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Fantasy दादा जी के साथ मेरी गरम फैंटेसी
#1
हेलो मेरा नाम पूजा हे में कन्नौज की रहने वाली हूं 2024 में मेरा 12th हुआ था,में देखने में कुछ खास नहीं हूं नोर्मल हूं सांवला रंग हे पतला शरीर हे बूब्स 30B हे मेरे गांड़ भी ज्यादा बाहर नहीं हे
मतलब नोर्मल शरीर हे मेरा,मेरे घर में मेरे पापा मम्मी ओर छोटा भाई हे में,पापा की किराने की दुकान हे,उसी से घर चलता हे।

मेरे बहुत से शौक हे लेकिन घर पर नहीं कर सकती में सिर्फ सलवार कुर्ता ही पहनती हूं घर पर इसके अलावा कुछ भी नहीं पूरी पाबंदी हे कि शरीर का कोई भी हिस्सा मुझ ओर हाथ के पंजे के अलावा कुछ दिखे न ,मुझे भी स्टाइलिश कपड़े पहनने का बहुत मन करता हे सेक्सी टाइप ब्रा पैंटी,स्मॉल स्कर्ट,टैंक टॉप ,ये सब पहनने का बहुत मन करता हे लेकिन आजादी नहीं थी।मैने अपने घर पर बोला कि मुझे तैयारी करनी हे दिल्ली जाना हे वाहन अच्छी कोचिंग कोई तैयार नहीं हुआ फिर बहुत मनाया नहीं माने मेरे एक टीचर हे मैने उनको बताया तैयारी के लिए तो उन्होंने पापा को समझाया तब पापा बहुत मुश्किल से मान गए फिर 1 महीने बाद पूरी तैयारी करके में मम्मी ओर पापा दिल्ली पहुंच गए एक अच्छी सी कोचिंग पता की ओर एडमिशन ले लिया फिर एक अच्छा ओर सस्ता होटल देखा बना में शिफ्ट हों गई 2 दिन तक मम्मी पापा रुके रहे सब कुछ काम खत्म करके फीस जमा करके ओर सब सामान खरीद के दे लिया फिर दोनों लोग चले गए घर।

मैने हॉस्टल में देखा लड़कियां पैंटी पहन कर पूरे हॉस्टल में घुमा करती थी कोई शर्म नहीं थी क्योंकि हॉस्टल में कोई लड़का नहीं आता था फिर मेरे भी रंग बदलने लगे में भी स्टाइलिश कपड़े खरीदने लगी सरोजनी मार्केट से सस्ते सस्ते बहुत छोटे छोटे ब्रा पैंटी शॉर्ट्स टीशर्ट लेकिन सिर्फ हॉस्टल में ही पहन सकते थे होटल्स बाहर पहन कर जाना माना था और शाम को 8 के बाद जाना माना था होस्टल वाले घर फोन कर देते थे छोटी छोटी बात पर मैने सोचा यहां भी वही पाबंदी जो घर में थी तो क्या फायदा याह आन का ।

फिर मैने हॉस्टल बदलने का सोचा में कोचिंग के बाद रोज दोपहर में कमरा देखने जाती थी 3—4 दिन देखने के बाद बहुत दूर एक घर मिला छोटा सा घर था मैने गेट खटखटाया अंदर से एक दादा जी आए 60 के आ पास उमर होगी थोड़े मोटे थे बहुत बड़ी सफेद दाढ़ी थी ।लेकिन ठीक थे मैने पूछा कमरा हे आपके घर में बोले हां हे वो मुझे कमरा दिखाने अंदर ले गए गेट के 1 फ्लोर पर एक कमरा था मैने कमरा देखा रुपए पूछे सब बात होने के बाद मैने उनको एडवांस दे दिया फिर उन्होंने मेरे बारे में पूछा कौन हो कान्हा से आय हो कान्हा रहते हो क्या करते हे सब बात की फिर उन्होंने बताया मेरा नाम अहमद हे मेरी 2 बेटी हे उनकी शादी हो गईं हे पत्नी 15 साल पहले खतम हो गई थी में सरकारी टीचर था ,फिर काफी देर बात होने के बाद में हॉस्टल वापस आ गई।
फिर घर पर फोन करके बता दिया यहां खाना अच्छा नहीं मिलता में ओर कुछ लड़कियां हॉस्टल छोड़ कर दूसरी जगह शिफ्ट हो गई हे ।

अगले दिन समान ले कर में दूसरे हॉस्टल पहुंच गई समान सेट किया
थक गई थी सो गई फिर 2 घंटे बाद शाम को 4 बजे उठी और घर में मिनी स्कर्ट छोटी टीशर्ट पहन कर घूमने लगी ऊपर छत पर गई घर छोटा था सबसे नीचे दादा जी रहते उनका रूम हे और उसके ऊपर फ्लोर पर मेरा कमरा हे और छोटा हाल हे बस टॉयलेट बाथरूम सबसे नीचे दादा जिनके रूम के पास हे वाही किचेन भी हे और फ्रिज भी दादा जी ने बोला था मन हो तो किचेन में खाना बना सकती हो
शाम को खाना खाया थोड़ा सा स्टडी की ओर सो गई ।

अगले दिन में जल्दी उठ गई थी 4 बजे फिर नींद नहीं आ रही थी तो में ऊपर छत पर निकल गई पूरा अंधेरा था दूर दूर तक कोई नहीं हल्की हल्की ठंडी हवा चल रही थी में शॉर्ट्स और टीशर्ट पहनी थी मेरे अंदर शरारत आई की कपड़े उतार दूं फिर सोचा किसी ने देख लिया तो फिर ध्यान से आस पास देखा कि कोई नहीं हे ये मेरा पहली बार था खुले में ऐसा करने जा रही थी मैने शॉर्ट्स उतरी आस पास देखा फिर टीशर्ट उतार दी में सिर्फ ब्रा और पैंटी में थी थोड़ा सा आस पास घूमी डर भी लग रहा था फिर धीरे से पैंटी भी उतार दी ठंडी ठंडी हवा जैसे ही चूत पर लग रही थी अलग ही सुकून था फिर बहुत हिम्मत करके ब्रा भी उतार दी बहुत डर लग रहा था फिर भी 2 मिनट तक घूमी फिर जल्दी से कपड़े पहने और वापस रूम आ गई लेकिन मजा बहुत आई थोड़ी देर लेती रही फिर ब्रश किया और तैयार होने लगी कोचिंग जाने के लिए नहा कर आई और ब्रा पहनी टीशर्ट पहनी फिर पैंटी पहनी फिर स्कर्ट पहनी जो घुटने से थोड़ा नीचे तक थी ओर कोचिंग चली गई में सबसे पीछे बैठी थी मेरे बगल में कोई नहीं था में पोर्न देख रही थी बोरिंग क्लास चल रही थीं में गरम हो गई में फिंगरिंग करने लगी फिर मेरे मन में आया पैंटी उतर के करती हूं कौन स्कर्ट के नीचे झांक के देखेगा मैंने आस पास देखा और धीरे धीरे पैंटी निकाल कर बैग में रख ली
अब में बिना पैंटी के क्लास में थी में खुल कर बैठी थी पैर फैला कर अच्छा लग रहा था फिर थोड़ी देर तक फिंगरिंग करती रही फिर क्लास खत्म हो गई मैंने पैंटी नहीं पहनी और चली घर के लिए चल दिए रस्ते में ऐसा लग रहा था जैसे सभी मुझे ही देख रहे थे बिना पैंटी के थोड़ा अजीब तो लग रहा था पहली बार रोड पर ऐसे चल रही थी तो अच्छा भी लग रहा था कि कुछ अलग किया मैने। फिर में रस्ते में कपड़ों की दुकान पर गई सेक्सी पैंटी ली जिसमें सिर्फ आगे से चूत छुपती हे पीछे से डोरी जाती हे ओर भी बहुती सारी ली जाली दार पैंटी ली ब्रा ली और फिर में 12 बजे दोपहर कमरे पर आ गई कपड़े बदले सब उतर दिया छोटी सी टीशर्ट पहन लिया ओर छोटी सी स्कर्ट जो घुटने से भी ऊपर थी ब्रा पैंटी नहीं पहनी ओर कुछ खाया फिर वैसे ही सो गई 3 बजे उठी तो नीचे टॉयलेट गई टॉयलेट से निकल कर जब हाथ धोने के लिए गई तो देखा दादा जी मुझे देख रहे हे मुझे लगा कहीं इनको पता तो नहीं चल गया कि मैंने पैंटी ब्रा नहीं पहनी। कुछ शक हुआ तो में चली गई ओर कमरे में आकर अपने आपको देखा आगे पीछे सब कुछ तो सही था शायद ऐसे ही देख रहे थे ।फिर में लेटे लेटे मोबाइल चला रही थी तो मेरी नजर अचानक से खिड़की पर गई तो देखा दादा जी कोने से मुझे देख रहे हे मुझे अचानक डर लगा मैने कोई हरकत नहीं की वैसे ही लेती रही थोड़ी देर देर बाद वो चले गए में सोच में पड़ गई ये मुझे क्यों देख रहे थे मैने सोचा मुझे लाइन तो नहीं मार रहे ।

रात को 1 बजे मुझे मेरी आंख खुली मुझे प्यास लगी ठंडा पानी नहीं था उस टाइम में नंगी सो रही थी मैने एक नॉर्मल पैंटी पहन ली और टीशर्ट पहन ली और चल दी नीचे मैने सोचा 1 मिनट लगेगा पानी लेने में दादा जी सो रहे होंगे क्या दिक्कत में फ्रिज खोल कर पानी लेने लगी 
तो मैने देखा फ़्रिज के बगल मे दादा जी के कमरे का गेट खुला हे ओर हल्की हल्की लाइट जल रही तो मे थोडा सा फ़्रिज के पास से हट कर देखने लगी तो दादा अपने पलन्ग पर नहीं थे मे तुरन्त वापस आ कर फ़्रिज खोली ओर बोतल निकाल ही रही थी की फ़्रिज ओर कमरे के सामने बाथरुम था दादा जी अचानक वहां से निकले हाल मे लाइट जल रही मे तुरन्त पीछे मुडी तो देखा दादा पेसाब या लेटरिन्ग गए होंगे ओर हल्का ओर बहुत डिला नेकर पहने थे मे उनको देख रही थी ओर वो मुझे छोटी टीशर्ट उसमें से मेरे निप्पल खड़े थे ओर पैन्टी मे 5 sec तक तो समझ ही नही आया क्या करु मे तुरन्त बोतल ली ओर भाग गई सीधे कमरे मे गई लेट गई इतनी तेज धक धक हो रही थी पहली बार किसी ने मुझे येसा देखा था समझ नी आ रहा था क्या करु ओर सोचते सोचते मेरी आंख लग गई ओर मे सो गई सुबह 5 बजे मेरी आंख खुली मुझे फिर वही याद आ गया अंदर से शर्म भी लग रही थी ओर अच्छा भी लग रहा था किसी ने नंगा देखा लेकिन दादा जी ने कोई जवान लड़का होता तो अच्छा लगता फिर सोचा तो क्या होगा ये भी तो लड़के ही हे और यही सोचते सोचते मेरी चूत गीली हो गई में उठी और ऊपर छत पर चली गई हॉफ टीशर्ट और पैंटी पहने थी ऊपर अंधेरा था 2 मिनट टहली ओर आस पास देखा कोई हे तो नहीं पूरी नंगी हो गई ओर जमीन में लेट गई बहुत मस्त हवा चल रही थी मजा आ रही थी फिर मेरे अंदर जोश आया दादा जी को ओर गरम करूंगी में नीचे आई ब्रश किया और नहाने के गई दादा जी कमरे में थे मुझे देख रहे थे कि में बाथरूम में हूं मैने नहाया और अपनी ब्रा पैंटी उसी टोटी में धूल के रख दी और टॉवेल ऊपर टीशर्ट पहनी नीचे पिंक पैंटी पहनी ओर टॉवेल लपेट लिया फिर सोचा दादा जी ने देख तो लिया अब क्या दिक्कत मने जान बुझ कर टॉवेल ढीली बांध दी और गेट खोला तेज आवाज से दादा जी तुरंत देखने लगे में घूम कर खड़ी हुई और झुक कर साबुन ओर बाल्टी उठाने के बहाने टॉवेल धीरे से खोल दी बाटली उठा का जैसे खड़ी हुई टॉवल गिर गई उनके सामने में फिर से पैंटी में आ गई अब में जल्दी जल्दी उन्हीं के सामने खड़े होकर टॉवेल बांध दी और कमरे में आ गई बहुत मजा आई 
फिर में कोचिंग चली गई लौट के आई तो तुरंत बाथरूम में गई तो देखा बॉथरूम में मेरी ब्रा पैंटी नहीं थी मैने देखा आस पास नहीं हे मैने सोचा दादा जी ने पक्का चुरा ली में बोली नहीं फिर ऊपर छत पर गई तो देखा धूप पे सुख रही थी समझ गई दादा जी ने डाली हे 
फिर में कपड़े लेकर कमरे में आ गई में बहुत गरम हो गई थी में पूरे कपड़े उतरे फिर थ्रोग़ पैंटी पहनी जिसमें पीछे डोरी होती हे और अंगे छोटा सा कपड़ा ओर स्कर्ट पहनी ऊपर नेट वाली सेक्सी ब्रा पहनी ओर टीशर्ट पहनी ओर बैग लेकर बाहर निकल गई घूमने मार्केट घूमी में सोच रही थी कोई मुझे टच करे छेड़े में मेट्रो में गई भीड़ वाली जगह में घुसी और फायदा नहीं फिर में बस स्टैंड से खड़ी हो गई 7 बज गई थे हल्का हल्का अंधेरा हो गया था घर के लिए आ रही थी एक बस आई बहुत भरी थी लोग लटके थे में घुस गई उसमें सब लेबर मिस्त्री ऐसे लोग थे काम करने वाले मेरे दिमाग में उस टाइम कुछ नहीं चल रहा था सेक्स के बारे में बस घर पहुंचना था जल्दी लेट हो रही थी भीड़ म किसी ने मेरी गांड़ पर टच किया मैने सोचा भीड़ में धोखे से लग गया होगा फिर से हुआ मैने पीछे देखा एक आदमी था बहुत लंबा चौड़ा कोई लेबर था कपड़े भी गंदे थे में फिर आगे देखने लगी फिर से वही हुआ में कुछ नहीं बोली मेरी टीशर्ट छोटी थी ओर स्कर्ट भी छोटी थी थोड़ा पेट दिख रहा था उसने मेरे पीठ पर उंगलियां फेर दी मेरी जान निकल गई करंट आ लगा मुझे भी अच्छा लग रहा था जब में कुछ नहीं बोला तो वो पूरा खुल गया मेरे साथ मेरे गान मसलने लगा मेरी आंख बंद हो गई फिर धीरे धीरे स्कर्ट ऊपर उठाई और पैंटी ढूंढने लगा उसको मिली नहीं जब जी की दरारों में उंगली डाली तो पैंटी की डोरी मिल गई मेरे कान में धीरे से कहता हे कितने रुपए लेती हो रंडी भरी बस में चुदवाने के लिए आई हो सेक्सी पैंटी पहन कर ये सुन कर मुझे बहुत अजीब लगा कि में सच में रंडी लग रही क्या उसने फिर धीरे धीरे मेरे चूत पर उंगली ले गया पूरी गीली थी मेरे से कहता कान में मेरे तरफ घूम जाओ चूत में उंगली करनी हे में धीरे धीरे घूम गई बस में इतनी भीड़ थी समझ ही नहीं आ रहा था अंधेरा भी था 8 बजने वाले थे में आंख बंद करके उसके मुंह के तरह आमने सामने खड़ी हो गई चिपक कर और मन ही मन मजे कर रही थी जो हो रहा होने दो वो उसने अपना लंड निकाला और मेरी स्कर्ट उठाई और पैंटी एक साइड की ओर डालने की कोशिश करने लगा लेकिन जा नहीं रहा था फिर वो हिलाने लगा और एक हाथ से उंगली डाल कर चला रहा था चूत में अलग ही सुकून था और जैसे ही उसका निकलने वाला था मेरी पैंटी खोली और उसी में पानी भर दिया जैसे ही पानी उतर कर चूत की दरारों में लगा बहुत गरम था अब वो कहता हे कमरे में मिलो नंबर दो अपना में कुछ नहीं बोली धीरे धीरे आगे निकल गई ओर अपने स्टॉप पर उतर गई
रात के 8 बज गय थे तेजी से रुम पर गई ओर जल्दी से कपडे उतारे ओर धिरे से पैन्टी उतारी ओर देखी पैन्टी मे लन्ड का पानी भरा था चिपचिपा था ओर मेरी चुत पर चिपचिपा पानी लगा था मे बहुत गर्म हो गई मेरा मन हुआ की पैन्टी को चाट लु उसके लन्ड का पानी पी जाऊं फिर में नंगी लेट गई ओर चूत पर उंगली चलानी लगी उसका लंड का पानी भी मेरे चूत पर था अलग ही मजा आ रहा था फिर में बहुत जोश में आ गई तो मैने पैंटी उठाई और मुंह पर रख कर पूरा पानी चाट गई जो पैंटी पर लगा था फिर मैने दूसरा कपड़ा उठाया और चूत को साफ किया स्कर्ट पहनी हॉफ टीशर्ट पहनी अपनी नीचे बाथरूम गई टॉयलेट लिया साफ किया ।

बाहर जब निकल कर आई तो देखा दादा जी बाहर खड़े थे मैने उनसे कहा दादा जी ऊपर छत पर एक्सरसाइज कर सकती हूं जाकर सुबह आंख नहीं खुलती जल्दी कहते हैं हां जाओ दादा जी मेरे निप्पल देख रहे थे खड़े थे ओर जांघ देख रहे थे में ऊपर कमरे में आई तो दूसरी वही गंदी वाली पैंटी फिर पहन ली जिसमें पानी लगा था और टीशर्ट भी हॉफ थी आधा पेट दिख रहा था में ऊपर आ गई मुझे पता था दादा जी ऊपर जरूर आएंगे 
10 मिनट बाद जीने पर किसी के आने कि आवाज सुनाई देने लगी मे तुरन्त उछलने लगी ओर दादा आ गए वो चोरी छिपे मेरे को देख रहे थे मेरी स्केर्ट भी उपर नीचे हो रही थी जिससे मेरी हल्की हल्की पैन्टी दिख रही मे गरम होती जा रही थी ब्रा पहनी नहीं थी तो दूध भी बहुत उछल रहे थे 5 में मिन एक्सरसाइज करने के बाद में जमीन में बैठ गई दादा जी मेरे से बात भी कर रहे थे घर परिवार की ओर में बैठ कर योग कर रही थी थोड़ी सी एक्सरसाइज करने के बाद में उठ कर बैठ गई जैसे टॉयलेट में बैठते हे मेरी पैंटी पूरी दिखने लगी दादा जी को पूरा साफ साफ दिख रहा था में बिल्कुल अनजान बनी थी मेरी हालत खराब थी फिर में उठी मैने कहा दादा जी ने जा रही प्यास भी लगी हे ओर सोने भी जाना हे ओर में सबसे नीचे फ्रिज। के पास आ गई ओर इंतजार करने लगी दादा जैसे ही जीने से नीचे आने लगे में मेने तुरन्त फ़्रिज खोल के पुरा झुक गई उसकी मेरी पूरी गान्ड दिख रही थी ओर थ्रोग़ पैन्टी थी सिर्फ आगे कपड़ा था पीछे कुछ था नहीं ओर जब दादा नीचे आय उन्होने पीछे से नजारा देखा देखते ही रह गय वो 2 -3 मिनट तक देखते रहे थोडी देर बाद में खडी हुई ओर पानी पीने लगी ओर जान बुझ कर अपने उपर पानी गिरा लिया जिससे शर्ट चिपक गई ओर दुध पुरे दिखने लगे तब तक दादा भी फ़्रिज के पास जा पहुचे मैने जान बुझ कर वन्हा से नही हटी ओर उन्ही के सामने पानी पिने लगी दादा मेरे दुध देख कर पागल हुए जा रहे थे मे भी गरम हो रही थी नजारा देख के फिर में चुप चाप ऊपर कमरे में आ गई ओर जल्दी से कपड़े निकालें और पूरी नंगी होकर लेट गई अब कोई डर भी नहीं था दादा जी देख लेंगे मैने खिड़की पूरी खोल दी में जाग रही थी सोच रही थी ओर क्या खेल करूं तब तक दादा जी आ गए खिड़की से देख रहे थे मुझे पूरा नंगा मैने कोई हरकत नहीं की चुप चाप लेती रही ओर कब सो गई पता ही नहीं चला अगले दिन में उठी और नहाने के लिए बाथरूम में गई नहाया और अपनी वही थ्रोग़ पैंटी और स्कर्ट गीली करके जमीन में डाल दिया जानबूझ कर ओर टॉवेल लपेट कर टीशर्ट पहन कर बाहर आ गई ओर कमरे में गई ओर ब्रा पहनी टीशर्ट पहनी स्कर्ट पहनी घुटने तक नॉर्मल पैंटी पहनी ओर तैयार होकर कोचिंग गई जाते टाइम रस्ते में मैने देखा था एक दादा ओर दादी रोड के किनारे सब्जी बेच रहे थे जमीन में बिछा कर मेरे मन में आया खेल किया जाय लेकिन 1-२ लोग सब्जी ले रहे थे तो ओर टाइम भी नहीं था में चली गई ओर क्लास ली और बाहर आ गई सब्जी वाले दादा के पास गई वाहन 1 लोग सब्जी ले रहे थे में वाही खड़ी हो गई मैंने सोचा ये चला जय तब खेल करूं दादा दादी मेरे सामने ही बैठे थे मैने कहा 250 ग्राम टमाटर दे दो दादी रखने लगी तराजू में तब तक वो आदमी चला गया में कहा टमाटर सही रखो दादी खराब खराब रख रहे हो दादी कहती हे खुद देख लो बेटा में यही चाहती थी खुद चेक करने के लिए में।बैठ गई मेरी पूरी पैंटी जांघ साफ साफ दिख रही थी दादा दादी दोनों देखने लगे में अनजान बनी थी 2 मिन बैठी रही बैठी बैठी मैने 1-२ सब्जी ओर ली रूपए दिए और आ गई बहुत मजा आ रही थी 
मेरे अंदर से डर खत्म हो रहा था ऐसा लग रहा था कितनी बड़ी मस्त छिनार रंडी हो गई हूं फिर में कमरे में आई ओर सोच रही थीं सुबह बाथरूम में थ्रोग़ पैंटी रखी थी दादा जी ने जरूर देखा होगा हालत खराब कर दी होगी मेरी पैंटी की में नीचे बाथरूम में गई तो कपड़े वहां नहीं थे में इधर उधर देखा फिर में धीरे धीरे दादा जी के कमरे में गई दादा जी नेकर पहने सो रहे थे मैने दादा जी को जगाया और कहा दादा जी मेरे कपड़े नहीं मिल रहे बाथरूम में थे दादा जी उठ के बैठ गए और कहने लगे वो सामने कुर्सी पर रखे हे में जब नहाने गया था कपड़े पड़े थे तो मैने धूल दिए थे मैने कहा सॉरी दादा जी में जल्दी में थी भूल गई थी दादा जी कहते हे अरे कोई बात नहीं बेटा तुम भी तो मेरी बेटी जैसी हो (मेरी बेटी की बेटी ) तुमसे 5 साल बड़ी हे कोई बात नहीं में फिर कुर्सी के पास गई स्कर्ट उठाई देखने लगी और पैंटी उठाई इतनी छोटी पैंटी सिर्फ डोरी ही थी आगे बस थोड़ सा कपड़ा था में उठा कर देखने लगी उन्हीं के सामने ओर कहा हां दादा जी सुख गईं हे मैने कपड़े उठाए ओर चलने लगी मेरी नजर जैस ही दादा जी के नेकर पर गई वो दादा जी का लंड खड़ा था में बाहर निकल आई फिर मैने उनको ज्यादा परेशान करने का नहीं सोचा में वापस आ गई सोचा क्या करूं मैने आज फिर से बस में जाने का प्लान सोचा लेकिन बस 6 बजे के बाद आएगी अभी तो 2 बजे थे मैने सोचा चलो आज मॉल में नंगी घूमती हूं एक बार मजा आएगा बिना पैंटी के में तुरंत ब्रा पहनी टीशर्ट पहनी फुल स्कर्ट पहनी ओर बैग में पैंटी रख ली और निकल गई मॉल ऑटो में बैठी हवा से मेरी स्कर्ट उड़ रही थी में।दबा कर बैठी थी दिन का टाइम था अगर हाथों से न पकड़ो तो पूरी स्कर्ट उड़ने लगेगी और पूरी नंगी हो जाऊंगी पूरी छूट दिखेगी रात होती तो जरूर करती सोच लिया रात में ये भी करूंगी फिर मॉल पहुंची मॉल में बिन पैंटी के घूम रही थी 
 आज मैने रिस्क लेने की सोची और डर भी नहीं लग रहा था नंगी होने का में वहां एक कपड़े की दुकान में चली गई| में कुछ ऐसा करना चाहती थी जिसके बारे में बहुत दिनों से प्लान कर रही थी| मै एक कपड़े की स्टोर में गई जहां लोग ज्यादा नहीं थे ओर ट्रायल रूम था थोड़ी देर तक में कपडे ढूंढती रही| उस स्टोर में ज़्यादातर कर्मचारियों लड़के ही थे|

तभी उस दुकान का एक लड़का मेरे पास आया और पुछा: "मैडम, क्या मैं आपकी कुछ सहायता कर सकता हूँ?"
मैने: नहीं, कुछ नहीं, मैं अपने लिए जीन्स और कुरता ढूंढ रही हूँ, कुछ मदद चाहियेगी तो आप को बता दूंगी|
लड़का: ओके मैडम|
ये कह के वो लड़का वहां से चला गया| कुछ देर में ने भी एक कुरता और जीन्स चुन ली लेकिन थोड़े छोटे साइज में| में ट्रायल रूम में चली गई। मैने गेट बंद कर दिया और अपने कपड़े उतार दिया। अब में एक स्टोर में पूरी नंगी थी, चाहे ट्रायल रूम में ही, लेकिन फिर भी ये बहुत उत्तेजित करने वाला पल था| हालाँकि मुझे पता था की जीन्स छोटे साइज ही है फिर भी मैने जीन्स को पहनने की कोशिश की| जैसा की पता ही था जीन्स मेरे जाघों से ऊपर चढ़ी ही नहीं|
मैने जीन्स उतार दी और थोड़ा ज़ोर से पुकारा: "सुनिए, कोई है?"
बाहर से वही एक लड़का: गेट के बाहर खड़ा हो गया बताइये में आपकी कैसे सहायता कर सकता हूँ?"
में : मैंने गलती से ये छोटे साइज की जीन्स चुन ली, क्या आप मुझे एक बड़े साइज की जीन्स ला के दे सकते हैं|

लड़का: हाँ क्यों नहीं मैडम| कोन से साइज की जीन्स लानी है?
में गेट के पीछे पूरी नंगी थी| मैंने थोड़ा सा गेट खोला अपना हाथ बाहर निकला और बोली: भैया, ये जीन्स ले लीजिए और इसी डिज़ाइन में बड़ा साइज ला दीजिये|
नंगे होके किसी अनजान आदमी से बात करने का पहला मौका था| मुझे अपने आज के कांड में बहुत मज़ा आ रहा था| जब वो लड़का जीन्स लेने चला गया तो मेंने कुरता पहन लिया| कुरता मेरे बदन पे बहुत टाइट था, मेरे दूध तो कुरता फाड़ के बाहर आने के बेताब थे| मेरे मटर जैसे निप्पल कुर्ते के ऊपर से बिलकुल साफ़ दिखाई दे रहे थे| कुरता मेरे घुटनो के थोड़ा सा ऊपर तक था, साइडों से कुर्ते का कटाव कमर तक था| मेरी चिकनी गोरी-२ जांघें ऊपर तक दिखाई दे रही थी|
सब प्लान के मुताबिक चल रहा था| बस कुरता ज़रुरत से ज़्यादा टाइट हो गया था| अब प्लान के हिसाब से मुझे इसी ड्रेस में उस लड़के से जीन्स लेनी थी| लेकिन मुझे डर था की कहीं ये कुरता फट ही ना जाए| लेकिन मैने अपने मन को पक्का किया और उस लड़के का इंतज़ार करने लगी|
लड़का कुछ देर में वापिस आया और उसने मुझे आवाज़ लगायी| में चाहती तो सिर्फ हाथ बाहर निकाल के जीन्स ले सकती थी लेकिन मैने गेट आधा से थोड़ा ज्यादा सा खोल दिया| मेरे सामने एक प्यारा-सा तकरीबन 18-19 साल का लड़का जीन्स लिए खड़ा था| लड़के का मुंह खुला हुआ था और वो मुझे सर से पाँव तक निहार रहा था। मैने उससे जीन्स लेने के लिए अपना हाथ बढ़ाया लेकिन वो लड़का तो जैसे पागल ही बन गया था| में थोड़ा और झुकी और जीन्स पकड़ ली| अब मेरा क्लीवेज और ज्यादा दिखाई देने लगा|

में: जीन्स दो ना भैया, क्या कर रहे हो?
लड़का (होश में आते हुए): हाँ ... हाँ ... मैडम ...
मेंने जीन्स उस लड़के के हाथ से ले ली और थोड़ा मायूसी दिखाती बोली: क्या भैया, देखो ना ये कुर्ती भी छोटी साइज की आ गयी है| क्या आप मेरे लिए प्लीज बड़े साइज कुर्ती भी ला देंगे?
लड़का अब तक होश संभाल चूका था| लड़के ने बातचीत को बढ़ाने के लिए बोला: क्या बात करती हैं मैडम? ये कुर्ती तो आप पे बहुत जंच रही है|
में: अरे भैया आप भी, देखो ना कितनी टाइट है हर तरफ से| ऐसा लगता ही किसी ने मुझे इस कुर्ती में ठूंस दिया हो|
लड़का (जाँघों को घूरते हुए): कुछ भी कहो मैडम, लेकिन अच्छी तो बहुत लग रही है
में (इशारा करते हुए): ये देखो, मेरे पिछवाड़े पे कितनी टाइट है| और देखो, और देखो, छाती पे भी कितनी कस गयी है| ज्यादा हिली तो कहीं फट ही ना जाये|
लड़का (मन में): तो हिल न मेरी छमकछल्लो
में: आप रुको एक मिनट|

ये कहते हुए मैने गेट बंद कर लिया और कुर्ती उतार दी| मैने बाहर हाथ निकल के कुर्ती दी और बोली: "भैया, इसी डिज़ाइन की लाना प्लीज"
लड़के के जाने के बाद मेंने जीन्स पहन ली और हाथ में अपनी टीशर्ट ले लिया| अब मेंने अपने प्लान को ओर रिस्क लेने की सोची 
थोड़ी देर में लड़के ने वापिस आ के मुझे आवाज़ दी| इस बार मैने सिर्फ जीन्स डाली हुई थी और ऊपर से अपने आप टीशर्ट पकड़ के ढक लिया था| मेंने गेट आधे से ज़्यादा खोल दिया| लड़के की आँखें फटी की फटी रह गयी| ऐसा लग रहा जैसे अभी उसकी आँखें बाहर निकल के गिर जाएँगी| लड़के को मेरी गोरी चिकनी पीठ पीछे लगे शीशे में बिना ब्रा की पट्टी के बिलकुल साफ़ दिखाई दे रही थी|
ऐसा नहीं था की में उस लड़के के सामने टॉपलेस थी लेकिन ये कुछ कम भी नहीं था| मेंने दोनों हाथ से टीशर्ट को अपने बदन से कस कर पकड़ा हुआ था| मेरा एक हाथ दूध के थोड़ा ऊपर था और दूसरा हाथ पेट के पास था| अब मुझे उस लड़के से कुर्ती लेने के लिए एक हाथ को टीशर्ट से हटाना था| अगर में अपना नीचे वाला हाथ हटाती तो मेरे दूध नीचे से दिखाई दे जाते और नाभि तो पूरी दिखाई दे रही थी अगर में अपना ऊपर का हाथ हटाती तो मेरे दूध बिलकुल ही नंगे हो जाने थे| कुछ सेकंड सोचने के बाद मैने अपना ऊपर वाला हाथ खिसका के बिलकुल अपने दूध पे रख लिया और दूसरा हाथ हटा के कुर्ती लेने के लिए आगे बढ़ा दिया| मेरा ऐसा करने से मेरे दूध थोड़ा दब गए और ऊपर से आधे से ज़्यादा दिखाई देने लगे| बस निप्पल ही दिखाई देने की कसर बची थी| नीचे से मेरा नंगा सपाट पेट देख के लड़के की हालत ख़राब होने लगी| लड़के ने ना चाहते हुए मुझे कुर्ती पकड़ा दी और पुछा: मैडम, कोई और सहायता? अभी के लिए थैंक्स भैया|

मुझे इस सब में बहुत मज़ा आया| मस्ती से मेरी आँखें लाल हो गयी थी| मेरी चुत बुरी तरह बहने लगी थी| मेरी हालत बहुत ख़राब हो गयी और सहना मुश्किल हो गया| मेंने फटाक से गेट बंद किया| मैने कुर्ती पहन के भी नहीं देखि| मैने जीन्स उतारी और वापिस से अपने कपड़े पहन लिए अब में जल्दबाज़ी में बाहर जाने लगी| पीछे से लड़के ने आवाज़ दी: क्या हुआ मैडम?
मैने कहा नहीं भैया, पसंद नहीं आया कुछ, कपडा भी अच्छा नहीं है और आपके रेट भी बहुत ज़्यादा हैं|
लड़का: मैं कुछ और कम रेट के कपडे दिखा देता हूँ, बिलकुल नए फैशन है मैडम|
लड़का किसी भी कीमत पे लड़का मेरे साथ कुछ और देर बिताना चाहता था|
लेकिन मैने कहा नहीं भैया, अभी देर भी बहुत हो गयी, फिर कभी आउंगी|
लड़का: आपकी ही दुकान है मैडम, जब चाहे आइये| अभी तो थोड़ा रुकिए ना, आपके लिए स्पेशल डिस्कोउंट भी हो जायेगा, आप कुछ और कपडे try करके तो देखिये|
में(मन में): ये चूतिया तो चिपक ही गया|
 नहीं भैया, फिर कभी|

उसके बाद में उस लड़के को अनसुना करके तेजी से दूकान से
निकल ली|
तब तक 6 बजने वाले थे 
में बस स्टॉप पहुंच गई 2-3 बस चली गई भीड़ ज्यादा नहीं थी में उसी बस का इंतजार करने लगी जब वो बस आई बहुत भीड़ थी में उसमें घुस गई सभी लेबर मिस्त्री भरे थे 
मैने स्कर्ट पहनी थी ब्रा भी पहनी थी ओर टाइट नॉर्मल पैंटी क्योंकि में चुदवाना नहीं चाहती थी नहीं तो अगर चूत फट गई तो घर कैसे आऊंगी ओर बस में घुस गई मेरी आंखे उसी लेबर को देख रही थी मुझे वो दिख गया वो पीछे खड़ा था वो मुझे देख के मुस्कुराया मे
जेसे तेसे करके उसके आदमी के पास पहुच गई ओर उसके आगे खडी हो गई 5 मिनट तो उसने कुछ नही किया फिर धिरे से मेरे कान मे कहता हे बहुत दिनो बाद आई मे कुछ नही बोली फिर वो धिरे धिरे अपना हाथ आगे लाया ओर मेरा पेट रगड़ने लगा ओर धिरे से अपना हाथ मेरी पैन्टी मे ले गया ओर चुत मे उन्गली डाल के हिलाने लगा ओर दुसरे हाथ से अपना लन्ड निकाल कर मेरी गान्ड मे रगड़ रहा था मेर बहुत मन था पैर खोल कर चुदवाने का लेकिन पैर खोलने की जगह नही थी मे चुप रही ओर वो लन्ड रगड़ता रहा ओर मेरे कान मे कहता हे मेरे ओर भी दोस्त हे उनको बुला दु मेने कहा हां बुला लो फिर उसने कहा मेरी तरह मुझ करो में घूम गई उसके तरफ मुंह करके खड़ी हो गई फिर उसने एक हाथ से स्कर्ट उठाई और पैंटी खोली और लंड हिलाने लगा और फिर अपने लंड पानी पैंटी के अंदर भर दिया फिर उसके ओर भी दोस्त आय सभी अंकल जैसे थे मेरे पापा के उम्र से बड़े थे सभी ने एक एक करके पैंटी के ऊपर से चूत सहला रहे थे ओर पानी पैंटी के अंदर डाल रहे थे फिर वही मेरे दुध के साथ खेलने लगा ओर लन्ड गान्ड मे रगड़ने लगा बहुत मजा आ रही थी सभी आस पास घेर के खड़े थे अब मेरी चुत तक गिली हो गई थी 
फिर मेरा स्टॉप आ गया में उतर गई फिर 5 मिनट बाद रुम मे पहुच कर सबसे पहले पुरे कपडे उतारे फिर धिरे से मेने पैन्टी उतारी बहुत सारा पानी था गाढा गाढा फिर मेने पुरी पैन्टी से एक एक बुन्द उंगली से निकाल कर कटोरी मे डाला लगभग 8-9 चम्मच के बराबर पानी था चूत ओर जांघ पर जो अभी भी बहुत सारा लगा था में लेट गई ओर रगड़ने लगी चूत बहुत गरम हो गई थी उंगली चाटने लगी फिर मैने वही कटोरी उठाई और अपने दूध पर थोड़ा डाला और चूत पर डाला और रगड़ रगड़ के चाटा इतना मस्त टेस्ट था फिर फिर वही पैंटी उठाई ओर चाटने लगी फिर ऐसे ही सो गई साफ भी नहीं किया
अगले दिन उठी 5 बजे मेरे दिमाग में बस चुदवाना ही दिख रहा था क्या करूं समझ नहीं आ रहा था में मोबाइल पर पोर्न वीडियो देखने लगी उसमें चुदवाने के बहुत सारे प्लान मिल गए ओर नए नए शौक मिल गए 
फिर में उठी और ब्रा पहनी पैंटी पहनी वही वाली ओर हॉफ टीशर्ट पहनी स्कर्ट पहनी ओर नीचे चली आई नहाने के लिए दादा जी टीवी देख रहे थे 7 बज गए थे में बाथरूम में गई ओर गेट बंद कर दिया ओर कपड़े उतरे में नंगी हों गई सभी कपड़े उतार कर एक साइड रख दिए कि गिले न हो फिर मैने पैंटी उठाई ओर चूत वाली जगह पर थोड़ी से पेशाब कर दी कि महक आय मुझे पता था दादा जी देखेंगे जरूर ओर नहा लिया ओर टॉवेल लपेट के चली गई कोचिंग
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#2
क्लास पूरे टाइम बस चुदाई के बारे में ही सोचती रही कि कैसे भी एक बार हो जाय चुदाई बहुत तड़प रही थी मैने क्लास में पैंटी उतार के रख ली और उंगली करने लगी मेरी चूत पर एक भी बाल नहीं था
जब कोचिंग से बाहर आ गई तो घर की तरफ जाने लगी तो रास्ते में वही सब्जी वाले दादा फिर दिखाई दिए लेकिन मैने पैंटी नहीं पहनी थी तो डर भी लग रहा था फिर सोचा चलो कुछ करूंगी नहीं सिर्फ सब्जी लूंगी इतना भी नंगापन नहीं दिखाना हे जब उनके पास गई तो देखा उनके पीछे दादी लेटी सो रही थी दादा बैठे थे मैने सब्जी के दाम पूछे टमाटर प्याज आलू तो दादा मुस्कुरा के दाम बता रहे थे उनका कुछ व्यवहार अलग था कल जो पैंटी दिखाई थी शायद इसी लिए तो में भी खुल गई फिर सब्जी लेने लगी इसी बहाने मैने सोचा बैठू नीचे की नहीं बहुत बार सोचा फिर सोचा दिखा ही देती हूं क्या ही हो जाएगा मैने टमाटर अपनी पसंद का लेने के लिए नीचे बैठी मेरी पूरी चूत उनके सामने दादा पागल की तरफ देख रहे थे मुझे भी अच्छा लग रहा था फिर उठ गई रुपए दिए ओर वापस आ गई
कमरे पर आई ओर कपड़े चेंज किए हॉफ टीशर्ट पहनी ओर छोटी सी स्कर्ट पहनी मेरा पूरा पेट दिख रहा था ओर नीचे आई बाथरूम की अपने कपड़े देखूं मेरी पैंटी ओर ब्रा के क्या हालत की हे दादा ने देखा तो बाथरूम में नहीं थे दादा जी के रूम के बाहर 4-5 लोगो के जूते चप्पल थी गेट थोड़ा खुला था मैने देखा था हल्का सा झाँक के तो अंदर 5 लोग थे सभी मोटे मोटे बड़े लंबे लंबे आदमी थे ,., लोग थे टोपी लगाए थे पार्टी कर रहे थे दारू चिकन इतने में दादा ने देख लिया कि में देख रही हूं दादा कहते हे क्या हुआ बेटा मैने कहा कुछ नहीं कपड़े लेने थे बाथरूम में नहीं थे तो दादा कहते है वो सामने कुर्सी में रखे हे में अंदर चली गई सभी लोग मुझे ही देख रहे थे मैने कपड़े उठाए ओर बाहर आ गई मुझे थोड़ा अजीब भी लगा ओर अच्छा भी लग रहा था में बाहर आ दरवाजा बंद कर दिया ओर बाहर ही खड़ी रही इनकी बाते सुनने के लिए किसी ने बोला ये कौन मस्त मॉल हे मादरचोद ये चोदने को मिल जाय मजा आ जाय सभी हंसने लगे ,तो दादा कहते हे बहुत अच्छी लड़की हे बहुत सीधी हे वो कपड़े ऐसे पहनती हे कुछ नहीं जानती चुदाई के बारे में बहुत प्यारी बच्ची हे नहीं तो अभी तक चोद देता कोई इसारे ही नहीं करती रंडी होती तो अब तक खुद कहती चूदने के लिए में पागल हो गई सुन के कि दादा चोदना चाहते हे में ही पागल हूं और में कमरे में आ गई चूत सहलाने लगी ओर तरीका सोचने लगी कि क्या करूं
मैने फिर प्लान बनाया मैंने अपनी मम्मी को फोन किया और थोड़ी देर बात की ओर मम्मी से कहा कि मुझे 4 बजे कॉल करके जगा देना ऑनलाइन क्लास करनी हे बहुत जरूरी हे उन्होंने कहा ठीक हे अभी 2:30 बज रहे थे मैने कॉल कट किया और मैने जान बुझ कर छोटी वाली स्कर्ट पहनी ओर अंदर ब्लैक ब्रा पहनी ओर ऊपर से से हॉफ टीशर्ट पहनी जिसमें अंदर का सब दिखता हे काली ब्रा दिख रही थी मुझे बिल्कुल भी शरम नहीं आ रही थी की नीचे 5 आदमी बैठे हैं उनके सामने जा रही हूं में उनके कमरे में गई ओर सभी मुझे ही देख रहे थे मैने कहा दादा जी मेरा फोन अपने चार्जर से लगा दीजिए मेरा चार्जर काम नहीं कर रहा हे ओर अगर किस्सिंका फोन आय तो बुला देना कहते हे ठीक हे ओर में वाहन से आ गई सभी मुझे घूर घूर के देख रहे थे बहुत अच्छा लग रहा था,
ओर में कमरे में आकर लेट गई इंतजार करने लगी सोचते सोचते कि क्या करूं ओर में 4 बज गए ओर मम्मी का थोड़ी देर बाद कॉल आ गया दादा जी ने आवाज लगाई में कुछ नहीं बोली यही चाहती हे 4-5 बार दादा ने बुलाया ओर उधर से मम्मी लगातार काल कर रही थी आखिर में दादा खुद ऊपर आने लगे यही चाहती थी में मैने जल्दी से लेट गई बेड पर पैंटी पहनी नहीं थी स्कर्ट ओर ऊपर चढ़ा ली थी आधी चूत दिख रही थी साफ साफ ओर ब्रा भी उतर दी थी टीशर्ट बहुत हल्की थी अंदर का पूरा दिख रहा निप्पल ओर दूध पूरा पेट खुला था में सोने का नाटक कर रही थी ओर एक आँख से देख रही थी दादा जी आय अंदर देख के पागल हो गए ये सब कुछ देख कर दादा जी गेट के पास से देख रहे थे ओर आवाज भी लगाई में नहीं बोली वो कुछ देर रुके ओर देखते रहे मेरे पास आय ओर छूने की हिम्मत नहीं हो रही थी उनकी उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर हिलाया में धीरे से आंख खोली और बोली दादा जी आप बताइए कोई काम हे तो कहते हे तुम्हार फोन बज रहा हे लो में उठ कर बैठ गई दादा जी से कहा आप भी बैठ जाइए वो भी बैठ गए मैने उन्हीं के सामने मम्मी को फोन लगाया ओर बात करने लगी में देख रही थी दादा मेरे दूध देख रहे थे फिर 1 मिनट बात करके फोन काट दिया दादा जी बोला दादा जी पानी लाऊँ आपके लिए कहते हे नहीं रहने दो फिर में उनसे बात करने लगी नॉर्मली कहा दादा जी बहुत गर्मी होने लगी हे कूलर भी नहीं हे ओर सो नहीं पाती हूं इस गर्मी में कपड़े भी काटने लगे हे मन नहीं करता पहनने का तो दादा कहते हे मत पहना करो तुम्हारा ही घर हे कौन आ रहा हे मैने कहा मेरा मतलब बिल्कुल भी नहीं जो पहने हे वो भी नहीं मन करता तो दादा कहते हे हाँ मत पहना करो तुम्हारा ही घर हे खुल के रहो कोई नहीं आएगा पूरे घर में घूमो मैने कहा आप भी तो हो घर में आपको दिक्कत नहीं होगी तो कहते हे नहीं मुझे क्यों होगी तुमसे बड़ी बड़ी तो मेरी नातिन हे मैने कहा लेकिन दादा जी आपके सामने शर्म आती हे आप क्या सोचोगे तो कहते हे मुझे कोई दिक्कत नहीं बेटा तुम अभी हो जाओ क्या दिक्कत मैनेकह पक्का हो जाऊं कोई दिक्कत नहीं दादा कहते हे हाँ यही में चाहती थी में बहुत गरम थी कुछ भी करने को तैयार थी मैने धीरे से टीशर्ट उतार दी ओर नाटक करने लगी कि शरम आ रही अपने दूध हाथ से छिपा लिये दादा कहते हे किस बात की शर्म हटा लो में नहीं हटा रही थी 2-3 बार कहने पर मैने हटा लिए दादा कहते हे स्कर्ट भी उतर दो गर्मी हे मैने फिर वो भी उतर दिया उनके सामने पूरी नंगी थी दादा मेरी चूत देखने लगे में उनके लांड देख रही थी कि खड़ा हो रहा हे दादा मेरे जांघ पर हाथ फिराने लगे मेरी आंख बंद हो गई उन्होंने जैसे ही मेरी चूत की तरफ हाथ रखा मैने मना कर दिया नहीं तो कहते हे क्या हुआ मैने कहा इससे अंगे नहीं तो कहते हे अरे कुछ नहीं होता सबको पसंद हे हर लड़का लड़की करते हे ये सब मैने कहा अपने पति के साथ करूंगी तो दाद कहते हे तब तो बहुत टाइम लगेगा मैने कहा आप बन जाओ पति वो कहते हे कैसे मैने कहा शादी कर लो तो दादा कहते हे में तो ,., हूं मैने कहा तो क्या हुआ दादा कहते हे ठीक हे तुमको निकाह करना होगा मेरी बेगम बनोगी मैने कहा हा तो दादा मेरे चूत पर फिर हाथ रखने जा रहे थे मैने कहा नहीं अब निकाह के बाद कहते थे ठीक हे कल शाम को निकाह करते हे मैने कहा ठीक हे ओर दादा नीचे चले गए में बहुत खुश थी पागल हुई जा रहीं थी फिर नीचे से दादा ने आवाज लगाई में नंगी ही नीचे गई अपने कमरे में बुलाया में गई उन्होंने 2 बड़े बड़े बैग दिए ओर कहा मेरी पत्नी के कपड़े हे ओर जेवर हे जाओ मजे करो अब तुम्हारे है में बैग उठाने लगी तो दादा ने मुझे पकड़ लिया और अपने पैंट के ऊपर से लैंड पकड़वाने लगे मैने मना कर दिया नहीं अभी नहीं देखूँगी शादी के बाद वो कहते हे बस एक बार मैने कहा नहीं शादी के बाद में बैग लेकर कमरे में आ गई उसमें बहुत सारे सलवार शूट थे ,फुल नकाब,हिजाब थे,बहुत सारे सिंपल ब्रा पैंटी थे ,जेवर थे,में ट्राई करने लगी ब्रा पैंटी तो मेरे से बहुत बड़ी थी उनकी ब्रा 42 थी मेरी 32 साइज हे फिर मैने खाना खाया ओर नंगी ही सो गई अगले दिन उठी नंगी ही नीचे गई नंगी नहाया ओर दादा देखते रहे ओर नंगी ही ऊपर आई ओर कोचिंग गई 2 बजे जब वापस आ रही थी तो कुछ मेकअप का सामान ले लिया मैने आज सुहाग रात थी घर पर आई तो देखा दादा के कमरे में बहुत शोर शराब हो रहा था में फिर गई नहीं कमरे में ऊपर कमरे में आ गई ओर लेट गई थोड़ी देर बाद दादा आय की तैयार हो जाओ रिश्तेदार ओर मौलवी जी आ गए हे निकाह होना हे ओर चले गए मुझे धक धक होने लगी ये में क्या कर रही हूं कुछ गलत तो नहीं कर रही फिर सोचा अब जो हो रहा हे होने दो यही तो चाहती थी में फिर मैने

दरबाजा बंद किया और सबसे पहले पूरी बॉडी पर hair remover क्रीम लगाई और बाल साफ किए चिकनी हो गई फिर नहाया फिर पूरी बॉडी पर lotion लगाया फिर लाल रंग की पेंटी पहनी, फिर लाल रंग की ब्रा पहनी फिर उसके बाद लिपस्टिक लगाई आंखो मे काजल, बिन्दी लगाई कानो मे झूम्के पहने फिर सोने का हार पहना हाथो मे चूड़िया, कमर मे चांदी का माला पहना, नाभि मे रिंग पहनी फिर नाक मे वाली पहनी और फिर उनकी पत्नी का एक सिंपल सा लहंगा था वो पहना ओर चुन्नी से पूरा मुंह ढक लिया मे तैयार हो गई और बैठ गई घूंघट डाल कर शीशे में देखा एक दम दुल्हन लग रही थी फिर दादा जी आए और जब देखा तो देखते ही रह गए मेरा घूंघट उठने ही वाले थे मेने मना कर दिया कहा निकाह के बाद फिर वो मूझे अपने साथ नीचे हाल मे ले गए जब हाल का नजारा देख कर दंग रह गई 6 आदमी बैठे थे पहले से उसमें से एक मौलवी भी थे ये देख कर मेरी गांड़ फट गई मेरे अंशु निकलने लगे धक धक होने लगी ये सब देख कर मूझे अंदर से बहुत अजीब लगा येसा लग रहा था बहुत गलत कर रही हूँ येसा नही करना चाहीये ये तो सच मे मेरी शादी हो रही हे मे बहुत डर गई अंदर से, मेरी अभी 18 साल हुई हे दादा 65 के हे ये सब कैसे क्या कर रही हूं। में मुझे बहुत रोना आ रहा था में रोने लगी फिर वो मूझे ले गए बेठाया दादा भी बैठ गए मौलवी जी कुछ देर तक ,., में जो रीतिरिवाज होती हे उर्दू में बोलते हे नमाज पढ़ रहे थे शायद फिर एक फाइल निकाली ओर कहते हे अब तुम्हारा धर्म परिवर्तन होगा अब तुम * से ,., बनोगी ओर कुछ नमाज पढ़वाई जो वो बोलते गए मैने बोला आज से तुम्हारा नाम पूजा नहीं हे अब तुम्हारा नया नाम रूकसाना हे मैने हां में सिर हिलाया फिर मेरे से कहते तुमको निकाह कुबूल हे मैने हां में सिर हिलाया फिर बोला निकाह कुबूल हे मैने सर हिलाया फिर बोले निकाह कुबूल हे मैने फिर सर हिलाया यही कुबूल दादा जी से बुलवाया 3 बार ओर कहते हे दादा जी हे साइन करो फाइल पर अब तुम दोनों शौहर ओर बेगम हो गए फिर मेरे से बोला तुम साइन करो अब तुम्हारा निकाह हो गया हे ये तुम्हारे शौहर हे में साइन करती जा रही थी हाथ काँप रहे थे में धीरे धीरे रोने लगी की ये मेने कुछ देर की खुशी के लिए असली मे शादी कर ली अब कहते हे सभी लोग खड़े हो गए सभी ने फूल बरसाए मौलवी जी कहते हे आज से आप लोग शोहर बेगम हुए। मौलवी जी कहते जल्दी बच्चा हो जाए और उनको जाने दिया, उनके जो दोस्त थे पहुंचे बैठे थे दादा जी की बहुत मौज ले रहे थे कह रहे थे आज रात भर लेना जी भर के टाइट टाइट मिलेगी ,बहुत खुशकिस्मत हो तब तक मे आपने कमरे मे चली गई। और मे रूम मे बेठ कर रोने लगी थोड़ी देर बाद दादा आय ओर मुझे अपने साथ नीचे अपने कमरे में ले गए उनके दोस्त सभी चले गए थे जब रूम देखा सुहागरात की तरह सजा था मे अंदर गई बैठ गई रात के 8 बज रहे थे वो गेट मे ताला लगाने चले गए, फिर मेने सोचा अब जो हुआ सौ हुआ देखा जायगा अब नई जिंदगी जिओ
फिर दादा जी अंदर कमरे में आय उनके हाथ में जूस का गिलास था वो पूरे पक्के * लग रहे थे सफेद कुर्ता सर पर जालीदार टोपी मेरे पास आय ओर मुझे जूस का गिलास दिया
अब मेरा दिल ज़ोर से धड़कने लगा था और में चुपचाप अपना सिर नीचे करके जूस पीने लगी थी. तभी दादा जी ने पूछा कि मुझे बुरा तो नहीं लग रहा है वो मुझे टच कर रहे है, तो मैंने स्माइल देते हुए ना में सिर हिलाया. अब यह सुनकर दादा जी अपने हाथ से मेरी पीठ सहलाने लगे. फिर दादा जी ने अपना लेफ्ट हाथ मेरे कंधे पर रख दिया और अपने राईट हाथ से मेरे लेफ्ट बूब्स को सहलाने लगे
ओर कहते हे आज से तुम मेरी बेगम हो अब तुम * हो में जो भी कहूंगा वो करना पड़ेगा अपनी मनमर्जी मत करना मुझे गुस्सा भी मत दिलाना नहीं तो तलाक तुरंत हो जाता हे ओर दोबारा जोड़ने के लिए हलाला करना पड़ता हे *ी नियम कानून समझ लो मैने हां में सर हिलाया .फिर उसके बाद मैंने उनका हाथ पकड़ लिया, उन्होंने अपने एक हाथ दूध पर रख दिया लेकिन मैंने उनका हाथ हटाने की कोशिश नहीं की, तो वो बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगे. अब मैंने मेरी आँखे बंद कर ली, तभी उन्होंने दोनों बूब्स को दबाते हुए पूछा कि कैसा लग रहा है? तो मैंने कहा अच्छा लग रहा है.
फिर वो अपना हाथ ब्लाउज के अंदर डालकर मेरे बूब्स को ब्रा के ऊपर से सहलाने लगे और धीरे-धीरे दबाने लगे. अब में अपनी आँखें बंद करके मज़ा ले रही थी और उन्होंने अपना सर मेरे कंधे पर रखकर मेरी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया. यह सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था और अब में भी गर्म होने लगी थी, तभी दादा जी ने मेरे ब्लाउज की डोरी खोलने लगे और धीरे से ब्लाउज उतार दिया और अब में ब्रा में थी ब्रा के आस पास जीभ से फिरते रहे दबाते रहे अगले ही पल में मेरी ब्रा के हुक खोलकर ब्रा को भी मुझसे अलग कर दिया.
अब में नीचे सिर्फ़ लहंगे में थी और ऊपर से पूरी नंगी थी, मेरी बूब्स देखकर दादा जी के मुँह से वाउ निकल गया और बोले, आआअहह क्या खूबसूरत बूब्स है? जी कर रहा है कच्चा खा जाऊं, क्या किसी ने आज से पहले बूब्स टच किया है? तो फिर मैंने ना में सिर हिलाया और वो एक भूखे बच्चे की तरह मेरे बूब्स को चूसने लगे और अपना हाथ मेरी लहंगे के अंदर डालकर मेरी जांघो को सहलाने लगे, तब तक मेरी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी.
फिर थोड़ी देर में ही दादा जी अपने हाथ से मेरी चूत को पेंटी के ऊपर से ही टच करने लगे तो मैंने अपना हाथ उनके पजामे के ऊपर रख दिया और धीरे-धीरे उनके लंड को दबाने लगी. तभी दादा जी ने अपना पजामा उतार दिया और अब वो सिर्फ़ चड्डी में थे. फिर वो मुझसे बोले कि मेरी बेगम अब सब कुछ तुम्हारा ही हे क्या तुम बाहर नहीं निकालोगी?
यह कहकर उन्होंने मेरा हाथ अपनी चड्डी के अंदर डाल दिया, अब मुझे ऐसा लगा कि मेरे हाथ में कोई गर्म रोड आ गयी है. फिर मैंने चड्डी में से उनका लंड बाहर निकाला,में देख कर रूह कांप गई में लाईफ में पहली बार इतने बड़े और मोटे लंड को देख और छू रही थी, उनका लंड करीब 8 इंच लंबा, और 3 इंच चौड़ा था मैंने एक बार गधे का लंड देखा था दादाजी का लंड भी किसी घोड़े के लंड जैसा लग रहा था और में उसे एक ही नज़र में देखे जा रही थी, जैसे मुझे कोई अजूबा हाथ लगा हो. इसी बीच दादा जी ने अपनी चड्डी ऊतार दी और मेरा भी लहंगा उतार दिया अब वो मेरे सामने पूरे नंगे थे और में सिर्फ़ एक पेंटी में थी.
अब में उनके लंड को अपने हाथ से सहला रही थी और वो मेरे बूब्स दबाते हुए मेरी आँखो में देख रहे थे. फिर धीरे-धीरे वो मेरे चेहरे के पास आकर मेरे लिप को चूमने लगे, अब में भी किस में उनका साथ देने लगी. फिर 2-3 मिनट तक लिप किस करने के बाद दादा जी मेरे सामने खड़े हो गये और अब उनका लंड ठीक मेरे सामने तनकर खड़ा था, मानों जैसे वो मुझे सलामी दे रहा है.
फिर दादा जी मुझे लंड को मुँह में लेने के लिए बोले और मैंने लंड को दोनों हाथों से पकड़कर मुँह में ले लिया. अब दादा जी मेरे बालों को पकड़कर मेरे सिर को अपने लंड पर आगे पीछे करने लगे और अपनी आँखे बंद करके, उम्म्म हम्मम्मम्म करके सिसकारियाँ निकाल रहे थे. फिर में 3-4 मिनट तक उनका लंड चूसती रही और उन्होंने अचानक से ज़ोर से, आहह करते हुए अपना पूरा पानी मेरे मुँह के अंदर ही छोड़ दिया. उनके लंड के पानी का टेस्ट कुछ अजीब सा था, लेकिन में उनके लंड का सारा पानी पी गयी और मैंने लंड चाट कर साफ कर दिया.
अब दादा जी ने मुझे उठाकर बेड पर लेटा दिया और मेरी पेंटी को नीचे खींचने लगे, अब देखते ही देखते मेरी पेंटी मुझसे अलग हो गयी और में पूरी नंगी बेड पर लेटी रही. फिर मेरी दोनों टांगो को खोलकर अपना सिर मेरी जांघो के बीच में रख दिया और मेरी चूत की फंको को खोलकर को किस करने लगे, मुझे ऐसी फीलिंग हो रही थी, जैसे कि हज़ारो चीटियाँ मेरी चूत को काट रही हो, मुझे इतनी अच्छी फीलिंग पहले कभी नहीं आई थी.
फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे और देखते ही देखते अपनी जीभ मेरी चूत में डालने लगे, अब वो मेरी चूत को चूसते रहे और अब में उनका सिर पकड़कर दबाब डाल रही थी और चूत चुसाई का मज़ा ले रही थी. अब करीब 5-6 मिनट तक चुसाई करवाने से मेरी चूत से पानी निकलने लगा था और वो मेरी चूत पर मुँह लगाकर पूरा पानी पी गये. अब पानी निकलने के बाद में हल्का महसूस कर रही थी और अब दादा जी मेरे ऊपर आकर मेरे बूब्स के साथ खेलने लगे और अब में भी उनके लंड को अपने हाथ से सहलाते हुए खेलने लगी.
फिर 2 मिनट में ही दादा जी का हलब्बी लंड सलामी देते हुए फिर से खड़ा हो गया, तो वो मेरी दोनों टांगो के बीच में आकर बैठ गये. अब उन्होंने एक तकिया लेकर मेरी कमर के नीचे रख दिया, ताकि मेरी चूत थोड़ी ऊपर हो जाए. फिर बेड के साईड में टेबल पर रखी वेसलिन क्रीम निकाल कर थोड़ी मेरी चूत को खोलकर उस पर लगाई और थोड़ी अपने लंड पर लगा ली, फिर अपने हाथ से लंड को पकड़कर मेरी चूत के होल के सामने रगड़ने लगे.
फिर वो मेरे ऊपर लेट गये और मेरे लिप पर किस करने लगे, अब में भी उनके किस का साथ दे रही थी और इसी बीच दादा जी ने एक ज़ोर के धक्के के साथ अपना लंड मेरी चूत के अंदर डाल दिया, तो में दर्द के मारे चिल्लाने लगी, लेकिन उन्होंने मेरे लिप को अपने लिप से बंद कर रखा था और अब में उनको हटाने लगी, लेकिन उन्होंने मेरी कमर को पकड़ कर रखा था और में हिल भी नहीं पा रही थी, अब दर्द के मारे मेरी आँखो से आंसू निकलने लगे थे.
फिर दादा जी ने मेरे बूब्स को चूसा और फिर थोड़ी देर में जब मेरा दर्द कम हुआ तो वो फिर से अपनी कमर चलाने लगे. अब उनका लंड धीरे-धीरे चूत में अंदर बाहर होने लगा था, फिर जब में थोड़ी नोर्मल हुई तो उन्होंने और एक ज़ोर के धक्के से अपना पूरा लंड मेरी चूत में अंदर डाल दिया और तभी ज़ोर से पकड़कर मुझे किस करने लगे और धीरे-धीरे मेरा दर्द कम होने लगा और मेरा दर्द कम होने के बाद लंड को अंदर बाहर करके चोदने लगे.
फिर थोड़ी देर में मुझे भी मज़ा आने लगा और में अपनी कमर उठा- उठाकर उनका साथ देने लगी और अब मुझे देखकर दादा जी भी जोश में आ गये और ज़ोर ज़ोर से मुझे चोदने लगे. फिर 7-8 मिनट तक चुदवाने के बाद मेरे पानी छोड़ने के बाद दादा जी भी कुछ 15-20 धक्के लगाकर वो भी अपना पानी मेरी चूत के अंदर डाल कर झड़ गये. अब चुदाई के बाद हम दोनों ही थक चुके थे और कुछ देर तक हम दोनों वैसे ही नंगे बेड पर पड़े रहे. फिर में उठी ओर कमरे में लाइट बंद थी जब में बाथरूम गई पेशाब करने तो देखा मेरी चूत खून से लाल थी मेरी सील टूट गई थी पेशाब करने में भी दर्द हो रहा फिर में आई ओर नंगी ही चिपक के सो गई 
अगले दिन सुबह 4 बजे दादा ने जगाया उठो में उठी तो कहते हे जाओ झाड़ू पूछा लगाओ घर में मैने कहा अभी 4 बजे हे इतने बजे कौन करता हे तो कहते हे तुम्हारी अब शादी हो चुकी हे तुमको ही करना हे सब जाओ ओर करो में फिर लेट गई नींद आ रही थी उन्होंने एक झटके में उठा के बैठाला ओर तमाचा मार दिया मुझे बहुत जोर का झटका लगा कि इसको क्या हो गया हे अचानक से में चुप चाप उठ गई ओर ब्रा पैंटी पहनने जा रही थी तो कहा जाओ नंगी होकर लगाओ मैने कहा आस पास घर से कोई देख लेगा तो फिर तमाचा मार दिया मुझे रोना आ गया मैने कहा आप ऐसा क्यों कर रहे हे तो कहते हे हम * हे ओर में तुम्हारा शौहर पति हूं में जो बोलूंगा वो करना पड़ेगा समझी चल निकल तुरंत में नंगी ही झाड़ू पूछा लगाने लगी ओर सोचने लगी अचानक से मेरी पूरी जिंदगी बदल गई अब में किसी आदमी की औरत बन गई लेकिन मुझे मार खाना अब अच्छा भी लग रहा था मुझे यही सब तो पसंद हे किसी की गुलाम रखैल बन कर रहना फिर पूरे घर में झाड़ू लगाई पोछा लगाया ओर फिर नाश्ता बनाया अपने पति के कपड़े धुले फिर मैने नहाया ओर कोचिंग जाने के लिए तैयार हुई में मैने आज हॉफ टीशर्ट ओर हॉफ स्कर्ट पहनी थी और नीचे गई ओर पति से बोला में कोचिंग जा रही मेरे से कहते हे रंडी इधर आ में गई मुझे तमाचा मारा ओर मेरे पैर में लात मारी में गिर गई ओर कहते हे मादरचोद रंडी बन कर जा रही हे सबको दिखाने चुप चाप सलवार कुर्ता पहन कर जा मैने डर के मारे सलवार कुर्ता पहन लिया ओर मुंह को ढक लिया ओर चली गई कोचिंग में यह सब सोच कर में बहुत गरम हो रही थी कि यही सब तो चाहिए था मुझे ओर बिना कुछ कहे मिल रहा हे में किसी की रखैल गुलाम रहना चाहती थी वही सब हो रहा हे ओर बहुत गंदी तरह चुदाई हो रही हे वाह,फिर कोचिंग से घर आई सीधे पति के कमरे चली गई वही अब मेरा कमरा था में कपड़े बदलने लगी तो दादा कहते हे कपड़े मत पहन नंगी रह पूरी मैने कहा ठीक हे फिर मैने कपड़े नहीं पहने नंगी ही खड़ी थी ओर मेरे से कहते हे जा खाना बना में गई ओर खाना बनाया पूरी नंगी होकर फिर उनको दिया वो खाने लगे ओर में भी खाना लेकर खाने जा रही थी मेरी कमर में इतनी तेज लात मारी कहते हे रंडी मादरचोद भोंसड़ी वाली तुझे ये नहीं पता अभी पति खा रहा हे तब तक तू नहीं खा सकती में रोने लगी ओर थाली रख दी ओर पास में खड़ी हो गई जब उनका खाना हो गया तब उन्होंने बोला जा अब खा खाना फिर मैने खाना खाया ओर दोपहर के 2 बज रहे थे ओर उनके बगल में आकर लेट गई सोने के लिए तो कहते हे चल लंड चूस में चुप चाप उठी ओर चूसने लगी उनका लंड भयंकर खड़ा हो गया में भी गरम हो गई थी 
अब दादा जी मेरे बालों को पकड़कर मेरे सिर को अपने लंड पर आगे पीछे करने लगे और अपनी आँखे बंद करके, उम्म्म हम्मम्मम्म करके सिसकारियाँ निकाल रही थी. फिर में 3-4 मिनट तक उनका लंड चूसती रही और उन्होंने अचानक से ज़ोर से, आहह करते हुए अपना पूरा पानी मेरे मुँह के अंदर ही छोड़ दिया. लेकिन में उनके लंड का सारा पानी पी गयी और मैंने लंड चाट कर साफ कर दिया.
अब दादा जी ने मुझे उठाकर बेड पर लेटा दिया मेरी दोनों टांगो को खोलकर अपना सिर मेरी जांघो के बीच में रख दिया और मेरी चूत की फंको को खोलकर को किस करने लगे, मुझे ऐसी फीलिंग हो रही थी, जैसे कि हज़ारो चीटियाँ मेरी चूत को काट रही हो, मुझे इतनी अच्छी फीलिंग पहले कभी नहीं आई थी.
फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे और देखते ही देखते अपनी जीभ मेरी चूत में डालने लगे, अब वो मेरी चूत को चूसते रहे और अब में उनका सिर पकड़कर दबाब डाल रही थी और चूत चुसाई का मज़ा ले रही थी. अब करीब 5-6 मिनट तक चुसाई करवाने से मेरी चूत से पानी निकलने लगा था और वो मेरी चूत पर मुँह लगाकर पूरा पानी पी गये. अब पानी निकलने के बाद में हल्का महसूस कर रही थी और अब दादा जी मेरे ऊपर आकर मेरे बूब्स के साथ खेलने लगे और अब में भी उनके लंड को अपने हाथ से सहलाते हुए खेलने लगी.
फिर 2 मिनट में ही दादा जी का हलब्बी लंड सलामी देते हुए फिर से खड़ा हो गया, तो वो मेरी दोनों टांगो के बीच में आकर बैठ गये. अब उन्होंने एक तकिया लेकर मेरी कमर के नीचे रख दिया, ताकि मेरी चूत थोड़ी ऊपर हो जाए. फिर बेड के साईड में टेबल पर रखी वेसलिन क्रीम निकाल कर थोड़ी मेरी चूत को खोलकर उस पर लगाई और थोड़ी अपने लंड पर लगा ली, फिर अपने हाथ से लंड को पकड़कर मेरी चूत के होल के सामने रगड़ने लगे.
फिर वो मेरे ऊपर लेट गये और मेरे लिप पर किस करने लगे, अब में भी उनके किस का साथ दे रही थी और इसी बीच दादा जी ने एक ज़ोर के धक्के के साथ अपना लंड मेरी चूत के अंदर डाल दिया, तो में दर्द के मारे चिल्लाने लगी, लेकिन उन्होंने मेरे लिप को अपने लिप से बंद कर रखा था और अब में उनको हटाने लगी, लेकिन उन्होंने मेरी कमर को पकड़ कर रखा था और में हिल भी नहीं पा रही थी, अब दर्द के मारे मेरी आँखो से आंसू निकलने लगे थे.
फिर दादा जी ने मेरे बूब्स को चूसा और फिर थोड़ी देर में जब मेरा दर्द कम हुआ तो वो फिर से अपनी कमर चलाने लगे. अब उनका लंड धीरे-धीरे चूत में अंदर बाहर होने लगा था, फिर जब में थोड़ी नोर्मल हुई तो उन्होंने और एक ज़ोर के धक्के से अपना पूरा लंड मेरी चूत में अंदर डाल दिया और तभी ज़ोर से पकड़कर मुझे किस करने लगे और धीरे-धीरे मेरा दर्द कम होने लगा और मेरा दर्द कम होने के बाद लंड को अंदर बाहर करके चोदने लगे.
फिर थोड़ी देर में मुझे भी मज़ा आने लगा और में अपनी कमर उठा- उठाकर उनका साथ देने लगी और अब मुझे देखकर दादा जी भी जोश में आ गये और ज़ोर ज़ोर से मुझे चोदने लगे. फिर 7-8 मिनट तक चुदवाने के बाद मेरे पानी छोड़ने के बाद दादा जी भी कुछ 15-20 धक्के लगाकर वो भी अपना पानी मेरी चूत के अंदर डाल कर झड़ गये. अब चुदाई के बाद हम दोनों ही थक चुके थे और कुछ देर तक हम दोनों वैसे ही नंगे बेड पर पड़े रहे. फिर सो गए साम को 6 बजे उठे दादा कहते हे उठो साफ सफाई करो में उठी ओर नंगी ही साफ सफाई करने लगी दादा की से बाहर आय ओर कहते हे त्यार हो जाओ मेरा दोस्त आ रहा हे मैने कहा ठीक हे मैने सलवार कुर्ता पहन लिया थोड़ी देर बाद उनका दोस्त आ गया अहमद नाम था दोनों अंदर बैठे थे मैने चाय बनाई उनको देने गई तो अहमद कहते हे भाभी जी कैसे हो आप मैने कहा ठीक हूं फिर में बाहर आ गई तो गेट के पास से उन लोगों की बाते सुनने लगी अहमद कहता हे मेरे पति से यार मस्त मॉल ले।लिया तुमने हमको भी दिलाओ ऐसा कुछ तो पति कहते हे हम सबके लिए ही तो रंडी हे देखते जाओ सभी से चुदवाऊंगा तुम ऐसा करो आज रात यहीं रुको में वंहा से किचेन में आ गई ये क्या होने लगा मेरे साथ कंही में सच में तो रंडी नहीं बन रही फिर सोचा जो करना हे कर लो फिर घर चली जाऊंगी तो मौका नहीं मिलेगा ओर में भी तो यही चाहती थी जी भर कर के चुदवाना रंडी बन कर मैने सोचा जो हो रहा होने दो ओर में खाना बनाने लगी पति किचेन में आय कहते हे खाना बना लो दोस्त आज रुकेगा मैने कहा ठीक हे फिर 8 बजे रात को मैने दोनों को खाना दिया वो लोग खाना खा लिया फिर मैने भी खा लिया पति ने कहा इसी रूम में एक चारपाई लगा दो अहमद उसमें सो जाएगा और तुम ओर में एक साथ मैने कोई सवाल जवाब नहीं किया चुप चाप अहमद का बिस्तर लगा दिया ओर में भी पति के साथ लेट गई थोड़ी देर बाद पति मेरे साथ किस करने लगे रोमांस करने लगे मैने कहा अहमद देख लेगा तो कहते हे कोई दिक्कत नहीं मुझे चोदना हे में चोदूंगा में कुछ नहीं बोली पति ने मुझे पूरा नंगा कर दिया लेकिन यह सब इन लोगों की चाल थी में भी तैयार थी चुदवाने को लेकिन नाटक कर रही थी फिर पति मेरे दूध पीने लगे दबा दबा के फिर चूत में उंगली करने लगे में गरम हो गई फिर पति अचानक से कहते हे अहमद आओ मैने कहा ये क्या कर रहे हो तो पति कहते हे अब तुम ,., हो ओर हम लोगों में पति जो बोलेगा वो करना पड़ेगा नहीं तो तलाक दे दूंगा कंही की नहीं रहोगी मैने कहा नहीं में ये नहीं करूंगी पति ने मेरे बाल पकड़े ओर 5थप्पड़ मारे ओर लात मारी कमर में अहमद वाही खड़ा था उसने मुझे कसकर पकड़ लिया ओर भागने का नाटक करने लगी फिर उसने भी मारा फिर सोचा जब मैने भी मन बनवा लिया हे चुदवाने का तो इतना मार क्यों खा रही हे फिर में कुछ बोली नहीं कहा अच्छा मारो नहीं जो करना हे कर लो फिर पति तो साइड हट गए अहमद ने पहले दूध नोचे दबाय गांड़ पर थप्पड़ मारने लगा में गरम पहले से थी अहमद कहता हे रंडी चल मेरा नेकर उतार मैने नेकर उतारा उसका भी पति के जैसा मोटा लंबा लंड था उसने लिटाया ओर लंड पर ऑयल लगाया एक झटके में अंदर डाला मेरी आत्मा निकल गई बहुत चिल्लाई वो नहीं रुका में रोने भी लगी पटक पटक के चोद रहा था फिर पति ने मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया अब में लंड भी चूस रही ओर चूत भी चोदी जा रही थी 

अहमद अंकल ने मेरे बूब्स को ऐसे मस्त चुसे के वो एकदम लाल हो गए थे. और मुझे निपल्स के अंदर दर्द भी हो रहा था. लेकिन मुझे मजा भी आया रहा था इसलिए मैं मना नहीं कर रही थी. दोनों एकदम नशे में थे और मुझे चोदते जा रहे थे गंदी गंदी गाली दे रहे थे 
रंडी, छिनाल मादरचोद तू हम *ों की गुलाम हे रंडी 

अहमद जो मेरी चूत चोद रहे थे उन्होंने मेरी दोनों टांगो को खोल दिया और फिर उन्होंने जीभ को चूत के छेद में घुसा दिया और चूसने लगे मेरे चूत के दाने को! सच में इतना मजा आ रहा था की क्या कहूँ! फिर पति अब मेरी चूत के पास आ गए और उन्होंने अहमद अंकल को हटने के लिए कह दिया
पति ने अब अपना लौड़ा बाहर निकाला और मेरे चूत के ऊपर लगा दिया. 
मैं आह आह कर के सिसकिया रही थी. कुछ देर तक पति ने लंड को घिसा और फिर धीरे से उसे अन्दर डाला. वो मुझे और गालियाँ देते हुए चोदने लगे. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. पति ने जोर जोर से चुदाई पहले से ही चालु कर दी.
और पटक पटक के चोद रहे थे में अहमद अंकल का लंड चूस रही थी अब अहमद अंकल वाहन से हटे ओर पति से कहते हे हट अब मे रंडी को चोदूंगा पति हट गए ओर अहमद चूत के पास आ गया अहमद अंकल ने अब अपना लौड़ा मेरी चूत में लगाया और अन्दर धकेल दिया.
वो लंड बड़ा था और मुझे और भी मजा आ गया अन्दर ले के. अहमद अंकल का लौड़ा सीधे मेरी बच्चेदानी में टकरा रहा था और मुझे चूत में जलन भी होने लगी थी. ऐसे लग रहा था की जैसे लोहे की सलाख को किसी ने गरम कर के चूत में घुसेड दिया हो मेरी!
लेकिन उन्हें मेरी जरा भी दया नहीं आ रही थी. वो मुझे रंडी छिनाल कहते हुए चोदते गए. तभी पति पीछे आ गए और पीछे गांड के दरवाजे पर उन्होंने अपना लंड रख दिया. गांड टाईट थी और लंड अन्दर जा नहीं रहा था. वो बोले, साली की गांड मार के ही रहूँगा. और उन्होंने मुझे कहा अपने हाथ से गांड को खोल रंडी. मैंने अपने कुल्हे को साइड में दबाया और पति को गांड मारने के लिए थोड़ी जगह दे दी. उन्होंने लंड को पीछे पेल के चोदना चालू कर दिया. पीछे और आगे दो लंड मेरे बुर और गांड में डाले गए थे.
दोनों छेद जैसे छिल गए थे और जलन हो रही थी.
 फिर थोड़ी देर बाद अहमद जी का पानी निकल गया ओर वो लेट गए लेकिन पति अभी भी चोद रहा था थोड़ी देर बाद उनका भी निकल गया फिर में थोड़ी देर लेती रही में उठी बाथरूम गई जैसे ही बैठी चूत ओर गांड़ से लंड का पानी निकल रहा था साफ किया फिर आई तो ये दोनों नंगे सो रहे थे फिर में भी सो गई
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#3
अगले दिन उठी 4 बजे ये दोनों सो रहे थे में नंगी ही साफ सफाई की घर की नाश्ता बनाने लगी ये दोनों उठे ओर नहाया फिर दोनों लोगों ने नमाज पढ़ी फिर नाश्ता किया और अहमद घर चला गया
मैने सलवार कुर्ता पहना मुझ बंद किया अपना ओर में कोचिंग चली गई रास्ते में मेरा बहुत मन कर रहा था कि स्कर्ट पहन कर घूमी अपना जिस्म दिखाऊँ लेकिन मेरा पति पूरे कपड़े पहना कर ही बाहर भेजता हे अब ,., हो गई हूं न इस लिए उन दादा जी को भी देख जिनसे सब्जी लेती थी ओर पैटी दिखाती थी में बहुत मन कर रहा था फिर मैने सोचा मेरा पति शादी के बाद से अब कंही जाने भी नहीं देता हे अभी 8 बज रहे हे सुबह के 1 बजे कोचिंग से घर आती हूं इतनी देर के लिए नहीं घूम कर आती हूं इनको क्या पता चलेगा में निकल गई में बस का इंतजार करने लगी कि कोई भरी बस मिल जाय जिसमें मर्द हो में मैने बस का इंतजार कर रही थी बहुत सी बस छोड़ दी थी कि कोई भरी बस मिल जाय बस स्टॉप पर भी भीड़ थी में मोबाइल चला रही थी तभी अचानक से एक आदमी आता हे मेरे पास ओर कहता हे अरे मैडम बहुत दिनों बाद दिखाई थी मैने जैसे ही उसका चेहरा देखा में हिल गई पूरी ये वही आदमी था जो बस में बहुत पहले 2 बार मिला था इसका ओर उसके दस का लंड हिलाया था में चुप रही कुछ नहीं बोली मेरे से कहता हे में भी ड्यूटी जा रहा था बस का इंतजार कर रहा हूं आप कान्हा जाओगे वो बोलता जा रहा था में चुप खड़ी थी मेरे से कहता हे बगल में मेरा कमरा हे दोस्त भी हे चलना हो तो बताओ मेरा मन तो बहुत किया लेकिन डर भी लग रहा था वो ओर भी गरम गरम बाते करने लगा था फिर मैने टाइम देखा 9 बज रहे थे सोचा अभी 4-5 घंटे हे आराम से आ जाऊंगी लेकिन डर भी लग रहा था लेकिन चुदाई का मन भी हो गया था ओर मैने पता नहीं क्यों हां बोल दी ओर उसके साथ चल दिया 5 मिनट पैदल चलने के बाद उसका कमरा आ गया कमरा थोड़ा बड़ा था हाल जैसा उसमें 8 आदमी रहते हे लेकिन बहुत गंदा कमरा बहुत बदबू आ रही थी कमरे में दारू सिगरेट बहुत फैली पड़ी थी कमरे में टोटल 6 आदमी थे 2 लोग ड्यूटी गए हुए थे, में एक कुर्सी में बैठ गई वो सभी 6 आदमी अपनी अपनी चारपाई पर बैठे थे सभी को मैने देखा
एक बार को मैं भी देख कर कांप गई कि यह सब क्या है!
फिर मैंने बारी बारी से सभी पर अपनी नजर दौड़ाई तो उनमें से कुछ का कद 6 फीट था … तो किसी का कद पौने छह फीट का.
सबके सब रंग में काले थे और उन्होंने आंखों में गहरा काजल लगाया हुआ था.सर पर गोल सफेद रंग की टोपी और सभी की लंबी दाढ़ी थी. उसमें से एक मर्द की दाढ़ी का रंग पूरा सफेद था.
किसी का चेहरा थोड़ा टेढ़ा और रंग काला था.
सभी की उम्र लगभग 50 55 के आस पास थी ओर में 17-18 वो सभी मोटे मोटे लंबे लंबे मेरे से वही आदमी कहता हे हम लोग बहुत औरते चोदते हे सभी की ख्वाहिशे पूरी करते हे तुम्हारी कोई ख्वाहिश हो वो पूरी करवा लो क्योंकि मौका बार बार नहीं मिलता मुझे भी लगा बात तो सही हे, तो वो आदमी कहता हे मेरा नाम असलम हे तुम्हारा नाम क्या हे मैने कहा पूजा शर्मा तो कहते हे ओह्ह पंडित जी हो तो वो लोग हंसने लगे तो कहते हे हम सभी लोग ,., है मैने मन में सोचा यार मेरे भाग्य में सिर्फ ,., का ही पानी लिखा हे ओर मन में बहुत खुशी हुई तो वो कहते हे तुमको कोई दिक्कत तो नहीं मैने कहा नहीं ओर वो मेरे ओंठ चूसने लगा में भी चूसने लगी ओर इतने में बाकी लोग भी 1-1 करके आय कोई जांघ सहला रहा कोई दूध दबा रहा था में फिर धीरे धीरे गरम होने लगी फिर मुझे खड़ा किया और उन लोगों ने मुझे गोद में उठाया ओर बिस्तर पर लिटाया बहुत बदबू आ रही थी बिस्तर से लेकिन मजा आ रही थी में बहुत ज्यादा गरम हो गई थी मेरी चूत से पानी बहने लगा था उनके शरीर से बदबू भी आ रही थी लेकिन मैने सोच लिया अब में रंडी हूं ओर इनकी सेवा करनी हे आज दिल खोल के जी ले जिंदगी अभी तक सभी मुझे प्यार से सहला रहे थे कोई सलवार के ऊपर से चूत को कोई दूध दबा रहा कोई ओंठ चूस रहा कोई गांड़ सहला रहा तो असलम कहता हे तो बताओ पूजा जान कोई ख्वाहिश हे कैसे चुदाई चाहती हो में बहुत गरम थी मैने कहा जो मन हो वो करो मुझे कोई दिक्कत नहीं मुझे दर्द चाहिए चुदाई में में कितना भी चिल्लाऊं रोऊँ रुकना नहीं तो असलम ओर उनके साथी हंसने लगे कहते हे साली बहुत गरम हे आज का दिन याद रखेगी रंडी मादरचोद ओर टूट पड़े मेरे ऊपर मेरे बाल पकड़े ओर खींच के उठाया मुझे दर्द हुआ बहुत तेज़ में चिल्लाने लगी ओर घसीट के चारपाई से उतारा ओर घसीटते हुए 
जमीन में लिटाया 
मैं बहुत ज्यादा डर गई थी. मुझे शायद भनक लग चुकी थी कि आज मेरे साथ क्या होने वाला है.
एक ने मेरी कुर्ती को खींचना शुरू कर दिया, तो मैं चिल्लाने लगी.
असलम बोला- पूजा, आज तेरी आवाज कोई नहीं सुन पाएगा. यहां से कोई आवाज बाहर नहीं जाती. ये सारे मर्द तेरे जिस्म के ही भूखे हैं. जबसे इन्होंने तेरी चूचियां और गांड देखी है बस में , तबसे पागल हे आज तेरी चूत और गांड की इस कसाई खाने में काटी जाएगी ह
यही बोलते बोलते वे सब मेरे कपड़े उतारने लगे. मुझे जमीन पर लिटा दिया.
उन्होंने मुझे नंगी कर दिया था.
मेरे गोरे बूब्स, भूरे रंग के कड़क निपल्स सबको दिख गए थे.
उन सभी ने अपने अपने पजामे खोल दिए और लंड हिलाने लगे.
अब मैंने जो नजारा देखा, वह देखकर मैं दंग रह गई. उन सभी का लंड 6.5 से 7 इंच का था.
एक आदमी का तो 8 इंच था.
सबके सब काले लंड वाले थे और हम लोगों के लंड का ऊपरी हिस्सा चूंकि कटा हुआ होता है, जिस वजह से सभी के लंड के सुपारे एकदम गुलाबी दिख रहे थे.
असलम आगे बढ़ कर आया और वह मेरे ऊपर चढ़ गया.
मैं जमीन पर नंगी लेटी हुई थी.
वह मेरे दूध को चूसने लगा और दबाने लगा.
मुझे फिर से भी गर्मी चढ़ गई थी.
वह मेरे एक दूध को चूसने लगा 
ओर असलम ने लंड चूत में रखा चूत गीली थी एक झटके में अंदर घुस गया मेरी जान निकल गई बहुत तेज़ चिल्लाई रोने भी लगी
र चोदने लगा
तभी एक दूसरे मर्द ने असलम से कहा- अबे अकेले अकेले ही मजा ले रहा है भोसड़ी के … इसको उठाओ और इसके दो छेद भी बाकी हैं. उनमें भी लंड पेलने दो!
मैं समझ गई कि आज मेरी चूत गांड और मुँह का भर्ता बनने वाला है.
दोस्तो, उन शक्तिशाली मर्दों ने मुझे किसी प्लास्टिक की गुड़िया की तरह उठा लिया.
असलम ने अपने लौड़े को मेरी चूत में पेले रख कर मेरी टांगें फैला दीं.
मैं पहले भी सैंडविच चुदाई करवा चुकी थी, तो मुझे कोई खास फर्क पड़ने वाला नहीं था.
असलम ने पोज सैट कर लिया और तभी किसी ने पीछे से मेरी गांड में लंड ठांस दिया.
साले ने सूखा ही लंड पेल दिया था तो कसम से गांड में बहुत तेज परपराहट होने लगी थी.
जैसे तैसे उसके लंड ने मेरी गांड को रवां किया और मेरी चूत गांड एक साथ बजने लगी.
उसी बीच एक लंड मेरे मुँह में घुस गया था तो मेरी आवाज निकलना भी बंद हो गई थी.
ये तीन फारिग हुए तो अगले तीन आ गए और उन्होंने मेरी गांड चूत के साथ खेलना शुरू कर दिया.
हर तरफ से मेरे साथ नंगे मर्द लगे हुए थे.
जो चोद नहीं पा रहे थे, वे सब मुझे चूमने में लगे थे.
एक मर्द मेरे दूध चूसने में लगा था, एक मेरी कमर काटने में लगा था. ये भूखे भेड़िये मेरे जिस्म को नोंच नोंच कर खा रहे थे.
वे मुझे चोदते हुए कह रहे थे- इसकी चूत ज्यादा टाइट नहीं हे लग रहा हे रंडी हे 
जो गांड़ चोद रहा था वो कहता हे 
‘इससे हसीन माल तो मैंने कभी नहीं चोदा असलम!’
‘पूजा आज तू हमारा ही बच्चा पैदा करेगी, आज तेरी कोख में हमारा ही बीज जाएगा.’
‘रंडी तेरा जिस्म हम मर्दों की प्यास बुझाने के लिए ही है, चुपचाप लंड लेती रह.
अब दूसरा आदमी मेरे ऊपर चढ़ गया था.
उसने एक हाथ से मेरा मुँह पकड़ा और एक हाथ से जोर से मेरी कमर पकड़ कर अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.
वह जोर जोर से धक्का देने लगा और मुझे चोदने लगा.
वापस एक एक करके सबने मुझे दोबारा से चोदा.
असलम ने मुझे तीन बार चोदा, वह भी बिना कंडोम के.
एक आदमी बहुत काला था चोद भी रहा था और गली दे रहा था कहता हे
‘इस छिनाल साली की कमर बड़ी पतली है मगर चूचे बहुत मोटे है रांड के.’
 असलम के अलावा भी उन सभी ने एक एक बार मेरी चूत में अपना माल छोड़ा था.
सभी ने मुझे जगह जगह नोंचा और काटा.
मैं उतने टाइम में न जाने कितनी बार झड़ी, मुझे खुद याद नहीं था.
ऐसा मेरी जिंदगी में कभी नहीं हुआ था. मतलब अजीब किस्म की चुदाई हुई थी मेरी!
एक मेरी चूत चोदता, तो दूसरा मेरे मुँह में अपना लंड डाल देता. तीसरा मेरी गांड मारने लगता.
वे सारे मर्द मेरी जान निकलने तक मुझे चोदते रहे.
मैने टाइम देखा 12 बजने वाले थे मैने कहा बहुत लेट हो जाऊंगी अब जाने दो तब तक मेरी इज्जत से खेलने के बाद और मेरे शरीर को ऊपर से लेकर नीचे तक अपने माल से भरने के बाद … सब मुझ पर थूक रहे थे
फिर मैने कहा बहुत टाइम हो गया हे मुझे जाना हे वो बोले ठीक हे अब कब आओगी तो उन्होंने नंबर दिया अपना ओर मैने जल्दी जल्दी पूरी बॉडी साफ किया और कपड़े पहने ओर निकल गई में चल नही पा रही थी गांड़ में दर्द हो रहा था चूत पूरी सुज गईं थी में पैर चिपका के नहीं चल पा रही थी निप्पल पर बहुत काटा था दर्द हो रहा था 15 मिनट बाद घर पहुंची तो देखा पति के साथ उनके 2 दोस्त ओर बैठे हे बाते कर रहे हे दारू भी पी रहे हे में जल्दी से बाथरूम में गई नहाने लगी मैने चूत देखी अपनी मेरी चूत पूरी सूजी थी दर्द हो रही थी पूरी स्किन बाहर आ गई थी गांड़ से चूत से लंड का पानी निकल रहा था नहाने के बाद मैने मैक्सी पहन ली ब्रा पेटी अंदर कमरे में थी जहां पति ओर उनके दोस्त बैठे थे तो मैने सिर्फ मैक्सी पहन ली में निकल के बाहर आई ओर सीधे किचन में चली गई नाश्ता बनाने तो पति आ गए कहते हे ये सब छोड़ो मेरे साथ कमरे में चलो बहुत दारू पी रखी थी होश में नहीं थे ओर मुझे ले गए अपने दोस्तों से मिलवाया एक सुबह वाला अहमद था दूसरा सद्धाम तो अहमद कहता हे ये डॉक्टर साहब हे तो पति कहते हे ये तुमको इंजेक्शन लगाएंगे जिससे तुमको AIDES OR HIV ka इंजेक्शन लगाएंगे जिससे कोई बीमारी नहीं होगी ओर पति ने बोला लेट जाओ में उन्हीं के सामने लेट गई उल्टा गांड़ ऊपर करके लेकिन मैने मैक्सी ऊपर नहीं की थी ओर डाक्टर उठा इंजेक्शन भरने लगा ओर मेरे पास आया पति से कहता हे कपड़ा हटाओ पति ने पेट तक पूरी मैक्सी ऊपर कर दी मुझे भी अब शरम नहीं आ रही थी बेसरम हो गई थी ओर इंजेक्शन लगा दिया ओर मैक्सी नीचे कर दी पति ने में उठ के वंही बैठ गई ओर डॉक्टर ने कुछ दावा दी 15 दिन खाने के लिए तो डॉक्टर कहता हे अब में चलता हूँ 5 हजार रुपए हुए पति कहते हे इतने रूपए डॉक्टर बोला 4 हजार का इंजेक्शन हे सिर्फ बाकी दवा पति कहता हे इतनी दवा तो नहीं हे डॉक्टर कहता हे रुपए तो देने पड़ेंगे इंजेक्शन लग गया हे तो पति कहता हे ऐसा करो इसको छोड़ लो हिसाब बराबर में चौंक गई ये क्या हो गया मेरी गांड़ फाट गई सुन के क्योंकि अभी 6 आदमी से छुड़वा कर आई हूं ओर मेरी चूत दर्द कर रही हे सूजी हे 
डॉक्टर कहता हे ठीक हे 
पति कहता हे ये रंडी चल मैक्सी उतार में डर गई कंही फिर न मारने लगे ओर मैने उतार दी ओर लेट गई चूत खोल के डॉक्टर मेरी चूत पर उंगली फिरा कर कहता हे वाह बहुत फूली फूली चूत हे वाह ओर उसने अपना पैंट उतारा ओर अंडरवियर उतरी लंड उसका खड़ा था 7 इंच का फौलादी होगा और थूक लगाया लंड पर पर चूत पर रखा 2-3 झटके में अंदर डाल दिया मुझे बहुत ज्यादा दर्द हुआ में चिल्लाने लगीं अब पति उठा ओर मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया ओर ओर दोनों चोद रहे थे थोड़ी देर बाद डॉक्टर हटा ओर अहमद ने डाल दिया अब वो चोदने लगा अब पति हट मुंह से तो डॉक्टर ने लंड डाल दिया फिर मुझे घोड़ी बनाया ओर अहमद ने गांड़ में तेल लगाया ओर अंदर डाल दिया सभी ने गांड़ चोदी मेरी बहुत बुरी हालत थी बहुत दर्द हो रहा था फिर मुझे लिटाया ओर एक एक करके तीनों आय ओर मेरे चूत में लंड डाल के अपना पानी अंदर ही डालते रहे फिर डॉक्टर ओर अहमद ने साफ किया ओर उठ के चले गये पति वाही लेट के सोने लगे में फिर उठी ओर किचेन में गई ओर पानी गरम किया ओर बाथरूम में बैठ के चूत की सिकाई करने लगी दर्द हो रहा था लेकिन इस दर्दनाक चुदाई में मजा भी आ रही थी फिर मैने सोचा अभी तक मैने 9 लोगो से चुदाई करवा चुकी हूं सोच कर अंदर से खुशी हुई कि मेरे सपने पूरे हो रहे ऐसे ही रोज पति ओर उनका दोस्त रोज आकर चुदाई करते थे अब ये लोग कण्डोम भी नहीं लगते थे कि चूत में पानी भरो इंजेक्शन लग गया हे कोई दिक्कत नहीं ऐसे ही रोज चुदाई होती थी रोज कुतियाँ की तरह पिटाई होती थी सुबह चुदाई दोपहर चुदाई रात को चुदाई रोज यही करते करते 2 महीना बीत गया पता ही नहीं चला फिर मैने महसूस किया कि मेरे दूध पहले 30 साइज के थे अब 34 के हो गए हे ओर गांड़ भी बहुत बड़ी हो गई हे तब पता चला ये दवाई खाने का असर हे ओर जो रोज मर्दों का पानी अंदर जाता हे उसका भी असर हे
 अब मेरे मन में कुछ नया करने का आ रहा था कुछ नया हो मेरे साथ लगभग एक महीना हो गया था उन बस वालो के पास गए हुए फिर मैने अगले दिन कोचिंग जाने से पहले उनको फोन किया कि आज मिलोगे वो कहते हे आ जाओ आज हम लोगों की छुट्टी हे आ जाओ में 8 बजे निकली ओर 15 मिनट में उनके पास पहुंच गई गेट खटखटाया जैसे ही गेट खोला अंदर से धुँआ धुवां निकल रहा था सिगरेट पी रहे थे में अंदर गई तो देखा सभी अंडरवियर में थे टोटल 8 लोग थे मेरी गांड़ फट गई लेकिन मजा आने वाली थी बहुत खुश थी आज कुछ नया हो उन लोगों ने मुझे उठाया ओर बेड पर लिटाया ओर आस पास सभी चिपक गए कोई कपड़े के ऊपर से जांघ सहला रहा कोई दूध दबा रहा में बहुत गरम थी तो असलम कहता हे बताओ रानी क्या करे आज मैने कहा जितना गंदा कर सकते हो करो आज असलम कहता हे बरदास्त कर लोगी मैने कान्हा हां करो पूरी मर्दानगी निकाल लो उसके बाद उन लोगों ने धीरे धीरे मेरे पूरे कपड़े निकाल कर साइड रख दिए में पूरी नंगी हो गई कहते हे आओ मेरी रंडी उसके बाद जो मेरा हाल हुआ हे कसम से सोच कर डर लगता हे। मुझे ऐसा पटक पटक के चोदा हे कोई मुझ में लंड डाल हे कोई चूत में कोई गांड़ में बाल खींच खींच के चोद रहे थे मुझे दर्द होने लगा था किसी ने भी कोंडोम नहीं पहना था मुझे भी दिक्कत नहीं थी इंजेक्शन लगा था कोई बीमारी नहीं होगी ओर पटक पटक के चोद रहे थे में रोने लगी ये लोग नहीं रुक रहे थे जब सभी ने चोद लिया ओर पानी मेरे मुंह में चूत में गांड़ में भरा पड़ा था तो कहते चल उठ हम सभी के गोलिया चाटो में फिर सभी की गोलियां चाटने लगी मजा आ रही थी बड़े बड़े गोलियां थी जब सभी की चाट ली तो कहते हे चल बाथरूम में बाथरूम में गई मुझे नीचे बैठने को कहा में बैठ गई सभी ने आस पास से घेर लिया फिर सभी मेरे ऊपर पेसाब करने लगे में उनके गरम गरम पेसाब से नहा रही थी एक अलग ही सुकून मिल रहा था फिर उसके बाद मैने पानी से नहाया ओर कपड़े पहने ओर में वंहा से चली आई 
घर पहुंच कर देखा पति कंही गए हुए थे में भी कपड़े चेंज करके लेती थी सोने के लिए फिर याद आया कि मुझे इस बार पीरियड नहीं आया 5 दिन ओवर हो गया हे मुझे धक धक होने लगी फिर साम को जब पति आय उनसे बताया तो वो मेडिकल स्टोर गए ओर प्रेग्नेंसी कीट ले कर आय मैने चैक किया तो मेरी जान निकल गई में प्रेग्नेंट थी में रोने लगी अब मेरा क्या होगा घर वालों को पता चल जाएगा अब क्या होगा मेरा फिर पति बोलता हे कुछ नहीं होगा बच्चा होगा में पालूंगा तू रंडी हे चिंता मत कर फिर पति ने बोला अभी घर जाकर घूम आओ अभी 1 महीने का बच्चा हे तो दिखेगा नहीं किसी को पता भी नहीं चलेगा ओर 15 दिन बाद आ जाना फिर 9 महीने के बाद जाना मैने बैग पैक किया ओर अगले दिन सुबह ट्रेन से घर आ गई बहुत खुश थी 15 दिन वाही रुकी बहुत एंजॉय किया उनको बताया एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ाती भी हूं तो छुट्टी ज्यादा नहीं मिलेगी ओर ऐसे ही 15 दिन बीत गए 15 से चुदाई नहीं हुई थी तो बहुत पागल हो गई थी ऐसा लग रहा था कब यंहा से जाऊं में 15 दिन पूरे हो गए तब शाम वाली बस पर पापा ने बैठा दिया ओर में बैठ गई ओर सुबह 7 बजे दिल्ली पहुंच गई ओर 1 घंटे में पति के घर पहुंच गई फिर ऐसे ही 8 महीने बीत गए 9 वा महीने लग गया था में घर से बाहर नहीं जाती थी घर पर ही रहती थी 2-3 दिन में कोई न कोई चोद देता था आकर पति ओर पति दोस्त अब मेरा पेट भी बड़ा हो गया था मेरे दूध भी बड़े हो गए तो पति ने बोला चलो गांव चलते हे वाहन देखभाल तुम्हारी अच्छे से होगी में उनके साथ उनके गांव चली गई बहुत बड़ा घर था आस पास कोई घर नहीं था हवेली टाइप का था भैंस ओर बकरी कुत्तों बहुत थे अंदर एक कमरे में बैठ गई मेरे पास 3 औरत आई बहुत मोटी मोटी पहलवान जैसी मेरे से कहती हे क्यों रे रंडी किसका बच्चा हे पेट में मैने बोला पति का तो हंसने लगी कहती हे मजाक करती हे डॉक्टर का हे या तेरे पति का हे या अहमद का हे या किसी ओर का में चौंक गई तो कहती हे चौंक मत ना जाने कितनी चोदी गई हे अब तेरी बारी हे में फिर 10 दिन बाद मेरे पेट में दर्द होने लगा ओर उन्हीं 3 औरत ने बच्चा पैदा किया फिर 10 दिन तक मुझे बहुत आराम करवाया गरम गरम खाने को दिया में 10 दिन बाद बिल्कुल मजबूत हो गई मेरा बच्चा मेरे दूध भी पिता था बड़े बड़े दूध हो गए थे 
अगले दिन पति ओर अहमद दोनों लोग मेरे अगल बगल लेते थे मेरी बहुत महीनों से चुदाई नहीं हुई थी बहुत गरम थी कोई मेरे चूत सहला रहा था कोई दूध दबा रहा था में गरम हो गई फिर मुझे दोनों ने पटक पटक के चोदा में बहुत अह्ह्ह अहहहा चिल्ला रही थी मैने। कहा ओर चोदो बहुत गंदी तरह से तो पति कहता हे चिंता मत कर इसी लिए याह लाय हे तू रंडी हे ओर मुझे घसीट के बाहर ले गए ओर जहां बकरी बंधी थी वाही ले गए 10-12 बकरी बंधी थी ओर मेरे गले में रस्सी बंधी ओर उनके साथ में खड़ा कर दिया कहते हे जैसे बकरी रहती हे वैसे ही अब तुझे नंगे रहना हे खाना ,मुतना सब यूंही मरन हे जैसे बकरी करती हे मैने सर हिलाया ओर खड़ी रही में बकरी की पोजीशन में खड़ी थी अहमद नीचे बैठा ओर मेरी चूत में लंड डाला ओर चोदने लगा ओर अंदर पानी छोड़ के चला गया अब वाहन कोई नहीं था अंधेरा था सिर्फ में ओर बकरिया थी मैने सोचा वाह क्या जिंदगी हे ये भी जिंदगी जी के देख लो
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