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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
ऋचा ने शर्म और संकोच से सिर झुकाते हुए कहा,

“जी नहीं बाबाजी जी… ऐसा कुछ नहीं है। मेरा कोई लड़का दोस्त नहीं है… और ना ही मैं इन सब बातों के बारे में सोचती हूँ।”
 
बाबाजी की नजरें उसकी छाती पर टिकी हुई थीं। बात करते-करते उसके छोटे-छोटे निप्पल टी-शर्ट और शमीज के पतले कपड़े के ऊपर से साफ़ सख्त होकर उभर आए थे। उसके होंठ भी हल्के-हल्के फड़क रहे थे।
 
बाबाजी ने धीरे से मुस्कुराते हुए आगे बढ़ाया,
 
“चलो, अच्छी बात है। इन चीजों से जितना दूर रहोगी, उतना ही अच्छा है। पर… कभी किसी ने तुम्हें छुआ भी नहीं? या फिर किसी ने तुम्हें…”
 
बाबाजी ने जानबूझकर बात अधूरी छोड़ दी। वे ऋचा के मुंह से वो गोपालवाली गुप्त बात उगलवाना चाहते थे।
 
ऋचा की साँस अटक गई। उसका पूरा शरीर काँपने लगा। अचानक उसे वो सब याद आ गया - जब उसके पिता गोपाल ने उसे जोर से पकड़ा था, उसके नाजुक होंठों को चूसा था, और उसकी छोटी-सी छाती को मसल डाला था। उसके मदमस्त रस को चूसने का प्रयास, सब उसके दिलोदिमांग में एक बिजली की तरह पसर गया।
 
वह कुछ नहीं बोली। बस चुपचाप सिर झुकाए बैठी रही। उसके गाल लाल हो गए थे और आँखें नम। मैत्री पटेल की पेशकश।
 
बाबाजी ऊपर बेड पर बैठे-बैठे उसके हाव-भाव को अच्छे से पढ़ रहे थे। फिर उन्होंने अपना पुराना नाटक दोहराया,
 
“देखो ऋचा… तुम शायद नहीं जानती, लेकिन मेरे अंदर एक अद्भुत शक्ति है। मैं सामने वाले के मन की बातें देख सकता हूँ। तुम जो भी सोच रही हो, वो सब मुझे साफ़-साफ़ दिख रहा है।”
 
ऋचा ने भयभीत नजरों से बाबाजी को घूरा। उसका चेहरा सफेद पड़ गया।
 
“क्या… क्या दिख रहा है आपको… बाबाजी जी?” उसकी आवाज काँप रही थी।
 
बाबाजी ने गंभीर स्वर में कहा,
 
“तुम्हें किसी ने अपनी बाहों में कसकर दबोचा हुआ है… और तुम्हारे होंठों को बेतहाशा चूमा है। तुम्हारे होठो का रसपान किया गया है।”
 
ये सुनते ही ऋचा का दिल बैठ गया। वह फफक-फफक कर रोते हुए उठी और बाबाजी के पैरों को दोनों हाथों से पकड़ लिया।
 
“बाबाजी जी… प्लीज… ये बात आप किसी से मत कहना… मैं बदनाम हो जाऊंगी… अगर किसी को पता चल गया कि मेरे पिताजी ने मेरे साथ ये सब किया तो…”
 
उसने आखिरकार कबूल कर ही लिया। रोते-रोते उसका पूरा शरीर हिल रहा था।
 
बाबाजी ने तुरंत उसे उठाया, अपने पास बिस्तर पर बिठा लिया और प्यार से उसके कंधे पर हाथ रखा।
 
“अरे पगली… मैं भला ऐसा क्यों करूँगा? मुझे भी तेरी इज्जत की उतनी ही चिंता है, जितनी तुझे। चुप हो जा… शांत हो जा बेटी…”
 
कहते हुए उन्होंने ऋचा का सिर अपने कंधे पर रख लिया। उनकी एक हाथ उसकी कमर पर था और धीरे-धीरे सहला रहे थे। क्योंकि ऋचा ने ब्रा नहीं पहनी थी, सिर्फ पतली शमीज और भीगी टी-शर्ट थी, इसलिए बाबाजी को उसकी नाजुक, मांसल कमर की गर्माहट और नरमाई पूरी तरह महसूस हो रही थी। बाबाजी ने आँखें बंद कर लीं और उस स्पर्श का पूरा मजा लेने लगे। संपादिका फनलवर।
 
कुछ पल बाद उन्होंने बहुत धीरे, कामुक स्वर में पूछा,
 
“पर एक बात सच-सच बताना ऋचा… जब गोपाल ने तुम्हें चूमा था… तब तुम्हें कैसा एहसास हुआ था?”
 
ऋचा अब बाबाजी के कंधे पर सिर रखे हुए थी। बाबाजी की बात सुनते ही उसकी साँसें तेज हो गईं। बाबाजी को उसकी गर्म, तेज साँसें अपनी गर्दन पर महसूस हो रही थीं।
 
बाबाजी ने प्यार से उसके बालों में उँगलियाँ फिराते हुए कहा,
 
“बोलो… डरो मत। तुम जानती हो न कि मेरी शक्ति के बारे में… मैं सब जानता हूँ।”
 
ऋचा अभी भी घबरा रही थी। उसके मन में शर्म, डर और एक अजीब-सी उत्तेजना का मिश्रण हो रहा था। बाबाजी ने उसे और करीब खींच लिया। उनकी उँगलियाँ अब उसकी कमर पर हल्के-हल्के घुम रही थीं, कभी-कभी नीचे की तरफ सरकती हुईं। उसके मन और मस्तिष्क में अब सिर्फ वह गोपाल की हरकते घूम रही थी। उसे शर्म और संकोच भी हो रहा था और एक तरह की उत्तेजना भी महसूस हो रही थी। सहायिका सौनी पटेल।
 
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आज के लिए यही तक दोस्तों।

अगली कड़ी आने में देरी होने की सम्भावनाये है दोस्तों। नवरात्रि जो है।


मैत्री पटेल, सौनी पटेल और फनलवर की तरफ से , आप सभी भारतीयों को नवरात्रि की ढेर साड़ी शुभकामनाये। माँ दुर्गा हमें सद्बुद्धि दे।


जय भारत।।
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Messages In This Thread
सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 01-10-2026, 09:20 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Bumchod - 05-10-2026, 05:27 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-10-2026, 08:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 4 hours ago



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