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Fantasy दादा जी के साथ मेरी गरम फैंटेसी
#2
क्लास पूरे टाइम बस चुदाई के बारे में ही सोचती रही कि कैसे भी एक बार हो जाय चुदाई बहुत तड़प रही थी मैने क्लास में पैंटी उतार के रख ली और उंगली करने लगी मेरी चूत पर एक भी बाल नहीं था
जब कोचिंग से बाहर आ गई तो घर की तरफ जाने लगी तो रास्ते में वही सब्जी वाले दादा फिर दिखाई दिए लेकिन मैने पैंटी नहीं पहनी थी तो डर भी लग रहा था फिर सोचा चलो कुछ करूंगी नहीं सिर्फ सब्जी लूंगी इतना भी नंगापन नहीं दिखाना हे जब उनके पास गई तो देखा उनके पीछे दादी लेटी सो रही थी दादा बैठे थे मैने सब्जी के दाम पूछे टमाटर प्याज आलू तो दादा मुस्कुरा के दाम बता रहे थे उनका कुछ व्यवहार अलग था कल जो पैंटी दिखाई थी शायद इसी लिए तो में भी खुल गई फिर सब्जी लेने लगी इसी बहाने मैने सोचा बैठू नीचे की नहीं बहुत बार सोचा फिर सोचा दिखा ही देती हूं क्या ही हो जाएगा मैने टमाटर अपनी पसंद का लेने के लिए नीचे बैठी मेरी पूरी चूत उनके सामने दादा पागल की तरफ देख रहे थे मुझे भी अच्छा लग रहा था फिर उठ गई रुपए दिए ओर वापस आ गई
कमरे पर आई ओर कपड़े चेंज किए हॉफ टीशर्ट पहनी ओर छोटी सी स्कर्ट पहनी मेरा पूरा पेट दिख रहा था ओर नीचे आई बाथरूम की अपने कपड़े देखूं मेरी पैंटी ओर ब्रा के क्या हालत की हे दादा ने देखा तो बाथरूम में नहीं थे दादा जी के रूम के बाहर 4-5 लोगो के जूते चप्पल थी गेट थोड़ा खुला था मैने देखा था हल्का सा झाँक के तो अंदर 5 लोग थे सभी मोटे मोटे बड़े लंबे लंबे आदमी थे ,., लोग थे टोपी लगाए थे पार्टी कर रहे थे दारू चिकन इतने में दादा ने देख लिया कि में देख रही हूं दादा कहते हे क्या हुआ बेटा मैने कहा कुछ नहीं कपड़े लेने थे बाथरूम में नहीं थे तो दादा कहते है वो सामने कुर्सी में रखे हे में अंदर चली गई सभी लोग मुझे ही देख रहे थे मैने कपड़े उठाए ओर बाहर आ गई मुझे थोड़ा अजीब भी लगा ओर अच्छा भी लग रहा था में बाहर आ दरवाजा बंद कर दिया ओर बाहर ही खड़ी रही इनकी बाते सुनने के लिए किसी ने बोला ये कौन मस्त मॉल हे मादरचोद ये चोदने को मिल जाय मजा आ जाय सभी हंसने लगे ,तो दादा कहते हे बहुत अच्छी लड़की हे बहुत सीधी हे वो कपड़े ऐसे पहनती हे कुछ नहीं जानती चुदाई के बारे में बहुत प्यारी बच्ची हे नहीं तो अभी तक चोद देता कोई इसारे ही नहीं करती रंडी होती तो अब तक खुद कहती चूदने के लिए में पागल हो गई सुन के कि दादा चोदना चाहते हे में ही पागल हूं और में कमरे में आ गई चूत सहलाने लगी ओर तरीका सोचने लगी कि क्या करूं
मैने फिर प्लान बनाया मैंने अपनी मम्मी को फोन किया और थोड़ी देर बात की ओर मम्मी से कहा कि मुझे 4 बजे कॉल करके जगा देना ऑनलाइन क्लास करनी हे बहुत जरूरी हे उन्होंने कहा ठीक हे अभी 2:30 बज रहे थे मैने कॉल कट किया और मैने जान बुझ कर छोटी वाली स्कर्ट पहनी ओर अंदर ब्लैक ब्रा पहनी ओर ऊपर से से हॉफ टीशर्ट पहनी जिसमें अंदर का सब दिखता हे काली ब्रा दिख रही थी मुझे बिल्कुल भी शरम नहीं आ रही थी की नीचे 5 आदमी बैठे हैं उनके सामने जा रही हूं में उनके कमरे में गई ओर सभी मुझे ही देख रहे थे मैने कहा दादा जी मेरा फोन अपने चार्जर से लगा दीजिए मेरा चार्जर काम नहीं कर रहा हे ओर अगर किस्सिंका फोन आय तो बुला देना कहते हे ठीक हे ओर में वाहन से आ गई सभी मुझे घूर घूर के देख रहे थे बहुत अच्छा लग रहा था,
ओर में कमरे में आकर लेट गई इंतजार करने लगी सोचते सोचते कि क्या करूं ओर में 4 बज गए ओर मम्मी का थोड़ी देर बाद कॉल आ गया दादा जी ने आवाज लगाई में कुछ नहीं बोली यही चाहती हे 4-5 बार दादा ने बुलाया ओर उधर से मम्मी लगातार काल कर रही थी आखिर में दादा खुद ऊपर आने लगे यही चाहती थी में मैने जल्दी से लेट गई बेड पर पैंटी पहनी नहीं थी स्कर्ट ओर ऊपर चढ़ा ली थी आधी चूत दिख रही थी साफ साफ ओर ब्रा भी उतर दी थी टीशर्ट बहुत हल्की थी अंदर का पूरा दिख रहा निप्पल ओर दूध पूरा पेट खुला था में सोने का नाटक कर रही थी ओर एक आँख से देख रही थी दादा जी आय अंदर देख के पागल हो गए ये सब कुछ देख कर दादा जी गेट के पास से देख रहे थे ओर आवाज भी लगाई में नहीं बोली वो कुछ देर रुके ओर देखते रहे मेरे पास आय ओर छूने की हिम्मत नहीं हो रही थी उनकी उन्होंने मेरा हाथ पकड़ कर हिलाया में धीरे से आंख खोली और बोली दादा जी आप बताइए कोई काम हे तो कहते हे तुम्हार फोन बज रहा हे लो में उठ कर बैठ गई दादा जी से कहा आप भी बैठ जाइए वो भी बैठ गए मैने उन्हीं के सामने मम्मी को फोन लगाया ओर बात करने लगी में देख रही थी दादा मेरे दूध देख रहे थे फिर 1 मिनट बात करके फोन काट दिया दादा जी बोला दादा जी पानी लाऊँ आपके लिए कहते हे नहीं रहने दो फिर में उनसे बात करने लगी नॉर्मली कहा दादा जी बहुत गर्मी होने लगी हे कूलर भी नहीं हे ओर सो नहीं पाती हूं इस गर्मी में कपड़े भी काटने लगे हे मन नहीं करता पहनने का तो दादा कहते हे मत पहना करो तुम्हारा ही घर हे कौन आ रहा हे मैने कहा मेरा मतलब बिल्कुल भी नहीं जो पहने हे वो भी नहीं मन करता तो दादा कहते हे हाँ मत पहना करो तुम्हारा ही घर हे खुल के रहो कोई नहीं आएगा पूरे घर में घूमो मैने कहा आप भी तो हो घर में आपको दिक्कत नहीं होगी तो कहते हे नहीं मुझे क्यों होगी तुमसे बड़ी बड़ी तो मेरी नातिन हे मैने कहा लेकिन दादा जी आपके सामने शर्म आती हे आप क्या सोचोगे तो कहते हे मुझे कोई दिक्कत नहीं बेटा तुम अभी हो जाओ क्या दिक्कत मैनेकह पक्का हो जाऊं कोई दिक्कत नहीं दादा कहते हे हाँ यही में चाहती थी में बहुत गरम थी कुछ भी करने को तैयार थी मैने धीरे से टीशर्ट उतार दी ओर नाटक करने लगी कि शरम आ रही अपने दूध हाथ से छिपा लिये दादा कहते हे किस बात की शर्म हटा लो में नहीं हटा रही थी 2-3 बार कहने पर मैने हटा लिए दादा कहते हे स्कर्ट भी उतर दो गर्मी हे मैने फिर वो भी उतर दिया उनके सामने पूरी नंगी थी दादा मेरी चूत देखने लगे में उनके लांड देख रही थी कि खड़ा हो रहा हे दादा मेरे जांघ पर हाथ फिराने लगे मेरी आंख बंद हो गई उन्होंने जैसे ही मेरी चूत की तरफ हाथ रखा मैने मना कर दिया नहीं तो कहते हे क्या हुआ मैने कहा इससे अंगे नहीं तो कहते हे अरे कुछ नहीं होता सबको पसंद हे हर लड़का लड़की करते हे ये सब मैने कहा अपने पति के साथ करूंगी तो दाद कहते हे तब तो बहुत टाइम लगेगा मैने कहा आप बन जाओ पति वो कहते हे कैसे मैने कहा शादी कर लो तो दादा कहते हे में तो ,., हूं मैने कहा तो क्या हुआ दादा कहते हे ठीक हे तुमको निकाह करना होगा मेरी बेगम बनोगी मैने कहा हा तो दादा मेरे चूत पर फिर हाथ रखने जा रहे थे मैने कहा नहीं अब निकाह के बाद कहते थे ठीक हे कल शाम को निकाह करते हे मैने कहा ठीक हे ओर दादा नीचे चले गए में बहुत खुश थी पागल हुई जा रहीं थी फिर नीचे से दादा ने आवाज लगाई में नंगी ही नीचे गई अपने कमरे में बुलाया में गई उन्होंने 2 बड़े बड़े बैग दिए ओर कहा मेरी पत्नी के कपड़े हे ओर जेवर हे जाओ मजे करो अब तुम्हारे है में बैग उठाने लगी तो दादा ने मुझे पकड़ लिया और अपने पैंट के ऊपर से लैंड पकड़वाने लगे मैने मना कर दिया नहीं अभी नहीं देखूँगी शादी के बाद वो कहते हे बस एक बार मैने कहा नहीं शादी के बाद में बैग लेकर कमरे में आ गई उसमें बहुत सारे सलवार शूट थे ,फुल नकाब,हिजाब थे,बहुत सारे सिंपल ब्रा पैंटी थे ,जेवर थे,में ट्राई करने लगी ब्रा पैंटी तो मेरे से बहुत बड़ी थी उनकी ब्रा 42 थी मेरी 32 साइज हे फिर मैने खाना खाया ओर नंगी ही सो गई अगले दिन उठी नंगी ही नीचे गई नंगी नहाया ओर दादा देखते रहे ओर नंगी ही ऊपर आई ओर कोचिंग गई 2 बजे जब वापस आ रही थी तो कुछ मेकअप का सामान ले लिया मैने आज सुहाग रात थी घर पर आई तो देखा दादा के कमरे में बहुत शोर शराब हो रहा था में फिर गई नहीं कमरे में ऊपर कमरे में आ गई ओर लेट गई थोड़ी देर बाद दादा आय की तैयार हो जाओ रिश्तेदार ओर मौलवी जी आ गए हे निकाह होना हे ओर चले गए मुझे धक धक होने लगी ये में क्या कर रही हूं कुछ गलत तो नहीं कर रही फिर सोचा अब जो हो रहा हे होने दो यही तो चाहती थी में फिर मैने

दरबाजा बंद किया और सबसे पहले पूरी बॉडी पर hair remover क्रीम लगाई और बाल साफ किए चिकनी हो गई फिर नहाया फिर पूरी बॉडी पर lotion लगाया फिर लाल रंग की पेंटी पहनी, फिर लाल रंग की ब्रा पहनी फिर उसके बाद लिपस्टिक लगाई आंखो मे काजल, बिन्दी लगाई कानो मे झूम्के पहने फिर सोने का हार पहना हाथो मे चूड़िया, कमर मे चांदी का माला पहना, नाभि मे रिंग पहनी फिर नाक मे वाली पहनी और फिर उनकी पत्नी का एक सिंपल सा लहंगा था वो पहना ओर चुन्नी से पूरा मुंह ढक लिया मे तैयार हो गई और बैठ गई घूंघट डाल कर शीशे में देखा एक दम दुल्हन लग रही थी फिर दादा जी आए और जब देखा तो देखते ही रह गए मेरा घूंघट उठने ही वाले थे मेने मना कर दिया कहा निकाह के बाद फिर वो मूझे अपने साथ नीचे हाल मे ले गए जब हाल का नजारा देख कर दंग रह गई 6 आदमी बैठे थे पहले से उसमें से एक मौलवी भी थे ये देख कर मेरी गांड़ फट गई मेरे अंशु निकलने लगे धक धक होने लगी ये सब देख कर मूझे अंदर से बहुत अजीब लगा येसा लग रहा था बहुत गलत कर रही हूँ येसा नही करना चाहीये ये तो सच मे मेरी शादी हो रही हे मे बहुत डर गई अंदर से, मेरी अभी 18 साल हुई हे दादा 65 के हे ये सब कैसे क्या कर रही हूं। में मुझे बहुत रोना आ रहा था में रोने लगी फिर वो मूझे ले गए बेठाया दादा भी बैठ गए मौलवी जी कुछ देर तक ,., में जो रीतिरिवाज होती हे उर्दू में बोलते हे नमाज पढ़ रहे थे शायद फिर एक फाइल निकाली ओर कहते हे अब तुम्हारा धर्म परिवर्तन होगा अब तुम * से ,., बनोगी ओर कुछ नमाज पढ़वाई जो वो बोलते गए मैने बोला आज से तुम्हारा नाम पूजा नहीं हे अब तुम्हारा नया नाम रूकसाना हे मैने हां में सिर हिलाया फिर मेरे से कहते तुमको निकाह कुबूल हे मैने हां में सिर हिलाया फिर बोला निकाह कुबूल हे मैने सर हिलाया फिर बोले निकाह कुबूल हे मैने फिर सर हिलाया यही कुबूल दादा जी से बुलवाया 3 बार ओर कहते हे दादा जी हे साइन करो फाइल पर अब तुम दोनों शौहर ओर बेगम हो गए फिर मेरे से बोला तुम साइन करो अब तुम्हारा निकाह हो गया हे ये तुम्हारे शौहर हे में साइन करती जा रही थी हाथ काँप रहे थे में धीरे धीरे रोने लगी की ये मेने कुछ देर की खुशी के लिए असली मे शादी कर ली अब कहते हे सभी लोग खड़े हो गए सभी ने फूल बरसाए मौलवी जी कहते हे आज से आप लोग शोहर बेगम हुए। मौलवी जी कहते जल्दी बच्चा हो जाए और उनको जाने दिया, उनके जो दोस्त थे पहुंचे बैठे थे दादा जी की बहुत मौज ले रहे थे कह रहे थे आज रात भर लेना जी भर के टाइट टाइट मिलेगी ,बहुत खुशकिस्मत हो तब तक मे आपने कमरे मे चली गई। और मे रूम मे बेठ कर रोने लगी थोड़ी देर बाद दादा आय ओर मुझे अपने साथ नीचे अपने कमरे में ले गए उनके दोस्त सभी चले गए थे जब रूम देखा सुहागरात की तरह सजा था मे अंदर गई बैठ गई रात के 8 बज रहे थे वो गेट मे ताला लगाने चले गए, फिर मेने सोचा अब जो हुआ सौ हुआ देखा जायगा अब नई जिंदगी जिओ
फिर दादा जी अंदर कमरे में आय उनके हाथ में जूस का गिलास था वो पूरे पक्के * लग रहे थे सफेद कुर्ता सर पर जालीदार टोपी मेरे पास आय ओर मुझे जूस का गिलास दिया
अब मेरा दिल ज़ोर से धड़कने लगा था और में चुपचाप अपना सिर नीचे करके जूस पीने लगी थी. तभी दादा जी ने पूछा कि मुझे बुरा तो नहीं लग रहा है वो मुझे टच कर रहे है, तो मैंने स्माइल देते हुए ना में सिर हिलाया. अब यह सुनकर दादा जी अपने हाथ से मेरी पीठ सहलाने लगे. फिर दादा जी ने अपना लेफ्ट हाथ मेरे कंधे पर रख दिया और अपने राईट हाथ से मेरे लेफ्ट बूब्स को सहलाने लगे
ओर कहते हे आज से तुम मेरी बेगम हो अब तुम * हो में जो भी कहूंगा वो करना पड़ेगा अपनी मनमर्जी मत करना मुझे गुस्सा भी मत दिलाना नहीं तो तलाक तुरंत हो जाता हे ओर दोबारा जोड़ने के लिए हलाला करना पड़ता हे *ी नियम कानून समझ लो मैने हां में सर हिलाया .फिर उसके बाद मैंने उनका हाथ पकड़ लिया, उन्होंने अपने एक हाथ दूध पर रख दिया लेकिन मैंने उनका हाथ हटाने की कोशिश नहीं की, तो वो बूब्स को धीरे धीरे दबाने लगे. अब मैंने मेरी आँखे बंद कर ली, तभी उन्होंने दोनों बूब्स को दबाते हुए पूछा कि कैसा लग रहा है? तो मैंने कहा अच्छा लग रहा है.
फिर वो अपना हाथ ब्लाउज के अंदर डालकर मेरे बूब्स को ब्रा के ऊपर से सहलाने लगे और धीरे-धीरे दबाने लगे. अब में अपनी आँखें बंद करके मज़ा ले रही थी और उन्होंने अपना सर मेरे कंधे पर रखकर मेरी गर्दन को चूमना शुरू कर दिया. यह सब मेरे साथ पहली बार हो रहा था और अब में भी गर्म होने लगी थी, तभी दादा जी ने मेरे ब्लाउज की डोरी खोलने लगे और धीरे से ब्लाउज उतार दिया और अब में ब्रा में थी ब्रा के आस पास जीभ से फिरते रहे दबाते रहे अगले ही पल में मेरी ब्रा के हुक खोलकर ब्रा को भी मुझसे अलग कर दिया.
अब में नीचे सिर्फ़ लहंगे में थी और ऊपर से पूरी नंगी थी, मेरी बूब्स देखकर दादा जी के मुँह से वाउ निकल गया और बोले, आआअहह क्या खूबसूरत बूब्स है? जी कर रहा है कच्चा खा जाऊं, क्या किसी ने आज से पहले बूब्स टच किया है? तो फिर मैंने ना में सिर हिलाया और वो एक भूखे बच्चे की तरह मेरे बूब्स को चूसने लगे और अपना हाथ मेरी लहंगे के अंदर डालकर मेरी जांघो को सहलाने लगे, तब तक मेरी पेंटी पूरी गीली हो चुकी थी.
फिर थोड़ी देर में ही दादा जी अपने हाथ से मेरी चूत को पेंटी के ऊपर से ही टच करने लगे तो मैंने अपना हाथ उनके पजामे के ऊपर रख दिया और धीरे-धीरे उनके लंड को दबाने लगी. तभी दादा जी ने अपना पजामा उतार दिया और अब वो सिर्फ़ चड्डी में थे. फिर वो मुझसे बोले कि मेरी बेगम अब सब कुछ तुम्हारा ही हे क्या तुम बाहर नहीं निकालोगी?
यह कहकर उन्होंने मेरा हाथ अपनी चड्डी के अंदर डाल दिया, अब मुझे ऐसा लगा कि मेरे हाथ में कोई गर्म रोड आ गयी है. फिर मैंने चड्डी में से उनका लंड बाहर निकाला,में देख कर रूह कांप गई में लाईफ में पहली बार इतने बड़े और मोटे लंड को देख और छू रही थी, उनका लंड करीब 8 इंच लंबा, और 3 इंच चौड़ा था मैंने एक बार गधे का लंड देखा था दादाजी का लंड भी किसी घोड़े के लंड जैसा लग रहा था और में उसे एक ही नज़र में देखे जा रही थी, जैसे मुझे कोई अजूबा हाथ लगा हो. इसी बीच दादा जी ने अपनी चड्डी ऊतार दी और मेरा भी लहंगा उतार दिया अब वो मेरे सामने पूरे नंगे थे और में सिर्फ़ एक पेंटी में थी.
अब में उनके लंड को अपने हाथ से सहला रही थी और वो मेरे बूब्स दबाते हुए मेरी आँखो में देख रहे थे. फिर धीरे-धीरे वो मेरे चेहरे के पास आकर मेरे लिप को चूमने लगे, अब में भी किस में उनका साथ देने लगी. फिर 2-3 मिनट तक लिप किस करने के बाद दादा जी मेरे सामने खड़े हो गये और अब उनका लंड ठीक मेरे सामने तनकर खड़ा था, मानों जैसे वो मुझे सलामी दे रहा है.
फिर दादा जी मुझे लंड को मुँह में लेने के लिए बोले और मैंने लंड को दोनों हाथों से पकड़कर मुँह में ले लिया. अब दादा जी मेरे बालों को पकड़कर मेरे सिर को अपने लंड पर आगे पीछे करने लगे और अपनी आँखे बंद करके, उम्म्म हम्मम्मम्म करके सिसकारियाँ निकाल रहे थे. फिर में 3-4 मिनट तक उनका लंड चूसती रही और उन्होंने अचानक से ज़ोर से, आहह करते हुए अपना पूरा पानी मेरे मुँह के अंदर ही छोड़ दिया. उनके लंड के पानी का टेस्ट कुछ अजीब सा था, लेकिन में उनके लंड का सारा पानी पी गयी और मैंने लंड चाट कर साफ कर दिया.
अब दादा जी ने मुझे उठाकर बेड पर लेटा दिया और मेरी पेंटी को नीचे खींचने लगे, अब देखते ही देखते मेरी पेंटी मुझसे अलग हो गयी और में पूरी नंगी बेड पर लेटी रही. फिर मेरी दोनों टांगो को खोलकर अपना सिर मेरी जांघो के बीच में रख दिया और मेरी चूत की फंको को खोलकर को किस करने लगे, मुझे ऐसी फीलिंग हो रही थी, जैसे कि हज़ारो चीटियाँ मेरी चूत को काट रही हो, मुझे इतनी अच्छी फीलिंग पहले कभी नहीं आई थी.
फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे और देखते ही देखते अपनी जीभ मेरी चूत में डालने लगे, अब वो मेरी चूत को चूसते रहे और अब में उनका सिर पकड़कर दबाब डाल रही थी और चूत चुसाई का मज़ा ले रही थी. अब करीब 5-6 मिनट तक चुसाई करवाने से मेरी चूत से पानी निकलने लगा था और वो मेरी चूत पर मुँह लगाकर पूरा पानी पी गये. अब पानी निकलने के बाद में हल्का महसूस कर रही थी और अब दादा जी मेरे ऊपर आकर मेरे बूब्स के साथ खेलने लगे और अब में भी उनके लंड को अपने हाथ से सहलाते हुए खेलने लगी.
फिर 2 मिनट में ही दादा जी का हलब्बी लंड सलामी देते हुए फिर से खड़ा हो गया, तो वो मेरी दोनों टांगो के बीच में आकर बैठ गये. अब उन्होंने एक तकिया लेकर मेरी कमर के नीचे रख दिया, ताकि मेरी चूत थोड़ी ऊपर हो जाए. फिर बेड के साईड में टेबल पर रखी वेसलिन क्रीम निकाल कर थोड़ी मेरी चूत को खोलकर उस पर लगाई और थोड़ी अपने लंड पर लगा ली, फिर अपने हाथ से लंड को पकड़कर मेरी चूत के होल के सामने रगड़ने लगे.
फिर वो मेरे ऊपर लेट गये और मेरे लिप पर किस करने लगे, अब में भी उनके किस का साथ दे रही थी और इसी बीच दादा जी ने एक ज़ोर के धक्के के साथ अपना लंड मेरी चूत के अंदर डाल दिया, तो में दर्द के मारे चिल्लाने लगी, लेकिन उन्होंने मेरे लिप को अपने लिप से बंद कर रखा था और अब में उनको हटाने लगी, लेकिन उन्होंने मेरी कमर को पकड़ कर रखा था और में हिल भी नहीं पा रही थी, अब दर्द के मारे मेरी आँखो से आंसू निकलने लगे थे.
फिर दादा जी ने मेरे बूब्स को चूसा और फिर थोड़ी देर में जब मेरा दर्द कम हुआ तो वो फिर से अपनी कमर चलाने लगे. अब उनका लंड धीरे-धीरे चूत में अंदर बाहर होने लगा था, फिर जब में थोड़ी नोर्मल हुई तो उन्होंने और एक ज़ोर के धक्के से अपना पूरा लंड मेरी चूत में अंदर डाल दिया और तभी ज़ोर से पकड़कर मुझे किस करने लगे और धीरे-धीरे मेरा दर्द कम होने लगा और मेरा दर्द कम होने के बाद लंड को अंदर बाहर करके चोदने लगे.
फिर थोड़ी देर में मुझे भी मज़ा आने लगा और में अपनी कमर उठा- उठाकर उनका साथ देने लगी और अब मुझे देखकर दादा जी भी जोश में आ गये और ज़ोर ज़ोर से मुझे चोदने लगे. फिर 7-8 मिनट तक चुदवाने के बाद मेरे पानी छोड़ने के बाद दादा जी भी कुछ 15-20 धक्के लगाकर वो भी अपना पानी मेरी चूत के अंदर डाल कर झड़ गये. अब चुदाई के बाद हम दोनों ही थक चुके थे और कुछ देर तक हम दोनों वैसे ही नंगे बेड पर पड़े रहे. फिर में उठी ओर कमरे में लाइट बंद थी जब में बाथरूम गई पेशाब करने तो देखा मेरी चूत खून से लाल थी मेरी सील टूट गई थी पेशाब करने में भी दर्द हो रहा फिर में आई ओर नंगी ही चिपक के सो गई 
अगले दिन सुबह 4 बजे दादा ने जगाया उठो में उठी तो कहते हे जाओ झाड़ू पूछा लगाओ घर में मैने कहा अभी 4 बजे हे इतने बजे कौन करता हे तो कहते हे तुम्हारी अब शादी हो चुकी हे तुमको ही करना हे सब जाओ ओर करो में फिर लेट गई नींद आ रही थी उन्होंने एक झटके में उठा के बैठाला ओर तमाचा मार दिया मुझे बहुत जोर का झटका लगा कि इसको क्या हो गया हे अचानक से में चुप चाप उठ गई ओर ब्रा पैंटी पहनने जा रही थी तो कहा जाओ नंगी होकर लगाओ मैने कहा आस पास घर से कोई देख लेगा तो फिर तमाचा मार दिया मुझे रोना आ गया मैने कहा आप ऐसा क्यों कर रहे हे तो कहते हे हम * हे ओर में तुम्हारा शौहर पति हूं में जो बोलूंगा वो करना पड़ेगा समझी चल निकल तुरंत में नंगी ही झाड़ू पूछा लगाने लगी ओर सोचने लगी अचानक से मेरी पूरी जिंदगी बदल गई अब में किसी आदमी की औरत बन गई लेकिन मुझे मार खाना अब अच्छा भी लग रहा था मुझे यही सब तो पसंद हे किसी की गुलाम रखैल बन कर रहना फिर पूरे घर में झाड़ू लगाई पोछा लगाया ओर फिर नाश्ता बनाया अपने पति के कपड़े धुले फिर मैने नहाया ओर कोचिंग जाने के लिए तैयार हुई में मैने आज हॉफ टीशर्ट ओर हॉफ स्कर्ट पहनी थी और नीचे गई ओर पति से बोला में कोचिंग जा रही मेरे से कहते हे रंडी इधर आ में गई मुझे तमाचा मारा ओर मेरे पैर में लात मारी में गिर गई ओर कहते हे मादरचोद रंडी बन कर जा रही हे सबको दिखाने चुप चाप सलवार कुर्ता पहन कर जा मैने डर के मारे सलवार कुर्ता पहन लिया ओर मुंह को ढक लिया ओर चली गई कोचिंग में यह सब सोच कर में बहुत गरम हो रही थी कि यही सब तो चाहिए था मुझे ओर बिना कुछ कहे मिल रहा हे में किसी की रखैल गुलाम रहना चाहती थी वही सब हो रहा हे ओर बहुत गंदी तरह चुदाई हो रही हे वाह,फिर कोचिंग से घर आई सीधे पति के कमरे चली गई वही अब मेरा कमरा था में कपड़े बदलने लगी तो दादा कहते हे कपड़े मत पहन नंगी रह पूरी मैने कहा ठीक हे फिर मैने कपड़े नहीं पहने नंगी ही खड़ी थी ओर मेरे से कहते हे जा खाना बना में गई ओर खाना बनाया पूरी नंगी होकर फिर उनको दिया वो खाने लगे ओर में भी खाना लेकर खाने जा रही थी मेरी कमर में इतनी तेज लात मारी कहते हे रंडी मादरचोद भोंसड़ी वाली तुझे ये नहीं पता अभी पति खा रहा हे तब तक तू नहीं खा सकती में रोने लगी ओर थाली रख दी ओर पास में खड़ी हो गई जब उनका खाना हो गया तब उन्होंने बोला जा अब खा खाना फिर मैने खाना खाया ओर दोपहर के 2 बज रहे थे ओर उनके बगल में आकर लेट गई सोने के लिए तो कहते हे चल लंड चूस में चुप चाप उठी ओर चूसने लगी उनका लंड भयंकर खड़ा हो गया में भी गरम हो गई थी 
अब दादा जी मेरे बालों को पकड़कर मेरे सिर को अपने लंड पर आगे पीछे करने लगे और अपनी आँखे बंद करके, उम्म्म हम्मम्मम्म करके सिसकारियाँ निकाल रही थी. फिर में 3-4 मिनट तक उनका लंड चूसती रही और उन्होंने अचानक से ज़ोर से, आहह करते हुए अपना पूरा पानी मेरे मुँह के अंदर ही छोड़ दिया. लेकिन में उनके लंड का सारा पानी पी गयी और मैंने लंड चाट कर साफ कर दिया.
अब दादा जी ने मुझे उठाकर बेड पर लेटा दिया मेरी दोनों टांगो को खोलकर अपना सिर मेरी जांघो के बीच में रख दिया और मेरी चूत की फंको को खोलकर को किस करने लगे, मुझे ऐसी फीलिंग हो रही थी, जैसे कि हज़ारो चीटियाँ मेरी चूत को काट रही हो, मुझे इतनी अच्छी फीलिंग पहले कभी नहीं आई थी.
फिर वो मेरी चूत को चाटने लगे और देखते ही देखते अपनी जीभ मेरी चूत में डालने लगे, अब वो मेरी चूत को चूसते रहे और अब में उनका सिर पकड़कर दबाब डाल रही थी और चूत चुसाई का मज़ा ले रही थी. अब करीब 5-6 मिनट तक चुसाई करवाने से मेरी चूत से पानी निकलने लगा था और वो मेरी चूत पर मुँह लगाकर पूरा पानी पी गये. अब पानी निकलने के बाद में हल्का महसूस कर रही थी और अब दादा जी मेरे ऊपर आकर मेरे बूब्स के साथ खेलने लगे और अब में भी उनके लंड को अपने हाथ से सहलाते हुए खेलने लगी.
फिर 2 मिनट में ही दादा जी का हलब्बी लंड सलामी देते हुए फिर से खड़ा हो गया, तो वो मेरी दोनों टांगो के बीच में आकर बैठ गये. अब उन्होंने एक तकिया लेकर मेरी कमर के नीचे रख दिया, ताकि मेरी चूत थोड़ी ऊपर हो जाए. फिर बेड के साईड में टेबल पर रखी वेसलिन क्रीम निकाल कर थोड़ी मेरी चूत को खोलकर उस पर लगाई और थोड़ी अपने लंड पर लगा ली, फिर अपने हाथ से लंड को पकड़कर मेरी चूत के होल के सामने रगड़ने लगे.
फिर वो मेरे ऊपर लेट गये और मेरे लिप पर किस करने लगे, अब में भी उनके किस का साथ दे रही थी और इसी बीच दादा जी ने एक ज़ोर के धक्के के साथ अपना लंड मेरी चूत के अंदर डाल दिया, तो में दर्द के मारे चिल्लाने लगी, लेकिन उन्होंने मेरे लिप को अपने लिप से बंद कर रखा था और अब में उनको हटाने लगी, लेकिन उन्होंने मेरी कमर को पकड़ कर रखा था और में हिल भी नहीं पा रही थी, अब दर्द के मारे मेरी आँखो से आंसू निकलने लगे थे.
फिर दादा जी ने मेरे बूब्स को चूसा और फिर थोड़ी देर में जब मेरा दर्द कम हुआ तो वो फिर से अपनी कमर चलाने लगे. अब उनका लंड धीरे-धीरे चूत में अंदर बाहर होने लगा था, फिर जब में थोड़ी नोर्मल हुई तो उन्होंने और एक ज़ोर के धक्के से अपना पूरा लंड मेरी चूत में अंदर डाल दिया और तभी ज़ोर से पकड़कर मुझे किस करने लगे और धीरे-धीरे मेरा दर्द कम होने लगा और मेरा दर्द कम होने के बाद लंड को अंदर बाहर करके चोदने लगे.
फिर थोड़ी देर में मुझे भी मज़ा आने लगा और में अपनी कमर उठा- उठाकर उनका साथ देने लगी और अब मुझे देखकर दादा जी भी जोश में आ गये और ज़ोर ज़ोर से मुझे चोदने लगे. फिर 7-8 मिनट तक चुदवाने के बाद मेरे पानी छोड़ने के बाद दादा जी भी कुछ 15-20 धक्के लगाकर वो भी अपना पानी मेरी चूत के अंदर डाल कर झड़ गये. अब चुदाई के बाद हम दोनों ही थक चुके थे और कुछ देर तक हम दोनों वैसे ही नंगे बेड पर पड़े रहे. फिर सो गए साम को 6 बजे उठे दादा कहते हे उठो साफ सफाई करो में उठी ओर नंगी ही साफ सफाई करने लगी दादा की से बाहर आय ओर कहते हे त्यार हो जाओ मेरा दोस्त आ रहा हे मैने कहा ठीक हे मैने सलवार कुर्ता पहन लिया थोड़ी देर बाद उनका दोस्त आ गया अहमद नाम था दोनों अंदर बैठे थे मैने चाय बनाई उनको देने गई तो अहमद कहते हे भाभी जी कैसे हो आप मैने कहा ठीक हूं फिर में बाहर आ गई तो गेट के पास से उन लोगों की बाते सुनने लगी अहमद कहता हे मेरे पति से यार मस्त मॉल ले।लिया तुमने हमको भी दिलाओ ऐसा कुछ तो पति कहते हे हम सबके लिए ही तो रंडी हे देखते जाओ सभी से चुदवाऊंगा तुम ऐसा करो आज रात यहीं रुको में वंहा से किचेन में आ गई ये क्या होने लगा मेरे साथ कंही में सच में तो रंडी नहीं बन रही फिर सोचा जो करना हे कर लो फिर घर चली जाऊंगी तो मौका नहीं मिलेगा ओर में भी तो यही चाहती थी जी भर कर के चुदवाना रंडी बन कर मैने सोचा जो हो रहा होने दो ओर में खाना बनाने लगी पति किचेन में आय कहते हे खाना बना लो दोस्त आज रुकेगा मैने कहा ठीक हे फिर 8 बजे रात को मैने दोनों को खाना दिया वो लोग खाना खा लिया फिर मैने भी खा लिया पति ने कहा इसी रूम में एक चारपाई लगा दो अहमद उसमें सो जाएगा और तुम ओर में एक साथ मैने कोई सवाल जवाब नहीं किया चुप चाप अहमद का बिस्तर लगा दिया ओर में भी पति के साथ लेट गई थोड़ी देर बाद पति मेरे साथ किस करने लगे रोमांस करने लगे मैने कहा अहमद देख लेगा तो कहते हे कोई दिक्कत नहीं मुझे चोदना हे में चोदूंगा में कुछ नहीं बोली पति ने मुझे पूरा नंगा कर दिया लेकिन यह सब इन लोगों की चाल थी में भी तैयार थी चुदवाने को लेकिन नाटक कर रही थी फिर पति मेरे दूध पीने लगे दबा दबा के फिर चूत में उंगली करने लगे में गरम हो गई फिर पति अचानक से कहते हे अहमद आओ मैने कहा ये क्या कर रहे हो तो पति कहते हे अब तुम ,., हो ओर हम लोगों में पति जो बोलेगा वो करना पड़ेगा नहीं तो तलाक दे दूंगा कंही की नहीं रहोगी मैने कहा नहीं में ये नहीं करूंगी पति ने मेरे बाल पकड़े ओर 5थप्पड़ मारे ओर लात मारी कमर में अहमद वाही खड़ा था उसने मुझे कसकर पकड़ लिया ओर भागने का नाटक करने लगी फिर उसने भी मारा फिर सोचा जब मैने भी मन बनवा लिया हे चुदवाने का तो इतना मार क्यों खा रही हे फिर में कुछ बोली नहीं कहा अच्छा मारो नहीं जो करना हे कर लो फिर पति तो साइड हट गए अहमद ने पहले दूध नोचे दबाय गांड़ पर थप्पड़ मारने लगा में गरम पहले से थी अहमद कहता हे रंडी चल मेरा नेकर उतार मैने नेकर उतारा उसका भी पति के जैसा मोटा लंबा लंड था उसने लिटाया ओर लंड पर ऑयल लगाया एक झटके में अंदर डाला मेरी आत्मा निकल गई बहुत चिल्लाई वो नहीं रुका में रोने भी लगी पटक पटक के चोद रहा था फिर पति ने मेरे मुंह में अपना लंड डाल दिया अब में लंड भी चूस रही ओर चूत भी चोदी जा रही थी 

अहमद अंकल ने मेरे बूब्स को ऐसे मस्त चुसे के वो एकदम लाल हो गए थे. और मुझे निपल्स के अंदर दर्द भी हो रहा था. लेकिन मुझे मजा भी आया रहा था इसलिए मैं मना नहीं कर रही थी. दोनों एकदम नशे में थे और मुझे चोदते जा रहे थे गंदी गंदी गाली दे रहे थे 
रंडी, छिनाल मादरचोद तू हम *ों की गुलाम हे रंडी 

अहमद जो मेरी चूत चोद रहे थे उन्होंने मेरी दोनों टांगो को खोल दिया और फिर उन्होंने जीभ को चूत के छेद में घुसा दिया और चूसने लगे मेरे चूत के दाने को! सच में इतना मजा आ रहा था की क्या कहूँ! फिर पति अब मेरी चूत के पास आ गए और उन्होंने अहमद अंकल को हटने के लिए कह दिया
पति ने अब अपना लौड़ा बाहर निकाला और मेरे चूत के ऊपर लगा दिया. 
मैं आह आह कर के सिसकिया रही थी. कुछ देर तक पति ने लंड को घिसा और फिर धीरे से उसे अन्दर डाला. वो मुझे और गालियाँ देते हुए चोदने लगे. मुझे बड़ा मज़ा आ रहा था. पति ने जोर जोर से चुदाई पहले से ही चालु कर दी.
और पटक पटक के चोद रहे थे में अहमद अंकल का लंड चूस रही थी अब अहमद अंकल वाहन से हटे ओर पति से कहते हे हट अब मे रंडी को चोदूंगा पति हट गए ओर अहमद चूत के पास आ गया अहमद अंकल ने अब अपना लौड़ा मेरी चूत में लगाया और अन्दर धकेल दिया.
वो लंड बड़ा था और मुझे और भी मजा आ गया अन्दर ले के. अहमद अंकल का लौड़ा सीधे मेरी बच्चेदानी में टकरा रहा था और मुझे चूत में जलन भी होने लगी थी. ऐसे लग रहा था की जैसे लोहे की सलाख को किसी ने गरम कर के चूत में घुसेड दिया हो मेरी!
लेकिन उन्हें मेरी जरा भी दया नहीं आ रही थी. वो मुझे रंडी छिनाल कहते हुए चोदते गए. तभी पति पीछे आ गए और पीछे गांड के दरवाजे पर उन्होंने अपना लंड रख दिया. गांड टाईट थी और लंड अन्दर जा नहीं रहा था. वो बोले, साली की गांड मार के ही रहूँगा. और उन्होंने मुझे कहा अपने हाथ से गांड को खोल रंडी. मैंने अपने कुल्हे को साइड में दबाया और पति को गांड मारने के लिए थोड़ी जगह दे दी. उन्होंने लंड को पीछे पेल के चोदना चालू कर दिया. पीछे और आगे दो लंड मेरे बुर और गांड में डाले गए थे.
दोनों छेद जैसे छिल गए थे और जलन हो रही थी.
 फिर थोड़ी देर बाद अहमद जी का पानी निकल गया ओर वो लेट गए लेकिन पति अभी भी चोद रहा था थोड़ी देर बाद उनका भी निकल गया फिर में थोड़ी देर लेती रही में उठी बाथरूम गई जैसे ही बैठी चूत ओर गांड़ से लंड का पानी निकल रहा था साफ किया फिर आई तो ये दोनों नंगे सो रहे थे फिर में भी सो गई
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RE: दादा जी के साथ मेरी गरम फैंटेसी - by Poojagupta9628 - 25-09-2026, 02:43 PM



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