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Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#61

update 55

मेरी मम्मी अंकल के लंड पर बैठी ही थीं। कि मेरी मम्मी और अंकल दोनों की आँखें एक दूसरे की आँखों से मिलीं। तो मेरी मम्मी ने कहा।

मम्मी: योगेश जी आप भी आज उसी पोजीशन में नहीं कर सकते थे। आपको भी रोज नया नया चाहिए।

अब मेरी मम्मी ठीक अंकल के लंड पर बैठी ऊपर से उछलने लगीं। मेरी मम्मी खुद उछल कर उनका लंड अपनी चूत के अंदर ले रही थीं।

मेरी मम्मी के अंकल के लंड पर उछलने से मेरी मम्मी की चुचियाँ भी एक खास तरीके से झूल रही थीं। और अंकल मेरी मम्मी की चुचियों को थामे नीचे से अपनी गाँड उठा कर अपना लंड मेरी मम्मी की चूत में घुसा रहे थे।

मेरी मम्मी भी अब झड़ने के काफी करीब थीं। सो मेरी मम्मी ने अपना चेहरा नीचे झुकाया। और अपने होठों को उनके होठों पर रख कर चूमते हुए अपनी कमर हिलाने लगीं। मेरी मम्मी ऊपर से उछल रही थीं। और वो नीचे से गचा गच मेरी मम्मी की चूत में अपना लंड पेल रहे थे। कि तभी मेरी मम्मी ने मीठे दर्द के साथ।

मम्मी: आह... योगेश जी आह... मैं झड़ने वाली हूँ। और ये कहकर झड़ने लगीं। और मेरी मम्मी के झड़ते ही अंकल ने मेरी मम्मी को पलट दिया। और मेरी मम्मी के ऊपर चढ़ कर धक्के मारने लगे।

और कुछ ही सेकंड में वो भी झड़ने लगे। जब मेरी मम्मी और अंकल दोनों शांत हुए। तो देखा रात का 1 बज चुका है। फिर अंकल ने मेरी मम्मी की आँखों में देखकर मेरी मम्मी से पूछने लगे। वर्षा।

अंकल: वर्षा क्या तुम मुझसे प्यार करती हो।

उनके जवाब में मेरी मम्मी ने अपना मुँह उनकी चौड़ी छाती में छुपा लिया। और बोलीं।

मम्मी: हाँ। बहुत प्यार करती हूँ। लेकिन अंकुश से ज्यादा नहीं। मैं इस दुनिया में सबसे ज्यादा प्यार अपने कलेजे के टुकड़े मेरे लाल अंकुश से करती हूँ। फिर उसके बाद आपसे करती हूँ।

मेरी मम्मी का इतना ही कहना था। कि तभी अंकल ने मेरी मम्मी की एक चुची को अपने मुँह में डाल कर फिर से चूसने लगे। मेरी मम्मी फिर से तड़पने लगीं। आह...

मम्मी: आह... योगेश जी छोड़िए। और नहीं तो मैं फिर से गरम हो जाऊँगी। और मम्मी ने अंकल से अपने आप को छुड़ाया। और खड़ी हो गईं। और वहीं पास में पड़ी अपनी नाइटी को पहनने लगीं। अंकल मेरी मम्मी को नाइटी पहनते देख बोले।

अंकल: जान ये क्या। क्यों पहन रही हो। अभी तो एक राउंड ही हुआ है। पूरी रात बाकी है।

मम्मी: मुस्कुराते हुए बोलीं। अब बस। और फिर नाइटी पहन कर मेरी मम्मी अंकल के बगल में सोफे पर लेट गईं। सोफा बड़ा था। इस पर दोनों आ गए। लेकिन चिपकर। जैसे ही मेरी मम्मी अंकल के बगल में लेटीं। तो अंकल ने अपना हाथ मेरी मम्मी के पेट पर और नाभि पर घुमाने लगे।

मम्मी: योगेश जी आपको इस बात का कोई सॉल्यूशन निकालना पड़ेगा। कब तक ऐसा चलेगा।

अंकल: किस बात का सॉल्यूशन।

मम्मी: इस बात का। कब तक हम कंडोम इस्तेमाल करेंगे।

अंकल: मैं तो बिना कंडोम के ही। पर तुम ही कहती हो कंडोम यूज करो।

मम्मी: तो क्या करूँ। मैं प्रेग्नेंट हो गई। तो वो मादरचोद नामर्द नामर्द मुझे कहीं का न छोड़ेगा।

अंकल: तो क्या करें।

मम्मी: मैं चाहती हूँ उसका लंड के लिए कोई ऐसी मेडिसिन हो। जिसे देने पर उसका लंड खड़ा हो जाए। और चूत में घुसते ही उसका पानी निकल जाए। और लंड तभी खड़ा हो जब उसे मेडिसिन दी जाए।

अंकल: तो इसका मतलब तू मेरे लंड से बोर हो गई है।

मम्मी: नहीं। मैं आपके लंड को हमेशा अपनी चूत में रखना चाहती हूँ। और बिना कंडोम के चुदाई करवाना चाहती हूँ। इसलिए।

अंकल: तो मैं समझा नहीं।

मम्मी: मैं चाहती हूँ वो मुझे महीने में सिर्फ एक बार मेरी चूत में लंड घुसाए। और घुसाते ही उसका पानी निकल जाए। और मैं तुरंत आई पिल ले लूँगी। और उसे महीने में एक बार टैबलेट दूँगी। जिससे उसका लंड खड़ा हो जाए।

अंकल: तो उससे क्या होगा।

मम्मी: होगा ये कि मैं आपसे रोज बिना कंडोम के चुदूँगी। और मैं प्रेग्नेंट हो गई। तो वो समझेगा मैं उसी से प्रेग्नेंट हुई हूँ।

अंकल: तेरा दिमाग बहुत चलता है वर्षा।

मम्मी: आखिर मम्मी किसकी हूँ।

अंकल: क्या तू मेरे बच्चे को जन्म देगी।

मम्मी: पहले उसका लंड खड़ा हो। फिर अंकुश कहेगा तो दूँगी। नहीं तो नहीं दूँगी।

अंकल: ठीक है।

मम्मी: अब जल्दी से किसी डॉक्टर से मिलो। और मेडिसिन का पता करो।

अंकल: हम्म। हाँ जान। मैं सोच रहा हूँ इसका कोई सॉल्यूशन। पर ये इतना आसान नहीं है। ऐसी कोई मेडिसिन होगी मुझे नहीं लगता। इसलिए तुम थोड़ा सब्र करो।

मम्मी: पर योगेश जी। ऐसे ही तो जवानी का मजा ही नहीं ले पाएँगे। अब देखिए कैसे हमें प्यार कितनी सावधानी से किया है कंडोम के साथ। कहीं मैं प्रेग्नेंट न हो जाऊँ। आप ही बताएँ। क्या ये कोई पाप है सेक्स करना। मैं पिछले 20 साल से तड़प रही हूँ लंड के लिए। और अब 33 की उम्र में मुझे आपका लंड मिला। वो भी अंकुश ने दिलवाया। नहीं तो उस मादरचोद नामर्द नामर्द ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी थी। एक शादीशुदा होकर भी लंड के लिए तड़पी हूँ। और पति के होते हुए भी मुझे आपके साथ सोना पड़ रहा है।

अंकल: यार मैं समझता हूँ सारी बात।

मम्मी: योगेश जी कुछ कीजिए। पता है उसके साथ उसके बिस्तर पर सोते मुझे कितनी आत्मग्लानि महसूस हो रही थी। एक नामर्द के साथ सोने से अच्छा है पराये मर्द के साथ। आप तो जानते ही हैं कि एक शादीशुदा औरत को कोई गैर मर्द हाथ भी लगा दे। तो इस औरत के लिए कितनी पीड़ाजनक बात है। आप ही बताएँ। पर क्या करूँ। उस मादरचोद नामर्द नामर्द ने मेरी जिंदगी बर्बाद कर दी। इसलिए मुझे आपकी रखैल बनना पड़ा। अब तो उस मादरचोद नामर्द नामर्द की शक्ल से भी मुझे नफरत है। पर क्या करूँ। मुझे आपका वीर्य अपनी चूत में चाहिए बिना कंडोम के। इसलिए कह रही हूँ। महीने में एक बार उस मादरचोद नामर्द नामर्द का लंड खड़ा होना जरूरी है।

अंकल: हम्म। तुम ठीक कहती हो जान। मुझे थोड़ा टाइम दो। मैं सब ठीक कर दूँगा। भरोसा रखो मुझ पर।

और इतना कहते ही अंकल ने मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में भर लिया। और मेरी मम्मी को चूमने लगे। तो मेरी मम्मी बोलीं।

मम्मी: अब मुझे चलना चाहिए। वो मादरचोद नामर्द नामर्द कहीं उठ न जाए।

अंकल: वर्षा इसको उठा देना। उनका इशारा वहाँ पड़े यूज्ड कंडोम की ओर था। मेरी मम्मी ने उनके सामने उसे उठाया। और देख कर उनसे बोलीं। हाय राम। आपका कितना निकलता है।

अंकल: क्यों। आज पहली बार निकला क्या। पिछले 6 महीनों में नहीं निकला।

मम्मी: हाँ। पिछले 6 महीनों से ही इतना निकल रहा है। और बोलीं। इसको अंकुश बाहर फेंक देगा। आप अंकुश से बोल देना। उसे भी तो पता चलेगा आप उसकी मम्मी को कितना प्यार करते हो। जब वो आपके वीर्य से भरे कंडोम देखेगा। और मम्मी ने वो कंडोम को सोफे के सामने रखी टेबल पर रख दिया। जिसमें कोई भी हॉल में आने वाला जरूर देखेगा।

अंकल: ठीक है। मैं उसे बोलता हूँ।

मम्मी: मेरे रूम में जाने के बाद बोलना।

अंकल: नहीं। रूम में कहाँ जा रही हो। आज पूरी रात मेरे साथ अंकुश के रूम में सोना।

मम्मी: और उस नामर्द को कौन संभालेगा।

अंकल: अंकुश।

मम्मी: पहले आप देखकर आओ। अंकुश सो रहा है या जाग रहा है।

अंकल: वो जाग रहा है।

मम्मी: मैं उसके सामने आपके साथ नहीं जा सकती हूँ।

अंकल: मैं उससे बोल देता हूँ। वो सोने का नाटक कर लेगा। फिर तुम मेरे साथ उसके अंदर वाले रूम में चलना।

और फिर अंकल अंदर आए। और मुझे सोने का नाटक करने को बोला। और वापस चले गए। मैं आँखें बंद करके लेट गया। और कुछ ही देर में अंकल मम्मी को अपनी गोद में उठाकर लाए। और मेरे रूम में आए। और फिर मम्मी को मेरे ही बेड पे मेरे बगल में डाल दिया। मम्मी नाइटी में थीं। और अंकल फुल न्यूड एकदम नंगे थे।

मम्मी: ये क्या है। शर्म करो। और अंदर वाले रूम में दौड़कर चली गईं। फिर अंकल भी हँसते हुए अंदर चले गए। और पर्दा लगा दिया। लेकिन दरवाजा नहीं लगाया। फिर मैं भी सो गया। अभी 1 से ज्यादा टाइम हो गया था।

फिर सुबह 6 बजे मेरी नींद खुली। तो मैंने देखा अंदर वाले से मेरी मम्मी की आह... ओह... की आवाज आ रही थी। मैं समझ गया अभी तक चुदाई चालू है। और मैं हॉल में गया। वहाँ अंकल की अंडरवियर पड़ी थी। और टेबल पर यूज्ड कंडोम भी था। दोनों को उठाकर लाया।

फिर करीब 7 बजे अंकल रूम से निकले एकदम नंगे। और अंकल ने अपने कपड़े पहने। और मुझे बाय करके अपने घर चले गए। और मैं अंकल को निकाल कर पापा के रूम में गया। पापा सो रहे थे। मैंने उनके रूम की कुंडी भी खोल दी थी। जो कि रात को अंकल ने लगाई थी। फिर मैं वापस अपने रूम में आया। तो मम्मी अभी भी अंदर वाले रूम में थीं। फिर मैंने मोबाइल में कैमरे में देखा। तो मम्मी बेड पर एकदम नंगी लेटी हुई सो रही थीं। क्योंकि पूरी रात चुदी थीं। और 4 कंडोम भी थे यूज्ड। रूम की हालत कैसी होगी ये आप जानते ही होंगे। मैं हॉल में आ गया था।

फिर करीब 8 बजे पापा उठे। और उन्होंने मम्मी के बारे में पूछा। तो मैंने बताया तबियत खराब है। तो पापा मम्मी के पास जाने लगे। तो मैंने कहा। मम्मी को सोने दो। फिर पापा ऑफिस चले गए। फिर मम्मी करीब दो बजे तक सोती रहीं। और फिर अंदर वाले रूम से नाइटी पहन कर निकलीं। और बाहर वाले रूम में मैं बैठा था। मुझे देखकर मम्मी बिना कुछ बोले सीधा किचन में चली गईं। शायद वो बोलती भी तो क्या बोलतीं। सब कुछ जानते हुए भी हम माँ बेटे अनजान बन रहे थे। फिर मम्मी मेरे रूम में खाना लाईं। और हम दोनों ने खाना खाया। एक कंडोम अभी भी मेरे रूम में ही बेड पर रखा था। जो मैंने नहीं फेंका था। मैं उसे हॉल में से उठाकर लाया था। वो मुझे भी दिख रहा था। और मम्मी को भी। पर हम उस पर कोई बात नहीं कर रहे थे। फिर खाना खाने के बाद मम्मी बोलीं। बेटा तेरे रूम की सफाई कर देती हूँ।

मैं: नहीं मम्मी। मैं कर लूँगा। आप आराम करो।

मम्मी: बेटा अंदर वाले रूम की कर देती हूँ।

मैं: नहीं मम्मी। मैं खुद कर लूँगा। आप आराम कीजिए। और मम्मी अपने रूम में चली गईं। फिर मैंने दोनों रूम की सफाई की। अंदर वाले रूम में चादर भी चेंज की। क्योंकि उसपर मम्मी अंकल का प्रेम रस था। और मैंने सभी कंडोम को फेंक दिया। फिर मैं स्टडी करने लगा। और फिर एक घंटे बाद मैं मम्मी के रूम में गया।

मम्मी: बेटा सफाई कर दी।

मैं: हाँ मम्मी। और मैंने अंदर वाले रूम की बेडशीट चेंज कर दी है। और वो वॉशिंग मशीन में डाल दी है।

मम्मी: ओके बेटा। और मम्मी ने मुझसे कहा। बेटा मेरे मोबाइल में गेम खेलेगा।

मैं: नहीं मम्मी।

मम्मी: खेल ले। और मुझे मोबाइल लेकर अपने रूम में आया। और मैंने देखा उसमें लास्ट कॉल अंकल की है। फिर मैं रिकॉर्डिंग सुनने लगा।

मम्मी ने कॉल किया था।

मम्मी: हेलो योगेश जी।

अंकल: बोलो मेरी जान। क्या हुक्म है इस गुलाम के लिए मालिका-ए-हुस्न।

मम्मी: मुस्कुरा कर। क्या जी। आपको हर वक्त रोमांस ही सूझता है। कहीं आपके पास कोई तो नहीं है।

अंकल: अरे नहीं यार। बोलो क्या बात है।

मम्मी: योगेश जी मुझे बहुत डर लग रहा है। मैं आज सुबह उठी नहीं थी। तो ऑफिस चला गया वो मादरचोद नामर्द नामर्द। अब पता नहीं ऑफिस से आने के बाद क्या पूछेगा। मुझे डर है कहीं उसने देखा तो नहीं होगा। हमने हॉल में ही चुदाई की थी रात को।

अंकल: अरे नहीं यार। ऐसा कुछ नहीं। तुम खामखा चिंता कर रही हो। और बताओ क्या कर रही हो।

मम्मी: कुछ नहीं। बस अभी काम से फ्री हुई हूँ।

अंकल: अच्छा। अगर फ्री हो तो सरकार का हुक्म हो तो बंदा आ जाए।

मम्मी: आप भी ना योगेश जी। बस।

अंकल: यार एक पप्पी तो दो ना।

मम्मी: आप भी ना। आपको हर वक्त बस एक ही काम।

अंकल: यार दो ना एक पप्पी।

मम्मी: आप मानोगे नहीं। आपका दिल नहीं भरता क्या। सारी रात तो करते रहते हैं। और मेरी मम्मी ने अपने होठों को गोल कर मुआँ मुआँ करते हुए बस।

अंकल: हाय डार्लिंग। तुम्हारी यही अदा तो जान ले लेती है। देखो इतने में पैंट में खड़ा हो गया।

मम्मी: मुस्कुराते। क्या योगेश जी आप भी ना।

अंकल: सच मेरी जान। अगर विश्वास न हो तो आ कर देख लो कैसे खड़ा है ये।

मम्मी: आपका तो हर वक्त खड़ा ही रहता है। अगर अभी खड़ा है ना तो खड़ा ही रहने दीजिए। अच्छा अब मैं फोन रखती हूँ।

अंकल: यार इतनी जल्दी भी क्या है। सुनो यार। एक उसकी भी पप्पी दो ना।

मेरी मम्मी समझ तो गई थीं कि अंकल मेरी मम्मी से मेरी मम्मी की चूत की पप्पी माँग रहे हैं।

मम्मी: फिर भी अनजान बनते हुए। अब और किसकी दूँ पप्पी।

अंकल: यार इतनी भी नासमझ नहीं हो। उसकी जो तुम्हारी टाँगों के बीच है। एकदम गुलाबी गुलाबी।

मम्मी: योगेश जी आप नहीं सुधरोगे। उसकी पप्पी तो आपको रात को ही मिलेगी। और उसकी पप्पी ऐसे ही मिलती। उसकी पप्पी लेने के लिए खुद पास आना पड़ता है। समझे बच्चू।

अंकल: यार सच में तुम्हें तो मूड बना दिया।

मम्मी: आपका मूड कब नहीं होता।

अंकल: यार ऐसा न करें। कहीं घूमने चलें।

मम्मी: घूमने नहीं। मुझे थोड़ी सी शॉपिंग करनी है।

अंकल: सरकार। हुक्म कीजिए। क्या लेना है आपको।

मम्मी: वो मेरी ब्रा पर पैंटी सब टाइट हो गई।

अंकल: वो टाइट वो कैसे।

मम्मी: आप सारा सारा दिन और रात इनको चूसते और दबाते रहोगे। तो इनका साइज बढ़ेगा नहीं क्या। जानते हैं 6 महीने पहले इनका साइज 32 था। लेकिन पिछले 6 महीनों में आपने इनका साइज बड़ा दिया है। और मुझे लगता है इनका साइज 36 हो गया है। पता है उस मादरचोद नामर्द नामर्द को मेरी इनको देख कर शक होता है कि मेरा साइज अचानक इतना कैसे बढ़ गया। पूछ भी रहा था। वर्षा तुम्हारा साइज कुछ बढ़ नहीं गया।

अंकल: अच्छा यार। मैं कोई बहाना बना कर आता हूँ। और फिर चलिए शॉपिंग। तुम तैयार रहना।

मम्मी: जी।

अंकल: वर्षा वैसे तुमने बताया नहीं। तुमने वो कंडोम फेंके या नहीं।

मम्मी: अंकुश रूम की सफाई कर रहा है। वो फेंक देगा।

अंकल: और बेडशीट। उसपर भी रात को कंडोम से वीर्य फैल गया था।

मम्मी: वो अंकुश को दिख जाएगा। और वो खुद ही चेंज कर देगा।

अंकल: क्या बात है। मजे हम करें। और सफाई अंकुश करे।

मम्मी: वो मेरा बेटा है। वो खुद मुझे काम नहीं करने देता है। वो जानता है आपने पूरी रात मुझे चोदा है। इसलिए उसने खुद मुझसे कहा। वो सफाई करेगा। मैंने कहा मैं कर दूँगी। तो बोला। मम्मी आप आराम करो। और पता है आपने हॉल में जो कंडोम यूज किया था। अंकुश उसे अपने रूम में ले गया था। उसमें आपका रस भरा था। वो मैंने देखा था। पर ना उसने कुछ कहा। ना मैंने कुछ कहा।

अंकल: क्या बात है। बेटा सफाई करे। मम्मी चूत फटवाए।

मम्मी: हूँ... मेरा राजा बेटा है वो।

अंकल: ठीक है। अब तू रेडी हो जा। और अंकुश के साथ आ जाना शॉपिंग के लिए।

मम्मी: नहीं। मैं उसे डिस्टर्ब नहीं करूँगी। उसे स्टडी करने दो। आप आ जाना। हम पीछे वाले गेट से चलेंगे।

फिर कॉल कट हुई।

फिर मैं उठकर मम्मी के रूम में गया। तो मम्मी रूम में कपड़े चेंज कर रही थीं।

मैं: मम्मी कहाँ जा रही हो।

मम्मी: हाँ वो। शॉपिंग के लिए जा रही हूँ।

मैं: मम्मी मैं चलूँ।

मम्मी: बेटा यदि तू चलना चाहे तो चल।

मैं: मम्मी आप अकेली जा रही हो।

मम्मी: क्यों बेटा।

मैं: मम्मी आप अंकल को साथ ले जाओ।

मम्मी: नहीं बेटा। कोई देखेगा तो क्या सोचेगा। और वैसे भी वो मुझे परेशान करते हैं।

मैं: मम्मी अंकल आपको परेशान नहीं करेंगे। और आप किसी और की चिंता मत करो। आप घर के पीछे वाले गेट से चली जाना। मार्केट में जरूरी नहीं कि कोई आपको पहचानेगा।

मम्मी: तू कह रहा है तो चली जाऊँगी योगेश जी के साथ।

मैं: मैं अंकल को बोल दूँगा। फिर मैं अंकल को कॉल किया। और अंकल ने कहा वो कुछ देर में आ जाएँगे।

फिर मैं रूम से बाहर आया। तो मम्मी भी मेरे साथ हॉल में आ गईं।

मैं: मम्मी आप रूम में रहिए।

मम्मी: नहीं बेटा। मैं रूम में रहूँगी तो योगेश जी आते ही मुझे परेशान करेंगे।

मैं: मम्मी अंकल आपसे प्यार करते हैं। और आप अंकल के प्यार को एक्सेप्ट नहीं कर रही हो।

मम्मी: बेटा मैं तुझसे पिछले 6 महीनों से बोल रही हूँ। मैं अपने बदन को योगेश को नहीं सौंपूँगी। और तू है कि मुझे योगेश से नंगी करवाकर योगेश के साथ सुलाना चाहता है।

मैं: मम्मी आपको प्यार की जरूरत है। पापा आपको प्यार नहीं करते हैं।

मम्मी: बेटा।

मैं: मम्मी आप रूम में जाइए।

मम्मी: नहीं। मैं योगेश को अपना जिस्म नहीं सौंप सकती।

फिर तभी अंकल आ गए।

मैंने पीछे वाला गेट खोला। तो अंकल ने मुझे देखा। फिर मुझे रूम में जाने का इशारा किया। और जैसे ही मैं रूम में जाने को पलटा। तो अंकल ने मम्मी को अपनी बाँहों में भर लिया। और चूमने लगे। अंकल ने मेरे रूम में जाने का वेट भी नहीं किया। फिर मैं रूम में चला गया। और अंदर से देखने लगा।

मम्मी: क्या आप भी। अंकुश के सामने। पहले उसे रूम में पहुँच जाने देते। फिर चूम लेते। अब चलो शॉपिंग पर।

अंकल: यार बाद में चलते हैं। अभी कुछ बैठ कर प्यार करते हैं। एक राउंड हो जाए। तो मेरी मम्मी ने कहा।

मम्मी: नहीं जी। वो सब रात को करेंगे। रात को आप एक राउंड ज्यादा कर लीजिएगा। मैं कभी मना करती हूँ क्या।

अंकल: यार अभी राउंड नहीं तो कम से एक चुम्मी तो दो ना।

मम्मी: मुस्कुरा कर। अपने गाल उनके होठों के पास ले जा कर। लीजिए।

अंकल ने मेरी मम्मी के गुलाबी गालों को चूमा। और मेरी मम्मी से बोले।

अंकल: वर्षा नीचे जो तुम्हारी टाँगों के बीच में है। उसकी भी तो चुम्मी लेने दो। तुम फोन पे कह रही थीं। उसकी चुम्मी लेने के लिए पास आने पड़ेगा।

मम्मी: उसकी चुम्मी अभी आपको नहीं मिलेगी। रात को जितनी चाहें ले लेना। अब चलिए ना। और फिर मम्मी ने मुझे आवाज दी। तो मैं हॉल में आया।

मम्मी: बेटा तू भी चल।

मैं: नहीं मम्मी। आप जाइए। मुझे स्टडी करनी है। फिर मम्मी अंकल चले गए। फिर शाम को 7 pm पर वापस आए। और आते ही मम्मी ने शॉपिंग का बैग मेरे रूम में रखा। और किचन में चली गईं। मैंने देखा। ये बहुत ही सेक्सी ब्रा पैंटी हैं। और शेविंग किट भी। फोम रेजर ब्लेड ब्रश क्रीम। यानी मम्मी अपनी चूत की शेविंग करेंगी या करवाएँगी। और उसमें कंडोम भी थे। और आईपिल्स। और वियाग्रा टैबलेट। यानी कि सब कुछ था चुदाई का सामान। और मैंने बैग में स्लीपिंग टैबलेट देखी। यानी मम्मी पापा को सुला देंगी। फिर चुदाई। मम्मी ने मुझे किचन से आवाज दी।

मैं किचन में गया।

मम्मी: बेटा उस बैग को तू छुपा दे। तेरे रूम में। नहीं तो तेरे पापा देख लेंगे। तो सवाल पूछेंगे। तेरे पास पैसे कहाँ से आए।

मैंने कहा। ओके मम्मी। और बैग में से सभी सामान निकालकर अपनी अलमारी में रख दिया। लेकिन मैंने मम्मी को नहीं बताया कि मैंने बैग खाली कर दी। फिर रात को पापा भी आ गए। फिर खाने के टाइम पर मम्मी ने मुझसे कहा। बेटा वो सामान कहाँ है।

मैं: मम्मी मेरी अलमारी में है।

मम्मी: बेटा तूने सामान खोलकर देखा क्या।

मैं: जी मम्मी।

मम्मी: बेटा उसमें तूने क्यों खोला। उसमें मेरा पर्सनल सामान था।

मैं: जानता हूँ मम्मी। उसमें क्या गलत है। उसमें मम्मी आपके कपड़े (मैंने ब्रा पैंटी नहीं बोला)। आपके टैबलेट। और शेविंग किट है। मैं भी यूज करता हूँ शेविंग किट। इसमें गलत किया है मम्मी।

मम्मी: बेटा उसमें और भी बहुत कुछ है।

मैं: हाँ मम्मी। पता है। वो सामान हर कपल यूज करता है।

मम्मी: मुस्कुराते हुए। नालायक। शर्म नहीं आती।

मैं: मम्मी आप भी। अब मैं बच्चा नहीं हूँ।

मम्मी: जानती हूँ। और आज योगेश जी मुझे कंप्यूटर सिखाएँगे तेरे रूम में। पर मैंने मना कर दिया है।

मैं: मम्मी आप सीखना कंप्यूटर। पर मेरे रूम में नहीं। बल्कि अंकल के घर जाकर।

मम्मी: नहीं बेटा। तेरे पापा घर पर हैं।

मैं: मम्मी मैंने आपका बैग देखा। उसमें नींद की टैबलेट है। आप पापा को खाने में मिला दो।

मम्मी: नहीं बेटा।

मैं: मम्मी आपको मेरी कसम है। आप अंकल के घर जाना कंप्यूटर सीखने।

मम्मी: ठीक है। मुझे नींद की टैबलेट लाकर दे।

मैं: जी मम्मी। फिर मैंने मम्मी को नींद की 2 गोली दी।

मम्मी: 2 क्यों। एक ही बहुत है।

मैं: आप दो मिला दो।

मम्मी: ठीक है।

फिर पापा मैंने मम्मी ने साथ में खाना खाया। लेकिन मम्मी ने मुझसे कहा था। बेटा दही मत खाना।

मैं समझ गया। दही में मम्मी ने टैबलेट मिला दी है।

फिर पापा ने खाना खाते ही कहा। बेटा मुझे बहुत तेज नींद आ रही है। और पापा हॉल में ही सोने लगे।

मैंने कहा। पापा रूम में चलो। और पापा रूम में जाते ही सो गए।

फिर मम्मी ने कहा। बेटा मैं किचन साफ करती हूँ।

मैंने कहा। नहीं मम्मी। आप जल्दी जाइए कंप्यूटर सीखने।

मम्मी: मुस्कुराते हुए। बहुत जल्दी है मम्मी को भेजने की।

मैं: हाँ मम्मी। जाइए। नहीं तो मैं अंकल को बुला लूँगा। और वो आपको जबरदस्ती ले जाएँगे।

फिर मम्मी।

मम्मी: जाती हूँ। और मम्मी सीढ़ियों से होते हुए अंकल के घर चली गईं। और मैं भी अपने रूम में जाकर सो गया। और सुबह करीब 6 बजे मम्मी का कॉल आया। बोलीं।

मम्मी: बेटा गेट खोल। सीढ़ियों।

मैंने गेट खोला। सामने मम्मी थीं। लेकिन ये क्या। मम्मी गई थीं साड़ी में। आईं नाइटी में। और मम्मी को देखकर कोई भी कह सकता है कि मम्मी पूरी रात बहुत ही जबरदस्त तरीके से चुदी हैं। ये क्या। मम्मी की चाल भी बदल गई। मम्मी ने मुझसे कहा। बेटा नींद आ रही है। तेरे रूम में सो जाऊँ।

मैं: हाँ मम्मी।

फिर मम्मी मेरे साथ मेरे रूम में आईं। और आते ही नाइटी निकाल दीं। और बेड पर रख दी। मम्मी ने नाइटी के अंदर सिर्फ पैंटी पहनी थी। नाइटी उतारते ही मम्मी के बूब्स नंगे हो गए।

ये क्या। मम्मी के बूब्स तो लाल हो रहे थे। उनमें से खून चमक रहा था। जैसे काटे हों दाँतों से।

मैंने मम्मी से इस बारे में कुछ नहीं पूछा। लेकिन मम्मी देख रही थीं। मैं उनके बदन को देख रहा हूँ। मम्मी के सिर्फ बूब्स ही नहीं। सब कुछ लाल थे। गोरा बदन से लाल बदन। मैंने देखा मम्मी की पीठ पर निशान था। मैं समझ गया। अंकल ने आज मम्मी पर बेल्ट यूज किया है। आज तो मम्मी की चीखें बहुत बोली होंगी दर्द से। लेकिन मम्मी को भी ऐसी चुदाई में मजा आता है। मम्मी ने भी मुझे नहीं बोला। सिर्फ इतना कहा। बेटा एक पेन किलर टैबलेट दे दे।

मैंने कहा। मम्मी।

मैं: मम्मी मेरे पास नहीं है।

मम्मी: कल मार्केट से लाई थी। तेरी अलमारी में होगी। देख।

फिर मैंने अलमारी में देखा। तो उसमें टैबलेट थी। पर मैंने कल देखी नहीं थी। मैंने एक टैबलेट मम्मी को दी। और मम्मी टैबलेट लेकर बेड में ओनली पैंटी में ही लेट गईं। और सो गईं। फिर 8 बजे मम्मी उठीं। और बाथरूम गईं। और मुझसे बोलीं। मेरे रूम से मेरी दूसरी नाइटी और टॉवल ले आ। और।

मैं: क्या मम्मी। ब्रा पैंटी भी लाऊँ।

मम्मी: नहीं बेटा। तेरी अलमारी में रखी। कल लाई थी मार्केट से। वो पहन लूँगी।

फिर मैं मम्मी के रूम में गया। और पापा अभी भी सो रहे थे। फिर मैं मम्मी की टॉवल नाइटी लेकर मम्मी को दी। और मम्मी नहाकर आईं। और ओनली टॉवल में। जो कि उनकी कमर पर था। बूब्स नंगे थे। मम्मी की चूत नजर नहीं आ रही थी।

फिर मम्मी ने मेरे रूम की अलमारी खुद खोली। मुझे खोलने से मना कर दिया। और उसमें से एक सेट ब्रा पैंटी निकाली। पिंक थी दोनों। और बहुत ही छोटी थी। शायद मम्मी ने अंकल के लिए पहनी है।

फिर मम्मी ने पैंटी को मेरे सामने ही अपनी टाँगों में डाला। पहले एक टाँग उठाकर उसमें पैंटी डाली। फिर दूसरी टाँग उठाकर। और मम्मी पैंटी को ऊपर तक लाईं। लेकिन अपनी टॉवल नहीं हटाईं। और ऊपर तक लगा गईं। और टॉवल ने नीचे से ही पैंटी पहन ली। और टॉवल हटा दी। लेकिन मुझे चूत नजर नहीं आई थी।

फिर मम्मी ने अपनी ब्रा पहनी।

मैंने देखा। ब्रा ओनली निप्पल को ही छुपा रहे थे। ब्रा बहुत छोटी थी। सिर्फ ब्रा ही नहीं। पैंटी भी बहुत छोटी थी। वो मम्मी की चूत के बाल नजर आ रहे थे। फिर मम्मी ने अपनी नाइटी को पहन लिया। और मेरे पास आकर किस करके बोलीं। बेटा पूरी रात जागी हूँ। बेटा सिर्फ तेरी खुशी के लिए। और मुस्कुराते हुए किचन में गईं। फिर पापा को चाय पिलाई। और मुझे। फिर पापा ऑफिस जाने की तैयारी करने लगे। तो पापा हॉल में लैपटॉप पर कुछ काम करने लगे। और मम्मी किचन में थीं।

अंकल का मैसेज आया। मैं सीढ़ियों में खड़ा हूँ।

मैं: पापा हॉल में हैं।

अंकल: तू गेट खोलकर मुझे तेरे रूम में छिपा देना।

फिर मैंने पापा से कहा। पापा मुझे कुछ पैसे चाहिए।

पापा: मेरे पर्स रूम में है। जाकर ले आ।

मैं: पापा प्लीज आप ले आइए।

पापा: ठीक है। लाता हूँ। और जैसे ही पापा रूम में गए। मैंने सीढ़ियों का गेट खोला। और अंकल सीधे मेरे रूम में चले गए। और फिर पापा भी वापस हॉल में आ गए पर्स लेकर। लेकिन पापा अंकल को नहीं देख पाए।

पापा: कितने चाहिए।

मैं: 2000।

पापा: ले। और फिर लैपटॉप में काम करने लगे।

अंकल ने फिर मैसेज किया। वर्षा को भेज।

मैं किचन में गया। और मम्मी से बोला। मम्मी अंकल आपसे बात करना चाहते हैं।

मम्मी: बेटा अभी तेरे पापा हैं। बाद में बात करूँगी।

मैं: एक बार कर लो।

मम्मी: नहीं।

मैं जानता था। यदि मैं मम्मी से कहूँगा। मम्मी अंकल रूम में हैं। तो मम्मी मना कर देतीं।

फिर मैंने बहाना ढूँढा।

मैं: मम्मी मेरे रूम में बेडशीट चेंज कर दो।

मम्मी: तेरे पापा के जाने के बाद कर दूँगी।

मैं: मम्मी प्लीज अभी कर दो।

मम्मी: ठीक है। जाती हूँ। लेकिन तूने रूम में योगेश जी को तो नहीं छिपा रखा।

मैं: नहीं मम्मी। रूम में कोई नहीं है।

मम्मी: जाती हूँ। और मम्मी मेरे रूम में गईं। तो मैं भी मम्मी के पीछे पीछे गया। और रूम में जाते ही मम्मी।

मम्मी: बेटा ला बेडशीट।

मैं: मम्मी अंदर वाले रूम में रखी है। आप ले लो।

मम्मी: तू ला दे।

मैं: मम्मी आप ले आओ।

फिर मम्मी जैसे ही पर्दा हटाकर अंदर वाले रूम में गईं। तो वहाँ अंकल थे। और अंकल को देखते ही। आप यहाँ।

अंकल: हाँ जान। और अंकल मम्मी को चूमने लगे।

मम्मी: योगेश जी क्या कर रहे हो। आप यहाँ कैसे आए। अंकुश ने मुझसे झूठ बोला।

अंकल: मैंने ही उससे कहा था। तुझे अंदर भेजने के लिए।

मम्मी: मैं अंकुश को अभी बताती हूँ। मम्मी से झूठ बोला।

अंकल: उस बेचारे को क्यों। उसने तो अच्छा काम किया है।

मम्मी: रुकिए योगेश जी। अभी नहीं। अभी वो मादरचोद नामर्द नामर्द बाहर है। लैपटॉप पर काम कर रहा है। रात को करेंगे।

अंकल: यार अब तो मुझे योगेश जी मत कहा करो।

मम्मी: क्यों। योगेश जी न कहूँ तो क्या कहूँ।

अंकल: यार अच्छा नहीं लगता।

मम्मी: अच्छा। तो फिर आप ही बताएँ। आपको मैं क्या कहूँ।

अंकल: जैसे औरतें अपने पति को बुलाती हैं। अगर तुम चाहो तो मुझे नाम से बुला सकती हो।

मम्मी: अच्छा जी। अब आपको मेरे मुँह से ये सुनना है।

अंकल: हाँ वर्षा। मुझे कुछ भी कहो। पर योगेश जी मत कहो। भले ही योगेश बोलो। पर जी मत लगाओ मेरे नाम के साथ।

मम्मी: अंकल की आँखों में देख कर मुस्कुरा कर। अच्छा। अगर आप चाहते हैं कि मैं आपको योगेश जी नहीं कहूँ। तो पहले आप इस प्रॉब्लम का हल निकालिए। फिर आप जो कहेंगे करूँगी। जो कहेंगे बोलूँगी। मेरी मम्मी के इतना कहने पर अंकल मेरी मम्मी को चूमते बोले।

अंकल: कौन सी प्रॉब्लम।

मम्मी: उस मादरचोद नामर्द नामर्द का लंड सिर्फ एक बार खड़ा हो जाए। ताकि मैं आपका रस बिना कंडोम के अपनी चूत में लेकर आपके वीर्य से अपनी चूत की प्यास बुझा सकूँ। फिर मुझे प्रेग्नेंसी का डर नहीं लगेगा।

अंकल: सच वर्षा।

मम्मी: मेरी मम्मी ने हाँ में अपना सिर हिला दिया।

अंकल: मैं आज ही किसी डॉक्टर से मिलूँगा।

और फिर मम्मी ने अंकल को किस करने लगीं।

और फिर थोड़ी देर किस के बाद मम्मी बोलीं। अब मैं चलती हूँ। वो बाहर है। और मम्मी अंदर वाले रूम से बोलीं। और बाहर वाले में मेरे सामने आईं। और मुझे गाल पे मुस्कुराते हुए एक चांटा मारा।

मम्मी: शर्म नहीं आती है। मम्मी से झूठ बोलने में।

मैं: सॉरी मम्मी।

मम्मी: इट्स ओके बेटा। चल। और फिर मैं मम्मी बाहर आ गए हॉल में। पापा अभी भी काम कर रहे थे।

फिर पापा बोले। बेटा मैं रूम में जा रहा हूँ। आज मैं ऑफिस नहीं जाऊँगा।

फिर क्या। पापा पूरे दिन घर पे रहे। और बेचारे अंकल को अपने घर जाना पड़ा।
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