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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
मयूरी बिस्तर पर पूरी तरह नंगी लेटी हुई थी। उसकी आँखें बंद थीं और साँसें अभी भी भारी चल रही थीं। उसके चेहरे पर एक शर्मीली, लेकिन बेहद कामुक मुस्कान खेल रही थी।

‘आओ बाबाजी… अब मत रुको… भोग लो इस शरीर को… चोद डालो अपनी इस दासी को… आज पूरी तरह समा जाओ मुझमें…’
 
ये ख्याल उसके दिमाग में बार-बार घूम रहे थे। उसकी चूत अभी भी पिछले ऑर्गेज्म से काँप रही थी और उसमें से रस की बूँदें धीरे-धीरे बह रही थीं। वह अपने दोनों पैर हल्के से फैलाए लेटी थी, जैसे बाबाजी के आने का इंतजार कर रही हो। उसके बोबले ऊपर-नीचे हो रहे थे और निप्पल अभी भी सख्त खड़े थे। वह बस कल्पना कर रही थी कि कब बाबाजी का वो मोटा, गर्म घोड़ा उसकी चूत पर दस्तक देगा और उसे पूरी तरह भर देगा। एक जबरदस्त ठुकाई के लिए वह अपने आप को तैयार कर रही थी। सहायिका सौनी पटेल।
 
लेकिन काफी देर हो गई। कोई आवाज़ नहीं आई। कोई स्पर्श नहीं हुआ।
 
आखिरकार मयूरी ने आँखें खोलीं। कमरा खाली था। बाबाजी कहीं नहीं थे।
 
“ये…? बहनचोद.....कहा चला गया.....” वह हैरान हो गई। उसने जल्दी से उठकर चारों तरफ देखा, फिर खिड़की के पास गई और बाहर झाँका।
 
बाबाजी मंदिर के बाहर एक भक्त से बात कर रहे थे। वो जानबूझकर मयूरी को अधूरी प्यास के साथ छोड़कर बाहर चले गए थे।
 
मयूरी का चेहरा निराशा और शरम से लाल हो गया। उसकी चूत अभी भी भूखी थी, एक लम्बी ठुकाई चाहिए थी और अब और ज्यादा तरल हो रही थी। लेकिन समय हो चुका था। ऋचा किसी भी समय आ सकती थी। उसने जल्दी-जल्दी अपने कपड़े पहने, बाल ठीक किए और पीछे के दरवाजे से चुपचाप निकलकर अपने घर चली गई। जाते वक्त उसके कदम भारी थे और चूत में अब भी एक खालीपन और तड़प महसूस हो रही थी।
 
“ऐसे कैसे एक चूत को बिना मारे आदमी जा सकता है!” मन ही मन सोचती वह भारी पगलो से दूर होती जा रही थी।
 
जब बाबाजी कुछ देर बाद वापस आए तो कमरा खाली देखकर रहस्यमयी अंदाज में हँस पड़े।
 
“बहुत अच्छी औरत है… जल्दी ही टूट जाएगी,” उन्होंने मन ही मन कहा। वो जानबूझकर मयूरी को तड़पाकर छोड़ना चाहते थे। पूजा तो उनके पास पहले से ही थी - एक आज्ञाकारी, भूखी और पूरी तरह समर्पित चूत। इसलिए वे मयूरी पर सारे प्रयोग करना चाहते थे, उसे धीरे-धीरे तोड़ना चाहते थे।
 
थोड़ी देर बाद पूजा आ गई। आज उसके हाथ में घर के बने खास पकवान थे, होली के लिए बनी गुजिया और लड्डू। वह बाबाजी के लिए खासतौर पर लेकर आई थी।
 
दोनों मंदिर में ही बैठ गए। पूजा आज कुछ ज्यादा ही बेचैन नजर आ रही थी। बार-बार अपनी जाँघें रगड़ रही थी, अपनी साड़ी का पल्लू ठीक कर रही थी, और बाबाजी को लालसा भरी नजरों से देख रही थी। उसकी चूत में तेज खुजली हो रही थी। पिछले कई दिनों की नियमित चुदाई की वजह से अब उसे दिन में भी बाबाजी का मोटा लंड याद आता रहता था। उसकी चूत और गांड अब हमेशा बाबाजी के लंड के लिए आतुर रहती थी।
 
बाबाजी उसकी कसमसाहट को अच्छे से देख रहे थे और मन ही मन मुस्कुरा रहे थे।
 
बाबाजी ने  पूछा,
 
“क्या हुआ पूजा? तुम आज थोड़ी असहज दिख रही हो! क्या कारण है?” प्रस्तुतकर्ता मैत्री पटेल।
 
पूजा ने शर्माते हुए, लेकिन अधीर स्वर में कहा,

 
“जी नहीं… ऐसा कुछ नहीं… बस मैं… सोच रही थी कि आज आप अंदर क्यों नहीं चल रहे…”

 
उसने बाबाजी के कमरे की तरफ इशारा किया। उसकी आवाज में स्पष्ट भूख थी।

 
बाबाजी हल्के से हँसे और कामुक अंदाज में बोले,

 
“चलते हैं… इतनी जल्दी क्या है? लगता है अब तुम्हें रोज चुदने की आदत पड़ गई है… है ना?”
 
पूजा ने शर्म से अपना मुंह नीचे कर लिया। उसके गाल गुलाबी हो गए, लेकिन उसकी चूत और भी गीली हो गई।
 
बाबाजी ने आगे कहा,

 
“अच्छा सुनो… याद है तुमने कहा था कि मुझे किसी भी काम के लिए मना नहीं करोगी?”

 
पूजा ने तुरंत सिर उठाया, बाबाजी की आँखों में आँखें डालकर, सीना आगे करके विश्वास भरे स्वर में बोली,
 
“याद है बाबाजी जी… आप आज्ञा कीजिए। मैं आपके लिए कुछ भी करने को तैयार हूँ।”
 
बाबाजी ने मुस्कुराते हुए कहा,
 
“तो सुनो… आज रात 9 बजे तुम मेरे पास आना। और जो काम हम रोज दिन में करते हैं, वो आज रात में करेंगे… और एक नए तरीके से करेंगे।”
 
पूजा की आँखें उत्तेजना से चमक उठीं। उसकी साँसें तेज हो गईं। उसने होंठ काटते हुए धीरे से पूछा,
 
“नए तरीके से… मतलब…?”
 
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बने रहिये दोस्तों।


रचयिता Maitri Patel.
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Messages In This Thread
सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 26-09-2026, 01:55 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 01-10-2026, 09:20 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Bumchod - 05-10-2026, 05:27 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-10-2026, 08:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-10-2026, 07:50 PM



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