14-08-2019, 04:22 PM
(This post was last modified: 27-09-2019, 08:19 AM by usaiha2. Edited 2 times in total. Edited 2 times in total.)
साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ


मेरी फितरत नही किसी की चीज़ को अपने नाम करू...
so as i always say... all credit goes to original writer...
##
राज और कमल की दोस्ती कॉलेज में मशहूर थी। उनके घर नजदीक ही थे और उनके माता पिता एक दूसरे को जानते थे। वह शुरू से सेकंडरी हाई कॉलेज तक साथ साथ पढ़े, क्रिकेट खेले और बहोत मस्तियाँ भी की। कमल राज से एक क्लास सीनियर था। उनकी दोस्ती कैसे इतनी गहरी हुयी इसके पीछे एक कहानी थी। कहानी कुछ इस तरह थी की जब राज छठवीं क्लास में था तब उसीकी कॉलेज में सीनियर क्लास में एक हट्टाकट्टा लड़का था जो हमेशा राज का मजाक उड़ा कर राज को तंग करता रहता था। एकबार जब राज ने उसका विरोध किया तो उसने राज को एक घूंसा मारा। राज गिर गया और उसके दाँतो से खून बहने लगा। तब कमल ने उस मोटे लड़केकी पिटाई की और राज को बचाया। उस लड़के से लड़ते कमल को भी चोटें आयीं और काफी खून निकला।
पर बात यहां ख़तम नहीं हुई। वही मोटा लड़का शहर के सिक्युरिटी अफसर का बेटा था। कमल से पिटाई होने के बाद वह तिलमिला उठा था और एक दिन मौक़ा मिलते ही उसने राज को कॉलेज छूटते ही कॉलेज के बाहर ही अपने दोस्तों के साथ मिलकर अपनी गाडी में उठवा लिया और राज को शहर के बाहर दूर एक नाली के पास पिटाई करके लहू लुहान हालत में फेंक दिया।
कमल जैसे ही कॉलेज से बाहर निकला तो बच्चों ने उसे बताया की राज को उस मोटे लड़के ने दोस्तों से मिलकर कैसे अगुवा किया था। कमल आग बबूला हो गया, पर उसे राज की चिंता थी। वह तुरंत अपनी साइकिल पर निकला और उस मोटे लड़के के घर के बाहर कुछ पौधों की आड़ में छुपकर वह मोटे लड़के का इंतजार करने लगा। जब वह लड़का अपने घर पहुंचा की कमल ने लपक कर कार में बैठे हुए मोटे लड़के की गर्दन दबोच ली और जोर से दबायी। वह लड़का छटपटा ने लगा और कमल के हाथों से चार करारे थप्पड़ रसीद होने पर उसने अपना गुन्हा कुबूल किया। कमल के कहने पर उसने राज को जहां पिटाई कर के छोड़ा था वहाँ ले गया।
उसी गाडी में कमल राज को अस्पताल ले गया और उसकी जान बचाई। मोटे लड़के के पिता जो सिक्युरिटी में थे वह बड़े सज्जन थे। अपने बेटे की करतूत पर बड़े शर्मिन्दा हुए और बेटे को सबके सामने
दो थप्पड़ लगाए और कमल और राज के माता पिता को बेटे की शिकायत ना करने के लिए प्रार्थना की। राज के माँ बाप तो कमल के पाँव पकड़ कर उसका अहसान मानने लगे। इस वाकये के बाद राज के माता पिता कमल के घर आये और उसकी बड़ी प्रशंसा की। राज और कमल के कुटुंब की दोस्ती और गहरी हो गयी। राज की माँ और कमल की माताजी एक दूसरे की पक्की सहेलियाँ बन गयीं। राज कमल को बड़े भाई की तरह मानने लगा। कमल हमेशा उसे छोटे भाई की तरह प्यार करता था। राज की माँ कमल को इतना प्यार करती थी की वह सबको कहती थी की "अगर मेरी बेटी होती तो मैं कमल के साथ उसकी शादी जरूर करती।"
घरसे राज या कमल कोई भी चीज़ लाते तो वह मिल बाँट कर खाते। उनकी दोस्ती बचपन से ही गाढ़ी हो गयी। राज के लिए भी कमल का वजूद कोई देवी देवता से कम नहीं था। राज को कोई भी छोटा मोटा फैसला करना होता था तो वह कमल से पूछता और वही करता जो कमल उसे कहता। इतना ही नहीं, जब कभी कमल अपने घर में सोया होता था और राज उसे मिलने आता, तो तुरंत कमल के पाँव दबाने लगता था।
कमल कॉलेज में एक अच्छा खासा क्रिकेटर माना जाता था। नियमित व्यायाम करने के कारण उसका बदन गठीला और आकर्षक था। अपनी कॉलेज की टीम का वह कप्तान था। कमल सुन्दर बदन का, आकर्षित आँखों वाला और मनमौजी था। उसकी एक आदत थी की वह जो दिल में आता था बोल देता था या कर देता था। कमल मजबूत शरीर का था और राज थोड़ा कमजोर, दुबला पतला था। पढ़ाई में राज हमेशा अव्वल आता था। कमल भी पढ़ाई में ठीक ही था।
उनकी दोस्ती बढ़ती गयी और उन दोनों की जोड़ी पुरे कॉलेज में मशहूर हो गयी। कमल रंगीन तबियत का था। राज थोड़ा गंभीर किस्म का था। छठी सातवीं कक्षा से ही अक्सर कमल राज से लड़कियों के बारेमें बातें करता। धीरे धीरे राज भी कमल के साथ कॉलेज की लड़कियों के बारेमें बातें करने लगा। जब वह दोनों बात करते तो मालूम होता की उन दोनों की नजर अक्सर एक ही लड़की पर टिकती थी। एक बार कमल ने राज से पूछा, "राज यार हम दोनों को एक ही लड़की क्यों पसंद आती है? अगर हमने एक ही लड़की शादी के लिए भी पसंद की तो क्या होगा?"
राज ने फ़ौरन कहा, "तो फिर हम दोनों ही वह लड़की से शादी करेंगे।"
कमल: "पर एक लड़की से दो मर्द शादी नहीं कर सकते।"
राज: "तो फिर हम क्या करेंगे? तो मैं वह लड़की तुम्हारे लिए छोड़ दूंगा। मैं उससे शादी नहीं करूंगा।"
राजकी बात सुन कर कमल राज को गले लगा कर बोला, "नहीं यार, ऐसा नहीं हो सकता। हमारी यारी के बिच में कोई लड़की नहीं आनी चाहिए। अगर ऐसी नौबत आयी तो हम दोनों अलग अलग लड़कियों से शादी तो करेंगे, लेकिन दोनों लडकियां हम दोनों की पसंदगी की ही होंगीं और हमारी बीबियाँ हम दोनों की होंगी ना की किसी एक की। साँझा बिस्तर साँझा बीबियाँ..."
कमल हंस पड़ा, "यह तो बहुत अच्छा होगा। तब तो हम दोनों हमारी दोनों बीबियों के साथ ही रहेंगे और उनके साथ मिलजुलकर एन्जॉय करेंगे। कभी तुम मेरी बीबी के साथ रहना और मैं तुम्हारी बीबी के साथ। कैसी रहेगी? बोलो मंजूर?"
राज ने एक ही पल में कहा, "एकदम मंजूर।"
उस समय इतनी समझ नहीं थी की बीबी कोई बपौती संपत्ति नहीं है की उसे मिलजुल कर बाँटा जाये।