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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
पूजा बाबाजी की बात सुनकर एक पल के लिए चौंक गई। उसकी आँखें फैल गईं। रात 9 बजे बाबाजी के पास आना आसान नहीं था। घर पर माँ-पिताजी आ चुके होंगे। बाहर निकलना और इतनी देर रात तक रहना। चुदवा के वापिस बेढंग चाल के साथ वापिस घर पर जाना, ये सब सोचकर ही उसके मन में घबराहट और उत्तेजना का मिश्रण हो रहा था। वैसे भी जब बाबाजी गांड मारते है तो जानवर की तरह मारते है। अन्दर तक छिल डालते है। और इसी अवश्था में भूले से बाबूजी जागते हो तो कैसे चल पाउंगी और उनके साथ कैसे बात कर पाउंगी। उसनके सवालों के जवाब.....ओ...बाप रे.....बाबाजी कैसी द्विधा में डाल दिया आपने। खेर माँ को तो मैं संभाल सकती हूँ पर बाबूजी से कभी बात तक नहीं की तो.......

बाबाजी ने उसकी परेशानी तुरंत भाँप ली। उन्होंने मुस्कुराते हुए शांत स्वर में कहा,
 
“तुम रात की चिंता मत करो पूजा। तुम घर जाकर बस इतना कह देना कि आज बाबाजी ने तुम्हारे पति की आत्मा की शांति के लिए एक विशेष पूजा रखी है, जो केवल रात में ही हो सकती है। और उसमें तुम्हारा उपस्थित रहना बहुत जरूरी है। कोई भी तुम पर शक नहीं करेगा। तुम्हे सच तो बोलना नहीं है की मेरे इस लंड की प्यास बुझाने जा रही हो। और साथ-साथ तेरे मुंह, चूत और गांड को शांत करवाना है।” बाबाजी ने फिर से एक स्तन को पकड़ा और छोड़ा। मैत्री की रचना।
 
पूजा कुछ पल सोचती रही, फिर उसके होंठों पर हल्की मुस्कान आ गई। बाबाजी की योजना सचमुच फूलप्रूफ लग रही थी। लेकिन इस सोच के दरमियान बाबाजी की एक उंगली पूजा की गांड से खेल रही थी और पूजा के भी पैरो ने उस ऊँगली को बिना जानकारी जगह दे दी थी।
 
“पर बाबाजी जी…” पूजा ने शर्माते हुए और अपने पैरो को अधिक फैलाते हुए कहा, “इतना जोखिम लेकर रात को ही करने की क्या जरूरत है? दिन में भी तो हम… वही मजा ले सकते हैं ना? आखिरमें मेरे छेद और आपका यह मुसल के बिच में ही युद्ध होना है, फिर दिन हो रात क्या फर्क पड़ता है। चलिए अभी करते है।” उसने बाबाजी की ऊँगली को अपनी गांड के छेद पर सेट करते हुए जोड़ा;
 
“चलिए ना अभी इस पीछेवाली का हिसाब-किताब सही करते है। अन्दर काफी तकलीफ हो रही है बेचारी को थोडा लंड डाल के देख लीजिये उसे क्या हुआ है?” उसने बाबाजी का दुसरे हाथ को उठाके अपने स्तनों पर रखा।
 
बाबाजी ने अपनी आँखों में वासना भरकर पूजा की तरफ देखा। उनकी आवाज अब और गहरी और कामुक हो गई थी,
 
“पूजा… कुछ चीजों का मजा रात को ही आता है। अंधेरे में, चुपके-चुपके, जब सब सो रहे हों… तब जो आग जलती है, उसका स्वाद अलग होता है। और आज जो नया मजा मैं तुम्हें देने वाला हूँ… वो इतना गहरा और लंबा होगा कि उसके बाद तुम खुद रोज रात को मेरे पास आने को कहोगी।”
 
बाबाजी ने फिर से उसके स्तनों को मसलते हुए कहा “अभी तेरी गांड को जो हुआ है वही तेरी चूत उर मुंह को भी तो देखना है इस लंड को। धिअर्य रख और तेरे सभी छेदों की हर तकलीफ को दूर करना मेरे इस लम्बे लोडे की जोम्मेदारी है। बस मेरे हर खेल में तुम्हे साथ देना है और तेरे सभी छेदों को मैं भरूँगा। मेर एल्न्द पर भरोसा रख।“
 
“बाबाजी....यह आप क्या कह रहे है.......आप पर और आपके लोडे पर मुझे अपने आप से भी ज्यादा भरोसा है। आइन्दा आप मेरे इस लंड पर शंका ना करे। मुझे इस लंड पर पूरा गर्व है। वह मुझे चीरता रहेगा, और मैं मेरे हर छेद को इसी लंड से चीरना चाहूंगी। भरोसे की बात नहीं पर माँ-बाप को चुतिया बनाना पसंद नहीं। थोडा डर लगता है की किसी को पता चल जाएगा तो यह मेरा लंड मुज से दूर हो सकता है। इसी बात से डरती हूँ, मेरे सैयाजी।“ सहायिका सौनी पटेल है।
 
पूजा की साँसें तेज हो गईं। उसकी चूत में फिर से गर्मी फैलने लगी। एक तरफ बाबज की ऊँगली बाहर से उसकी गांड से बाते कर रही थी, उसकी गांड के छेद को खुरेड रही थी, और दूसरी तरफ वह कल्पना करने लगी, अंधेरे कमरे में, बाबाजी का मोटा लंड, नई-नई हरकतें, और पूरी रात की चुदाई। उसके गाल लाल हो गए।
 
“जी… बाबाजी,” वह फुसफुसाई, “मैं आऊँगी… 9 बजे तक। आपका वह खेल भी खेलने में बहोत मजा आएगी मुझे आप पर पूरा भरोसा है। यह आपका मजबूत औजार मुज में जुरूर समां जाएगा।” उसने बाबाजी की ऊँगली को गांड से हटाया और वापिस घर की ओर चल दी।

 
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आज के लिए यही तक दोस्तों।

अगली कड़ी आपके कोमेंट्स आने के बाद।

Maitri Patel विदा लेती है।

जय भारत।।
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सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 26-09-2026, 02:00 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 01-10-2026, 09:20 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Bumchod - 05-10-2026, 05:27 AM



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