09-09-2026, 09:04 PM
(This post was last modified: 16-09-2026, 05:41 AM by rajusethzee. Edited 2 times in total. Edited 2 times in total.)
अगले दिन दोपहर के समय पापा अचानक घर आ गए। उनका सामान लेकर चालक ने उन्हें छोड़ा था और वे थके-हारे लग रहे थे। कल्लू को तुरंत बाहर किसी जरूरी काम से भेज दिया गया, जिससे घर में सिर्फ पापा, माँ और रामू ही रह गए।
पापा थोड़ी देर आराम करने चले गए अपने कमरे में। माँ रसोई में काम कर रही थीं जब रामू उनके पास आया।
"मालकिन..." रामू ने धीरे से माँ की कमर से हाथ फेरा।
![[Image: warm-moments-different-places-v0-078l0y4...a737ecacef]](https://preview.redd.it/warm-moments-different-places-v0-078l0y4uagph1.png?width=1080&crop=smart&auto=webp&s=f81c439c3fa88f692576c9406b8a52a737ecacef)
माँ ने चौंककर पीछे देखा, "रामू... पापा घर पर हैं... मत करो।"
"मालकिन, पापा तो सो रहे हैं..." रामू ने माँ को दीवार से लगाते हुए उनकी चूची पर हाथ रखा।
"नहीं रामू..." माँ ने उनकी हाथ हटाने की कोशिश की, "अभी नहीं... खतरा है।"
रामू ने माँ की साड़ी ऊपर उठाई और उनकी जांघों के बीच हाथ डाल दिया, "मालकिन... कल्लू तो चला गया... सिर्फ हम दोनों हैं।"
"रामू... प्लीज..." माँ ने उनकी कलाई पकड़ ली, "पापा उठ गए तो..."
"उठेंगे तो क्या..." रामू ने माँ की चूत में उंगली डाल दी, "हम चुपके से करेंगे।"
माँ ने सांस रोक ली जब रामू ने उनकी चूत को सहलाना शुरू किया, "आआह्ह... रामू... मत..."
"मालकिन... आपकी चूत तो गीली हो रही है..." रामू ने माँ की चूत में दो उंगलियां घुसा दीं।
"रामू... बंद करो..." माँ ने उनकी छाती पर हाथ रखा, "मैं नहीं मान रही..."
रामू ने माँ को घुमाकर उनकी गांड पर हाथ मारा, "मालकिन... आप मना कर रही हैं लेकिन आपकी चूत तो राजी है।"
"नहीं..." माँ ने सिर हिलाया, "पापा यहां हैं..."
रामू ने माँ की साड़ी और नीचे खींची और अपना लंड निकाल लिया, "मालकिन... बस एक बार..."
माँ ने पीछे देखा, "रामू... नहीं..."
रामू ने माँ की चूत में अपना लंड घुसा दिया और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा, "मालकिन... आपकी चूत तो मेरा लंड ले रही है..."
![[Image: b18vmy.gif]](https://i.imgflip.com/b18vmy.gif)
"आआह्ह... रामू..." माँ ने बर्तन पकड़ लिया, "पापा..."
"पापा सो रहे हैं मालकिन..." रामू ने माँ की गांड पर थप्पड़ मारते हुए जोर से चोदना शुरू किया, "आप चुप रहें..."
माँ ने मुंह बंद किया लेकिन उनकी सांसें तेज हो गई थीं। रामू ने माँ की चूत में लगातार लंड मारते हुए कहा, "मालकिन... आप मना कर रही थीं लेकिन अब तो आपका शरीर राजी है।"
"रामू... धीरे..." माँ ने फुसफुसाते हुए कहा, "पापा सुन लेंगे..."
रामू ने माँ को और जोर से चोदते हुए उनकी चूची दबाई, "मालकिन... आपकी चूत तो बहुत गीली है..."
माँ ने सिर झुकाया, "रामू... तुम बहुत जिद्दी हो..."
"हाँ मालकिन..." रामू ने माँ की गांड थपथपाते हुए और तेजी से चोदना शुरू किया, "जब तक आपकी चूत मेरा लंड नहीं ले लेती... मैं नहीं मानूंगा।"
माँ ने चुपके से अपनी चूत पीछे की ओर धकेली, "रामू... जल्दी करो... पापा उठ सकते हैं..."
रामू ने माँ की चूत में जोर-जोर से लंड मारा, "मालकिन... आपकी चूत तो मेरा लंड चूस रही है..."
"आआह्ह... रामू..." माँ ने बर्तन को दोनों हाथों से पकड़ लिया, "जोर से मत..."
रामू ने माँ की चूत में अंतिम जोरदार झटका मारा और अंदर ही अपना पानी छोड़ दिया, "मालकिन... आपकी चूत में मेरा पानी भर दिया..."
माँ ने सांस छोड़ी, "रामू... अब जल्दी हटो... पापा आ सकते हैं..."
रामू ने माँ की चूत से लंड निकाला और उनकी साड़ी ठीक कर दी, "मालकिन... अब आप शर्मा के मुस्कुरा रही हैं..."
माँ ने शरमाते हुए रामू को देखा, "तुम... बहुत शैतान हो..."
पापा थोड़ी देर आराम करने चले गए अपने कमरे में। माँ रसोई में काम कर रही थीं जब रामू उनके पास आया।
"मालकिन..." रामू ने धीरे से माँ की कमर से हाथ फेरा।
![[Image: warm-moments-different-places-v0-078l0y4...a737ecacef]](https://preview.redd.it/warm-moments-different-places-v0-078l0y4uagph1.png?width=1080&crop=smart&auto=webp&s=f81c439c3fa88f692576c9406b8a52a737ecacef)
माँ ने चौंककर पीछे देखा, "रामू... पापा घर पर हैं... मत करो।"
"मालकिन, पापा तो सो रहे हैं..." रामू ने माँ को दीवार से लगाते हुए उनकी चूची पर हाथ रखा।
"नहीं रामू..." माँ ने उनकी हाथ हटाने की कोशिश की, "अभी नहीं... खतरा है।"
रामू ने माँ की साड़ी ऊपर उठाई और उनकी जांघों के बीच हाथ डाल दिया, "मालकिन... कल्लू तो चला गया... सिर्फ हम दोनों हैं।"
"रामू... प्लीज..." माँ ने उनकी कलाई पकड़ ली, "पापा उठ गए तो..."
"उठेंगे तो क्या..." रामू ने माँ की चूत में उंगली डाल दी, "हम चुपके से करेंगे।"
माँ ने सांस रोक ली जब रामू ने उनकी चूत को सहलाना शुरू किया, "आआह्ह... रामू... मत..."
"मालकिन... आपकी चूत तो गीली हो रही है..." रामू ने माँ की चूत में दो उंगलियां घुसा दीं।
"रामू... बंद करो..." माँ ने उनकी छाती पर हाथ रखा, "मैं नहीं मान रही..."
रामू ने माँ को घुमाकर उनकी गांड पर हाथ मारा, "मालकिन... आप मना कर रही हैं लेकिन आपकी चूत तो राजी है।"
"नहीं..." माँ ने सिर हिलाया, "पापा यहां हैं..."
रामू ने माँ की साड़ी और नीचे खींची और अपना लंड निकाल लिया, "मालकिन... बस एक बार..."
माँ ने पीछे देखा, "रामू... नहीं..."
रामू ने माँ की चूत में अपना लंड घुसा दिया और धीरे-धीरे अंदर-बाहर करने लगा, "मालकिन... आपकी चूत तो मेरा लंड ले रही है..."
![[Image: b18vmy.gif]](https://i.imgflip.com/b18vmy.gif)
"आआह्ह... रामू..." माँ ने बर्तन पकड़ लिया, "पापा..."
"पापा सो रहे हैं मालकिन..." रामू ने माँ की गांड पर थप्पड़ मारते हुए जोर से चोदना शुरू किया, "आप चुप रहें..."
माँ ने मुंह बंद किया लेकिन उनकी सांसें तेज हो गई थीं। रामू ने माँ की चूत में लगातार लंड मारते हुए कहा, "मालकिन... आप मना कर रही थीं लेकिन अब तो आपका शरीर राजी है।"
"रामू... धीरे..." माँ ने फुसफुसाते हुए कहा, "पापा सुन लेंगे..."
रामू ने माँ को और जोर से चोदते हुए उनकी चूची दबाई, "मालकिन... आपकी चूत तो बहुत गीली है..."
माँ ने सिर झुकाया, "रामू... तुम बहुत जिद्दी हो..."
"हाँ मालकिन..." रामू ने माँ की गांड थपथपाते हुए और तेजी से चोदना शुरू किया, "जब तक आपकी चूत मेरा लंड नहीं ले लेती... मैं नहीं मानूंगा।"
माँ ने चुपके से अपनी चूत पीछे की ओर धकेली, "रामू... जल्दी करो... पापा उठ सकते हैं..."
रामू ने माँ की चूत में जोर-जोर से लंड मारा, "मालकिन... आपकी चूत तो मेरा लंड चूस रही है..."
"आआह्ह... रामू..." माँ ने बर्तन को दोनों हाथों से पकड़ लिया, "जोर से मत..."
रामू ने माँ की चूत में अंतिम जोरदार झटका मारा और अंदर ही अपना पानी छोड़ दिया, "मालकिन... आपकी चूत में मेरा पानी भर दिया..."
माँ ने सांस छोड़ी, "रामू... अब जल्दी हटो... पापा आ सकते हैं..."
रामू ने माँ की चूत से लंड निकाला और उनकी साड़ी ठीक कर दी, "मालकिन... अब आप शर्मा के मुस्कुरा रही हैं..."
माँ ने शरमाते हुए रामू को देखा, "तुम... बहुत शैतान हो..."


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