी चैट भी मुझे दिखा देते थे. चैट में उनकी छेड़छाड़ चलती रहती थी और मुझे उसमें कोई एतराज नहीं था. जब हम लोग मिलते थे तब अंकिता उनके आसपास ही घूमती रहती थी और उनसे चिपकती भी रहती थी.
अगले दिन हम सब शाम को एक मॉल में मिले। मैंने तो सामान्य रूप से एक कुर्ता और लेगिंग पहनी थी, पर अंकिता ने काले रंग की वनपीस ड्रेस पहनी थी, जो उसकी घुटनों से ऊपर तक थी। ऊपर से उसका क्लीवेज भी खूब दिख रहा था। एकदम सेक्सी लग रही थी।
दीपक उसे देखता ही रह गया। अंकिता ने जब कहा कि जीजू कहाँ खो गए, तब जाकर दीपक ने अपनी नज़रें हटाईं। और अंकिता उनके हाथ में हाथ डालकर मॉल के अंदर चली गई। मैं और आकाश जीजू उनके पीछे-पीछे अंदर चले गए।
अंकिता दीपक को छोड़ ही नहीं रही थी। वे दोनों हँसी मज़ाक करते हुए आगे चल रहे थे। मैं और आकाश जीजू थोड़ा पीछे चल रहे थे। हम दोनों भी धीरे-धीरे बातें कर रहे थे। जीजू बोले-
आकाश: आप बड़ी खूबसूरत लग रही हो। 
मैं: इतनी सिंपल तो लग रही हूँ। नॉर्मल कुर्ता ही तो पहना है। 
आकाश: आपकी सिम्प्लिसिटी पे ही तो फिदा हूँ मैं। आप दिखावा नहीं करती, और यही बात मुझे बहुत अच्छी लगती है आपकी। 
मैं: अच्छा जी, ये बात है। वो देखो, अंकिता दीपक को कितना चिपक रही है। आपको बुरा नहीं लग रहा
आकाश: अच्छा है ना। वो दोनों आपस में बिजी हैं। हम दोनों को थोड़ा टाइम मिल गया अकेले में।
फिर वो मुझसे ऐसे ही मेरी पसंद नापसंद के बारे में पूछने लगे। मेरा फेवरेट कलर पूछा तो मैंने बोल दिया कि रेड कलर, प्यार वाला। तो वो नॉटी स्माइल देने लगे, और बोलने लगे कि एक रिक्वेस्ट करूं क्या? मैंने पूछा कैसी रिक्वेस्ट?
तो उन्होंने बोला: मेरी पसंद का कुछ आप लेंगी आज
मैंने बोला: आप बता देना क्या लेना है, ले लूंगी। 
फिर हमने थोड़ी बहुत ऐसी ही शॉपिंग की, और आखिरी में अंकिता बोली: मुझे कुछ और भी लेना है। 
फिर वो एक ब्रा-पैंटी की दुकान में चली गई। मैं भी उसके साथ अंदर चली गई। आकाश और दीपक बाहर ही खड़े थे। शायद उन्हें अंदर आने में शर्म आ रही थी। 
अंकिता को कुछ समझ नहीं आ रहा था कि वह कौन सा ले।  
अंकिता: उन दोनों को भी अंदर बुला ले क्या? इन चीज़ों में मर्दों की पसंद ज्यादा अच्छी होती है। 
मैं: बुला ले फिर।
फिर वो जाकर दोनों को अंदर ले आई, और आकाश को पूछने लगी: क्या लूं
आकाश ने उसे एक नीला ब्रा-पैंटी सेट दिखाया, तो अंकिता बोली: आपको पता तो है कि मेरा फेवरेट कलर ब्लैक है। 
तो आकाश बोले: फिर मुझे क्यों पूछा? जो लेना हो ले लो। 
फिर अंकिता ने सब के सामने ही दीपक को पूछा कि उसे कौन सी अच्छी लग रही थी। दीपक मेरा मुंह देखने लगा, तो मैंने भी इशारे से बोल दिया कि ठीक है। फिर दीपक के कहने पर उसने एक नेट वाली ब्रा-पैंटी सेट ली, ब्लैक कलर की। आकाश ने भी मुझे मैसेज किया कि सेम मैं भी लूं, पर रेड कलर की। 
मैंने रिप्लाई में शाई वाली इमोजी भेजी। फिर ओके बोल दिया। उसके बाद मैंने भी वैसी ही ब्रा-पैंटी ले ली, रेड कलर की। फिर आकाश को देखकर स्माइल की, और जीजु ने इशारों में थैंक्स बोला। फिर हमने थोड़ा नाश्ता किया, और घर आ गए। उस रात मैंने दीपक को बोला- 
मैं: आज तो बड़े खुश होंगे ना तुम?
वो बोले: क्यूं, क्या हुआ
मैंने बोला: अंकिता बड़ी चिपक रही थी तुमसे, और तुम भी मजे ले रहे थे। 
तो वो बोलने लगे: अरे यार, कुछ मत बोलो. तुम्हें पता तो है अंकिता कुछ ज़्यादा ही मस्ती करती है, और कुछ नहीं है हमारे बीच। 
मैंने बोला: यार, तुम इतना क्यों टेंशन ले रहे हो? मुझे पता है तुम अंकिता को पसंद करते हो, और शायद वो भी तुम्हें पसंद करती है। और दिन भर तुम किसी के साथ भी रहो, रात को तो मेरे पास ही आओगे न। तो मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है आप दोनों की फ्रेंडशिप से। 
दीपक बोलने लगे: क्या बोल रही हो, पता भी है तुमको
मैंने बोला: मैं सीरियसली बोल रही हूँ। वैसे भी हमारी लाइफ थोड़ी बोर सी हो गई है, ये मुझे पता है। अगर तुम्हें अंकिता के साथ अच्छा लगता है, तो तुम उसके साथ फ्रेंडशिप बढ़ा सकते हो। मेरी परमिशन है आपको। 
वो बोलने लगे: फालतू बातें मत करो। क्या तुम मेरा कोई टेस्ट ले रही हो
मैं बोली: नहीं बाबा, मैं सच बोल रही हूँ। अगर अंकिता रेडी है तो आप उसके साथ कुछ आगे बढ़ सकते हो। मेरी ओर से परमिशन है। 
वो बोलने लगे: कहीं तुम मेरे साथ कोई प्रैंक तो नहीं कर रही ना
मैंने बोला: ये कोई प्रैंक नहीं है। मैं सीरियसली बोल रही हूँ। पर एक बार याद रखना, बस जो भी कर रहे हो, मुझे बताते रहना। मुझे छुपा के कुछ भी किया तो फिर तुम्हारी खैर नहीं।
दीपक मुझे ऐसे देख रहे थे, जैसे कोई अजूबा देख रहे हो। फिर मैंने उन्हें टाइट हग किया और बोली- 
मैं: मैं आपकी खुशी का ख्याल नहीं रखूंगी तो कौन रखेगा
फिर दीपक को इतना जोश आया कि उसने मेरी जम के ली। मजा ही आ गया।
फिर मैंने बोला: देखा, सिर्फ मेरी परमिशन से तुम इतना खुश हो गए, और मुझे भी खुश कर दिया। तो सोचो तुम आगे बढे तो क्या होगा।
दीपक बोलने लगे: मैं एक बात बोलूं, बुरा तो नहीं मानोगी?
मैं: आपकी बात का बुरा कैसे मान सकती हूं? बोलो, जो भी बोलना है। 
फिर वो बोलने लगे: आकाश को शायद तुममें इंटरेस्ट है। तुम भी उनसे फ्रेंडशिप बढ़ाओ। 
मै: क्या? कुछ भी बोल रहे हो। अंकिता जैसी हॉट वाइफ को छोड़के वो मुझे क्यों पसंद करेंगे
तो दीपक बोलने लगे: नहीं यार, सच में। आज मैंने नोटिस किया कि आकाश तुम्हारी तरफ कुछ ज़्यादा ही ध्यान दे रहा था। तुम्हारे आगे-पीछे ही घूम रहा था वो।
मैनें बोला: कहीं तुम्हें जलन तो नहीं हो रही उससे
तो वो बोलने लगे: नहीं यार, ऐसा कुछ नहीं है। पर आकाश सच में बहुत अच्छा है। तुम उससे फ्रेंडशिप बढ़ाओ। वो भी खुश हो जाएगा। 
तो मैंने बोला: क्या सच में आपको ऐसा लगता है कि जीजू को मुझ में दिलचस्पी है
वो बोले: पक्का पता है। तुम उससे बात करो, तुम्हें भी समझ आ जाएगा। 
फिर मैंने ऐसे ही मजाक में बोल दिया: सोच लो, हमारी फ्रेंडशिप कहीं बिस्तर तक न चली जाए।
तो वो बोलने लगे: मुझे तो कोई प्रॉब्लम नहीं है। अगर तुम चाहो तो कर सकती हो। 
मैंने बोला: हाँ, अंकिता को अपने बिस्तर पे लाने की पूरी प्लानिंग कर रहे हो। 
फिर हम दोनों ही हंसने लगे, और हमने एक और राउंड किया। हम दोनों में ही बहुत जोश था उस दिन। अब दीपक और आकाश तो लगभग मेरे कंट्रोल में थे। अब बस अंकिता ही बची थी। अगर वो भी मान जाए, तो फिर हमारी अदला-बदली आराम से हो जाएगी। ये सब इतना आसानी से हो रहा था तो मेरे उस चैट फ्रेंड की वजह से। हर तरह से हेल्प की उसने मेरी। 

क्रमशः
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#2
भाग 2

अगले दिन मेरी अंकिता से बात हुई।
वो बोल रही थी: कल काफी एंजॉय किया ना? और आकाश भी काफी खुश लग रहे थे तुम लोगों से मिलके।  
मैंने भी बोला: कल हम सब एक साथ थे तो काफी अच्छा लगा।  
फिर वो बोलने लगी: चलो, कहीं घूमने जाते हैं सब साथ में।  
मैं बोली: ठीक है, प्लान करते हैं कुछ।  
फिर दोपहर में मेरी आकाश जीजु से भी चैट से बात हुई।  
आकाश: कल काफी मज़ा आया ना?  
मैं: हाँ, सब साथ थे तो अच्छा लग रहा था।  
आकाश: थैंक्स, आपने मेरी बात रख ली।  
मैं: कौन सी बात?  
आकाश: जो आपने मेरी पसंद का लिया वो।  
मैं: अब दोस्ती की है, तो निभानी तो पड़ेगी।  
आकाश: काश मैं आपको उसमें देख पाता।  
मैं: जीजु, ये तो नहीं होगा।
आकाश: कोई बात नहीं, मैं आपको कभी किसी चीज़ के लिए मजबूर नहीं करूंगा।
मैं: मुझे पता है जीजू, और आपकी यही बात मुझे अच्छी लगती है।
आकाश: मुझे आपको कुछ कहना है, लेकिन डर लगता है कहीं आप बुरा मान जाओ।
मैं: मैं क्यों बुरा मानूंगी? आप बोलो जो भी बोलना है।
आकाश: मुझे आपसे प्यार हो गया है। मैं अब आपके बारे में ही सोचता रहता हूँ।
मैं: जीजू, शायद प्यार तो मुझे भी आपसे हो गया है।
आकाश: क्या सच में?
मैं: हाँ जीजू, आजकल मैं भी आपके बारे में कुछ ज़्यादा ही सोचती हूँ।
आकाश: तो फिर हमने खुद को रोका हुआ क्यों है?
मैं: जीजू, मैं दीपक से भी उतना ही प्यार करती हूँ, और उन्हें धोखा नहीं दे सकती।
आकाश: हाँ, प्यार तो मैं भी अंकिता से करता हूँ।
मैं: जीजु, मैंने कुछ सोचा है। अगर ऐसा हो जाए तो हम दोनों एक-दूसरे से प्यार भी कर सकते हैं, और वो धोखा भी नहीं होगा।
आकाश: ऐसा हो जाए तो बस और क्या चाहिए।
मैं: पर वो सब आपके ऊपर है, क्या आप कर पाएंगे?
आकाश: हां, क्यों नहीं। आप बताओ न क्या करना है?
मैं: मैं सोच रही थी जैसे हम दोनों क्लोज हो रहे हैं। वैसे ही अगर दीपक और अंकिता भी आपस में क्लोज हो जाएं। वो दोनों एक-दूसरे के करीब आ जाएं तो हम सब साथ में एंजॉय कर पाएंगे। और हमें गिल्ट भी नहीं होगा कि हमने अपने पार्टनर्स को धोखा दिया।
आकाश: अगर ऐसा हो जाए तो सच में मजा आ जाएगा।
मैं: लेकिन क्या आप अंकिता को दीपक के साथ देख पाएंगे? क्योंकि हो सकता है बात बहुत आगे तक चली जाए। आप समझ रहे हो ना मैं क्या कहना चाहती हूं?
आकाश: हाँ मैं समझ रहा हूँ। तुम्हें पता है अंकिता वैसे भी दीपक की बहुत बातें करती है। शायद वो पहले से ही उसे पसंद करती है।  
मैं: और आपको उस बात से कोई प्रॉब्लम नहीं है?  
आकाश: हम एक-दूसरे की खुशी का पूरा ख्याल रखते हैं, और हम एक-दूसरे की फीलिंग्स की रिस्पेक्ट करते हैं।  
मैं: वाह, यह तो बहुत अच्छी बात है।  
आकाश: और आपको पता है, बहुत बार ऐसा होता है कि वो दीपक की तारीफ करती है और मैं आपकी। फिर हम बोलते हैं कि क्यों न हम पार्टनर्स एक्सचेंज कर लें।  
मैं: आप लोग तो पहले से ही रेडी हो लगते हैं। तो अब आप अंकिता को थोड़ा और पुश करो कि वो दीपक के थोड़ा और क्लोज हो जाए, और मैं दीपक को अंकिता के नजदीक लाने की कोशिश करती हूँ।  
आकाश: फिर तो हम भी क्लोज हो सकते हैं।  
मैं: जीजू, पहले हम उन दोनों का सोच लें। फिर हमारे बारे में बात करेंगे।  
आकाश: यह भी ठीक है।  
मैं: फिर मुझे भी गिल्ट नहीं होगा कि मैंने दीपक को धोखा दिया है, और आपके करीब आने में मुझे प्रॉब्लम नहीं होगी।  
आकाश: अब तो बस मुझे इंतज़ार है कि कब आप मेरे एक-दम पास होंगी।
मैं: जल्दी ही वो दिन आएगा, जीजू।  
आकाश: तो हम दोनों आज से ही काम पे लग जाते हैं, और अंकिता और दीपक को एकदम करीब ले आते हैं।  
मैं: हाँ जीजू, ऐसा ही करेंगे।  
आकाश: ठीक है।  
मैं: चलो जीजू, मैं आपसे बाद में बात करती हूँ।  
आकाश: ठीक है, लव यू।  
मैं: लव यू टू।  
आकाश: ये किस रियल कब मिलेगी?  
मैं: जल्दी ही। अब बाय, मुझे काम है।  
आकाश: ठीक है, बाय।  
फिर मैंने घर आके दीपक को बताया: आज मैं जीजू से चैट कर रही थी। आप सही बोल रहे थे। शायद जीजू मुझे पसंद करते थे।  
फिर दीपक बोले: अब तुम भी शर्माना छोड़ो और खुल के उनसे बातें करो। वैसे भी हमारी लाइफ सच में थोड़ी बोरिंग सी हो गई है, और तुम्हें भी एक नया एक्सपीरियंस हो जाएगा।  
फिर मैंने उनसे पूछा कि उनकी और अंकिता की फ्रेंडशिप कहां तक पहुंची?  
तो वो बोलने लगे: बस वही सब, थोड़ी मस्ती, थोड़ी फ्लर्टिंग।
अंकिता सामने से उन्हें मैसेज या कॉल कर देती थी। तो मैंने बोला: फिर अब फ्लर्टिंग को थोड़ा नॉटी टच दो, और ओपनली बातें करो।
मैंने बोला: मैं जा रही हूं किचन में, तो उससे चैट करो। फिर मुझे बताना कि क्या बात हुई।
उसने भी ओके बोला और मैं वहां से चली गई। फिर रात जब हम बेडरूम में थे, तो दीपक ने सामने से बताना शुरू कर दिया-
दीपक: आज तो अंकिता भी खुल के बातें कर रही थी।
उन्होंने अपनी चैट भी दिखाई जिसमें दीपक अंकिता को सेक्सी, हॉट, तीखी मिर्ची और भी क्या-क्या बोल रहा था। और अंकिता भी सामने से पॉजिटिव रिस्पॉन्स दे रही थी, और एकदम खुल के बातें कर रही थी। शायद आकाश जिजू ने भी अंकिता से बात कर ली होगी, तभी वो इतना खुल गई थी।
फिर उन दोनों की चैट थोड़ी और आगे बढ़ गई। दीपक ने उससे किस मांगी तो अंकिता ने किस की बहुत सारी इमोजी भेज दी, और एक किस का ऑडियो मैसेज भी भेज दिया। दीपक ने भी लव यू का ऑडियो मैसेज भेजा। फिर अंकिता ने भी लव यू टू का ऑडियो भेजा। फिर दीपक ने मैसेज किया-
दीपक: अभी तुमको देखने का मन कर रहा है।
अंकिता: तो अपनी सेल्फी भेज देती हूं।
दीपक: सेल्फी तो चाहिए, लेकिन ऐसे नहीं।
अंकिता: तो कैसे चाहिए?
दीपक: कल जो मेरी पसंद का लिया था, वो पहन के सेल्फी भेजो।
अंकिता: कुछ ज्यादा ही नॉटी नहीं हो रहे आप?
दीपक: प्लीज यार, भेजो ना। मैं भी तो देखूं कैसे लगती हो तुम उसमें।
अंकिता: रुको फिर, भेजती हूं।
फिर थोड़ी देर में अंकिता ने सच में अपनी मिरर सेल्फी भेज दी वो ब्रा पैंटी पहन के। वो सच में बहुत सेक्सी लग रही थी उस ब्लैक ब्रा पैंटी में। दीपक भी उसे सुपर हॉट और सुपर सेक्सी बोल रहा था। फिर अंकिता ने भी बोला कि आपकी चॉइस है ही कमाल की। फिर दोनों ने थोड़ी देर ऐसे ही नॉटी चैट की और एक-दूसरे को गुड नाइट किस करते हुए बाय बोल दिया।  
उस रात दीपक और मैं काफी गर्म हो गए थे, और हमने रोल प्ले करने का तय किया। दीपक मुझे अंकिता समझेंगे और मैं उन्हें आकाश जिजू। फिर जो हमारे बीच हुआ वो धमाल था। हम दोनों खुल के अंकिता और आकाश का नाम लेकर एक-दूसरे के साथ चुदाई कर रहे थे। उस दिन हमने दो राउंड किए। दोनों का जोश अलग ही था। हम दोनों ने ही बहुत एंजॉय किया।
अब आकाश जीजू मेरे करीब थे, और दीपक अंकिता के करीब हो गए थे। बस चारों को ये कन्फर्म करना था कि हम एक-दूसरे के पार्टनर्स के साथ मजा कर सकते थे, और इससे किसी को कोई समस्या नहीं थी।  
अगली सुबह मैंने अंकिता को कॉल किया।  
मैं: यार, तू उस दिन बोल रही थी ना कहीं घूमने जाने का, तो कुछ प्लान करें क्या?  
अंकिता: हां, मैं तो तैयार हूं। कहां और कब जाना है बता दे बस?  
मैं: आकाश जीजू तैयार हो जाएंगे ना? पूरे दिन वो अपनी दुकान से दूर रह पाएंगे?  
अंकिता: तू उनसे बात कर। वैसे भी आजकल वो तुझसे ज़्यादा ही बातें करने लगे हैं, और तेरी तो हर बात मानते हैं।  
मैं: हां, मैं उनकी फेवरेट साली जो हूं। तुझे जलन तो नहीं होती कहीं?  
अंकिता: मैं क्यों जलने लगी?  
मैं: हां सही है। तू भी तो दीपक से कुछ ज़्यादा ही बातें करने लगी है। कल तेरी सेल्फी दिखाई दीपक ने मुझे।  
अंकिता: ऐसा कुछ नहीं है, यार। वो तो दीपक जीजू रिक्वेस्ट करने लगे, तो मुझे भेजनी पड़ी।
मैं: तुम टेंशन क्यों ले रही हो? मुझे इसमें कोई प्रॉब्लम नहीं है। उल्टा मैं तो खुश हूँ। तुमसे बात करने के बाद कल रात दीपक का जोश कुछ ज़्यादा ही बढ़ गया था। रात को मुझे पूरा हिला दिया उसने।  
अंकिता: क्या बात कर रही हो, सच में?  
मैं: हाँ यार, ऐसा लग रहा था जैसे हम पहली बार कर रहे हों।  
अंकिता: वैसे आकाश ने जब से तुमसे बातें करना शुरू किया है, बिस्तर में उसका एक्शन भी बढ़ गया है ।  
मैं: वाह, क्या बात है!  
अंकिता: हमारी ज़िंदगी थोड़ी बोरिंग सी हो गई थी। पर अब तड़का लग गया है उसमें।  
मैं: मेरा भी वही हाल है। सोच, अगर सिर्फ बातें करने से उन दोनों का ये हाल है। तो अगर कुछ एक्स्ट्रा मिला तो वो दोनों तो बिस्तर में तबाही मचा देंगे।
अंकिता: बात तो सही है, पर क्या करें एक्स्ट्रा?  
मैं: क्यों न हम सब वॉटर रिसॉर्ट का प्लान करें? और वहां हम दोनों कुछ एक्स्ट्रा करने का ऑप्शन ढूंढ ही लेंगे। लेकिन अगर तुझे कोई प्रॉब्लम न हो तो।  
अंकिता: मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है। मैं तो रेडी हूँ।  
मैं: तो मैं आज आकाश जीजू से बात करती हूँ, और तू दीपक से बात कर। फिर हम डिसाइड करते हैं कि कब जाना है।  
अंकिता: डन, मुझे तो अभी से एक्साइटमेंट हो रही है।  
मैं: ज़रा अपनी एक्साइटमेंट पे कंट्रोल कर। उन दोनों को ये नहीं पता चलना चाहिए कि ये सब हम दोनों मिलके प्लान कर रहे हैं। उनको यहीं लगता चाहिए कि सब नॉर्मली हो रहा है।  
अंकिता: हाँ, मैं ध्यान रखूंगी।  
मैं: ओके।  
हमारी चैट खत्म होती है, और फिर थोड़ी देर बाद मैं आकाश जीजू से बात करती हूँ।
मैं: हेलो जीजू।  
आकाश: हेलो साली जी, कैसे हो?  
मे: मैं तो अच्छी हूँ, और आप?  
आकाश: तुमसे बात हो गई, तो अब अच्छा हूँ।  
मे: अच्छा जी?  
आकाश: हाँ जी।  
मे: कल आपने अंकिता को कुछ ज़्यादा ही अच्छे से समझा दिया था। लगता है वो दीपक से कुछ ज़्यादा ही क्लोज़ बातें कर रही थी।  
आकाश: मेरे सामने ही तो चैट कर रही थी वो।  
मे: सच में? फिर वो सेल्फी भी आपके सामने ही ली थी क्या?  
आकाश: मेरे कहने पर ही तो ली उसने वो सेल्फी।  
मे: आपको बुरा नहीं लगा आपकी पत्नी किसी और को अपनी वैसी सेल्फी भेज रही है?  
आकाश: बुरा क्यों लगेगा? इससे हम सब का रिलेशन ही तो अच्छा हो रहा है ना।  
मे: वाह जीजू, आप तो बड़े ब्रॉड-माइंडेड निकले।  
आकाश: तभी तो सब खुश रहेंगे।  
मे: हाँ, बात तो सही है।  
आकाश: क्या मैं भी तुमको वैसे देख सकता हूँ?  
मे: अगर सब सही से हो गया, तो सेल्फी क्या, मैं आपके सामने रहूँगी। जैसे चाहो वैसे देख लेना।
आकाश: वादा? तुम मना तो नहीं कर दोगी?
मैं: देखने की पूरी इजाजत है। पर कुछ करने मिलेगा कि नहीं वो मैं नहीं बता सकती।
आकाश: तुमने इतनी इजाजत दी, अभी तो उससे खुश हूं। आगे का आगे देख लेंगे।
मैं: हां। अच्छा सुनो, हम सब कहीं पिकनिक पर जाएं तो कैसा रहेगा? सबको एक-दूसरे के और करीब आने का मौका मिलेगा।
आकाश: क्या मस्त आइडिया है। मुझे भी तुम्हारे साथ पूरे दिन रहने का मौका मिलेगा।
मैं: तो कुछ सुझाव तो दो कि कहां जाएं?
आकाश: वाटर रिजोर्ट जाएं तो?
मैं: आइडिया तो अच्छा है। वाटर रिजोर्ट ही जाते हैं।
आकाश: पानी में तुम्हारा भीगा बदन देखने को मिलेगा।
मैं: जीजू, जरा कंट्रोल करना उन दोनों के सामने।
आकाश: तुम इतनी हॉट हो कि मुश्किल है। पर मैं पूरा प्रयास करूंगा कंट्रोल करने का।
मैं: कम से कम उनके सामने कुछ ऐसी वैसी हरकत मत करना।
आकाश: हां, मैं ध्यान रखूंगा।
मैं: पर आप पूरे दिन अपनी दुकान से दूर रह पाओगे न?
आकाश: हां, तुम्हारे साथ रहने के लिए मैं कुछ भीकर सकता हूं।
मैं: थैंक यू, जीजू।
आकाश: कब जाना है?
मैं: वो हम सब मिलके फिक्स करते हैं। आप अंकिता से बात करो, मैं दीपक से बात करती हूं।
आकाश: हां ठीक है।
मैं: चलो बाय, कब जाना है ये फिक्स करके बात करते हैं।
आकाश: ओके।
मैं: ओके, जीजू।
और इस तरह हमारी चैट खत्म हुई। मैंने घर जाकर दीपक को भी बताया तो वो भी एकदम खुश हो गया। तभी अंकिता का कॉल आया, और उसे भी वॉटर रिसोर्ट जाने का आइडिया पसंद आया। हमने शनिवार को जाने का प्लान फिक्स किया।  
मैंने मेरी सास को बताया तो वो बोली: हाँ, घूम आओ सब। आरव को मैं संभाल लूंगी।  
अब तो आरव (मेरा बेटा) का भी टेंशन नहीं था। अब तो सब लोग बहुत एक्साइटेड थे। सब अपने अपने प्लान कर रहे थे कि कैसे एन्जॉय करेंगे वहां। सब को शनिवार का इंतज़ार था।
उस रात दीपक ने मुझे इतना जम कर चोदा कि मेरी चूत की बैंड बज गई। फिर मैं और दीपक बेड पर लेट के बातें कर रहे थे।  
मैं: तो कल हम सब वॉटर रिसोर्ट जाने वाले हैं। मैं तो बहुत एक्साइटेड हूँ।  
दीपक: हाँ, मैं भी।  
मैं: वैसे तुम्हारा और अंकिता का रिलेशन कैसा चल रहा है?  
दीपक: तुम्हें सब पता तो है। हम चैट करते हैं, कॉल पे बातें करते हैं, नॉटी वाली फ्लर्टिंग करते हैं।  
मैं: कहीं मुझसे छुपके तुम दोनों मिलते तो नहीं? और क्या पता सब कुछ कर भी लिया हो?  
दीपक: क्या? कुछ भी बोल रही हो! तुमसे बिना बताए मैं कुछ नहीं कर सकता। मुझपे भरोसा नहीं है क्या?  
मैं: मुझे तुमपे पूरा भरोसा है। मैं तो ऐसे ही मजाक कर रही थी।  
दीपक: तुम्हारा और आकाश का कहां तक पहुंचा?  
मैं: हमारा भी वही, रोज चैट करते हैं, और मैंने तुम्हें बताया था ना कि वो मुझसे अकेले मिलना भी चाहते थे। पर मैंने मना कर दिया था।  
दीपक: मैंने तुम्हें बोला तो था कि तुम चाहो तो मिल लो उनसे। पर तुमने तो बेचारे का दिल ही तोड़ दिया।  
मैं: ऐसा कुछ नहीं है। जीजु बहुत समझदार हैं, वो सिचुएशन को समझते हैं।  
दीपक: वैसे ये वॉटर रिसोर्ट का प्लान किसका था?  
मैं: पिकनिक पर जाने का प्लान अंकिता का था, और पिकनिक में वॉटर रिसोर्ट जाने का प्लान जीजु का।
दीपक: अच्छा। वैसे वाटर रिसॉर्ट में मज़ा तो आएगा।  
मैं: हाँ, तुम्हारी फेवरेट साली जो आ रही है साथ में। खूब एंजॉय करना उसके साथ।  
दीपक: मैं तुम्हारे साथ मजे करने की बात कर रहा था, और तुम अंकिता को बीच में ले आई।  
मैं: अरे बाबा, मैं तो हूँ ही तुम्हारे साथ। लेकिन मुझे पता है जैसे तुम दोनों बातें करते हो, तुम दोनों ने ही बहुत कुछ सोच लिया होगा कि वहाँ ये करेंगे वो करेंगे। और कहीं तुम मेरी वजह से खुद को कंट्रोल ना करो, इसीलिए बोल रही हूँ कि मैं तुम्हें फुल परमिशन दे रही हूँ। जैसा एंजॉय करना हो वैसा एंजॉय करना अंकिता के साथ। मुझे कोई प्रॉब्लम नहीं है।  
दीपक: थैंक यू डार्लिंग, तुम्हारे जैसी वाइफ सबको मिलनी चाहिए।  
मैं: हाँ ताकि सब बाहर अफेयर्स कर सके (हम दोनों ही हंसने लगे)।  
दीपक: तुम भी उस बेचारे आकाश को थोड़ा मौका देना। वो कुछ करे तो उसे करने देना।  
मैं: हम चैट में तो बहुत बातें करते हैं। पर पता नहीं क्यों जब वो सामने आते हैं, तो मुझे शर्म आ जाती है।  
दीपक: कल के दिन शर्म घर पर छोड़ के जाना, और खुलकर एंजॉय करना।  
मैं: हाँ, ट्राई करूँगी।  
दीपक: मैं तो सुपर एक्साइटेड हूँ कल के लिए।  
मैं: लगता है कल ही अंकिता की विश पूरी हो जाएगी।  
दीपक: कौन सी विश?
मैं: तुमसे चुदने की विश।  
दीपक: क्या तुम भी, कुछ भी बोलती हो। अभी तक किस भी नहीं हुई, और तुम चुदाई की बात कर रही हो।  
मैं: हाँ, तो कल कर लेना किस. और कुछ करने मिले तो वो भी कर लेना।  
दीपक: अंकिता क्या-क्या अलाउ करेगी, पता नहीं ना।  
मैं: पर ज़रा संभल के, आकाश जिजू को बुरा न लगे।  
दीपक: तुम आकाश को बिजी रखना अपने साथ। वो तुम्हारे साथ खुश रहेगा तो हमें डिस्टर्ब नहीं करेगा।  
मैं: कैसे पति हो? अपनी पत्नी को बोल रहे हो दूसरे मर्द को खुश करना।  
दीपक: सिर्फ आकाश थोड़ी खुश होगा। तुम भी तो खुश होगी ना। तुम्हारी खुशी के लिए बोल रहा हूँ।  
मैं: हाँ-हाँ … पता है। अब सो जाओ, कल जल्दी उठना है।  
दीपक: अभी तो तुम्हारी एक चुदाई बाकी है।  
मैं: आज नहीं, कल सुबह जल्दी उठना है। और कल के लिए भी एनर्जी बचा के रखो।  
दीपक: हाँ ठीक है। सो जाते हैं। पर सोने से पहले दूध तो पिला दो।  
मैं: रुको, मैं लेके आती हूँ।  
दीपक: कहीं जाने की ज़रूरत नहीं है।  
और उन्होंने मेरा टॉप उतार दिया, और मेरी चूचियां चूसने लग गए। मैंने भी उन्हें चूसने दिए, और मजे लेने लगी। फिर थोड़ी देर बाद हम दोनों सो गए।

क्रमश:
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#3
वाह! अगले भाग का इंतजार है.
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#4
Dilchasp lag rahi hai. Dekhte hain aage kya hota hai.
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#5
(03-03-2026, 06:38 PM)Glenlivet Wrote: वाह! अगले भाग का इंतजार है.

thanks
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#6
(03-03-2026, 11:58 PM)ratipremi Wrote: Dilchasp lag rahi hai. Dekhte hain aage kya hota hai.

thanks
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#7
भाग 3

अगले दिन जैसे तय हुआ था, अंकिता और आकाश जीजु हमें पिकअप करने आए, और हम निकल गए वॉटर रिसॉर्ट के लिए। जीजू ड्राइव कर रहे थे, और अंकिता उनके पास बैठी थी। पीछे की सीट पर मैं और दीपक थे।  
अंकिता ने हमेशा की तरह दीपक से फ्लर्ट करना शुरू कर दिया, और दीपक भी मजे ले रहे थे। मैं और आकाश जीजू उन दोनों की मस्ती देख रहे थे बस।  
अंकिता बोली: यार, तुम दोनों इतना चुप क्यों हो? तुम दोनों भी आपस में मस्ती करो। हमारी परमिशन है। क्यों जीजू?  
और दीपक ने भी बोला: इतने शांत रहोगे तो क्या मजे करोगे वहां?  
फिर आकाश जीजू बोले: यहां शांत हैं क्योंकि सारी एनर्जी वॉटर पार्क के लिए बचा के रख रहे हैं। वहां तो धूम मचाने वाले हैं। क्यों मनीषा?  
मैंने भी बोला: हां और क्या।  
ऐसे ही मजाक-मस्ती करते-करते हम पहुँच गए। फिर टिकट लेकर हम अंदर गए, और सबसे पहले कपड़े बदलने गए। मैंने एक स्लीवलेस लूज टी-शर्ट और छोटे शॉर्ट्स पहना, और अंदर ब्रा पैंटी।  
अंकिता ने एक टाइट शॉर्ट, टी-शर्ट पहना, जिसमें उसका पेट पूरा दिखाई दे रहा था, और नेक भी गहरा था। नीचे मिनी शॉर्ट्स पहना, जिससे सिर्फ उसके नितंब ही ढके थे, बाकी पूरी टांगें उसकी जांघों तक दिख रही थीं। एकदम पटाखा लग रही थी वो।  
मैंने उसे बोला: आज तो पानी में आग लगने वाली है।  
वो भी हंसने लगी। दोनों मर्दों ने टी-शर्ट और शॉर्ट्स पहने थे। सबसे पहले हम एक पूल में गए, और वहां मस्ती की। दीपक मेरे साथ था, और आकाश जीजू अंकिता के साथ। पर दीपक अंकिता को देख रहा था, और जीजू मुझे। पानी के अंदर दीपक मुझे छेड़ रहा था, कभी नितंब दबा रहा था, तो कभी चूची छूकर मसल रहा था।  
अंकिता वहां जीजू का शोर्ट सहला रही थी पानी के अंदर। ये उसके एक्शन से समझ आ रहा था। उस दिन वहां उतनी पब्लिक नहीं थी, तो हम दोनों कपल बिंदास मस्ती कर रहे थे। जीजू गले तक पानी में बैठ गए, और अंकिता उनकी गोद में जाकर बैठ गई। वो कपड़ों के ऊपर से ही लंड चूत पर रगड़ के मजे ले रहे थे शायद। उनको देख दीपक ने भी मुझे अपनी गोद में बिठा लिया। उनका कड़ा लंड मुझे नीचे महसूस हो रहा था।  
फिर दीपक ने एक हाथ नीचे से मेरी टी-शर्ट में डाल दिया, और ब्रा के ऊपर से मेरे स्तनों को दबाने लगे। मैंने उन्हें धीरे से बोला।
मैं: क्या कर रहे हो? कोई देख लेगा तो?  
वो बोले: कोई नहीं देखेगा, तुम मजे करो.  
फिर दीपक ने बोला: उधर देखो, अंकिता क्या कर रही है.  
अंकिता जीजू के पास बैठी थी.  
मैंने बोला: बैठी तो है बगल में.  
तो दीपक बोला: आकाश के चेहरे को देखो, अंकिता पक्का अभी शॉर्ट्स के अंदर से उसका लंड सहला रही है.  
फिर मैंने देखा तो आकाश के एक्सप्रेशन्स सच में वैसे ही थे. अंकिता के एक्शन से भी यही लग रहा था.  
थोड़ी देर बाद दीपक ने बोला: चलो, ब्रेकफ़ास्ट कर लेते हैं, नहीं तो बंद हो जाएगा.  
हम पूल से बाहर आ गए. मेरी टी-शर्ट और शॉर्ट्स मेरी बॉडी से चिपक गए थे, मम्मों और चूतडों का पूरा शेप दिख रहा था. आकाश जीजू मेरे मम्मों को ही देख रहे थे. अंकिता भी भीगने के बाद और हॉट लग रही थी.  
दीपक ने तो उसे बोल भी दिया: अब तो ज़्यादा हॉट लग रही हो.  
अंकिता ने भी स्माइल करते हुए थैंक यू बोला. जीजू सिर्फ इशारों से मुझे बोल रहे थे कि मैं भी एकदम हॉट लग रही थी, और मैं भी स्माइल करते हुए उनको देख रही थी.
फिर हमने ब्रेकफास्ट किया। ब्रेकफास्ट करते हुए मैंने नोटिस किया कि कुछ लड़के अंकिता को ही घूर रहे थे। मैंने अंकिता को ये बात बताई, तो वो बोलने लगी-  
अंकिता: देखने दो बिचारों को, देख के ही मजा ले लें।  
और मुझे भी दिखाया कि कुछ लोग मुझे भी देख रहे थे, और बोलने लगी-  
अंकिता: ये सब हमें देख रहे हैं, इसका मतलब हम दोनों ही आज सेक्सी लग रही हैं (और हम दोनों ही हंसने लगी)।  
ब्रेकफास्ट के बाद हमने वॉटर राइड्स की। डबल वाले राइड में अंकिता आकाश जीजू के साथ बैठी, और मैं दीपक के साथ। राइड के बीच में दीपक ने पीछे से मेरे मम्मे पकड़ लिए, और दबाने लगा। मुझे भी मजा आ रहा था। ऐसे ही 2-3 बार उस राइड में बैठे, और दीपक ने कभी मेरे चूतड़ दबाए, तो कभी मेरी चूची सहलाई। मुझे लगा कि अंकिता और आकाश जीजू भी ऐसे ही मस्ती कर रहे होंगे।  
फिर हम सब वेव पूल में गए। वहां भी पब्लिक कम ही थी। जो थे, मोस्टली कपल ही थे जो आपस में मस्ती कर रहे थे। हम सब भी सबसे एंड में जाकर साइड में खड़े हो गए। वहां पानी गले तक था। वहां एक कपल के एक्शन से लग रहा जैसे उनकी चुदाई चल रही है। हम चारों उन्हें देख के हंस रहे थे बस, और गर्म भी हो गए थे।  
अंकिता आकाश जीजू के पास गई, और उन्हें किस करने लगी। उसका एक हाथ जीजू के गले में था, और दूसरा हाथ पानी के अंदर। शायद जीजू के शॉर्ट्स के अंदर। उन्हें देख के दीपक भी मूड में आ गए, और मुझे अपने आगे खड़ा कर दिया, और मेरे मम्मे दबाने लगे। मैंने भी हाथ पीछे किया, और उनका लंड उनके शॉर्ट्स के ऊपर से दबाने लगी। हमने थोड़ी देर ऐसे ही मस्ती की। फिर लंच का टाइम हो गया।
हम सब लंच कर रहे थे। अंकिता कुछ लेने गई, तभी एक लड़का अंकिता के पास गया, और उसे पूछने लगा कि तुम अंकिता हो न।  
अंकिता ने बोला: हाँ, पर तुम कौन हो? मैंने पहचाना नहीं।  
तो उसने अपना इंट्रोडक्शन दिया, कि उसका नाम संजय था, और वो कॉलेज में अंकिता का जूनियर था। अंकिता ने भी उसे पहचान लिया। फिर वो बातें करने लगे। तभी दीपक उनके पास गया तो संजय को लगा दीपक अंकिता का पति था। और फिर वो उन दोनों से बात करने लगा, कि शादी कब हुई आप दोनों की और फैमिली आगे बढ़ी कि नहीं। अंकिता ने भी उसकी ग़लतफ़हमी दूर नहीं की।  
फिर जब संजय गया तो मैं और आकाश जीजू उनके पास गए, और मैंने उसे पूछा: तुने बताया क्यों नहीं उसको?  
तो वो बोलने लगी: इतने हैंडसम आदमी को वो मेरा पति समझ रहा था, तो मैं क्यों बताती उसे (और हंसने लगी)।  
उसकी बात पर हम सभी हंसने लगे। फिर वो पूरे लंच के टाइम दीपक के पास ही खड़ी थी, और बोल रही थी कि वो संजय वापस आए तो उसे लगना चाहिए कि मैं अपने पति के साथ ही हूँ।  
फिर लंच के बाद थोड़ी देर पूल में एन्जॉय किया। उसके बाद हम सब रेन डांस के लिए गए। वहाँ पहुँचते ही हमने देखा कि वो संजय पहले से वहाँ था, और एक लड़की के साथ डांस कर रहा था। वो उसकी पत्नी या प्रेमिका थी शायद, क्योंकि वो उससे चिपक के डांस कर रहा था। फिर अंकिता ने दीपक का हाथ पकड़ लिया और बोलने लगी-  
अंकिता: प्लीज आप मेरे साथ ही डांस करना। संजय को लगना चाहिए कि हम पति-पत्नी हैं। दीपक मुझे देखने लगा तो मैंने इशारे से बोल दिया कि करो।  
तभी आकाश जीजू बोले: हाँ ठीक है, मैं और मनीषा साथ में डांस करेंगे।
अब अंकिता और दीपक साथ में डांस कर रहे थे, और मैं और आकाश जीजू साथ में डांस कर रहे थे। अंकिता तो पूरा चिपक के डांस कर रही थी, और दीपक भी पूरा चांस मार रहा था। वो कभी उसकी पीठ पे, तो कभी उसके चूतड़ों पे हाथ फेर रहा था। पर आकाश जीजू और मैं नॉर्मली ही डांस कर रहे थे। पर जिस तरह से वो मुझे देख रहे थे, मुझे उनमें वासना नहीं प्यार दिखाई दे रहा था। फिर जब एक रोमांटिक गीत बजा, तो हम कपल डांस करने लगे। तब पहली बार आकाश जीजू का हाथ मेरी बॉडी में लगा। उनका एक हाथ मेरे कंधे पे था, और दूसरा हाथ मेरी कमर पे, और वो लगातार मेरी आँखों में देख रहे थे। सच बोलूँ तो मेरा मन तो उन्हें किस करने को हो रहा था, पर मैंने खुद को कंट्रोल किया। आकाश जीजू ने कहीं गलत जगह टच करने की कोशिश नहीं की, बस हम ऐसे ही रोमांटिक डांस करते रहे। जब मैंने अंकिता और दीपक को देखा, तो वो दोनों फुल मस्ती के मूड में थे। दीपक उसकी पीठ से लेकर नितंबों तक हाथ फेर रहा था, और अंकिता भी उससे पूरी चिपकी हुई थी। अंकिता के मम्मे दीपक के सीने पे दब गए थे। और लगता था कि दीपक का लंड भी टाइट होके अंकिता की चूत को टच हो रहा होगा। वो दोनों एक-दूसरे के साथ ऐसा बिहेव कर रहे थे जैसे वो सच में मियां-बीवी हैं। थोड़ी देर डांस करने के बाद हम वहाँ से निकल के फिर से वेव पूल में आए, और इस बार अंकिता ने बोला-
अंकिता: मैं और दीपक जीजू साथ ही रहेंगे अब। क्योंकि क्या पता संजय कब कहाँ से आ जाए और देख ले।  
तो मैंने पूछा: दीपक इतना पसंद आ गया क्या?  
अंकिता बोली: इतना हैंडसम आदमी किसे पसंद नहीं आएगा (और हम सब हंसने लगे)।  
अंकिता और दीपक साथ-साथ चिपक के चलते हुए पानी में अंदर जाने लगे। मैंने आकाश जीजू को देखा तो उन्होंने मेरा हाथ पकड़ लिया। फिर हम भी पानी के अंदर जाने लगे। आखिर में साइड में जाकर हम चारों खड़े हो गए। वहां सभी कपल ही थे जो आपस में बहुत मस्ती कर रहे थे।  
अंकिता और दीपक भी एक-दूसरे पे पानी उछाल रहे थे, तो कभी लिपट रहे थे। उन्हें देखकर आकाश जीजू भी मेरे पास आए मुझे हग करने लगे। पर मैंने उन्हें इशारे से मना किया तो वो रुक गए। फिर वो मुझ पर पानी उड़ाने लगे। मैंने भी उनपे पानी उड़ाया। ऐसे ही हम सब मस्ती कर रहे थे।  
फिर कुछ देर बाद दीपक बोला कि उसे फिर से वाटर राइड्स करनी थी। पर मैं थक गई थी तो मैंने मना कर दिया। फिर आकाश जीजू ने बोला कि यार मैं भी थक गया हूँ। तो अंकिता बोली कि मेरे टेम्पररी हस्बैंड, चलो हम दोनों राइड्स करते हैं। दीपक मुझे देख रहा था तो मैंने इशारे में बोल दिया कि जाओ मज़े करो।  
फिर हम सब वेव पूल से बाहर आए। दीपक और अंकिता चले गए राइड्स करने। मैं और आकाश जीजू वहीं वेव पूल के पास में बैठ गए। पानी पैरों को छूते हुए जा रहा था। बड़ा मस्त लग रहा था।  
वेव्स की वजह से मेरा शॉर्ट्स एकदम ऊपर हो गया था, और मेरी जांघें दिखने लगी थीं। जीजू मेरी जाँघों को ही देख रहे थे, पर जब मैं उन्हें देखती तो वो नजर हटा लेते। मुझे उनको देखकर हंसी भी आ रही थी, और उनपर तरस भी आ रहा था।  
मैंने उनका हाथ अपने हाथ में लिया, और बोला: जीजू, आप बहुत अच्छे हो। मुझे बुरा न लगे इसलिये आप ठीक से देख भी नहीं रहे, और मुझे आपकी यही बात अच्छी लगती है। इसलिए मुझे आपसे प्यार हो गया है।  
वो मेरी आँखों में देखने लगे प्यार से। कसम से मेरा बहुत मन कर रहा था उन्हें किस करने का, लेकिन मैं चाहती थी कि वो खुद बोले।
फिर थोड़ी देर बाद उन्होंने बोला: ये दीपक और अंकिता क्या कर रहे होंगे?  
तो मैंने बोला: आपको क्या लगता है?  
उन्होंने बोला: तुमने उन्हें डांस करते देखा था क्या? दोनों कितने करीब थे एक-दूसरे के।  
मैंने बोला: कहीं आपको जलन तो नहीं हो रही कि टेम्पररी पति आपकी बीवी के इतने करीब था?  
तो उन्होंने बोला: नहीं यार, ये तो हमारी ही प्लानिंग थी ना, उन दोनों को करीब लाने की। और उसकी वजह से आज मैं तुम्हारे इतने करीब बैठ के तुमसे बातें कर रहा हूँ।  
मैंने बोला: अच्छा जी, तो क्या बात करनी है बोलो?  
वो बोले: वो दोनों तो पता नहीं क्या-क्या कर चुके होंगे अभी तक।  
तो मैंने बोला: हाँ उन्होंने किस तो पक्का कर ही ली होगी।  
वो बोले: सिर्फ किस नहीं, बहुत कुछ कर चुके होंगे।  
तो मैं उनका मुंह देखने लगी। फिर उन्होंने बोला कि-  
आकाश जीजु: मुझे कुछ पूछना है तुमसे।  
मैं: हाँ पूछो ना जीजु।  
जीजु: तुम गुस्सा तो नहीं करोगी?  
मैं: आपकी किसी बात का गुस्सा किया है क्या मैंने?  
जीजु: पहले प्रॉमिस करो तुम गुस्सा नहीं करोगी। अगर तुम्हे नहीं करना, तो ना बोल देना, पर गुस्सा नहीं करना प्लीज।  
मैं: अच्छा प्रॉमिस, मैं गुस्सा नहीं करूँगी। अब बोलो भी।  
जीजु: मैं तुम्हे किस करना चाहता हूँ।  
मैं (शर्मा के): यहाँ सब के सामने मैं किस नहीं कर सकती, जीजु।  
जीजु: अगर तुम्हारी हाँ है तो हम कोई जगह देखते हैं, जहाँ कोई ना हो।  
मैं: चलिए।  
जीजु: सच में ना?  
मैं: हाँ जीजु, अब चलो।
हम वहाँ से उठ के जगह देखने लगे। थोड़ा ढूंढने के बाद एक जगह मिल गई। एक कोने में फर्स्ट एड के लिए एक छोटे रूम जैसा बना हुआ था। उसके पीछे जगह थी काफी। वहाँ से हमें कोई नहीं देख सकता था। जीजु मुझे उस रूम के पीछे ले गए।
आकाश जीजु: तुम करना चाहती हो ना। सिर्फ मेरी खुशी के लिए तो हाँ नहीं बोल रही हो ना?
मैं: नहीं जीजु, मेरा तो कब से मन हो रहा था। मैं तो आपके बोलने का वेट कर रही थी।
जीजु: तो तुम खुद ही बोल देती।
मैं: ऐसी बातें लड़कियाँ नहीं करती।
जीजु: चलो कोई बात नहीं। क्या अब किस कर सकता हूँ तुम्हें?
मैं: हाँ।
वो मेरे एकदम करीब आ गए। मेरी आँखों में देखने लगे, और मैं उनकी आँखों में। फिर वे धीरे-धीरे अपने होंठ मेरे होंठों के पास लाने लगे। जैसे ही उनके होंठ मेरे होंठों से टच हुए, एक करंट सा लगा मुझे, और मैं हिल गई। उन्होंने होंठ दूर कर लिए, और पूछने लगे-
जीजु: क्या हुआ, बुरा लगा क्या?
फिर इस बार मैंने अपने होंठ उनके होंठों पे रख दिए। हम दोनों की किस स्टार्ट हो गई। हम दोनों आँखें बंद करके बस वो लम्हे एंजॉय कर रहे थे। वो कभी मेरे ऊपर का होंठ चूसते, तो कभी नीचे का। मैं भी उनका पूरा साथ दे रही थी।
उनके हाथ मेरी कमर पे थे, और मेरे हाथ उनके गले में। हम अपनी किस में जैसे खो ही गए थे। उन्होंने अपनी जीभ मेरे मुंह में डाल दी। मैं अपनी ज़ुबान से उनकी ज़ुबान को टच करते हुए एंजॉय कर रही थी। तभी अचानक उनका एक हाथ मेरी कमर से ऊपर होते हुए मेरे स्तन पे आ गया। मुझे थोड़ा अजीब लगा, तो मैंने धीरे से उनका हाथ फिर से मेरी कमर पे रख दिया।
लेकिन हम दोनों की किस लगातार चलती रही। कभी उनकी जीभ मेरे मुंह में तो कभी मेरी जीभ उनके मुंह में। थोड़ी देर बाद उनका हाथ मेरे नितंब पे टच हुआ। पर इस बार मैंने कोई एतराज नहीं किया। फिर वो धीरे-धीरे मेरे नितंब सहलाने लगे।
हमारी किस तो चालू ही थी, और मैं भी वो एंजॉय कर रही थी। उनका दूसरा हाथ फिर से मेरी चूची पे आ गया। मैंने आँख खोल के देखा, पर उनकी आँखें बंद थीं। फिर मैंने भी कुछ नहीं बोला और आँख बंद करके फिर से एंजॉय करने लगी।
वो एक हाथ से मेरा नितम्ब सहला रहे थे और दूसरे हाथ से मेरी चूची को। उनकी जीभ मेरी जीभ से खेल रही थी। और मैं किसी दूसरी ही दुनिया में चली गई थी। जिजू का मुझे ऐसा छूना बहुत अच्छा लग रहा था। वो बारी-बारी मेरी दोनों चूचियों को सहला रहे थे।  
उनका टच बहुत ही प्यार वाला था। करीब 15 मिनट हमारी किस चली, और उनके हाथ मेरे अंगों से खेलते रहे। फिर हम अलग हुए। मुझे बहुत शर्म आ रही थी। मैं तो उनकी तरफ देख भी नहीं रही थी। मैं वहाँ से बाहर आ गई। जिजू भी आ गए और मेरे साथ-साथ चलने लगे।  
जीजू ने मुझे थैंक्स बोला। मैंने उन्हें देखा और बस स्माइल दी।  
जीजू बोले: ये दिन मैं कभी नहीं भूलूंगा।  
मैंने बोला: मैं भी नहीं भूलूंगी।  
फिर हम एक पूल में अपनी टांगें डाल के बैठ गए, और बातें करने लगे। जिजू मुझसे एकदम चिपक के बैठे थे। वो कभी मेरी जांघों को सहलाते तो कभी मेरी पीठ को। मुझे भी वो सब अच्छा लग रहा था। शायद इन सब की वजह से उनका लंड खड़ा हो गया था । उनके शॉर्ट्स में उसका शेप दिखने लगा था।
मैंने जीजाजी को बोला: चलो जीजाजी, पूल के अंदर जाते हैं। फिर हम पूल में उतर गए, और एक साइड में जाकर पानी में खेलने लगे। हम एक-दूसरे पर पानी उड़ाते हुए मस्ती कर रहे थे। पानी गले तक था वहाँ। थोड़ी देर ऐसे ही मस्ती करने के बाद जीजाजी मेरे एकदम करीब आ गए। वो मेरे पीछे आए, और अपने हाथ मेरी कमर से आगे लाते हुए मुझे एकदम करीब खींच लिया। अब मैं उनसे चिपकी हुई खड़ी थी। उनके हाथ मेरी कमर पे थे, और उनका कड़क लंड मेरे नितंबों के बीच फील हो रहा था। फिर उनके दोनों हाथ मेरी चूचियों पर आ गए। पानी के अंदर किसी को कुछ नहीं दिख रहा था। वो धीरे-धीरे चूचियों से खेल रहे थे। मैंने उनके हाथ हटाए नहीं, पर उन्हें धीरे से बोला कि जीजाजी प्लीज ये सब यहाँ मत करो। उन्होंने जोर से मेरे दोनों मम्मे दबा दिए, और हाथ वापस कमर पे रख दिया। मेरी आह निकल गई उनके जोर से दबाने से। मैं उन्हें देखने लगी। फिर उन्होंने मुझे अपनी तरफ घुमा दिया। मैं उनकी आँखों में देख रही थी, और वो मेरी आँखों में। कोई कुछ नहीं बोल रहा था। फिर पता नहीं मुझे अचानक क्या हुआ, मैंने अपना हाथ उनकी शॉर्ट्स के ऊपर से उनके लंड पर रख दिया। उनकी आँखें एकदम बड़ी हो गई, जैसे मेरी इस हरकत से उन्हें शॉक लगा हो। मैंने स्माइल दी और आँख मार दी। वो हंसने लगे।
फिर मैं धीरे-धीरे उनके शॉर्ट्स के ऊपर से ही उनका लंड सहलाने लगी । उनका हाथ भी मेरी कमर से हटकर मेरे नितंबों पर आ गया था। वो धीरे-धीरे नितंब दबा रहे थे, और मैं उनका लंड दबा रही थी। बड़ा ही कामुक माहौल हो गया था हमारे बीच।  
हम दोनों ने ही हमारे बीच की कुछ लिमिट्स आज क्रॉस कर दी थीं, और दोनों ने ही बहुत एंजॉय किया। फिर थोड़ी देर बाद एक लड़का हमारे पास से गुज़रा तो हमने अपने हाथ एक-दूसरे से हटा लिए, और थोड़े दूर हो गए। फिर मैं पूल से बाहर आ गई।  
मेरे पीछे आकाश जीजू भी बाहर आ गए। फिर हम दोनों ऐसे ही टहलने लगे। उन्होंने मेरा हाथ ऐसे पकड़ा हुआ था, जैसे मैं उनकी पत्नी हूं। मैंने उन्हें बोला-  
मैं: प्लीज़ आप ये सब किसी को बताना मत, अंकिता को भी नहीं।  
तो वो बोले: अंकिता को तो बताना पड़ेगा। तभी तो हमारा प्लान आगे बढ़ेगा। और वैसे भी वो दोनों तो हमसे कुछ ज़्यादा ही कर चुके होंगे।  
फिर मैंने बोला: ठीक है, पर पहले अंकिता को पूछना कि उसने दीपक के साथ क्या-क्या किया। फिर आप बताना हमारे बारे में।  
तो उन्होंने बोला: जैसा तुम बोलो, डार्लिंग।  
मैंने बोला: अच्छा जी, सीधे डार्लिंग!  
वो बोले: अब तो डार्लिंग बोल ही सकता हूं।  
मैंने भी स्माइल कर दी। फिर वो बोलने लगे: अब जल्दी से हमारा प्लान फाइनल स्टेज पे आ जाना चाहिए।  
मैंने बोला: आप श्योर हो ना, क्योंकि प्लान का फाइनल स्टेज क्या होगा पता है ना। दीपक और अंकिता सिर्फ चूमा-चाटी पर नहीं रुकेंगे। बहुत आगे तक जाएंगे।  
वो बोलने लगे: हां, वही तो प्लान है ना हमारा। तभी तो तुम मेरे पास रहोगी।  
मैंने बोला: वो दोनों तो सब कुछ करेंगे, पर मैं आपके साथ वो सब कर पाऊंगी या नहीं मुझे भी नहीं पता।
तो वो बोले: मुझे सिर्फ तुम्हें एक बार देखना है।  
मैंने बोला: अभी नहीं दिख रही क्या मैं?  
तो वो बोले: ऐसे नहीं यार, उस तरह से।  
मैंने बोला: किस तरह से?  
वो बोले: तुम समझ क्यों नहीं रही? मुझे तुम्हें अंदर से देखना है।  
मैं समझ तो गई थी कि वो मुझे नंगी देखना चाहते थे। पर मैं उनसे बुलवाना चाहती थी, तो उनसे पूछा-  
मैं: अंदर से मतलब?  
वो बोले: यार, मतलब कपड़ों के बिना।  
मैं उन्हें बड़ी आँखें करके देखने लगी। वो चुप हो गए। फिर मैंने उन्हें स्माइल दी, और बोली-  
मैं: अगर हमारा प्लान सफल हो गया तो आप मुझे वैसे देख सकते हो। पर मैं कुछ करने दूंगी कि नहीं, ये मुझे भी नहीं पता।  
वो बोले: तुम्हारी मर्जी के बिना मैं तुम्हें टच भी नहीं करूंगा।  
फिर मैंने उन्हें स्माइल दी, और थैंक्स बोला। उन्होंने मुझे आई लव यू बोला। मैंने भी उन्हें आई लव यू बोला। फिर हमें अंकिता और दीपक आते हुए दिखाई दिए, तो जीजु ने मेरा हाथ छोड़ दिया और थोड़े दूर हो गए। मुझे यह जान के अच्छा लगा कि उन्हें अपनी हद पता थी, किसके सामने कैसे बर्ताव करना था। अंकिता और दीपक हमारे पास आ गए।  

क्रमश:
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#8
Nice update
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#9
भाग 4
 
मैंने पूछा: दोनों ने मजे किए पूरे
दीपक मेरा मुंह देखने लगा और पूछा कि क्या। 
मैंने बोला: दोनों राइड्स के मजे करने गए थे न, तो मजा आया कि नहीं
तो अंकिता ने बोला: हाँ, बहुत मजा आया, बहुत एंजॉय किया हमने। 
वो दोनों काफी खुश लग रहे थे। मैं तो तभी दीपक को पूछना चाहती थी कि क्या-क्या किया अंकिता के साथ। पर मैंने सोचा घर जाकर पूछूंगी। फिर हमने थोड़ी देर और टाइम पास किया वहां, और फिर निकल गए। इस बार अंकिता पीछे बैठ गई और बोली- 
अंकिता: मुझे नींद आ रही है, तो मैं पीछे बैठती हूँ। आगे बैठ के सोई तो मुझे देखकर आकाश को भी नींद आने लगेगी। मैं आगे आकाश जीजु के पास बैठ गई और दीपक पीछे अंकिता के पास। फिर हम निकल गए। हमने डिसाइड किया था कि हम घर के पास किसी रेस्टोरेंट में डिनर करेंगे, फिर घर जाएंगे। 
कार में पहले तो सब शांत थे, कोई कुछ नहीं बोल रहा था। सब शायद थोड़े थक गए थे। फिर अंकिता ने चुप्पी तोड़ी। 
अंकिता: आज सच में मजा आ गया। मैंने तो बहुत एंजॉय किया। 
मैंने बोला: हाँ, सब ने ही एंजॉय किया। 
दीपक बोला: हाँ यार, वॉटर पार्क में आने का प्लान बड़ा मस्त था। बहुत मजा आया। 
फिर मैंने बोला: ये आकाश जीजु का प्लान था। 
अंकिता: जिसका प्लान था वही कुछ नहीं बोल रहा। लगता है इसने एंजॉय नहीं किया, क्यों आकाश
फिर जीजु बोले: यार इतना एंजॉय तो मैंने कभी नहीं किया (और मुझे देखकर स्माइल करने लगे)।
मुझे तो शर्म आ गई। फिर अंकिता बोली: अच्छा, क्या बात है!
मैंने बोला: अंकिता तुझे तो नींद आ रही थी ना, क्या हुआ?
अंकिता बोली: नींद तो आ रही थी, लेकिन बातें करने में ज्यादा मज़ा आ रहा है।
तब आकाश जीजु बोले: उसे कोई नींद नहीं आ रही थी। उसे अपने नए पति के साथ बैठना था, इसलिए पीछे बैठी है। इस बार तो अंकिता को भी शर्म आ गई।
मैं भी अंकिता को छेड़ते हुए बोली: हाँ, मुझे भी ऐसा ही लग रहा है (फिर सब हंसने लगे)। हम ऐसे ही मज़ाक-मस्ती करते हुए रेस्टोरेंट पहुंचे। हम अपने-अपने पार्टनर के साथ बैठ गए, पर एक-दूसरे के पार्टनर के सामने। मतलब मेरे सामने आकाश जीजु थे, और दीपक के सामने अंकिता। दीपक और अंकिता तो बिंदास एक-दूसरे से फ्लर्ट कर रहे थे। पर मैं और जीजु सिर्फ इशारों में बातें कर रहे थे। वहाँ पे भी मैंने देखा कि टेबल के नीचे दीपक और अंकिता की टांगें एक-दूसरे के साथ खेल रही थीं। फिर हमने डिनर खत्म किया, और अपने-अपने घर चले गए। हम अपने घर आए तो दीपक बहुत खुश लग रहा था। खैर खुश तो मैं भी थी, आज का दिन काफी अच्छा गया था। उस रात बेड में हम दोनों बिलकुल नंगे एक-दूसरे को बाहों में लपेटे थे। मैंने दीपक से पूछा –
मैं: तो कैसा लगा आज?
दीपक: बहुत ही मज़ेदार रहा आज का दिन।
मैं: ऐसा क्या किया, मुझे भी तो बताओ?
दीपक: तुम भी तो खुश लग रही हो, तो पहले तुम बताओ कि तुमने आज क्या-क्या किया?
मैं: पहले तुम बताओ, फिर मैं भी तुम्हें सब बताऊंगी।
दीपक: चलो ठीक है। आज पूरे दिन तुमने देखा था ना अंकिता मेरे साथ कैसे थी? मेरे इतने करीब थी कि मेरा हाथ कितनी बार उसकी बॉडी को टच हुआ।
मैं: ओह, टच हुआ या तुमने जान-बूझकर टच किया?
दीपक: क्या यार तुम भी। अब समझ जाओ ना।
मैं: तो बताओ कहाँ-कहाँ टच किया, और वॉटर राइड्स करने गए थे वहाँ क्या हुआ?
दीपक: वो इतनी करीब थी कि मेरा हाथ कितनी ही बार उसकी कमर और नितंब पर टच हुआ। उसकी चूचियाँ मेरे सीने पर दबी, और डांस करते हुए तो मैंने उसके चूतड़ अच्छे से सहलाए। वो भी डांस करते हुए मुझसे इतनी चिपकी थी कि उसकी चूचियाँ मेरे सीने पर रगड़ रही थीं। इन सब से मेरा लंड तो पूरी अकड़ में आ गया था, और शायद उसे नीचे अपनी चूत पर फील हो रहा था। अंकिता मुझे ऐसे देख रही थी, जैसे उसे भी इन सब में मजा आ रहा था।
मैं: हाँ, वो तो मैंने भी देखा था। डांस करते हुए तुम दोनों ही एक-दूसरे से काफी चिपके हुए थे, और तुम पूरा चांस मार रहे थे।
दीपक: अब वो खुद से चांस दे रही थी, तो मैं क्या करता?
मैं: आग दोनों तरफ लगी थी ना। अब आगे क्या हुआ ये बताओ ।
दीपक: फिर हम जब वापस वेव पूल में गए, तो अंकिता वहाँ भी मेरे से चिपक के ही खड़ी थी। वो मेरे आगे खड़ी होकर अपने चूतड़ मेरे लंड पर रगड़ रही थी। मेरा तो लंड बेकाबू हो गया था। मेरा हाथ उसकी चूचियों पे चला गया, उसने भी कुछ नहीं कहा।
मैं: तुम लोग हमारे सामने इतना कुछ कर रहे थे, और हमें पता भी नहीं चला।
दीपक: गले तक पानी में थे हम, और तुम दोनों भी तो अपने मजे ले रहे थे, तो हमें कहाँ से देखते।
मैं: तुम्हारे जितना तो मजा नहीं लिया हमने। खैर अब आगे बताओ।
दीपक: फिर अंकिता ने बोला कि मुझे आपके साथ वाटर राइड करनी है। तो मैंने सोचा पहले तुमके साथ करूंगा, फिर उसके साथ भी कर लूँगा। पर तुमने मना कर दिया और फिर आकाश ने भी मना कर दिया। तो हम ये मौका कैसे छोड़ सकते थे। हम दोनों ही चले गए।
दीपक: जब हम दोनों राइड्स पे बैठे तो पहली राइड में तो वो मेरे आगे बैठी और मैं उसके पीछे। उसने मेरा हाथ पकड़ा, बस इतना ही हुआ। पर फिर उसने बोला चलो फिर से करते हैं। और इस बार राइड में उसने खुद मेरे हाथ पकड़ के अपने मम्मो पे रख दिए, और मुझे आँख मार दी। वो बोली कि अच्छे से पकड़ो, मुझे डर लग रहा है। मेरी तो जैसे लॉटरी लग गई। मैं दोनों चूचियों को पकड़ के दबाने लगा।
दीपक: मैंने उसकी चूचियाँ अच्छे से मसली. क्या मज़ा आ रहा था यार। वो भी इंजॉय कर रही थी। ऐसे ही ये राइड भी पूरी की। हम फिर दूसरी लंबी वाली राइड में गए जो बंद पाइप में से होकर गुजरती है। उसमें भी मैंने उसके मम्मे अच्छे से दबाए और इस बार तो उसने भी अपना हाथ पीछे करके मेरा लंड पकड़ लिया और उसे मसलने लगी। मैं तो जन्नत में था, यार। 
मैं: तुम लोग तो फुल इंजॉय कर रहे थे। ये सुनके ही मेरी चूत गीली हो रही है। 
दीपक: ज़रा दिखाना कितनी गीली हुई
फिर दीपक मेरी चूत के पास आए और उसे चाटने लग गए। और मैं उनके सिर पे हाथ फेर रही थी। दीपक अपनी ज़ुबान का जलवा दिखा रहा था, और मैं सातवे आसमान पर थी। मैं अपने को ज़्यादा देर रोक नहीं पाई, और मेरा पानी निकल गया। दीपक ने सारा पानी चाट लिया और फिर वो ऊपर आया और हम किस करने लगे। फिर थोड़ी देर बाद मैंने बोला - 
मैं: अब आगे भी तो बताओ, और क्या हुआ?
दीपक: फिर उस राइड के बाद अंकिता ने मेरा हाथ पकड़ लिया, और मुझे कहीं ले जाने लगी। मैंने पूछा कहाँ जाना है तो वो बोली कि आप चलो तो। फिर वो मुझे जहाँ हमने डांस किया था, वहाँ ले गई। मैंने पूछा कि फिर से डांस करने का मन है क्या? वो बोली कि नहीं और मुझे पीछे वहाँ ले गई जहाँ कोई नहीं था। 
दीपक: मैंने बोला कि यहाँ क्यों ले आई? वो मेरे एक-दम करीब आ गई और मुझे बोला अब कुछ मत बोलो। उसने मेरे हाथ अपनी कमर पर रखे, और अपने हाथ मेरे गले में डाले, और धीरे-धीरे मेरे करीब आने लगी। फिर उसने अपने होंठ मेरे होंठों पर रखे, और उन्हें चूसने लगी। मैं उसे देख रहा था, और उसने अपनी आँखें बंद कर ली थीं। 
दीपक: फिर मैं भी उसके होंठ चूसने लगा। हमारी ज़ुबान एक-दूसरे के मुँह में घूमने लगी। मेरे हाथ कब उसके कमर पर चले गए, पता ही नहीं चला। ऊपर हमारा चुम्बन चल रहा था, और नीचे मैं उसकी जांघों के साथ खेल रहा था।
दीपक: मुझे उसकी पैंटी से समझ में आ गया कि उसका काम हो गया था। फिर हम दोनों ने अपने हाथ बाहर निकाल लिए। अंकिता ने मुझे जोर से गले लगाया, और आई लव यू बोला। मैंने भी उसके लिप्स को चूमा और आई लव यू टू बोला। फिर हम वहाँ से बाहर आ गए। 
दीपक: अंकिता बोली कि जिजू आप तो उस्ताद निकले। मैंने बोला कि तुम भी कुछ कम नहीं हो। और हम दोनों ही हंसने लगे। फिर हम लोग तुम लोगों के पास आ गए। वापस आते हुए भी कार में वो मेरा लंड मसल रही थी। 
मैं: काफी कुछ कर लिया यार तुम लोगों ने, मौके का पूरा फायदा उठा लिया। अंकिता तो काफी तेज निकली। थोड़ी देर और रुकते तो शायद तुम्हारा लंड उसकी चूत की सैर कर लेता। 
दीपक: हा हा हा! क्या कुछ भी। इतना कुछ हुआ वही बड़ी बात है, यार। चलो, अब तुम बताओ तुम लोगों ने क्या-क्या किया
मैं: तुम लोगों जितना तो नहीं, पर थोड़ा मजा तो किया। 
फिर मैंने भी दीपक को सब बता दिया कि कैसे हमने किस की, जिजू ने मेरी चूचियां और मेरे चूतड़ दबाए, और पूल में मैंने उनके शॉर्ट्स के ऊपर से उनका लंड भी सहलाया । 
दीपक: मतलब अब तुमने भी शर्म छोड़ के मजा करना सीख ही लिया। 
मैं: (शर्माकर): यार, अब ऐसा मत बोलो। 
दीपक: तुमने मजा तो किया न
मैं: सच बोलूं तो हां, बहुत मजा आया आज। जब जिजू मुझे किस कर रहे थे, तो मैं अलग ही दुनिया में थी मैं। जब उनका हाथ मेरी बॉडी पर चल रहा था, मेरी चूचियों पर, मेरे चूतड़ों पर, तो अलग ही एहसास था वो। 
दीपक: यह सुनकर मेरा तो लंड खड़ा हो गया, यार। अब तुम्हे ही कुछ करना पड़ेगा। 
मैं: हां, अभी तो मैं ही हूँ यहां। 
दीपक: तुम ही हो और हमेशा तुम ही रहोगी, डार्लिंग। तुम तो मेरी जिंदगी हो।
मैं: हां, मुझे पता है, मेरे राजा।
फिर मैंने दीपक का लंड पकड़ लिया और अपना हाथ ऊपर-नीचे करने लगी। वो भी मेरी चूचियों से खेलने लगे। फिर हम 69 में आकर एक-दूसरे को चूसने-चाटने लगे। मैं दीपक का लंड चूस रही थी, और वो मेरी चूत चाट रहा था। फिर कुछ देर बाद मैं उसके ऊपर चढ़ गई, और उसका लंड अपनी चूत में लेकर जंप मारने लगी। दीपक ने मेरे उछलते हुए मम्में पकड़ लिये और नीचे से धक्के देने लगा। हम दोनों जैसे एक-दूसरे में खो गए। इस बार की चुदाई कुछ अलग ही थी। अलग ही जुनून था हम दोनों में, अलग लेवल की ऊर्जा थी। फिर हम दोनों ऐसे ही नंगे एक-दूसरे की बाहों में सो गए।
 
क्रमश:
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