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Misc. Erotica सुपरस्टीशन
बाबाजी की नजरें मयूरी की छातियों पर टिक गईं। मन ही मन उन्होंने सोचा,

“पूजा से भी बड़ी हैं ये… दोनों हाथ लगाने पड़ेंगे। लगभग 44 का साइज़ होगा…”
 
और उन पर लगे बेर जैसे मोटे, काले निप्पल… चारों तरफ़ दो इंच का गहरा घेरा… कितना उत्तेजित कर देने वाला, पापपूर्ण नजारा था। निर्मात्री मैत्री पटेल।
 
बाबाजी अब उठ खड़े हुए और मयूरी के बिल्कुल करीब आ गए। मयूरी उनकी छाती तक ही आ रही थी। बाबाजी ने आँखें नीचे करके उसके भारी, लटकते हुए मोटे चुचों को देखा। उनसे सब्र न हुआ। उन्होंने दोनों हाथ उठाकर उसके उन दो दिव्य कलशों पर रख दिए।
 
मयूरी सिसक उठी…
 
“स्स्स्स्स्स्स…… उmmmmm……”
 
बाबाजी ने गहरी, काँपती आवाज़ में कहा,
 
“मयूरी… मैं सुंदरता का उपासक हूँ। और आज मैं तुमसे यही कहना चाहता हूँ कि अपने पूरे जीवन में मैंने इतने सुंदर, इतने परिपूर्ण और रस भरे स्तन कभी नहीं देखे… ये तो वरदान हैं… साक्षात् कामदेव की कृति।”
 
मयूरी कुछ नहीं बोल पाई। बेचारी की हिम्मत ही नहीं हुई कि पूछ ले - “और आपने कितने स्तन देखे हैं बाबाजी?” वह बस शर्म और उत्तेजना के मिश्रण में काँपती रही।
 
बाबाजी की उँगलियाँ सिमट गईं। उन्होंने उसके मोटे, सख्त निप्पलों को अपनी चपेट में लेकर धीरे-धीरे मसलना शुरू कर दिया। रचयिता मैत्री है।
 
“अह्ह्ह्ह्ह्ह……”
 
मयूरी की आँखें बंद हो गईं। उसका सिर पीछे की तरफ़ झुक गया। मुंह से एक मादक, दबी हुई कराह निकल पड़ी।
 
बाबाजी के सामने मयूरी आधी नंगी खड़ी थी - अपना सबसे निजी और संवेदनशील अंग पूरी तरह उनके सामने समर्पित कर चुकी थी। लेकिन बाबाजी जानते थे कि सब कुछ बहुत धीरे-धीरे, मर्यादा और विश्वास बनाए रखते हुए करना है - जैसा उन्होंने पूजा के साथ किया था।
 
उनकी उँगलियाँ अब मयूरी के उरोजों पर संगीत बजा रही थीं। कभी हल्के दबाव से गूँजती, कभी सहलाती, कभी निचोड़ती। मयूरी आँखें बंद किए, होंठों को काटते हुए उस संगीत का आनंद ले रही थी। उसे क्या पता था कि जिस सुख के लिए वह महीनों से तड़प रही थी, उसका सबसे खतरनाक और मीठा इलाज बाबाजी जी के इन पापी हाथों में है।
 
बाबाजी ने धीरे से फुसफुसाया,
 
“मयूरी… अब मैं वो कल्प-उर्जा क्रिया शुरू करने जा रहा हूँ…”
 
मयूरी काँपती हुई आवाज़ में बोली,
 
“जी… बाबाजी जी…”
 
बाबाजी ने कोने में रखी दूध से भरी कटोरी उठाई। अपनी उँगलियाँ उसमें डुबोकर उन्होंने मयूरी के दोनों स्तनों पर दूध के छींटे मारने शुरू कर दिए। सफ़ेद दूध की बूँदें उसके भारी, गर्म उरोजों पर गिर रही थीं - जैसे किसी हिम शिखर पर दूध की बारिश हो रही हो। दूध की ठंडी बूँदें थिरक-थिरक कर उसके मोटे चुचों से नीचे सरक रही थीं, पेटीकोट और जाँघों पर गिर रही थीं। संपादिका फनलवर है।
 
बाबाजी का मन कर रहा था कि नीचे मुंह लगाकर सारा अमृत पी जाएँ, लेकिन उन्होंने खुद को रोका। शुरुआत में ही अपनी वासना का पूरा रूप दिखाकर भक्त को डराना नहीं चाहते थे।
 
फिर उन्होंने शहद की शीशी उठाई। एक उँगली डुबाकर ढेर सारा शहद निकाला और उसे मयूरी के दाएँ निप्पल पर रगड़ दिया। फिर दूसरी उँगली से बाएँ निप्पल पर भी भरपूर शहद मल दिया।
 
अब बाबाजी ने दोनों हाथों की उँगलियों और अँगूठों से उसके स्तनों की मालिश शुरू कर दी। दूध की मिठास और शहद की चिपचिपाहट मिलकर मयूरी के नशीले उरोजों को और भी मदहोश बना रही थी। उसके छोटे-छोटे, भरवाँ निप्पल बाबाजी की कठोर उँगलियों के बीच पिस-पिस कर चकनाचूर हो रहे थे।
बाबाजी उन्हें ऐसे निचोड़ रहे थे मानो नींबू के अंदर का रस निकाल रहे हों।
 
 
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जुड़े रहिये दोस्तों।


Maitri Patel.
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सुपरस्टीशन - by maitripatel - 10-04-2026, 03:59 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Glenlivet - 10-04-2026, 05:01 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 25-04-2026, 07:06 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 01:06 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 29-04-2026, 03:45 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-05-2026, 07:42 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-05-2026, 09:54 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:12 AM
RE: सुपरस्टीशन - by naree - 22-05-2026, 04:14 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 09-06-2026, 03:40 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 12-06-2026, 08:37 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 27-06-2026, 05:02 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Rizzi1198 - 30-07-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-08-2026, 06:21 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 28-08-2026, 05:28 PM
RE: सुपरस्टीशन - by maitripatel - 01-09-2026, 02:36 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-09-2026, 06:23 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 08-09-2026, 10:10 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 10-09-2026, 05:04 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 19-09-2026, 12:21 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 21-09-2026, 09:57 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 22-09-2026, 05:39 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 24-09-2026, 04:27 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Tadpole - 23-09-2026, 07:12 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Wanton - 23-09-2026, 07:24 PM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 01-10-2026, 09:20 PM
RE: सुपरस्टीशन - by Bumchod - 05-10-2026, 05:27 AM
RE: सुपरस्टीशन - by rajeev13 - 07-10-2026, 08:23 PM



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