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Thriller बेटे के दोस्त ने आंटी को सम्मोहित(hypnotize) किया....फिर क्या हुआ?
#39
 हरीश ने पीछे झुकते हुए, एक धीमी लेकिन सख्त आवाज में कहा, "चैताली, अब और इंतज़ार नहीं। अपने सारे कपड़े उतारो।"

चैताली के शरीर में एक हल्की सी सिहरन दौड़ी। वह कुछ पलों के लिए ठिठकी, शायद अपने मन में इस स्थिति से लड़ रही थी, लेकिन फिर उसने एक गहरा सांस लिया और खामोशी से उठी। उसके चेहरे पर एक अजीब सा समर्पण था। उसने बिना किसी देरी के, एक ही झटके में अपनी नीली कमीज उतार दी और उसे कंधे से नीचे सरका दिया। नीला कपड़ा फर्श पर एक ढेर की तरह गिर गया। 

अब वह केवल अपनी सफेद ब्रा में थी, जो उसकी भारी छातियों के वजन को मुश्किल से थामे हुए थी। कपड़े का वह छोटा सा टुकड़ा उसकी देह के उभारों को दबाने की नाकाम कोशिश कर रहा था। चैताली ने अपनी पीठ के पीछे हाथ ले जाकर ब्रा के हुक को खोला। जैसे ही हुक खुला, उसकी 38D की भारी छातियाँ आजाद होकर बाहर निकल आईं। उनके सिरों पर गहरे भूरे रंग के निप्पल थे, जो ठंड और उत्तेजना के कारण सख्त हो चुके थे। 

कमरे में मौजूद विवेक की नजरें उस नजारे पर गड़ गईं। वह अपनी जगह से थोड़ा उछला और एक लंबी सीटी बजाई। उसकी आंखों में एक जंगली चमक थी। "भाई, कसम से! क्या गजब का शरीर है! एकदम असली देसी माल। ऐसी बनावट तो सिर्फ हमारे यहाँ की मिट्टी में ही मिलती है," विवेक ने उत्तेजना में कहा, उसकी आवाज में एक तरह की भूख थी।

चैताली ने विवेक की बातों को जैसे अनसुना कर दिया। उसने अपनी कमर के पास बंधी सलवार की डोरी को धीरे से खोला। जैसे ही डोरी खुली, उसकी सलवार उसके पैरों से फिसलकर नीचे गिर गईं। अब वह केवल अपनी चड्डी में थी। हरीश के इशारा करने पर चैताली ने अपनी चड्डी भी उतर दी। अब वह पूरी तरह नग्न थी, कमरे की रोशनी में उसकी देह का हर हिस्सा साफ नजर आ रहा था।

उसका शरीर पूरी तरह से गोल-मटोल और सुडौल था। उसकी त्वचा का रंग गहरा सांवला था, जो रेशम की तरह चिकना और चमकदार लग रहा था। लेकिन जैसे ही विवेक की नजरें नीचे की ओर गईं, उसकी आंखें ठहर गईं। चैताली की जांघों के बीच, उसके गुप्त अंग पर घने, काले और अनकटे बालों का एक झुंड था। वे बाल इतने घने थे कि उन्होंने उसकी चूत को पूरी तरह से ढक लिया था, जैसे किसी प्राकृतिक पर्दे ने उसे छुपा रखा हो।

विवेक यह देखकर अपनी हंसी नहीं रोक पाया। वह जोर से ठहाका मारते हुए बोला, "अरे भाई, देखो तो! इसने तो नीचे पूरा झाड़ू लगा रखा है! इतना घना जंगल तो मैंने आज तक नहीं देखा।" उसकी हंसी में एक तरह का मजाक था, लेकिन उसकी नजरें अभी भी चैताली के शरीर के उस हिस्से से हटने को तैयार नहीं थीं।
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RE: बेटे के दोस्त ने आंटी को सम्मोहित(hypnotize) किया....फिर क्या हुआ? - by MohdIqbal - 03-09-2026, 10:24 PM



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