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Thriller बेटे के दोस्त ने आंटी को सम्मोहित(hypnotize) किया....फिर क्या हुआ?
#32
"अब जाओ और बाथरूम में खुद को साफ करो," उसने आदेश दिया।

चैताली उठी और बाथरूम की ओर चली गई। जब वह वापस आई, तो वह साफ-सुथरी थी और उसके चेहरे पर वही भावशून्य अभिव्यक्ति थी।

"अब अपने कपड़े पहन लो," हरीश ने कहा।

चैताली ने अपनी साड़ी और ब्लाउज पहनना शुरू कीया। हरीश ने चालाकी से उसकी पैंटी को उठाकर सोफे के पीछे छिपा दिया। चैताली ने अपनी पैंटी ढूंढी, लेकीन वह नहीं मिली। चूंकी वह सम्मोहित थी, उसने सवाल नहीं कीया और बिना पैंटी के ही अपनी साड़ी पहन ली।

जब वह पूरी तरह तैयार हो गई, तो हरीश ने उसकी आंखों में देखा और जोर से चुटकी बजाई।

"अब जागो!"

चैताली अचानक होश में आई। उसे ऐसा लगा जैसे वह कीसी गहरे सपने से जागी हो। वह थोड़ी भ्रमित थी, लेकीन उसे याद नहीं था की पिछले कुछ घंटों में क्या हुआ था।

"अरे, मैं यहाँ कैसे?" उसने इधर-उधर देखा।

"आंटी, आप शायद थकान की वजह से थोड़ी देर के लिए सो गई थीं। अब शाम हो गई है, मैं आपको छोड़ देता हूँ या आप खुद जा सकती हैं," हरीश ने बड़ी मासूमियत से कहा।

चैताली ने अपनी घड़ी देखी और घबरा गई। "ओह! मुझे घर जाना चाहिए। धन्यवाद हरीश बेटा।"

वह कार में बैठी और अपने घर की ओर निकल गई।

जब कार चली गई, तो हरीश के चेहरे पर एक कुटिल मुस्कान आ गई। वह सीधे अपने लिविंग रूम की ओर गया और अपने लैपटॉप को चालू कीया। उसने लिविंग रूम के दो अलग-अलग कोनों में छोटे-छोटे हिडन कैमरे लगाए थे।

हरीश बैठा था और उस गीली जगह को देख रहा था जहाँ चैताली के रस और उसके वीर्य का मिश्रण सोफ़े पर गिर गया था। वह पीछे की ओर झुका और हँसा—एक धीमी, गहरी आवाज़ में। अब उसके पास एक बेहतरीन खिलौना था, और सबसे अच्छी बात यह थी कि वही वापस आने के लिए गिड़गिड़ाएगी।

उसने फुटेज प्ले कीया। स्क्रीन पर चैताली का वह धीरे-धीरे साड़ी उतारना, उसकी ब्रा का उतरना, और फिर उसका घुटनों के बल बैठकर उसका लंड चूसना—सब कुछ एचडी क्वालिटी में था। हरीश ने उस हिस्से को रिप्ले कीया जहाँ वह उसके पीछे से प्रहार कर रहा था और उसके मम्मे हिल रहे थे।

"वाह... क्या माल है। और उसे पता भी नहीं की वह मेरी कीतनी बड़ी गुलाम बन चुकी है," हरीश ने खुद से कहा और दोबारा अपनी पैंट नीचे कर ली।

उधर, चैताली अपने घर पहुंची। घर में सन्नाटा था, आदित्य अभी तक कॉलेज से नहीं लौटा था। वह सीधे अपने बेडरूम में गई और कपड़े बदलने लगी।

जैसे ही उसने अपनी साड़ी और ब्लाउज उतारा, उसे अचानक महसूस हुआ की उसके नीचे कुछ गायब है।

"मेरी पैंटी कहाँ गई?" उसने हैरानी से अपने चारों ओर देखा। उसने याद करने की कोशिश की की क्या उसने इसे ऑफिस में ही उतार दिया था, या फिर..?

तभी उसे अपने गुप्तांगों में एक अजीब सी जलन और भारीपन महसूस हुआ। उसने अपना हाथ नीचे ले जाकर छुआ। उसकी चूत की त्वचा सूजी हुई थी और वह अंदर से काफी संवेदनशील महसूस कर रही थी। उसे ऐसा लग रहा था जैसे कोई चीज उसके अंदर बहुत गहराई तक गई हो।

"यह दर्द कैसा है? और मेरी पैंटी कैसे गायब हो गई?" उसने आईने में खुद को देखा। उसके चेहरे पर थकान थी, लेकीन उसकी आंखों में एक अनजाना डर और भ्रम था।

उसे याद नहीं आ रहा था की वह हरीश के घर पर क्या कर रही थी, लेकीन उसके शरीर की हर नस उसे बता रही थी की आज उसके साथ कुछ बहुत ही असामान्य और गहन हुआ है। वह चुपचाप बिस्तर पर लेट गई, लेकीन उसके दिमाग में हरीश की वह रहस्यमयी मुस्कान बार-बार घूम रही थी।
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RE: बेटे के दोस्त ने आंटी को सम्मोहित(hypnotize) किया....फिर क्या हुआ? - by MohdIqbal - 30-08-2026, 08:27 PM



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