13-09-2019, 06:42 PM
अजय- मतलब हम अलग-अलग दोनों को चोद लेंगे पटा कर? अदला बदली भी हो जाएगी और उन्हें पता भी नहीं चलेगा?
श्लोक- नहीं। केवल पटा लेते हैं। चुदाई तो बताकर ही करेंगे क्योंकि मेरे राजवीर जीजू कहते हैं कि 'जो मजा बीवियों को उनकी मर्जी से बदलकर चुदाई करने में है वो मजा और किसी में नहीं।'
श्लोक- तो अजय! अब तू मेरी बीवी सीमा को पटा और मैं तेरी बीवी संगीता को। "मेरे पास एक आइडिया है!" श्लोक ने अजय से कहा।
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श्लोक ने राजवीर से बताते हुए सुनाया-
जीजू जैसा कि हम चारों की रात काफी मजेदार होती थी। हम कभी ताश खेलते, कभी लूडो, कभी साथ में फ़िल्म देखते थे। उसी तरह हम चारों (श्लोक, सीमा, अजय व संगीता) ने आपस में नक्की लड़ा रखी थी। नक्की लड़ाने का मतलब होता था कि हम चारों को हमारे हाथ पर पेन से एक निशान हर समय बना के रखना था जोकि किसी दूसरे के चाहने पर दिखाना होता था। अगर सामने वाले के हाथ पर वो निशान न हो तो वह हार जाता था। हम हारने वाले से कोई भी एक चीज़ मांग सकते थे। शुरुआत में जब कोई भी हारता तो बात एक डेयरी मिल्क की चॉकलेट से खत्म होती थी। लेकिन अब समय इस शर्त का पूरा इस्तेमाल करने का था।
श्लोक- नहीं। केवल पटा लेते हैं। चुदाई तो बताकर ही करेंगे क्योंकि मेरे राजवीर जीजू कहते हैं कि 'जो मजा बीवियों को उनकी मर्जी से बदलकर चुदाई करने में है वो मजा और किसी में नहीं।'
श्लोक- तो अजय! अब तू मेरी बीवी सीमा को पटा और मैं तेरी बीवी संगीता को। "मेरे पास एक आइडिया है!" श्लोक ने अजय से कहा।
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श्लोक ने राजवीर से बताते हुए सुनाया-
जीजू जैसा कि हम चारों की रात काफी मजेदार होती थी। हम कभी ताश खेलते, कभी लूडो, कभी साथ में फ़िल्म देखते थे। उसी तरह हम चारों (श्लोक, सीमा, अजय व संगीता) ने आपस में नक्की लड़ा रखी थी। नक्की लड़ाने का मतलब होता था कि हम चारों को हमारे हाथ पर पेन से एक निशान हर समय बना के रखना था जोकि किसी दूसरे के चाहने पर दिखाना होता था। अगर सामने वाले के हाथ पर वो निशान न हो तो वह हार जाता था। हम हारने वाले से कोई भी एक चीज़ मांग सकते थे। शुरुआत में जब कोई भी हारता तो बात एक डेयरी मिल्क की चॉकलेट से खत्म होती थी। लेकिन अब समय इस शर्त का पूरा इस्तेमाल करने का था।