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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
मयूरी के स्तन उसके शरीर का सबसे बड़ा कमजोर बिंदु थे। बाबाजी की उँगलियों के स्पर्श मात्र से ही उसका पूरा शरीर आत्मसमर्पण करने को तैयार हो गया था। वह अपनी सुध-बुध खोकर बाबाजी को बिना किसी रोक-टोक के अपने शरीर पर अधिकार जताने दे रही थी।

बाबाजी ने गहरी, भारी आवाज़ में कहा,
 
“मयूरी… अब तुम यहाँ आकर लेट जाओ।” मैत्री की प्रस्तुति।
 
मयूरी ने कुछ नहीं कहा। वह चुपचाप उठी और बाबाजी के इशारे पर उनके बिस्तर पर लेट गई। जैसे ही वह लेटी, उसकी भारी, बड़ी छातियाँ दोनों तरफ़ ढलक गईं, लेकिन उनके मोटे, काले निप्पल अभी भी ऊपर की तरफ़ तने हुए, चुनौती भरे खड़े थे।
 
बाबाजी ने सरसों के तेल की शीशी उठाई। अपनी हथेली पर ढेर सारा गर्म तेल निकाला, दोनों हाथों पर अच्छे से मला और फिर धीरे-धीरे अपने तेल से भीगे, गर्म हाथ उसके दिव्य कलशों पर रख दिए।
 
“अह्ह्ह्ह्ह………”
 
मयूरी सिसक उठी। उसके मुँह से अनियंत्रित कराह निकल गई। तेल के गर्म स्पर्श से उसका शरीर और भी संवेदनशील हो गया। उसने अपनी कमर उठाकर गांड वाला हिस्सा हवा में ऊपर कर दिया। इससे उसकी छातियाँ और भी ऊपर उछल आईं - जैसे दो बड़े, रसीले गुब्बारे हवा में तैर रहे हों।
 
बाबाजी ने अपनी उँगलियों से उसके स्तनों की गहरी मालिश शुरू कर दी और बीच में ही पूछा,
 
“मयूरी… एक बात पूछूँ?”
 
मयूरी ने आँखें बंद रखते हुए, काँपती आवाज़ में जवाब दिया,
 
“जी बाबाजी जी… पूछिए…”
 
बाबाजी ने उसके दोनों स्तनों को हथेलियों में भरते हुए, धीरे-धीरे मसलते हुए कहा,
 
“तुमने गोपाल को सजा देने के चक्कर में अपने साथ भी कितनी बड़ी नाइंसाफी की है… वो तो बेचारा शराब पीकर अपना गम भुला लेता है… पर तुम… तुम अपने इस खूबसूरत, भूखे शरीर के साथ इतनी सख्ती क्यों कर रही हो?” लेखिका मैत्री पटेल।
 
मयूरी कुछ नहीं बोली। सिर्फ़ उसकी साँसें और तेज़ हो गईं।
 
बाबाजी ने उसके निप्पलों को अँगूठों से हल्का-हल्का घुमाते हुए आगे कहा,
 
“तुम एक काम करो… गोपाल को एक मौका दो। उसे अब तुम्हारे प्यार और तुम्हारे शरीर की एहमियत का ज्ञान हो चुका है। तुम क्यों नहीं सब कुछ पहले जैसा कर लेती?”
 
मयूरी ने कराहते हुए जवाब दिया,
 
“पर वो जिस तरह की हरकतें करते हैं… शराब पीना, सिर्फ़ अपनी संतुष्टि का ध्यान रखना, जबरदस्ती अपनी बात मनवाना… उनका क्या?”
 
बाबाजी ने अब दोनों हाथों से उसके तरबूज जैसे स्तनों को बुरी तरह मसलना शुरू कर दिया, जैसे कोई पके फल का रस निकाल रहा हो। उनकी उँगलियाँ तेल से चिकनी होकर उसके निप्पलों को बार-बार निचोड़ रही थीं।
 
“उसके लिए मैं गोपाल को समझा दूँगा,” बाबाजी ने आत्मविश्वास भरे स्वर में कहा।
 
जब बाबाजी ने पूरा तेल घिसाई करके सुखा दिया, तब तक मयूरी की हालत पूरी तरह बिगड़ चुकी थी। उसका पूरा शरीर पसीने और तेल से चमक रहा था। उसने दोनों हाथों से बिस्तर की चादर को जोर से पकड़ रखा था, जैसे अपनी उत्तेजना को किसी तरह काबू में रखना चाहती हो।
 
बाबाजी ने उसके कान के पास मुंह ले जाकर फुसफुसाया,
 
“देखा… इस क्रिया से मैंने तुम्हारे स्तनों की कितनी सेवा की है। अब अगर गोपाल तुम्हें भोगना चाहे, तो तुम बिना किसी विलंब के उसके लिंग को अपने अंदर समा लोगी… है ना?”
 
बाबाजी जानते थे कि अगर वे चाहें तो इसी पल मयूरी की चूत पर हाथ रखकर उसे मोम की तरह पिघला सकते हैं। पर वे जानबूझकर उसे और तड़पाना चाहते थे। अभी उनके पास पूजा थी, लेकिन मयूरी को वे अपने पैरों पर गिरवाना चाहते थे - खुद अपने मुंह से उनके लंड को माँगते हुए। इसके लिए उन्हें अभी थोड़ा और इंतज़ार करना था और उसे अच्छे से तड़पाना था।
 
मयूरी ने धीरे से आँखें खोलीं और अपने स्तनों को देखा। तेल और शहद की चमक से वे सोने की तरह जगमगा रहे थे। बड़े-बड़े, गोल, चमकदार गुब्बारों जैसे लग रहे थे, जिन पर छोटे-छोटे हीरे जैसे निप्पल चमक रहे थे। वह खुद उनकी सुंदरता देखकर हैरान रह गई।
 
बाबाजी ने मुस्कुराते हुए पूछा,
 
“और कभी गोपाल ने इन सुंदर स्तनों का पान भी किया है…?” मैत्री की रचना।
 
मयूरी ये बात सुनकर फिर से तेज़ साँसें लेने लगी। उसकी छाती ऊपर-नीचे होने लगी और निप्पल और भी सख्त हो गए…
 
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जुड़े रहिये दोस्तों।


Maitri Patel.
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सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 01-09-2026, 02:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM



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