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Fantasy Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font
#58

update 52

मम्मी: योगेश जी बस कीजिए ना। अभी इनको चूसना। रात को जी भर कर चूस लीजिए। अब डाल दीजिए ना अंदर। कहीं ऐसा न हो कि वो नामर्द फिर आ जाए। लेकिन अंकल मेरी मम्मी की बातों को सुने बिना ही मेरी मम्मी के एक संतरे को मुँह में भर कर चूस रहे थे। जबकि दूसरे को अपने हाथ में दबा कर मसल रहे थे।

मम्मी: योगेश जी अब अगर यही आपको करना है तो मैं जा रही हूँ। आप ये सब रात को जितना आपका दिल करे चूस लीजिए।

अंकल: यार करता हूँ। और अंकल मेरी मम्मी की पैंटी को पकड़ कर मेरी मम्मी की टाँगों से बाहर निकाल कर मेरी मम्मी को एकदम नंगी कर दिया। और अपने अंडरवियर को उतार कर अपना लंड बाहर निकाल लिया। और मेरी मम्मी की टाँगों के बीच आने लगे। तो मेरी मम्मी ने कहा। ये क्या। वो तो चढ़ा लीजिए पहले।

अंकल ने भी उस समय वक्त की नजाकत को समझते हुए कुछ नहीं बोले। और अपने लंड पर कंडोम चढ़ा कर मेरी मम्मी की टाँगों के बीच आ कर अपने लंड को मेरी मम्मी की चूत पर टिका दिया। और एक ही धक्के में अपना पूरा लंड जड़ तक मेरी मम्मी की चूत में पहुँचा दिया।

अंकल के हर धक्के से मेरी मम्मी नीचे से सिसक पड़ती हैं। काफी देर चुदाई के बाद मेरी मम्मी अब झड़ने के काफी करीब थीं।

मेरी मम्मी: आह... करतीं। योगेश जी कितना अंदर तक घुसोगे। आह... बड़ा अंदर तक जा रहा है। उई माँ। मेरा निकलने वाला है योगेश जी। और फिर मेरी मम्मी तो जल्दी ही झड़ गईं। लेकिन अंकल अभी भी मेरी मम्मी के ऊपर चढ़े। मेरी मम्मी की चूत के ऊपर धक्कों की बरसात कर रहे थे।

मेरी मम्मी जानती थीं कि योगेश जी जब उन्हें घोड़ी बना कर उनको चोदते हैं तो उनका माल जल्दी निकल जाता है। इसलिए मम्मी ने अंकल को रोका। तो अंकल।

अंकल: यार अब क्या हुआ।

तो मेरी मम्मी ने कहा।

मम्मी: योगेश जी अगर मैं इसी तरह नीचे लेटी रही तो आपका निकलेगा नहीं। लीजिए मैं घोड़ी बनती हूँ। और मुस्कुराते हुए अपने हाथों को आगे करके अंकल के सामने घोड़ी बन गईं। और अंकल मेरी मम्मी के पीछे आ कर मेरी मम्मी की कमर को थाम कर मेरी मम्मी को चोदने लगे। उनके धक्कों और मुँह से निकलती सिसकियों से मुझे तो पता लग गया था कि अंकल का लावा किसी भी पल मेरी मम्मी के अंदर अपनी आग उगल सकता है। और करीब 15 से 20 मिनट बाद अंकल का ज्वालामुखी फूट पड़ा। और वो भी झड़ गए। कुछ देर बाद वो मेरी मम्मी पर से उतरे। तो मेरी मम्मी ने उनके लंड से कंडोम उतार कर बेड के पास फेंक दिया। और उनके लंड पर लगे वीर्य को अपनी ही ब्रा से साफ कर दिया। मेरी मम्मी और अंकल दोनों के बदन उस समय पसीने से लथपथ थे। और वो दोनों ही लंबी लंबी साँसें ले रहे थे। कुछ देर ऐसे ही एक दूसरे की बाँहों में लिपटे रहे।

जब उन दोनों की साँसें कुछ ठीक हुईं। और मेरी मम्मी अंकल के साथ लेटी थीं। तभी मेरी मम्मी ने अंकल से कहा।

मम्मी: योगेश जी मैं तुमसे हर बार जब तुम कहते हो मैं चुदवाती हूँ। लेकिन आप मुझे उसके घर में रहते हुए मत चोदा करो। मुझे डर लगता है।

अंकल: डरती क्यों हो। अंकुश के होते हुए। देखो वो बाहर रूम में बैठा हमारी चुदाई की पहरेदारी कर रहा है। फिर भी तू डरती हो उस नामर्द से। मैं जाकर अभी उस नामर्द की गाँड में मेरा लंड डालकर उसकी गाँड फाड़ देता हूँ।

मम्मी: मजाक छोड़िए। मुझे उसकी घर में मौजूदगी में डर लगता है। और आप मुझे अंकुश से कहकर अपने घर बुलाया करो। जब नामर्द घर पर हो तब।

अंकल: जो हुक्म मेरी सरकार। अच्छा ये बताओ आज रात को कहाँ सोओगी।

मम्मी: ( शर्माते हुए) आप भी ना। कैसे सवाल पूछते हो। मैं उस नामर्द की वाइफ हूँ। तो उस नामर्द के साथ ही सोऊँगी।

अंकल: नहीं। मेरे साथ ही सोना। कल भी तो सोती थी रात को मेरे साथ।

मम्मी: अरे रोज थोड़े ही पॉसिबल है। वो तो कल अंकुश ने उस नामर्द से बोला। आज मम्मी मेरे साथ सोएगी। तो उस नामर्द ने मुझे उसके रूम में सोने भेज दिया। और अंकुश ने मुझे अंदर वाले इस रूम में आपके साथ चुदवाने भेज दिया। लेकिन ऐसा रोज नहीं हो सकता।

अंकल: तो मैं क्या करूँ।

मम्मी: कुछ नहीं। बस दिन में आपके घर आकर आपके साथ चुदवा लूँगी। और आप सोने दोगे तो आपके साथ सो भी लूँगी। लेकिन सिर्फ दिन में। रात को तो उस नामर्द के साथ ही सोऊँगी।

अंकल: ठीक है। ऐसा कर लेना। एक रात मेरे साथ। और एक रात उस नामर्द के साथ।

मम्मी: क्या ऐसा होता है। बीवी एक दिन पति के साथ। और दूसरे दिन किसी और के साथ। क्या आपको लगता है वो मुझे आपके साथ सोने देगा।

अंकल: हाँ। क्योंकि वो यही जानता है उसकी बीवी उसके बेटे के साथ सोएगी। उसे ये थोड़ी पता है कि तुम मेरे साथ सोओगी।

मम्मी: यार मैं ऐसा नहीं कर सकती हूँ। अगर मैं एक रात उसके साथ। और एक रात इस रूम में। तो वो शक करेगा। आखिर क्या चल रहा है। वो फिर जासूसी न कर ले। क्योंकि वो सोचेगा अब अंकुश क्यों उसकी माँ को एक रात अपने रूम में सुला रहा है। वो समझ जाएगा कुछ गड़बड़ है।

अंकल: तो फिर। समझता ही तो समझने दीजिए ना। ये गलत थोड़े ही है। हम प्यार करते हैं एक दूसरे से। और वो नामर्द होकर क्या कर लेगा। जब वो 19 साल से अपनी बीवी की चूत में लंड नहीं डाल सका।

मम्मी: योगेश जी वो तो ठीक है। 19 साल से इस चूत में उसने एक बार भी लंड नहीं डाला। लेकिन उसने मेरे साथ शादी की है। इसलिए रात को मैं उसके साथ ही सोऊँगी। मेरी मजबूरी है इस नामर्द के साथ सोना।

अंकल: नहीं वर्षा। मैं तुम्हें अपनी बीवी मानता हूँ। भले ही हमारी शादी नहीं हुई। और मैं मेरी बीवी किसी पराये मर्द के साथ सोए। मुझे पसंद नहीं है।

मम्मी: वो पराय मर्द नहीं है। उससे मेरी शादी हुई है।

अंकल: लेकिन उसने पति का फर्ज तो नहीं निभाया। क्या वो तुम्हारी चुदाई करता है।

मम्मी: आप भी हिसाब कर रहे हो। वो क्या सोचेगा मेरी बीवी किसी पराये मर्द के साथ सोती है। और कोई भी पति अपनी पत्नी को किसी गैर मर्द के साथ बिस्तर पर सोने की परमिशन नहीं दे सकता है।

अंकल: वो तुम्हें किसी पराये मर्द के साथ सोने की नहीं बल्कि अपने बेटे के साथ सोने की परमिशन देगा। उसे क्या पता उसका बेटा ही उसकी माँ को अंदर वाले रूम में भेजकर मुझसे चुडवाएगा अपनी वर्षा मम्मी को। और वो नामर्द भी जानता है। एक बेटा अपनी माँ को अपने साथ सुलाने की हिम्मत कर सकता है अपने पिता से। और एक माँ अपने बेटे के साथ तो सो सकती ही ना।

अंकल: बोलो ना मेरे अंकुश की मम्मी। मैं सही कह रहा हूँ।

मम्मी: मुस्कुरा कर। आप भी ना योगेश जी। बड़े वो हो। किसी न किसी तरह से अपनी बात मनवा ही लेते हो। वैसे मैं आपको इस से पहले बुद्धू ही समझती थी।

अंकल: मेरी जान। ये सब तुम्हारी संगत का ही नतीजा है।

मम्मी: ठीक है। लेकिन आज रात को उस बार्स के साथ सोऊँगी। और कल से आप अंकुश से कह देना। वो मुझे आपके साथ सुला देगा। उसके नामर्द बाप से परमिशन लेकर।

अंकल: ठीक है। आज रात तुम उसके साथ सो जाओ। लेकिन मैं रात को तुम्हें कॉल करूँगा तुम्हें। अपना फोन वाइब्रेटर पे रखना।

मम्मी: क्यों।

अंकल: अंकल रात को लंड खड़ा होगा। तो इसको शांत करने के लिए।

मम्मी: आप भी। मैं कैसे आऊँगी। अगर मेरे आने के बाद उसकी नींद खुल गई। और मैं उसके साथ बिस्तर पर नहीं मिली। तो क्या होगा जानते हो आप।

अंकल: मैं अंकुश को बता दूँगा। वो संभाल लेगा।

मम्मी: ठीक है।

अंकल: जान एक बात ध्यान रखना। वैसे तो पिछले 19 साल से उसका लंड खड़ा नहीं हुआ है। फिर भी अगर उसने तुम्हें छूने की कोशिश की। तो मुझे बता देना। मैं उस नामर्द की गाँड फाड़ दूँगा।

मम्मी: इसकी जरूरत नहीं पड़ेगी। क्योंकि उसकी लुल्ली पिछले 19 साल में खड़ी नहीं हुई। तो अब क्या होगी। और अगर हुई भी। और उस मादरचोद नामर्द नामर्द ने कुछ करने की कोशिश भी की। तो मैं खुद उसकी लुल्ली को काट काट के चूरा बना कर रख दूँगी। क्योंकि मैं अब सिर्फ तुम्हारी हूँ। उस नामर्द की तो नाम की बीवी हूँ।

अंकल: शरारत से। जान। और अगर मैंने कुछ करने की कोशिश की तो क्या। मेरा भी।

मम्मी: क्या आप भी। अगर आपने कुछ करने की कोशिश की ना। तो आपको अपनी बाँहों में भर लूँगी। और ये कहकर मेरी मम्मी फिर से अंकल से लिपट गईं।

अंकल: अरे सो जाओ। पर कोई बहाना बना के पास मत आने देना। तुम सिर्फ मेरी हो। ये बात याद रखना। उस नामर्द से कम से कम 2 फीट की दूरी बनाकर रखना।

मम्मी: ठीक है। और मैं आपसे वादा करती हूँ। अगर उसने मुझे हाथ भी लगाया। तो मुझसे बुरा कोई नहीं होगा।

अंकल: अच्छा मेरी जान। और रात को साड़ी मत पहन कर सोना।

मम्मी: साड़ी क्यों नहीं।

अंकल: यार खोलने में दिक्कत होती है। साड़ी के साथ इतना कुछ तो पहनती हो तुम। बस कोई बढ़िया सी नाइटी पहन लेना। और मैं फोन करूँ तो अंकुश के रूम में आ जाना।

मम्मी: केवल मैं अकेली ही नहीं पहनती। बल्कि सब औरतें पहनती हैं। और बाय द वे मैं रात में उसके सामने नाइटी क्यों पहनूँ।

अंकल: यार उतारने में आसानी होती है ना।

मम्मी: क्या योगेश जी आप भी। नाइटी। और उसके सामने। जानते हैं मेरे पास कैसी नाइटी है। जिसमें सब दिखता है। जो आपने दिलवाई है। वो मुझसे पूछेगा। ये नाइटी तेरे पास कैसे आई।

अंकल: क्या मजा भी तो तभी आता है जब औरत ऐसे ही अपना बदन दिखाए। और उस मादरचोद नामर्द नामर्द से कह देना। अंकुश के साथ मार्केट गई तो ले आई।

मम्मी: अगर आपको मुझे वैसी ही नाइटी में देखने की इच्छा है। तो 1 हफ्ता रुकिए। फिर मैं अंकुश के रूम में आपके पास सोऊँगी। फिर रात भर देखते रहना।

अंकल: यार 1 हफ्ता कौन रुकेगा। मुझे तो आज रात ही तुम चाहिए वर्षा। और रही बात अंकुश के रूम में सोने की। तो अंकुश के रूम में तो जब तुम आओगी। तो तुम्हें अपने हाथों से नंगी करके नाइटी पहनाऊँगा। सरकार। इस काम के लिए ये नौकर जो है।

मम्मी: मुस्कुरा कर। आप पहनोगे या उतारोगे। और।

अंकल: पहले साड़ी पेटीकोट ब्लाउज ब्रा पैंटी उतारूँगा। फिर नाइटी पहनाऊँगा। फिर नाइटी फाड़कर उतारूँगा। और मम्मी अंकल दोनों हँसने लगे।

मम्मी: वैसे योगेश जी। आप एक रात बिना किए रुक नहीं सकते।

अंकल: यार तुम बताओ। तुम रुक सकती हो।

अंकल के इस सवाल पर मेरी मम्मी शर्म से अपना मुँह अंकल की छाती में छुपा लिया। असल में अब मेरी मम्मी को भी इसकी आदत हो गई थी।

तभी दरवाजे पर नॉक हुआ।

पापा: बेटा अंकुश। तेरी मम्मी क्या कर रही है।

पापा की आवाज से अंदर रूम में मम्मी अंकल दोनों डर गए। क्योंकि हमेशा की तरह मम्मी अंकल दोनों नंगे ही थे। दोनों चुप थे। और मैं भी बाहर वाले रूम में चुप था। लेकिन पापा ने फिर से आवाज दी।

पापा: अंकुश बेटा।

फिर मैंने जवाब देना उचित समझा।

मैं: हाँ पापा। मैं प्रोजेक्ट रेडी कर रहा हूँ। और मम्मी मेरी मदद कर रही है।

पापा: वर्षा को बाहर भेज। मुझे कुछ काम है।

मैं: पापा अभी आप आधा घंटा रुकिए। मम्मी नहीं आ सकती हैं। वो मेरी मदद कर रही हैं। जब तक आप वेट करो बाहर हॉल में। प्लीज पापा।

पापा: ओके बेटा।

अंकल उठे। और मेरी मम्मी से बोले। अच्छा हुआ वर्षा कि अंकुश ने सब संभाल लिया।

मम्मी: मैं तो आप से पहले ही कह रही थी। आपको तो बस एक ही काम। जब भी जरा सा मौका मिला मुझे नंगी कर दिया। और चढ़ गए। बोलती हूँ वो घर पर है। आ जाएगा। अगर करना है तो ऐसे ही कर लो। नहीं। आपको तो मुझे पूरी नंगी किए बिना मजा ही नहीं आता।

अंकल: यार अब तुम भाषण मत दो ना। मैं कोई किसी दूसरे की बीवी को नंगी कर रहा। अपनी बीवी को नंगी किया है। और तुम भी डाँट रही हो।

मम्मी: ओह। क्या कहा। अपनी बीवी। आप भूल रहे हैं। मैं आपकी नहीं। उसकी बीवी हूँ सबके सामने। और आपकी अकेले में बंद कमरे में।

अंकल: अच्छा। अब तुम कपड़े पहनो।

मम्मी: अच्छा योगेश जी। मैंने तो आप से पहले ही कहा था कि अभी मत करिए। वो अभी भी घर में ही है। पर आप कहाँ मानते हैं नहीं। आप तो बस अपना लंड निकाल कर मेरे ऊपर चढ़ जाते हैं। आप तो जानते हैं कि मैं आपको रोक नहीं सकती।

अंकल: ठीक है जान। अब कपड़े पहनो।

और फिर दोनों कपड़े पहनने लगे। मम्मी कपड़े पहन चुकी थीं। लेकिन अंकल नंगे थे। और उन्होंने मम्मी को अपने ऊपर खींच लिया बेड पर। और फिर मम्मी भी अंकल की छाती पर किस करने लगीं।

फिर थोड़ी देर अंकल के ऊपर से मम्मी उठीं। और अपनी साड़ी ठीक करते हुए बाहर वाले रूम में आईं। जहाँ मैं बैठा था। और मम्मी ने आते ही मुझसे कहा। बेटा योगेश जी को बाहर निकाल।

मैं: मम्मी आप बाहर जाओ। और पापा को रूम में ले जाओ। मैं अंकल को बाहर निकाल दूँगा। फिर मम्मी मेरे रूम से बाहर निकल गईं। और पापा को लेकर उनके रूम में चली गईं।

फिर मैंने अंकल को भी निकाल दिया। शाम को मम्मी डिनर बना रही थीं। तभी मुझे अंकल मैसेज आया। मैं आ रहा हूँ।

मैं: नहीं। पापा घर हैं।

अंकल: बस थोड़ी देर। तू उसे किसी बहाने से बाहर निकाल। और अंकल को मैं रोक नहीं पाया। और अंकल आ गए। लेकिन वो सीढ़ियों में छिपे थे। मैंने अंकल को देख लिया।

फिर मैंने पापा से कहा। पापा मेरे रूम का एसी खराब है। आप चेक कर दो।

पापा: मैं अभी चेक कर लेता हूँ।

मेरे कहने पर पापा मेरे रूम में गए। और एसी को चेक करने लगे।

और फिर अंकल मुझे बोलकर। ध्यान रखना। और किचन में घुस आए।

उस समय मेरी मम्मी ने लाइट पिंक कलर का ब्लाउज साड़ी पहन रखा था। और ब्लाउज थोड़ा आगे से छोटा था। जिसमें से मेरी मम्मी की ब्रा पूरी तरह से दिख रही थी। और मम्मी ने अपनी साड़ी को कंधे पर इस तरह से डाल रखा था। जिससे उनकी चुचियाँ एक परफेक्ट शेप में दिख रही थीं। अंकल पीछे से आए। और अपनी बाँहें मेरी मम्मी की कमर में डाल कर मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में भर लिया। और भूखों की तरह अपने होठ मेरी मम्मी की पीठ पर रगड़ने लगे। और कभी मेरी मम्मी के कानों को अपने होठों में दबा लिया। और मस्त नशीली आवाज में बोले। वर्षा... अब रहा नहीं जा रहा...

मम्मी: शिकायत के लहजे में। मिल गई फुर्सत आपको। आ गई मेरी याद।

अंकल जी: यार क्या कह रही हो तुम। कोई भूलने की चीज हो। यार तुम मेरी जान हो। वो बस थोड़ा बात को समझो। ये मेरे दिल से पूछो कि तुम्हारे बिना मेरे दिल पर क्या गुजर रही थी। और तुम मुझे ताने दे रही हो।

मम्मी: योगेश जी क्या कर रहे हैं... वो आ जाएगा... प्लीज छोड़िए ना। आप जानते हैं जब आप इस तरह से करते हैं तो मुझसे कंट्रोल नहीं होता। आह...

अंकल: (आँखें बंद मदहोशी में मेरी मम्मी के गाल और गले को चूमते) यार तुम उसकी चिंता मत करो। अंकुश ने उस मादरचोद नामर्द नामर्द को एसी ठीक करने भेजा है... मम्म... वर्षा। माई लव... आई लव यू... जान...
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Mummy aur Uncle. Part 2 in hindi font - by Rahulraj306 - 21-08-2026, 03:05 PM
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