3 hours ago
(This post was last modified: 2 hours ago by rajusethzee. Edited 2 times in total. Edited 2 times in total.)
*(कमरे का तापमान अब चरम सीमा पर पहुँच चुका था। रामू ने बिस्तर पर लेटकर अपनी टांगें फैला लीं, और मम्मी तुरंत उसके ऊपर 'काउगर्ल' पोजीशन में आकर बैठ गईं। मम्मी अब रामू के लिंग के ऊपर बैठकर लयबद्ध तरीके से ऊपर-नीचे होने लगीं, जबकि रामू नीचे से अपनी कमर के ज़ोरदार धक्कों से मम्मी को ऊपर की ओर उछाल रहा था।)*
*(तभी कल्लू मम्मी के बिल्कुल बगल में आकर बैठ गया। उसकी आँखों में वासना साफ़ झलक रही थी। मम्मी ने अपना एक हाथ रामू के लिंग के संचालन में लगा रखा था और दूसरे हाथ से कल्लू के मोटे, पसीने से तरबतर लिंग को पकड़ लिया। वे बड़े ही मजे से कल्लू के लिंग को ऊपर-नीचे हिलाने लगीं।)*
*(मम्मी के हाथों की गर्मी और रगड़ महसूस करते ही कल्लू के गले से एक गहरी गुर्राहट निकली। वह अपनी आँखें बंद करके मम्मी के हाथों के स्पर्श का आनंद लेने लगा। उधर, रामू भी नीचे से पूरी ताकत लगाकर मम्मी की कमर को थामे हुए था, ताकि हर धक्का गहरा और असरदार हो।)*
*(मम्मी के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान तैर रही थी। उन्होंने एक हाथ से कल्लू के लिंग को हिलाना जारी रखा और दूसरे हाथ से रामू के सीने को सहलाते हुए खिलखिलाकर बोलीं।)*
**मम्मी:** "हाहाहा! सच कह रही हूँ तुम दोनों... अगर तुम्हारे साहब घर पे न होते, तो तुम दोनों मुझे ऐसे ही नंगा रखते और रोज़ मेरी ऐसी ही सेवा करते! कितना मज़ा आता ना?"![[Image: 5162041.gif?validfrom=1762923600&validto...2BZk0Wk%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/5162041.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=R%2BR5zqO0BsF2AMqxzHMJ9%2BZk0Wk%3D)
*(मम्मी की बात सुनते ही कल्लू के चेहरे पर एक टेढ़ी मुस्कान आ गई। उसने अपनी उंगलियों से मम्मी के बालों को हल्का सा खींचा और उनके कान के पास झुककर धीमी लेकिन भारी आवाज में बोला।)*
**कल्लू:** "मालकिन... अगर साहब घर पर न होते, तो मैं आपको बिस्तर से उठने तक का मौका नहीं देता। सारा दिन बस आपकी इसी तरह सेवा करता रहता।"
*(रामू, जो नीचे से मम्मी की कमर को मजबूती से पकड़े हुए था, कल्लू की बात सुनकर और भी उत्तेजित हो गया। उसने एक लंबा और गहरा धक्का लगाया जिससे मम्मी के शरीर में एक सिहरन दौड़ गई।)*
**रामू:** "(हांफते हुए) सही कहा कल्लू भाई..."
*(कमरे का माहौल अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुका था। रामू ने अपनी उत्तेजना को काबू में नहीं रख पाया और उसने मम्मी के उभरे हुए नितंबों (chutar) को अपने दोनों हाथों से कसकर जकड़ लिया। अब वह अपनी पूरी ताकत और जोश के साथ मम्मी की कमर को ऊपर की ओर खींचते हुए ज़ोरदार धक्के मारने लगा।)*
*(मम्मी, जो पहले से ही चरम सुख की दहलीज पर थीं, अब कल्लू के लिंग को अपने मुँह में भरकर उसे पूरी शिद्दत से चूसने लगीं। उनकी जीभ कल्लू के लिंग के ऊपरी हिस्से पर गोल-गोल घूम रही थी और उनके होंठों का दबाव ऐसा था कि कल्लू का पूरा शरीर थरथराने लगा।)*
![[Image: porn-gif-magazine-pornporngifs23.gif]](https://porngifmag.com/content/2015/10/porn-gif-magazine-pornporngifs23.gif)
*(कल्लू का गला एक अजीब सी दबी हुई चीख से भर गया जब मम्मी की गर्म जुबान और उनके होंठों का दबाव उसके लिंग के अगले हिस्से पर पड़ा। उसका पूरा शरीर अकड़ गया और उसने बेड की चादर को अपनी मुट्ठियों में कसकर जकड़ लिया।)*
**कल्लू:** "(गहरी और लड़खड़ाती हुई आवाज़ में) आह्ह्ह... मालकिन! आप... आप तो मुझे पागल कर देंगी! आपका मुँह... उफ्फ!"
*(मम्मी ने कल्लू की तड़प को भांप लिया और अपनी चूसने की रफ्तार और बढ़ा दी। वे अब अपने सिर को आगे-पीछे झटकते हुए कल्लू के लिंग को गहराई तक अपने गले में उतारने लगीं, जिससे कल्लू के पेट में एक बिजली सी दौड़ गई।)*
*(दूसरी तरफ, रामू का जोश सातवें आसमान पर था। उसने मम्मी के नितंबों को इतनी जोर से दबाया कि उन पर उसकी उंगलियों के निशान पड़ गए। रामू के हर गहरे धक्के के साथ मम्मी के शरीर की गति और बढ़ रही थी। कमरे में केवल मांस के टकराने की आवाज़ और कल्लू की सिसकियों का शोर गूँज रहा था।)*
**रामू:** "(सांस फूलते हुए और चिल्लाते हुए) आहhh... मम्मी! आप कितनी टाइट हैं..."
*(मम्मी ने जैसे ही कल्लू के लिंग को अपने मुँह से बाहर निकाला, उनके होंठों पर लार की एक चमकदार लकीर थी और उनकी साँसें तेज़ी से चल रही थीं। कल्लू की इस प्रस्ताव वाली बात ने पूरे कमरे की हवा बदल दी। उसने अपनी प्यासी निगाहों से मम्मी के चेहरे को देखा और फिर नीचे रामू की ओर इशारा किया।)*
**कल्लू:** "(भारी और कामुक आवाज़ में) मालकिन... एक रिक्वेस्ट है। क्या मैं आपके गांड में भी अपना लिंग डाल सकता हूँ? सोचिए, आपको एक साथ दो लिंगों का मज़ा आएगा... रामू का लिंग आपकी चुत में और मेरा लिंग आपकी गांड में! आप बीच में फंसकर पूरी तरह से हमारे वश में होंगी।"
*(मम्मी की आवाज़ में डर और उत्तेजना का एक मिला-जुला अहसास था। उन्होंने अपनी आँखें बंद कर लीं और खुद को थोड़ा और ढीला छोड़ दिया, मानो उस नए दर्द और आनंद के लिए तैयार हो रही हों।)*
**मम्मी:** "(धीमी और कांपती हुई आवाज़ में) अच्छा ठीक है... लेकिन कल्लू, ध्यान रखना... बहुत धीरे से डालना... पहली बार है ना..."
*(कल्लू ने मम्मी की इस बात पर एक गहरी और शिकारी जैसी मुस्कान दी। उसने अपना लिंग मम्मी के पिछले रास्ते यानी गांड के द्वार पर टिकाया। वह महसूस कर पा रहा था कि मम्मी का पिछला हिस्सा कितना सख्त और संकुचित है। उसने धीरे से अपना अगला हिस्सा अंदर धकेलना शुरू किया।)*
*(जैसे ही कल्लू ने अपना मोटा लिंग मम्मी के संकुचित गांड के छेद पर दबाव डाला, मम्मी के मुँह से एक तीखी चीख निकल गई। वह दर्द और अनजाने रोमांच के बीच झूल रही थीं। कल्लू ने उनकी चेतावनी याद रखी और बहुत ही सावधानी से, इंच दर इंच अपना हिस्सा अंदर ले जाने लगा।)*
*(रामू, जो सामने से मम्मी की चुत में धक्के मार रहा था, कल्लू की इस हरकत को देखकर और भी ज्यादा उत्तेजित हो गया। उसने मम्मी के नितंबों को और भी जोर से पकड़ लिया ताकि कल्लू को अंदर डालने में आसानी हो।)*
**कल्लू:** "(दांत पीसते हुए और भारी सांस लेते हुए) आह्ह्ह... मालकिन, आपका पिछला रास्ता तो पत्थर जैसा सख्त है... पर मैं इसे खोल ही दूंगा। बस थोड़ा सा और..."
*(दर्द की वो शुरुआती लहर अचानक एक अजीब सी सनसनी में बदल गई। मम्मी को एहसास हुआ कि यह दर्द नहीं, बल्कि एक ऐसा चरम सुख है जो उन्होंने पहले कभी महसूस नहीं किया था। उनके चेहरे पर दर्द की शिकन गायब हो गई और उनकी जगह एक मदहोश कर देने वाली हंसी ने ले ली।)*
**मम्मी:** "(खिलखिलाते हुए और बेकाबू होकर) हाहाहा! ओह मेरे भगवान! यह... यह तो कमाल है! मुझे लगा था दर्द होगा, पर यहाँ तो स्वर्ग मिल रहा है! कल्लू... रामू... तुम दोनों ने तो मुझे पागल कर दिया!"![[Image: 19429401.gif?validfrom=1762923600&validt...aYOOxHI%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/19429401.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=c49m36fUxX8eJkZ8tGyEaYOOxHI%3D)
*(मम्मी की इस हंसी और उनकी बातों ने कल्लू और रामू के भीतर की वासना को आग की तरह भड़का दिया। अब वे दोनों रुकने वाले नहीं थे। मम्मी का शरीर अब पूरी तरह से उन दोनों के नियंत्रण में था।)*
*(रामू ने मम्मी के कमर को अपने हाथों में जकड़ लिया और पूरी ताकत से अपनी चुत के अंदर लिंग को अंदर-बाहर करने लगा। वहीं दूसरी ओर, कल्लू ने भी अपनी गति बढ़ा दी। उसका मोटा लिंग मम्मी की गांड के अंदर रगड़ खाते हुए उन्हें अंदर से भर रहा था।)*
**रामू:** "(हाँफते हुए) आह्ह्ह! मालकिन, आपकी हंसी सुनकर मेरा लिंग और भी सख्त हो गया है! अब देखिए असली मज़ा!"
**कल्लू:** "(गहरी और गूँजती हुई आवाज़ में) हाँ मालकिन!"
*(कमरे का माहौल अब पूरी तरह से वासना और पसीने की महक से भर चुका था। मम्मी का शरीर अब दोनों लड़कों के बीच बुरी तरह से झूल रहा था। उनके मुंह से निकलने वाली आवाजें अब केवल हंसी नहीं, बल्कि बेकाबू होने वाली सिसकियां बन चुकी थीं।)*
*(रामू ने अपनी रफ्तार को एकदम चरम पर पहुँचा दिया। उसके हर धक्के के साथ मम्मी का शरीर बेड पर टकरा रहा था। उधर कल्लू ने भी हार नहीं मानी, उसने मम्मी के कूल्हों को अपने पैरों के बीच फंसा लिया ताकि वह और भी गहराई से प्रहार कर सके।)*
**मम्मी:** "(बेचैनी और खुशी के मिश्रण के साथ चिल्लाते हुए) आह्ह्ह! हाँ! ऐसे ही! रामू... कल्लू... रुको मत! मुझे और चाहिए!"
*(तभी कल्लू मम्मी के बिल्कुल बगल में आकर बैठ गया। उसकी आँखों में वासना साफ़ झलक रही थी। मम्मी ने अपना एक हाथ रामू के लिंग के संचालन में लगा रखा था और दूसरे हाथ से कल्लू के मोटे, पसीने से तरबतर लिंग को पकड़ लिया। वे बड़े ही मजे से कल्लू के लिंग को ऊपर-नीचे हिलाने लगीं।)*
*(मम्मी के हाथों की गर्मी और रगड़ महसूस करते ही कल्लू के गले से एक गहरी गुर्राहट निकली। वह अपनी आँखें बंद करके मम्मी के हाथों के स्पर्श का आनंद लेने लगा। उधर, रामू भी नीचे से पूरी ताकत लगाकर मम्मी की कमर को थामे हुए था, ताकि हर धक्का गहरा और असरदार हो।)*
*(मम्मी के चेहरे पर एक शरारती मुस्कान तैर रही थी। उन्होंने एक हाथ से कल्लू के लिंग को हिलाना जारी रखा और दूसरे हाथ से रामू के सीने को सहलाते हुए खिलखिलाकर बोलीं।)*
**मम्मी:** "हाहाहा! सच कह रही हूँ तुम दोनों... अगर तुम्हारे साहब घर पे न होते, तो तुम दोनों मुझे ऐसे ही नंगा रखते और रोज़ मेरी ऐसी ही सेवा करते! कितना मज़ा आता ना?"
![[Image: 5162041.gif?validfrom=1762923600&validto...2BZk0Wk%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/5162041.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=R%2BR5zqO0BsF2AMqxzHMJ9%2BZk0Wk%3D)
*(मम्मी की बात सुनते ही कल्लू के चेहरे पर एक टेढ़ी मुस्कान आ गई। उसने अपनी उंगलियों से मम्मी के बालों को हल्का सा खींचा और उनके कान के पास झुककर धीमी लेकिन भारी आवाज में बोला।)*
**कल्लू:** "मालकिन... अगर साहब घर पर न होते, तो मैं आपको बिस्तर से उठने तक का मौका नहीं देता। सारा दिन बस आपकी इसी तरह सेवा करता रहता।"
*(रामू, जो नीचे से मम्मी की कमर को मजबूती से पकड़े हुए था, कल्लू की बात सुनकर और भी उत्तेजित हो गया। उसने एक लंबा और गहरा धक्का लगाया जिससे मम्मी के शरीर में एक सिहरन दौड़ गई।)*
**रामू:** "(हांफते हुए) सही कहा कल्लू भाई..."
*(कमरे का माहौल अब पूरी तरह से बेकाबू हो चुका था। रामू ने अपनी उत्तेजना को काबू में नहीं रख पाया और उसने मम्मी के उभरे हुए नितंबों (chutar) को अपने दोनों हाथों से कसकर जकड़ लिया। अब वह अपनी पूरी ताकत और जोश के साथ मम्मी की कमर को ऊपर की ओर खींचते हुए ज़ोरदार धक्के मारने लगा।)*
*(मम्मी, जो पहले से ही चरम सुख की दहलीज पर थीं, अब कल्लू के लिंग को अपने मुँह में भरकर उसे पूरी शिद्दत से चूसने लगीं। उनकी जीभ कल्लू के लिंग के ऊपरी हिस्से पर गोल-गोल घूम रही थी और उनके होंठों का दबाव ऐसा था कि कल्लू का पूरा शरीर थरथराने लगा।)*
![[Image: porn-gif-magazine-pornporngifs23.gif]](https://porngifmag.com/content/2015/10/porn-gif-magazine-pornporngifs23.gif)
*(कल्लू का गला एक अजीब सी दबी हुई चीख से भर गया जब मम्मी की गर्म जुबान और उनके होंठों का दबाव उसके लिंग के अगले हिस्से पर पड़ा। उसका पूरा शरीर अकड़ गया और उसने बेड की चादर को अपनी मुट्ठियों में कसकर जकड़ लिया।)*
**कल्लू:** "(गहरी और लड़खड़ाती हुई आवाज़ में) आह्ह्ह... मालकिन! आप... आप तो मुझे पागल कर देंगी! आपका मुँह... उफ्फ!"
*(मम्मी ने कल्लू की तड़प को भांप लिया और अपनी चूसने की रफ्तार और बढ़ा दी। वे अब अपने सिर को आगे-पीछे झटकते हुए कल्लू के लिंग को गहराई तक अपने गले में उतारने लगीं, जिससे कल्लू के पेट में एक बिजली सी दौड़ गई।)*
*(दूसरी तरफ, रामू का जोश सातवें आसमान पर था। उसने मम्मी के नितंबों को इतनी जोर से दबाया कि उन पर उसकी उंगलियों के निशान पड़ गए। रामू के हर गहरे धक्के के साथ मम्मी के शरीर की गति और बढ़ रही थी। कमरे में केवल मांस के टकराने की आवाज़ और कल्लू की सिसकियों का शोर गूँज रहा था।)*
**रामू:** "(सांस फूलते हुए और चिल्लाते हुए) आहhh... मम्मी! आप कितनी टाइट हैं..."
*(मम्मी ने जैसे ही कल्लू के लिंग को अपने मुँह से बाहर निकाला, उनके होंठों पर लार की एक चमकदार लकीर थी और उनकी साँसें तेज़ी से चल रही थीं। कल्लू की इस प्रस्ताव वाली बात ने पूरे कमरे की हवा बदल दी। उसने अपनी प्यासी निगाहों से मम्मी के चेहरे को देखा और फिर नीचे रामू की ओर इशारा किया।)*
**कल्लू:** "(भारी और कामुक आवाज़ में) मालकिन... एक रिक्वेस्ट है। क्या मैं आपके गांड में भी अपना लिंग डाल सकता हूँ? सोचिए, आपको एक साथ दो लिंगों का मज़ा आएगा... रामू का लिंग आपकी चुत में और मेरा लिंग आपकी गांड में! आप बीच में फंसकर पूरी तरह से हमारे वश में होंगी।"
*(मम्मी की आवाज़ में डर और उत्तेजना का एक मिला-जुला अहसास था। उन्होंने अपनी आँखें बंद कर लीं और खुद को थोड़ा और ढीला छोड़ दिया, मानो उस नए दर्द और आनंद के लिए तैयार हो रही हों।)*
**मम्मी:** "(धीमी और कांपती हुई आवाज़ में) अच्छा ठीक है... लेकिन कल्लू, ध्यान रखना... बहुत धीरे से डालना... पहली बार है ना..."
*(कल्लू ने मम्मी की इस बात पर एक गहरी और शिकारी जैसी मुस्कान दी। उसने अपना लिंग मम्मी के पिछले रास्ते यानी गांड के द्वार पर टिकाया। वह महसूस कर पा रहा था कि मम्मी का पिछला हिस्सा कितना सख्त और संकुचित है। उसने धीरे से अपना अगला हिस्सा अंदर धकेलना शुरू किया।)*
*(जैसे ही कल्लू ने अपना मोटा लिंग मम्मी के संकुचित गांड के छेद पर दबाव डाला, मम्मी के मुँह से एक तीखी चीख निकल गई। वह दर्द और अनजाने रोमांच के बीच झूल रही थीं। कल्लू ने उनकी चेतावनी याद रखी और बहुत ही सावधानी से, इंच दर इंच अपना हिस्सा अंदर ले जाने लगा।)*
*(रामू, जो सामने से मम्मी की चुत में धक्के मार रहा था, कल्लू की इस हरकत को देखकर और भी ज्यादा उत्तेजित हो गया। उसने मम्मी के नितंबों को और भी जोर से पकड़ लिया ताकि कल्लू को अंदर डालने में आसानी हो।)*
**कल्लू:** "(दांत पीसते हुए और भारी सांस लेते हुए) आह्ह्ह... मालकिन, आपका पिछला रास्ता तो पत्थर जैसा सख्त है... पर मैं इसे खोल ही दूंगा। बस थोड़ा सा और..."
*(दर्द की वो शुरुआती लहर अचानक एक अजीब सी सनसनी में बदल गई। मम्मी को एहसास हुआ कि यह दर्द नहीं, बल्कि एक ऐसा चरम सुख है जो उन्होंने पहले कभी महसूस नहीं किया था। उनके चेहरे पर दर्द की शिकन गायब हो गई और उनकी जगह एक मदहोश कर देने वाली हंसी ने ले ली।)*
**मम्मी:** "(खिलखिलाते हुए और बेकाबू होकर) हाहाहा! ओह मेरे भगवान! यह... यह तो कमाल है! मुझे लगा था दर्द होगा, पर यहाँ तो स्वर्ग मिल रहा है! कल्लू... रामू... तुम दोनों ने तो मुझे पागल कर दिया!"
![[Image: 19429401.gif?validfrom=1762923600&validt...aYOOxHI%3D]](https://egl.phncdn.com/gif/19429401.gif?validfrom=1762923600&validto=4891363200&hash=c49m36fUxX8eJkZ8tGyEaYOOxHI%3D)
*(मम्मी की इस हंसी और उनकी बातों ने कल्लू और रामू के भीतर की वासना को आग की तरह भड़का दिया। अब वे दोनों रुकने वाले नहीं थे। मम्मी का शरीर अब पूरी तरह से उन दोनों के नियंत्रण में था।)*
*(रामू ने मम्मी के कमर को अपने हाथों में जकड़ लिया और पूरी ताकत से अपनी चुत के अंदर लिंग को अंदर-बाहर करने लगा। वहीं दूसरी ओर, कल्लू ने भी अपनी गति बढ़ा दी। उसका मोटा लिंग मम्मी की गांड के अंदर रगड़ खाते हुए उन्हें अंदर से भर रहा था।)*
**रामू:** "(हाँफते हुए) आह्ह्ह! मालकिन, आपकी हंसी सुनकर मेरा लिंग और भी सख्त हो गया है! अब देखिए असली मज़ा!"
**कल्लू:** "(गहरी और गूँजती हुई आवाज़ में) हाँ मालकिन!"
*(कमरे का माहौल अब पूरी तरह से वासना और पसीने की महक से भर चुका था। मम्मी का शरीर अब दोनों लड़कों के बीच बुरी तरह से झूल रहा था। उनके मुंह से निकलने वाली आवाजें अब केवल हंसी नहीं, बल्कि बेकाबू होने वाली सिसकियां बन चुकी थीं।)*
*(रामू ने अपनी रफ्तार को एकदम चरम पर पहुँचा दिया। उसके हर धक्के के साथ मम्मी का शरीर बेड पर टकरा रहा था। उधर कल्लू ने भी हार नहीं मानी, उसने मम्मी के कूल्हों को अपने पैरों के बीच फंसा लिया ताकि वह और भी गहराई से प्रहार कर सके।)*
**मम्मी:** "(बेचैनी और खुशी के मिश्रण के साथ चिल्लाते हुए) आह्ह्ह! हाँ! ऐसे ही! रामू... कल्लू... रुको मत! मुझे और चाहिए!"


![[+]](https://xossipy.com/themes/sharepoint/collapse_collapsed.png)