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Adultery EK ADHURI LOVE STORY-(with a twist)
#20
बेंगलुरु की गर्म दोपहर, हवा में एक अजीब सी सुस्ती थी, जो शहर की भागदौड़ से बेखबर थी। कौशिक के दिमाग में भी कुछ ऐसी ही सुस्ती और बेचैनी का मिश्रण था। उसकी आँखें क्लासरूम की खिड़की से बाहर किसी अनजाने बिंदु पर टिकी थीं, लेकिन उसका मन कहीं और ही भटक रहा था। मौशुमी, बस मौशुमी ही थी जो उसके हर विचार पर हावी थी। पिछले कुछ महीनों से, जब से उसने और मौशुमी ने पार्क में कुत्तों को सहवास करते देखा था, कौशिक के अंदर एक अजीब सी आग जल उठी थी। वह अठारह साल का था, एक लंबा, गठीला लड़का, जिसकी रगों में युवा रक्त दौड़ रहा था। मौशुमी, चालीस के करीब, एक सांवली बंगाली महिला, जिसकी देह का हर उभार उसके मन में तूफान उठा देता था। वह साड़ी में लिपटी, सिंदूर, मंगलसूत्र और शाखा पोला पहने, एक आदर्श गृहणी लगती थी, लेकिन उसकी आँखों में कौशिक ने एक ऐसी चमक देखी थी, जो उसके अंदर के जानवर को जगा देती थी।
 
उनका रिश्ता एक चोरी का खेल था। आलोक, मौशुमी का पति, एक चार्टर्ड अकाउंटेंट, जो अपने काम में इतना डूबा रहता था कि घर में क्या चल रहा है, उसे खबर ही नहीं होती थी। कौशिक और मौशुमी के बीच चोरी-छिपे नज़रें मिलतीं, होंठों पर एक दबी हुई मुस्कान तैर जाती। कभी-कभी, जब आलोक घर पर नहीं होता, या अपने कमरे में होता, तो उन्हें कुछ पल मिल जाते। एक बार, जब आलोक बाथरूम में था, मौशुमी ने कौशिक को किचन में बुलाया था। उसकी पीठ दीवार से सटा दी थी और अपने होंठ उसके होंठों पर टिका दिए थे। कौशिक के हाथों ने उसकी कमर को कस कर जकड़ लिया था। उसके मुलायम होंठों का स्पर्श, उसकी साँसों की गरमाहट, उसके शरीर की सुगंध... यह सब कौशिक को मदहोश कर देता था। मौशुमी के हाथों ने उसके बालों को थाम रखा था, और उसकी जीभ कौशिक के मुँह में अपनी जगह बना रही थी। यह एक तूफानी चुंबन था, जिसमें सालों की प्यास समाई थी। अचानक, बाथरूम से पानी गिरने की आवाज़ बंद हुई, और मौशुमी झटके से पीछे हट गई। उसकी साँसें तेज़ थीं, और उसकी आँखें कौशिक को एक अनकही बात कह रही थीं।
 
एक और बार, जब आलोक ऑफिस गया था, मौशुमी ने कौशिक को अपने कमरे में बुलाया था। वह अपनी साड़ी का पल्लू ठीक कर रही थी। कौशिक जैसे ही अंदर आया, मौशुमी ने दरवाज़ा बंद कर दिया। उसके दिल की धड़कन बढ़ गई थी। मौशुमी उसके सामने खड़ी हो गई, और उसकी नज़रें कौशिक की पैंट के उभार पर टिक गईं। उसने धीरे से अपना हाथ बढ़ाया, और कौशिक के उभार पर अपनी उंगलियाँ फेरने लगी। कौशिक की साँसें अटक गईं। मौशुमी ने एक पल के लिए उसकी आँखों में देखा, फिर घुटनों के बल नीचे बैठ गई। कौशिक को कुछ समझ नहीं आया। मौशुमी ने उसकी पैंट की ज़िप खोली, और उसके लण्ड को बाहर निकाला। उसका सिर कौशिक के पेट से सटा था। उसने अपने होंठों से कौशिक के लण्ड के सिरे को छुआ, फिर धीरे-धीरे उसे अपने मुँह में ले लिया। कौशिक को लगा जैसे उसके शरीर में एक बिजली का झटका लगा हो। मौशुमी की जीभ उसके लण्ड के चारों ओर घूम रही थी, उसकी गर्म, नम गुहा उसे स्वर्ग का अनुभव करा रही थी। वह अपनी आँखें बंद कर लेता, अपने हाथों से मौशुमी के सिर को थाम लेता। मौशुमी बीच-बीच में ऊपर देखती, उसकी आँखों में एक शरारती चमक होती, जो कौशिक को और उत्तेजित कर देती। जब मौशुमी उठ जाती, उसके होंठों पर कौशिक के वीरय का स्वाद होता, जो वह एक मुस्कान के साथ निगल जाती।
 
यह सब चोरी-छिपे चल रहा था, लेकिन कौशिक के लिए यह पर्याप्त नहीं था। उसे पूरा शरीर चाहिए था, मौशुमी का पूरा शरीर, और वह चाहता था कि वह उसे पूरी तरह से अपने कब्जे में ले ले। वह अपने दोस्त प्रेम से मिला, जो कॉलेज में उसके साथ पढ़ता था, और जो शहर की हर गली-नुक्कड़ से वाकिफ था।
 
"यार, मैं एक MILF के चक्कर में पड़ गया हूँ," कौशिक ने प्रेम के कंधे पर हाथ रखते हुए कहा। उनकी चाय की दुकान पर मुलाकात हुई थी, जहाँ वे अक्सर अपने कॉलेज के बाद गपशप करते थे।
 
प्रेम ने अपनी चाय का कप नीचे रखा, उसकी आँखों में शरारत भरी थी। "MILF? कौन है वो खुशनसीब?"
 
कौशिक ने उसे अपनी कहानी सुनाई, मौशुमी के साथ उसके चोरी-छिपे पल, उसकी बढ़ती हुई इच्छा। "मुझे एक जगह चाहिए, यार। एक ऐसी जगह जहाँ हम दोनों बस... हम दोनों हों। कोई आलोक नहीं, कोई डर नहीं। बस हम।" उसकी आवाज़ में एक अजीब सी बेचैनी थी।
 
प्रेम ने अपनी ठोड़ी पर हाथ फेरा, कुछ देर सोचा। "हम्म... शहर में एक जगह है। थोड़ा अजीब है, पर काम हो जाएगा। 'ब्लू मून लॉज'। पुराने बस स्टैंड के पास। ज़्यादा साफ-सुथरा तो नहीं है, पर कोई सवाल नहीं पूछता। घंटे के हिसाब से कमरा मिल जाता है।"
 
कौशिक की आँखों में चमक आ गई। "पक्का?"
 
"पक्का। बस सावधान रहना। ऐसे काम चोरी-छिपे ही अच्छे लगते हैं।" प्रेम ने उसे चेतावनी दी, लेकिन उसकी आँखों में कौशिक के लिए एक सहानुभूति भी थी।
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RE: EK ADHURI LOVE STORY-(with a twist) - by Pramod_Bhasin - Yesterday, 12:50 PM



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