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Romance काला इश्क़!
#13
करीब पाँच मिनट बाद मैं उसके ऊपर से उठ के उसकी बगल में लेट गया और अपने लंड और उसकी बुर की तरफ देखा| दोनों ही खून और हमारे कामरस से सने थे, खून तो काफी निकला था और दोनों ही की यौन अंग सूझ चुके थे| मेरे लंड के सुपडे के इर्द-गिर्द सूजन थी तो ऋतू की बुर मुझे सूजी हुई दिख रही थी| दस मिनट बाद में उठा और बाथरूम जा कर अपने लंड को पानी से हलके हाथ से धोया और वापस आकर जमीन पर नंगा ही बैठ गया| जमीन की ढंडक चप से चूतड़ों को ठंडा कर गई| मैं दिवार का सहारा ले कर दोनों टांगें खोल कर बैठ गया| ऋतू की तरफ देखा तो वो अब भी सो रही थी और इधर मेरे पेट में आवाजें आने लगी थीं| इसलिए में उठा और बैग से मैगी का पैकेट निकाला और बनाने लगा| मैगी की खुशबु से ऋतू की नींद खुल गई और उसने धीरे से आकर मुझे पीछे से अपनी बाँहों में जकड लिया| उसका नंगा जिस्म मेरी नंगी पीठ पर मह्सूस होते ही मैं पीछे मुड़ा और ऋतू के होंठों को चूम लिया| मैंने नोटिस किया की उसके होंठ भी थोड़े सूजे लग रहे थे|

 
ऋतू:  जानू! आप क्यों बना रहे हो, मुझे बोल दिया होता तो मैं बना देती|
 
मैं: आज मैंने अपनी जान को बहुत दर्द दिया है, इसलिए सोचा आज मैं ही तुम्हें अपने हाथ से बना हुआ कुछ खिला दूँ| 
 
ऋतू: दर्द तो आपको भी हुआ होगा ना? पर सच कहूँ तो आज अपने मुझे दुनिया भर की ख़ुशी एक साथ दे दी है! इसलिए आज तो मुझे आपकी सेवा करनी है, आखिर आज से आप मेरे पति जो हो गए हो!
 
मैं: चलो मुँह-हाथ धो कर आओ|
 
 
ऋतू हँसते हुए बाथरूम में चली गई और मैंने मग्गी एक ही प्लेट में परोस ली और प्लेट ले कर जैसे ही बिस्तर की तरफ घुमा की मुझे उस पर खून और हमारे कामरस का घोल पड़ा हुआ मिला| मैंने प्लेट टेबल पर राखी और चादर को बिस्तर से हटाया पर तब तक अभूत देर हो चुकी थी, मेरा गद्दा भी बीच में से लहू-लुहान हो चूका था! मैंने पंखा तेज चालु किया और जमीन पर ही प्लेट ले कर बैठ गया| ऋतू जब बाथरूम से आई तो मुझे नीचे बैठा देख हैरान हुई पर इससे पहले वो कुछ बोलती उसकी नजर बिस्तर पर पड़ी और वहां खून देख कर उसकी आँखें फटी की फटी रह गई|
 
"हाय! इतना सारा खून! कुछ बचा भी मेरे जिस्म में या सब निकल गया?" ये सुन कर मुझे हँसी आ गई और मुझे हँसता देख ऋतू भी खिलखिलाकर हँस पड़ी|  ऋतू भी मेरे सामने ही नंगी फर्श पर बैठ गई और ठन्डे फर्श की चपत जब उसके चूतड़ों पर लगी तो वो 'आह' कर के फिर हँसने लगी| हमने मैगी खाई और फिर ऋतू बर्तन उठा कर किचन में रखने चली गई और मैं उठ कर बाथरूम में हाथ-मुँह धोने चला गया| मैंने बाथरूम से ही ऋतू को आवाज दे कर दूसरी चादर बिछाने को कहा| ऋतू ने जैसे ही अलमारी से चादर निकाली उसे मेरी गांजे की पुड़िया दिखाई दे गई| उसे जरा भी देर नहीं लगी ये समझते हुए की ये गांजा है और जैसे ही मैं बाथरूम से निकला वो मुझे पुड़िया दिखाते हुए बोली; "ये क्या है?" उसके हाथ में पुड़िया देखते ही मेरी हवा खिसक गई| अब उससे झूठ तो बोल नहीं सकता था;
 
मैं: वो....गा...गांजा है! (मैंने सर झुकाये हुए कहा|)
 
ऋतू: आप गांजा पीते हो? (उसने हैरानी से पूछा|)
 
मैं: कभी-कभी...
 
ऋतू: क्यों पीते हो? (उसने गुस्सा करते हुए पूछा|)
 
मैं: वो... वो... कभी...टेंशन होती है तो.... थोड़ा....
 
ऋतू: टेंशन तो दुनियाभर में सब को है, तो क्या सब ये पीते हैं?
 
मैं: सॉरी!
 
ऋतू: कब से पी रहे हो आप?
 
मैं: कॉलेज...के ...
 
ऋतू: और इसके लिए पैसे कहाँ से आते थे?   
 
मैं: वो... टूशन....देता... था...तो....
 
ऋतू: तो इस काम के लिए आप कॉलेज के दिनों में जॉब करते थे? 
 
मैं:हाँ ...
 
ऋतू: मुझे कभी कुछ बताया क्यों नहीं? अगर आपको कोई बिमारी लग जाती तो?
 
मैं: सॉरी....मैं...मैं....
 
ऋतू: आज के बाद आप कभी भी इसे हाथ नहीं लगाओगे! समझे?
 
मैं: हाँ ...
 
ऋतू: खाओ मेरी कसम? (ऋतू मेरे पास आई और मेरा हाथ अपने सर पर रख कर मेरे जवाब का इंतजार करने लगी|)
 
मैं: मैं तुम्हारी कसम खता हूँ... आज के बाद कभी इसे हाथ नहीं लगाऊँगा! 

ये सुन कर ऋतू ने वो पुड़िया कूड़े में फेंक दी और नाराज हो कर बिस्तर पर दूसरी चादर बिछाने लगी| मैं अपने हाथ बांधे सर झुकाये उसे देखता रहा| जब चादर बिछ गई तो ऋतू मेरे पास आई और मेरी ठुड्डी ऊपर उठाई और मेरी आँख में देखते हुए बोली; "और क्या-क्या शौक हैं आपके?"
 
"जी...कभी-कभी दारु भी पीता हूँ!" ये सुनते ही ऋतू की आँखें चौड़ी हो गईं और उसका गुस्सा फिर से लौट आया| 
 
"मतलब अपनी जान देने की पूरी तैयारी कर रखी है आपने? आपको कुछ हो गया तो मेरा क्या होगा? ये कभी सोचा आपने?" ये कहते हुए उसकी आँखें नम हो आईं थी| "अरे जानू... मैं कोई रोज-रोज थोड़ी ही पीता हूँ? वो तो कभी कभार किसी पार्टी में या किसी के बर्थडे पर! चलो आई प्रॉमिस आज के बाद ये सब बंद! अब तो मुस्कुरा दो मेरी जान!" ये सुन कर ऋतू को तसल्ली हुई और उसके चेहरे पर मुस्कान लौट आई| घडी में 2:30 बजे थे, पेट भरा था और सेक्स से दिल भी भरा हुआ था तो अब बारी थी सोने की| मैंने हम दोनों के पहनने के लिए अलमारी से दो टी-शर्ट निकाली तो ऋतू कहने लगी; "क्या जर्रूरत है? हम दोनों ही तो हैं यहाँ!" तो मैंने टी-शर्ट वापस अंदर रख दी और हम दोनों एक दूसरे के आगोश में लेट गए|
 
मैं: जान! अब भी दर्द हो रहा है?
 
ऋतू: हम्म्म...थोड़ा-थोड़ा ... और आपको?
 
मैं: थोड़ा...
 
ऋतू का हाथ अपने आप ही मेरे लंड पर आ गया और वो अपनी उँगलियों से उसे सहलाने लगी| चुदाई की थकावट ऋतू पर असर दिखाने लगी थी आँखें बोझिल होने लगी और वो सो गई, पर मेरा मन अब भी प्यासा था| अब उसे उठाने का मन नहीं किया और इधर नींद में उसने अपने को और कस कर मेरे जिस्म से चिपका लिया और सो गई| मैं उसके दाएं गाल को सहलाता हुआ कब सो गया पता ही नहीं चला| 
 
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काला इश्क़! - by Rockstar_Rocky - 09-10-2019, 11:13 AM
RE: काला इश्क़! - by Rockstar_Rocky - 11-10-2019, 04:28 PM
RE: काला इश्क़! - by asha10783 - 12-10-2019, 05:29 AM
RE: काला इश्क़! - by Black Horse - 13-10-2019, 11:32 AM
RE: काला इश्क़! - by Arv313 - 13-10-2019, 01:16 PM
RE: काला इश्क़! - by Sam Fisher - 14-10-2019, 10:05 PM
RE: काला इश्क़! - by uttu7887 - 24-10-2019, 08:23 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 25-10-2019, 04:38 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 04-11-2019, 10:46 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 05-11-2019, 03:07 PM
RE: काला इश्क़! - by uttu7887 - 12-11-2019, 07:47 PM
RE: काला इश्क़! - by Arv313 - 12-11-2019, 09:49 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 14-11-2019, 03:30 PM
RE: काला इश्क़! - by uttu7887 - 19-11-2019, 09:19 PM
RE: काला इश्क़! - by Dev rathore - 23-11-2019, 07:05 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 25-11-2019, 04:04 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 27-11-2019, 02:29 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 27-11-2019, 03:38 PM
RE: काला इश्क़! - by chodu baba - 27-11-2019, 06:57 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 27-11-2019, 10:40 PM
RE: काला इश्क़! - by chodu baba - 28-11-2019, 01:02 AM
RE: काला इश्क़! - by chodu baba - 28-11-2019, 04:23 PM
RE: काला इश्क़! - by chodu baba - 28-11-2019, 07:51 PM
RE: काला इश्क़! - by chodu baba - 30-11-2019, 10:46 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 09-12-2019, 11:19 AM
RE: काला इश्क़! - by Arv313 - 10-12-2019, 11:11 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 11-12-2019, 07:28 AM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 15-12-2019, 09:55 PM
RE: काला इश्क़! - by Arv313 - 16-12-2019, 07:55 PM
RE: काला इश्क़! - by Arv313 - 16-12-2019, 08:00 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 16-12-2019, 08:59 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 16-12-2019, 10:48 PM
RE: काला इश्क़! - by harrydresden - 17-12-2019, 12:12 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 17-12-2019, 04:26 PM
RE: काला इश्क़! - by vedprakash - 18-12-2019, 05:58 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 18-12-2019, 10:55 AM
RE: काला इश्क़! - by Jizzdeepika - 18-12-2019, 08:27 PM
RE: काला इश्क़! - by harrydresden - 18-12-2019, 11:29 PM
RE: काला इश्क़! - by Jizzdeepika - 19-12-2019, 09:50 PM
RE: काला इश्क़! - by Arv313 - 19-12-2019, 11:05 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 20-12-2019, 06:28 AM
RE: काला इश्क़! - by Arv313 - 21-12-2019, 07:01 AM
RE: काला इश्क़! - by Jizzdeepika - 21-12-2019, 07:34 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 21-12-2019, 02:34 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 21-12-2019, 10:16 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 21-12-2019, 10:16 PM
RE: काला इश्क़! - by Jizzdeepika - 22-12-2019, 08:58 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 23-12-2019, 05:58 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 23-12-2019, 11:02 AM
RE: काला इश्क़! - by harrydresden - 23-12-2019, 10:37 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 24-12-2019, 03:23 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 24-12-2019, 10:21 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 24-12-2019, 10:24 PM
RE: काला इश्क़! - by johnni - 25-12-2019, 01:31 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 26-12-2019, 12:58 PM
RE: काला इश्क़! - by johnni - 26-12-2019, 10:32 PM
RE: काला इश्क़! - by nts - 26-12-2019, 10:41 PM
RE: काला इश्क़! - by vedprakash - 28-12-2019, 05:50 AM
RE: काला इश्क़! - by Jizzdeepika - 28-12-2019, 07:24 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 30-12-2019, 11:19 AM
RE: काला इश्क़! - by harrydresden - 30-12-2019, 10:16 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 31-12-2019, 01:45 PM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 31-12-2019, 10:35 PM
RE: काला इश्क़! - by Jizzdeepika - 01-01-2020, 09:31 AM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 02-01-2020, 07:34 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 02-01-2020, 11:21 AM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 03-01-2020, 12:09 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 04-01-2020, 05:01 PM
RE: काला इश्क़! - by uttu7887 - 04-01-2020, 09:45 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 06-01-2020, 02:47 PM
RE: काला इश्क़! - by smartashi84 - 08-01-2020, 12:45 PM
RE: काला इश्क़! - by harrydresden - 08-01-2020, 05:01 PM
RE: काला इश्क़! - by Jizzdeepika - 09-01-2020, 08:49 AM
RE: काला इश्क़! - by Prativiveka - 08-01-2020, 10:07 PM
RE: काला इश्क़! - by Jizzdeepika - 10-01-2020, 03:06 PM
RE: काला इश्क़! - by Ashuk - 10-01-2020, 11:36 PM
RE: काला इश्क़! - by kill_l - 12-11-2020, 03:20 PM



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