06-08-2019, 03:40 AM
मेरा नाम श्रीकांत है। मैं लखनऊ का रहने वाला हूँ। मैं अब 20 साल का जवान मर्द हो चूका हूँ और मेरी बोडी अब काफी सेक्सी हो गयी है। मेरी 2 गर्लफ्रेंड्स है शीना और मोनिका। दोनों की मैं चुदाई करता हूँ पर दोनों यही समझती है की मेरी सिर्फ एक गर्लफ्रेंड है। दोस्तों मैं नई नई चूत की तलाश में रहता हूँ और पडोस की भाभी लोगो को भी पटाकर चोद लेता हूँ। मैंने अपनी बहन तक को नही छोड़ा है। किसी भी जवान लड़की को देखकर मेरा लंड खड़ा हो जाता है। मेरे लंड की लम्बाई 8” की है।
इस लौड़े ने अनेक चूत में गोता लगाया है और कसके चुदाई की है। मैं अपने लंड को योगीबाबा के नाम से पुकारता हूँ। क्यूंकि इसने चोद चोदकर अच्छी अच्छी लड़कियों की चूत का धुंआ निकाल दिया है। मेरा योगीबाबा बहुत ताकतवर है और असली लौड़ा है। मेरा स्टैमिना 30 मिनट से जादा का है। मेरी चुदाई से हर लड़की काफी संतुस्ट दिखती है। कल की बात आपको बता रहा हूँ। मेरी सगी बहन का नाम वसुंधरा है। वो अब 19 साल की हो गयी है और मेरे साथ ही अभी तक सोती थी। मैं पहले वसुंधरा को गलत नजर से नही देखता था पर कुछ दिनों से उसका जिस्म एक सेक्सी औरत की तरह खिल गया था। वसुंधरा का नारी स्वभाव और नारीत्व अब दिखने लगा था और दूध कितने बड़े बड़े हो गये थे। मेरी बहन अब पूरी तरह से जवान हो गयी थी। अब उसे चोदने का दिल करता था। कल रात को सर्दी अचानक से जादा पड़ने लगी तो मैं अपनी बहन की तरफ खिसक गया। वो दूसरी तरफ मुंह करके सो रही थी टी शर्ट और लोवर पहने थी। मुझे सर्दी कुछ जादा ही लग रही थी तो मुझे मजबूर होकर वसुंधरा से चिपकना ही पड़ा। फिर वो करवट ले ली और मेरी ओर मुंह करके लेट गयी। मेरी नजरे उसकी चुस्त टी शर्ट पर पड़ी तो मैं सेक्सी फील करने लगा। जिन बड़े बड़े दूध को मैं दूर से तिरछी नजर से देखता था वो दूध मेरे बिलकुल पास थे। मेरी बहन के दूध 36” के बड़े बड़े गेंद जैसे थे और फिगर 36 32 36 था। रात के वक़्त कमरे में सिर्फ मैं और वसुंधरा ही थे।
मैंने जल्दी से अपना हाथ उसकी टी शर्ट पर रख दिया और चूची को सहलाने लगा। वसुंधरा सोती रही और कुछ न जान सकी। इसी बीच मुझपर सेक्स का भूत चढ़ गया और मैं तेज तेज दूध मसलने लगा। कुछ देर बाद उसकी चूत को छूने की इक्षा होने लगी। मैंने धीरे से उसके लोअर में हाथ घुसा दिया और पेंटी तक मेरी उंगलियाँ पहुच गयी। अब मैं अपनी सगी बहन की चूत पर ऊँगली से पेंटी के उपर सहलाने लगा। “ओह्ह कितनी गर्म चूत है इसकी!! बिलकुल भट्टी जैसी तप रही है” मैंने कहा। उसके बाद चूत को पेंटी के उपर से घिसने लगा। कुछ देर बाद वसुंधरा की आँख अचानक खुल गयी और उसने मुझे रंगे हाथो पकड़ लिया। “ये क्या भाई??? तुम ये क्या कर रहे हो??” वो परेशान होकर कहने लगी “मैं मैं वो वो….” बोलकर हकलाने लगा
“तुम मेरे साथ कुछ गलत काम कर रहे थे न। मैं कल मम्मी को सब बोल दूंगी” वसुंधरा बोली
“प्लीस बहन ऐसा मत करना प्लीस” मैंने हाथ जोडकर कहा
“पहले तुम बताओ की तुम मेरे साथ क्या कर रहे थे???” वसुंधरा बोली दोस्तों वो अभी चुदाई के बारे में कुछ नही जानती थी। उसे तो लंड और चूत की दोस्ती के बारे में भी कुछ नही जानती थी।
“वसुंधरा!! मैं तो तुमसे मजे लेने की सोच रहा था” मैंने धीरी आवाज में कहा “मजा?? किस तरह का मजा??” बहन बोली
मैंने उसी वक़्त अपना मोबाइल ओंन किया और अपनी सेक्सी बहन को कुछ ब्लू फिल्म दिखा दी। वसुंधरा की खूब मजा मिला चुदाई फिल्म देखकर। “बहन!! इसी मजे की बात तो मैं कर रहा था” मैंने कहा
“भाई!! तुम मेरे साथ चुदाई करो। अपना भी मजा लो और मुझे भी दे दो” वसुंधरा बोली फिर उसने खुद ही अपनी टी शर्ट और लोअर उतार दिया। फिर मैंने भी अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिए। इस समय दिसम्बर का मौसम चल रहा था। काफी सर्दी हो रही थी। पर चुदाई से हम दोनों को काफी गर्मी मिलने वाली थी। जब मैं पूरी तरह से नंगा हो गया तो मैंने अपने फोन की फ़्लैश लाईट ऑन कर दी। और बेड के साइड रख दिया। अब मुझे अपनी जवान बहन के मस्त मस्त दूध दिख रहे थे। जैसे ही मैंने वसुधरा के मस्त मस्त आम पर हाथ रखा और छूने लगा तो वो “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा सी सी सी ओह्ह” करने लगी। अपने मोबाइल की रौशनी में उसके चुचे किसी औरत की तरह बड़े बड़े लग रहे थे। मैं तो जान ही न सका की बहन कब जवान हो गयी। अंदर से उसका जिस्म कितना गोरा और चिकना था। ये सब देखकर मैं और उत्तेजित हो गया और वसुंधरा के मम्मो को हाथ से हिला हिलाकर दबाने लगा। फिर चूची मुंह में लेकर चूसने लगा। और किसी प्यारे छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा। “ओह्ह भाई!! कितना अच्छा लग रहा है!! और चूसो भाई” वसुंधरा बोली ये सुनकर मैं मुंह चला चलाकर उसके मम्मे चूसने लगा और काफी देर सक चूसता रहा। फिर दूसरी चूची को मुंह में लेकर चूसने लगा। वसुधरा के दूध तो किसी बड़ी उम्र की औरत की तरह अब बड़े बड़े हो गये थे। कितनी सेक्सी दिख रही थी। मैंने हाथ से बड़ी देर तक उसकी चूची को हाथ से मसला। वैसे ही 36” की चूचियां बड़ी रसीली होती है। वसुंधरा
“……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”करती रही। अब मैंने उसे बाहों में कर लिया और पुरे जिस्म पर खूब चुम्मा लिया। “आई लव लू भाई!!” वसुंधरा ऐसा बोलने लगी
“आई लव यू बहना!!” मैंने कहा
इस लौड़े ने अनेक चूत में गोता लगाया है और कसके चुदाई की है। मैं अपने लंड को योगीबाबा के नाम से पुकारता हूँ। क्यूंकि इसने चोद चोदकर अच्छी अच्छी लड़कियों की चूत का धुंआ निकाल दिया है। मेरा योगीबाबा बहुत ताकतवर है और असली लौड़ा है। मेरा स्टैमिना 30 मिनट से जादा का है। मेरी चुदाई से हर लड़की काफी संतुस्ट दिखती है। कल की बात आपको बता रहा हूँ। मेरी सगी बहन का नाम वसुंधरा है। वो अब 19 साल की हो गयी है और मेरे साथ ही अभी तक सोती थी। मैं पहले वसुंधरा को गलत नजर से नही देखता था पर कुछ दिनों से उसका जिस्म एक सेक्सी औरत की तरह खिल गया था। वसुंधरा का नारी स्वभाव और नारीत्व अब दिखने लगा था और दूध कितने बड़े बड़े हो गये थे। मेरी बहन अब पूरी तरह से जवान हो गयी थी। अब उसे चोदने का दिल करता था। कल रात को सर्दी अचानक से जादा पड़ने लगी तो मैं अपनी बहन की तरफ खिसक गया। वो दूसरी तरफ मुंह करके सो रही थी टी शर्ट और लोवर पहने थी। मुझे सर्दी कुछ जादा ही लग रही थी तो मुझे मजबूर होकर वसुंधरा से चिपकना ही पड़ा। फिर वो करवट ले ली और मेरी ओर मुंह करके लेट गयी। मेरी नजरे उसकी चुस्त टी शर्ट पर पड़ी तो मैं सेक्सी फील करने लगा। जिन बड़े बड़े दूध को मैं दूर से तिरछी नजर से देखता था वो दूध मेरे बिलकुल पास थे। मेरी बहन के दूध 36” के बड़े बड़े गेंद जैसे थे और फिगर 36 32 36 था। रात के वक़्त कमरे में सिर्फ मैं और वसुंधरा ही थे।
मैंने जल्दी से अपना हाथ उसकी टी शर्ट पर रख दिया और चूची को सहलाने लगा। वसुंधरा सोती रही और कुछ न जान सकी। इसी बीच मुझपर सेक्स का भूत चढ़ गया और मैं तेज तेज दूध मसलने लगा। कुछ देर बाद उसकी चूत को छूने की इक्षा होने लगी। मैंने धीरे से उसके लोअर में हाथ घुसा दिया और पेंटी तक मेरी उंगलियाँ पहुच गयी। अब मैं अपनी सगी बहन की चूत पर ऊँगली से पेंटी के उपर सहलाने लगा। “ओह्ह कितनी गर्म चूत है इसकी!! बिलकुल भट्टी जैसी तप रही है” मैंने कहा। उसके बाद चूत को पेंटी के उपर से घिसने लगा। कुछ देर बाद वसुंधरा की आँख अचानक खुल गयी और उसने मुझे रंगे हाथो पकड़ लिया। “ये क्या भाई??? तुम ये क्या कर रहे हो??” वो परेशान होकर कहने लगी “मैं मैं वो वो….” बोलकर हकलाने लगा
“तुम मेरे साथ कुछ गलत काम कर रहे थे न। मैं कल मम्मी को सब बोल दूंगी” वसुंधरा बोली
“प्लीस बहन ऐसा मत करना प्लीस” मैंने हाथ जोडकर कहा
“पहले तुम बताओ की तुम मेरे साथ क्या कर रहे थे???” वसुंधरा बोली दोस्तों वो अभी चुदाई के बारे में कुछ नही जानती थी। उसे तो लंड और चूत की दोस्ती के बारे में भी कुछ नही जानती थी।
“वसुंधरा!! मैं तो तुमसे मजे लेने की सोच रहा था” मैंने धीरी आवाज में कहा “मजा?? किस तरह का मजा??” बहन बोली
मैंने उसी वक़्त अपना मोबाइल ओंन किया और अपनी सेक्सी बहन को कुछ ब्लू फिल्म दिखा दी। वसुंधरा की खूब मजा मिला चुदाई फिल्म देखकर। “बहन!! इसी मजे की बात तो मैं कर रहा था” मैंने कहा
“भाई!! तुम मेरे साथ चुदाई करो। अपना भी मजा लो और मुझे भी दे दो” वसुंधरा बोली फिर उसने खुद ही अपनी टी शर्ट और लोअर उतार दिया। फिर मैंने भी अपने कपड़े उतारना शुरू कर दिए। इस समय दिसम्बर का मौसम चल रहा था। काफी सर्दी हो रही थी। पर चुदाई से हम दोनों को काफी गर्मी मिलने वाली थी। जब मैं पूरी तरह से नंगा हो गया तो मैंने अपने फोन की फ़्लैश लाईट ऑन कर दी। और बेड के साइड रख दिया। अब मुझे अपनी जवान बहन के मस्त मस्त दूध दिख रहे थे। जैसे ही मैंने वसुधरा के मस्त मस्त आम पर हाथ रखा और छूने लगा तो वो “..अहहह्ह्ह्हह स्सीईईईइ….अअअअअ….आहा …हा हा हा सी सी सी ओह्ह” करने लगी। अपने मोबाइल की रौशनी में उसके चुचे किसी औरत की तरह बड़े बड़े लग रहे थे। मैं तो जान ही न सका की बहन कब जवान हो गयी। अंदर से उसका जिस्म कितना गोरा और चिकना था। ये सब देखकर मैं और उत्तेजित हो गया और वसुंधरा के मम्मो को हाथ से हिला हिलाकर दबाने लगा। फिर चूची मुंह में लेकर चूसने लगा। और किसी प्यारे छोटे बच्चे की तरह चूसने लगा। “ओह्ह भाई!! कितना अच्छा लग रहा है!! और चूसो भाई” वसुंधरा बोली ये सुनकर मैं मुंह चला चलाकर उसके मम्मे चूसने लगा और काफी देर सक चूसता रहा। फिर दूसरी चूची को मुंह में लेकर चूसने लगा। वसुधरा के दूध तो किसी बड़ी उम्र की औरत की तरह अब बड़े बड़े हो गये थे। कितनी सेक्सी दिख रही थी। मैंने हाथ से बड़ी देर तक उसकी चूची को हाथ से मसला। वैसे ही 36” की चूचियां बड़ी रसीली होती है। वसुंधरा
“……अई…अई….अई……अई….इसस्स्स्स्स्स्स्स्…….उहह्ह्ह्ह…..ओह्ह्ह्हह्ह….”करती रही। अब मैंने उसे बाहों में कर लिया और पुरे जिस्म पर खूब चुम्मा लिया। “आई लव लू भाई!!” वसुंधरा ऐसा बोलने लगी
“आई लव यू बहना!!” मैंने कहा
जिंदगी की राहों में रंजो गम के मेले हैं.
भीड़ है क़यामत की फिर भी हम अकेले हैं.
