Yesterday, 08:58 PM
update 47
रात को खाने के बाद मैंने पापा से कहा। पापा आज मम्मी मेरे साथ रूम में सो जाएँगी।
मम्मी मेरी तरफ देखने लगीं।
पापा: क्यों बेटा।
मैं: पापा वो क्या। मम्मी पिछले 10 दिनों से मेरे साथ सो रही हैं। इसलिए आदत हो गई।
पापा: ओके बेटा। और मम्मी से बोले। वर्षा तू अंकुश के साथ सो जाना। और पापा खाना खा कर अपने रूम में चले गए।
मम्मी: बेटा मुझे अपने रूम में क्यों सुला रहा है।
मैं: मम्मी ताकि आप कंप्यूटर सीख जाओ।
मम्मी: बेटा इसका मतलब तू योगेश जी को बुला रहा है।
मैं: हाँ मम्मी।
मम्मी: नहीं बेटा। मुझे कंप्यूटर नहीं सीखना। और तेरे पापा घर में हैं। इसलिए नहीं।
मैं: मम्मी मैं हूँ ना। आप क्यों टेंशन ले रही हो।
मम्मी: नहीं बेटा। दिन में सीख लिया कंप्यूटर। अब मुझे भी सोना है।
मैं: मम्मी सो जाना। एक दो घंटे कंप्यूटर सीख लेना। फिर सो जाना।
मम्मी: नहीं बेटा।
मैं: मम्मी प्लीज। मैंने अंकल को बोल दिया आने को।
मम्मी: नहीं बेटा। और मैं कंप्यूटर सीखूँगी तो तेरी नींद भी डिस्टर्ब होगी। और रात को तेरे पापा ने आकर तेरा रूम चेक किया तो योगेश साथ में मिलेगा। तो मैं फँस जाऊँगी।
मैं: मम्मी अंकल को छुपा देंगे।
मम्मी: बेटा वो मुझे कंप्यूटर सिखाएँगे तो टू की लाइट चालू रहेगी। तो तुझे भी नींद नहीं आएगी।
मैं: मम्मी आप भूल रही हो। मेरे रूम के अंदर एक छोटा रूम भी है। मैं उसमें सो जाऊँगा। आप बाहर वाले रूम में कंप्यूटर सीखना अंकल से।
मम्मी: नहीं बेटा। मैं अकेली रहूँगी योगेश के साथ बाहर वाले रूम में। तो वो मुझे छेड़ेंगे।
मैं: मम्मी अंकल कुछ नहीं करेंगे आपकी परमिशन के बिना। और आप अंकल का प्रपोजल एक्सेप्ट कर लो।
मम्मी: नेवर बेटा। मैं तेरे पापा के अलावा और किसी मर्द के साथ अपने बदन को।
मैं: मम्मी आप भी। पापा आपको प्यार नहीं करते हैं।
मम्मी: बेटा वो मुझे बहुत प्यार करते हैं।
मैं: मैं मम्मी का हाथ अपने सिर पे रखवाकर बोला। खाओ मम्मी मेरी कसम। पापा आपको प्यार करते हैं।
मम्मी ने अपना हाथ मेरे सिर से हटाया। और बोलीं। तो इसका मतलब मैं किसी गैर मर्द के नीचे सो जाऊँ। और वेश्या बन जाऊँ।
मैं: नहीं मम्मी। अंकल आपकी बहुत प्यार करते हैं। वो आपको सम्मान देंगे।
मम्मी: पति के अलावा किसी दूसरे मर्द के साथ रहना वेश्या होता है।
मैं: नहीं मम्मी। अंकल आपको पत्नी का दर्जा देंगे।
मम्मी: नहीं बेटा। मैं समाज की नजरों में तेरे पापा की बीवी हूँ।
मैं: मम्मी जिद छोड़ो। अंकल के प्यार को एक्सेप्ट कर लो।
मम्मी: नेवर।
मैं: ठीक है मम्मी। पर कंप्यूटर सीखो।
मम्मी: बेटा तू अंदर वाले रूम में सोएगा। और वो मुझे बाहर वाले रूम में अकेले में छेड़ेंगे।
मैं: मम्मी अंकल ने मुझसे वादा किया है। वो आपकी परमिशन के बिना कुछ नहीं करेंगे।
मम्मी: मानती हूँ। वो चाहते तो पिछले 6 महीनों में मेरे साथ वो सब कुछ कर लेते। लेकिन उन्होंने नहीं किया। वो मुझसे भी यही कहते हैं। जो भी करूँगा वर्षा तेरी परमिशन से ही करूँगा। लेकिन बेटा वो मुझे सेड्यूस करने की कोशिश करते हैं।
मैं: मम्मी कैसे।
मम्मी: नालायक। शर्म नहीं आती मम्मी से पूछते हुए।
मैं: प्लीज मम्मी बताइए।
मम्मी: वो मुझे कंधे पर हाथ रखते हैं। और।
मैं: और कहाँ मम्मी।
मम्मी: नहीं बताऊँगी।
मैं: बताइए मम्मी।
मम्मी: मैंने तुझे लैपटॉप में दी थी रिकॉर्डिंग। देख लेता। क्यों नहीं देखी।
मैं: मम्मी वो आपकी प्राइवेसी थी। मैं आपकी प्राइवेसी नहीं देखूँगा।
मम्मी: प्राइवेसी नहीं देखेगा। लेकिन पूछेगा। पूछते हुए शर्म नहीं आती। और रिकॉर्डिंग देखने में शर्म आती है।
मैं: मम्मी बताओ।
मम्मी: बोला ना। नहीं बताऊँगी। रिकॉर्डिंग देख ले।
मैं: मम्मी आप मेरी मम्मी हो। मैं आपकी रिकॉर्डिंग नहीं देखूँगा।
मम्मी: बेटा रिकॉर्डिंग देख ले। उसमें हमने कुछ नहीं किया है। उन्होंने मेरे कपड़े नहीं उतारे। जो तुझे शर्म आ रही है।
मैं: नहीं मम्मी। मैं आपको अंकल के साथ की रिकॉर्डिंग नहीं देखूँगा। भले ही आप दोनों ने कुछ नहीं किया।
मम्मी: अच्छा बच्चू। तुझे मेरी रिकॉर्डिंग जिसमें मैंने कपड़े नहीं उतारे। उसे देखने में शर्म आ रही है। और मम्मी को उनके साथ नंगी करवाकर सुलाने में शर्म नहीं आएगी। जब वो मुझे नंगी करके मेरे ऊपर।
मैं: मम्मी आपको प्यार की जरूरत है।
मम्मी: जब प्यार की जरूरत है तो रिकॉर्डिंग देख ले।
मैं: मम्मी देख लूँगा बाद में। पहले आप अंकल से कंप्यूटर सीख लो।
मम्मी: मैं जानती हूँ तू बहुत जिद्दी है। एक दिन तू मुझे नंगी करवा कर ही रहेगा।
मैं: मम्मी अंकल आपको प्यार करेंगे।
मम्मी: बेटा अब मैं रूम में जाकर तेरा रूम ठीक करती हूँ। और मम्मी रूम में चली गईं।
फिर मैं पापा के रूम में गया। पापा सो रहे थे। शायद थकान के कारण। फिर मैंने पापा के रूम का गेट बाहर से कुंडी लगा दी। फिर अंकल को कॉल करके बुलाया। अंकल रेडी थे। वो सिर्फ 2 मिनट में छत से सीढ़ियों से आ गए। और आते ही पूछा। वर्षा कहाँ है। मैंने कहा। मम्मी मेरे रूम में हैं। और अंकल सीधा मेरे रूम में चले गए।
फिर थोड़ी देर बाद करीब 10 मिनट तक दोनों बाहर नहीं आए। तो मैं मेरे रूम के गेट पे गया। जहाँ गेट खुला था। लेकिन पर्दा लगा था। मैंने थोड़ा सा पर्दा साइड किया। और अंदर देखने लगा। अंदर सीन ऐसा था।
मेरी मम्मी अपने होठों से अंकल के होठों को चूस रही थीं। या कहूँ दोनों एक दूसरे के होठों को चूस रहे थे।
दोनों एक दूसरे के होठों को बड़े ही जोरों से चूस रहे थे।
फिर थोड़ी देर बाद मम्मी ने अंकल के होठों को छोड़ा। और अंकल की आँखों में आँखें डालकर बोलीं।
मम्मी: अब दोबारा ऐसा मत बोलना। नहीं तो मैं मर जाऊँगी। (पता नहीं अंकल ने क्या बोला था। क्योंकि मैं 10 मिनट के बाद देखने लगा था।)
मेरी मम्मी की बात सुनकर अंकल मेरी मम्मी का चेहरा अपने हाथों में लिया। और अपनी आँखों को मेरी मम्मी की आँखों में डालते बोले। इतना प्यार करती हो। तो मेरी मम्मी ने हाँ में गर्दन हिला दी। और जैसे अंकल ने अपने होठों को मेरी मम्मी के होठों की ओर बढ़ाया। मेरी मम्मी ने भी अपने होठों को उनके होठों पर रख कर चूमने लगीं। मेरी मम्मी और अंकल दोनों के होठ एक दूसरे के होठों का रस चूस रहे थे। जबकि हाथ एक दूसरे के बदन को सहला रहे थे।
अचानक मम्मी ने अपने होठों को फिर से हटा लिया। तो अंकल ने।
अंकल: अब क्या हुआ।
मम्मी: बाहर अंकुश बैठा है।
अंकल: उससे क्या करना। उसी की वजह से उसी ने तो हमारा मिलन करवाया है।
मम्मी: अरे मैं उससे नहीं। उसके नामर्द बाप से डर रही हूँ। गेट खुला है। और वो आ गया तो।
अंकल: उस मादरचोद की गाँड फाड़ दूँगा। और तुझे उसी के सामने चोदूँगा।
मम्मी: बीवियों की तरह बोलीं। अब आप मार खाएँगे। और फिर हम दोनों हँसने लगे।
अंकल: क्यों। बुरा लगा। तेरे नामर्द पति की गाँड फाड़ने का बोला तो।
मम्मी: नहीं। अच्छा लगा। फाड़ देना। पर उसके सामने मुझे मत चोदना।
अंकल: अब तू सिर्फ मेरी है।
मम्मी: हाँ। अब सिर्फ आपकी हूँ। और जिंदगी भर आपकी रहूँगी। आपकी रखैल। आपकी वेश्या। वर्षा वेश्या।
अंकल: अब और सब्र नहीं हो रहा है। जल्दी कर।
मम्मी: रुको। पहले अंकुश को अंदर वाले रूम में भेजते हैं।
अंकल: क्या। अंकुश अंदर वाले में सोएगा।
मम्मी: हाँ।
अंकल: नहीं। हम अंदर सोते हैं। अगर रात में तेरा बाप जाग गया तो अंकुश इस रूम में रहेगा। तो वो संभाल लेगा।
मम्मी: आप सही कह रहे। पर एक प्रॉब्लम है।
अंकल: क्या।
मम्मी: अंदर वाले में बाथरूम नहीं। सिर्फ इसी रूम में है। और अंदर वाले रूम का गेट भी इसी रूम से है।
अंकल: मैं समझ गया। तू रात भर नंगी रहेगी। तो नंगी बाथरूम जाने के लिए तुझे इस रूम में आना पड़ेगा।
मम्मी: हाँ। और इस रूम में अंकुश रहेगा। पता नहीं वो उस समय सोता रहेगा या जागकर मोबाइल में गेम खेलेगा।
अंकल: जब तुझे बाथरूम जाना होगा। मैं अंकुश को बोल दूँगा। वो सोने का नाटक कर लेगा। और तू नंगी बाथरूम आ जाना। और वैसे भी तू तेरे बेटे के सामने नंगी रह लेती है।
मम्मी: हाँ। बेटे के सामने नंगी रह लेती हूँ। लेकिन इस बात पर शर्म आएगी। मैं एक मर्द से चुदवाकर बेटे के सामने बाथरूम जाऊँगी।
अंकल: उससे बोल दूँगा। तेरे से कह रहा हूँ।
मम्मी: वो सोने का नाटक करेगा। पर मुझे तो पता रहेगा वो जाग रहा है।
अंकल: देख। सच्चाई तुझे भी पता है। तेरा बेटा तेरी चुदाई के बारे में जानता है। और उसे भी पता है उसी ने चुदाई करवाई है। ये तू भी जानती है। बस एक शर्म का पर्दा है। वो बना रहेगा। वो आँखें बंद कर लेगा। और तू बाथरूम हो आना।
मम्मी: ठीक है। फिर अंकल मुझे आवाज देते हैं।
अंकल: अंकुश बेटा अंदर आओ।
तो मैं अंदर जाता हूँ। जहाँ बेड पे मम्मी अंकल बैठे थे।
मैं: जी अंकल।
अंकल: बेटा अब तुम सो जाओ उसी रूम में। मैं तुम्हारी मम्मी को अंदर वाले रूम में कंप्यूटर सिखाऊँगा।
मैं: नहीं अंकल। अंदर वाले में सो जाऊँगा।
मम्मी: बेटा रात को अचानक तेरे पापा आ गए तो हम अंदर वाले में रहेंगे। तो तू बाहर वाले में रहेगा। तो तू तेरे पापा को संभाल लेगा।
मैं: ओके मम्मी। फिर अंकल ने मुझसे कहा। बेटा ये लैपटॉप अंदर रूम में रखकर आ। तो मैं लैपटॉप को अंदर वाले रूम में रख आया। जो मेरे रूम के अंदर एक छोटा रूम है। जिसका रास्ता इसी रूम से जाता है। और अंदर एक डबल बेड भी है। फिर वापस आया। तो अंकल मम्मी से बोले। चलो वर्षा।
मम्मी: नहीं। आज नहीं सीखना मुझे। डर है कहीं उसके पापा।
मैं: अंकल आप मम्मी का हाथ पकड़ कर ले जाइए। मम्मी डरती रहेंगी। मैं हूँ ना तो।
अंकल ने मेरे सामने मम्मी का हाथ पकड़ा। और रूम में ले गए। मम्मी पीछे मुड़कर मुझे देख रही थीं। और फिर अंदर रूम में जाते ही अंकल ने पर्दा लगा दिया। लेकिन गेट खुला था।
(दोस्तों आपको बता दूँ। अंदर रूम में कोई विंडो नहीं है। तो मैंने दो दिन पहले ही ये प्लान बनाया था। और अंदर वाले रूम में कैमरे लगवा दिए। विद स्पीकर। जो किसी को नहीं मालूम मेरे अलावा। तो पर्दे लगते ही मैं मोबाइल में देखने लगा। ईयरफोन लगाकर। ताकि उनकी आवाज भी मुझे साफ साफ सुनाई दे।)
अंकल बेडरूम में जाते ही अपना हाथ मेरी मम्मी की कमर में डाल दिया। और मेरी मम्मी को खींच कर अपनी बाँहों में भर लिया। और फिर अपने होठों को मेरी मम्मी के होठों पर रख के किस करने लगे। वो मेरी मम्मी के होठों को ऐसे चूस रहे थे जैसे उसका रस ही चूस जाना चाहते हों।
अंकल ने अपना ऊपर वाला होठ मेरी मम्मी के दोनों होठों के बीच रखा। और मेरी मम्मी उनके ऊपर होठों को अपने होठों में दबा कर चूसने लगीं। और अंकल मेरी मम्मी के नीचे वाले होठ को अपने होठों में दबा कर चूसने लगे। और उनके हाथ मेरी मम्मी की पीठ के नीचे होते होते साड़ी के ऊपर से मेरी मम्मी के चूतड़ों को सहलाने लगे। और कभी मेरी मम्मी के चूतड़ों को अपने हाथों में दबा देते। और कभी प्यार से थप्पड़ मार देते।
मेरी मम्मी आह... करतीं। डर भी रही थीं। क्योंकि उनका बेटा यानी मैं बाहर था कुछ ही दूरी पर। और रूम का गेट भी खुला था। हालाँकि मैं सब जानता हूँ। ये मम्मी भी जानती हैं। पर माँ बेटे के बीच जो पर्दा होता है शर्म का। वो बना रहे।
चुदाई चुदाई। चूत बनी है चुदने के लिए। और लंड बना है चूत फाड़ने के लिए। चूत लंड की गुलाम होती है। और लंड चूत का मालिक।
मम्मी: ये सही नहीं है। मुझे डर लग रहा है। अंकुश क्या सोचेगा हमारे बारे में।
अंकल: तेरे बहुत नखरे हैं। जिसने मुझे तेरी चूत दिलवाई। तू उसी से डरने का नाटक कर रही है। और उसी के सामने मैं तुझे हाथ पकड़ के अंदर लाया। और उसी ने बोला। मम्मी का हाथ पकड़कर ले जाओ। और उसी ने मुझे तेरी चूत चोदने का अधिकार दिया है। और तू कह रही है मुझे डर लग रहा है। क्या तू मुझसे चुदना नहीं चाहती है।
मम्मी: मैंने आपको कब मना किया है। और आपका मुझ पर पूरा हक है। मेरे बेटे ने ही आपको मुझे चोदने का हक दिया है। पर मैं तो ये कह रही थी। गेट खुला है। वो कहीं अंदर न जाए।
अंकल: वो अंदर नहीं आएगा। उसे पता है अंदर उसकी मम्मी मेरे लंड से चुदेगी पूरी रात भर।
मम्मी: मैं जानती हूँ। उसे पता है मैं आपसे पूरी रात चुदूँगी। लेकिन कहीं वो गाना सुनता हुआ गलती से अंदर आ गया तो।
अंकल: तो दरवाजा बंद करूँ।
मम्मी: वो क्या सोचेगा। मेरी मम्मी को चुदवाने की कितनी जल्दी है। रहने दीजिए।
अंकल: तो फिर शुरू करें।
मम्मी: नहीं। इसकी कोई जरूरत नहीं है। आज हम कुछ नहीं करेंगे। और मम्मी ने अंकल का हाथ पकड़ कर अपनी कमर पर रख मुस्कुराते हुए बोलीं। बस ऐसे ही सो जाते हैं। एक दूसरे की बाँहों में बाँहें डाले।
अंकल: नहीं यार। ऐसे नहीं। (गुस्से में) मैं वो बाहर बैठा है तो क्या हुआ। हम कुछ गलत थोड़े ही कर रहे हैं। उसी ने तो बोला है तेरी चुदाई के लिए।
मम्मी: फिर भी योगेश जी। वो मेरा बेटा है। एक मर्यादा होती है माँ बेटे के बीच की। मैं वो नहीं तोड़ सकती हूँ। हमने कंप्यूटर सीखने की एक पर्दा है। उसे बना रहने दो।
अंकल: तो क्या करूँ। गेट बंद कर दूँ।
मम्मी: नहीं। गेट बंद करने से कुछ नहीं होगा। असल में मैं अपने बेटे की नहीं बल्कि मेरे पति की चिंता है। वो सोया या नहीं। पहले उसे सोने दो। फिर।
अंकल: तो मुझे कैसे पता चलेगा तेरा पति सोया या नहीं।
मम्मी: देखो। वो अभी व्हाट्सएप पर ऑनलाइन है। मम्मी ने अपने व्हाट्सएप दिखाया।
अंकल: गुस्से में। क्या उस मादरचोद को यहाँ बुला कर अपने लंड पे बैठा लूँ। वर्षा यार तुम क्या मुझ पर इतना जुल्म क्यों कर रही हो। मेरी कौन सी गलती की सजा तुम मुझे दे रही हो।
कितना प्यार भरा था उनके दिल में मेरी मम्मी के लिए। कितनी तड़प थी। पता नहीं मेरी मम्मी को उनको तड़पने में और मजा आने लगा। तो सेक्सी तरीके से उनकी आँखों में देखते अदा से अपने बालों को पीछे करते बोलीं। योगेश जी। अगर आप उससे अपने लंड पर बैठा लोगे तो मैं कहाँ बैठूँगी।
अंकल: मेरी मम्मी की इस अदा पर मेरी मम्मी को अपने से चिपकाते। मेरी जान। अब तो इस पर तुम्हारा ही नाम लिखा है। अब तो तुम ही इस पर बैठोगी। तो आओ ना। बेड पर चलें।
मम्मी: पर योगेश जी। हम इतना रिस्क क्यों ले रहे हैं। पर अंकल कहाँ मानने वाले थे।
अंकल: वर्षा यार। अगर मैं उस मादरचोद को रूम में बंद करवा दूँ तो।
मम्मी: अच्छा। फिर देखूँगी। लेकिन मुझे पता है कि आप उस नामर्द को कमरे में बंद नहीं करवा पाओगे।
अंकल: क्यों नहीं बंद करा पाऊँगा।
मम्मी: क्यों मैं थी कह रही हूँ ना। मैं आप नहीं कर पाएँगे ना मेरे नामर्द पति को रूम में बंद।
अंकल: रुक। अभी करवाता हूँ तेरे नामर्द पति को रूम में बंद।
फिर अंकल ने मुझे जोर से आवाज दी। बोले। बेटा जाकर तेरे बाप को रूम में बंद कर दे। ताकि वो बाहर न निकले।
मैं: अंकल। मैंने आपके आने से पहले ही पापा को रूम में बंद कर दिया था। बाहर से कुंडी लगा दी थी।
अंकल: ओके बेटा।
अंकल मम्मी से। देखा। मैंने कहा था। तेरा बेटा असली पहरेदार है तेरी चुदाई का।
मम्मी: पता है। मुझे अपने उसे मेरी चुदाई का पहरेदार बना दिया है। अब इस गेट को भी बंद कर दो। नहीं तो वो ही पहरेदारी करता हुआ अंदर आ जाए। और अपनी मम्मी की चूत में लंड घुसता हुआ देख ले।
अंकल उठे। और गेट के पास आए। और बोले। बेटा मैं गेट बंद कर दूँ। ताकि तेरी मम्मी को अच्छे से कंप्यूटर सिखा दूँ।
मैं: हाँ अंकल। कर दीजिए।
फिर मम्मी ने मुझे आवाज दी। मैं अंदर गया गेट बंद होने से पहले।
मम्मी: बेटा गेट खुला रहने दो।
मैं: नहीं मम्मी। अंकल को गेट बंद करने दीजिए।
अंकल: हाँ बेटा। तेरी मम्मी को कंप्यूटर सीखने में असली मजा गेट बंद होने के बाद ही आएगा। और मुस्कुराने लगे।
मैं देख रहा था। मेरी मम्मी बड़े ध्यान से अंकल की बात को सुन रही थीं। कि वो कैसे उनके ही बेटे के सामने मजे की बात कर रहे थे। फिर अंकल ने मम्मी को आँख मार कर मेरे सामने अपने लंड को दबाने लगे। जिसे मम्मी और मैं देख रहे थे।
अंकल: बेटा तू जा। मुझे अब कंप्यूटर सिखाने दे। फिर मेरी मम्मी भी अंकल को लंड सहलाते देख उनकी तरफ देख कर मुस्कुराते हुए बेड से उठीं। और मिरर के सामने खड़ी हो कर अपने आप को संवारने लगीं। मैं भी वहीं था उनके दोनों के साथ छोटे रूम में। जिसमें बेड मिरर एसी भी था। सब था। लेकिन बाथरूम नहीं था।
मम्मी मेरे और अंकल के सामने ही मिरर के पास गईं। और मिरर के सामने खड़ी अपने बालों को संवार रही थीं। फिर मम्मी ने कहा। बेटा अब तू जा। और जाकर सो जा। फिर मैं जैसे ही बाहर निकला। अंदर वाले रूम से अंकल ने तुरंत गेट बंद कर दिया। और मैं मोबाइल में देख रहा था। गेट बंद करके अंकल सीधा मम्मी के पास गए। जो मिरर में अपने बाल संवार रही थीं। और मम्मी को अंकल पीछे से आते दिखायी दिए। तो मम्मी की अंकल से आँख मिलते ही मेरी मम्मी मुस्कुरा पड़ीं। तो बदले में वो मेरी मम्मी के पीछे आ कर अपना हाथ मेरी मम्मी की कमर में डाल कर मेरी मम्मी को अपने से चिपका कर अपने से कस लिया। और पीछे से आईने में मेरी मम्मी को देखने लगे।
मम्मी: योगेश जी। मैं तो आपको बहुत भोला समझती हूँ। लेकिन आप तो।
अंकल: मम्मी क्या जानूँ।
मम्मी: बड़े चालाक निकले। कैसे मेरे बेटे को अपने लंड दिखाकर बोल दिया। जा बेटा। मजा आएगा तेरी मम्मी को।
अंकल: मेरी मम्मी के कंधे और मेरी मम्मी के गालों को चूमते हुए बोले। यार ये सब तुम्हारे हुस्न का जादू है।
अंकल के इस तरह कंधे गालों और कान की लोब को चूसने से मेरी मम्मी भी गरम होने लगी थीं। मेरी मम्मी की भी साँसें तेज चलने लगी थीं। कि मेरी मम्मी ने घूम कर अपनी बाँहें अपने यार के गले में डाल दीं। और अपने होठों को अंकल के होठों पर रख कर चूमने लगीं।
मेरी मम्मी के इस तरह होठ चूमने पर अंकल कहाँ ये मौका छोड़ने वाले थे। और उन्होंने मेरी मम्मी के होठों को अपने होठों के बीच कैद कर लिया। और मेरी मम्मी के होठों का रस पीने लगे। मेरी मम्मी की साड़ी का पल्लू कब का मेरी मम्मी के बदन का साथ छोड़ चुका था। अंकल खड़े खड़े मेरी मम्मी को चूमते अपना हाथ मेरी मम्मी के ब्लाउज के ऊपर रख कर मेरी मम्मी के ब्लाउज के हुक खोलने की कोशिश करने लगे।
तो मेरी मम्मी भी मुस्कुराती उनसे अलग हुईं। और बोलीं। आप बेड पर चलिए। मैं आती हूँ। तो अंकल बोले।
अंकल: यार अब क्या है। आओ ना। देखो ये शाम से तुम्हारे लिए तड़प रहा है। मेरा नहीं तो कम से कम इस बेचारे का ही ख्याल कर लो।
अंकल की बात सुन मेरी मम्मी के चेहरे पर स्माइल आ गई। और मेरी मम्मी मुस्कुराते हुए अपने हाथ को बढ़ा कर पजामे में खड़े उनके लंड पर ले जा कर उसको सहलाते बोलीं।
मम्मी: योगेश जी। आपका हमेशा ही खड़ा रहता है। आज दिन में ही किया था। अब कोई बात नहीं। आप बेड पर चलिए। वहाँ आ कर इसको भी देखती हूँ। इस बार अंकल बिना कुछ कहे बेड पर चले गए।
मेरी मम्मी वहीं आईने के सामने खड़ी अपने होठों पर लिपस्टिक लगाने लगीं।
(दोस्तों वो रूम छोटा जरूर है। लेकिन वहाँ सब सामान है मम्मी का। क्योंकि पहले मम्मी मेरे साथ सोती थीं कई बार। लेकिन पिछले 6 महीनों से उस रूम में नहीं सोती हैं। क्योंकि अंकल का लंड मिल गया है।)
अंकल: यार अब क्या कर रही हो। आओ ना। देखो कब से तड़प रहा हूँ।
मम्मी: बस आ रही हूँ योगेश जी। लिपस्टिक लगा रही हूँ। आप ही तो कहते हैं आपको मेरी लिपस्टिक का स्वाद अच्छा लगता है।
अंकल: यार मुझे लिपस्टिक नहीं बल्कि तुम्हारे होठों का स्वाद अच्छा लगता है। तुम जो भी लिपस्टिक लगाती हो। वही खाने में स्वादिष्ट बन जाती है। और अंकल उठ कर मेरी मम्मी के पीछे आए। और मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में उठा लिया।
मेरी मम्मी अपनी बाँहें अंकल के गले में डाल कर। क्या कर रहे हैं योगेश जी। गिर जाऊँगी।
अंकल: अपनी जान को मैं गिरने दूँगा क्या। क्या इतना भी भरोसा नहीं अपने इस नौकर की ताकत पर। तो बदले में मेरी मम्मी मुस्कुरा पड़ीं। और अंकल ने मेरी मम्मी को ला कर बेड पर लिटा दिया। मेरी मम्मी जानती थीं कि उनके साथ आगे क्या होने वाला है। तो मेरी मम्मी ने शर्म से अपना मुँह साइड में कर लिया। तो अंकल आ कर मेरी मम्मी की बगल में लेट गए। और प्यार से अपने हाथ से मेरी मम्मी के गाल पर रख कर बोले। वर्षा देखो ना इधर। और मेरी मम्मी का मुँह अपनी तरफ करके जैसे ही अपने होठों को मेरी मम्मी के होठों की ओर बढ़ाने लगे। तो मेरी मम्मी ने शर्म से अपने हाथ को उनके होठों पर रख कर। योगेश जी मेरा बेटा बाहर रूम में है। मुझे शर्म आती है।
अंकल: यार अब शर्म कैसी। अब तो दरवाजा भी बंद है। और खुद उसी ने बोला है। पूरी रात जमकर मेरी मम्मी को चोदना। और फिर अंकल ने मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में भर लिया। और मेरी मम्मी के होठों को चूसने लगे।
तो मेरी मम्मी इस बार अंकल को रोक नहीं सकीं। और उनका साथ देने लगीं।
अंकल: सच में वर्षा। कितना रस भरा है तुम्हारे इन गुलाबी होठों में। दिल करता है बस इन गुलाबी होठों का अमृत ऐसे ही पीता रहूँ।
मम्मी: सच कहूँ योगेश जी।
अंकल: हाँ बोलो।
मम्मी: आज मुझे इस समय मेरे बदन में एक अलग ही एक्साइटमेंट होने लगी है। बाहर मेरा बेटा बैठा है। और अंदर आप उसकी जवान मम्मी के साथ बिस्तर पर रंगरलियाँ मना रहे हो।
अंकल: हाँ वर्षा। मैं उसकी मम्मी के साथ रंगरलियाँ मना रहा हूँ। और उसी की परमिशन से। खुद उसी ने कहा है। मैं मेरी मम्मी की चुदाई की पहरेदारी करूँगा। आप पूरी रात जमकर मेरी मम्मी को चोदना। और उनकी चीखें मेरे कानों तक आनी चाहिए पूरी रात। और फिर से अंकल मेरी मम्मी के होठों गालों को चूमने लगे।
रात को खाने के बाद मैंने पापा से कहा। पापा आज मम्मी मेरे साथ रूम में सो जाएँगी।
मम्मी मेरी तरफ देखने लगीं।
पापा: क्यों बेटा।
मैं: पापा वो क्या। मम्मी पिछले 10 दिनों से मेरे साथ सो रही हैं। इसलिए आदत हो गई।
पापा: ओके बेटा। और मम्मी से बोले। वर्षा तू अंकुश के साथ सो जाना। और पापा खाना खा कर अपने रूम में चले गए।
मम्मी: बेटा मुझे अपने रूम में क्यों सुला रहा है।
मैं: मम्मी ताकि आप कंप्यूटर सीख जाओ।
मम्मी: बेटा इसका मतलब तू योगेश जी को बुला रहा है।
मैं: हाँ मम्मी।
मम्मी: नहीं बेटा। मुझे कंप्यूटर नहीं सीखना। और तेरे पापा घर में हैं। इसलिए नहीं।
मैं: मम्मी मैं हूँ ना। आप क्यों टेंशन ले रही हो।
मम्मी: नहीं बेटा। दिन में सीख लिया कंप्यूटर। अब मुझे भी सोना है।
मैं: मम्मी सो जाना। एक दो घंटे कंप्यूटर सीख लेना। फिर सो जाना।
मम्मी: नहीं बेटा।
मैं: मम्मी प्लीज। मैंने अंकल को बोल दिया आने को।
मम्मी: नहीं बेटा। और मैं कंप्यूटर सीखूँगी तो तेरी नींद भी डिस्टर्ब होगी। और रात को तेरे पापा ने आकर तेरा रूम चेक किया तो योगेश साथ में मिलेगा। तो मैं फँस जाऊँगी।
मैं: मम्मी अंकल को छुपा देंगे।
मम्मी: बेटा वो मुझे कंप्यूटर सिखाएँगे तो टू की लाइट चालू रहेगी। तो तुझे भी नींद नहीं आएगी।
मैं: मम्मी आप भूल रही हो। मेरे रूम के अंदर एक छोटा रूम भी है। मैं उसमें सो जाऊँगा। आप बाहर वाले रूम में कंप्यूटर सीखना अंकल से।
मम्मी: नहीं बेटा। मैं अकेली रहूँगी योगेश के साथ बाहर वाले रूम में। तो वो मुझे छेड़ेंगे।
मैं: मम्मी अंकल कुछ नहीं करेंगे आपकी परमिशन के बिना। और आप अंकल का प्रपोजल एक्सेप्ट कर लो।
मम्मी: नेवर बेटा। मैं तेरे पापा के अलावा और किसी मर्द के साथ अपने बदन को।
मैं: मम्मी आप भी। पापा आपको प्यार नहीं करते हैं।
मम्मी: बेटा वो मुझे बहुत प्यार करते हैं।
मैं: मैं मम्मी का हाथ अपने सिर पे रखवाकर बोला। खाओ मम्मी मेरी कसम। पापा आपको प्यार करते हैं।
मम्मी ने अपना हाथ मेरे सिर से हटाया। और बोलीं। तो इसका मतलब मैं किसी गैर मर्द के नीचे सो जाऊँ। और वेश्या बन जाऊँ।
मैं: नहीं मम्मी। अंकल आपकी बहुत प्यार करते हैं। वो आपको सम्मान देंगे।
मम्मी: पति के अलावा किसी दूसरे मर्द के साथ रहना वेश्या होता है।
मैं: नहीं मम्मी। अंकल आपको पत्नी का दर्जा देंगे।
मम्मी: नहीं बेटा। मैं समाज की नजरों में तेरे पापा की बीवी हूँ।
मैं: मम्मी जिद छोड़ो। अंकल के प्यार को एक्सेप्ट कर लो।
मम्मी: नेवर।
मैं: ठीक है मम्मी। पर कंप्यूटर सीखो।
मम्मी: बेटा तू अंदर वाले रूम में सोएगा। और वो मुझे बाहर वाले रूम में अकेले में छेड़ेंगे।
मैं: मम्मी अंकल ने मुझसे वादा किया है। वो आपकी परमिशन के बिना कुछ नहीं करेंगे।
मम्मी: मानती हूँ। वो चाहते तो पिछले 6 महीनों में मेरे साथ वो सब कुछ कर लेते। लेकिन उन्होंने नहीं किया। वो मुझसे भी यही कहते हैं। जो भी करूँगा वर्षा तेरी परमिशन से ही करूँगा। लेकिन बेटा वो मुझे सेड्यूस करने की कोशिश करते हैं।
मैं: मम्मी कैसे।
मम्मी: नालायक। शर्म नहीं आती मम्मी से पूछते हुए।
मैं: प्लीज मम्मी बताइए।
मम्मी: वो मुझे कंधे पर हाथ रखते हैं। और।
मैं: और कहाँ मम्मी।
मम्मी: नहीं बताऊँगी।
मैं: बताइए मम्मी।
मम्मी: मैंने तुझे लैपटॉप में दी थी रिकॉर्डिंग। देख लेता। क्यों नहीं देखी।
मैं: मम्मी वो आपकी प्राइवेसी थी। मैं आपकी प्राइवेसी नहीं देखूँगा।
मम्मी: प्राइवेसी नहीं देखेगा। लेकिन पूछेगा। पूछते हुए शर्म नहीं आती। और रिकॉर्डिंग देखने में शर्म आती है।
मैं: मम्मी बताओ।
मम्मी: बोला ना। नहीं बताऊँगी। रिकॉर्डिंग देख ले।
मैं: मम्मी आप मेरी मम्मी हो। मैं आपकी रिकॉर्डिंग नहीं देखूँगा।
मम्मी: बेटा रिकॉर्डिंग देख ले। उसमें हमने कुछ नहीं किया है। उन्होंने मेरे कपड़े नहीं उतारे। जो तुझे शर्म आ रही है।
मैं: नहीं मम्मी। मैं आपको अंकल के साथ की रिकॉर्डिंग नहीं देखूँगा। भले ही आप दोनों ने कुछ नहीं किया।
मम्मी: अच्छा बच्चू। तुझे मेरी रिकॉर्डिंग जिसमें मैंने कपड़े नहीं उतारे। उसे देखने में शर्म आ रही है। और मम्मी को उनके साथ नंगी करवाकर सुलाने में शर्म नहीं आएगी। जब वो मुझे नंगी करके मेरे ऊपर।
मैं: मम्मी आपको प्यार की जरूरत है।
मम्मी: जब प्यार की जरूरत है तो रिकॉर्डिंग देख ले।
मैं: मम्मी देख लूँगा बाद में। पहले आप अंकल से कंप्यूटर सीख लो।
मम्मी: मैं जानती हूँ तू बहुत जिद्दी है। एक दिन तू मुझे नंगी करवा कर ही रहेगा।
मैं: मम्मी अंकल आपको प्यार करेंगे।
मम्मी: बेटा अब मैं रूम में जाकर तेरा रूम ठीक करती हूँ। और मम्मी रूम में चली गईं।
फिर मैं पापा के रूम में गया। पापा सो रहे थे। शायद थकान के कारण। फिर मैंने पापा के रूम का गेट बाहर से कुंडी लगा दी। फिर अंकल को कॉल करके बुलाया। अंकल रेडी थे। वो सिर्फ 2 मिनट में छत से सीढ़ियों से आ गए। और आते ही पूछा। वर्षा कहाँ है। मैंने कहा। मम्मी मेरे रूम में हैं। और अंकल सीधा मेरे रूम में चले गए।
फिर थोड़ी देर बाद करीब 10 मिनट तक दोनों बाहर नहीं आए। तो मैं मेरे रूम के गेट पे गया। जहाँ गेट खुला था। लेकिन पर्दा लगा था। मैंने थोड़ा सा पर्दा साइड किया। और अंदर देखने लगा। अंदर सीन ऐसा था।
मेरी मम्मी अपने होठों से अंकल के होठों को चूस रही थीं। या कहूँ दोनों एक दूसरे के होठों को चूस रहे थे।
दोनों एक दूसरे के होठों को बड़े ही जोरों से चूस रहे थे।
फिर थोड़ी देर बाद मम्मी ने अंकल के होठों को छोड़ा। और अंकल की आँखों में आँखें डालकर बोलीं।
मम्मी: अब दोबारा ऐसा मत बोलना। नहीं तो मैं मर जाऊँगी। (पता नहीं अंकल ने क्या बोला था। क्योंकि मैं 10 मिनट के बाद देखने लगा था।)
मेरी मम्मी की बात सुनकर अंकल मेरी मम्मी का चेहरा अपने हाथों में लिया। और अपनी आँखों को मेरी मम्मी की आँखों में डालते बोले। इतना प्यार करती हो। तो मेरी मम्मी ने हाँ में गर्दन हिला दी। और जैसे अंकल ने अपने होठों को मेरी मम्मी के होठों की ओर बढ़ाया। मेरी मम्मी ने भी अपने होठों को उनके होठों पर रख कर चूमने लगीं। मेरी मम्मी और अंकल दोनों के होठ एक दूसरे के होठों का रस चूस रहे थे। जबकि हाथ एक दूसरे के बदन को सहला रहे थे।
अचानक मम्मी ने अपने होठों को फिर से हटा लिया। तो अंकल ने।
अंकल: अब क्या हुआ।
मम्मी: बाहर अंकुश बैठा है।
अंकल: उससे क्या करना। उसी की वजह से उसी ने तो हमारा मिलन करवाया है।
मम्मी: अरे मैं उससे नहीं। उसके नामर्द बाप से डर रही हूँ। गेट खुला है। और वो आ गया तो।
अंकल: उस मादरचोद की गाँड फाड़ दूँगा। और तुझे उसी के सामने चोदूँगा।
मम्मी: बीवियों की तरह बोलीं। अब आप मार खाएँगे। और फिर हम दोनों हँसने लगे।
अंकल: क्यों। बुरा लगा। तेरे नामर्द पति की गाँड फाड़ने का बोला तो।
मम्मी: नहीं। अच्छा लगा। फाड़ देना। पर उसके सामने मुझे मत चोदना।
अंकल: अब तू सिर्फ मेरी है।
मम्मी: हाँ। अब सिर्फ आपकी हूँ। और जिंदगी भर आपकी रहूँगी। आपकी रखैल। आपकी वेश्या। वर्षा वेश्या।
अंकल: अब और सब्र नहीं हो रहा है। जल्दी कर।
मम्मी: रुको। पहले अंकुश को अंदर वाले रूम में भेजते हैं।
अंकल: क्या। अंकुश अंदर वाले में सोएगा।
मम्मी: हाँ।
अंकल: नहीं। हम अंदर सोते हैं। अगर रात में तेरा बाप जाग गया तो अंकुश इस रूम में रहेगा। तो वो संभाल लेगा।
मम्मी: आप सही कह रहे। पर एक प्रॉब्लम है।
अंकल: क्या।
मम्मी: अंदर वाले में बाथरूम नहीं। सिर्फ इसी रूम में है। और अंदर वाले रूम का गेट भी इसी रूम से है।
अंकल: मैं समझ गया। तू रात भर नंगी रहेगी। तो नंगी बाथरूम जाने के लिए तुझे इस रूम में आना पड़ेगा।
मम्मी: हाँ। और इस रूम में अंकुश रहेगा। पता नहीं वो उस समय सोता रहेगा या जागकर मोबाइल में गेम खेलेगा।
अंकल: जब तुझे बाथरूम जाना होगा। मैं अंकुश को बोल दूँगा। वो सोने का नाटक कर लेगा। और तू नंगी बाथरूम आ जाना। और वैसे भी तू तेरे बेटे के सामने नंगी रह लेती है।
मम्मी: हाँ। बेटे के सामने नंगी रह लेती हूँ। लेकिन इस बात पर शर्म आएगी। मैं एक मर्द से चुदवाकर बेटे के सामने बाथरूम जाऊँगी।
अंकल: उससे बोल दूँगा। तेरे से कह रहा हूँ।
मम्मी: वो सोने का नाटक करेगा। पर मुझे तो पता रहेगा वो जाग रहा है।
अंकल: देख। सच्चाई तुझे भी पता है। तेरा बेटा तेरी चुदाई के बारे में जानता है। और उसे भी पता है उसी ने चुदाई करवाई है। ये तू भी जानती है। बस एक शर्म का पर्दा है। वो बना रहेगा। वो आँखें बंद कर लेगा। और तू बाथरूम हो आना।
मम्मी: ठीक है। फिर अंकल मुझे आवाज देते हैं।
अंकल: अंकुश बेटा अंदर आओ।
तो मैं अंदर जाता हूँ। जहाँ बेड पे मम्मी अंकल बैठे थे।
मैं: जी अंकल।
अंकल: बेटा अब तुम सो जाओ उसी रूम में। मैं तुम्हारी मम्मी को अंदर वाले रूम में कंप्यूटर सिखाऊँगा।
मैं: नहीं अंकल। अंदर वाले में सो जाऊँगा।
मम्मी: बेटा रात को अचानक तेरे पापा आ गए तो हम अंदर वाले में रहेंगे। तो तू बाहर वाले में रहेगा। तो तू तेरे पापा को संभाल लेगा।
मैं: ओके मम्मी। फिर अंकल ने मुझसे कहा। बेटा ये लैपटॉप अंदर रूम में रखकर आ। तो मैं लैपटॉप को अंदर वाले रूम में रख आया। जो मेरे रूम के अंदर एक छोटा रूम है। जिसका रास्ता इसी रूम से जाता है। और अंदर एक डबल बेड भी है। फिर वापस आया। तो अंकल मम्मी से बोले। चलो वर्षा।
मम्मी: नहीं। आज नहीं सीखना मुझे। डर है कहीं उसके पापा।
मैं: अंकल आप मम्मी का हाथ पकड़ कर ले जाइए। मम्मी डरती रहेंगी। मैं हूँ ना तो।
अंकल ने मेरे सामने मम्मी का हाथ पकड़ा। और रूम में ले गए। मम्मी पीछे मुड़कर मुझे देख रही थीं। और फिर अंदर रूम में जाते ही अंकल ने पर्दा लगा दिया। लेकिन गेट खुला था।
(दोस्तों आपको बता दूँ। अंदर रूम में कोई विंडो नहीं है। तो मैंने दो दिन पहले ही ये प्लान बनाया था। और अंदर वाले रूम में कैमरे लगवा दिए। विद स्पीकर। जो किसी को नहीं मालूम मेरे अलावा। तो पर्दे लगते ही मैं मोबाइल में देखने लगा। ईयरफोन लगाकर। ताकि उनकी आवाज भी मुझे साफ साफ सुनाई दे।)
अंकल बेडरूम में जाते ही अपना हाथ मेरी मम्मी की कमर में डाल दिया। और मेरी मम्मी को खींच कर अपनी बाँहों में भर लिया। और फिर अपने होठों को मेरी मम्मी के होठों पर रख के किस करने लगे। वो मेरी मम्मी के होठों को ऐसे चूस रहे थे जैसे उसका रस ही चूस जाना चाहते हों।
अंकल ने अपना ऊपर वाला होठ मेरी मम्मी के दोनों होठों के बीच रखा। और मेरी मम्मी उनके ऊपर होठों को अपने होठों में दबा कर चूसने लगीं। और अंकल मेरी मम्मी के नीचे वाले होठ को अपने होठों में दबा कर चूसने लगे। और उनके हाथ मेरी मम्मी की पीठ के नीचे होते होते साड़ी के ऊपर से मेरी मम्मी के चूतड़ों को सहलाने लगे। और कभी मेरी मम्मी के चूतड़ों को अपने हाथों में दबा देते। और कभी प्यार से थप्पड़ मार देते।
मेरी मम्मी आह... करतीं। डर भी रही थीं। क्योंकि उनका बेटा यानी मैं बाहर था कुछ ही दूरी पर। और रूम का गेट भी खुला था। हालाँकि मैं सब जानता हूँ। ये मम्मी भी जानती हैं। पर माँ बेटे के बीच जो पर्दा होता है शर्म का। वो बना रहे।
चुदाई चुदाई। चूत बनी है चुदने के लिए। और लंड बना है चूत फाड़ने के लिए। चूत लंड की गुलाम होती है। और लंड चूत का मालिक।
मम्मी: ये सही नहीं है। मुझे डर लग रहा है। अंकुश क्या सोचेगा हमारे बारे में।
अंकल: तेरे बहुत नखरे हैं। जिसने मुझे तेरी चूत दिलवाई। तू उसी से डरने का नाटक कर रही है। और उसी के सामने मैं तुझे हाथ पकड़ के अंदर लाया। और उसी ने बोला। मम्मी का हाथ पकड़कर ले जाओ। और उसी ने मुझे तेरी चूत चोदने का अधिकार दिया है। और तू कह रही है मुझे डर लग रहा है। क्या तू मुझसे चुदना नहीं चाहती है।
मम्मी: मैंने आपको कब मना किया है। और आपका मुझ पर पूरा हक है। मेरे बेटे ने ही आपको मुझे चोदने का हक दिया है। पर मैं तो ये कह रही थी। गेट खुला है। वो कहीं अंदर न जाए।
अंकल: वो अंदर नहीं आएगा। उसे पता है अंदर उसकी मम्मी मेरे लंड से चुदेगी पूरी रात भर।
मम्मी: मैं जानती हूँ। उसे पता है मैं आपसे पूरी रात चुदूँगी। लेकिन कहीं वो गाना सुनता हुआ गलती से अंदर आ गया तो।
अंकल: तो दरवाजा बंद करूँ।
मम्मी: वो क्या सोचेगा। मेरी मम्मी को चुदवाने की कितनी जल्दी है। रहने दीजिए।
अंकल: तो फिर शुरू करें।
मम्मी: नहीं। इसकी कोई जरूरत नहीं है। आज हम कुछ नहीं करेंगे। और मम्मी ने अंकल का हाथ पकड़ कर अपनी कमर पर रख मुस्कुराते हुए बोलीं। बस ऐसे ही सो जाते हैं। एक दूसरे की बाँहों में बाँहें डाले।
अंकल: नहीं यार। ऐसे नहीं। (गुस्से में) मैं वो बाहर बैठा है तो क्या हुआ। हम कुछ गलत थोड़े ही कर रहे हैं। उसी ने तो बोला है तेरी चुदाई के लिए।
मम्मी: फिर भी योगेश जी। वो मेरा बेटा है। एक मर्यादा होती है माँ बेटे के बीच की। मैं वो नहीं तोड़ सकती हूँ। हमने कंप्यूटर सीखने की एक पर्दा है। उसे बना रहने दो।
अंकल: तो क्या करूँ। गेट बंद कर दूँ।
मम्मी: नहीं। गेट बंद करने से कुछ नहीं होगा। असल में मैं अपने बेटे की नहीं बल्कि मेरे पति की चिंता है। वो सोया या नहीं। पहले उसे सोने दो। फिर।
अंकल: तो मुझे कैसे पता चलेगा तेरा पति सोया या नहीं।
मम्मी: देखो। वो अभी व्हाट्सएप पर ऑनलाइन है। मम्मी ने अपने व्हाट्सएप दिखाया।
अंकल: गुस्से में। क्या उस मादरचोद को यहाँ बुला कर अपने लंड पे बैठा लूँ। वर्षा यार तुम क्या मुझ पर इतना जुल्म क्यों कर रही हो। मेरी कौन सी गलती की सजा तुम मुझे दे रही हो।
कितना प्यार भरा था उनके दिल में मेरी मम्मी के लिए। कितनी तड़प थी। पता नहीं मेरी मम्मी को उनको तड़पने में और मजा आने लगा। तो सेक्सी तरीके से उनकी आँखों में देखते अदा से अपने बालों को पीछे करते बोलीं। योगेश जी। अगर आप उससे अपने लंड पर बैठा लोगे तो मैं कहाँ बैठूँगी।
अंकल: मेरी मम्मी की इस अदा पर मेरी मम्मी को अपने से चिपकाते। मेरी जान। अब तो इस पर तुम्हारा ही नाम लिखा है। अब तो तुम ही इस पर बैठोगी। तो आओ ना। बेड पर चलें।
मम्मी: पर योगेश जी। हम इतना रिस्क क्यों ले रहे हैं। पर अंकल कहाँ मानने वाले थे।
अंकल: वर्षा यार। अगर मैं उस मादरचोद को रूम में बंद करवा दूँ तो।
मम्मी: अच्छा। फिर देखूँगी। लेकिन मुझे पता है कि आप उस नामर्द को कमरे में बंद नहीं करवा पाओगे।
अंकल: क्यों नहीं बंद करा पाऊँगा।
मम्मी: क्यों मैं थी कह रही हूँ ना। मैं आप नहीं कर पाएँगे ना मेरे नामर्द पति को रूम में बंद।
अंकल: रुक। अभी करवाता हूँ तेरे नामर्द पति को रूम में बंद।
फिर अंकल ने मुझे जोर से आवाज दी। बोले। बेटा जाकर तेरे बाप को रूम में बंद कर दे। ताकि वो बाहर न निकले।
मैं: अंकल। मैंने आपके आने से पहले ही पापा को रूम में बंद कर दिया था। बाहर से कुंडी लगा दी थी।
अंकल: ओके बेटा।
अंकल मम्मी से। देखा। मैंने कहा था। तेरा बेटा असली पहरेदार है तेरी चुदाई का।
मम्मी: पता है। मुझे अपने उसे मेरी चुदाई का पहरेदार बना दिया है। अब इस गेट को भी बंद कर दो। नहीं तो वो ही पहरेदारी करता हुआ अंदर आ जाए। और अपनी मम्मी की चूत में लंड घुसता हुआ देख ले।
अंकल उठे। और गेट के पास आए। और बोले। बेटा मैं गेट बंद कर दूँ। ताकि तेरी मम्मी को अच्छे से कंप्यूटर सिखा दूँ।
मैं: हाँ अंकल। कर दीजिए।
फिर मम्मी ने मुझे आवाज दी। मैं अंदर गया गेट बंद होने से पहले।
मम्मी: बेटा गेट खुला रहने दो।
मैं: नहीं मम्मी। अंकल को गेट बंद करने दीजिए।
अंकल: हाँ बेटा। तेरी मम्मी को कंप्यूटर सीखने में असली मजा गेट बंद होने के बाद ही आएगा। और मुस्कुराने लगे।
मैं देख रहा था। मेरी मम्मी बड़े ध्यान से अंकल की बात को सुन रही थीं। कि वो कैसे उनके ही बेटे के सामने मजे की बात कर रहे थे। फिर अंकल ने मम्मी को आँख मार कर मेरे सामने अपने लंड को दबाने लगे। जिसे मम्मी और मैं देख रहे थे।
अंकल: बेटा तू जा। मुझे अब कंप्यूटर सिखाने दे। फिर मेरी मम्मी भी अंकल को लंड सहलाते देख उनकी तरफ देख कर मुस्कुराते हुए बेड से उठीं। और मिरर के सामने खड़ी हो कर अपने आप को संवारने लगीं। मैं भी वहीं था उनके दोनों के साथ छोटे रूम में। जिसमें बेड मिरर एसी भी था। सब था। लेकिन बाथरूम नहीं था।
मम्मी मेरे और अंकल के सामने ही मिरर के पास गईं। और मिरर के सामने खड़ी अपने बालों को संवार रही थीं। फिर मम्मी ने कहा। बेटा अब तू जा। और जाकर सो जा। फिर मैं जैसे ही बाहर निकला। अंदर वाले रूम से अंकल ने तुरंत गेट बंद कर दिया। और मैं मोबाइल में देख रहा था। गेट बंद करके अंकल सीधा मम्मी के पास गए। जो मिरर में अपने बाल संवार रही थीं। और मम्मी को अंकल पीछे से आते दिखायी दिए। तो मम्मी की अंकल से आँख मिलते ही मेरी मम्मी मुस्कुरा पड़ीं। तो बदले में वो मेरी मम्मी के पीछे आ कर अपना हाथ मेरी मम्मी की कमर में डाल कर मेरी मम्मी को अपने से चिपका कर अपने से कस लिया। और पीछे से आईने में मेरी मम्मी को देखने लगे।
मम्मी: योगेश जी। मैं तो आपको बहुत भोला समझती हूँ। लेकिन आप तो।
अंकल: मम्मी क्या जानूँ।
मम्मी: बड़े चालाक निकले। कैसे मेरे बेटे को अपने लंड दिखाकर बोल दिया। जा बेटा। मजा आएगा तेरी मम्मी को।
अंकल: मेरी मम्मी के कंधे और मेरी मम्मी के गालों को चूमते हुए बोले। यार ये सब तुम्हारे हुस्न का जादू है।
अंकल के इस तरह कंधे गालों और कान की लोब को चूसने से मेरी मम्मी भी गरम होने लगी थीं। मेरी मम्मी की भी साँसें तेज चलने लगी थीं। कि मेरी मम्मी ने घूम कर अपनी बाँहें अपने यार के गले में डाल दीं। और अपने होठों को अंकल के होठों पर रख कर चूमने लगीं।
मेरी मम्मी के इस तरह होठ चूमने पर अंकल कहाँ ये मौका छोड़ने वाले थे। और उन्होंने मेरी मम्मी के होठों को अपने होठों के बीच कैद कर लिया। और मेरी मम्मी के होठों का रस पीने लगे। मेरी मम्मी की साड़ी का पल्लू कब का मेरी मम्मी के बदन का साथ छोड़ चुका था। अंकल खड़े खड़े मेरी मम्मी को चूमते अपना हाथ मेरी मम्मी के ब्लाउज के ऊपर रख कर मेरी मम्मी के ब्लाउज के हुक खोलने की कोशिश करने लगे।
तो मेरी मम्मी भी मुस्कुराती उनसे अलग हुईं। और बोलीं। आप बेड पर चलिए। मैं आती हूँ। तो अंकल बोले।
अंकल: यार अब क्या है। आओ ना। देखो ये शाम से तुम्हारे लिए तड़प रहा है। मेरा नहीं तो कम से कम इस बेचारे का ही ख्याल कर लो।
अंकल की बात सुन मेरी मम्मी के चेहरे पर स्माइल आ गई। और मेरी मम्मी मुस्कुराते हुए अपने हाथ को बढ़ा कर पजामे में खड़े उनके लंड पर ले जा कर उसको सहलाते बोलीं।
मम्मी: योगेश जी। आपका हमेशा ही खड़ा रहता है। आज दिन में ही किया था। अब कोई बात नहीं। आप बेड पर चलिए। वहाँ आ कर इसको भी देखती हूँ। इस बार अंकल बिना कुछ कहे बेड पर चले गए।
मेरी मम्मी वहीं आईने के सामने खड़ी अपने होठों पर लिपस्टिक लगाने लगीं।
(दोस्तों वो रूम छोटा जरूर है। लेकिन वहाँ सब सामान है मम्मी का। क्योंकि पहले मम्मी मेरे साथ सोती थीं कई बार। लेकिन पिछले 6 महीनों से उस रूम में नहीं सोती हैं। क्योंकि अंकल का लंड मिल गया है।)
अंकल: यार अब क्या कर रही हो। आओ ना। देखो कब से तड़प रहा हूँ।
मम्मी: बस आ रही हूँ योगेश जी। लिपस्टिक लगा रही हूँ। आप ही तो कहते हैं आपको मेरी लिपस्टिक का स्वाद अच्छा लगता है।
अंकल: यार मुझे लिपस्टिक नहीं बल्कि तुम्हारे होठों का स्वाद अच्छा लगता है। तुम जो भी लिपस्टिक लगाती हो। वही खाने में स्वादिष्ट बन जाती है। और अंकल उठ कर मेरी मम्मी के पीछे आए। और मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में उठा लिया।
मेरी मम्मी अपनी बाँहें अंकल के गले में डाल कर। क्या कर रहे हैं योगेश जी। गिर जाऊँगी।
अंकल: अपनी जान को मैं गिरने दूँगा क्या। क्या इतना भी भरोसा नहीं अपने इस नौकर की ताकत पर। तो बदले में मेरी मम्मी मुस्कुरा पड़ीं। और अंकल ने मेरी मम्मी को ला कर बेड पर लिटा दिया। मेरी मम्मी जानती थीं कि उनके साथ आगे क्या होने वाला है। तो मेरी मम्मी ने शर्म से अपना मुँह साइड में कर लिया। तो अंकल आ कर मेरी मम्मी की बगल में लेट गए। और प्यार से अपने हाथ से मेरी मम्मी के गाल पर रख कर बोले। वर्षा देखो ना इधर। और मेरी मम्मी का मुँह अपनी तरफ करके जैसे ही अपने होठों को मेरी मम्मी के होठों की ओर बढ़ाने लगे। तो मेरी मम्मी ने शर्म से अपने हाथ को उनके होठों पर रख कर। योगेश जी मेरा बेटा बाहर रूम में है। मुझे शर्म आती है।
अंकल: यार अब शर्म कैसी। अब तो दरवाजा भी बंद है। और खुद उसी ने बोला है। पूरी रात जमकर मेरी मम्मी को चोदना। और फिर अंकल ने मेरी मम्मी को अपनी बाँहों में भर लिया। और मेरी मम्मी के होठों को चूसने लगे।
तो मेरी मम्मी इस बार अंकल को रोक नहीं सकीं। और उनका साथ देने लगीं।
अंकल: सच में वर्षा। कितना रस भरा है तुम्हारे इन गुलाबी होठों में। दिल करता है बस इन गुलाबी होठों का अमृत ऐसे ही पीता रहूँ।
मम्मी: सच कहूँ योगेश जी।
अंकल: हाँ बोलो।
मम्मी: आज मुझे इस समय मेरे बदन में एक अलग ही एक्साइटमेंट होने लगी है। बाहर मेरा बेटा बैठा है। और अंदर आप उसकी जवान मम्मी के साथ बिस्तर पर रंगरलियाँ मना रहे हो।
अंकल: हाँ वर्षा। मैं उसकी मम्मी के साथ रंगरलियाँ मना रहा हूँ। और उसी की परमिशन से। खुद उसी ने कहा है। मैं मेरी मम्मी की चुदाई की पहरेदारी करूँगा। आप पूरी रात जमकर मेरी मम्मी को चोदना। और उनकी चीखें मेरे कानों तक आनी चाहिए पूरी रात। और फिर से अंकल मेरी मम्मी के होठों गालों को चूमने लगे।



![[+]](https://xossipy.com/themes/sharepoint/collapse_collapsed.png)