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Fantasy दादा जी के साथ मेरी गरम फैंटेसी
#3
अगले दिन उठी 4 बजे ये दोनों सो रहे थे में नंगी ही साफ सफाई की घर की नाश्ता बनाने लगी ये दोनों उठे ओर नहाया फिर दोनों लोगों ने नमाज पढ़ी फिर नाश्ता किया और अहमद घर चला गया
मैने सलवार कुर्ता पहना मुझ बंद किया अपना ओर में कोचिंग चली गई रास्ते में मेरा बहुत मन कर रहा था कि स्कर्ट पहन कर घूमी अपना जिस्म दिखाऊँ लेकिन मेरा पति पूरे कपड़े पहना कर ही बाहर भेजता हे अब ,., हो गई हूं न इस लिए उन दादा जी को भी देख जिनसे सब्जी लेती थी ओर पैटी दिखाती थी में बहुत मन कर रहा था फिर मैने सोचा मेरा पति शादी के बाद से अब कंही जाने भी नहीं देता हे अभी 8 बज रहे हे सुबह के 1 बजे कोचिंग से घर आती हूं इतनी देर के लिए नहीं घूम कर आती हूं इनको क्या पता चलेगा में निकल गई में बस का इंतजार करने लगी कि कोई भरी बस मिल जाय जिसमें मर्द हो में मैने बस का इंतजार कर रही थी बहुत सी बस छोड़ दी थी कि कोई भरी बस मिल जाय बस स्टॉप पर भी भीड़ थी में मोबाइल चला रही थी तभी अचानक से एक आदमी आता हे मेरे पास ओर कहता हे अरे मैडम बहुत दिनों बाद दिखाई थी मैने जैसे ही उसका चेहरा देखा में हिल गई पूरी ये वही आदमी था जो बस में बहुत पहले 2 बार मिला था इसका ओर उसके दस का लंड हिलाया था में चुप रही कुछ नहीं बोली मेरे से कहता हे में भी ड्यूटी जा रहा था बस का इंतजार कर रहा हूं आप कान्हा जाओगे वो बोलता जा रहा था में चुप खड़ी थी मेरे से कहता हे बगल में मेरा कमरा हे दोस्त भी हे चलना हो तो बताओ मेरा मन तो बहुत किया लेकिन डर भी लग रहा था वो ओर भी गरम गरम बाते करने लगा था फिर मैने टाइम देखा 9 बज रहे थे सोचा अभी 4-5 घंटे हे आराम से आ जाऊंगी लेकिन डर भी लग रहा था लेकिन चुदाई का मन भी हो गया था ओर मैने पता नहीं क्यों हां बोल दी ओर उसके साथ चल दिया 5 मिनट पैदल चलने के बाद उसका कमरा आ गया कमरा थोड़ा बड़ा था हाल जैसा उसमें 8 आदमी रहते हे लेकिन बहुत गंदा कमरा बहुत बदबू आ रही थी कमरे में दारू सिगरेट बहुत फैली पड़ी थी कमरे में टोटल 6 आदमी थे 2 लोग ड्यूटी गए हुए थे, में एक कुर्सी में बैठ गई वो सभी 6 आदमी अपनी अपनी चारपाई पर बैठे थे सभी को मैने देखा
एक बार को मैं भी देख कर कांप गई कि यह सब क्या है!
फिर मैंने बारी बारी से सभी पर अपनी नजर दौड़ाई तो उनमें से कुछ का कद 6 फीट था … तो किसी का कद पौने छह फीट का.
सबके सब रंग में काले थे और उन्होंने आंखों में गहरा काजल लगाया हुआ था.सर पर गोल सफेद रंग की टोपी और सभी की लंबी दाढ़ी थी. उसमें से एक मर्द की दाढ़ी का रंग पूरा सफेद था.
किसी का चेहरा थोड़ा टेढ़ा और रंग काला था.
सभी की उम्र लगभग 50 55 के आस पास थी ओर में 17-18 वो सभी मोटे मोटे लंबे लंबे मेरे से वही आदमी कहता हे हम लोग बहुत औरते चोदते हे सभी की ख्वाहिशे पूरी करते हे तुम्हारी कोई ख्वाहिश हो वो पूरी करवा लो क्योंकि मौका बार बार नहीं मिलता मुझे भी लगा बात तो सही हे, तो वो आदमी कहता हे मेरा नाम असलम हे तुम्हारा नाम क्या हे मैने कहा पूजा शर्मा तो कहते हे ओह्ह पंडित जी हो तो वो लोग हंसने लगे तो कहते हे हम सभी लोग ,., है मैने मन में सोचा यार मेरे भाग्य में सिर्फ ,., का ही पानी लिखा हे ओर मन में बहुत खुशी हुई तो वो कहते हे तुमको कोई दिक्कत तो नहीं मैने कहा नहीं ओर वो मेरे ओंठ चूसने लगा में भी चूसने लगी ओर इतने में बाकी लोग भी 1-1 करके आय कोई जांघ सहला रहा कोई दूध दबा रहा था में फिर धीरे धीरे गरम होने लगी फिर मुझे खड़ा किया और उन लोगों ने मुझे गोद में उठाया ओर बिस्तर पर लिटाया बहुत बदबू आ रही थी बिस्तर से लेकिन मजा आ रही थी में बहुत ज्यादा गरम हो गई थी मेरी चूत से पानी बहने लगा था उनके शरीर से बदबू भी आ रही थी लेकिन मैने सोच लिया अब में रंडी हूं ओर इनकी सेवा करनी हे आज दिल खोल के जी ले जिंदगी अभी तक सभी मुझे प्यार से सहला रहे थे कोई सलवार के ऊपर से चूत को कोई दूध दबा रहा कोई ओंठ चूस रहा कोई गांड़ सहला रहा तो असलम कहता हे तो बताओ पूजा जान कोई ख्वाहिश हे कैसे चुदाई चाहती हो में बहुत गरम थी मैने कहा जो मन हो वो करो मुझे कोई दिक्कत नहीं मुझे दर्द चाहिए चुदाई में में कितना भी चिल्लाऊं रोऊँ रुकना नहीं तो असलम ओर उनके साथी हंसने लगे कहते हे साली बहुत गरम हे आज का दिन याद रखेगी रंडी मादरचोद ओर टूट पड़े मेरे ऊपर मेरे बाल पकड़े ओर खींच के उठाया मुझे दर्द हुआ बहुत तेज़ में चिल्लाने लगी ओर घसीट के चारपाई से उतारा ओर घसीटते हुए 
जमीन में लिटाया 
मैं बहुत ज्यादा डर गई थी. मुझे शायद भनक लग चुकी थी कि आज मेरे साथ क्या होने वाला है.
एक ने मेरी कुर्ती को खींचना शुरू कर दिया, तो मैं चिल्लाने लगी.
असलम बोला- पूजा, आज तेरी आवाज कोई नहीं सुन पाएगा. यहां से कोई आवाज बाहर नहीं जाती. ये सारे मर्द तेरे जिस्म के ही भूखे हैं. जबसे इन्होंने तेरी चूचियां और गांड देखी है बस में , तबसे पागल हे आज तेरी चूत और गांड की इस कसाई खाने में काटी जाएगी ह
यही बोलते बोलते वे सब मेरे कपड़े उतारने लगे. मुझे जमीन पर लिटा दिया.
उन्होंने मुझे नंगी कर दिया था.
मेरे गोरे बूब्स, भूरे रंग के कड़क निपल्स सबको दिख गए थे.
उन सभी ने अपने अपने पजामे खोल दिए और लंड हिलाने लगे.
अब मैंने जो नजारा देखा, वह देखकर मैं दंग रह गई. उन सभी का लंड 6.5 से 7 इंच का था.
एक आदमी का तो 8 इंच था.
सबके सब काले लंड वाले थे और हम लोगों के लंड का ऊपरी हिस्सा चूंकि कटा हुआ होता है, जिस वजह से सभी के लंड के सुपारे एकदम गुलाबी दिख रहे थे.
असलम आगे बढ़ कर आया और वह मेरे ऊपर चढ़ गया.
मैं जमीन पर नंगी लेटी हुई थी.
वह मेरे दूध को चूसने लगा और दबाने लगा.
मुझे फिर से भी गर्मी चढ़ गई थी.
वह मेरे एक दूध को चूसने लगा 
ओर असलम ने लंड चूत में रखा चूत गीली थी एक झटके में अंदर घुस गया मेरी जान निकल गई बहुत तेज़ चिल्लाई रोने भी लगी
र चोदने लगा
तभी एक दूसरे मर्द ने असलम से कहा- अबे अकेले अकेले ही मजा ले रहा है भोसड़ी के … इसको उठाओ और इसके दो छेद भी बाकी हैं. उनमें भी लंड पेलने दो!
मैं समझ गई कि आज मेरी चूत गांड और मुँह का भर्ता बनने वाला है.
दोस्तो, उन शक्तिशाली मर्दों ने मुझे किसी प्लास्टिक की गुड़िया की तरह उठा लिया.
असलम ने अपने लौड़े को मेरी चूत में पेले रख कर मेरी टांगें फैला दीं.
मैं पहले भी सैंडविच चुदाई करवा चुकी थी, तो मुझे कोई खास फर्क पड़ने वाला नहीं था.
असलम ने पोज सैट कर लिया और तभी किसी ने पीछे से मेरी गांड में लंड ठांस दिया.
साले ने सूखा ही लंड पेल दिया था तो कसम से गांड में बहुत तेज परपराहट होने लगी थी.
जैसे तैसे उसके लंड ने मेरी गांड को रवां किया और मेरी चूत गांड एक साथ बजने लगी.
उसी बीच एक लंड मेरे मुँह में घुस गया था तो मेरी आवाज निकलना भी बंद हो गई थी.
ये तीन फारिग हुए तो अगले तीन आ गए और उन्होंने मेरी गांड चूत के साथ खेलना शुरू कर दिया.
हर तरफ से मेरे साथ नंगे मर्द लगे हुए थे.
जो चोद नहीं पा रहे थे, वे सब मुझे चूमने में लगे थे.
एक मर्द मेरे दूध चूसने में लगा था, एक मेरी कमर काटने में लगा था. ये भूखे भेड़िये मेरे जिस्म को नोंच नोंच कर खा रहे थे.
वे मुझे चोदते हुए कह रहे थे- इसकी चूत ज्यादा टाइट नहीं हे लग रहा हे रंडी हे 
जो गांड़ चोद रहा था वो कहता हे 
‘इससे हसीन माल तो मैंने कभी नहीं चोदा असलम!’
‘पूजा आज तू हमारा ही बच्चा पैदा करेगी, आज तेरी कोख में हमारा ही बीज जाएगा.’
‘रंडी तेरा जिस्म हम मर्दों की प्यास बुझाने के लिए ही है, चुपचाप लंड लेती रह.
अब दूसरा आदमी मेरे ऊपर चढ़ गया था.
उसने एक हाथ से मेरा मुँह पकड़ा और एक हाथ से जोर से मेरी कमर पकड़ कर अपना लंड मेरी चूत में डालने लगा.
वह जोर जोर से धक्का देने लगा और मुझे चोदने लगा.
वापस एक एक करके सबने मुझे दोबारा से चोदा.
असलम ने मुझे तीन बार चोदा, वह भी बिना कंडोम के.
एक आदमी बहुत काला था चोद भी रहा था और गली दे रहा था कहता हे
‘इस छिनाल साली की कमर बड़ी पतली है मगर चूचे बहुत मोटे है रांड के.’
 असलम के अलावा भी उन सभी ने एक एक बार मेरी चूत में अपना माल छोड़ा था.
सभी ने मुझे जगह जगह नोंचा और काटा.
मैं उतने टाइम में न जाने कितनी बार झड़ी, मुझे खुद याद नहीं था.
ऐसा मेरी जिंदगी में कभी नहीं हुआ था. मतलब अजीब किस्म की चुदाई हुई थी मेरी!
एक मेरी चूत चोदता, तो दूसरा मेरे मुँह में अपना लंड डाल देता. तीसरा मेरी गांड मारने लगता.
वे सारे मर्द मेरी जान निकलने तक मुझे चोदते रहे.
मैने टाइम देखा 12 बजने वाले थे मैने कहा बहुत लेट हो जाऊंगी अब जाने दो तब तक मेरी इज्जत से खेलने के बाद और मेरे शरीर को ऊपर से लेकर नीचे तक अपने माल से भरने के बाद … सब मुझ पर थूक रहे थे
फिर मैने कहा बहुत टाइम हो गया हे मुझे जाना हे वो बोले ठीक हे अब कब आओगी तो उन्होंने नंबर दिया अपना ओर मैने जल्दी जल्दी पूरी बॉडी साफ किया और कपड़े पहने ओर निकल गई में चल नही पा रही थी गांड़ में दर्द हो रहा था चूत पूरी सुज गईं थी में पैर चिपका के नहीं चल पा रही थी निप्पल पर बहुत काटा था दर्द हो रहा था 15 मिनट बाद घर पहुंची तो देखा पति के साथ उनके 2 दोस्त ओर बैठे हे बाते कर रहे हे दारू भी पी रहे हे में जल्दी से बाथरूम में गई नहाने लगी मैने चूत देखी अपनी मेरी चूत पूरी सूजी थी दर्द हो रही थी पूरी स्किन बाहर आ गई थी गांड़ से चूत से लंड का पानी निकल रहा था नहाने के बाद मैने मैक्सी पहन ली ब्रा पेटी अंदर कमरे में थी जहां पति ओर उनके दोस्त बैठे थे तो मैने सिर्फ मैक्सी पहन ली में निकल के बाहर आई ओर सीधे किचन में चली गई नाश्ता बनाने तो पति आ गए कहते हे ये सब छोड़ो मेरे साथ कमरे में चलो बहुत दारू पी रखी थी होश में नहीं थे ओर मुझे ले गए अपने दोस्तों से मिलवाया एक सुबह वाला अहमद था दूसरा सद्धाम तो अहमद कहता हे ये डॉक्टर साहब हे तो पति कहते हे ये तुमको इंजेक्शन लगाएंगे जिससे तुमको AIDES OR HIV ka इंजेक्शन लगाएंगे जिससे कोई बीमारी नहीं होगी ओर पति ने बोला लेट जाओ में उन्हीं के सामने लेट गई उल्टा गांड़ ऊपर करके लेकिन मैने मैक्सी ऊपर नहीं की थी ओर डाक्टर उठा इंजेक्शन भरने लगा ओर मेरे पास आया पति से कहता हे कपड़ा हटाओ पति ने पेट तक पूरी मैक्सी ऊपर कर दी मुझे भी अब शरम नहीं आ रही थी बेसरम हो गई थी ओर इंजेक्शन लगा दिया ओर मैक्सी नीचे कर दी पति ने में उठ के वंही बैठ गई ओर डॉक्टर ने कुछ दावा दी 15 दिन खाने के लिए तो डॉक्टर कहता हे अब में चलता हूँ 5 हजार रुपए हुए पति कहते हे इतने रूपए डॉक्टर बोला 4 हजार का इंजेक्शन हे सिर्फ बाकी दवा पति कहता हे इतनी दवा तो नहीं हे डॉक्टर कहता हे रुपए तो देने पड़ेंगे इंजेक्शन लग गया हे तो पति कहता हे ऐसा करो इसको छोड़ लो हिसाब बराबर में चौंक गई ये क्या हो गया मेरी गांड़ फाट गई सुन के क्योंकि अभी 6 आदमी से छुड़वा कर आई हूं ओर मेरी चूत दर्द कर रही हे सूजी हे 
डॉक्टर कहता हे ठीक हे 
पति कहता हे ये रंडी चल मैक्सी उतार में डर गई कंही फिर न मारने लगे ओर मैने उतार दी ओर लेट गई चूत खोल के डॉक्टर मेरी चूत पर उंगली फिरा कर कहता हे वाह बहुत फूली फूली चूत हे वाह ओर उसने अपना पैंट उतारा ओर अंडरवियर उतरी लंड उसका खड़ा था 7 इंच का फौलादी होगा और थूक लगाया लंड पर पर चूत पर रखा 2-3 झटके में अंदर डाल दिया मुझे बहुत ज्यादा दर्द हुआ में चिल्लाने लगीं अब पति उठा ओर मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया ओर ओर दोनों चोद रहे थे थोड़ी देर बाद डॉक्टर हटा ओर अहमद ने डाल दिया अब वो चोदने लगा अब पति हट मुंह से तो डॉक्टर ने लंड डाल दिया फिर मुझे घोड़ी बनाया ओर अहमद ने गांड़ में तेल लगाया ओर अंदर डाल दिया सभी ने गांड़ चोदी मेरी बहुत बुरी हालत थी बहुत दर्द हो रहा था फिर मुझे लिटाया ओर एक एक करके तीनों आय ओर मेरे चूत में लंड डाल के अपना पानी अंदर ही डालते रहे फिर डॉक्टर ओर अहमद ने साफ किया ओर उठ के चले गये पति वाही लेट के सोने लगे में फिर उठी ओर किचेन में गई ओर पानी गरम किया ओर बाथरूम में बैठ के चूत की सिकाई करने लगी दर्द हो रहा था लेकिन इस दर्दनाक चुदाई में मजा भी आ रही थी फिर मैने सोचा अभी तक मैने 9 लोगो से चुदाई करवा चुकी हूं सोच कर अंदर से खुशी हुई कि मेरे सपने पूरे हो रहे ऐसे ही रोज पति ओर उनका दोस्त रोज आकर चुदाई करते थे अब ये लोग कण्डोम भी नहीं लगते थे कि चूत में पानी भरो इंजेक्शन लग गया हे कोई दिक्कत नहीं ऐसे ही रोज चुदाई होती थी रोज कुतियाँ की तरह पिटाई होती थी सुबह चुदाई दोपहर चुदाई रात को चुदाई रोज यही करते करते 2 महीना बीत गया पता ही नहीं चला फिर मैने महसूस किया कि मेरे दूध पहले 30 साइज के थे अब 34 के हो गए हे ओर गांड़ भी बहुत बड़ी हो गई हे तब पता चला ये दवाई खाने का असर हे ओर जो रोज मर्दों का पानी अंदर जाता हे उसका भी असर हे
 अब मेरे मन में कुछ नया करने का आ रहा था कुछ नया हो मेरे साथ लगभग एक महीना हो गया था उन बस वालो के पास गए हुए फिर मैने अगले दिन कोचिंग जाने से पहले उनको फोन किया कि आज मिलोगे वो कहते हे आ जाओ आज हम लोगों की छुट्टी हे आ जाओ में 8 बजे निकली ओर 15 मिनट में उनके पास पहुंच गई गेट खटखटाया जैसे ही गेट खोला अंदर से धुँआ धुवां निकल रहा था सिगरेट पी रहे थे में अंदर गई तो देखा सभी अंडरवियर में थे टोटल 8 लोग थे मेरी गांड़ फट गई लेकिन मजा आने वाली थी बहुत खुश थी आज कुछ नया हो उन लोगों ने मुझे उठाया ओर बेड पर लिटाया ओर आस पास सभी चिपक गए कोई कपड़े के ऊपर से जांघ सहला रहा कोई दूध दबा रहा में बहुत गरम थी तो असलम कहता हे बताओ रानी क्या करे आज मैने कहा जितना गंदा कर सकते हो करो आज असलम कहता हे बरदास्त कर लोगी मैने कान्हा हां करो पूरी मर्दानगी निकाल लो उसके बाद उन लोगों ने धीरे धीरे मेरे पूरे कपड़े निकाल कर साइड रख दिए में पूरी नंगी हो गई कहते हे आओ मेरी रंडी उसके बाद जो मेरा हाल हुआ हे कसम से सोच कर डर लगता हे। मुझे ऐसा पटक पटक के चोदा हे कोई मुझ में लंड डाल हे कोई चूत में कोई गांड़ में बाल खींच खींच के चोद रहे थे मुझे दर्द होने लगा था किसी ने भी कोंडोम नहीं पहना था मुझे भी दिक्कत नहीं थी इंजेक्शन लगा था कोई बीमारी नहीं होगी ओर पटक पटक के चोद रहे थे में रोने लगी ये लोग नहीं रुक रहे थे जब सभी ने चोद लिया ओर पानी मेरे मुंह में चूत में गांड़ में भरा पड़ा था तो कहते चल उठ हम सभी के गोलिया चाटो में फिर सभी की गोलियां चाटने लगी मजा आ रही थी बड़े बड़े गोलियां थी जब सभी की चाट ली तो कहते हे चल बाथरूम में बाथरूम में गई मुझे नीचे बैठने को कहा में बैठ गई सभी ने आस पास से घेर लिया फिर सभी मेरे ऊपर पेसाब करने लगे में उनके गरम गरम पेसाब से नहा रही थी एक अलग ही सुकून मिल रहा था फिर उसके बाद मैने पानी से नहाया ओर कपड़े पहने ओर में वंहा से चली आई 
घर पहुंच कर देखा पति कंही गए हुए थे में भी कपड़े चेंज करके लेती थी सोने के लिए फिर याद आया कि मुझे इस बार पीरियड नहीं आया 5 दिन ओवर हो गया हे मुझे धक धक होने लगी फिर साम को जब पति आय उनसे बताया तो वो मेडिकल स्टोर गए ओर प्रेग्नेंसी कीट ले कर आय मैने चैक किया तो मेरी जान निकल गई में प्रेग्नेंट थी में रोने लगी अब मेरा क्या होगा घर वालों को पता चल जाएगा अब क्या होगा मेरा फिर पति बोलता हे कुछ नहीं होगा बच्चा होगा में पालूंगा तू रंडी हे चिंता मत कर फिर पति ने बोला अभी घर जाकर घूम आओ अभी 1 महीने का बच्चा हे तो दिखेगा नहीं किसी को पता भी नहीं चलेगा ओर 15 दिन बाद आ जाना फिर 9 महीने के बाद जाना मैने बैग पैक किया ओर अगले दिन सुबह ट्रेन से घर आ गई बहुत खुश थी 15 दिन वाही रुकी बहुत एंजॉय किया उनको बताया एक प्राइवेट कॉलेज में पढ़ाती भी हूं तो छुट्टी ज्यादा नहीं मिलेगी ओर ऐसे ही 15 दिन बीत गए 15 से चुदाई नहीं हुई थी तो बहुत पागल हो गई थी ऐसा लग रहा था कब यंहा से जाऊं में 15 दिन पूरे हो गए तब शाम वाली बस पर पापा ने बैठा दिया ओर में बैठ गई ओर सुबह 7 बजे दिल्ली पहुंच गई ओर 1 घंटे में पति के घर पहुंच गई फिर ऐसे ही 8 महीने बीत गए 9 वा महीने लग गया था में घर से बाहर नहीं जाती थी घर पर ही रहती थी 2-3 दिन में कोई न कोई चोद देता था आकर पति ओर पति दोस्त अब मेरा पेट भी बड़ा हो गया था मेरे दूध भी बड़े हो गए तो पति ने बोला चलो गांव चलते हे वाहन देखभाल तुम्हारी अच्छे से होगी में उनके साथ उनके गांव चली गई बहुत बड़ा घर था आस पास कोई घर नहीं था हवेली टाइप का था भैंस ओर बकरी कुत्तों बहुत थे अंदर एक कमरे में बैठ गई मेरे पास 3 औरत आई बहुत मोटी मोटी पहलवान जैसी मेरे से कहती हे क्यों रे रंडी किसका बच्चा हे पेट में मैने बोला पति का तो हंसने लगी कहती हे मजाक करती हे डॉक्टर का हे या तेरे पति का हे या अहमद का हे या किसी ओर का में चौंक गई तो कहती हे चौंक मत ना जाने कितनी चोदी गई हे अब तेरी बारी हे में फिर 10 दिन बाद मेरे पेट में दर्द होने लगा ओर उन्हीं 3 औरत ने बच्चा पैदा किया फिर 10 दिन तक मुझे बहुत आराम करवाया गरम गरम खाने को दिया में 10 दिन बाद बिल्कुल मजबूत हो गई मेरा बच्चा मेरे दूध भी पिता था बड़े बड़े दूध हो गए थे 
अगले दिन पति ओर अहमद दोनों लोग मेरे अगल बगल लेते थे मेरी बहुत महीनों से चुदाई नहीं हुई थी बहुत गरम थी कोई मेरे चूत सहला रहा था कोई दूध दबा रहा था में गरम हो गई फिर मुझे दोनों ने पटक पटक के चोदा में बहुत अह्ह्ह अहहहा चिल्ला रही थी मैने। कहा ओर चोदो बहुत गंदी तरह से तो पति कहता हे चिंता मत कर इसी लिए याह लाय हे तू रंडी हे ओर मुझे घसीट के बाहर ले गए ओर जहां बकरी बंधी थी वाही ले गए 10-12 बकरी बंधी थी ओर मेरे गले में रस्सी बंधी ओर उनके साथ में खड़ा कर दिया कहते हे जैसे बकरी रहती हे वैसे ही अब तुझे नंगे रहना हे खाना ,मुतना सब यूंही मरन हे जैसे बकरी करती हे मैने सर हिलाया ओर खड़ी रही में बकरी की पोजीशन में खड़ी थी अहमद नीचे बैठा ओर मेरी चूत में लंड डाला ओर चोदने लगा ओर अंदर पानी छोड़ के चला गया अब वाहन कोई नहीं था अंधेरा था सिर्फ में ओर बकरिया थी मैने सोचा वाह क्या जिंदगी हे ये भी जिंदगी जी के देख लो
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RE: दादा जी के साथ मेरी गरम फैंटेसी - by Poojagupta9628 - 25-09-2026, 02:52 PM



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