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Adultery Mother and Son : A taboo affair 3
#8
चौथा अध्याय.....… शालिनी सिंह ( शुभम की मां )

[Image: RDT-20260530-1521537809777256297273841-1.jpg]

आपके लिए पेश है, झारखंड की शालिनी सिंह ।

मैं शालिनी सिंह , मैं 39 साल की हूँ, बात पिछले 2 साल पहले की है, एक शाम मार्केट से वापिस आई तो शाम का खाना खाकर । अपने बेड पे लेटी हुई थी, करीब साढ़े सात बजे मेरी एक महिला सहेली कुसुम का फोन आया ।

कुसुम बोली - शालिनी , मुझे तेरी एक मदद चाहिए ।

मैंने थोड़ा हैरान होते हुये पूछी - कैसी मदद चाहिए ?

कुसुम ने कहा: मेरा एक बॉयफ्रैंड अभी मुझसे मिलना चाहता इस लिए मैं उसे तेरे घर पर बुलाना चाहती हुं।

मैंने कहा : तेरे घर पर किया प्रोब्लम है ?

कुसुम ने कहा : तू तो जानती है ना मेरे घर मेरे ससुर और बच्चे हैं। मगर तेरा घर तो बिल्कुल खाली हैं तेरा पति और बेटा बाहर में रहते हैं इस लिए तेरे घर पर बुलाना चाहती हुं।

मैंने कहा : जब ऐसी प्रोब्लम है तो तु उसे इतनी रात घर पर क्यों बुला रही है।

कुसुम ने कहा : तुझे तो पता है ना मेरे पति को नौकरी पर गये हुऐ छः महीने बीत चुका है इस लिए पिछले छः महीने से चूत को लंड की जरूरत है इसलिए बुला रही हुं।

मैंने कहा : अच्छी ठीक है, बुला ले । वैसे भी वह तो तेरी लेगा , मेरी तो नहीं।

कुसुम ने कहा :  अगर तू बोलेगी तो तेरे लिए उसे राज़ी करवा लुंगी।

मैंने कहा- अरे तू पागल हो गई है क्या, ऐसे कैसे किसी से भी सेक्स कर लूँगी मैं?

कुसुम ने कहा : देख यार वो यहाँ आएगा, मुझे तेरे सामने तेरे ही बेड पे सेक्स करेगा, देखकर तेरा भी मन मचलेगा, तो क्यों न दोनों सहेलियाँ, एक साथ एंजॉय करें, मैं उधर तू इधर!

मैं कुछ सोचने लगी तभी कुसुम फिर बोली- देख दिल तो तेरा भी कर रहा है, अगर लड़का पसंद न आया, तो मत करना अगर पसंद आ गया तो कर लेना, किसको पता चलने वाला है और हमारे सिवा और कौन देख रहा है, क्यों क्या बोलती है?’

मैं थोड़ी देर सोचने के बाद उसे हां कर दिया और बोली - ठीक है, अगर लड़का ठीक ठाक हुआ तो देख लेंगे।

कुसुम ने अपने बॉय फ्रेंड को फोन किया और मेरे घर बुलाया।
करीब आधे घंटे बाद, दरवाजे पे दस्तक हुई, मैंने उठकर दरवाजा खोली तभी एक लड़का अंदर आया , करीब 6 फीट लंबा, गोरा चिट्टा, देखने में भी सुंदर था और स्पोर्ट्समैन लग रहा था। उसने टी शर्ट और बरमूडा पहने हुये थे। उसके अंदर आते ही कुसुम ने गले लगा लिया और उस लड़के ने भी कुसुम के होंठों पे ज़ोर से किस किया। थोड़ी देर किस करने के बाद दोनों अलग-अलग हुए लड़का कुर्सी पे बैठ गया।

थोड़ी देर कुसुम और उसका यार आपस में बातें करते । मैं चुपचाप उस दोनों से थोड़ी दूर कुर्सी पे बैठ गई और मैं अपने फोन चला रही थी ,पर मेरा दिल बहुत तेज़ी से धड़क रहा था।

तभी कुसुम ने मुझे कहा - अरे शालिनी , वहाँ बैठी क्या कर रही है, इधर आ!
मैं थोड़ा कशमकश में उलझी उठकर कुसुम के पास गई और एक साइड पे बैठ गई, तो कुसुम ने मेरा इंट्रोड्यूस अपने यार गौरव से करवायी।

गौरव ने मेरे साथ हाथ मिलाया,गौरव का हाथ बहुत सख्त और मजबूत था, उससे हाथ मिलाते हुये मेरे दिल के तार झनझना उठे।
हाथ मिलाने के बाद उस लड़के ने मुझे एक गिफ्ट सा दिया- यह आपके लिए!
मैंने थैंक्स कहकर ले लिया और खोलकर देखा उसमे मेरी ही पसंद के चोकलेट्स थे, शायद कुसुम ने मेरी पसंद बता दी होगी।

हम दोनों में अभी कोई बात नहीं हुई थी, मगर कुसुम और गौरव का प्रोग्राम बन चुका था सो गौरव बोला- देखो कुसुम हम यहाँ बातें करने नहीं आए हैं, इस लिए हमारा बेड कहां है , मुझे एंजॉय करना है और अगर आपको भी एंजॉय करना है तो बेड पे आ जाओ।

मैं कुसुम की तरफ देखी वो कुर्सी छोड़ के उठ खड़ी हुई और बेडरूम में जाकर बेड़ को तैयार करने लगी ।

इधर गौरव मेरे पास आया और बोला- आपके पास कौन सा फोन है? मैंने उसे अपना फोन दिखाया।
‘ओह गुड!’ इसमें कौन-कौन से वीडियो हैं ? : गौरव ने कहा
मैं उसे अपने फोन पे डाऊनलोड किए हुये वीडियो दिखने लगी।
‘वटसऐप पे वीडियोज़ तो आती होंगी?’ फिर गौरव ने पूछा।
‘नहीं नहीं आती हैं।’ मैंने कहा।

इससे मतलब साफ था कि वो मुझे सेक्सी वीडियोज़ दिखाकर गरम करना चाह रहा था, जबकि गरम तो मैं पहले से ही थी, बस शर्म का लिहाफ ओढ़े लेटी थी।

मैंने कुछ नहीं कहा, मगर फिर भी उसने ने अपने मोबाइल पे एक सेक्सी वीडियो खोलकर मुझे देखने को दी। मैंने उसका मोबाइल अपने हाथ में पकड़ा और वीडियो देखने लगी, जबकि मन में मैं सोच रही थी ‘यार ये क्या दिखा रहा है, तू सीधा ही आकर पकड़ ले मुझे , मैं कौन सा मना करने वाली हुं !

वीडियो में क्या था, एक अंग्रेज़ लड़की को एक अंग्रेज़ लड़का चोद रहा था।

जब 2 मिनट की वीडियो मैं देख चुकी तो गौरव ने पूछा- शालिनी , क्या मैं भी तुम्हारे साथ आकर बैठ के ये वीडियो देख सकता हूँ। मतलब साफ था वो मुझे बेड पे ले जाना चाहता था, । मैंने उसे ' हां ' कहा। फिर हम दोनों बेड पर पहुंचे । वहां कुसुम पहले से मौजूद थी । वो मेरे बिल्कुल पास आकर साथ में सटकर बैठ गया।

कोई बढ़िया सा पर्फ्यूम लगाकर आया था, उसका मोबाइल मेरे ही हाथ में था, वो मोबाइल पे अलग अलग वीडियो चलाकर दिखा रहा था, कभी कोई कभी कोई, इसी दौरान उसने अपना हाथ मेरे पीछे से घूमाकर मेरे कंधे के पास रख लिया।


एक तरह से मैं उसकी आगोश में आ गई थी, अब जब दोनों मोबाइल पर एक के बाद एक ब्लू फिल्में देख रहे थे, तो मेरा भी ज़्यादा नखरे करने का कोई मतलब नहीं बनता था, मैंने भी उसे इशारा देने के लिए उसके कंधे पर ही अपना सर टिका लिया, सर टिकाते ही उसने मुझे अपनी दोनों बाहों में ऐसे घेर लिया जैसे मैं उसकी गर्ल फ्रेंड हूँ, खैर मुझे भी इस बात का कोई बुरा नहीं लगा।

जब 2-3 वीडियोज़ हमने देख ली तो गौरव ने पूछा- शालिनी , क्या मैं तुम्हें किस कर सकता हूँ?

मैं कुछ न बोली, तो उसने खुद ही मेरी ठोड़ी पकड़ी और मेरा चेहरा ऊपर को उठाया और मेरे होंठों पे एक हल्का सा चुम्बन लिया, मैंने कोई विरोध नहीं किया और उसे आराम से चूम लेने दिया।

मगर उसने एक चुंबन लेकर ही बस नहीं की, एक के बाद दो,तीन बार मेरे होंठों को चूमा और उसके बाद मेरे होंठों को अपने होंठों में ही लेकर चूसने लगा।
मुझे भी बहुत अच्छा लगा, मैं उसी की तरफ घूम गई और उसे अपनी बाहों में भर लिया, वो भी आगे को सरक गया और मुझे सीधा लेटा कर ऑल्मोस्ट मेरे ऊपर ही चढ़ गया।

मेरे होंठ चूमते चूमते उसने मेरे चुचियों पे हाथ रखा और बड़े आराम से धीरे धीरे दबाया, पहले एक और फिर दूसरा।
मैं उसे किसिंग में सहयोग देती रही, मज़ा तो मुझे भी आ रहा था, चाहे ये बहुत अजीब लग रहा था कि जिस इंसान को मैं 15 मिनट पहले जानते भी नहीं थी, वो इस वक़्त मेरे बदन से खेल रहा था।

मेरी तरफ से सहयोग देखकर उसने मेरी टी शर्ट के अंदर हाथ डाला पहले मेरी पीठ को सहलाया और फिर हाथ आगे बढ़ा के मेरे चुचियों पे ले आया।

रात को सोते वक़्त मैं ब्रा पेंटी कभी नहीं पहनती सो नीचे से तो नंगी ही थी।

दोनों चुचियों को दबा दबा के मसलने के बाद वो बिल्कुल मेरे ऊपर आ गया, अपने पाँव से उसने मेरे दोनों पाँव अलग किए, अपनी टाँगों से मेरी दोनों टाँगें खोली और खुद को मेरे बीच में एडजस्ट कर लिया।
उसके कड़क लंड को मैं अपनी चूत पे लगा हुआ महसूस कर रही थी।

मेरी टी शर्ट उठाकर उसने मेरे दोनों चुचियों बाहर निकाल लिए।
‘वाउ, ब्यूटीहुल…’ उसने कहा, फिर मेरे दोनों चुचियों को अपने हाथों में पकड़कर दबाया और फिर बारी बारी से उन्हें चूसा।
न सिर्फ निप्पलों को चूसा बल्कि सारे के सारे चुचियों को अपनी जीभ से ऐसे चाटा जैसे उन पर शहद लगा हो।

चुचियों चाटने के बाद वो पेट पर आ गया। पेट और कमर के आस पास उसने खूब चूमा। लगता था कि वह कबड्डी का भी अच्छा खिलाड़ी था, हर दांव पेच से अच्छी तरह वाकिफ था , कि लड़की को कैसे तड़पाते हैं।

फिर मेरी लोअर उतारने लगा तो मैंने उसका हाथ पकड़ लिया।
‘क्या हुआ?’ उसने पूछा।
‘अभी नहीं!’ मैंने कहा।

वो रुक गया, पर उसने अपनी टी शर्ट बरमूडा उतार दिया, नीचे से उसने फ्रेंची पहनी थी, छोटी सी चड्डी उसका लंड संभालने के लिए नाकाफी थी, इसीलिए उसका तना हुआ आधा लंड तो ऊपर से ही चड्डी से बाहर निकला पड़ा था।

मैंने देखा तो हंस पड़ी-अगर इससे बाहर ही रखना है तो पहनने का क्या फायदा?’ मैंने कहा तो उसने चड्डी भी उतार के फेंक दी।

6 फुट का जवान, और 7 इंच के करीब उसका लंबा मोटा और काला लंड पूरी तरह से अकड़ा हुआ ऊपर को मुँह उठाए।
आस पास कोई बाल नहीं, शायद आजकल में ही शेव की हो।
हाँ सीने और पेट पर बाल थे, उसे नंगा देखा तो मैं देखती रह गई।
उसने आगे बढ़कर मेरा लोअर उतारा, इस बार मैंने कोई विरोध नहीं किया। लोअर के नीचे तो मैं नंगी ही थी, मेरी गोरी चिकनी वीट से बाल की सफाई कर चुकी चूत को देखा तो बोला- वाह, कितनी प्यारी, कितनी मासूम सी पुस्सी है तुम्हारी, जी करता है खा जाऊँ इसे!

मैं कुछ नहीं बोली, उसने मेरी टाँगें खोली और नीचे आकर अपना मुँह मेरी चूत से लगा दिया। जब उसने अपनी खुरदुरी सी जीभ मेरी चूत के अंदर फेरी तो मेरे तो रोंगटे खड़े हो गए, मैं कसमसा उठी, कभी इस तरफ को पलटी मारूँ कभी उस तरफ को मगर उसने अपना मुँह मेरी चूत से नहीं हटाया।

आखिर मैं भी कब तक तड़पती मैंने भी हाथ बढ़ाकर उसका लंड पकड़ लिया

उसने मेरी चूत छोड़ी, मेरी दोनों टाँगे खींच कर मुझे नीचे को खिसकाया और मेरी बगल में उल्टा होकर लेट गया उसने फिर से मेरी टाँगे खोलकर अपना मुँह मेरी चूत से लगा दिया और मेरी चूत चाटने लगा, तो मैंने भी उसका लंड अपने मुँह में ले लिया और चूसने लगी।

थोड़ी देर ऐसे ही चाटने के बाद उसने मुझे अपनी बाहों के ज़ोर से घूमा कर ऊपर कर लिया। अब वो मेरे नीचे था और मैं ऊपर !
मेरी चूत से लेकर गाँड तक वो सब कुछ चाट गया।
ज़िंदगी में पहली बार किसी ने गान्ड को चाटा था, एक सिरे से दूसरे सिरे तक वो अपनी जीभ से चाट रहा था।

मैंने भी उसका लंड और आँड वगैरह सब कुछ अपनी मुँह में लेकर चूस गई। सच में साले ने बहुत मज़ा दिया।

जब चूसा चासी काफी हो गई, तो गौरव ने पूछा- अब आगे बढ़ें?

मैं भी हाँ कह दी। उसने मुझे बेड के बीचों बीच लेटाया और खुद भी मेरे ऊपर आ गया।

मैंने खुद अपनी टाँगे खोलकर उसके लंड का स्वागत किया।
मेरे ऊपर लेट कर उसने अपनी बाहें मेरे नीचे से निकाल कर मुझे अपनी आगोश में कैद कर लिया, फिर मेरे होंठों को चूसते हुये उसने अपना लंड मेरी चूत पे रगड़ना चालू किया।
सच में लंड की रगड़ से मेरी चूत में बहुत मज़ा आ रहा था और ऐसे ही रगड़ते रगड़ते अचानक उसने अपना लंड मेरी चूत के अंदर घुसा दिया।

चूत तो पहले सी गीली थी, सो एक बार में ही उसके लंड का टोपा अंदर घुस गया, मैं थोड़ा सा हिली- क्या हुआ, ठीक है?
गौरव ने पूछा।

मैंने कहा- हाँ ठीक है।
तो गौरव ने मेरी आँखों में देखते हुये बाकी का लंड भी मेरी चूत में घुसा दिया।
जब उसका पूरा लंड मेरी चूत में घुस गया तो उसने बड़े ही आहिस्ता से अपना लंड आगे पीछे चलाना शुरू किया।
सेक्स तो मैंने बहुत की थी , वो भी बहुत अच्छा था, मगर इसके सेक्स करने का अंदाज़ कुछ जुदा था, हर स्ट्रोक के साथ जैसे वो मेरे चेहरे के भाव पढ़ने की कोशिश करता कि कहीं मुझे कोई तकलीफ तो नहीं हो रही, वैसे भी उसने अपनी स्पीड स्लो ही रखी मगर निरंतरता बरकरार थी।
मोटा होने की वजह से उसका लंड मेरी चूत की सभी दीवारों से रगड़ के चल रहा था और मेरी चूत के कोने कोने की खुजली शांत हो रही थी।
करीब 5 मिनट उसने बड़े आराम से किया, मगर अब मेरा होने की कगार पर था, सो मैंने कहा-अब धीरे धीरे नहीं, ज़ोर ज़ोर से करो, एकदम तेज़!
मैंने तो कह दिया, मगर उसके बाद उसने जो अपनी ताकत जो जोश दिखाया मेरे तो होश ही उड़ गए, मेरे तो जिस्म के अंजर पंजर हिल गए। क्या ज़ोर था साले में!

अगले एक मिनट में ही मेरा तो पानी छुट गया, मैं नीचे तड़प रही हूँ, स्खलित हो रही हूँ, फिर उसने इस बात की परवाह नहीं की।
बस वह चोदा चोदा जा रहा था , बस पूछो ही मत! कभी मेरे चुचियों को काट खाता, कभी मुँह में जीभ डालता, कभी गालों को मुँह में लेकर चूसता, बस समझो कि खा गया मुझे ।

और अगले 15 मिनट उसने मेरे साथ ऐसे ही ज़बरदस्त चुदाई की।
उसकी एक चुदाई में मैं 2 बार डिस्चार्ज हो गई।
चूत तो ऐसे हो गई थी जैसे किसी ने सैंड पेपर लेकर रगड़ दी हो, अंदर तक छिली पड़ी थी।

जब उसका डिस्चार्ज होने वाला था, तब उसने कहा, शालिनी मेरा होने वाला है, कहा करूँ?
‘कहाँ मतलब, बाहर करो, प्रेग्नेंट नहीं होना मुझे!’ मैंने कहा।
‘मुँह में लोगी?’ उसने पूछा।

मुझे तो डर लगा कि यह मेरा मुँह फाड़ देगा, मैंने कहा- नहीं बस बाहर कर दो।

उसके बाद का जो आखरी धक्के उसने मारे, वो तो ऐसे थे, जैसे वो अपना लंड मेरी चूत में डालकर मेरे मुँह से बाहर निकाल देना चाहता हो, मेरी तो आँखों से भी पानी आ गया।
और फिर उसने चोदते चोदते एकदम से अपना लंड बाहर निकाला और उसके लंड से वीर्य की पिचकारियाँ निकल पड़ी, मेरा पेट, छाती, मुँह सब गंदा कर दिया उसने। कितना माल छोड़ा उसके लौड़े ने । मैं तो सारी की सारी गंदी हो गई।

और वो भी जब निढाल हुआ तो बेड से ही नीचे गिर गया और वहीं पे लेट गया। तभी कमरे में कुसुम आई ।

वो हमदोनों को बिल्कुल नंगे देखकर शर्म गई , मगर मैं इस हालत में ही नहीं थी कि उठकर अपने कपड़े पहनती, या खुद को ढकती।

‘वाह, गौरव क्या शानदार चुदाई की तूने तो!’ कुसुम बोली।
गौरव ने नीचे लेटे लेटे कहा- अब तुम्हारी बारी है ।
कुसुम चुप रही, शायद उसके दिल में खुशी थी, कुसुम थोड़ी देर बाद बोली - गौरव तुमने ने तो शालिनी की माँ चोद दी, अब ऐसा कर तू मेरी भी माँ चोद दे।

कुसुम ने उसको एक हल्का सा घूंसा मारा प्यार में, गौरव नीचे लेटे लेटे बोला- थोड़ा रुक जा, सांस लेने दे, फिर देखना, तेरे सारे खानदान को न चोद डालूँ तो कहना।
कुसुम ने मुझसे पूछा- शालिनी तू ठीक है?
मैंने साइड पे पड़ी चादर उठाई और उसे ओढ़कर करवट लेकर लेट गई- हाँ मैं ठीक हूँ, थक गई हूँ, अब सोना चाहती हूँ।

उसके बाद लेटे लेटे मुझे कब नींद आ गई, पता ही नहीं चला।
अगले दिन सुबह 10 बजे के करीब आँख खुली, देखा तो कुसुम बेड पे बिल्कुल नंगी लेटी सो रही थी। मैंने उठकर अपने कपड़े पहने और कुसुम को भी जगाया। फिर मैं चाय बनाने केलिए किचन में चली गई।

चाय पीते पीते कुसुम ने बताया- रात साढ़े 3 बजे गौरव गया , तुम तो सो गई, तुम्हारे बाद, गौरव ने एक बार मेरे साथ सेक्स किया। सच में गौरव में जान बहुत है ।
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RE: Mother and Son : A taboo affair 3 - by Puja3567853 - 17-10-2026, 03:15 PM
RE: Mother and Son : A taboo affair 3 - by Raghu - 18-10-2026, 09:22 PM
Mother secret Affair episode 2 - by Puja3567853 - 19-04-2025, 10:01 PM



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