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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
मयूरी ने शर्म और निराशा भरे स्वर में कहा,

“मैं… मैं क्या कर सकती थी बाबाजी…?”
 
बाबाजी ने उसके हाथ को हल्के से दबाते हुए, शांत लेकिन कामुक स्वर में कहा,
 
“अब ये भी मैं बताऊँ क्या? चलो ठीक है… सुनो। तुम उसके लंड को मुंह में लेकर उसे रोक सकती थीं।”
 
मयूरी बाबाजी की इस बेशर्म और स्पष्ट बात सुनकर हक्की-बक्की रह गई। उसकी आँखें फैल गईं और वह एक पल के लिए बोल ही नहीं पाई। मैत्री पटेल की प्रस्तुति।
 
बाबाजी ने आगे समझाया,
 
“देखो मयूरी… काम-क्रिया में हमेशा दोनों तरफ से समान सुख मिलना चाहिए। तुम्हें तो अपना सुख मिल गया, लेकिन तुमने उसे कुछ नहीं दिया। शायद तभी वो नाराज होकर चला गया।”
 
मयूरी ने काँपती आवाज़ में कहा,
 
“पर… पर बाबाजी जी… मैंने आज तक ऐसा नहीं किया… मुझे ये सब नहीं आता…”
 
बाबाजी मुस्कुराए। उनकी आँखों में शरारत और वासना दोनों थी।
 
“देखो मयूरी… आज तक गोपाल ने भी कभी तुम्हारे स्तनों की ऐसी सेवा नहीं की थी। लेकिन जब किया, तो तुम्हें अच्छा लगा ना? ठीक उसी प्रकार हर पुरुष को अपना लंड चुसवाना बहुत अच्छा लगता है। और सिखाने की बात है तो तुम उसकी फिक्र मत करो… मैं हूँ ना।”
 
बाबाजी ने शाहरुख खान के अंदाज़ में आखिरी वाक्य कहा, जिसे सुनकर मयूरी के होंठों पर हल्की-सी हंसी आ गई। लेकिन अगले ही पल जब उसे बात का पूरा मतलब समझ आया, तो उसका कलेजा धक् से रह गया।
 
‘यानी… बाबाजी जी चाहते हैं कि मैं उनके लंड को चूसकर प्रैक्टिस करूँ…’ उसकी साँसें और तेज़ हो गईं। छाती ऊपर-नीचे होने लगी।
 
बाबाजी ने आराम से उसका काँपता हुआ हाथ पकड़ा और उसे अपनी धोती के ऊपर ले गए। फिर धीरे से छोड़ दिया।
 
मयूरी का बेजान, ठंडा हाथ बाबाजी के गर्म, मोटे और पूरी तरह खड़े लंड पर पड़ा। धोती के पतले कपड़े के ऊपर से भी उसकी गर्माहट और कठोरता उसके हाथ में साफ़ महसूस हो रही थी। उसका हाथ एक पल के लिए काँप गया, फिर धीरे-धीरे उसने लंड को सहलाना शुरू कर दिया।
 
अब उससे रुका नहीं गया।
 
उसने एक ही झटके में बाबाजी की लुंगी को साइड किया और उनका मोटा, नसों वाला, गहरा रंग का लंड पूरी तरह उजागर कर दिया।
 
दोनों के मुंह से एक साथ सिसकारी निकल गई।
 
बाबाजी का पूरा ध्यान मयूरी के फड़कते, गुलाबी और थोड़े सूजे हुए होंठों पर था, जिनके बीच में उनका लंड कुछ ही देर बाद जाने वाला था।
 
मयूरी के होंठ सचमुच फड़क रहे थे। उनमें एक अजीब-सा कंपन था। उसकी आँखें लंड पर टिकी हुई थीं, जैसे वह पहली बार कोई अजूबा देख रही हो।
 
बाबाजी का मन कर रहा था कि मयूरी के इन फड़कते होंठों को अपने तपते होंठों से चिपका दें, लेकिन उन्होंने खुद को रोका। वे चाहते थे कि मयूरी खुद पहल करे। मयूरी खुद ही झुकती हुई लंड के टोपे तक जाए, थोडा तड़पेगी तो वह सब करेगी।
 
बाबाजी ने उसके मस्तानी, शर्म और उत्तेजना से भरी आँखों में देखते हुए, लंड को जड़ से पकड़कर उसके सामने हल्का-हल्का लहराया और पूछा,
 
“मयूरी… पता है न इसे क्या कहते हैं?” संपादिका फनलवर है।
 
मयूरी ने काँपते स्वर में फुसफुसाकर कहा,
 
“जी… जी… पता है… ल… लंड… कहते हैं… इसको…”
 
बाबाजी मुस्कुराए और बोले,
“वो तो दुनिया वाले कहते हैं। तुम इसे देखो और अपने हिसाब से इसका कोई नाम रखो। और हमेशा फिर इसे उसी नाम से पुकारना।”
 
मयूरी बाबाजी की इस शैतानी बात सुनकर बोली,
 
“आप देखने में इतने बदमाश नहीं लगते जितने असल में हैं…”
 
कहते हुए उसने बाबाजी जी के लंड के ऊपरी हिस्से को अपनी नाजुक उँगलियों से पकड़ा और धीरे-धीरे सहलाने लगी। उसकी हथेली गर्म और नरम थी। उसकी एक ऊँगली बाबाजी के लंड की चमड़ी को ऊपर की ओर चढ़ा रही थी और मूत वाले छेद से खेल रही थी।
बाबाजी ने आह भरते हुए कहा,
 
“देखने से तो तुम्हें भी कोई नहीं बता सकता कि तुम्हारे अंदर इतनी आग भरी हुई है… पर ये तो सिर्फ मुझे पता है ना…तुम्हारी हर भूख मिटाने का तरिका है यहाँ मेरे पास, या फिर मेरे इस लंड के पास।” उन्हों ने खुद के लंड की तरफ इशारा करते हुए कहा।
 
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आज के लिए बस यही तक दोस्तों। आशा है की आपको ऊपर दिए गए 3 एपिसोड्स पसंद आये होंगे।

आपके कोमेंट की प्रतीक्षा सह......Maitri Patel की तरफ से जय भारत।।
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Messages In This Thread
सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 19-09-2026, 01:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 01-10-2026, 09:20 PM



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