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मेरा नाम मीत (बदला हुआ नाम) ऐज ३० साल है अविवाहित हु और मैं पंजाब के जीरकपुर एरिया में रहता हु. मेरी लंबाई 5’11” है दिखने में अच्छा हु
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
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अब मेरी कहानी पर आते है. बात अभी २०२१ के शुरुआत की है. मेरी नयी जॉब लगी थी. और मुझे जॉब पर जाते हुए अभी एक महीना ही हुआ था और मैं अपनी टीम में सब से घुल मिल गया था. सब लोग अचे थे सब हसी मज़ाक किया करते थय. धीरे धीरे टाइम निकलता गया और मेरे काफी दोस्त भी बन गए थे ऑफिस में|
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उन् में से थी एक सपना(बदला हुआ नाम) नाम की लड़की जो हिमाचल से थी. गोरा रंग लम्बे काले बाल और ३४-२८-३४ का फिगर. एक दम अप्सरा लगती थी. उसकी एज २७ साल थी और वो अविवाहित थी. ऑफिस के पास ही एक गर्ल्स पीजी में रहती थी. उस के साथ मेरी काफी अछि बनने लग गयी थी हम काफी अच्छे दोस्त बन गए थे. हम सारी ब्रेक्स एक साथ ही लेते थे. हमारे साथ ३ लोग और होते थे उनमे से एक लड़की थी राशि(बदला हुआ नाम) जिसने सपना के साथ undefined किया था कंपनी में और उसको और सपना को काफी टाइम हो गया था कंपनी में. बाकी २ लड़के थे एक का नाम राकेश(बदला हुआ नाम) और दूसरे का मोहित(बदला हुआ नाम)
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क दिन हम लंच करते टाइम बाते कर रहे थे कि कहीं घूमने चलने का प्लान बनाते है. सब ने हाँ कर दी. नेक्स्ट वीक ऑफ पर तिकरताल जाना तय हुआ. फाइनल हुआ क मोहित अपनी गाडी ले आएगा और हम सब उसकी कार में चलेंगे.
जाने क लिए अभी पूरा एक वीक बाकी था. सब ने तैयारी भी कर ली. जिस दिन जाना था में तय जगह पर टाइम पर पहुंच गया और साथ में एक बोतल दारु की ले आया. थोड़ी देर बार सपना भी आ गयी. ब्लैक जीन्स एंड क्रॉप टॉप में क़यामत लग रही थी. हम मिले और बाकियो का वेट करने लगे
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जब देर होने लगी तो सपना ने राशि को कॉल किया तो उसने बोला की वो नहीं आएगी क्युँकी उसकी तबीयत ठीक नहीं है. मेने राकेश को कॉल किया तो उसने बोला क वो कही और जा रहा और मोहित भी उसी क साथ है तो वो भी नहीं जा पाएगे.
इस बात पर मेरा मूड खराब हो गया क अब सारा प्लान कैंसिल करना पड़ेगा. सपना ने कहा के अब प्लान बना हुआ है तो सिर्फ हम दोनों ही चल लेते है. मेने कहा बाइक पर मुश्किल हो सकती है रस्ते में. तो वो कहने लगी कुछ मुश्किल नई होगी. और अब कोई और प्लान बी नहीं है तो सारा दिन हम बोर हो जाएगी. इस लिए फर मेने भी है कर दी.
हम निकल गए बाइक पर ही और हम नाडा साहिब वाले रोड की तरफ से गए थे क्युकी उस साइड काफी अच्छे कुदरती सीनरी देखने को मिल जाते है. रोड बिलकुल साफ थी तो बाइक पर कोई इशू नहीं था.
हम सुबह लेट होने की वजह से तिकरताल भी हम देरी से पहुंचे थे. हम रस्ते में भी काफी जगा रुक रुक कर गए. नेचर के नज़ारे लेते हुए. वहाँ पर भी घूमे काफी देर में झरने की तरफ जाना चाहता था पर पता लगा की झरना तो सूखा पड़ा है.
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जब हम वापस आने लगे तो काफी शाम हो गयी और मौसम भी बदल गया. बदल छा गए थे. इसलिये फर हम उसी टाइम निकल लिए कियुकी नेक्स्ट डे हमे ऑफिस भी जाना था
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निकलने क बाद रस्ते में बारिश होने लगी और हम भीग गए. हमने एक जगा देखि और वहाँ पर बाइक खड़ी कर के थोड़ी देर वेट करने लगे और हमें ठण्ड भी लग रही थी गीले होने से. भीगने से सपना के कपडे उसके शरीर से बिलकुल चिपक गए थे और वो और भी हॉट लगने लगी थी मैं तो कर रहा था क अभी पकड़ क चोद दू. डर था क कही गुस्सा न हो जाये.
बारिश और तेज़ हो गयी तो हमने सोचा क पाससे जो भी कोई होटल मिलेगा वहाँ आ रात रुक जाएगी और सुबह जल्दी निकल जाएगी. हमे एक होटल मिल गया तो किस्मत अछि थी की रूम अवेलेबल भी था पर एक ही. सपना के कहने पर मेने ले लिया और रूम पर जा क फ्रेश हुए. पर हमारे कपड़े गीले हो गए थे हमने वो चेंज करने के लिए होटल वाले से एक्स्ट्रा टॉवल ले लीये.
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हम बैठे थे मुझे याद आया की . तो मेने होटल वाले से चिकन और एग करी आर्डर कर दी. थोड़ी देर में सामान आ गया औजब हमे सरूर सा होने लगा तो सपना मुझे छेड़ने लग गयी और मुझे टच करने लग गए ऐसा करते करते उसे काफी टाइम हो गया तो मुझे भी सरूर सा हो गया था तो मेने सोचा क जो होगा देखा जाएगा. मेने उसे अचानक से होंठो पर एक जबरदस्त किस कर दिया. पहले तो एक दम वो डर सी गयी लेकिन थोड़ी देर बाद वो भी मेरा साथ देने लग गयी.
हमे किस करते हुए १० मिनट हो गए थे. किस करते करते मैंने उसका टॉवल निकाल दिया. एक दम गोरा शरीर कोई भी निशान नहीं था पूरी अप्सरा लग रही थी. में उसके बूब्स को दबाने लगा. बहुत सॉफ्ट और निप्पल तो एक दम नुकीले. सपना के होंठ चूस कर मेने लाल कर दिए थे. थोड़ी देर बाद मेने अपना एक हाथ उसकी चूत पर ले गया. छोटे छोटे बाल महसूस किये ऐसे लग रहा था अभी ३ ४ दिन पहले ही सफाई की होगी और उसकी चूत एकदम गीली हो गयी थी.
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मेने सपना को बेड पर लेटाया और उसकी टाँगे खोल कर उसकी चूत को देखा एक दम गुलाबी चूत जो गीले होने चतना बहुत अछि चतना महक रही थी. मेने उसकी चूत पर एक चुम्मा कर दिया जिस चतना उसने एक सिसकारी भरी बहुत ही मीठी सी. उसकी सिसकारी सुन कर मुझे बहुत मज़ा आया. तो मैंने उसकी चूत को चाटना शुरू किया और वो लम्बी लम्बी सिसकारियां बाहरणे लगी. और मेरा सर पकड़ कर अपनी चूत पर दबाने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था. चूत के अन्दर अपनी जीभ दाल घुमा रहा था. सपना को भी बहुत मज़ा आ रहा था. १० मिनट तक में चूत चाट’ता रहा फर वो थोड़ी देर बाद अकड़ने लगी और उस्सने पानी छोड दिया जो में पी गया. मुझे उसका पानी बहुत स्वाद लगा एक दम चाट कर साफ कर दिया. वो लम्बी लम्बी सांस ले रही थी.
तो में उसके बूब्स को चूसने लगा और साथ ही साथ किस भी कर देता. थोड़ी देर बाद वो फिर से गरम हो गयी तो मेने उसे लुंड चूसने को बोला तो उसने लपक क अपने मुँह में ले लिया और अच्छे से चूसने लगी. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.
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१० मिनट बाद मैंने उसे बेड पर लेटा दिया. में उसकी टांगो के बीच में आ गया और अपना लुंड उसकी चूत पर रगड़ने लगा तो वो मुझे अपनी तरफ खींचने लगी और बोली क जल्दी से दाल दो अब रहा नहीं जा रहा. मेने भी देर किये बिना एक बार एक चुम्मा उसकी चूत पर दिया और अपना लुंड उसकी चूत में एक झटके में पूरा उतार दिया और उसकी चीख निकल गयी बोलने लगी आराम से करो कहीं भाग नहीं रही हु आज की रात तुम्हारे साथ ही हु. तो में आराम से आगे पीछे करने लगा बहुत मज़ा आ रहा था मुझे और वो भी काम भरी सिसकारियां ले ले कर मज़े ले रही थी. थोड़ी देर बाद मेने अपने झटके तेज़ कर दिए और साथ में किश भी करे जा रहा था. मुझे बहुत मज़ा आ रहा था.
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थोड़ी देर बाद हमने पोजीशन चेंज की वो मेरे ऊपर आ गयी और लुंड पर बैठ क उछलने लगी और आँहें भरने लगी में उसके बूब्स दबाने लगा वो उछलते हुए अपने बालो क साथ खेलने लगी. ये देख कर में और जोश में आ गया और निचे से झटके लगाने लगा. थोड़ी देर बाद वो सिकरिया लेते हुए झाड़ गयी. और नीचे उतर गयी.
में अभी झड़ा नहीं था तो मेने उसे किश करना शुरू किआ और उसके बूब्स दबाये. और उसको लुंड चूसने लगा. वो मज़े लुंड चूसने लगी. जब वो मूड में आ गयी तो मेने उसे घोड़ी बनाया और पीछे से लुंड दाल कर उसे छोड़ने लगा. घोड़ी बना कर चोदने में मुझे और भी मज़ा आ रहा था. वो तेज़ तेज़ सिसकारियां ले रही और उसकी सिसकारियां के साथ उसकी पीठ पर लटके हुए उसके काले बाल मुझे और भी पागल बना रहे थे. थोड़ी देर बाद मेरा शरीर अकड़ने लगा में और में झड़ने लगा और मेने अपना सारा गरम गरम लावा उसकी चूत के अंदर ही छोड दिया. और सपना भी एक बार फर से झड़ गयी.
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में उसकी पीठ पैर ही लेट गया और थोड़ी देर तक हम ऐसे ही लेटे रहे. फर में उसके ऊपर से हट कर उसे देखने लगा और वो भी मुझे देख कर मुस्कुराने लगी. और बोली तुम जितने अच्छे से तुम चोदते हो उतने अच्छे से ही चूत भी चाटते हो. कहने लगी मुझे बहुत मज़ा आया और फर मुझे किस करने लगी
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थोड़ी देर हम बाते करने लगे और बातो बातो में उसने बताया क उसके पीजी की मालकिन अकेली रहती है और बहुत तेज़ है हर वीक किसी नए लड़के को बुलाती है उसे पैसे देके चुदवाती है और मेने कई बार देखा उसको चुदते हुए और मेरा भी मैं करने लगता है पर कर नहीं सकती थी. आज जब बारिश में रुके हुए तुम मुझे देख रहे तो मुझे भी अंदर से झनझनाहट होने लगी. दारु पीने क बाद जोश आ गया और में तुम्हे छेडने लगी. बहुत बहुत मज़ा आया तुम्हरे साथ.
थोड़ी देर बाते करने क बाद हमने खाना खाया और बची हुई दारु बंद कर क रख दी क्युकी एक पूरी बोतल तो हम दोनों कर पी नहीं जनि थी तो रहने डी. फर हम सोने चले एक दूसरे कर नाग की तरहा लिपट कर.
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सुबह मेरी आंख जल्दी खुल गयी और देखा के सपना मेरी तरफ मुँह कर के सो रही थी. मेरा मूड हो गया तो में उसके किश करने लगा इतने में वो भी जग गयी कर मेरा साथ देने लगी. और हमारी चुदाई फिर से स्टार्ट हो गयी
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ख़तम करने क बाद वाशरूम जा कर साथ में नहाये और वापस घर क लिए निकल गए. उसे पीजी छोड कर में वापस घर गया और त्यार हो कर ऑफिस गया. शाम को ऑफिस के बाद उसे मेडिकल स्टोर से गोली ला कर दी ता की कुछ गड़बड़ न हो. नेक्स्ट डे उस ने मुझे ऑफिस के बाद उसे पीजी चलने को लिए बोला तो में चला गया और मुझे अपने रूम पर ले गयी. वहाँ पर उसने मेरी मुलाकात पीजी वाली आंटी से करवाई. वो भी कम कयामत नहीं थी तीखे नैन नख्स सुर्ख गुलाबी होंठ कड़क माल थी लग नहीं रहा था ये ४४ साल की है.
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kahani to kahani hiti hai usse kissa kyon banana chahte hai!
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बात करीब 1 साल पहले की है. उस समय मैं अपनी ज़िन्दगी की एक बहुत ही खूबसूरत लड़की से मिला. तब मैं और वो दोनों ही 20 साल के थे. दोस्तों, कहानी को बढ़ने के लिए मैं यहां पर उसका काल्पनिक नाम पल्लवी रख देता हूँ, क्योंकि मैं नहीं चाहता की उसकी कोई भी पहचान ओपन हो.
अब कहानी में आगे बढ़ते हैं. पल्लवी गेहुंए रंग की छरहरी लड़की थी. उसके बोबे बिलकुल आम की तरह थे और उसकी बिल्लोरी आँख बहुत ही मादक लगती थीं. वह एक बहुत ही नशीली आवाज़ वाली लड़की है. वह ऐसी थी कि अगर किसी को देख भर ले तो सामने वाले का लंड तन जाए और उसे चोदने का मन होने लगे.
उसके होंठों की तो बात ही निराली थी. उसके होंठों के बारे में सोचते ही आह सी निकल जाती है. चटक लाल रंग के उसके चमकदार होंठ जैसे लंड चूसने के लिए ही बने हों. उसकी नाक छोटी सी और बहुत प्यारी थी.
मैं जब भी उसको देखता तो मेरा मन हमेशा ही उसको चोदने का करता था. उसकी एक बड़ी बहन भी थी. जिदका नाम एकता था. लेकिन सब उसे एकता जी कहते थे. एकता जी भी बहुत बड़ी चुद्दकड़ किस्म की लड़की थीं. दिखने में वो भी एक दम पल्लवी की ही तरह थीं पर मेरे लिए वो पल्लवी से कम हॉट थीं. क्योंकि वो थोड़ी लंबी थी और मुझे लंबी लड़कियां ज्यादा पसंद नहीं हैं. लेकिन ऐसा भी नहीं है कि मैं लम्बी लड़कियों की लेता नहीं हूँ. मिलने पर तो मैं उनकी गांड भी मार लेता हूँ.
पल्लवी का और मेरा रिश्ता दोस्तों वाला था लेकिन क्योंकि हम दोनों अपना अधिकतर समय साथ ही बिताते थे तो वो मेरे लिए गर्लफ्रेंड जैसे ही थी. शायद उसके मन में भी मेरे लिए फीलिंग्स थी लेकिन वो कहती कुछ नहीं थी.
दोस्तों, उसका एक बॉयफ्रेंड भी था. उसका नाम रेहान था. रेहान हैंडसम था और मुझ से लम्बा भी था. इस कारण उसके पीछे भी कई लड़कियां पागल थीं. लेकिन वो पूरा लल्लू टाइप का था. पल्लवी और वो एक – दूसरे से प्यार करने की बात करते थे लेकिन उन्होंने कभी भी सेक्स चैट तक नहीं किया था और शायद अभी तक किस भी नहीं किया था.
पल्लवी को पाने के लिए मुझे उस को रास्ते से हटाना था. चूंकि, वो थोड़ा शांत और डरपोक टाइप का था तो उसे रास्ते से हटाना बहुत ही आसान काम था. मैं तो बस मौके का इंतजार कर रहा था. लेकिन काफी दिन तक इंतजार करने के बावजूद मुझे ऐसा कोई मौका मिला ही नहीं.
एक दिन की बात है. मैं और पल्लवी हैंग आउट करने के लिए निकले थे. पल्लवी के घर के पीछे एक सुनसान जगह थी. दोस्तों, वो असल में एक जंगल के जैसा था, लेकिन आस – पास आबादी भी थी तो लोग अक्सर वहां पर अपनी गर्लफ्रेंड और माल को लेकर चुम्मा – चाटी करने आते थे.
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