Thread Rating:
  • 5 Vote(s) - 3.6 Average
  • 1
  • 2
  • 3
  • 4
  • 5
Thriller बेटे के दोस्त ने आंटी को सम्मोहित(hypnotize) किया....फिर क्या हुआ?
#33
दो दिन बाद.......

हरीश अपने कमरे के अंधेरे में बैठा था, केवल उसके लैपटॉप की स्क्रीन की रोशनी उसके चेहरे पर पड़ रही थी। वह उन वीडियो को बार-बार देख रहा था जिन्हें उसने कुछ दिन पहले रिकॉर्ड किया था। स्क्रीन पर चैतली थी—एक 42 वर्षीय बंगाली महिला, जिसका शरीर किसी पकवान की तरह रसीला और भरा हुआ था। वीडियो में वह पूरी तरह से बेसुध थी, उसकी आँखें खाली थीं, लेकिन उसका शरीर हरीश के हर आदेश का पालन कर रहा था। वह देख रहा था कि कैसे चैतली ने अपने ही हाथों से अपनी ब्लाउज उतारी थी और कैसे उसकी भारी बोब्बे बाहर निकलकर झूल रही थीं।

हरीश ने अपना मोटा और बड़ा लण्ड बाहर निकाला और लैपटॉप पर चल रहे वीडियो को देखते हुए एक हाथ से मुठ मारने लगा। दूसरे हाथ में उसने चैताली की काली पैंटी पकड़ रखी थी और उसे सूंघ रहा था, जिसे उसने पिछली मुलाकात में चुराया था। उस पैंटी में अभी भी चैताली के गुप्तांगों की तीखी गंध बसी हुई थी।

हरीश ने एक गहरी साँस ली। उसके चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान थी। वह उस पल को याद कर रहा था जब उसने चांदी के उस पेंडेंट के जरिए उसकी इच्छाशक्ति को तोड़ दिया था। चैतली, जो समाज में एक सम्मानित महिला थी, एक कॉर्पोरेट एग्जीक्यूटिव थी, वह हरीश के सामने सिर्फ एक खिलौना बन गई थी।

तभी दरवाजे की घंटी बजी। हरीश ने लैपटॉप बंद किया और दरवाजा खोला। सामने विवेक खड़ा था। 18 साल का विवेक, एक एथलीट, जिसकी चौड़ी छाती और मजबूत कंधे उसकी टी-शर्ट को कस रहे थे। वह अभी कॉलेज में था और अपनी उम्र के हिसाब से काफी गबरू था।

"क्या हाल है भाई?" विवेक ने अंदर आते हुए पूछा।

हरीश ने उसे सोफे पर बिठाया और एक शरारती अंदाज में मुस्कुराया। "हाल तो बढ़िया है, लेकिन आज मैं तुझे कुछ ऐसा दिखाने वाला हूँ जो तेरी दुनिया बदल देगा।"

विवेक ने अपनी भौहें सिकोड़ीं। "क्या मतलब? कोई नया गेम है क्या?"

हरीश ने लैपटॉप खोला और वह क्लिप चला दी जिसमें चैतली उसे ब्लो-जॉब(उसका लौड़ा चूस रही थी) दे रही थी। विवेक की आँखें फटी की फटी रह गईं। उसने स्क्रीन पर देखा कि कैसे वह अधेड़ उम्र की महिला, जिसकी त्वचा सांवली और शरीर मांसल था, पूरी शिद्दत से हरीश के लन्ड को अपने मुँह में लिए हुए थी। फिर क्लिप बदली और अब चैतली डॉगी स्टाइल में थी, उसकी भारी कूल्हे हरीश के हर धक्के के साथ ऊपर-नीचे उछल रहे थे।

विवेक ने अपना गला साफ किया, उसकी साँसें तेज हो गई थीं। "भाई... यह... यह कौन है? और यह सब कैसे हुआ? क्या यह सच में राजी थी?"

हरीश ने सोफे पर पीछे झुकते हुए कहा, "राजी? भाई, बस समझ ले कि वह मेरे इशारों पर नाचती है। वह एक कॉर्पोरेट ऑफिस में काम करती है, लेकिन अंदर से वह एक ऐसी भूखी रंडी है जिसे बस सही तरीके से जगाने की जरूरत है।"

विवेक ने स्क्रीन पर चैतली के उभारों को देखा। वह एक कुंवारा लड़का था, जिसने अब तक किसी महिला को करीब से नहीं देखा था। उसके मन में कामुकता का तूफान उठ खड़ा हुआ। "भाई, वह तो कमाल की लग रही है। वह सांवली रंगत और वह भारी शरीर... कसम से, मेरा मन कर रहा है कि मैं भी उसे एक बार चखूँ।"

हरीश हँसा। "मुझे पता था तू यही कहेगा। देख, तू मेरा जिगरी दोस्त है, इसलिए मैं मना नहीं करूँगा। लेकिन इसके लिए प्लानिंग करनी होगी।"

विवेक उत्तेजित होकर आगे झुका। "कैसी प्लानिंग? मुझे बस बता क्या करना है।"

"कल तू कॉलेज बंक कर दे," हरीश ने आदेश देते हुए कहा। "बस इंतज़ार करियो।  मैं उसे तैयार करूँगा और फिर तुझे बताऊंगा कि उसे कहाँ मिलना है। याद रख, जब वह तेरे पास आए, तो तुझे बस उसे संभालना है।"
[+] 1 user Likes MohdIqbal's post
Like Reply


Messages In This Thread
RE: बेटे के दोस्त ने आंटी को सम्मोहित(hypnotize) किया....फिर क्या हुआ? - by MohdIqbal - 30-08-2026, 10:31 PM



Users browsing this thread: 2 Guest(s)